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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख संस्थानों और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व के ख़िलाफ़ राजनीतिक मकसद से अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इसे अर्बन नक्सल मानसिकता बताते हुए इसे आम आदमी पार्टी एवं उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की वैचारिक मानसिकता बताया । गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के मुद्दे का इस्तेमाल एक विशेष रूप से गठित एसआईटी के माध्यम से अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है । 328 स्वरूपों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है ।
अकाली नेता ने आगे आम आदमी पार्टी पर बेअदबी की कई घटनाओं से जुड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी 2014 में पंजाब में आई, जिसके बाद 2015 में बेअदबी की लहर शुरू हुई। उन्होंने कहा कि 2016 में मालेरकोटला में पवित्र कुरान का अपमान किया गया था, और AAP के दिल्ली विधायक नरेश यादव को उस मामले में गिरफ्तार किया गया था। सरना ने कहा, "2024 में, एक सेशन कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया। यह केस AAP नेताओं ने लड़ा था और AAP सरकार ने तो केस वापस लेने की भी कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और अपने विधायक को सज़ा सुनाई।"उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पिछले चार सालों में बेअदबी की 100 से ज़्यादा घटनाएं हुई हैं, जिसमें सुल्तानपुर लोधी के एक गुरुद्वारे के अंदर पुलिस द्वारा फायरिंग और श्री अखंड पाठ साहिब में रुकावट शामिल है, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी को समझना चाहिए कि सरदार बादल एक नाकाम सरकार की गीदड़ जैसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं," उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई शिरोमणि अकाली दल के फिर से मज़बूत होने से घबराई हुई सरकार की घबराहट को दिखाती है। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोगों के समर्थन और आशीर्वाद से, हम इस सरकार का सामना करेंगे और इसका असली चेहरा बेनकाब करेंगे।"

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दिल्ली: पिछले 12 वर्षों में आप पार्टी और बीजेपी की सरकारों के समय प्रदूषण पर खर्च हुए करोड़ों रुपए भ्रष्टाचार की भैंट ना चढ़ते तो दिल्ली वालों को दमघोटू प्रदूषण ना झेलना पड़ता । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने निशाना साधते हुए इस दौरान प्रदूषण पर खर्च हुई करोड़ों की राशि की जांच और दोषियों को सजा की माँग की । देश की राजधानी दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण जनजीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है जो की आप और बीजेपी दोनो पार्टियों की सरकारों के राजनीतिक स्वार्थ का ही परिणाम है कि 2017 से लगातार विश्व में दिल्ली सबसे अधिक जहरीली हवा वाली राजधानी बनी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पॉलूशन कंट्रोल कमेटी की जानकारी के अनुसार 2017 से अक्टूबर 2025 तक दिल्ली में प्रदूषण पर 53052 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है, लेकिन इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बाद प्रदूषण में सुधार की दिशा में 1 प्रतिशत भी सुधार दिखाई नही देता, क्या लाखों करोड़ की राशि भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गई? इसकी जांच होनी चाहिए।
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दिल्ली: एमसीडी सदन में महिला पार्षदों को भेड़-बकरी कह कर अपमानित करने को लेकर आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह से की इस्तीफा की मांग। महिलाओं के लिए अपमान जनक शब्दों का इस्तेमाल करने पर ‘‘आप’’ पार्षदों ने सदन के अंदर जमकर हंगामा किया । एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि मेयर ने ‘‘आप’’ की महिला पार्षदों को भरे सदन में भेड़ बकरी कहकर संबोधित किया। यह बहुत ही शर्मनाक है और इससे पूरे देश की आधी आबादी का अपमान हुआ है। हमारी मांग है कि भाजपा अपने मेयर से तत्काल इस्तीफा ले। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ दिखाने के लिए महिलाओं के सम्मान की बात करती है, लेकिन असल में वह महिलाओं को भेड़ बकरी ही समझती है।
आज सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में मीडिया से रूबरू होकर अंकुश नारंग ने कहा कि आज सदन की कार्रवाई के दौरान दिल्ली के प्रथम नागरिक माने जाने वाले महापौर ने महिला पार्षदों को भेड़-बकरी कहा, जो बेहद शर्मनाक है। महापौर के इस अमर्यादित व्यवहार के कारण सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। एक तरफ भाजपा बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का नारा देती है, वहीं दूसरी तरफ उन्हीं के महापौर महिला पार्षदों को भेड़-बकरी कहकर संबोधित करते हैं। यह बहुत ही शर्म की बात है।
भाजपा के महापौर दिल्ली की जनता और उन महिलाओं को भेड़-बकरी कह रहे हैं, जो दिल्ली की आधी आबादी हैं। यह उन महिलाओं का अपमान है, जिन्होंने लोकतंत्र में भागीदारी निभाते हुए विधानसभा और संसद में अपने प्रतिनिधि चुनकर भेजे हैं। सदन के अंदर महापौर के पद की गरिमा सबसे अधिक होती है। दिल्ली ही नहीं, पूरा हिंदुस्तान एमसीडी की कार्यवाही को देखता है। ऐसे संवैधानिक पद पर बैठकर इस तरह का संबोधन करना अत्यंत निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि महापौर राजा इकबाल सिंह को तुरंत प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यदि वे इस्तीफा नहीं देते हैं, तो भाजपा को उन्हें तुरंत पद से हटा देना चाहिए। अगर भाजपा सच में महिलाओं का सम्मान करती है, तो उसे तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। इसके साथ ही राजा इकबाल सिंह को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए कि उन्होंने महिलाओं को भेड़-बकरी कहकर संबोधित किया है। भाजपा और मेयर राजा इकबाल सिंह को शर्म आनी चाहिए। ये लोग मीडिया के सामने तो महिलाओं के सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन असलियत में महिलाओं को भेड़-बकरी समझते हैं।
वहीं, एमसीडी सह-प्रभारी प्रीति डोगरा ने कहा कि आज एमसीडी सदन में भाजपा के मेयर राजा इकबाल सिंह ने महिलाओं को भेड़-बकरी कहा, जो अत्यंत निंदनीय है। यह लोकतंत्र में पूरे भारतवर्ष की हर महिला का अपमान है। यह घटना भाजपा की महिलाओं के प्रति सोच को उजागर करती है कि वे महिलाओं के बारे में कैसी मानसिकता रखते हैं। यह वही भाजपा है जो बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, लेकिन इन्हीं के नेता आए दिन ऐसे कारनामे करते हैं जिससे महिलाएं अपमानित होती हैं।उन्होंने बताया कि जब आम आदमी पार्टी की महिला पार्षद अपनी आवाज उठाने के लिए मेयर से मिलने पहुंचीं, तो उन्होंने एक बार फिर महिलाओं को अपमानित किया। मेयर अपने ऑफिस का दरवाजा बंद करके अंदर छुप गए और बाहर पुरुष सुरक्षाकर्मियों को खड़ा कर दिया ताकि महिलाएं उनसे मिल न सकें। यह भाजपा की गंदी राजनीति और डरपोक रवैये को उजागर करता है।
“आप” पार्षद व स्टैंडिंग कमेटी की सदस्य रविंदर कौर ने कहा कि आज सदन में जो घटना हुई, वह बहुत ही शर्मनाक है। राजा इकबाल सिंह को मेयर बनाया गया है, वे एक सम्मानित व्यक्ति हैं। उनका दायित्व सबको सम्मान देना है और महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा सम्मान देना है। सदन में सबसे ज्यादा महिला पार्षद हैं, अगर मेयर उन्हें भेड़-बकरी कहेंगे तो यह बहुत ही गलत है। इसके लिए सभी महिलाएं इसका विरोध करती हैं और प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने मेयर राजा इकबाल सिंह से मांग की कि वे सभी महिला पार्षदों से माफी मांगें। यदि वे माफी नहीं मांगते हैं, तो पार्टी इसका कड़ा से कड़ा विरोध करेगी।

दिल्ली: यमुना की सफाई पर पूर्व सरकार पर तंज कसते हुए बोली मुख्यमंत्री सुश्री रेखा गुप्ता कहा कि यमुना साफ ही कब थी जो मैली हो गई । हमें 11 साल दो हम साफ करके दिखायेंगे । अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनवाते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार दिल्ली का अपना पब्लिक अकाउंट बनाया गया है। रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ MoU साइन कर उन्हें आधिकारिक बैंकिंग एजेंट बनाया गया है।अब कम ब्याज दर पर विकास कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध हो सकेगा। अब दिल्ली में कोई भी काम बजट की कमी के कारण न अटकेगा, न लटकेगा, न भटकेगा। 15000 करोड़ रुपये इस अकाउंट में आ चुके हैं जिससे पूँजीगत खर्चों की व्यवस्था होगी ।
यदि बात स्वास्थ्य सुविधाओं की की जाए तो आयुष्मान योजना के अंतर्गत 11 महीने में 4 लाख से ज्यादा लोगों का रजिस्ट्रेशन हुआ है । इसी प्रकार वय वंदन योजना के तहत 2 लाख से ज्यादा बुजुर्गों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इन दोनों ही योजना के तहत 19 हजार से ज्यादा लोगों ने इलाज पाया है और 32 करोड़ से ज्यादा क्लेम अभी तक दिए जा चुके हैं।11 महीनों में 238 आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। 100 और आरोग्य मंदिर तैयार हैं। इसे 1100 तक लेकर जाने का प्लान है। दिल्ली में ऑर्गन डोनेशन के लिए कोई भी व्यवस्थित प्लेटफॉर्म नहीं था। आज ऑर्गन डोनेशन के लिए स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइज़ेशन (SOTTO) बनने जिसके से ऑर्गन डोनेशन को व्यवस्थित किया जा रहा हैं ।
स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025 के लागू होने से स्कूल का प्रबंधन अपनी मर्जी से मनमानी फीस नहीं बढ़ा सकता । उनकी सरकार ने सीएम श्री स्कूलों की शुरुवात की है । सरोजनी नगर में पहला स्कूल है जिसमे रोबोटिक लैब और एआई जैसी सुविधाएं हैं । 10 थेरप्यूटिक सेंटर खोले गए हैं जिनमे 13000 छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे है । नर्सिंग आप्रेंटिसों का स्टाइपेंड 500 से 13000 कर दिया गया है । पिछली सरकार की देनदारियाँ जो अब उनकी लाइबिलिटीज़ बन गई हैं उनका हवाल देते हुए उन्होंने बताया कि डीएमआरसी का 978 करोड़, पेरीफ़िलर के लिए 3500 करोड़ एवं आरआरटीएस के 250 करोड़ ऐसी देनदारियां हैं जिनको उनकी सरकार को चुकाना है ।


दिल्ली: शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी बरपा हंगामा । सदन की कार्यवाही रही ठप्प । गुरु महाराज की अवमानना के मामले में आज भी पक्ष विपक्ष में रही तना -तनी । मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने विवादित वीडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा एवं 14 दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है। मामले को विधानसभा की प्रिविलेज कमेटी को सौंप दिया गया है । विधान सभा कल सुबह ग्यारह बजे तक के लिए मुल्तवी हो गई है । विधानसभा सत्र को एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है । नेता प्रतिपक्ष आतिशी आज भी सदन में नहीं दिखाई दी । भाजपा विधायकों की दलील है कि AAP का फंडा क्लियर है पहले गुरुओं का अपमान करो और फिर माफ़ी मांगने की बजाय भाग खड़े हो जाओ।
उधर आम आदमी पार्टी के विधायकों का कहना है कि वो पूरे प्रकरण की raw वीडियो के लिए विधान सभा अध्यक्ष से मिलने के लिए गए थे लेकिन उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया । सरकार दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण, ठंड से हुई 50 से ज़्यादा मौतों और घरों में हो रहे गंदे पानी की सप्लाई पर बात करना नहीं चाहती है इसीलिए बीजेपी के विधायक विधानसभा में हंगामा कर रहे हैं। हमने श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर हुए कार्यक्रमों को Tax फ्री करने की मांग की तो भाजपा ने झूठी वीडियो चलाकर गुरु साहिब का अपमान किया।
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दिल्ली: गुरु महाराज की अवमानना के मामले में ट्विटर के माध्यम से प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विधानसभा की नेता प्रतिपक्ष सुश्री आतिशी ने दो वीडियो का हवाला देते हुए सत्ता पक्ष पर साधा निशाना कहा कि बीजेपी ने गुरु तेग़ बहादुर जी के नाम को ग़लत तरीक़े से इस्तेमाल किया और गुरु साहब का अपमान किया। उन्होंने एक वीडियो ट्वीट किया जिसमे गुरु साहब के बारे में दो झूठ कहे हैयह वीडियो गुरु तेग़ बहादुर जी की शहीदी के 350 साल की चर्चा समाप्त होने के बाद का है, जब एलजी के अभिभाषण पर चर्चा शुरू थी। वीडियो में मैंने बीजेपी के प्रदूषण की चर्चा से बचने और उनके विधान सभा में आवारा कुत्तों के मुद्दे पर हुए प्रोटेस्ट के बारे में कहा है “तो आप कराइये ना चर्चा, क्यों सुबह से भाग रहें हैं? कह रहें हैं, कुत्तों का सम्मान करो! कुत्तों का सम्मान करो! अध्यक्ष महोदय इस पर आप चर्चा कराइए।” लेकिन बीजेपी ने झूठा सब-टाइटल लगा कर गुरु तेग़ बहादुर जी का नाम उसमें डाला।
उन्होंने कहा कि वह एक ऐसे परिवार से हूँ जहाँ पीढ़ियों से परिवार का सबसे बड़ा बेटा सिख धर्म अपनाता आया है। समाज की रक्षा करने के लिए अपनाता है। वह अपनी जान दे सकती हैं लेकिन गुरु साहब का अपमान नहीं कर सकती। गुरु तेग़ बहादुर जी ने दूसरे धर्म के लोगों की रक्षा करने के लिए अपनी जान की कुर्बानी दे दी। और बीजेपी अपनी राजनीति के लिए उनके नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं? उन्हें शर्म आनी चाहिए ।
हकीकत तो पड़ताल के बाद ही सामने आएगी ।


दिल्ली: गुरु टेग बहादुर जी कि अवमानना का मुद्दा गरमाया । नेता विपक्ष सुश्री आतिशी द्वारा गुरु महाराज के लिए अभद्र टिप्पणी को लेकर पक्ष एवं विपक्ष के विधायक हुए आमने-सामने । नतीजन शुरू होने के चंद लम्हे बाद ही दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही कल सुबह तक हुई मुल्तवी । इस बाबत मंत्रियों एवं विधानसभा संचेतक के प्रतिनिधि मंडल ने विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता से मुलाक़ात कर ज्ञापन सौपा एवं मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर सुश्री आतिशी की विधानसभा रद्द करने की माँग की । मंत्रियों के इस प्रतिनिधि मंडल में मनजिंदर सिह सिरसा, कपिल मिश्रा, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा एवं अभय वर्मा आदि के नाम शामिल हैं ।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार प्रतिनिधि मंडल की माँग है कि क्यूंकि नेता प्रतिपक्ष द्वारा सदन के अंदर ने अपनी सीट से खड़े होकर श्री गुरु तेग बहादुर जी के बारे में दिया गया वक्तव्य अभद्र, शर्मनाक और मर्यादाहीन है उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए, उनकी दिल्ली विधानसभा से तुरंत प्रभाव से सदस्यता रद्द होनी चाहिए और उन्हें जेल की सजा दी जानी चाहिए । उनका मानना है कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का अपमान करने वालों का स्थान सदन नहीं, बल्कि तिहाड़ जेल होनी चाहिए।
दिल्ली सरकार के मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार भारतीय संस्कृति में 'गुरु' का स्थान भगवान से भी ऊपर है, लेकिन अहंकार में डूबी आतिशी जी ने सदन की गरिमा और गुरुओं का अपमान कर अपनी संवेदनहीनता का परिचय दिया है। सवालों से डरकर और अपनी जवाबदेही से बचकर, वह कायरो की तरह दिल्ली छोड़ गोवा भाग गईं । उनके द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सिख पंथ के अग्रणी संगठन दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने भी विधानसभा सदस्य से मिलकर आपत्ति जताई है। वहीं दिल्ली सरकार के अन्य मंत्री कपिल मिश्रा का कहना है कि कल जब दिल्ली विधानसभा में हो रहा था गुरुओं का सम्मान , तब नेता विपक्ष सुश्री आतिशी ने बहुत भद्दी और शर्मनाक भाषा का इस्तेमाल किया । मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने सदन की रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए लगाया सवालिया निशान क्या ऐसे व्यक्ति को पवित्र सदन में रहने का अधिकार है ?

राजधानी में प्रदूषण के कारण बिगड़ते वातारण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार की निष्क्रियता को दर्शाता है कि निर्वाचित सरकार को दिल्ली के लोगों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नही है। उन्होंने कहा कि लगातार दो दिन तक विधानसभा सत्र में प्रदूषण पर चर्चा न होना सरकार की नियत को दर्शाता है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को साफ आदेश दिए है कि पाबंदियां लगाने से काम नही चलेगा, प्रदूषण के कारकों की पहचान करे कि किन कारणों से ज्यादा प्रदूषण होता है और उनके समाधान क्या हो सकते है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार को साफ कहा है कि खुद विशेषज्ञ बनने की कोशिश न करे, प्रदूषण को कम करने पर तुरंत सकारात्मक कदम उठाने के लिए काम करें।
उन्होंने कहा कि आदमी पार्टी शिक्षकों से कुत्तों की गिनती के आदेश को लेकर झूठ फैलाने पर भ्रामक बयान देने पर भाजपा केजरीवाल से माफी मांगने की अपील कर रही है। चलते सदन के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी द्वारा कुत्तों के मुद्दों पर बेवजह राजनीतिक करके जिस तरह नारेबाजी करके सदन का समय बर्बाद कर रही है, उससे साफ है कि विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और संसदीय कार्य मंत्री जनता से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील नही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सदन में सीएजी रिपोर्ट और फांसी घर के घोटाले को न रखे जाने के लिए लगातार विरोधाभास माहौल और उपद्रवी व्यवहार कर रही है और भाजपा विधायक भी बराबर विरोध करके कहीं न कहीं आम आदमी पार्टी सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर नही होने देना चाहते।
संसदीय कार्य मंत्री ने आज सीएजी रिपोर्ट और फांसी घर के मामले को सदन के पटल पर रखने की बात कही थी, लेकिन दोनों दलों के संघर्ष के चलते दोनों महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार के विषयों को जनता के सामने लाने में जानबूझकर देरी की गई। उन्होंने कहा कि राजधानी में गंभीर प्रदूषण के मुद्दे पर आज दूसरे दिन भी एक शब्द नही बोला गया, जबकि राजधानी में प्रदूषण के कारण आपातकाल जैसी स्थिति बन चुकी है, जिस पर सिर्फ बयानबाजी और घोषणा करने तक सीमित है और आम आदमी पार्टी जिसने अपने 11 वर्षों में प्रदूषण नियंत्रण पर कुछ नही किया, अब सिर्फ ऑक्सीजन मास्क पहन कर विधानसभा में पहुॅचकर मीडिया में बने रहना चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनो में नूरा कुश्ती हो रही है जबकि प्रदूषण की वास्तविक दिल्ली के लोगों को समझनी चाहिए कि भाजपा और आम आदमी पार्टी ने प्रदूषण की रोकथाम के लिए अभी तक कुछ नही किया।
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दिल्ली: विधानसभा के शीत कालीन शीतकालीन सत्र के आज दूसरे दिन गुरु टेग बहादुर के 350 वें शहीदी दिवस पर आयोजित चर्चा के दौरान गुरु साहिब को हिंद दी चादर बताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि गुरु साहिब ने केवल अपने धर्म को बल्कि दूसरों की आस्था को सुरक्षा दी । 11 महीने की उनकी सरकार का कार्यकाल अनेकों उत्सवों के साथ मनाया गया जिसके फलस्वरूप दिल्ली शहर को मिनी इंडिया का स्वरूप मिला । सरकार के प्रयासों से दिल्ली हर त्यौहार को केवल मनाती नहीं, उस त्यौहार को जीती है । इस कड़ी में लाल किले में आयोजित भव्य समागम को उन्होंने गुरु महाराज की मेहर बताया ।
विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने निष्कासित आम आदमी पार्टी के विधायकों के मामले किया सदन में खुलासा कहा कि यह निष्कासन उपराज्यपाल के संबोधन में बाधा डालने एवं आचार संहिता के उलंघन के कारण किया गया न कि किसी विषय पर चर्चा अथवा मास्क पहन के आने पर । हालांकि प्रदूषण पर अलग से चर्चा का आश्वासन भी दिया गया था । नेता विपक्ष आतिशी द्वारा मीडिया को दिए गए बयानों को भ्रामक एवं झूठे बताते हुए विधानसभा की प्रक्रिया एवं नियम 82 के अंतर्गत जाँच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए विशेषाधिकार समिति को सौपा ।
दिल्ली: एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने पत्रकारों से रूबरू होकर तीन वीडियों के माध्यम से गाजी पुर लैंडफिल का हवाला देते हुए भाजपा शासित एमसीडी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदूषण और डेंगू के बाद अब कूड़े के पहाड़ के आंकड़ों में भी फर्जीवाड़ा हो रहा है । कूड़े के पहाड़ पर सिर्फ सूखा और गीला कूड़ा ही डालना चाहिए, लेकिन वहां पर मलबा तक डाला जा रहा है। सड़क का कूड़ा सड़क पर ही पड़ा रह रहा है, लेकिन मेट्रो वेस्ट जैसी एजेंसी मलबा उठाकर कूड़े के पहाड़ पर डाल रही है। मलबे का वजन करवाकर एमसीडी से मोटी रकम ली जा रही है । उन्होंने इसे जनता से मिले टैक्स के पैसे का भ्रष्टाचार बताया ।
दिल्ली सरकार के मंत्री कूड़े के पहाड़ पर जाते हैं और कहते हैं कि 'तुझे जाना पड़ेगा’। वे यह दिखाने की कोशिश करते हैं कि भाजपा, आम आदमी पार्टी की सरकार से कहीं ज्यादा कूड़ा उठा रही है। जबकि सत्य यह है कि कूड़े के पहाड़ पर सिर्फ गीला और सूखा कूड़ा डलना चाहिए और वहां मलबा डालना प्रतिबंधित है। कूड़ा उठाने वाली कंपनी मेट्रो वेस्ट जैसी एजेंसी अगर मलबे के बजाय सड़कों से कूड़ा उठाती तो आज दिल्ली की यह बदहाली नहीं होती। दिल्ली की हर सड़क पर आज कूड़ा ही कूड़ा नजर आता है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि लैंडफिल साइट पर मेट्रो वेस्ट की गाड़ी, जो एक हाईवा गाड़ी है, कूड़े की जगह मलबा फेंक रही है। उन्होंने कहा कि एक हाईवा गाड़ी में मलबे का वजन सामान्य कूड़े के करीब 10 डंपर के बराबर होता है। इससे कागजों में वजन बढ़ जाता है और कंपनी को ज्यादा पैसा मिलता है। इस भ्रष्टाचार में सिर्फ मेट्रो वेस्ट कंपनी ही नहीं, बल्कि अधिकारी और भाजपा के नेता भी शामिल हैं। ये लोग फर्जी आंकड़े दिखाकर और एजेंसियों के साथ सेटिंग करके भ्रष्टाचार का पैसा कमा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलबे के साथ-साथ ये लोग रात को गोबर भी उठा रहे हैं, जो बायोगैस प्लांट में जाना चाहिए था। चूंकि गोबर का वजन भी कूड़े से ज्यादा होता है, इसलिए उसे लैंडफिल साइट पर शिफ्ट किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा की चार इंजन वाली सरकार और उसके मंत्री-मुख्यमंत्री कहते हैं कि 'कूड़े के पहाड़ को जाना पड़ेगा’, लेकिन वास्तव में वे कूड़े के नाम पर मलबा उठा रहे हैं। यह खेल गाजीपुर के साथ-साथ तीनों कूड़े के पहाड़ों पर चल रहा है। हाल ही में स्टैंडिंग कमेटी में भाजपा के अपने पार्षद ने भी यह बात उठाई थी कि सेंट्रल जोन में कूड़े की बजाय मलबा उठाया जा रहा है। एजेंसियां, अधिकारी और भाजपा नेता सहित सभी लोग आपस में मिलकर यह धांधली कर रहे हैं। भाजपा ने दिल्ली की जनता के साथ छल किया है और उनके टैक्स के पैसों को भ्रष्टाचार में लगा रही है।



दिल्ली: सेवा ही संगठन भाजपा का पहला कर्तव्य है” — इसी भावना को आत्मसात करते हुए भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनसेवा और जनसंवाद को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दिल्ली भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक विस्तृत जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केन्द्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने स्वयं उपस्थित रहकर राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएँ विस्तारपूर्वक सुनीं और समस्याओं को त्वरित समाधान करने का प्रयास किया। दिल्ली भाजपा सहयोग प्रकोष्ठ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार आज कुल 38 विभिन्न समस्याओं को लेकर सुनवाई हुई। जन सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने बिजली आपूर्ति, जल संकट, सीवर जाम, क्षतिग्रस्त सड़कों, साफ-सफाई की बदहाल स्थिति, सामाजिक सुरक्षा पेंशन में देरी, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, राशन कार्ड एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित अपनी शिकायतें रखीं। नागरिकों ने लंबे समय से लंबित समस्याओं को सीधे जनप्रतिनिधि के समक्ष रखकर समाधान की उम्मीद जताई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से तत्काल संवाद किया और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू कराई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन सुनवाई में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज कर समयबद्ध तरीके से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें लिखित रूप में संबंधित विभागों को अग्रेषित करते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के संगठन का मूल आधार सेवा और समर्पण है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए सतत रूप से कार्य करने वाला संगठन है। “सेवा ही संगठन भाजपा का पहला कर्तव्य है और इसी संकल्प के साथ हम जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। आम जनता की समस्याओं का समाधान करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि जनसेवा का मूल भाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार और संगठन जनता के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं और जन सुनवाई जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को अपनी बात सीधे नेतृत्व तक पहुँचाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
जनसुनवाई कि आयोजन प्रत्येक सप्ताह दिल्ली भाजपा का सहयोग प्रकोष्ठ करता है और आज की सुनवाई का संचालन प्रकोष्ठ प्रमुख श्री गुलशन विरमानी ने किया।

दिल्ली: अलमाइटी मोशन पिक्चर ने अपनी अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी और आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण परियोजना ‘संत’ की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह 7-भागों की प्रीमियम मल्टीलिंगुअल वेब सीरीज़ भारत के महान संत नीम करोली बाबा के जीवन, दर्शन और वैश्विक प्रभाव पर आधारित होगी—वही संत जिन्होंने स्टीव जॉब्स, मार्क ज़करबर्ग और जूलिया रॉबर्ट्स जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को भी गहराई से प्रभावित किया। यह सीरीज़ नीम करोली बाबा की असाधारण आध्यात्मिक यात्रा, उनके प्रेम, सेवा, भक्ति और करुणा के दर्शन को आधुनिक सिनेमा की भाषा में वैश्विक दर्शकों तक पहुँचाने का प्रयास है। ‘संत’ को एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रोजेक्ट के रूप में तैयार किया जा रहा है, जो भारतीय अध्यात्म और विश्व सिनेमा के बीच सेतु का कार्य करेगा।‘संत’ को 20 भाषाओं में तैयार किया जाएगा, जिससे यह भारतीय प्रोडक्शन हाउस द्वारा बनाई जा रही सबसे व्यापक मल्टीलिंगुअल आध्यात्मिक सीरीज़ में से एक होगी। सीरीज़ में लाइव-एक्शन सिनेमैटिक शूट, हाई-एंड वीएफएक्स और एआई-सहायता से दृश्य पुनर्निर्माण (AI-assisted visual reconstruction) का उपयोग किया जाएगा, ताकि विभिन्न कालखंडों और घटनाओं को यथार्थ और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।इस प्रोजेक्ट पर पिछले दो वर्षों से गहन शोध और विकास कार्य चल रहा है, जिसमें आध्यात्मिक विद्वानों, इतिहासकारों और रचनात्मक विशेषज्ञों की भागीदारी रही है, ताकि प्रस्तुति पूरी तरह प्रामाणिक, संवेदनशील और गहराईपूर्ण हो।अलमाइटी मोशन पिक्चर ने यूनाइटेड किंगडम से शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों को अंतिम रूप दिया है, वहीं भारत की अनुभवी क्रिएटिव और प्रोडक्शन टीम भी इस परियोजना का हिस्सा होगी। निर्माताओं का कहना है कि ‘संत’ वैश्विक ओटीटी मानकों पर खरी उतरेगी, लेकिन इसकी आत्मा पूरी तरह भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ी रहेगी। वैश्विक पहुंच के तहत, निर्माता विनम्र प्रयास के रूप में मार्क ज़करबर्ग, जूलिया रॉबर्ट्स और स्टीव जॉब्स फाउंडेशन जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से संपर्क करने की योजना भी बना रहे हैं, ताकि बाबा के सार्वकालिक और सार्वभौमिक प्रभाव को सही संदर्भ में प्रस्तुत किया जा सके।
