
दिल्ली: जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की जेल से पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने की मांग का दिल्ली सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में विरोध किए जाने को शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने गंभीर और चिंताजनक मामला बताया । 17 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भाई हवारा को पंजाब की जेल में भेजने का विरोध किया है, जिसकी अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। सवाल सिर्फ यह नहीं है कि भाई हवारा को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा, सवाल यह भी है कि एक सिख कैदी के जेल तबादले तक को सरकार इतना बड़ा सुरक्षा मामला क्यों बना रही है? सरना ने इस रुख को उस सरकारी रवैये की अगली कड़ी बताया, जिसमें लंबे समय से बंद सिख कैदियों से जुड़े मामले कानूनी प्रक्रिया के नाम पर लंबित होते आ रहे हैं। इससे पहले प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई की अर्जी भी दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड द्वारा खारिज की गई थी। एक तरफ कानून और सुरक्षा के हवाले, दूसरी तरफ दशकों की कैद—आखिर इन फैसलों के पीछे सरकारी नीति क्या है, यह सवाल अब टाला नहीं जा सकता।
सरना ने सिख मंत्रियों और नेताओं की चुप्पी पर भी तीखा सवाल उठाया है, जो सत्ता से बाहर रहते हुए बंदी सिंहों की रिहाई को अपना राजनीतिक फर्ज बताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब वोट मांगने हों तो बंदी सिंह याद आ जाते हैं, लेकिन जब सरकारी कुर्सी पर बैठकर फैसले के सामने खड़े होने का समय आता है तो वही आवाज कहां गायब हो जाती है? सिख संगत अब केवल बयान नहीं, बल्कि कार्रवाई का हिसाब मांग रही है। सरना ने सवाल किया कि जो नेता कभी सरकारों को बंदी सिंहों और नवंबर 1984 के सिख कत्लेआम के मामलों पर घेरने की बातें करते थे, वे आज सरकार का हिस्सा बनकर कितनी बार अपनी ही सरकार के पास यह मुद्दा लेकर गए हैं? क्या सत्ता की कुर्सी इतनी भारी हो गई है कि उसके नीचे बंदी सिंहों की पुकारें भी दब गई हैं? चुप्पी भी एक राजनीतिक स्थिति बन जाती है और अब संगत यह जानना चाहती है कि सिख मंत्री सरकारी फैसलों के साथ खड़े हैं या उन अधिकारों के साथ, जिनके लिए वे सत्ता से बाहर रहते हुए आवाज उठाते रहे हैं।
सरना ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा कि यदि भाई हवारा को पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने का विरोध सुरक्षा कारणों से किया जा रहा है तो वे सुरक्षा कारण क्या हैं और उनका आधार क्या है—इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। यदि मापदंड कानून है तो वही कानूनी मापदंड सभी मामलों में समान रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारों को अपने फैसलों की पारदर्शी व्याख्या देनी होगी और सिख नेताओं को भी यह बताना होगा कि वे बंदी सिंहों के मामले में वास्तव में क्या कर रहे हैं। सरना ने कहा कि दशकों से जेलों में बंद सिख कैदियों के मामलों को हर बार राजनीतिक अवसर के अनुसार याद करना सिख संगत के जख्मों के साथ न्याय नहीं है। यदि सरकार के पास भाई हवारा का जेल तबादला रोकने के कारण हैं तो वे सामने आएं और यदि सिख मंत्रियों के पास सरकार से सवाल करने की ताकत है तो वे भी सामने आएं। क्योंकि अब सवाल बयान देने का नहीं, सवाल यह है कि दशकों से बंदी सिंहों के बंद दरवाजे खोलने के लिए वास्तव में कौन खड़ा होता है।
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दिल्ली: निगम सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या से जुड़े गंभीर मामले में आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद विजय कुमार पर लगाए गए आरोपों को लेकर दिल्ली की जनता जवाब चाहती है। भाजपा के दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर के अनुसार कल दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा द्वारा मामले को उठाये जाने के बावजूद आम आदमी पार्टी नेतृत्व ने अब तक अपने निगम पार्षद के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर विजय कुमार को किसके संरक्षण में बचाया जा रहा है।
उनका कहना है कि एक कर्मचारी के परिवार के सामने खड़े इस गंभीर भावनात्मक एवं आर्थिक संकट के बावजूद आम आदमी पार्टी की चुप्पी अत्यंत चिंताजनक है। 19 सितम्बर को त्रिलोकपुरी के स्थानीय निगम पार्षद विजय कुमार के कार्यालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा की महिलाएं विरोध प्रदर्शन करेंगी और उनके इस्तीफे की मांग करेंगी। यह प्रदर्शन केवल एक पार्षद के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस राजनीतिक चुप्पी के खिलाफ है जिसमें गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अपने नेता को जवाबदेही से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यदि पार्षद विजय कुमार कल इस्तीफा नहीं देते हैं और आम आदमी पार्टी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करती है तो 20 सितम्बर को दिल्ली भाजपा आम आदमी पार्टी के फिरोजशाह रोड़ स्थित कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन के माध्यम से आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से सीधे सवाल किया जाएगा कि विजय कुमार पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई और उनका इस्तीफा अब तक क्यों नहीं लिया गया ?
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज को दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा कि क्या आम आदमी पार्टी अपने पार्षद विजय कुमार के साथ खड़ी है या फिर दिवंगत सफाई कर्मचारी और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई के पक्ष में है।
यदि "आप" को लगता है कि विजय कुमार पर लगे आरोप गंभीर हैं, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों ? और यदि पार्टी कार्रवाई नहीं करना चाहती, तो उसे अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए? आम आदमी पार्टी को यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता में होना किसी भी नेता को जवाबदेही से ऊपर नहीं करता। दिल्ली भाजपा इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार के न्याय की मांग को मजबूती से उठाती रहेगी और आम आदमी पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगती रहेगी। विजय कुमार को अपने पद पर बने रहने का नैतिक आधार स्पष्ट करना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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दिल्ली: लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 77वें जन्मदिवस के अवसर पर आज 17 सितंबर 2026 को लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं सहायक उपकरणों की सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर के दौरान विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल तथा अन्य आवश्यक सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
दिल्ली: लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना तथा चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए।
डॉ वीरेंद्र कुमार केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार ने बताया कि सामाजिक अधिकारिता दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने तथा उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने देशभर में 76 स्थानों पर 'सामाजिक अधिकारिता शिविरों' का आयोजन किया। इन राष्ट्रव्यापी शिविरों के माध्यम से 58 हजार से अधिक दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को 68 करोड़ की लागत के विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण निशुल्क प्रदान किए गए|
प्रवीण खंडेलवाल सांसद ने कहा कि मेरे चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में 458 दिव्यांगों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सहायता उपकरण प्रदान किए गए इसके लिए मैं डॉ वीरेंद्र कुमार मंत्री भारत सरकार का हार्दिक धन्यवाद करता हूं|
कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सत्यभूषण जैन ने बताया कि शिविर में तारा संस्थान की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच की विशेष व्यवस्था की गई। जरूरतमंद लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन एवं आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।
लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने बताया कि एलप्स संस्थान की ओर से जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र (कानों की मशीन) वितरित किए गए। इसके अलावा दिव्यांगजनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए |
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दिल्ली: कल श्री अकाल तख्त के पंचप्यारों द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद गुरु टेग बहादुर खालसा कालेज (सांध्य ) के छात्र अश्मित सिंह की छात्र संघ के चुनावों में भागीदारी नहीं हुई बहाल । अश्मित के समर्थन में एसओआई के साथ शिरोमणि अकाली दल भी मैदान में उतर आया है । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं जागो पार्टी की अगुवाही में मीडिया से रूबरू होकर सिख सियासत से जुड़े हुए हल्कों ने माँग की है कि कालिज छात्र संघ के चुनाव में महासचिव की एक सीट ख़ाली है जिसके लिए अभी कोई दावेदारी नहीं है यह पद अश्मित सिंह को दिया जाए ।
फैसला अश्मित के पक्ष में नहीं होने पर एक बार फिर अकाल तख्त के सामने फरियाद रखी जाएगी एवं कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी, इलेक्शन कमेटी एवं दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंधन कमेटी को घेरे में लिया जाएगा । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने प्रबंधन के मौजूदा अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका पर राजनीतिक हितों के लिए धार्मिक संस्थानों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रबंधन की दो दशकों की गतिविधियों के पब्लिक ऑडिट की मांग की है ।
उनका कहना है कि प्रबंधन कमेटी एक इलेक्टेड बॉडी है ना कि श्री अकाल तख्त के पेरलल बॉडी । दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के चुनाव में अकाली दल की छात्र शाखा एसओआई के उम्मीदवारों की उम्मीदवारी बेबुनियाद तरीके से रद्द करके उन्होंने संवैधानिक एवं मानवीय भावनाओं को चूर चूर कर दिया है । उन्होंने डॉलाइट द्वारा की गई प्रबन्धन के फाइनेंसियल ऑडिट रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में डाले जाने की माँग भी की है । साथ ही प्रबन्धन द्वारा सामाजिक शैक्षिक एवं स्वास्थ्य संस्थाओं की इंडिपेंडेंट ऑडिट करवाये जाने की माँग की है ।

दिल्ली में डीटीसी की हड़ताल से लाखों यात्री परेशान हैं, लेकिन भाजपा सरकार बेपरवाह बैठी है।कोंडली से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने निशाना साधते हुए कहा कि ड्राइवर-कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, फिर भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनसे बातचीत तक नहीं की। उन्होंने एक वीडियो में हड़ताल पर बैठे ड्राइवर कंडक्टर के साथ अपनी बातचीत का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार से अपील कि है कि डीटीसी कर्मचारियों की सभी जायज़ मांगों को तुरंत पूरा किया जाए और हड़ताल खत्म कराई जाए ताकि दिल्ली की जनता को चरमाई हुई यातायात व्यवस्था से निजात मिले ।
कोंडली से विधायक का कहना है कि हड़ताल के चलते पूरा दिन दिल्ली की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है सरकार बेपरवाह बैठी है। ड्राइवर-कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, फिर भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनसे बातचीत तक नहीं की। कर्मचारियों का कहना है कि एक मजदूर को भी तय दिहाड़ी मिलती है, लेकिन उन्हें इतने कम पैसे मिलते हैं कि उनके लिए परिवार चलाना और गुजारा करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मकान का किराया भी देना पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई व खाने-पीने का खर्चा भी उठाना पड़ता है, इसलिए वे सरकार से कम से कम 1500 रुपए प्रतिदिन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार, वे पीएमआई कंपनी के तहत काम कर रहे हैं।

दिल्ली: डीटीसी बस चालकों की वेतन संबंधी मांगों को लेकर चल रही हड़ताल पर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने वाले बस चालकों की वेतन और सेवा संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही का खामियाजा आज दिल्ली की आम जनता भुगत रही है और बड़ी संख्या में बसों के सड़कों से बाहर रहने के कारण आम यात्रियों, कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीटीसी के बस चालक और कर्मचारी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं और मांगों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को समय रहते उनके साथ संवाद करना चाहिए था। हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में बसें सड़कों से बाहर हैं, जिससे छात्रों, कर्मचारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोजाना बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में डीटीसी को दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का मजबूत आधार बनाया गया, लेकिन पिछले वर्षों में भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारों के कार्यकाल में डीटीसी की अनदेखी हुई और यह व्यवस्था लगातार कमजोर होती गई।डीटीसी को बचाने के लिए कर्मचारियों के हितों की रक्षा, नियमित भर्ती, बसों की पर्याप्त संख्या और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना जरूरी है।
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दिल्ली: आगामी 18 अगस्त को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनावों के मद्देनजर दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अधीन संचालित दो कॉलेज श्री गुरु गोबिंद सिंह ऑफ कॉमर्स एवं गुरु टेक बहादुर खालसा कॉलेज विवादों के घेरे में । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं जागो पार्टी के शीर्षस्थ नेता मनजीत सिंह जीके ने जानकारी देते हुए कहा कि इन कॉलेजों के प्रबंधन ने अपने उम्मीदवारों को निर्विरोध जिताने के लिए जबरन 4 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी खारिज कर दी । इनमें से एक छात्र अश्मीत सिंह गुरु टेग बहादुर खालसा कॉलेज सांध्य से है । सरना का कहना है कि उसकी उम्मीदवारी यह कह कर खारिज कर दी गई कि उसने अपनी दाढ़ी कटवा ली है । बाकी के तीन छात्र सुभाग सिंह अध्यक्ष पद के लिए, सिद्धप्रीत कौर थरेजा उपाध्यक्ष के लिए एवं चसमीत सिंह महासचिव पद के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से हैं । यह सभी छात्र एसओआई से संबंधित हैं ।
मैनेजमेंट द्वारा लाख प्रलोभन दिए जाने के बावजूद गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के छात्र धरने पर बैठ गए । अंत में मामला हाई कोर्ट पहुंचा । हाई कोर्ट में इनके वकील मनमोहन सिंह एवं उनकी टीम ने जानकारी देते हुए कहा कि जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने मैनेजमेंट की दलीलों को ख़ारिज करते हुए छात्रों के पक्ष में फैसला दिया । सरना का कहना है माय जब वो मध्य रात्रि धरने पर बैठे हुए छात्रों से मिलने गए तो कॉलेज परिसर में ना ही प्रिंसिपल था ना ही चेयरमैन। अश्मीत के मामले में पार्टी विचार कर रही है । एडवोकेटएस की टीम ने जानकारी दी की कोर्ट में मैनेजमेंट की दलील थी कि इनके नामांकन पत्र के साथ आधार कार्ड और कॉलेज आईकार्ड की कॉपी नहीं संलग्न थी ।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि वे प्रबंधन के आधीन चल रहे कॉलेजों से इलेक्शन सिस्टम को ही बंद कर देंगे । छात्र संघ के चुनावों में यह हाल है तो प्रबंधन के चुनाव में इनकी रणनीति क्या होगी...

राजधानी दिल्ली में आयोजित लाल बाग का राजा, दिल्ली – दशम गणपति महोत्सव 2026 के दौरान आस्था, उत्साह और भक्ति का भव्य दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह एवं लाल बाग का राजा महोत्सव के प्रधान राकेश बिंदल ने सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ एक साथ शंखनाद कर एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला। जैसे ही सैकड़ों लोगों ने एक साथ शंख बजाया, पूरा परिसर गूंज उठा और यह पल एक ऐतिहासिक क्षण बन गया, जिसने दिल्ली में एकता और श्रद्धा की मिसाल पेश की।
यह भव्य आयोजन डीडीए ग्राउंड, नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा में हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणपति भक्त उपस्थित रहे। महोत्सव में धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्साह भी देखने को मिला, जिसने इसे राजधानी के प्रमुख आयोजनों में शामिल कर दिया। लाल बाग का राजा, दिल्ली का यह दशम गणपति महोत्सव न केवल भक्ति का प्रतीक बना, बल्कि इतिहास रचने वाला एक यादगार आयोजन भी साबित हुआ।

दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आज एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में किया ऐलान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोक कल्याण सेवा के 25 वर्ष पूरे होने एवं उनके आगामी 17 सितम्बर को जन्मदिवस के उपलक्ष में दिल्ली सरकार एवं दिल्ली भाजपा संगठन ने 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर 2026 तक "सेवा संकल्प अभियान - जनसेवा ही प्रभु सेवा" मनाने का निर्णय लिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस का संचालन मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने किया और कहा कि आज हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा समर्पण एवं उनके जन्मदिवस के उपलक्ष में एक माह के कार्यक्रमों का विवरण जारी कर रहे हैं। उन्होने कहा की प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह इसकी संगठन की ओर से संयोजक हैं और ॠचा पांडेय, श्री मनोज कुमार, अभिषेक टंडन, सरदार राजा इकबाल सिंह, दिव्य जयसवाल, आजाद सिंह अलग अलग संसदीय क्षेत्र का सेवा कार्य देखेंगे, साथ ही विभिन्न 12 संगठनात्मक कार्यक्रमों के लिए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को संयोजक बनाया गया है। दिल्ली सरकार की ओर से मुख्य मंत्री के मार्गदर्शन में मंत्री कपिल मिश्रा नोडल मंत्री होंगे और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह एवं आशीष सूद अपने विभागों से जुड़े कार्यक्रम देखेंगे ।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2001 में वाइब्रेंट गुजरात के शिल्पकार के रूप में विकास की जो नींव रखी, वही आज "विकसित भारत 2047" का संकल्प बन चुकी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक मोदी जी ने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" को जीवन मंत्र बनाया। पिछले 11 वर्षों में उन्होंने गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान, पीएम आवास से अंतिम व्यक्ति को सशक्त किया। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया से भारत को दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बनाया है।
जी-20 की मेजबानी से लेकर ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता तक श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। वह केवल राजनेता नहीं, वे "विकास पुरूष" हैं जिन्होंने राष्ट्र प्रथम की भावना से 25 वर्षों तक बिना रुके सेवा की है और आगे भी जारी रहेगी। दिल्ली भाजपा उनके इस सेवा संकल्प को "सेवा" से मनाएगी।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इसी भाव के साथ दिल्ली भाजपा "सेवा संकल्प उत्सव" 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर 2026" तक मनाएगी
1. 17 सितम्बर - 2 कार्यक्रम: 14 संगठनात्मक जिलों में मेगा रक्तदान शिविर जिसका लक्ष्य है 2500 यूनिट रक्त एकत्र कर स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद।
"आशीर्वाद का दीया" - लगभग 1.28 लाख लाभार्थी घरों में दीये जगाये जायेंगे, कुल 7 लाख 80 हजार दीये जगाने का लक्ष्य जिसमे से 14000 दीये दिल्ली के 140 आईकोनिक स्थलों पर जगाये जायेंगे। सभी विधायक कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे
2. सेवा चित्र: मेरे सपनों का भारत (सेवा चित्र चित्रण) 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक 4500 स्कूलों में 5 लाख विद्यार्थियों के बीच होगा यह कार्यक्रम।
3. "सेवा की कहानी" - प्रत्येक शक्ति केंद्र से 10 विडिओ योजना लाभार्थियों के जारी होंगे।
4. 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर: आंगन मिलन सेवा - 4095 आंगनवाड़ी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद एवं अभिनंदन।
5. सेवा मेरा योगदान: 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक 2500 स्थानों पर स्वच्छता अभियान। संगठन कार्यकर्ता दिल्ली सरकार के बड़े यमुना सफाई अभियान में भी भागीदारी करेंगे।
6. सेवा के रंग राष्ट्र के संग : प्रदेश, जिला एवं मंडल आईकोनिक स्थलों एवं बाजारों में रंगोली बनायेंगे।
7. सेवा ज्योति कलश यात्रा: 7 अक्टूबर को सभी 14 जिलों में सेवा ज्योति कलश यात्रा विकसित भारत का संकल्प निकाली जायेगी।
8. वडनगर से वाराणसी: 15 सितम्बर को दिल्ली से 50 कार्यकर्ताओं की टोली वाराणासी जायेगी और 29 सितम्बर को वडनगर से गुजरात के 50 कार्यकर्ताओं की टोली दिल्ली आयेगी और उसका अभिनंदन होगा।
9. नमो सेवा - अनकही कहानीयां : 18 सितम्बर से 8 अक्टूबर के मध्य 1280 स्थानों पर नमो सेवा कार्यों से जुड़े सेवा स्मरण नुक्कड नाटक होंगे।
10. सुशासन सेवा संवाद : इसमें सभी जनप्रतिनिधि भाग लेंगे।
तीन अन्य कार्यक्रम पूर्णत: सरकारी स्तर पर होंगे जिनका विवरण मुख्य मंत्री देंगी।
सेवा संकल्प अभियान 2026 का समापन यमुना सफाई अभियान से होगा जिसे दिल्ली सरकार आयोजित करेगी और हमारे कार्यकर्ता भागीदारी करेंगे।
सेवा संकल्प उत्सव का उद्देश्य बूथ स्तर तक जाकर समाज के अंतिम व्यक्ति को सेवा से जोड़ना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक दिल्ली में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
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दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने अकाली दल बादल के नेता परमजीत सिंह सरना से कहा है कि वह अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को भड़काना बंद करें। उन्होंने कहा कि जब भी सरना सत्ता से बाहर होते हैं, तो अपने निजी लाभ के लिए दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।
आज यहां श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सरदार एम.पी.एस. चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बॉडी के सदस्य सरदार गुरविंदरपाल सिंह राजू की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि वे यह देखकर हैरान हैं कि किस तरह एक 85 वर्षीय बुजुर्ग अपने राजनीतिक फायदे के लिए कॉलेज के मासूम युवाओं को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी सरना कमेटी की सत्ता से बाहर होते हैं, तो धरनों में यह बयान देते हैं कि कमेटी का बेड़ा गर्क हो गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी अपनी सोच का बेड़ा गर्क हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह एक अटल सच्चाई है कि सरना ने पहले हमें अपनी राजनीति की सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल किया और हमें भड़काकर हमेशा राजनीति की। अब वह नई पीढ़ी का इस्तेमाल करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे हैरान हैं कि सरना ने युवाओं को भड़काकर कॉलेज का गेट भी तुड़वाया और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों को कॉलेज में प्रवेश करने से भी रोका।
इस मौके पर कॉलेज के चेयरमैन सरदार एम.पी.एस. चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बॉडी के सदस्य सरदार गुरविंदरपाल सिंह राजू ने बताया कि कॉलेज में होने वाले छात्र चुनावों में दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की कभी कोई भूमिका नहीं होती। इन चुनावों के लिए एक स्क्रूटनी कमेटी बनाई जाती है, जो चुनाव संबंधी सभी फैसले लेती है।
उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं कॉलेज पहुंचे तो बड़ी मुश्किल से कॉलेज में प्रवेश कर पाए। इसके बाद उन्होंने सरना और उनके साथियों को बातचीत के लिए अंदर आने को कहा, लेकिन सरना ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि सभी फैसले पूरी पारदर्शिता के साथ लिए जाते हैं। इस मामले में उम्मीदवार के दस्तावेजों के साथ न तो कॉलेज का पहचान पत्र और न ही आधार कार्ड संलग्न था, जिसके बारे में उसे बता दिया गया था।
सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि सरना ने मासूम युवाओं को मोहरा बनाकर राजनीति करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह भी सच है कि सरना की आदत बन चुकी है कि जहां कहीं उन्हें हार नजर आती है, वहीं वह हंगामा करके बैठ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में इसी गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव के दौरान सरना 22 घंटे तक बैलेट बॉक्स पर कब्जा करके बैठे रहे, जिसके बाद रात 11 बजे मतदान हुआ।

दिल्ली: विधानसभा की लोक लेखा समिति को आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दी पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के 6 फ्लैग स्टाफ रोड स्थित सरकारी आवास में गोल्डन कमोड, बार और स्विमिंग पूल ढूंढने की चुनौती। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम आवास में गोल्डन कमोड, बार और स्वीमिंग पूल का झूठ अब सामने आ जाएगा। भाजपा को लगे हाथ मोदी जी का राज महल भी दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर को जब समिति वहां पहुंचे तो इन तीन चीजों को जरूर तलाशे और उसकी फोटो व वीडियो भी सार्वजनिक करे, क्योंकि भाजपा बार-बार दावा करती रही है कि वहां गोल्डन कमोड, बार और स्विमिंग पूल है। समिति अपने साथ मीडिया को भी लेकर जाए और अगर ये तीनों चीजें ढूंढने पर भी न मिले तो भाजपा अपने झूठे दावों के लिए दिल्ली और देश की जनता से माफी मांगे।
उन्होंने कहा कि यह पता चला है कि कोई सम्मानित समिति अरविंद केजरीवाल के पूर्व आधिकारिक और सरकारी मुख्यमंत्री निवास का दोबारा विजिट करने वाली है, जो कि बहुत अच्छी बात है और उन्हें यह करना चाहिए। समिति उस आवास में तीन चीजें जरूर ढूंढे। पहला, वे उस सोने के कमोड को जरूर ढूंढें जिसके बारे में बहुत सुना गया था, पता लगाएं कि वह कहां है, कितने का है और उसकी एक फोटो भी दें। दूसरा, वे उस बार को भी ढूंढें, क्योंकि अगर वहां से बोतलें गायब भी हो गई होंगी, तब भी बार तो वहीं रहेगा, इसलिए उसे जरूर खोजा जाए। तीसरा, वे वो स्विमिंग पूल भी ढूंढें। अब यह मत कहना कि अरविंद केजरीवाल स्विमिंग पूल अपने साथ ले गए, क्योंकि फिर तो यह भाजपा वाली बात हो जाएगी। अगर स्विमिंग पूल मिल जाए तो उसकी फोटो, वीडियो या रील बनाकर जरूर डालें।
उधर, “आप” के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि भाजपा देश और दुनिया की महाभ्रष्ट पार्टी है, जिसने प्रभु श्री राम के मंदिर का चंदा तक नहीं छोड़ा और उनके नाम पर भी घोटाला किया। लोग इन्हें प्यार से चंदा चोर पार्टी बुलाते हैं, जो कुंभकरण की नींद से उठकर सिर्फ शीश महल, शीश महल चिल्लाती है और फिर सो जाती है। जब से भाजपा वाले दिल्ली में आए हैं, इन्होंने 650 करोड़ रुपए का स्वास्थ्य घोटाला, बच्चियों की साइकिल खरीद में घोटाला और चावल में घोटाला किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल, अस्पताल, हाईवे, सड़क और गांव की गलियों से लेकर नालियों तक, हर चीज में इन्होंने भ्रष्टाचार किया है। आज इनके राज में लोग खुले मैनहोल में गिरकर अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन भाजपा सिर्फ अपनी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए नौटंकी करती रहती है।
सोमवार को भाजपा विधायकों का एक दल 6, फ्लैग स्टाफ रोड की जांच करने जा रहा है और देश व दिल्ली के लोग इसे ध्यान से देखें। आम आदमी पार्टी भाजपाइयों को खुला चैलेंज दे रही है कि जब वे वहां जाएं, तो जनता को वह सोने-चांदी का कमोड, वह आलीशान स्विमिंग पूल और वह शराब का बार जरूर दिखाएं, जिसके बारे में उन्होंने इतना झूठ फैलाया था। संजय सिंह का कहना है कि जब वह और सौरभ भारद्वाज सच्चाई सामने लाने के लिए वहां जा रहे थे, तब भाजपा की पुलिस ने हमें रोक दिया था क्योंकि उस वक्त भाजपा का सच खुलकर सामने आ जाता। प्रधानमंत्री मोदी जी ने जो अपना आलीशान घर बना रखा है, वहां भी पुलिस ने हमें जाने नहीं दिया।
वहीं आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि दिल्ली में जब आम आदमी पार्टी की सरकार थी, तब 6 फ्लैग स्टाफ रोड मुख्यमंत्री आवास हुआ करता था। उस मुख्यमंत्री आवास को लेकर भाजपा ने लगातार झूठ बोले और फैलाए। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री आवास के भीतर आलीशान स्विमिंग पूल बना है, वहां सोने-चांदी के कमोड लगे हैं और बहुत बड़ा बार मौजूद है। भाजपा लगातार इस झूठ को दोहराती रही। तब आम आदमी पार्टी ने भाजपा को चुनौती दी कि मीडिया और कैमरों को साथ लेकर चलते हैं, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। सौरभ भारद्वाज और संजय सिंह पूरी मीडिया को लेकर वहां पहुंचे, लेकिन भाजपा की पुलिस ने मीडिया को भीतर दाखिल नहीं होने दिया। भाजपा अच्छी तरह जानती थी कि मीडिया के अंदर कदम रखते ही सारे झूठ की पोल खुल जाएगी।
आतिशी ने कहा कि जो हिम्मत भाजपा और उसके बड़े नेता नहीं जुटा सके, वह हिम्मत दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और भाजपा विधायक अजय महावर ने दिखाई है। आगामी 14 तारीख को दोपहर में दिल्ली विधानसभा की लोक लेखा समिति 6 फ्लैग स्टाफ रोड का निरीक्षण करने जा

दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई का पूरा पैनल विजयी होगा और छात्रों के अधिकारों, कल्याण, हॉस्टल की बढ़ोत्तरी एंव उत्तम सुविधाएं देने सहित शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने पर जोर देंगे। बैठक में 18 सितम्बर को होने वाले डूसू चुनाव की तैयारियों एवं संगठन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई और डूसू चुनाव के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आज एनएसयूआई के पैनल को सपोर्ट करने के लिए आदर्श नगर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित बैठक को सम्बोधित किया, जिसका आयोजन जिला अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ राव ने किया। बैठक में बताया कि डूसू चुनाव में एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीना, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और सह सचिव के लिए गोपाल चैधरी को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने कहा कि डूसू चुनाव के लिए एनएसयूआई ने मजबूत पैनल घोषित किया है।
आदर्श नगर जिला कांग्रेस की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के अलावा अ0भा0क0कमेटी सचिव प्रभारी श्री दानिश प्रभारी, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मंगतराम सिंघल, पूर्व विधायक हरी शंकर गुप्ता, जिला अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ राव, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री सीपी मित्तल, महासचिव गौरी शंकर शर्मा, सतेन्द्र शर्मा, विधानसभा चुनाव पूर्व प्रत्याशी शिवांक सिंघल सहित जिला के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, मंडलम अध्यक्ष, सेक्टर इंचार्ज, ब्लाक कांग्रेस के पदाधिकारियों सहित अग्रिम संगठन, सेल एवं विभागों के कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के शांति मार्च पर 20 जुलाई पर भाजपा की अलोकतांत्रिक प्रक्रिया में लाठी चार्ज, वाटर कैनन सहित छरे चलाने के खिलाफ पुरजोर आवाज सिर्फ हमारे नेता राहुल गांधी जी ने उठाई और उन्होंने जब घायल छात्रों से मिलने के बाद केन्द्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग सहित दंगाई पुलिस वालों पर कार्रवाही करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री निवास पर धरना दिया तो उन्हें हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस की ताकत है जिसके आगे हर गलत निर्णय और नीति के आगे भाजपा को झुकना पड़ा। उन्होंने कहा कि डूसू चुनाव में एनएसयूआई पैनल छात्रों के हितों और अधिकारों के संरक्षण के लिए काम करेगा।
एनएसयूआई छात्र चुनाव में विजयी होने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों की आवाज को बुलंद करेंगे और वर्ग विशेष की नीति को खत्म करके विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक माहौल को बनाने के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी, हॉस्टल और अन्य छात्र संसाधनों में सुधार करने संबधी किफायती फीस सुनिश्चित करने के लिए भी डीयू प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। उन्होंने कहा कि डीयू परिसर में महिला सुरक्षा और समानता के लिए महिला छात्रों की सुरक्षा और बिना भेदभाव के समान बराबर अवसर देने के लिए एनएसयूआई पैनल काम करेगा।
उन्होंने कहा कि सत्या निकेतन हादसे के बाद पीजी और किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं का मुख्य मुद्दा है, एनएसयूआई पैनल सस्ते और सुरक्षित हास्टल तथा पीजी में बेहतर सुविधाएं और कड़े नियम लागू करने की मांग भी करेंगे। उन्होंने कहा कि काॅलेजों में पीने के पानी सुविधा, साफ सफाई व्यवस्था और रोजमर्रा के लिए वाई फाई की सुविधा छात्रों को दिलाने के लिए काम करेगे।
दिल्ली: आईएमएफ ने भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर को सही मानते हुए वैश्विक झटकों, ऊर्जा संकट, युद्ध और आपूर्ति श्रृंखला के बीच अर्थव्यवस्था की मजबूती की सराहना की। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पटना से भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन में रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, चीन और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति भारत के प्रभाव को दर्शाती है। कांग्रेस शासन में भारत को ‘फ्रैजाइल फाइव’ और ‘जंक अर्थव्यवस्था’ कहा जाता था, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर ब्रिक्स का चमकता सितारा बना है।
उन्होंने कहा कि आज आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ रिपोर्ट पर प्रभावी टिप्पणी की है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर को सही पाया है। वैश्विक झटकों, ऊर्जा संकट और युद्ध के बावजूद, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित है, आईएमएफ ने भारत की अर्थव्यवस्था के रेसिलियंस की तारीफ की है। सेवा क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र और व्यापार में भारत जिस तरह आगे बढ़ रहा है, उसकी भी तारीफ की है। भारत में ब्रिक्स का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है। रूस के राष्ट्रपति यहां आए हैं, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति पहुंच गए हैं और मिस्र के राष्ट्रपति भी पहुंच गए हैं और कल चीन के राष्ट्रपति आने वाले हैं, ईरान के राष्ट्रपति रास्ते में हैं। यानी दुनिया के कई बड़े देशों के नेता आज दिल्ली आए हैं।
कांग्रेस के नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि ब्रिक्स से क्या मिलेगा। हम किसी का नाम नहीं लेंगे, लेकिन आज भी और कल भी कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं ने यही बात कही है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने भारत का क्या हाल किया था और ब्रिक्स में भारत की क्या जगह थी। 2011, 2012 और 2013 में भारत की अर्थव्यवस्था को ‘फ्रैजाइल फाइव’ कहा गया था। गोल्डमैन सैक्स जैसी प्रसिद्ध संस्था ने भी उस समय भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि भारत में निवेश कम हो रहा था। उस समय स्थिति यह थी कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कहा था कि ब्रिक्स के ‘आई’ यानी ‘इंडिया’ को अब ‘इंडोनेशिया’ से रिप्लेस कर देना चाहिए। दुनिया की एक बड़ी एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स रेटिंग ने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से एक जंक अर्थव्यवस्था बनती जा रही है।
उनका कहना है कि कांग्रेस के नेताओं को यह बताना जरूरी है कि जब वे सरकार में थे, तब ब्रिक्स के मामले में उन्होंने भारत की क्या स्थिति बना दी थी। उस समय दुनिया का विश्वास कम हो रहा था, मुद्रास्फीति बढ़ रही थी, पॉलिसी पैरालिसिस था, नीतियों का अभाव था और ‘फ्रैजाइल’ तथा करप्शन की स्थिति थी। उस समय इतनी लूट हो रही थी, जिसके बारे में सभी जानते हैं और कई घोटाले हुए थे। वहां से इस कश्ती को यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भाजपा-एनडीए की सरकार यहां ले आई है कि ‘फ्रैजाइल फाइव’ से आज भारत दुनिया की टॉप फाइव इकॉनमी बन गई है। 140 करोड़ लोगों के आशीर्वाद के साथ आज भारत दुनिया में ब्रिक्स का एक ब्राइट स्पॉट बना है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के शानदार नेतृत्व में और आर्थिक मोर्चे पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर आज भारत ब्रिक्स का एक चमकता हुआ सितारा बन गया है।
ब्रिक्स में राष्ट्राध्यक्ष मिलते हैं, वहां चर्चा होती है, ट्रेड की बात होती है और इन्वेस्टमेंट की भी बात होती है। तो यह जो कांग्रेसी नेता विलाप कर रहे हैं कि ‘क्या मिला? तो सच यह है कि आपने डुबाया, हमने बनाया! मनमोहन सिंह के समय ब्रिक्स में यह स्थिति थी कि लोग कहते थे कि ‘इंडिया’ को निकालो और ‘आई’ पर ‘इंडोनेशिया’ को रिप्लेस करो। यह आपने डुबाया था और आज हमने बनाया, हमने चमकाया कि दुनिया का एक ब्राइट स्पॉट है। ब्रिक्स कैटेगराइजेशन का भी ब्राइट स्पॉट है और दुनिया भारत की ओर उत्साह और आत्मविश्वास से देखती है। आज भारत एक बड़ी ग्लोबल इकॉनमी है, जो दुनिया की इकॉनमी को स्थिरता प्रदान करती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह इसलिए हो पाया है कि तमाम झंझावातों के बावजूद, चाहे वह एनर्जी क्राइसिस हो, ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्या हो या गल्फ में चल रहा वॉर हो, फिर भी भारत का ग्रोथ रेट 7.8% है, जिसको आईएमएफ ने सही माना और कहा कि ‘यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। मगर कांग्रेसी लोग कितना झूठ बोलेंगे? हम यह बात इसलिए कह रहे हैं कि जब विदेश नीति के संबंध में कोई चर्चा होती है, तो वहां पर कांग्रेस नेताओं द्वारा अनावश्यक देश के अंदर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जाता है।

दिल्ली: ‘द वन’ के मेकर्स ने पहले ‘समझो ना’ गाने के जरिए प्यार और रोमांस की मासूमियत से दर्शकों को रूबरू कराया था। फिल्म के रोमांटिक रंग की झलक दिखाने के बाद अब मेकर्स ने फिल्म की आध्यात्मिक दुनिया की ओर कदम बढ़ाया है। फिल्म के दूसरे गाने ‘छठी मैया’ का एक दमदार टीज़र जारी किया गया है, जिसमें तमन्ना केंद्र में नजर आ रही हैं। इस गाने में वन देवी की शक्ति और छठ पूजा की आस्था का प्रभावशाली मेल देखने को मिलता है। जंगल के रहस्य और लोककथाओं से भरी इस दुनिया में वन देवी की शक्ति और छठ पूजा की सदियों पुरानी परंपरा को ‘छठी मैया’ के टीज़र में जीवंत किया गया है। गाने को विशाल मिश्रा ने अपनी मधुर आवाज में गाया और संगीतबद्ध किया है, जबकि इसके बोल कौशल किशोर ने लिखे हैं। गाने की कोरियोग्राफी चिन्नी प्रकाश ने की है।
जहां ‘समझो ना’ ने दिलों को छूते हुए सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना के बीच की खूबसूरत रोमांटिक केमिस्ट्री को दिखाया था, वहीं ‘छठी मैया’ फिल्म के आध्यात्मिक पहलू को और गहराई से सामने लाता है। इस गाने में छठ पूजा की सदियों पुरानी परंपरा को फिल्म की लोककथा और फैंटेसी से भरी दुनिया के साथ जोड़ा गया है। तमन्ना और श्वेता तिवारी इस गाने का अहम हिस्सा हैं। ज़ी म्यूज़िक के म्यूज़िक लेबल के तहत आने वाला यह गाना ‘द वन’ की रहस्यमयी, रोमांचक, रोमांटिक और फैंटेसी से भरी दुनिया में एक आध्यात्मिक रंग जोड़ता है। ‘छठी मैया’ का टीज़र फिल्म की धार्मिक और भक्ति से जुड़ी दुनिया की एक खास झलक पेश करता है, जो दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा देता है। देश के कुछ सबसे अलग और दमदार कहानीकारों के साथ बनी ‘द वन’ में टीवीएफ के अरुणाभ कुमार, निर्देशक दीपक मिश्रा और एकता कपूर साथ आए हैं। भारतीय लोककथाओं को एक नए सिनेमाई अंदाज में पेश करने वाली यह फिल्म फैंटेसी और लोककथाओं की दुनिया में रची-बसी है। इसमें एडवेंचर, मिस्ट्री और ह्यूमर का भी शानदार मेल देखने को मिलेगा, जो इसे एक संपूर्ण फैमिली एंटरटेनर बनाता है। फिल्म की दुनिया सिर्फ बड़े पर्दे तक सीमित नहीं है। ‘द लीजेंड ऑफ वन’ कॉमिक बुक के जरिए दर्शकों को पहले ही इसके विशाल लोककथा जगत से परिचित कराया जा चुका है।
बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का एक डिवीजन है, द्वारा प्रस्तुत ‘द वन’ को टीवीएफ और 11.11 प्रोडक्शन के साथ मिलकर बनाया गया है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना मुख्य भूमिकाओं में हैं। अरुणाभ कुमार द्वारा लिखित और दीपक मिश्रा द्वारा निर्देशित इस फिल्म में मनु आनंद डीओपी और विजुअल डायरेक्टर हैं। फिल्म को शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने प्रोड्यूस किया है। ‘द वन’ 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म बड़े पर्दे पर फैंटेसी और लोककथाओं की एक ऐसी दुनिया पेश करने का वादा करती है, जहां शानदार विजुअल्स, संगीत, रहस्य, रोमांस और भव्यता मिलकर दर्शकों को एक अलग अनुभव देंगे।

दिल्ली: सत्य निकेतन पीजी छात्रावास इमारत ढहने में मरने वाले पांच छात्रों के माता-पिता को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने तत्काल 2-2 करोड़ रुपये और घायल छात्रों को 50-50 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा देने की अपील की है। घायल छात्रों को पूरी तरह से ठीक होने में कई महीने लगेंगे और फिर से पढ़ाई शुरु करने में उन्हें मुआवजे की राशि से मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मृतक छात्रों की पहचान अभिषेक, युवराज सोनी, पवन, अर्पित जाज और अक्षत सिंह यादव के रूप में की गई है, जबकि अन्य दो अन्यों में एक मजदूर और क्षेत्र का एक वृद्ध निवासी शामिल है। हालांकि कोई भी राशि पीड़ित माता-पिता के नुकसान और दर्द की भरपाई नहीं कर सकती है, जिन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए अपने बच्चों को काफी खर्च करके दिल्ली पढ़ने के लिए भेजा। ताकि उनका भविष्य उज्ज्वल हो और एक दिन वे भी डॉक्टर, इंजीनियर, कंपनियों के प्रशासकों या सीईओ के रूप में देश के विकास और विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। परंतु अत्यंत दर्दनाक है कुछ व्यक्तियों और अधिकारियों के लालच और भ्रष्टाचार के लिए एक अयोग्य भाजपा सरकार के कारण एक झटके में धराशाही हुई इमारत त्रासदी के रुप में बदल गई, जिसने युवाओं के जीवन को ही छीन लिया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवेश पाने वाले अधिकांश छात्रों के माता-पिता आम लोग हैं जो अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए किसी भी प्रकार का त्याग और पीड़ा सहन करके उन्हें उज्जवल भविष्य के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए हर संभव कोशिश करते है। देश के विभिन्न हिस्सों से आए लड़के और लड़कियां एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के एकाग्रित होकर पढ़ाई करने के लिए छात्रावास की जरुरत है, जिसकी पूर्ति करने में विश्वविद्यालय के पास पर्याप्त सीटें नही हे जिसके कारण छात्र निजी पीजी आवास में रहने को मजबूर होते है। बाहरी छात्रों के लिए दिल्ली में ट्रिपल इंजन भाजपा सरकार ने सुरक्षित पीजी आवास सुनिश्चित करने की कभी कोशिश तक नहीं की और अब 2-3 महीनों में पीजी के लिए विशेष नीति की बात कर रही है। दिल्ली में अकेले रहकर शिक्षा प्राप्त करना अपने आप में मुश्किल है जबकि दिल्ली में छात्रों के लिए हास्टल एक गंभीर समस्या बन चुका है।
अफ़सोस की बात है कि न तो दिल्ली विश्वविद्यालय और न ही दिल्ली सरकार ने छात्रावास सुविधाओं के रूप में उच्च शिक्षा के ऐसे महत्वपूर्ण पहलू पर कोई विचार किया है, हालांकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता किसी न किसी बहाने से बड़े-बड़े वादे करने से एक दिन भी नहीं चूकती हैं, लेकिन वह कभी भी अपना वादा पूरा नहीं करती हैं।

दिल्ली: आगामी हिंदी ‘लव लॉटरी’ का ट्रेलर दिल्ली में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में लॉन्च किया गया। ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म के प्रमुख कलाकार अक्षय ओबेरॉय, विजयंत कोहली और अग्नि अग्यारी, निर्देशक अरविंद पांडे तथा निर्माता कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ मौजूद रहे। इस खास अवसर पर ऐसे कई परिवारों को भी शामिल किया गया, जो अपने अनुभवों के अनुसार महिला-केंद्रित कानूनों के कथित दुरुपयोग से प्रभावित रहे हैं। सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले बनी ‘लव लॉटरी’ प्यार, शादी, रिश्तों में बढ़ती दूरी, धोखे और पुरुष अधिकारों से जुड़े सवालों को एक सस्पेंसफुल और सामाजिक कहानी के रूप में सामने लाती है।
2 मिनट 10 सेकंड का ट्रेलर शुरुआत से ही कई रहस्यमय सवाल खड़े करता है। ट्रेलर में आधुनिक दौर के रिश्तों की चमक के पीछे छिपे बनावटीपन, प्यार में धोखे और रिश्तों के खोखलेपन को दिखाने की कोशिश की गई है। कहानी में प्यार और आपसी रिश्तों के बीच बढ़ते तनाव के साथ शादी, तलाक, धोखा और पैसों के लिए शादी जैसे पहलू भी नजर आते हैं, जो फिल्म की कहानी को और रहस्यमय बनाते हैं। ट्रेलर में कुछ संवाद भी खासे संवेदनशील और तीखे हैं। इनमें एक संवाद, “एक औरत सिर्फ़ दो लोगों की सगी हो सकती है, एक अपनी औलाद की और एक खुद की”, रिश्तों और व्यक्तिगत अधिकारों को लेकर फिल्म के दृष्टिकोण की झलक देता है। यह संवाद ट्रेलर में मौजूद भावनात्मक और आक्रामक टकराव को भी सामने लाता है।
फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अक्षय ओबेरॉय के किरदार के माध्यम से रिश्तों, विश्वास और पुरुष अधिकारों से जुड़े सवालों को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। वहीं हेली दारूवाला सहित कलाकारों के किरदार कहानी में अलग-अलग परतें जोड़ते नजर आते हैं। ट्रेलर कई सवाल छोड़ता है—रिश्तों में सच क्या है, धोखा किसने दिया, किसका पक्ष सही है और आखिर इस ‘लव लॉटरी’ का असली खेल क्या है? निर्देशक अरविंद पांडे कहते हैं, “लव लॉटरी सिर्फ रिश्तों की कहानी नहीं है, बल्कि उन सवालों को सामने रखने की कोशिश है जिनसे आज के समय में कई लोग जूझ रहे हैं। हमने कहानी में सस्पेंस और इमोशन के साथ रिश्तों और कानूनी विवादों के अलग-अलग पहलुओं को दिखाने की कोशिश की है।”
निर्माता कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ कहते हैं, “रिश्तों की जटिलता, कानूनी विवाद, भावनात्मक टकराव और पुरुष अधिकारों से जुड़े सवालों को सस्पेंस के साथ सामने रखने वाला ‘लव लॉटरी’ मनोरजन के साथ बड़े सवाल उठता है असली कहानी क्या है, कौन सही है और कौन गलत—इन सवालों के जवाब फिल्म के बड़े पर्दे पर ही सामने आएंगे।”सिनेमा गंज फिल्म्स के बैनर तले कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ द्वारा निर्मित ‘लव लॉटरी’ का निर्देशन अरविंद पांडे ने किया है। फिल्म की कहानी और पटकथा अंकुर खत्री ने लिखी है। फिल्म में अक्षय ओबेरॉय और हेली दारूवाला मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके अलावा कबीर दुहान सिंह, विजयंत कोहली, हेमंत पांडे, इंदिरा कृष्णन, संतोष शुक्ला, विक्रम शर्मा, अग्नि अग्यारी, कुमार सौरभ, अश्वंत लोधी और अर्शदीप संधू महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी नवीन वी. मिश्रा ने की है। संगीत वरुण मिश्रा और अरविंद पांडे का है, जबकि फिल्म का संपादन प्रकाश झा ने किया है। ‘लव लॉटरी’ 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

दिल्ली: आज मणिपुरी गायक चोंगथम विक्रम सिंह के परिवार से पूर्वी दिल्ली के सांसद, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री तथा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने मुलाकात की। चोंगथम विक्रम सिंह की उनके घर के पास स्थित ढाबे (रेस्तरां) में काम करने वाले कुछ उपद्रवी युवकों द्वारा हत्या कर की थी। केंद्रीय राज्य मंत्री ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी दिल्ली शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ी है। उनका कहना है कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से बात की है और वह विश्वास के साथ कह सकते हैं कि दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है तथा जल्द से जल्द अदालत में आरोपपत्र दाखिल करेगी।
उन्होंने कहा कि मणिपुर के गायक की हत्या एक भयावह घटना है, लेकिन इसका कोई नस्लीय कोण नहीं है। उन्होंने विपक्षी दलों से अनुरोध किया है कि गंदी राजनीति में शामिल न हों और इस घटना को नस्लीय रंग देने का प्रयास न करें । दिल्ली सरकार की ओर से मामले की त्वरित सुनवाई के लिए इसे यथासंभव विशेष अदालत में चलाने की सिफारिश की जाएगी।

दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी की चरण छोह प्राप्त ऐतिहासिक स्थान गुरुद्वारा बंगला साहिब में संगत की सुविधा के लिए एक ऑटोमैटिक सेल्फ-सर्विस मशीन स्थापित की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि इस मशीन की शुरुआत हेड ग्रंथी ज्ञानी रणजीत सिंह द्वारा अरदास करने के उपरांत की गई। उन्होंने बताया कि यह मशीन एक्सिस बैंक द्वारा स्थापित की गई है और इसमें लगे क्यूआर कोड के माध्यम से संगत कड़ाह प्रसाद की पर्ची आसानी और सुविधाजनक तरीके से प्राप्त कर सकेगी।
उन्होंने कहा कि संगत की बेहतर सेवा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह मशीन स्थापित की गई है। गुरुपर्व के दिनों और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में संगत गुरु घर में नतमस्तक होने के लिए पहुंचती है। ऐसे में यह मशीन संगत के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी और उन्हें कड़ाह प्रसाद की पर्ची प्राप्त करने के लिए लाइन में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में दिल्ली के अन्य गुरु घरों में भी इस प्रकार की मशीनें स्थापित की जाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने एक्सिस बैंक के अधिकारियों का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिनके प्रयासों से यह मशीन स्थापित की गई है।
दिल्ली: सत्य निकेतन में 5 मंजिला हास्टल/पीजी की इमारत ढहने के लिए दिल्ली में भ्रष्ट सिस्टम जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि पीजी की इमारत ढहने से 7 बच्चों की मौत हो चुकी है । 12 को सुरक्षित निकाला गया जबकि 30-40 छात्र दबे होने की आशंका है। 50 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत के नीचे बेसमेंट में पानी भर जाने के बाद बिना सुरक्षा इंतजाम के बेसमेंट में मरम्मत करने की इजाजत किसने दी? यह पूरी तरह प्रशासनिक गैरजिम्मेदाराना और भ्रष्टाचार का मामला है।
न्याय की मांग को लेकर घटना स्थल पर धरने पर बैठे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही नही होती और घायल और मृतक छात्रों को न्याय नही मिलता सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने मांग की है कि सत्या निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढहने की जिम्मेदारी लेते हुए निगम आयुक्त इस्तीफा दें। धरने पर प्रदेश अध्यक्ष के साथ एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश उपाध्यक्ष तस्वीर सौलंकी, निगम में सदन के पूर्व नेता श्री जितेन्द्र कुमार कोचर, जिला अध्यक्ष महिन्द्र मंगला, महासचिव शांति स्वरुप, पूर्व पार्षद हिरन टोकस, अनिल मलिक, गरवित सिंघवी, जसवंत सिंह, भोपाल टोकस, राजेन्द्र सिंह और गजेन्द्र सिंह सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय निवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रही है, जो कोई नई बात नही है। हर घटना के बाद भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य निभाने की जगह आरोप लगा रही है जबकि भ्रष्टाचार मिटाने और सुव्यवस्थित प्रशासन देने का दावा भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि सत्या निकेतन क्षेत्र में पार्षद, विधायक, सांसद, मेयर, स्थायी समिति के अध्यक्ष और जोन अध्यक्ष सब भाजपा के ही है और इनके निर्देश और आदेश पर अधिकारी काम करते है। क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भाजपा के सत्तासीन लोगों पर भी कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में सारे इंजन भाजपा के है, हर दिन हो रहे हादसों के लिए जिम्मेदार भी भाजपा ही है।
यह अत्यंत चिंताजनक है कि भाजपा के डेढ वर्ष के शासन के दौरान दिल्ली में इमरातें ढहने के 6 बड़े हादसे हो चुके है, जिनमें 35 लोगों की जान जा चुकी है। अप्रैल, 2025 में मुस्तफाबाद में 4 मंजिला इमारत ढही, 11 की मौत हुई। मई, 2025 में पहाड़गंज निर्माणाधीन इमारत का बेसमेंट ढही, 3 की मौत। जुलाई 2025 में वेलकम क्षेत्र में 4 मंजिला इमारत गिरी। मई 2026 में सैदुलाजाब साकेत में 5 मंजिला इमारत ढहने से 6 लोगों की मौत हुई। जुलाई, 2026 में रोहिणी में बिल्डिंग ढहने से 3 मजदूरों की मौत हुई और कल सत्या निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। यही नही जून 2025 में मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में इमारत में आग लगी, नवम्बर 2025 में संगम विहार में बहुमंजिला इमारत में आग लगने से 3 लोगों की मौत और जून 2026 में मालवीय नगर होटल में आग लगने में 22 लोगों मौत होने के बावजूद भाजपा की दिल्ली सरकार का हर हादसे को नजरअंदाज करके आगे बढ़ना रेखा गुप्ता की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मानना है कि रेस्क्यू का काम इतना धीमे चल रहा है। 24 घंटों में दबे हुए सभी छात्रों को ढूंढ लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मौके पर लोगों ने बताया कि बिल्डिंग गिरने के घंटों तक एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीम नही पहुंची, यह सरकार की ढुलमुल कार्यशैली को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यदि एमसीडी अधिकारी ऐसी कार्यवाही के लिए सुरक्षा इंतजाम के बिना इस पर रोक लगाते तो यह हादसा रोका जा सकता था, परंतु भ्रष्टाचार में लिप्त निगम के अधिकारी और भाजपा नेताओं की लापरवाही के कारण फिर दिल्ली में बड़ी त्रासदी हुई और बेकसूर लोगों की जान गई।

दिल्ली: सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी के विधायकों एवं निगम पार्षदों ने स्थानीय भाजपा विधायक अनिल शर्मा के घर के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस बाबत प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सत्य निकेतन इलाके में बड़ी संख्या में पीजी संचालित हो रहे हैं। उनकी मांग है कि रेखा गुप्ता सरकार सत्य निकेतन में कौन पीजी किसका है, उसकी लिस्ट जारी करे। इससे पता चल जाएगा कि कौन पीजी किसका है, पीजी माफिया कौन चला रहा है, जो महंगे पीजी में छात्रों का शोषण कर रहा है और एमसीडी उन अवैध पीजी के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पाती? उन्होंने कहा कि पीजी में भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं का मोटा पैसा लगा हुआ है। जब बड़े-बड़े नेता पीजी चलाएंगे तो एमसीडी का इंजीनियर या पुलिस कांस्टेबल कार्रवाई कैसे कर सकता है?
उन्होंने कहा कि रविवार से सोशल मीडिया पर लोग खुलेआम कह रहे हैं कि भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं ने यहां संपत्तियां खरीदी हुई हैं। छात्रों के साथ पीजी के नाम पर जो लूट हो रही है और एमसीडी इस पर जो कार्रवाई नहीं कर रही है, उसका कारण यही है कि यहां बहुत बड़े-बड़े नेताओं ने संपत्ति ले रखी है। उनकी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग है कि यहां किस-किस की संपत्ति है, इसे सार्वजनिक किया जाए। इससे लोगों को पता चल जाएगा कि कौन-कौन लोग हैं जो यहां पीजी माफिया चला रहे हैं। इस सूची के सामने आने से इन बातों का खुलासा हो जाएगा कि कौन से नेता महंगे पीजी में छात्रों का शोषण कर रहे हैं? एमसीडी इन पर कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पाती है? इनमें कैसे काले धन का निवेश किया जाता है और कैसे काला धन पैदा किया जा रहा है?
केंद्र सरकार को यहां बच्चों के लिए हॉस्टल बनवाने चाहिए। जब तक हॉस्टल बनकर तैयार नहीं होते और बच्चों को अलॉट नहीं होते, तब तक सरकार की तरफ से बच्चों के पीजी की फीस दी जानी चाहिए। ऐसा करने पर ही सरकार जल्द हॉस्टल बनाएगी, वरना सरकार नहीं बनाएगी। छात्रों के साथ इतना कुछ हुआ और आज सारे छात्र संगठन यहां मौजूद हैं, लेकिन दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद कहां हैं? वह कहीं नहीं दिखे। रेखा गुप्ता कभी किसी मंत्री के साथ आ रही हैं तो कभी किसी के साथ, लेकिन विद्यार्थियों के शिक्षा मंत्री आशीष सूद गोवा में हैं। वह गोवा में क्या कर रहे हैं? रविवार को उन्होंने दोपहर 3 बजे ट्वीट किया कि यह हादसा हो गया है और बहुत बुरी बात है। इसका मतलब उन्हें जानकारी मिल गई थी, फिर शाम 4 बजे वह फ्लाइट पकड़कर गोवा क्यों गए? इस बात का जवाब रेखा गुप्ता दें। यहां किसी एक कमिश्नर या डिप्टी कमिश्नर के सस्पेंशन से कुछ नहीं होगा। जिन बड़े-बड़े भाजपा के नेताओं का पैसा यहां लगा हुआ है, जिसकी वजह से छात्रों का शोषण हो रहा है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
उधर, बुराड़ी से विधायक संजीव झा ने कहा कि सबसे बड़ी कार्रवाई उन मंत्रियों पर होनी चाहिए जिन्होंने बड़े-बड़े वादे किए थे। साकेत हादसे के बाद दावा किया गया था कि बिल्डिंगों का ऑडिट होगा। यदि सच में ऑडिट हुआ होता, तो आज यह हादसा नहीं होता। मुख्यमंत्री और मंत्री बताएं कि पिछले छह महीनों में कितनी बिल्डिंगों का ऑडिट हुआ, कितनी इमारतें सील की गईं और कितनी गिराई गईं? जहां यह हादसा हुआ है, वहां पहले भी इमारतें गिरी हैं और आगे भी गिरेंगी, क्योंकि इसके आसपास भाजपा के रसूखदार नेताओं की कई बिल्डिंगें हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई का दिखावा करके बच नहीं सकतीं। उन्हें उन मंत्रियों से इस्तीफा लेना चाहिए जिनकी लापरवाही और नकारापन के कारण अलग-अलग राज्यों से करियर बनाने आए उन बच्चों की जान चली गई, जिनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई उनके लिए भेजते थे।
उन्होंने कहा कि गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर केवल लीपापोती की जा रही है। एक जर्जर बिल्डिंग के बेसमेंट में खुदाई करना कोई हादसा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर एक नृशंस हत्या है। गैर इरादतन हत्या की कमजोर एफआईआर दर्ज कर मालिक को बचाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उसे आसानी से जमानत मिल जाए। मालवीय नगर हादसे के बाद भी बड़े-बड़े होटल और बिल्डिंग मालिकों को डराकर करोड़ों रुपए की वसूली की गई थी। एमसीडी द्वारा की जाने वाली यह पूरी कार्रवाई केवल उगाही का एक जरिया है। उन्होंने बताया कि मैंने खुद दर्जनों चिट्ठियां लिखकर बिल्डिंग बायलॉज और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायतें की हैं, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्पष्ट है कि सरकार बिल्डिंग माफियाओं को संरक्षण देकर सिर्फ एक्सटॉर्शन मनी वसूल रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि साकेत हादसे के समय किए गए वादों का हिसाब दिया जाए कि छह महीने में कितनी कड़ी कार्रवाई हुई। दूसरा, केवल चंद अधिकारियों को सस्पेंड कर और कमजोर एफआईआर दर्ज कर सरकार