
दिल्ली: समाचार पत्र जलाना पंजाब की "आप" सरकार द्वारा वहां मीडिया पर चलाये जा रहे दमन चक्र जैसा घिनौना रूप है । प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने निशाना साधते हुए कहा कि समाचार पत्र जला करके भारद्वाज ने साबित कर दिया है की यदि यह फिर कभी सत्ता में आये तो फिर 2013 से 2024 तक जैसा मीडिया दमन चक्र चलायेंगे । उन्होंने आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज द्वारा आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक समाचार पत्र को जलाने की कड़ी निंदा की है।
मीडिया प्रमुख ने कहा है की शायद दिल्ली के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है की किसी राजनीतिक दल के नेता ने अपने दृष्टिकोण से खबर ना छापने पर सार्वजनिक रूप से समाचार पत्र जलाया है। यह समाचार पत्र जलाना पंजाब की "आप" सरकार द्वारा वहां मीडिया खासकर एक ग्रुप पर चलाये जा रहे दमन चक्र जैसा घिनौना रूप है। 11 वर्ष लगातार अरविंद केजरीवाल सरकार ने मीडिया पर दबाव बनाया की भाजपा को खबरों में स्थान ना दें और आज जब विपक्ष में हैं तो "आप" नेता समाचार पत्र जला कर मीडिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

दिल्ली: देश की राजधानी में कई प्राइवेट स्कूलों द्वारा बोर्ड के बच्चों के एडमिट कार्ड रोके जा रहे हैं खुली ब्लैकमेलिंग चल रही है।एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने APEEJAY Schoo साकेत के गेट पर प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों को संबोधित करते हुए साधा निशाना । बताया जा रहा है कि पैरेंट्स से लाखों रुपये की मांग की जा रही है। APEEJAY School में शिक्षा विभाग की अधिकारी की मौजूदगी के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि दिल्ली मुख्यमंत्री, मंत्री, शिक्षा विभाग सब प्राइवेट स्कूल के साथ खड़े हैं।



दिल्ली: एमसीडी में कांग्रेस की नेता नाजिया दानिश, दिल्ली के पूर्व मेयर फरहाद सूरी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने मीडिया से रूबरू होकर किया एमसीडी बजट 2025-26 का पोस्टमार्टम । कहा कि दिल्ली नगर निगम विश्व का भ्रष्टतम निगम है और भाजपा ने बजट में अपने भ्रष्ट तंत्र को छिपाने की कोशिश करने का काम किया है। स्थाई समिति, सदन के नेता और आयुक्त द्वारा पेश किए गए बजट के आंकड़ों में विभिन्न साबित करती है कि भाजपा के दिल्ली के लिए इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता की कमी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 70 प्रतिशत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी दिल्ली नगर निगम की है जबकि बची हुई 30 प्रतिशत नई दिल्ली नगर पालिका परिषद और दिल्ली छावनी बोर्ड की है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के अनुसार बजट में भाजपा ने निगमायुक्त की वित्तिय शक्ति को 5 करोड़ से बढ़ाकर 50 करोड़ करके निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पंगु बनाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि निगम में घाटे का बजट पेश किया जो 17583 करोड़ का रहा जबकि 17184 कोड़ के राजस्व का अनुमान बताया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नगर निगम जिसकी प्राथमिकता सफाई और स्वच्छता है, उसमें पूरी तरह विफल साबित हुई। प्रतिदिन निकलने वाला 11000 मीट्रिक टन कूड़े में सिर्फ 8000 मीट्रिक टन कूड़े का निष्पादन होने के कारण दिल्ली में प्रतिदिन 3000 मीट्रिक टन कूड़ा दिल्ली की सड़कों, खुले क्षेत्रों और कालोनियों के बाहर दिखाई देता है। अनाधिकृत कालोनियों और गांवों में सफाई के लिए निगम द्वारा कोई कर्मचारी नही होता है जिसके कारण यहां गंदगी का बुरा हाल है।
पार्षदों का दैनिक बैठक भत्ता 300 से बढ़ाकर 3000 करके लोलीपॉप देने की बेबुनियाद घोषणा की है क्योंकि बिना केन्द्रीय गृहमंत्रालय की मंजूरी के निगम इसे लागू ही नही कर सकता है। उन्होंने कहा कि बजट के 17 हैड्स है जिन 12 हैड्स में बजट की बढ़ोतरी की है उनमें स्थायी समिति, सदन के नेता और मेयर के अंतर्गत आते है जिनमें 12 जोन और 24 कमेटियां शामिल है। गैस चैंबर बन चुकी दिल्ली के प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बजट में कोई प्रावधान नही किया गया है। वृ़क्षरोपण, सड़कों की मरम्मत, गड्डों को भरने के लिए बजट में कोई प्रावधान नही रखा गया है।
बजट में स्थायी समिति ने पहले 2012 तक के 13000 दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए कहा गया लेकिन सदन के नेता ने इसको 2016 कर दिया। एमटीएस कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की है लेकिन उनके 6-7 वर्षों के एरियर की कोई घोषणा नही की गई। भाजपा ने सभी कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था। कर्मचारियों की भारी कमी के बावजूद दिल्ली नगर निगम के कर्मचारियों के साथ भाजपा धोखा कर रही है।
दिल्ली के भूतपूर्व मेयर का कहना है कि दिल्ली नगर निगम के 2026-27 के बजट पेश होने में भारी विभिन्नताएं सामने आई। निगम आयुक्त जो बजट पेश किया वह इनकम 15664 करोड़ और खर्चा 16530 करोड़ दिखाया गया। इसी को स्थायी समिति के अध्यक्ष ने बढ़ाकर इनकम 17044 करोड़ और खर्च 16797 करोड़ कर दिया लेकिन जब निगम में सदन के नेता यह पेश किया तो बजट इनकम 17184 करोड़ और खर्च 17583 करोड़ दिखाकर घाटे का बजट पेश किया गया ।
वहीं एमसीडी में कांग्रेस की नेता का कहना है कि प्रत्येक वार्ड में 5 यूरीनल बनाने बनाने के लिए 50 लाख तक की घोषणा की लेकिन किसी भी वार्ड में एक भी शौचालय नही बनाया गया है। उन्होंने कहा कि 250 निगम वार्डों में आधे से अधिक में अनाधिकृत कालोनियां है जहां भाजपा शासित निगम ने कोई विकास की योजना नही बनाई है। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि निगम का यह बजट मात्र जुमला करार है और इसे पूरी तरह खारिज किया जाना चाहिए ।

दिल्ली: वैलेंटाइन के मौके पर Tu Yaa Main के साथ इस बार प्यार सचमुच “बाइट बैक” कर रहा है। इंडस्ट्री से लेकर दर्शकों और समीक्षकों तक, हर कोई इस दिल की धड़कनें बढ़ा देने वाली सर्वाइवल थ्रिलर की जमकर तारीफ कर रहा है। सिहरन, रहस्य और हर पल मंडराते खतरे से भरपूर यह फिल्म आख़िरी फ्रेम तक दर्शकों को बांधे रखती है, जिससे यह बड़े पर्दे पर देखने लायक एक बेहतरीन और यादगार अनुभव बन जाती है।
फिल्म के आज सिनेमाघरों में रिलीज़ होते ही, इसके कलाकार शानाया कपूर और आदर्श गौरव, निर्देशक बेजॉय नांबियार और निर्माता आनंद एल राय दिल्ली पहुंचे और जोरदार प्रमोशन किया। इवेंट के शानदार समापन में आदर्श गौरव और शानाया कपूर ने स्टाइलिश बाइक एग्ज़िट लेकर माहौल को और भी हाई नोट पर खत्म किया, जिसने सभी का दिल जीत लिया।
रोमांस, एड्रेनालिन और खतरे का अनोखा संगम पेश करती यह फिल्म नए दौर की फ्रेश स्टोरीटेलिंग के साथ तैयार की गई है। बेजॉय नांबियार के निर्देशन में बनी और आदर्श गौरव व शानाया कपूर अभिनीत Tu Yaa Main एक ऐसा सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है, जो एक साधारण डेट को भी सिहरन भरी याद में बदल दे — यानी एक परफेक्ट #DateFright एक्सपीरियंस।
Tu Yaa Main का निर्देशन बेजॉय नांबियार ने किया है। फिल्म का निर्माण आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा ने अपने बैनर Colour Yellow के तहत, साथ ही विनोद भनुशाली और कमलेश भनुशाली (Bhanushali Studios Limited) के साथ मिलकर किया है। यह फिल्म आज की युवा पीढ़ी से सीधे जुड़ती है, कच्ची भावनाओं और सीट से बांधे रखने वाली कहानी के साथ — और फिलहाल आपके नजदीकी सिनेमाघरों में प्रदर्शित हो रही है।

दिल्ली: सदन के पटल में रखे गए एमसीडी के आगामी वित्तीय वर्ष के बजट को एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने महज कागजी करार देते हुए कहा कि यह बजट जन सरोकारों से कोसों दूर और दिखावटी है। ये बजट कूड़े के पहाड़, साफ सफाई, एमटीएस कर्मियों, आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान नहीं देता है। उन्होंने कहा कि एमसीडी चुनाव के दौरान भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कई बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन बजट में एक भी वादा पूरा नहीं किया। यह जनता का बजट नहीं है, बल्कि एक कागजी बजट है जो कॉमेडी शो जैसा लग रहा था। नेता सदन द्वारा रखा गया आज का बजट भाजपा की विफलताओं को दर्शाता है। यह एक हास्यास्पद बजट था जो जनता की प्राथमिकताओं से कोसों दूर है। जहां जनता की प्राथमिकता लैंडफिल साइट को हटाना है, वहां लैंडफिल साइट के ऊपर इनके ठोस कदम नहीं दिखाई दे रहे। जहां जनता की प्राथमिकता साफ-सफाई है, वहां सफाई पर इनकी कोई योजना नहीं दिख रही। बागवानी, पार्कों के अंदर सफाई, पार्कों के लिए नए माली और पेड़ों की छंटाई जैसी प्राथमिकताओं पर भी कोई ध्यान नहीं दिया गया है।एमटीएस कर्मचारियों से बढ़ी हुई तनख्वाह देने के जो वादे किए गए थे, वे बिल्कुल खराब निकले और पूरे नहीं हुए। वे कर्मचारी 30-30 दिन हड़ताल पर बैठे रहे और उनका अपमान हुआ। उन्हें आश्वासन दिया गया लेकिन वादा पूरा नहीं किया गया। इसके साथ ही बाकी एमटीएस कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए कोई प्रावधान नहीं लाया गया। भाजपा के लोग खुद को चार इंजन की सरकार कहते हैं, लेकिन कोई खास बजट नहीं ला पा रहे हैं। आवारा कुत्तों की समस्या भयंकर है, लेकिन इस बजट में हर वार्ड के अंदर शेल्टर होम बनाने की कोई बातचीत नहीं है और नसबंदी के बाद भी समस्या जस की तस है। सफाई कर्मचारियों को पक्का करने और उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए कोई उचित प्रावधान नहीं है ताकि वे और बेहतर काम कर सकें और दिल्ली की सड़कों को पूरी तरह साफ कर सकें।

दिल्ली: सदन की कार्यवाही में अवरोध करने के लिए भाजपा के पटना साहिब से सांसद एवं पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी लोकतांत्रिक प्रक्रिया, लोकतांत्रिक शुचिता, संवैधानिक मर्यादा और संसद की नियमावली, किसी को भी नहीं मानते हैं। उनका सोच है कि जो मेरे मन में आएगा, वो मैं करूंगा। इसलिए उन्होंने अपनी पार्टी का भी बेड़ागर्क कर दिया है। पूर्व कैबिनेट मिनिस्टर का कहना है कि जिस दिन राहुल गांधी संसद में ख़ुराफ़ात कर रहे थे उसी दिन महाराष्ट्र के जिला परिषद के चुनावों के परिणाम घोषित हुए । वहाँ भी कांग्रेस पार्टी साफ हो गई । यह चिंता का विषय है कि राहुल गांधी का पूरा आचरण अब अराजक होता जा रहा है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ना ही वो हिंदुस्तान को समझते हैं ना ही हिंदुस्तान की राजनीति । वंदे मातरम को पूरा गाये जाने के लिए जारी नोटिफिकेशन पर राहुल गांधी कहाँ खड़े हैं ? याने कि वंदे मातरम गया जाए कि नहीं ?
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष हरविंदर सिंह सरना द्वारा राहुल गांधी को माफी देने की बात कहने और श्री अकाल तख्त साहिब को मात्र एक बिल्डिंग (इमारत) कहने के मामले में जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज के कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत सौंपी और हरविंदर सरना को पंथ से निष्कासित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली कमेटी के उपाध्यक्ष आत्मा सिंह लुबाणा, सदस्य रमिंदर सिंह स्वीटा, सुखबीर सिंह कालरा, सुखविंदर सिंह बब्बर तथा पंजाब धर्म प्रचार के प्रमुख मनजीत सिंह भोमा शामिल थे।

इस संबंध में जानकारी देते हुए कमेटी अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि आज कमेटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में यह शिकायत सौंपी है। शिकायत में कहा गया है कि श्री हरविंदर सिंह सरना, पूर्व अध्यक्ष दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल (बादल) दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेता, ने हाल ही में सिख कौम की दुश्मन कांग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस पार्टी को 1984 में श्री दरबार साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब पर किए गए सैन्य हमले तथा नवंबर 1984 में हुई सिख नरसंहार के आरोपों से माफ करने की बात कही, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं, बल्कि एक निजी चैनल पर बातचीत के दौरान छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित श्री अकाल तख्त साहिब को मात्र एक इमारत (बिल्डिंग) कहना बहुत बड़ा अपराध है, जिससे संगतों में भारी रोष है। उन्होंने जत्थेदार साहिब से अपील की कि श्री अकाल तख्त साहिब को ध्वस्त करने वाली सिखों की दुश्मन पार्टी के महासचिव राहुल गांधी से मुलाकात करना अत्यंत निंदनीय है। इससे पहले भी कई बार ये श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों को मानने से इंकार करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब श्री हरविंदर सिंह सरना और श्री परमजीत सिंह सरना दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष थे, तब उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी गुरपुरब और संगरांद की तिथियों के विपरीत जाकर और आदेशों की अवहेलना करते हुए अपनी मर्जी से आयोजन कर संगतों में भ्रम फैलाया।हरविंदर सिंह सरना ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार बनाई गई विद्वानों की कमेटी को “झुंड” कहा था। सिंह साहिबानों की एकजुटता को “यूनियन” कहना और फिर श्री अकाल तख्त साहिब को पत्र भेजकर यह कहना कि उन्हें अपने बयान पर कोई पछतावा नहीं है, पंथ को बड़ी क्षति पहुंचाने जैसा है। हरविंदर सिंह सरना ने मीडिया में यह कहा कि वे गुरुद्वारों में केंद्र की दखलअंदाजी के कारण राहुल गांधी से मिलने गए थे। लेकिन यह बहुत हैरानी की बात है कि अकाली दल के 2 सांसद और 15-20 अन्य सिख सांसद होने के बावजूद राहुल गांधी से संसद में मुद्दा उठाने के लिए कहना संदेहास्पद है।

दिल्ली: बॉलीवुड में ऐसा माना जाता है कि अगर आपकी फिल्म के टाइटल में लव स्टोरी जुड़ गया तो बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को शानदार ओपनिंग के साथ अच्छी कलेक्शन होना तय है , बरसो पहले राजेंद्र कुमार के बेटे कुमार गौरव और विजयंता पंडित दोनों न्यूकमर की लव स्टोरी बिना किसी शोरशराबे के रिलीज हुई और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया। फरवरी के आखिरी हफ्ते में भी बॉक्स ऑफिस पर ऐसा ही कुछ नजारा होगा , 27 फरवरी को ठाकुराणी प्रोडक्शन के बैनर तले निर्माता संदीप तोमर की नई स्टार कास्ट के साथ बनी फिल्म अपनी ‘यादव जी की लव स्टोरी’ रिलीज होगी।
पिछले दिनों नई दिल्ली के कांस्टीट्यूटशन क्लब में इस फिल्म के प्रमुख कलाकारों और फिल्म के निर्माता संदीप तंवर, सहनिर्माता रजत तनवार निर्देशक अंकित भड़ाना और फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रगति तिवारी मीडिया से रूबरू हुए और इस मौके पर फिल्म की रोमांटिक गीत थोड़ी थोड़ी सी को धमाकेदार स्टाइल में लॉन्च करते हुए मीडिया के सभी सवालों के जवाब बिना तोड़मरोड़ के दिए। फिल्म के निर्देशक अंकित भड़ाना ने कहा यह फिल्म भावनाओं से लिपटी एक ऐसी लव स्टोरी है जो शायद पहली बार सिनेमा के रुपहले पर्दे पर दिखाई देगी , अंकित कहते है फिल्म की शूटिंग स्टार्ट टू फिनिश रिकॉर्ड ढाई महीने में अगर पूरी हो पाई तो इसका क्रेडिट फिल्म के लीड स्टार्स के साथ साथ फिल्म की पूरी यूनिट के सदस्यों को जाता है जिन्होंने सुबह से देर रात तक शूटिंग के दौरान मेरा साथ दिया।
फिल्म की कहानी को निर्देशक अंकित अभी सीक्रेट ही रखना चाहते है लेकिन उनका दावा है कि इस साफ सुथरी लव स्टोरी में हमने अपने उद्देश्यो और कहानी की संवेदनशील का पूरा ध्यान रखा हैं।इस मौके पर फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रगति तिवारी सभी ज्यादा खुश नजर आई और एनर्जी से भरी प्रगति ने करीब चालीस मिनट से ज्यादा समय तक पत्रकारों के सवालों के जवाब अपने चुलबले अंदाज में मुस्कराते हुए दिए। मेरे एक सवाल के जवाब में प्रगति ने बताया इस फिल्म से मेरा ड्रीम साकार हो रहा है, मैं ग्लैमर की दुनिया में बिग स्क्रीन से एंट्री करना चाहती थी जो यादव जी की लव स्टोरी के साथ साकार हो गया है, प्रगति कहती है मै फिल्म के मेकर्स के साथ साथ फिल्म के निर्देशक अंकित भड़ाना जी की शुक्रगुजार हूँ जिन्होंने इस मुश्किल सफर में मेरा साथ दिया अंकित जी ने मुझे एक्टिंग की बारीकियां सिखाई तो संदीप, रजत जी ने मेरा हर कदम पर उत्साह बढ़ाया, प्रगति कहती है फिल्म की शूटिंग दिल्ली एनसीआर की अलग अलग रीयल लोकेशन पर की गई।
फिल्म का टाइटल बेशक नायक प्रधान है लेकिन प्रगति के अनुसार फिल्म में उनका किरदार बेहद दमदार है और उन्हें अच्छी फुटेज मिली है, सवालों जवाबों के इस दौर में प्रगति ने अपनी मधुर सुरीली आवाज में फिल्म के गाने थोड़ी थोड़ी सी को मीडिया कर्मियों के अनुरोध पर कई बार गाकर सुनाया। इस फिल्म का संगीत विष्णु नारायण ने दिया है और फिल्म के गाने प्रगति और रोहित सरधाना ने लिखे है। फिल्म के निर्माता संदीप तंवर ने बताया 27 फरवरी को यह फिल्म ऑल ओवर इंडिया में रिलीज़ होगी उन्होंने दर्शको से अनुरोध किया कि वह अपने परिवार यार दोस्तों के साथ यादव जी से मिलने सिनेमाघर जाये और उनकी सिंपल हँसती हंसाती एक्शन और मधुर संगीत से भरी उनकी लव स्टोरी को देखे यह फिल्म सभी की कसौटी पर खरी उतरेगी। इस फिल्म में प्रगति, विशाल मोहन, अंकित भड़ाना, सुविंदर विक्की, मानसी,दीपक कपूर आदि कई कलाकार नजर आयेंगे
दिल्ली: सेंटेंस रिव्यू बोर्ड द्वारा प्रोफेसर देवेंद्रपाल सिंह भुल्लर की रिहाई की अर्जी फिर एक बार ख़ारिज किए जाने पर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रोफेसर भुल्लर अपनी सजा पूरी करने के बावजूद भी जेल में बंद हैं । बार बार दावों के बावजूद दिल्ली सरकार में केबिनेट मिनिस्टर मनजिंदर सिंह सिरसा सिख क़ैदियों को रिहा करवाने में असफल रहे हैं । नैतिकता के आधार पर उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए ।

मीडिया से रूबरू हो कर उन्होंने जानकारी दी कि सिख अधिकारों के रक्षक के तौर पर मनजिंदर सिंह सिरसा की पब्लिक इमेज सामने आई है । सिरसा ने अपने रसूख और कमिटमेंट के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन ज़मीनी नतीजे राजनीतिक इच्छाशक्ति की पूरी कमी दिखाते हैं। सरना ने आगे कहा कि ऐसी बार-बार नाकामियों के बाद भी पद पर बने रहना नैतिक मूल्यों को कुर्बान करने जैसा है। सिख समुदाय से कहा गया था कि सत्ता में उनकी आवाज़ देश को रिप्रेजेंट करेगी। लेकिन आज यह दावा खोखला साबित हो रहा है। अगर सिरसा इतने साफ़ मामले में न्याय पक्का नहीं कर सकते, तो उन्हें मंत्री बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है ।
भार तीय जनता पार्टी की भी आलोचना करते हुए उन्होंने सिखों के साथ अपने रिश्तों में दोगलापन करने का लगाया आरोप कहा कि भारतीय जानता पार्टी ने सिंबल के ज़रिए चुनावी गुडविल चाहा, जबकि जेल में बंद सिखों की रिहाई की कानूनी और तय मांगों को पूरा करने से इनकार कर दिया। सत्ता में बैठे लोगों का मैसेज बहुत परेशान करने वाला है। पगड़ी फोटो के लिए पहनी जाती है, लेकिन जब बंद दरवाजों के पीछे फैसले लिए जाते हैं, तो सिखों की चिंताओं और मांगों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
दिल्ली: गणेश नगर एवं महावीर नगर (तिलक नगर) में रविवार को एक विशाल हिंदू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में श्रीमन जगद्गुरु स्वामी महायोगी जी महाराज की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने अपने आशीर्वचनों से उपस्थित जनसमूह को सनातन मूल्यों से जुड़ने का संदेश दिया।

साहब,बीवी और गैंगस्टर', 'सुपरनानी', 'लाल रंग', 'रॉकस्टार' और 'कुछ करिए' जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण ने हाल में अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर एक वीडियो जारी कर कहा-उसने बुलाया था।
इस वीडियो के आते ही कई लोगों को कौतूहल हुआ कि श्रेया को किसने और कहाँ बुलाया था। हालांकि, वीडियो के अगले ही हिस्से में साफ हो गया कि 'उसने बुलाया था' दरअसल लेखक पीयूष पांडे के क्राइम फिक्शन का नाम है, और श्रेया ने इस सनसनीखेज कहानी पर केंद्रित किताब को लेकर सनसनीखेज अंदाज में ही वीडियो पोस्ट किया। श्रेया ने इस अनूठे वीडियो को लेकर कहा, "मैं 'उसने बुलाया' था की कहानी को सबसे पहले पढ़ने वालों में हूं। ये देश की हर लड़की से जुड़ी एक बहुत जरुरी कहानी है। ये एक क्राइम फिक्शन है, लेकिन मैं इसमें लोगों की उत्सुकता पैदा करना चाहती थी, और इसलिए मैंने थोड़ा सनसनीखेज स्टाइल में वीडियो बनाया। इस उपन्यास पर फिल्म या वेबसीरिज बनने की पूरी संभावना है, और इसलिए मैं चाहती थी कि इसे पढ़ा जाए।"
‘उसने बुलाया था’ एक ऐसी युवती की कहानी है जो मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) में शोध कर रही है और एक अप्रत्याशित घटना उसे अपराधी घोषित करते हुए अदालत की देहरी पर पहुंचा देती है, जहां रोज होने वाले खुलासे इसे देश का सबसे सनसनीखेज मामला बना देते हैं। दिलचस्प ये कि पत्रकार-लेखक पीयूष पांडे जिस वक्त इस कहानी पर काम कर रहे थे, तब श्रेया नारायण ने ही उनसे कहा कि कहानी पर फिल्म बनने की पूरी संभावना है, इसलिए पहले स्क्रीनप्ले लिखा जाना चाहिए। पीयूष पांडे कहते हैं,"मेरी कहानी पर कई दिग्गजों ने भरोसा जताया था। 'नाम शबाना' और 'द डिप्लोमेट' जैसी फिल्म के निर्देशक शिवम नायर को मैंने प्लॉट सुनाया तो उन्होंने शानदार कहा। फिर, 'चक दे' जैसी कई फिल्में लिख चुके जाने माने स्क्रिप्ट राइटर जयदीप साहनी ने पूरी कहानी सुनने के बाद शानदार कहा तो हौसला बढ़ गया। मैंने पहले स्क्रीनप्ले ही लिखा था। और संयोग से सिंगापुर फिल्म बाजार में कहानी पर फिल्म बनाने के इच्छुक निर्माता भी मिल गए लेकिन मैं उस वक्त एक बड़े न्यूज चैनल में था और तय समय पर डायलॉग समेत पूरा स्क्रीनप्ले उन्हें नहीं दे सका।
"2018 में श्रेया नारायण ने ही सिंगापुर में इस कहानी को कई निर्माताओं के बीच पिच किया था। पीयूष कहते हैं,"फिल्म जब बनेगी तब बनेगी लेकिन मैंने एक जरुरी कहानी पर उपन्यास लिख दिया है।"
'उसने बुलाया था' को पेंगुइन स्वदेश ने प्रकाशित किया है। पीयूष पांडे इससे पहले अभिनेता मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी लिखकर चर्चा में आए थे। मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी हिन्दी और अंग्रेजी में पेंगुइन रेंडम हाउस ने प्रकाशित की है, जबकि इसके गुजराती और मराठी संस्करण भी आ चुके हैं।
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दिल्ली: सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर आपराधिक प्रवृति की ओर बढ़ते कदमों पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने चलाया वृहद अभियान जिसे ऑपरेशन शस्त्र नाम दिया गया है । प्रदेश भर में चलाए गए इस अभियान के तहत 400 टोलियों का गठन किया गया जिसमें क्राइम ब्रांच स्पेशल सेल सहित विभिन्न विभागों से 2000 पुलिसकर्मी एवं अधिकारी शामिल हुए । आधिकारिक सूचना के अनुसार तकनीकी सर्विलेंस के आधारपर पर चलाये गए इस अभियान के तहत 6000 से भी अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल्स को खंगाला गया । कुल मिलाकर 61 मामलों के तहत 82 को गिरफ्तार किया गया जिनमें 15 नाबालिक हैं । नाबालिगों को अभिरक्षण में भेजा गया है । इनके पास से 69 बंदूकें , 93 जिंदा कारतूस एवं 13 चाकू बरामद हुए ।
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा चलाये जा रहे इस वृहद अभियान का मकसद अवैध हथियारों को रखने वालों एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से विशेषकर युवाओं को अपराध करने के लिए उकसाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर नकेल कसना एवं काउंसलिंग के माध्यम से युवाओं में बदलाव लाकर सुरक्षित समाज की परिकल्पना है । हाल ही में हुई फिरौती के लिए फायरिंग के मामले में हुई तहकीकात के दौरान जानकारी मिली की मास्टरमाइंड ने सोशल मीडिया के माध्यम से जिनमें इंस्टाग्राम भी शामिल हैं इस प्रकार की क्लिपिंग के माध्यम से अपराध को अंजाम देने के लिए शामिल होने के लिए उकसाया था । प्रलोभन कुछ भी हो सकता है फ्री हथियार देने का झाँसा या पैसा देकर अपराध को अंजाम देना । इसमें दो राय नहीं कि सोशल मीडिया में इस तरह की वीडियो युवाओं को दिग्भ्रमित करती हैं । उकसाती हैं ।

फिल्म को देखने के उपरांत आप भी फिल्म की लीड एक्ट्रेस मेकर इशिता सिंह की इस बात के लिए एकबारगी जरूर तारीफ करेंगे कि उन्होंने अपनी अब तक की अपनी जमापूंजी को लगाकर एक ऐसे विषय पर पूर्ण सादगी और ईमानदारी के साथ फिल्म बनाई जहां बॉक्स ऑफिस के मोह और प्रॉफिट कमाने की उनकी मंशा दूर दूर तक नजर नहीं आती है।
एक बार नहीं अनेको बार हम अखबारों के अंदर के पन्नो पर पर यह खबर पढ़ते है सीवर की सफाई करते हुए या बंद सीवर को खोलने के बीच निकली उसकी बेहद जहरीली गैस से सीवरकर्मी की मौत, और हम ऐसी खबरों को अक्सर इग्नोर कर अखबार का पन्ना बदल देते है यही हाल सरकार और सत्ता से जुड़े बाबुओं का भी होता है लेकिन जाने आम आदमी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह की बेटी इशिता सिंह ने इस मुद्दे को संजीदगी से लिया अपनी रिसर्च टीम के साथ इस विषय पर काम किया । इस गंभीर मुद्दे को एक बेहद सिंपल प्रेम कहानी के साथ एक ऐसी प्रेम कहानी के साथ पेश किया जो कभी अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाई।
मुंबई की एक स्लम बस्ती में अपने परिवार के साथ रहने वाली मरियम इशिता सिंह अपने अब्बा के साथ बाजार में सब्जी बेचती है , मरियम उर्फ पारो ( इशिता सिंह ) को पास की कालोनी में रहने वाले पिनाकी ( संजय बिश्नोई)जो सीवर की सफाई का काम करता है से ऐसा सच्चा प्यार होता है कि अपने घर से उसके लिए खाना लेकर उससे मिलने जाती है , मरियम के अब्बा को यह न मंजूर नहीं और वह अपनी बेटी को एक ऐसे मानव तस्करी करने वाले एक गिरोह को बेच देते है और मरियम अपने सच्चे प्यार से दूर घुट घुट कर जीने को मजबूर हो जाती है, अपने प्यार की तलाश मे अपना सब कुछ भूल पिनाकी इधर उधर उसकी तलाश में लग जाता है क्या उसकी तलाश कामयाब होती है और पारो उर्फ मरियम को उसका सच्चा प्यार मिल पाता है यह जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।
फिल्म की लीड, एक्ट्रेस इशिता सिंह ने एक भेंट में बताया मेरी इस फिल्म की कहानी सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि समाज के उन तबकों की सच्चाई को दिखाने की मेरी कोशिश है, जिनकी बात शायद हम कभी नहीं करते फिल्मों में ऐसी स्टोरी की तो कोई सोच भी नहीं सकता ।एक सीवर कर्मी और सब्जी बेचने वालों की असली जिंदगी को पर्दे पर लाने की कोशिश हमने की है. इशिता ने अपने किरदार को बिना मेकअप किए पूरी ईमानदारी से निभाया है पीनारो के किरदार में संजय बिश्नोई बेशक कुछ दृश्यों में कमजोर रहे लेकिन अपने किरदार के साथ उन्होंने पूरी ईमानदारी बरती है लेखक और निर्देशक रुद्र जादौन की इस बात के लिए तारीफ होनी चाहिए कि उन्होंने सीमित बजट में कहानी की डिमांड के अनुसार पूरी फिल्म को आउटडोर लोकेशन में शूट किया हैं, फिल्म में एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया गया है यही वजह हम फिल्म की खामियों को नजर अंदाज करते है। अगर आप सच के साथ जुड़ी फिल्में पसंद करते है तो फिल्म आपके लिए है । फ़िल्म के मुख्य किरदार हैं इशिता सिंह, संजय बिस्नोई, हनुमान सोनी, धन्नजय सरदेश पांडे ,निर्माता: इशिता सिंह, उत्कर्ष सिंह, संजय बिस्नोई, प्रताप जादौन एवं समर सिंह। निर्देशन रुद्र जादोन एवं संगीत है ब्रिटो का ।

दिल्ली: सैकड़ों लोग लापता होना सामान्य बात नहीं । 700–800 मामलों की जानकारी सामने आ चुकी है। बुराड़ी विधानसभा सहित कई इलाकों से लगातार खबरें आ रही हैं । इनमें ज्यादातर बच्चियाँ और छोटे बच्चे गायब हैं।आम आदमी पार्टी से बुराड़ी क्षेत्र के विधायक संजीव झा ने आशंका जताई कि यह ह्यूमन ट्रैफिकिंग है या फिर दिल्ली में कोई संगठित अपराध चल रहा है । उनका कहना है कि पहले थाना कमेटी थी और पुलिस की निगरानी होती थी । आज ना तो निगरानी है और ना ही जवाबदेही ।
दिल्ली देश की राजधानी है । यहाँ पर गृह मंत्री हैं मुख्यमंत्री हैं । डबल इंजन सरकार होने के बावजूद भी अपराध क्यूँ बढ़ रहे हैं । बुराड़ी के विधायक ने निशाना साधते हुए कहा पुलिस निष्क्रिय है एवं सरकार खामोश है । दिल्ली को भगवान के भरोसे छोड़ दिया गया है ।
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दिल्ली: आज भलस्वा लैंडफिल साइट् पर आम आदमी पार्टी के द्वारा की गई नौटंकी कोई जनहित में किया प्रदर्शन नही बल्कि "आप" नेताओं की मक्कारी भरी राजनीतिक नौटंकी बताते हुए प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि दिल्ली के महापौर, निगमायुक्त एवं अन्य अधिकारी लगातार बता चुके हैं की भलस्वा लैंडफिल साइट् से ले जाकर कोई कूड़ा किराड़ी या दिल्ली के किसी भी अन्य क्षेत्र में नही डाला जा रहा पर यह खेदपूर्ण है की आम आदमी पार्टी नेता लगातार झूठी ब्यानबाज़ी करके दिल्ली देहात के लोगों के बीच भ्रम फैलाने में लगे हैं ।
यह दुखद है कि सम्बंधित अधिकारियों के बार बार यह बताने की कोई कूड़ा नही बल्कि कूड़े से निकली "इनरट मिट्टी" को कहीं कहीं जमीन भराव के लिए डाला गया है "आप" के निगम पार्षदों ने आज भलस्वा लैंडफिल साइट् पर धूर्ततापूर्ण प्रदर्शन किया।

दिल्ली: भलस्वा लैंडफिल साइट का कूड़ा दिल्ली देहात में डलवा रही भाजपा सरकार के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में ‘‘आप’’ पार्षदों ने भलस्वा लैंडफिल साइट पर जाकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। एमसीडी भलस्वा का कूड़ा हज़ारों ट्रकों में भरकर दिल्ली देहात के भलस्वा, किराड़ी, रामा विहार, मुंडका, स्वरूप नगर के गांवों में डाल रही है। इससे इलाके में पानी जमा हो रहा है और लोग बीमार हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि सीएम रेखा गुप्ता बेकसूर लोगों की जिंदगी बर्बाद न करें। अगर दिल्ली को कूड़ा मुक्त नहीं कर सकती हैं तो इस्तीफा दे दें। इस अवसर पर एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार व प्रीति डोंगरा समेत पार्टी के निगम पार्षद और कार्यकर्ता मौजूद थे । भाजपा की चार इंजन वाली सरकार है और चारों के चारों इंजन फेल हैं। भलस्वा का कूड़े का पहाड़ कहीं से भी कम होता नहीं दिख रहा है। ‘‘आप’’ सरकार के समय यह पहाड़ एक तरफ से खत्म हो गया था, लेकिन अब यह फिर से बढ़ता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि भलस्वा से कूड़े के पहाड़ को हटाकर किराड़ी और मुंडका ले जाया जा रहा है। वहां कूड़े के कारण बच्चों और लोगों की मौत हो रही है, पानी जमा हो रहा है और लोगों को मिलने वाली सुविधाएं खत्म हो चुकी हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्री कहते थे कि कूड़े के पहाड़ को जाना पड़ेगा, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कूड़े के पहाड़ को किराड़ी, मुंडका या दिल्ली के किसी और कोने में जाना होगा। जब से एमसीडी और दिल्ली सरकार में भाजपा आई है, पूरी दिल्ली को गंदा कर दिया है। मजलिस पार्क और निरंकारी ग्राउंड में कूड़ा पड़ा है। किराड़ी और मुंडका में कूड़े के ढेर लगे हैं और वहां के फ्लाईओवर के पास नई लैंडफिल साइट बन रही हैं। आम आदमी पार्टी गांव-देहात, किराड़ी और मुंडका में कूड़ा डालने का विरोध करती है और भलस्वा साइट को खत्म करने की मांग करती है। जितनी तेजी से अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में इस पहाड़ को खत्म किया जा रहा था, अब भाजपा की सरकार में वैसा नहीं हो रहा है। दिल्ली के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जिसकी एमसीडी है, उसी की दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार है। तीनों सरकारें भाजपा की हैं, फिर भी भाजपा काम नहीं कर पा रही है। इससे साफ है कि भाजपा की नीयत में खोट है। वे सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। कूड़े को दिल्ली के अलग-अलग कोनों में भेजकर सीएम रेखा गुप्ता लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रही हैं। बदबू के कारण लोगों का यहां रहना दूभर हो गया है और घरों के अंदर तक कूड़ा पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री लोगों का दर्द नहीं समझ सकती हैं तो कुर्सी छोड़ दें। रेखा गुप्ता को इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा सरकार ने एक कूड़ा नीति निकाली है, जिसके तहत किराड़ी और मुंडका को कूड़े से भरा जा रहा है । इस बार एक्यूआई 700 के पार चला गया। हमें नहीं पता था कि भाजपा ने जो ‘400 पार’ का नारा दिया था, वह लोकसभा सीटों के लिए नहीं, प्रदूषण के एक्यूआई के लिए था। मुख्यमंत्री को शर्म आनी चाहिए कि उन्हें यह नहीं पता कि मुंडका और किराड़ी में कूड़ा फेंका जा रहा है। मुंडका से उनका अपना विधायक है। गजेंद्र दलाल पहले पार्षद थे और अब विधायक बने हैं, इसके बावजूद वहां कूड़ा फेंका जा रहा है, जो बेहद शर्मनाक है।
उधर, एमसीडी सह-प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि कूड़े के पहाड़ एमसीडी में भाजपा के 20 साल के शासन का परिणाम है। भाजपा 20 साल से एमसीडी चला रही हैं और कूड़े के पहाड़ को साफ करने का दावा कर रही हैं, फिर भी नाकाम हैं। हैरत की बात यह है कि यहां का कूड़ा किराड़ी, बुराड़ी, रामा विहार और शर्मा कॉलोनी जैसी जगहों पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेयर झूठा दावा कर रहे हैं कि बायोमाइनिंग और रिफाइन करके कूड़ा डाला जा रहा है। असल में दिल्ली देहात में भलस्वा का कूड़ा ट्रकों में भरकर डाला जा रहा है। उन्होंने कूड़ा दिखाते हुए कहा कि यह बायोमाइनिंग वाला कूड़ा नहीं है, इसमें पॉलिथीन और कट्टे साफ दिखाई दे रहे हैं। ऐसा सामान सीधे लोगों की कॉलोनियों और घरों के पास निस्तारित किया जा रहा है। क्या पॉलिथीन से कैंसर नहीं होगा? उन्होंने चिंता जताई कि जब लोगों के घरों और कॉलोनियों में ऐसा कूड़ा डाला जा रहा है, तो वहां के भूजल और लोगों की सांसों का क्या होगा? भाजपा अपनी नाकामी छिपाने के लिए यहां का कूड़ा दिल्ली के बाहरी देहात, गांवों और खेतों में डाल रही है। यह गांव और दिल्ली देहात के लोगों को परेशान करने वाला कदम है। आम आदमी पार्टी इसका पूरी तरह विरोध करती है और इस रवैये को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर कूड़े के पहाड़ को

दिल्ली: स्थाई कमेटी की अध्यक्ष द्वारा पेश एमसीडी बजट को दिल्ली की जनता के साथ धोखा एवं कागजी बताते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने साधा निशाना कहा कि बजट में वायु प्रदूषण, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों व स्वच्छता कर्मियों के लिए न कोई विज़न और न ठोस कोई ठोस कार्य योजना है। उन्होंने कहा कि एमसीडी की डिस्पेंसरियों पर आरोग्य मंदिर का बोर्ड लगा भाजपा वाहवाही लूट रही है। एमसीडी के अस्पताल भी बदहाल हैं। कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का दावा भी जुमला निकल गया। बजट में एमटीएस कर्मचारियों के लिए फूटी कौड़ी नहीं दिया गया है।
एमसीडी सदन में बजट पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह बजट नहीं, बल्कि आंकड़ों का ऐसा जादूगरखाना है, जहां सच गायब है और केवल भ्रम दिखाया जा रहा है। जिसे भाजपा दूरदर्शिता और प्रशासनिक सुधार बता रही है, वह असल में डर का प्रोजेक्ट था। उन्होंने पूछा कि अगर यह इतना जरूरी था, तो 2017 या 2012 में जब भाजपा आराम से जीत रही थी, तब यह फैसला क्यों नहीं लिया गया? कभी परिसीमन तो कभी नोटिफिकेशन के नाम पर नगर निगम चुनाव नहीं टाले गए, बल्कि जनता का हक टाला गया और यह सब देश के गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर हुआ। 2022 की हार के बाद वार्ड कमेटी के चुनाव में डीसी को सभापति बनाया गया और चेयरमैन बनने के बाद भी डिप्टी चेयरमैन का चुनाव डीसी से कराया गया। पार्षदों को सिर्फ शपथ लेने का शो-पीस बना दिया गया है। मेयर की कुर्सी का अपमान तब हुआ जब अतिरिक्त आयुक्त को मेयर की कुर्सी पर बैठाकर स्टैंडिंग कमेटी सदस्य का चुनाव कराया गया।

दिल्ली: केंद्रीय बजट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित बजट में 209 करोड़ की कटौती भाजपा की मोदी सरकार की प्रदूषण नियंत्रण पर गंभीरता को दर्शाता है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने साधा निशाना कहा कि राजधानी दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण पर पहले से नाकाम रेखा गुप्ता सरकार के बाद अब केन्द्र सरकार भी नही चाहती कि खतरनाक दमघोटू प्रदूषण से दिल्लीवासियों को राहत पहुॅचे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रदूषण नियंत्रण पर देश भर के लिए आवंटित 1300 करोड़ को घटाकर इस वर्ष 1091 करोड़ करना भाजपा सरकार की प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा से ग्रस्त राजधानी के प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीएक्यूएम को 35.26 करोड़ आवंटित करना नाकाफी राशि है, जबकि दिल्ली विश्व के प्रदूषित शहरों में नम्बर वन है। भारी बारिश और तेज हवा चलने के बावजूद राजधानी में पूरे जनवरी में एक भी दिन 100 एक्यूआई से नीचे नही रहने से दिल्ली की आवो हवा का पता चलता है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रदूषण नियंत्रण पर बजट में कटौती पर दिल्ली की मुख्यमंत्री की चुप्पी उनके दिल्ली वालों के साथ विश्वासघात को दर्शाता है क्योंकि विधानसभा चुनाव में भाजपा ने प्रदूषण को जड़ से खत्म करने का दावा किया था। अब वादे के उलट दिल्ली की हवा पिछले एक वर्ष मंे हर दिन अधिक जहरीली होकर राजधानी गैस चैंबर बन चुकी है।
देश सहित दिल्ली में वायु प्रदूषण के कारण हर वर्ष लाखों लोगों की मौत होने के बावजूद सरकार प्रदूषण नियंत्रण पर चिंतित नही है। प्रदूषण नियंत्रण के बजट में कटौती से सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बढ़ सकता है क्योंकि प्रदूषण के मुख्य स्रोतों को नियंत्रित करना सरकार की प्राथमिकताओं कभी नही रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 82 प्रदूषित शहरों में हवा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों पर बटज कटौती से बुरा असर पड़ेगा। रेखा सरकार ने दिल्ली में अभी तक प्रदूषण नियंत्रण पर कोई ठोस कार्यवाही नही की, सिर्फ पिछली आम आदमी पार्टी की प्रदूषण नियंत्रण की कार्यवाहियों का अनुसरण ही किया है।
प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और संसदीय पैनल द्वारा दिल्ली एनसीआर व अन्य गंभीर प्रदूषण से जूझ रहे शहरों के प्रदूषण नियंत्रण पर बजट खर्च नही किए जाने पर चिंता जताने की जगह एक योजना तैयार करके लोगों को प्रदूषण से निजात दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदूषण पर बजट में कटौती का एक बड़ा कारण है कि फंड का उपयोग न होना। केन्द्रीय बजट में वर्ष 2024-25 में प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवंटित 858 करोड़ रुपये से 31 जनवरी 2025 तक एक प्रतिशत से भी कम 7.22 करोड़ खर्च करना केन्द्र सरकार की प्रशासनिक गैर जिम्मेदारी को दर्शाता है।
केंद्रीय बजट 2026 को उच्च आकांक्षाओं और दूरदर्शी सोच वाला दस्तावेज बताते हुए चांदनी चौक से सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश के घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने के संकल्प को मजबूत करता है। पहली बार है जब एमएसएमई क्षेत्र को बजट के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने बजट को विकसित भारत @2047 के लिए एक साहसिक, विकासोन्मुख और व्यापार-अनुकूल रोडमैप बताया, जो आत्मनिर्भर, मजबूत और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारत के प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प के अनुरूप है।


दिल्ली: बॉक्स ऑफिस पर पर इस फिल्म से पहले आई इस सीरीज की पिछली दोनों फिल्में हिट साबित हुई और इन्हीं दोनों फिल्मों को टिकट खिड़की पर मिली जबरदस्त कामयाबी के साथ साथ क्रिटिक्स से मिली तारीफों ने बैनर और फिल्म की लीड एक्ट्रेस रानी को सीरीज की तीसरी फिल्म बनाने को प्रेरित किया। पिछले दिनों दिल्ली आई रानी ने एक सवाल के जवाब में बताया था मुझे ऐसे प्रोजेक्ट पर काम करना कुछ ज्यादा ही पसंद रहा है तभी तो लंबे अरसे के बाद मैने अपनी टीम के साथ इस प्रोजेक्ट पर काम करने का फैसला किया। इन दिनों जब तीन से साढ़े तीन घंटे की फिल्में रिकॉर्ड बिजनेस कर रही है ऐसे में करीब दो घंटे की इस फिल्म को हर और से तारीफे मिल रही है तो इसकी एक वजह स्टार्ट टू लास्ट फिल्म की ऐसी कहानी है जो आपको पर्दे के साथ बांध सा देती है। रानी को साधुवाद कि उन्होंने ऐसे सब्जेक्ट पर फिल्म बनाई जिसे टिकट खिड़की के मापदंड पर कमजोर माना जाता है लेकिन यह फिल्म एक इसी परफेक्ट फिल्म है जो स्टार्ट टू लास्ट आप को फिल्म के हर किरदार के साथ भी बांधती है ।
मेरी नजर रानी में रानी की इस फ्रैंचाइजी की स्टोरी दोनों फिल्मों से कुछ हद तक अलग और नया पन लिए हुए है पिछली दोनों फिल्मों से कुछ हट कर बनी यह फिल्म छोटी बच्चियों पर हो रहे अपराध, उनकी सुरक्षा के साथ पुलिस की एक साफ बेदाग इमेज भी सामने रखती है वरना हिंदी फिल्मों में तो पुलिस को विलेन बना कर पेश किया जाता है । डायरेक्टर ने फिल्म की शुरुआत से ही फिल्म का माहौल गंभीर रखा है ऐसे सब्जेक्ट पर बनने वाली फिल्म के लिए यह जरूरी भी है ।