दिल्ली : मॉडल टाउन, त्रिनगर सहित पूरी दिल्ली आवारा कुत्तों के आतंक से खौफजदा है । भाजपा के मॉडल टाउन सें विधायक अशोक गोयल देवरा ने सदन में बताया कि दिल्ली में आवारा कुत्तो की संख्या 6 से 7 लाख के लगभग है । उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुत्तों द्वारा काटे जाने के एक लाख मामले नोटिफाई हुए हैं । प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल एक्ट 1960 के तहत डॉग शेल्टर होम का प्रावधान होने के बावजूद भी बड़ी संख्या में कुत्तों का सड़क पर दिखाई देना शेल्टर होम्स की भूमिका पर सवालिया निशान है ।
मॉडल टाउन के विधायक के अनुसार भारी मात्रा में कुत्तों के बढ़ने का एक बड़ा कारण इनकी नसबंदी ना होना है । पर्याप्त खाना ना मिलने के कारण यह आवारा कुत्ते खाने की तलाश में सड़क पर आने जाने वाले राहगीरों पर झपट पड़ते है और काट देते हैं । गाड़ियों और मोटर साइकल के पीछे भोंकते हुए दौड़ते कुत्तों का गली मोहल्ले में दिखाई देना आम है । भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 428 एवं धारा 429 के तहत किसी भी आवारा जानवर जिनमें कुत्ते भी शामिल हैं, को छेड़ना या उसके साथ दुर्व्यवहार करना दंडनीय है ।
2021 में दिल्ली हाई कोर्ट के एक फ़ैसले के अनुसार आवारा कुत्तों को भोजन के अधिकार की गारंटी के साथ ही चेतावनी भी दी गई है इस अधिकार के अनुपालन में सावधानी बरती जानी चाहिए कि समाज में रहने वाले अन्य लोगों के अधिकारों का हनन या नुकसान नहीं होना चाहिए । कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए । इन मसलों पर ठोस कदम उठाये जाने जरूरी हैं ।