दिल्ली: राजधानी में बढ़ती अपराध दर में अगर 7500 से 9700 के लगभग सीसीटीवी कैमरे खराब या निष्क्रिय रहेंगे तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है, यह आंकड़ा अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच का है जबकि दिल्ली में कुल 2.8 लाख सीसीटीवी लगे है। बिजली कटौती, तकनीकी खराबी, चोरी या तोड़फोड़ के कारण सीसीटीवी निष्क्रिय होने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। पिछले वर्ष 2025 के मध्य तक 32000 से अधिक कैमरे खराब पाए गए थे, जिससे पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार की कार्यशैली और अपराध रोकने की कार्यवाही पर सवाल खड़े हुए थे। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों के सक्रिय चलन में भाजपा सरकार भी पूरी तरह से नकारा साबित हो रही है। रेखा सरकार सुरक्षा के मद्दे नजर 50 हजार नए सीसीटीवी कैमरे और लगाने की घोषणा पर निविदा के साथ-साथ 7500 से अधिक खराब सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने पर कार्यवाही करे, क्यांकि बंद पड़े कैमरे अपराधियों के काम आसान बना रहे है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी कैमरे लगाने में आम आदमी पार्टी के मंत्री सत्येन्द्र जैन के खिलाफ एसीबी में 571 करोड़ के भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है, जो 70 विधानसभाओं में 1.4 लाख कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट बीईएल को दिया था। सत्येन्द्र जैन ने बीईएल के समय पर काम पूरा न करने के लिए 16 करोड़ के लगे जुर्माने को माफ करके 7 करोड़ की रिश्वत ली थी।
दिल्ली के रिहायशी क्षेत्रों बाजारों, सड़कों, व्यापारिक केन्द्रों सहित सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। उन्होंने कहा कि 24-25 अनुसार दिल्ली में लगभग 117 ब्लैक स्पॉट जांच में सामने आए है और दिल्ली पुलिस भी ऐसी दुर्घटना संभावित जगहों को चिन्हित करती है। जीटी करनाल रोड, सराय काले खां, आश्रम चौक, मुकरबा चौक, नजफगढ़, जखीरा, रजोकरी, आनन्द विहार, भलस्वा चौक, मजनू का टीला, आजादपुर, पंजाबी बाग, मुडंका जैसे क्षेत्र उच्च जोखिम वाले क्षेत्र है जहां सीसीटीवी कैमरे और खंबों पर उपयुक्त लाईट होना जरुरी है। अगर दिल्ली में सभी जगह उपयुक्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाईट होंगी तो सड़क दुर्घटनाएं कम होने के साथ अपराधों में भी कमी आएगी।
दिल्ली: नितिन नवीन बने भारतीय जानता पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष । पार्टी के निर्वाचन अधिकारी के लक्ष्मण द्वारा जारी किये गए प्रेस वक्तव्य के अनुसार नामांकन वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए एक ही नाम नितिन नवीन का नाम प्रस्तावित हुआ है । राष्ट्रीय अध्यक्ष की निर्वाचन प्रक्रिया 36 प्रदेशों में से 30 के प्रदेश अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया के संपन्न होने के बाद शुरू की गई , जो कि न्यूनतम 50 फ़ीसदी से अधिक है । उपलब्ध जानकारी के अनुसार नितिन नवीन के पक्ष में 37 सेट नामांकन प्राप्त हुए । जाँच के उपरांत सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप के अनुसार एवं वैध पाए गए ।
चुनाव प्रक्रिया 16 जनवरी को चुनाव अधिकारी द्वारा निर्वाचन अधिसूचना के साथ शुरू हुई एवं निर्वाचन सूची का प्रकाशन किया गया । आज याने कि सोमवार जनवरी को दोपहर 2 बजे से लेकर 4 बजे तक नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न हुई ।
दिल्ली: फरवरी 2026 में दर्शकों को सिनेमाघरों में एक ज़बरदस्त एक्शन ड्रामा फिल्म ‘रमैया’ देखने को मिलेगी, जो इंटेंसिटी, कच्चे इमोशन और हाई-वोल्टेज ड्रामा का शक्तिशाली संगम पेश करेगी। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता जन्ममेजय की दमदार परफॉर्मेंस पहले ही चर्चा का विषय बन चुकी है।
फिल्ममेकर संतोष परब के निर्देशन में बनी ‘रमैया’ भारतीय सिनेमा में एक नई और मज़बूत सिनेमैटिक ताक़त के रूप में उभरती नज़र आ रही है। हाल ही में जारी फिल्म के पोस्टर ने इंटरनेट पर जबरदस्त हलचल मचा दी है, जिसमें जन्ममेजय का इंटेंस और जोशीला अवतार, हाथ में बंदूक और आँखों में कच्ची आग साफ़ झलकती है। इस पोस्टर को साल के सबसे प्रभावशाली कैरेक्टर इंट्रोडक्शंस में से एक माना जा रहा है।
आनंदवन क्रिएशंस और सुल्भा कला कृति के बैनर तले निर्मित ‘रमैया’ जन्ममेजय के करियर का एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है। फिल्म में वे पहली बार एक ऐसे दमदार लीड रोल में नज़र आएंगे, जो पावर, हिम्मत और हीरोइक करिश्मे से भरपूर है। उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस फिल्म के पोस्टर और प्रेज़ेंटेशन पर पूरी तरह हावी दिखाई देती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि ‘रमैया’ पूरी तरह से उन्हीं के कंधों पर टिकी हुई फिल्म है।
फिल्म में जन्ममेजय के साथ मज़बूत सपोर्टिंग कास्ट भी शामिल है, जिसमें इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार सयाजी शिंदे, अशोक समर्थ, समायरा राव, शीतल पाठक और गणेश यादव प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे। हालांकि, फिल्म की कहानी और नैरेटिव को जन्ममेजय की इंटेंसिटी, वर्सेटिलिटी और पावरफुल परफॉर्मेंस के इर्द-गिर्द बुना गया है।
फिल्म की कहानी सुनील राजन और संतोष परब ने मिलकर लिखी है। वहीं, नवीन एन. वी. मिश्रा की डायनामिक सिनेमैटोग्राफी और बिल्पाब दत्ता का दमदार बैकग्राउंड स्कोर फिल्म को और भी प्रभावशाली बनाता है। इसके अलावा, एक्शन डायरेक्टर किंधेन आर. सिंह, एडिटर जोड़ी अमित के. कौशिक और राहुल प्रजापति, तथा कोरियोग्राफर सुषमा सुमन जैसे अनुभवी क्रिएटिव टैलेंट्स ने फिल्म को एक हाई-इम्पैक्ट सिनेमैटिक अनुभव बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
फिल्म के बारे में बात करते हुए अभिनेता जन्ममेजय ने कहा कि रमैया सिर्फ़ एक किरदार नहीं है, जिसे मैंने निभाया है। इस किरदार में ढलने के लिए मुझे खुद को पूरी तरह तोड़कर फिर से बनाना पड़ा। इस फिल्म ने मुझे इमोशनली और फिजिकली दोनों तरह से चुनौती दी है। मुझे पूरा विश्वास है कि दर्शक मेरे ज़रिये रमैया की धड़कन महसूस करेंगे।
वहीं, निर्देशक संतोष परब ने कहा कि रमैया इंटेंसिटी, इमोशन और एक्शन का ऐसा मेल है, जो दर्शकों को पूरी तरह अपने साथ जोड़ लेगा। हमने हर डिटेल पर बारीकी से काम किया है ताकि यह फिल्म क्रेडिट्स खत्म होने के बाद भी दर्शकों के ज़ेहन में बनी रहे।
‘रमैया’ वैलेंटाइन 2026 पर सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी, जो दर्शकों को जन्ममेजय की ज़बरदस्त मौजूदगी के साथ एक जोशीली, इमोशनल और एड्रेनालाईन से भरपूर कहानी का अनुभव कराएगी।
दिल्ली: जम्मू स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंसिटिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एक्सीलेंस की मान्यता को रद्द किए जाने को सांप्रदायिक एंगल देते हुए कांग्रेस पार्टी के जे एंड के प्रभारी डॉ नसीर हुसैन ने उच्च स्तरीय जाँच की माँग की । उनका कहना है कि शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए एमबीबीएस कोर्स की अनुमति दी गई थी । यह कालेज का पहला बैच था । क्यूंकि 50 में से 42 छात्र मुस्लिम थे कालेज की मान्यता रद्द कर दी गई । हालांकि यह एडमिशन नीट की परीक्षा के आधार पर दिया गया था । इस क्षेत्र में मुस्लिम आबादी अधिक है और छात्रों ने अपने घर के पास कॉलेज चुनना बेहतर समझा। उन्होंने कहा कि इसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सितंबर 2025 में एमबीबीएस कोर्स की अनुमति दी गई थी, तब क्या इंफ्रास्ट्रक्चर और नियमों की जांच नहीं हुई थी? क्या ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग, चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की तरह नेशनल मेडिकल कमीशन का भी दुरुपयोग हो रहा है?
उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को सांप्रदायिक रंग देने और इसे जानबूझकर तबाह करने का आरोप लगाया है। मध्य प्रदेश के बैतूल का मामला उठाते हुए बताया कि वहां अब्दुल नईम नामक व्यक्ति ने अपने निजी 20-22 लाख रुपए खर्च कर एक स्कूल का निर्माण कराया था। सभी आवश्यक अनुमति लेकर स्कूल शुरू किया गया, ताकि वहां के आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। लेकिन मुसलमान व्यक्ति द्वारा स्कूल शुरू करने के कारण भाजपा के इकोसिस्टम ने अफवाह फैलाई कि वहां मदरसा चलाया जा रहा है। आखिर में जिला प्रशासन ने बिना किसी जांच, नोटिस या सुनवाई के स्कूल पर बुलडोजर चला दिया। उन्होंने पूछा कि क्या इस मामले में कलेक्टर बताएंगे कि उनके ऊपर किनका और कैसा दबाव था? उन्होंने सवाल किया कि अधिकारी अगर दबाव में आकर एक स्कूल को गिरा रहे हैं तो उनकी ट्रेनिंग मसूरी में हो रही है या नागपुर में?
कर्नाटक के बेलगावी की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां मुस्लिम हेडमास्टर को हटवाने के लिए कुछ कट्टरपंथी तत्वों ने स्कूल की पानी की टंकी में जहर मिला दिया, जिससे 12 बच्चे बीमार हो गए। जांच होने पर चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। असम के नलबाड़ी जिले में 24 दिसंबर 2025 को सेंट मेरी स्कूल में चल रही क्रिसमस की तैयारियों को तहस-नहस कर दिया गया। उत्तर प्रदेश में भी विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों द्वारा क्रिसमस की छुट्टी रद्द करने और समारोह न मनाने का दबाव बनाया गया, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया।
देश में शिक्षण संस्थानों का खुलेआम भगवाकरण किया जा रहा है; वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देने वाले संस्थानों पर कई तरह से हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जामिया मिलिया इस्लामिया में 68.73 करोड़ रुपए, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 306 करोड़ रुपए की बजट कटौती की गई है। जेएनयू में पिछले सात साल से फंडिंग में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि छात्र और सेंटर बढ़ते जा रहे हैं। राज्यों में हर साल स्कूल बंद हो रहे हैं और शिक्षकों की भर्ती नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी शिक्षण संस्थान से मुस्लिम या क्रिश्चियन नाम जुड़ा होता है, तो उसके ऊपर लगातर हमला किया जाता है। इन हालात में आज अच्छे छात्र देश छोड़ रहे हैं और लगातार ब्रेन ड्रेन हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में केवल 27 प्रतिशत छात्र ही उच्च शिक्षा तक पहुंच पाते हैं, जबकि अमेरिका और चीन में यह आंकड़ा 70 प्रतिशत के करीब है।
वहीं जम्मू-कश्मीर कांग्रेस की सह-प्रभारी दिव्या मदेरणा ने कहा कि भाजपा शिक्षा के पवित्र आंगन को सियासत का अखाड़ा बना रही है और अपने सांप्रदायिक एजेंडे को थोप रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं की तर्कशीलता खत्म करना चाहती है ताकि उनकी व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का एजेंडा सफल हो सके। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में शिक्षा का अधिकार कानून लाया गया था, और भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करने का अधिकार ला रही है। उनकी माँग है ने मांग की कि श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज को सुधारात्मक कदम उठाकर दोबारा खोला जाए। बैतूल में गिराए गए स्कूल को फिर से बनाकर संचालन की अनुमति दी जाए। दोनों मामलों की हाई पावर्ड कमेटी से जांच कराकर दोषियों को सजा दी जाए। बुलडोजर संस्कृति और जहरीली राजनीति को बंद किया जाए।
हालांकि परमिशन रद्द किए जाने के एनएमसी की अलग दलील है । गत 2 जनवरी को श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल एक्सीलेंस के निरीक्षण के बाद उनकी जांच टीम ने पाया कि कॉलेज में तय मानदंड के अनुसार ढाँचा और स्टाफ नहीं है । रिपोर्ट में बताया गया कि शिक्षकों की संख्या में 39 फीसदी कमी है । ट्यूटर एवं सीनियर रेसिडेंट की 65 फीसदी कमी आईपीडी की ऑक्यूपेंसी 45 फीसदी है ।
दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) मुख्यालय सिविक सेंटर में शुक्रवार को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत दिल्ली नगर निगम द्वारा एक विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. राज भूषण चौधरी और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह की उपस्थिति में नगर निगम के कर्मचारियों को 251 निःशुल्क गैस चूल्हा और एलपीजी सिलेंडर प्रदान किए। इस मौके पर उप महापौर जयभगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा एवं पर्यावरण प्रबंधन कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर, शिक्षा समिति दिल्ली नगर निगम के अध्यक्ष योगेश वर्मा, पूर्व महापौर अवतार सिंह, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के संयोजक राकेश प्रजापति सहित अन्य पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में लाभार्थी उपस्थित थे।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग के हित में किए जा रहे कार्यों को दर्शाती है। पहले बरसात के मौसम में महिलाओं को खाना बनाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन उज्ज्वला योजना के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई है। लकड़ी और पारंपरिक चूल्हों से होने वाले धुएं के कारण स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को नुकसान पहुंचता था, जिसे यह योजना कम करने में सहायक है।
दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि बीते बारह वर्षों में देश ने व्यापक परिवर्तन देखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं की पीड़ा को समझते हुए स्वच्छ ईंधन जैसी योजनाएं लागू कीं, जिससे आज महिलाओं को रसोई में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि प्रदूषण मुक्त दिल्ली के मुहिम में प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का एक बड़ा योगदान है। एक देश का विकास तभी संभव हो सकता है जब उसकी शुरुआत घर की रसोई से हो। दशकों तक गरीब परिवारों की महिलाएं धुएं भरे चूल्हों पर खाना बनाने को मजबूर रहीं, जिससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा होती थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्ज्वला योजना के माध्यम से स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर महिलाओं को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाई है।
दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नगर निगम के 251 कर्मचारियों को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नगर निगम दिल्ली की महिलाओं को इस योजना से लाभान्वित करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।
दिल्ली: राष्ट्रीय गौधन महासंघ के तत्वावधान में राजधानी दिल्ली के हौजखास स्थित ‘काउज़ोन’ परिसर में काउज़ोन–काउ डंग ब्रिकेटिंग मशीन तथा रेडियम बेल्ट के अनावरण को लेकर आयोजित आवश्यक बैठक में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने गौ-संरक्षण को मानव सुरक्षा, किसान हित और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए इसे समय की अनिवार्य आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि गौ-संरक्षण आज केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा गंभीर सरोकार बन चुका है।
राज्य मंत्री ने कहा कि एक्सप्रेस-वे और हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के कारण आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाएं चिंताजनक स्तर पर पहुंच रही हैं। “अंधेरे, कोहरे और बरसात के मौसम में सड़क पर बैठी काली गायें लगभग अदृश्य हो जाती हैं। रेडियम बेल्ट जैसी पहल इन दुर्घटनाओं को रोकने का एक ठोस और व्यावहारिक समाधान है, जिससे पशुधन के साथ-साथ मानव जीवन की भी रक्षा हो सकती है।
काउ डंग ब्रिकेटिंग मशीन को गौ-आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए मंत्री ने कहा कि गोबर से ईंधन और ऊर्जा का उत्पादन पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौ-संरक्षण के लाभ तत्काल आंकड़ों में भले न दिखें, लेकिन इसके सामाजिक, पर्यावरणीय और मानवीय परिणाम दीर्घकालिक और व्यापक हैं।
राष्ट्रीय गौधन महासंघ के मुख्य संयोजक विजय खुराना ने बताया कि पहले जहां लगभग 9.5 लाख टन गोबर सड़कों और नालियों में बहकर नष्ट हो जाता था, आज वही गोबर पर्यावरण-संवेदनशील ईंधन में परिवर्तित होकर लाखों पेड़ों की कटाई रोकने में सहायक बन रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर में सक्रिय 22,000 से अधिक गौशालाएं जैविक खेती, पंचगव्य औषधियों और गोबर-आधारित उत्पादों के जरिए 20 लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं।
इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा ने कहा कि विहिप बीते कई दशकों से सांसद संपर्क जैसे अभियानों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के बीच गौ-संरक्षण और गौ-आधारित विकास के विषय को निरंतर उठा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि गौ-आधारित औषधियों पर केंद्रित अनुसंधान केंद्रों के पास कई पेटेंट हैं, जो यह प्रमाणित करते हैं कि गौ-संरक्षण केवल परंपरा नहीं, बल्कि विज्ञान और नवाचार से जुड़ा क्षेत्र है।
संस्था की संयोजक एवं पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल ने कहा कि “कृष्ण की गाय और शिव के नंदी की रक्षा के बिना भारत का सर्वांगीण कल्याण संभव नहीं है।” उन्होंने गौसेवा को राष्ट्रसेवा का सशक्त माध्यम बताया और कहा कि दौरान देशभर की गौशालाएं आत्मनिर्भरता के विविध मॉडल प्रस्तुत करेंगी।
दिल्ली: भारत की अग्रणी इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट द्वारा प्रस्तुत “इंडियाज़ बिगेस्ट फेस्टिव ऑफर” के तहत आयोजित 1 करोड़ रुपये के कैश प्राइज़ बम्पर ड्रॉ का ग्रैंड फिनाले समारोह नई दिल्ली में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर 50 लाख रुपये के नकद इनाम के विजेता की घोषणा की गई। इस बहुप्रतीक्षित बम्पर ड्रॉ का चयन अभिनेत्री निधि अग्रवाल एवं अभिनेत्री व बिग बॉस 19 फेम नीलम गिरी द्वारा किया गया।कूपन नंबर 25333749 को 50 लाख रुपये का कैश प्राइज़ प्राप्त हुआ। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट लंबे समय से ग्राहकों के साथ मजबूत रिश्ते और उच्च स्तर की ग्राहक संतुष्टि के लिए जाना जाता है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में कम समय में ही कंपनी ने उपभोक्ताओं का विश्वास जीत लिया है।
इस मौके पर अभिनेत्री निधि अग्रवाल और नीलम गिरी ने विजेता को बधाई देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट अपने ग्राहकों को शानदार ऑफर्स और इनामों के ज़रिये लगातार खुश करता आ रहा है। उन्होंने ग्राहकों से अपील की कि वे इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट से खरीदारी करें और ऐसे ही आकर्षक इनाम जीतते रहें। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्ट के सीईओ श्री करण बजाज ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर में लॉन्च के बाद बहुत कम समय में हमें जो सफलता मिली है, वह हमारे ग्राहकों के भरोसे का परिणाम है। बम्पर ड्रॉ हमारे ग्राहकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक माध्यम है। हम चाहते हैं कि ग्राहकों के साथ हमारा रिश्ता और भी ऊँचाइयों तक पहुंचे।” उन्होंने 50 लाख रुपये के विजेता को हार्दिक बधाई देते हुए सभी ग्राहकों का आभार व्यक्त किया।
दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मद्देनजर उत्तरी जिले के संवेदनशील एवं भीड़ भाड़ वाले इलाकों में हुई मॉक ड्रिल । पुलिस उप आयुक्त उत्तर क्षेत्र द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार पुलिस सहित सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े हुए सभी विभागों की टुकड़ियाँ मॉक ड्रिल में शामिल हुए । जनवरी के पहले पखवाड़े में अब तक 4 मॉक ड्रिल हुई हैं । उत्तर क्षेत्र के अंतर्गत लाल किला, जामा मस्जिद , अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा सहित चांदनी चौक सदर बाजार जैसे व्यापारिक क्षेत्र आते हैं जहाँ पर भारी संख्या में आवजावी होती है ।
पहली मॉक ड्रिल इस माह की 3 जनवरी को हाथी गेट लाल किले में हुई । दोपहर 2 बजकर 30 मिनट पर बम्ब विस्फोट से 4 लोगों के घायल होने की सूचना मिलने पर । दूसरी मॉक ड्रिल 7 जनवरी को दिल्ली यूनिवर्सिटी के मेट्रो स्टेशन पर दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर । आतंकी हमले की सूचना मिलने पर । तीसरी मॉक ड्रिल 10 जनवरी को अंतर्राज्य बस अड्डा कश्मीरी गेट पर दोपहर 2 बजकर 35 मिनट पर । असले के साथ आतंकवादियों की सूचना के साथ । और चौथी 14 जनवरी को लाहौरी गेट खारी बावली दोपहर 1बजकर 25 मिनट पर । बम ब्लास्ट की सूचना मिलने पर ।
मॉक ड्रिल में पुलिस, अर्ध सैनिक बल, कमांडो, फायर ब्रिगेड, फर्स्ट ऐड, क्यूआरटी, आपदा प्रबंधन एवं अन्य संबंधित विभागों की टीमें शामिल हैं ।
दिल्ली: प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि उनकी पार्टी हर न्यायालय के आदेश का सम्मान करती है पर यह खेदपूर्ण है की आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार ने बिना सम्बंधित विडिओ किलप एक्स पर पोस्ट करने वाले दिल्ली भाजपा नेताओं को कोर्ट केस में पार्टी बनाये जालंधर की न्यायालय में एक याचिका दायर कर न्यायालय से कहा की उक्त विडिओ से पंजाब में दंगे हो सकते हैं इसलिए इसे सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म जैसे की फेसबुक, एक्स एवं इंसटाग्राम से हटाया जाये। जालंधर न्यायालय ने बिना खुद सम्बंधित विडिओ की कोई जांच करवाये केवल पंजाब सरकार के दंगे भड़कने की सम्भावना को आधार बनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से जुड़ी कम्पनियों को सम्बंधित विडिओ को ब्लाक करने का आदेश दे दिया। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की यदि आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार को अगर यह लगता है की श्री कपिल मिश्रा द्वारा जारी विडिओ फर्जी है तो वह मेरे दो सवालों का जवाब दें :
1. यदि "आप" को लगता है की विडिओ फर्जी है तो उन्होने दिल्ली विधानसभा में हुई घटना की दिल्ली पुलिस या दिल्ली के किसी न्यायालय में शिकायत क्यों नही की ?
2. "आप" नेताओं ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जब सम्बंधित विडिओ की फोरसेनिक जांच के आदेश दे दिए थे तो फिर बिना असल विधानसभा रिकोर्डिंग देखे पंजाब पुलिस में शिकायत कर जांच क्यों करवाई ?
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की जिस तरह "आप" की पंजाब सरकार ने तिकड़म बाजी से जालंधर न्यायालय से आदेश करवाया है और अब "आप" नेता इस आदेश की गलत व्याख्या करके न्यायालय द्वारा विडिओ को फर्जी कहना बता रहे हैं उससे स्पष्ट है की "आप" नेतृत्व सुश्री आतिशी मार्लेना के विवादित शब्दों से पंजाब में हुए राजनीतिक नुकसान से बौखला गये हैं। बेहतर होगा न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या करने की जगह "आप" नेता सुश्री आतिशी मार्लेना से कहें की वह अपने विवादित ब्यान के लिये सार्वजनिक माफी मांगे।
दिल्ली: एमसीडी के सदन में महिला पार्षदों को भेड़ बकरी कहकर अपमानित करने वाले मेयर राजा इकबाल सिंह के बचाव में उतरी भाजपा पर एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग एवं आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने साधा निशाना । मेयर द्वारा सदन में बोले गए अपशब्दों वाले वीडियो को सार्वजनिक कर पार्टी के प्रदेश संयोजक नें कहा कि महिला पार्षदों को सदन में सबके सामने भेड़-बकरी बोला था। इसके बाद भी भाजपा इन्कार कर रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि हमने तो मेयर का वीडियो दिखा दिया, लेकिन भाजपा अभी तक आतिशी का वह वीडियो नहीं दिखा पाई, जिसे लेकर वह हल्ला मचा रही थी। उन्होंने सीएम रेखा गुप्ता से पूछा कि वह तो महिला होने की दुहाई दे रही थीं। क्या वह बताएंगी कि महिला पार्षदों को भेड़-बकरी कहना अपमानजनक नहीं है?
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में कहा था कि वह महिला मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उन पर मीम बनाए जाते हैं। जिस दिन मुख्यमंत्री अपनी महिला मुख्यमंत्री होने की दुहाई दे रही थीं, उसी दिन उनकी पार्टी के मेयर राजा इकबाल सिंह ने एमसीडी सदन में सबके सामने दिल्ली की चुनी हुई महिला पार्षदों को ‘‘भेड़ और बकरी’’ कहा। जब आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने इसको लेकर शोर मचाया, तो भाजपा और उनके मेयर ने कहा कि आम आदमी पार्टी वाले झूठ बोल रहे हैं और मेयर ने ‘भेड़-बकरी’ शब्द कभी कहा ही नहीं।
आम आदमी पार्टी के पास वीडियो सबूत हैं, जिसमें मेयर सदन में बैठकर महिला पार्षदों को भेड़ और बकरी कह रहे हैं। जबकि उनका काम एक गैर-राजनीतिक तटस्थ अभिभावक के तौर पर सदन को चलाना है। उन्होंने कहा कि भाजपा और इनके दिल्ली प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व इतने बेशर्मी हैं कि ये सीधा पलट गए कि उनके मेयर ने ऐसा कहा ही नहीं और आम आदमी पार्टी झूठ बोल रही है। उन्होंने वीडियो दिखाते हुए कहा कि अब भाजपा की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछा जाए कि उनको अपनी पार्टी के मेयर के विषय में क्या कहना है?
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा से भी सवाल किया जाए कि उनको अब अपनी पार्टी के मेयर के विषय में क्या कहना है? हालांकि, मुझे नहीं लगता कि उनसे प्रश्न पूछा जा सकता है क्योंकि वह तो प्रश्नों से बहुत ऊपर निकल गए हैं। वीडियों में साफ सुनाई और दिखाई दे रहा है कि मेयर ने सबके सामने महिला पार्षदों को भेड़ और बकरी कहा। हमने तो मेयर का वीडियो दिखा दिया लेकिन भाजपा वाले आतिशी का वह वीडियो अभी तक नहीं दिखा पाए हैं, जिसका वे आरोप लगा रहे हैं। वे अभी तक उस आरोप का ऑडियो भी किसी को नहीं सुना पाए हैं कि आतिशी ने गुरु या गुरुओं के विषय में कुछ कहा हो। भाजपा की तरफ से सब सिर्फ हवा-हवाई चल रहा है।
कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आ गई है कि भाजपा वाले झूठ बोल रहे हैं और आज आम आदमी पार्टी ने खुल्लम-खुल्ला वीडियो दिखाकर भाजपा के मेयर की भी असलियत सामने रख दी है। अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से पूछा जाए कि महिला सम्मान के विषय में उनको दिल्ली में क्या कहना है?
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि “आप” की तरफ से सबूत के तौर पर पेश किया गया वीडियो भाजपा के मेयर और भाजपा की महिला विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। एक तरफ तो भाजपा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सदन के अंदर, जहां मेयर के पद की गरिमा सबसे ज्यादा होती है, वहां इनके मेयर अपनी कुर्सी पर बैठकर महिला पार्षदों यानी महिलाओं को भेड़-बकरी कहते हैं। ये वही महिलाएं हैं जिन्होंने भाजपा को दिल्ली के अंदर 70 में से 48 विधानसभा सीटें दी हैं। ये वही महिलाएं हैं जिन्होंने सातों सांसद दिए हैं और ये वही महिलाएं हैं जिन्होंने भाजपा की तीन-तीन बार केंद्र में सरकार बनवाई है। उन्हीं महिलाओं को इनका मेयर भेड़-बकरी कहता है, इसके लिए भाजपा को शर्म आनी चाहिए। आम आदमी पार्टी की तरफ से मांग की कि ऐसे मेयर को अपनी गद्दी पर बैठने का अधिकार नहीं है जो महिलाओं को भेड़-बकरी समझते हों। अगर भाजपा सच में महिलाओं का सम्मान करती है, तो मेयर को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त करना चाहिए।
दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी का स्वास्थ्य मॉडल पर निशाना साधते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने साधा निशाना कहा कि पुरानी एमसीडी डिस्पेंसरीयों पर नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम का बोर्ड लगा कर फीता काटने की हो रही है राजनीति । 62 जगहों पर आज जिन “आयुष्मान आरोग्य मंदिरों” का उद्घाटन हुआ, वो न नए क्लीनिक हैं, न नई सुविधाएं, जमीन एमसीडी की, स्टाफ एमसीडी का, बजट एमसीडी का, सिर्फ रंग-रोगन कर एमसीडी की पुरानी डिस्पेंसरीयों पर "आयुष्मान आरोग्य मंदिर" का बोर्ड लगाकर दिल्ली की मुख्यमंत्री और मंत्री फीता काट रहे हैं।
साथ ही व्यक्त की एमसीडी के पार्षदों को 25 लाख से अधिक बजट देने से साफ इन्कार करने पर तीखी प्रतिक्रिया । कहा कि भाजपा दिल्ली नगर निगम को ठप करने का प्रयास कर रही है। इसीलिए नववर्ष पर अपने घर पर आयोजित लंच के दौरान सीएम रेखा गुप्ता ने पार्षदों से कहा कि अब उन्हें 25 लाख से अधिक बजट नहीं मिलेगा। ऐसे में तो पार्षद जनता के काम ही नहीं करा पाएंगे। उन्होंने कहा कि सीएम रेखा गुप्ता ने पार्षदों को सलाह दी है कि पार्षद अपने विधायकों से मिलकर रहें और उनके माध्यम से देखें कि क्षेत्र में काम हो रहा या नहीं। ‘‘आप’’ भाजपा की नीति का विरोध करती है और पार्षदों को उनका हक दिलाने से के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। एमसीडी के साथ दिल्ली में भी उसकी सरकार होगी तो बेहतरीन काम होगा। इसलिए दिल्ली की जनता ने भाजपा की चार इंजन की सरकार बनवा दी। लेकिन अब जब भाजपा सरकार पार्षदों को बजट ही नहीं देगी तो फिर वो काम कैसे करेंगे। इससे तो कहीं अच्छी आम आदमी पार्टी की सरकार थी। ‘‘आप’’ सरकार में पार्षदों के माध्यम से काफी काम होते थे। सदन में स्टैंडिंग बैठक में भाजपा पार्षदों का आक्रोश साफ साफ देखने को मिल रहा है कि उनके काम नहीं हो रहे हैं। उनको बजट नहीं मिल रहा है।
मुख्यमंत्री का साफ तौर से यह कह देना कि पार्षदों को और बजट नहीं मिलेगा। यह भाजपा का एक प्रयास है कि एमसीडी सही तरीके से चल न पाए और ठप हो जाए। आम आदमी पार्टी सीएम रेखा गुप्ता की बात का सख्त विरोध करती है। ‘‘आप’’ के 101 पार्षद हैं और उनकी भी जनता के प्रति जवाबदेही है। आम आदमी पार्टी पार्षदों को बजट न देने वाली भाजपा की नीति का सदन से लेकर सड़क तक कड़ा विरोध करेगी और पार्षदों को उनका हक दिल्ली सरकार से दिलवायेगी ।
दिल्ली:अमावस्या फाउंडेशन के तत्वावधान में योग प्राण विद्या पर आधारित एक 5 दिवसीय विशेष वर्कशॉप का आयोजन एकीकृत मुख्यालय, रक्षा मंत्रालय (सेना) शिविर, शंकर विहार में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस वर्कशॉप का संचालन AURA गुरु BM योगी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में आर्मी के जवानों एवं उनके परिवारजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और शारीरिक, मानसिक एवं प्राणिक ऊर्जा से जुड़े अभ्यासों का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया।
वर्कशॉप के दौरान आयोजित संवादात्मक सत्रों में सैनिकों के परिवारजनों ने अपने स्वास्थ्य संबंधी अनेक प्रश्न AURA गुरु BM योगी के समक्ष रखे, जिनके उन्हें सरल, व्यावहारिक एवं संतोषजनक उत्तर मिले। इससे प्रतिभागियों में योग प्राण विद्या के प्रति विश्वास और दैनिक जीवन में इसे अपनाने की प्रेरणा विकसित हुई।
अमावस्या फाउंडेशन ने बताया कि भविष्य में भी सेना, सुरक्षा बलों एवं उनके परिवारों के लिए इस प्रकार के स्वास्थ्य एवं ऊर्जा-संतुलन आधारित कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहें हैं ।
दिल्ली: संगठित अपराधी के विरुद्ध पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियान गैंगबस्ट 2026 के तहत कुल मिलाकर दिल्ली,पंजाब, हरियाणा, हिमांचल प्रदेश,राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर स्थित 4000 से भी अधिक ठिकानों पर दबिश कर 10 से भी अधिक आपराधिक गिरोहों को किया नस्तेनबूत । संबंधित अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस दौरान 6500 से भी अधिक संदिग्धों से पूछताछ की गई एवं 854 अपराधियों को लिया गिरफ्त में । आर्म्स एक्ट के तहत 300 अपराधी हुए गिरफ्तार । कुल मिलाकर 122 पिस्टल, 129 कारतूस, 188 चाकू, दो टू व्हीलर एवं 15 लाख की नकदी बरामद हुई ।
इसी प्रकार एनडीपीएस एक्ट के तहत 43 अपराधियों को किया गया गिरफ्तार ।उनके कब्जे से भारी मात्रा में मादक पदार्थ एवं 14 लाख से भी अधिक की नकदी बरामद हुई । इस दौरान एक्साइज एक्ट के तहत की गई कार्यवाही के अंतर्गत 152 अपराधियों को गिरफ्तार कर अवैध शराब के 28364 पव्वे, 4 वाहन एवं 23500 की नकदी बरामद हुई । विभिन्न ठिकानों पर दबिश कर 285 जुआरिओं को गिरफ्तार किया गया । अन्य अलग अलग अपराधों में लिप्त 74 अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही की गई ।
प्राप्त सूचना के अनुसार यह कार्यवाही गत शुक्रवार रात्रि 8 बजे से लेकर रविवार रात्रि बजे तक याने कि 48 घंटे चली जिसमे क्राइम ब्रांच एवं स्पेशल सेल के 9000 पुलिसकर्मी शामिल हुए । गिरफ्तार आपराधियों में कपिल सांगवान नंदू गैंग, जितेंद्र गोगी गैंग एवं काला जठेड़ी गैंग के सदस्य भी शामिल हैं ।
दिल्ली: विधानसभा का 5 दिवसीय शीतकालीन सत्र में केवल दिल्ली की जनता के पैसे की बर्बादी हुई क्योंकि सदन में जनता से जुड़े और उनके कल्याण से संबधित मुद्दों पर चर्चा की जगह पूरे समय हंगामा और विरोध प्रदर्शन हुआ। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कम्युनिकेशन अनिल भारद्वाज ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की इस नूरा कुश्ती को देख दिल्ली की जनता भी समझ चुकी है कि एक दूसरे के विरुद्ध हंगामा करके दोनो दल एक दूसरे की कमियों और भ्रष्टाचार को दबाने का काम कर रहे हैं।
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा फरवरी में यमुना में क्रूज चलाने का बयान पूरी तरह से गुमराह करने वाला है, ताकि जनता गंदे नाले, सीवर और औद्योगिक कचरे का बौझ ढो रही मैली और प्रदूषित यमुना की बात न करे। उन्होंने कहा कि वास्तविकता में यमुना में पानी का फ्लो उस स्तर पर है ही नही कि नदी मे क्रूज चल सकें। यमुना में अत्यधिक गाद और बदबूदार पानी है, इसमें क्रूज पर चलने वाले बदबूदार पानी और जहरीले प्रदूषित पानी से प्रभावित होने का खतरा होगा। उन्होंने कहा कि नालों का गंदा पानी बिना अनुपचारित किए सीधा यमुना में गिरता है क्योंकि सीवेज ट्रीटमेंट के अधिकतर प्लांट पूरी क्षमता से काम ही नही करते। केन्द्रीय पॉलूशन कंट्रोल कमेटी अनुसार यमुना का पानी पीने क्या नहाने तक के लिए उपयुक्त नही पाया गया।उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई पर अभी 680 करोड़ रुपये के फंड का आवंटन होने के बावजूद भाजपा सरकार यमुना की सफाई करने में पूरी तरह विफल रही।
शीतकालीन सत्र में यमुना की सफाई व जल प्रदूषण, सीएजी रिपोर्ट सहित लोगों के हितों से संबधित मुद्दों के एजेंडें पर सदन में कोई चर्चा नही हुई। ट्रिपल इंजन की सरकार होने के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण के मामले में एक्यूआई के आंकड़े व्यवस्थित करने में लगी है जबकि जनवरी में कड़कड़ाती ठंड में गंभीर और खतरनाक जहरीली हवा लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। सरकार लोगों के प्रति बिलकुल भी संवेदनशील नही है4 से 5 डिग्री न्यूनतम तापमान में रैन बसैरां अपर्याप्त व्यवस्था का इतना बुरा हाल है कि लोग खुले आसमान में रहने को मजबूर है, ठंड में मरने वाले लोगों के आंकड़े भी सरकार छिपा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली उच्च न्ययालय ने स्वतः संज्ञान लेकर राजधानी में अस्पतालों के बाहर ठंड की रातों में मरीजां के तिमारदारों की दयनीय स्थिति पर कहा कि अधिकारी रैन बसैरों में एक रात गुजार कर दिखाएं। भाजपा सरकार के लिए यह शर्मनाक है।
राजधानी में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, जहां प्रतिदिन महिलाओं के खिलाफ अपराध, हत्या, चेन स्नेचिंग और डकैती के मामले बढ़ रहे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में साइबर जालसाजी अब नए जमाने की डकैती’ का रूप ले चुकी है। पिछले एक साल में साईबर अपराधियों ने दिल्ली वालों की गाढ़ी कमाई पर करीब 1200 करोड़ रुपये का डाका डाला है। सरकार जवाब दे कि कितने साईबर अपराधियां के खिलाफ कार्यवाही हुई और कितने लोगों के पैसे वापस दिलवाये है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बढ़ा नशे का व्यापार इस कदर पैर पसार रहा है कि दिल्ली नशे की राजधानी बन गई है और खुले आम नशे के बाजार पर पुलिस शिंकजा कसने में नियंत्रण नही कर पा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के दौरान किया गया कोई भी वादा पूरा नही किया। महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाएं 2500 रुपये मासिक अभी तक एक भी महिला को नही दिए गए है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 11 वर्षों में सरकार चलाते हुए प्रदर्शन ज्यादा किया और काम कम। यही हालात भाजपा की रेखा सरकार का है। शीतकालीन सत्र में हंगामा, निलंबन और राजनीतिक विवादों ने जन मुद्दों पर चर्चा न करके 5 दिन का सत्र भाजपा और आम आदमी पार्टी ने पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को जमीनी हकीकत पर उतरकर जनता की जवाबदेही के लिए काम करे क्योंकि अभी तक जनता निराशा और हताशा ही हाथ लगी है, भाजपा सरकार कल्याण और सुविधाओं में नाकाम रही है।
दिल्ली: ली मेरिडियन होटल में आगामी कॉमेडी फिल्म ‘राहु केतु’ का भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया। इस मौके पर फिल्म के मुख्य कलाकार पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा और निर्माता सूरज कुमार मौजूद रहे। फिल्म 16 तारीख को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलकित सम्राट ने फिल्म को लेकर कहा कि ‘राहु केतु पूरी तरह से एंटरटेनिंग कॉमेडी फिल्म है। वरुण और मेरी जोड़ी एक बार फिर दर्शकों को हंसाने आ रही है। जब यह फिल्म मेरे पास आई, तो मैंने तुरंत हां कह दी, क्योंकि मुझे पता था कि यह फिल्म वरुण के पास भी जाएगी और वह भी जरूर हां कहेंगे। वही हुआ।’पुलकित ने भावुक अंदाज़ में अपनी मां का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘मेरी मां को हंसाने वाली फिल्में बहुत पसंद हैं। मुझे लगता है, यह फिल्म देखकर वह ऊपर से भी मुस्कुरा रही होंगी।’
वहीं वरुण शर्मा ने फिल्म के अनोखे टाइटल पर मज़ेदार अंदाज़ में कहा, ‘हमें अक्सर अजीबोगरीब नाम वाली फिल्में मिलती हैं, लेकिन अगर लोग हमें पसंद करते हैं तो इसमें क्या दिक्कत है। फिल्म में मैं ‘राहु’ हूं और पुलकित ‘केतु’। यह जानकर मैं खुद हैरान रह गया कि राहु सिर्फ सिर है और केतु शरीर। जब हम दोनों मिलते हैं तो स्क्रीन पर आग लगा देते हैं।’
वरुण ने आगे कहा, ‘हम पर हमेशा पहले से बेहतर करने का दबाव रहता है। लोग हमसे उम्मीद करते हैं और हमारी कोशिश रहती है कि पिछली लाइन को पार करें। कॉमेडी करना सबसे मुश्किल काम है क्योंकि नहीं पता सामने वाला किस मूड में बैठा है।’
फिल्म ‘राहु केतु’ को विपुल विग ने लिखा और निर्देशित किया है। इसका निर्माण उमेश कुमार बंसल, प्रगति देशमुख, सूरज सिंह और वर्षा कुकरेजा ने ज़ी स्टूडियोज़ और बी-लाइव प्रोडक्शंस के बैनर तले किया है। फिल्म में शालिनी पांडे और चंकी पांडे भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
फिल्म की कहानी के बारे में बात करते हुए पुलकित सम्राट ने कहा, ‘राहु और केतु का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि अगर दिल और दिमाग साफ हो तो वे आपके सबसे अच्छे दोस्त बन सकते हैं। राहु आपको महत्वाकांक्षा, दौलत और शोहरत देता है, जबकि केतु प्यार, समर्पण और मोक्ष सिखाता है। फिल्म के ज़रिए हम यही संदेश देना चाहते हैं कि जीवन को मस्ती और ईमानदारी के साथ जिएं।’
कॉमेडी, दर्शन और मनोरंजन का अनोखा मिश्रण पेश करती फिल्म ‘राहु केतु’ दर्शकों को हंसी के साथ एक सकारात्मक संदेश देने के लिए पूरी तरह तैयार है ।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख संस्थानों और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व के ख़िलाफ़ राजनीतिक मकसद से अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इसे अर्बन नक्सल मानसिकता बताते हुए इसे आम आदमी पार्टी एवं उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की वैचारिक मानसिकता बताया । गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के मुद्दे का इस्तेमाल एक विशेष रूप से गठित एसआईटी के माध्यम से अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है । 328 स्वरूपों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है ।
अकाली नेता ने आगे आम आदमी पार्टी पर बेअदबी की कई घटनाओं से जुड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी 2014 में पंजाब में आई, जिसके बाद 2015 में बेअदबी की लहर शुरू हुई। उन्होंने कहा कि 2016 में मालेरकोटला में पवित्र कुरान का अपमान किया गया था, और AAP के दिल्ली विधायक नरेश यादव को उस मामले में गिरफ्तार किया गया था। सरना ने कहा, "2024 में, एक सेशन कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया। यह केस AAP नेताओं ने लड़ा था और AAP सरकार ने तो केस वापस लेने की भी कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और अपने विधायक को सज़ा सुनाई।"उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पिछले चार सालों में बेअदबी की 100 से ज़्यादा घटनाएं हुई हैं, जिसमें सुल्तानपुर लोधी के एक गुरुद्वारे के अंदर पुलिस द्वारा फायरिंग और श्री अखंड पाठ साहिब में रुकावट शामिल है, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी को समझना चाहिए कि सरदार बादल एक नाकाम सरकार की गीदड़ जैसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं," उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई शिरोमणि अकाली दल के फिर से मज़बूत होने से घबराई हुई सरकार की घबराहट को दिखाती है। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोगों के समर्थन और आशीर्वाद से, हम इस सरकार का सामना करेंगे और इसका असली चेहरा बेनकाब करेंगे।"
दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा पर आधारित फिल्म ‘शतक’ का पहला गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ रविवार को दिल्ली के केशव कुंज में आयोजित एक विशेष समारोह में भव्य रूप से लॉन्च किया गया। इस अवसर पर आरएसएस के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी ने गीत का औपचारिक लोकार्पण किया। यह लॉन्च फिल्म ‘शतक’ की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो संघ की अब तक कही-अनकही गाथाओं को परदे पर लाने का प्रयास है।
‘भगवा है अपनी पहचान’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना का सशक्त उद्घोष है। भगवा रंग—जो त्याग, तपस्या, अनुशासन और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक रहा है—इस गीत में एक पहचान के रूप में उभरता है। यह गीत मूल्यों, सेवा भाव और सामूहिक चेतना से जुड़ी उस विचारधारा को स्वर देता है, जो समाज को एकजुट होकर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का आह्वान करती है।
देशभक्ति और जोश से भरी अपनी आवाज़ के लिए प्रसिद्ध सुखविंदर सिंह ने इस गीत को अपनी ऊर्जावान गायकी से जीवंत कर दिया है। उनका स्वर गीत को एक गहन भावनात्मक और राष्ट्रवादी आयाम देता है। संगीतकार सनी इंदर की सशक्त धुनों और गीतकार राकेश कुमार पाल के ओजपूर्ण शब्दों से सजा यह गीत अनुशासन, एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।
इस अवसर पर श्री मोहन भागवत जी ने कहा,
“डॉ. हेडगेवार का जीवन ही आरएसएस की आत्मा है—भारत सर्वोपरि। फिल्म ‘शतक’ और इसका गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ उनके अडिग राष्ट्रभक्ति और आंतरिक शक्ति को दर्शाते हैं। संघ बदल नहीं रहा, बल्कि अपने मूल्यों के साथ निरंतर विकसित हो रहा है। यह फिल्म संघ की अनकही कहानियों को सामने लाती है और डॉ. हेडगेवार की उस क्षमता को दिखाती है, जिससे वे लोगों को जोड़ते थे और जीवन की चुनौतियों का समभाव से सामना करते थे। पूरी टीम को मेरी शुभकामनाएँ।”
वहीं, गायक सुखविंदर सिंह ने कहा,
“मेरे गीत ‘भगवा है अपनी पहचान’ को श्री मोहन भागवत जी द्वारा लॉन्च किया जाना मेरे लिए गर्व और आशीर्वाद की बात है। उनका दृष्टिकोण हम सभी को प्रेरित करता है। निर्देशक की सोच—सरलता के साथ गहराई—मुझे बेहद पसंद आई। इतिहास को संजोकर रखना जरूरी है। यह गीत मेरे लिए सिर्फ एक पेशेवर काम नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा है। मैंने इसे पूरे दिल से गाया है और आशा करता हूँ कि यह हर भारतीय के दिल को छुएगा। यह गीत हिंदुस्तान की सच्ची आत्मा को दर्शाता है।”
फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 1925 में नागपुर में स्थापना से लेकर आज तक की 100 वर्षों की यात्रा को दर्शाती है। यह फिल्म संघ के सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय योगदान को विस्तार से प्रस्तुत करती है।
यह एक परिकल्पना है अनिल डी. अग्रवाल की, निर्देशन आशीष मॉल का है और निर्माण वीर कपूर ने किया है। सह-निर्माता आशीष तिवारी हैं। फिल्म को ADA 360 Degree LLP द्वारा प्रस्तुत किया गया है और यह शीघ्र ही दर्शकों के सामने आने वाली है।
दिल्ली: पिछले 12 वर्षों में आप पार्टी और बीजेपी की सरकारों के समय प्रदूषण पर खर्च हुए करोड़ों रुपए भ्रष्टाचार की भैंट ना चढ़ते तो दिल्ली वालों को दमघोटू प्रदूषण ना झेलना पड़ता । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने निशाना साधते हुए इस दौरान प्रदूषण पर खर्च हुई करोड़ों की राशि की जांच और दोषियों को सजा की माँग की । देश की राजधानी दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण जनजीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है जो की आप और बीजेपी दोनो पार्टियों की सरकारों के राजनीतिक स्वार्थ का ही परिणाम है कि 2017 से लगातार विश्व में दिल्ली सबसे अधिक जहरीली हवा वाली राजधानी बनी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पॉलूशन कंट्रोल कमेटी की जानकारी के अनुसार 2017 से अक्टूबर 2025 तक दिल्ली में प्रदूषण पर 53052 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है, लेकिन इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद प्रदूषण में सुधार की दिशा में 1 प्रतिशत भी सुधार दिखाई नही देता, क्या लाखों करोड़ की राशि भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई? इसकी जांच होनी चाहिए।
राजधानी में गंभीर प्रदूषण लगातार बढ़ने के लिए दिल्ली सरकार के साथ केन्द्र सरकार भी बराबर की जिम्मेदार है क्योंकि वर्ष 2024-25 में 858 करोड़ रुपये के बजट का 1 प्रतिशत से कम इस्तेमाल हुआ। यही हाल दिल्ली का है यहां योजनाओं को समय पर लागू न करके आवंटित बजट के मुकाबले खर्च बहुत कम हुआ। दिल्ली सरकार के 2025-26 के बजट में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण पर पर 1885 करोड़ आवंटित किए गए लेकिन प्रदूषण नियंत्रण उपायों के लिए मात्र 300 करोड़ रुपये खर्च किए और 506 करोड़ रुपये वृक्षारोपण के लिए खर्च हुए, जबकि यमुना सफाई के लिए 750 करोड़ खर्च हुए।
1885 करोड़ के बजट आवंटित होने के बावजूद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता कोई ठोस योजना बनाकर दिल्ली का प्रदूषण कम करने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। आवंटित बजट होने के बावजूद क्यों प्रदूषण नियंत्रण पर कोई ठोस काम नही हुआ, अगर 300 करोड़ प्रदूषण नियंत्रण, 506 करोड़ वृक्षारोपण और 750 करोड़ यमुना सफाई पर खर्च हुए तो किसी भी क्षेत्र में सरकार का काम दिखाई क्यों नही दे रहा? बजटीय वर्ष खत्म होने में एक महीना बाकी है, लेकिन करोड़ां खर्च होने के बाद वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मैली यमुना जस की तस है। कहीं 1556 करोड़ हुए खर्च में भारी भ्रष्टाचार तो नही, इस पर उपराज्यपाल संज्ञान ले और करोड़ का घोटाला हुआ है तो इसकी जांच कराएं।
दोनो ही हर वर्ष नए प्रोपगेंडे के साथ प्रदूषण पर बढ़ चढ़कर बयानबाजी करते रहे है लेकिन कोई ठोस प्रयास या कार्यवाही करके प्रदूषण नियंत्रण करने में कभी सफल नही हुए। जिसके कारण हर वर्ष हजारों लोग सांस, अस्थमा और फेंफड़ों की बीमारी से मौत का शिकार हो रहे है। उन्होंने कहा कि जहरीली हवा को कम करने के लिए क्लाउड सीडिंग का प्रयोग के लिए करोड़ों के आवंटन के बावजूद सरकार प्रदूषण कम करने में नाकाम साबित रही क्योंकि क्लाउड सीडिंग का प्रयोग भी विफल साबित रहा है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आरटीआई विभाग के चेयरमैन रामनिवास शर्मा के द्वारा आरटीआई के जवाब में आई जानकारी के अनुसार क्लाउड सीडिंग पर 3793420 रुपये खर्च हुए। आरटीआई के तहत दिल्ली पर्यावरण विभाग और आईआईटी कानपुर में हुए अनुबंध में कितनी राशि किस मद में खर्च हुई आदि जानकारी मांगने पर सरकार द्वारा साफ इंकार करना, दर्शाता है कि कहीं न कही भ्रष्टाचार भी छिपा है। उन्होंने कहा कि 2025-26 में प्रदूषण नियंत्रण के लिए फंड का आवंटन तो हुआ लेकिन सरकार की उदासीनता और प्रशासनिक निष्क्रियता से जाहिर होता है कि आवंटित फंड प्रभावी ढ़ंग से उपयोग करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके कारण प्रदूषण कम होने की बजाय लगाता बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को आवंटित फंड को उपयुक्त मदों में समय पर खर्च करके लोगों को प्रदूषण से राहत देने के लिए काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण जहां जनजीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है वहीं सर्दियों में बढ़ता प्रदूषण और सरकार की पाबंदियों के कारण गरीब, वंचित, दैनिक कमाने वाले दिल्ली के एक करोड़ से अधिक लोगों की अजीविका भी प्रभावित होती है। लेकिन दिल्ली की सरकारों चाहे भाजपा हो या आम आदमी पार्टी, इन्हें अपने राजनैतिक हित के अलावा किसी की चिंता नही है।
काठमांडू: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त और उनके करीबी मित्र, निर्माता-अभिनेता राहुल मित्रा के नेपाल आगमन पर काठमांडू में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। यह यात्रा आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और जन-संपर्क का अनूठा संगम बन गई। दोनों की पशुपतिनाथ मंदिर यात्रा ने हजारों प्रशंसकों और श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, जो अपने पसंदीदा सितारे की एक झलक पाने के लिए मंदिर परिसर में उमड़ पड़े।
संजय दत्त और राहुल मित्रा को नेपाल के पुलिस महानिरीक्षक दान बहादुर कार्की ने अपने आधिकारिक निवास पर चाय पर आमंत्रित किया। इसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों को विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर ले जाया गया, जहां उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना की। यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है। सितारों की मौजूदगी ने इस यात्रा को नेपाल के हेरिटेज टूरिज़्म के लिए एक स्वाभाविक और प्रभावशाली प्रचार में बदल दिया।
इससे पहले संजय दत्त और राहुल मित्रा एक दिन पहले चार्टर्ड बॉम्बार्डियर जेट से काठमांडू पहुंचे थे। शाम को दोनों ने थमेल स्थित होटल बाराही में संचालित एक कैसीनो का उद्घाटन किया, जहां उन्होंने भारत और नेपाल से आए प्रशंसकों से मुलाकात की। दिन के समापन पर नेपाल के प्रमुख उद्योगपति और अरबपति भाई निर्वाण चौधरी और राहुल चौधरी ने दोनों के सम्मान में एक विशेष डिनर आयोजित किया, जिसमें हिमालयी व्यंजनों का स्वाद चखाया गया।
संजय दत्त और राहुल मित्रा की यह नेपाल यात्रा इस बात का उदाहरण बनी कि किस तरह हाई-प्रोफाइल हस्तियां सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन को सकारात्मक रूप से बढ़ावा दे सकती हैं। उल्लेखनीय है कि संजय दत्त हाल ही में बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ में नजर आए थे, जबकि राहुल मित्रा की चर्चित कोर्टरूम ड्रामा फिल्म ‘हक़’ इस समय नेटफ्लिक्स पर नंबर वन ट्रेंड कर रही है।
तेलुगु सिनेमा की बहुप्रतीक्षित पैन इंडिया फिल्म द राजा साहब आखिरकार दर्शकों के सामने है। मारुति द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म हॉरर, कॉमेडी और इमोशन का ऐसा कॉकटेल है, जिसे खासतौर पर फैमिली ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाया गया है।यह फिल्म प्रभास के करियर की पहली हॉरर-कॉमेडी फिल्म है, और यही वजह है कि उनके फैंस में इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे उसकी दादी ने बड़े प्यार से पाला-पोसा है। बड़े होने पर जब उसे यह पता चलता है कि उसके दादा अभी ज़िंदा हैं, तो वह उन्हें खोजने निकल पड़ता है। यहीं से कहानी रहस्य, डर और हास्य के रास्ते पर आगे बढ़ती है।
दादा के किरदार को लेकर फिल्म में कई तरह की भ्रांतियां और रहस्य बुने गए हैं। जैसे-जैसे नायक दादा के करीब पहुंचता है, वैसे-वैसे एक-एक कर सारे राज़ सामने आते जाते हैं। दादा की भूमिका में संजय दत्त प्रभाव छोड़ते हैं। उनका व्यक्तित्व, संवाद अदायगी और स्क्रीन प्रेज़ेंस कहानी को मज़बूती देता है।
प्रभास अपने किरदार में पूरी ईमानदारी के साथ नज़र आते हैं। एक्शन और गंभीर भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले प्रभास यहां हल्के-फुल्के अंदाज़, कॉमिक टाइमिंग और भावनात्मक दृश्यों में संतुलन बनाते दिखाई देते हैं। उनकी यह नई छवि दर्शकों को पसंद आ सकती है। फिल्म का VFX इसका बड़ा प्लस पॉइंट है। कई दृश्य ऐसे हैं जो बच्चों और युवा दर्शकों को रोमांचित करते हैं। डरावने सीन डराते भी हैं, लेकिन फैमिली एंटरटेनमेंट की सीमा में रहते हुए।
निधि अग्रवाल और मालविका मोहनन दोनों ही अपनी भूमिकाओं में जंचती हैं और कहानी को आगे बढ़ाने में सहयोग करती हैं। बोमन ईरानी अपने सीमित लेकिन प्रभावशाली रोल से फिल्म को मजबूती देते हैं।
कुल मिलाकर द राजा साहब एक ऐसी फिल्म है जिसमें हंसी है, थ्रिल है, रहस्य है और भावनाएं हैं। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए खास है जो परिवार और बच्चों के साथ सिनेमाघर जाकर हल्का-फुल्का, साफ-सुथरा मनोरंजन देखना चाहते हैं।