नई दिल्ली 31, Jul 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

कोविड संक्रमण की तीसरी लहर के लिये चुनाव आयोग के दिशानिर्देश आने से पहले ही राजनीतिक दलों ने पूरा कर लिया था अपनी-अपनी रैलियों का कोटा I मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित हो रही है  पाँच राज्यों में होने वाले चुनावों में पार्टियों  की रणनीति I याने कि मीडिया की कसौटी पर खरे उतरने वालों की ही जीत संभावित है I वैसे इस बार मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क पर भी जोर रहेगा I

पंजाब में 117, उत्तर प्रदेश में 403 , उत्तराखंड में 70 , मणिपुर में 60  एवं गोवा में 40 विधान सभा सीटों के लिए  आगामी फरवरी में चुनाव संभावित हैं I उम्मीदवारों की सूची जारी किये जाने की प्रक्रिया शुरू होते ही नेताओं हड़कंप मचा हुआ है I फिरकापरस्ती  के इस दौर में नेताओं का इधर से उधर गुलाटी मारना लाजमी है I कुछ बीजेपी तो कुछ आम आदमी पार्टी तो कुछ समाजवादी पार्टी ऑर चंद एक कांग्रेस में I

पांचों राज्यों के राजनीतिक समीकरण उलझे हुए से जान पड़ते हैं I तमाम अटकलों एवं राजनीतिक कवायदों के बावजूद भी नहीं होगा आसान बीजेपी के लिये पंजाब में किसानों आंदोलन की आड़ में बनाये गये चक्रव्यूह को भेद पाना I आम आदमी पार्टी के मुख्य संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा की गई वायदों की झड़ी का खुलासा भी वक्त आने पर हो ही जायेगा I

उत्तर प्रदेश में तीन मंत्री  एवं बारह बीजेपी बागी विधायकों का कितना फायदा समाजवादी पार्टी के टीपू को मिल पायेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा I आयोध्या की बिसात पर बीजेपी की व्यूहरचना के सामने क्या टिक पायेगी कांग्रेस की इमोशनल राजनीति I यहाँ भी पैर पसारने की फिराक में हैं केजरीवाल I यहाँ योगी एवं टीपू के बीच मल्ल युद्ध है I

ऑर यदि बात उत्तराखंड की हो तो यहाँ काँग्रेस एवं बीजेपी के बीच तेजी से पाँव पसारने की फिराक में हैं केजरीवाल I कहीं न कहीं भारी पड़ सकता है बीजेपी पर पाँच साल में तीन मुख्यमंत्रियों का बदला जाना I यहाँ की  विकास एवं विकास के बीच है मल्ल युद्ध I आखिर खेला तो यहाँ पर भी खेल रही है कांग्रेस I

 

सीमावर्ती राज्य होने के कारण चुनाव के दौरान मणिपुर में विशेष अहतियात बरतने की जरूरत है I चुनाव की तारीख के साथ यहाँ पर हिंसक वारदातों का सिलसिला शुरू हो गया I बीजेपी के कार्यकर्ता समेत दो की हत्या एवं यहाँ की राजधानी स्थित दो कांग्रेसी नेताओं के घर बम फेके जाने के  समाचार मिले हैं I यहाँ चुनाव दो चरणों में संपन्न होने हैं 27 फरवरी एवं 3 मार्च I यहाँ के चुनावी तेवर कुछ ज्यादा ही भयंकर हैं I

पूर्व केंदीय रक्षा मंत्री मनोहर पारिककर की कर्मस्थली गोवा में कहीं न कहीं भारी पड़ सकता है बीजेपी पर एक आपराधिक छवि वाले व्यक्तित्व को टिकट दिया जाना I स्वयं पूर्व मंत्री के पुत्र ने उत्पल पारिककर ने साधा है निशाना अगर पार्टी पणजी निर्वाचन क्षेत्र के मौजूदा विधायक अतानासियो मोनसेरेट को अपना टिकट देती है तो वह चुप नहीं बैठेंगे। यहाँ कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है I

तमाम कवायदों एवं मौजूदा समीकरण के बीच सत्ता के इस महाभोज में कमल,हाथ एवं साइकिल के भविष्य का खुलासा तो समय आने पर हो ही जायेगा I फिलहाल कहीं न कहीं जरूरी है सुलझी हुई सोंच के साथ मतदान.....

04:53 pm 14/01/2022

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - E-20 ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले को वापिस लेने के लिये एमसीडी सदन की बैठक में जमकर नारेबाजी

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3 - राहुल गांधी को ‘जेन-जी ’ नहीं ‘जेन-जी ’ अर्थात जेन-गांधी परिवार की ज्यादा चिंता है

4 - धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ प्रतीक थे छात्रों का असली दुश्मन है आरएसएस: राहुल गांधी

5 - 29 में से 9 गाड़ी कंपनियों ने माना ई-20 से 2023 से पहले की 30 करोड गाड़ी होंगी खराब

6 - 1 अगस्त से "दिल्ली लक्ष्मी योजना" का पोर्टल आवेदन शुरू

7 - युवाओं पर लाठी, आंसू गैस और पैलेट गन चलाने का किसने दिया आदेश

8 - दिल्ली की सबसे बड़ी ठोक मार्किट सदर बाजार में जलभराव की स्थिति

9 - जैन सम्राट खारवेल की 2200 वी जयंती पर दिल्ली सरकार करेगी भव्य कार्यक्रम

10 - राकेश थपलियाल एनयूजेआई के अध्यक्ष चुने गए तो राकेश शर्मा महासचिव

11 - शादी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती लड़की को तभी शादी करनी चाहिए जब उसे सही साथी मिले

12 - दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण गुप्ता पार्टी एवं समाजिक कार्यों के लिए याद रखे जायेंगे

13 - हंसी के साथ गूंजता कर्म बनाम किस्मत का सवाल

14 - 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों ने जान गंवाने वाले छात्रों की याद मे कैंडल मार्च निकाला

15 - प्रधानमंत्री आवास पर राहुल एवं अन्य सांसदों के प्रदर्शन को लेकर वकीलों का सीजेआई को ज्ञापन

16 - दिल की बात कीजिए अपनो से छुपाए नहीं

17 - फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं,धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांगा लीपापोती कर बचाने का प्रयास

18 - चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों द्वारा ख़ुद का राजनीतिक भविष्य बचाने के लिए छात्र आंदोलन हाईजैक

19 - पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने किया भाजपा मुख्यालय का घेराव

20 - बीजेपी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया

21 - कांग्रेस, आप, कम्युनिस्ट, सपा के बीच चल रही युवा आंदोलन भड़काने की चेष्टा

22 - सरना ने दिया जेन जी को समर्थन की खराब शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग

23 - MCD के टोल टेंडर में ₹500 करोड़ का घोटाला

24 - भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम घोषित

25 - एनटीए की कार्यप्रणाली पर स्वतंत्र रूप से जाँच की माँग

26 - जंतरमंतर आंदोलन में 500से700 जेएनयू हॉस्टल में रहने वाले अधेड़ नीट प्रतियोगिता से कुछ लेनादेना नहीं

27 - अनशन का मकसद छात्र समस्या उठाना नही संसद के मानसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक हंगामा

28 - 1967-1969 के दौरान दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष रहे राजेश शर्मा के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित

29 - संत वाल्मीकि पर अभद्र टिप्पणी के विरुद्ध धरने में शामिल हुए हर्ष मल्होत्रा

30 - रामलीला आयोजकों को निगम सभी सुविधाएं उपलब्ध करायेगी

31 - एसआईआर मुद्दे को पूर्वांचल के नाम उठाने का असली मकसद अपने बांग्लादेशी रोहिंगया वोटरों को बचाना

32 - इतनी जल्दी 100 फ़ीसदी एसआईआर फॉर्म वितरित नहीं हो सकते

33 - मानसून सत्र में संभावित परिसीमन समेत विभिन्न विधेयकों का कड़ा विरोध करेगी कांग्रेस