नई दिल्ली 03, Oct 2026

लेख

1 - बकरा मंडी भायखला में पुष्प वर्षा कर हुआ लाल बाग चा राजा का स्वागत

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल

 

दिल्ली: आम आदमी पार्टी की मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने की कांग्रेस पार्टी जॉइन । उनके साथ स्वर्गीय पुरुषोत्तम दास टंडन के परिवार से रजत राकेश टंडन जो कि पेशे से पत्रकार हैं एवं उत्तर प्रदेश के  पूर्व मंत्री एवं 8 बार विधायक रह चुके श्याम सुंदर शर्मा ने भी कांग्रेस पार्टी जॉइन की है । आज पार्टी कार्यालय में राज्य सभा सदस्य पवन खेड़ा, पार्टी के जम्मू  एंड कश्मीर प्रभारी नासिर हुसैन, राजीव शुक्ला एवं पार्टी के महाहासचिव (संगठन) अनिल भारद्वाज की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने तीनों को अंगवस्त्र पहनाकर विधिवत रूप से शामिल किया ।

प्रियंका कक्कड़ की आम आदमी पार्टी की प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता होने के साथ पार्टी में नीति निर्धारण में अहम भूमिका रही है । वह पेशे से अधिवक्ता हैं । उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गाँधी की कार्यशैली से प्रभावित होकर कांग्रेस पार्टी जॉइन की है । रजत राकेश टंडन को 20 साल लंबा पत्रकारिता का अनुभव है । उन्होंने कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया है । वह अपने राजनीतिक जीवन की शुरुवात कांग्रेस के साथ करना चाहते हैं । और यदि बात श्याम सुंदर शर्मा की की जाए तो उनका उत्तर परदेश की राजनीति में इतिहास बहुत लंबा होने के कारण पार्टी को लगता है कि प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में कहीं ना कहीं फ़ायदा होगा । 

आंदोलन कर 1 अक्टूबर से दिल्ली, मुम्बई सहित देशभर में शुरू हुए व्यपारिक सीजन को बर्बाद कर रहे हैं विपक्षी दल

दिल्ली: विपक्षी राजनीतिक दल मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध पर एक खोखला आंदोलन करके जहां देश का राजनीतिक वातावरण खराब कर रहे हैं, पुलिस प्रशासन पर नाजायज दबाव डाल रहे हैं । भाजपा के  दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने साधा निशाना कहा कि  1 अक्टूबर से दिल्ली, मुम्बई सहित देशभर में शुरू हुए व्यपारिक सीजन को भी बर्बाद कर रहे हैं।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है की 2027 के प्रारम्भ में होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को जहां पंजाब की सत्ता जाती दिख रही है तो वहीं कांग्रेस को गुजरात, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा एवं पंजाब में पहले से बुरी हार दिख रही है, ऐसे में यह दोनों दल ही नही हारे हताश कम्युनिस्ट, समाजवादी, राजद एवं त्रिनमूल ममता बनर्जी जैसे दल एक जुट होकर अब त्यौहारी सीजन में देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने में लगे हैं।
 
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा है इन विपक्षी दलों के आंदोलन के कारण दिल्ली में पूरा जुलाई व्यपार के लिए खराब रहा था तो अब फिर शुरू हुए विपक्षी आंदोलन से आगामी तीन माह का व्यपारी सीजन नष्ट होता देख दिल्ली के व्यपारिक संगठन परेशान हैं और अनेक संगठन हमारे सम्पर्क में आ कर इस राजनीतिक हार के भय में हो रहे आंदोलन की निंदा कर रहे हैं।

युवा दिलों की धड़कन बनी प्रेम कीटाणु


इन दिनों सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ युवाओं के बीच तेजी से चर्चा बटोर रही है। यह फिल्म एक फ्रेश और यूथफुल रोमांटिक-कॉमेडी है, जो प्यार, दोस्ती और जिंदगी की उलझनों को हल्के-फुल्के लेकिन दिल को छू लेने वाले अंदाज़ में पेश करती है। फिल्म की कहानी कॉलेज लाइफ, पहली मोहब्बत और करियर के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है। यही वजह है कि युवा वर्ग खुद को इस कहानी से आसानी से जोड़ पाता है। फिल्म का नैरेटिव सरल है, लेकिन उसकी प्रस्तुति आकर्षक और मनोरंजक है।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके लीड एक्टर वीर पहाड़िया हैं, जो ‘विशाल’ के किरदार में पूरी तरह फिट नजर आते हैं। उनका चुलबुला अंदाज़, शानदार कॉमिक टाइमिंग और इमोशनल सीन्स में सहज अभिनय फिल्म को मजबूती प्रदान करता है। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी बेहद नैचुरल लगती है, जिससे दर्शक उनके किरदार से तुरंत जुड़ जाते हैं। वीर पहाड़िया और आफिया सैयद की केमिस्ट्री भी फिल्म का एक बड़ा प्लस पॉइंट है। दोनों के बीच की केमिस्ट्री कहानी को और अधिक रिलेटेबल और दिलचस्प बनाती है। फिल्म में दोस्ती, मस्ती और इमोशन्स का संतुलन खूबसूरती से दिखाया गया है, जो इसे एक कम्प्लीट एंटरटेनमेंट पैकेज बनाता है।
 
निर्देशक अपूर्व सिंह कार्की ने फिल्म को ज्यादा भारी बनाने की बजाय इसे आसान, रंगीन और एंटरटेनिंग बनाए रखा है। फिल्म के गाने, लोकेशंस और कॉलेज का माहौल इसे एक यूथफुल वाइब देते हैं, जो खासतौर पर यंग ऑडियंस को आकर्षित करेगा। कुल मिलाकर, ‘प्रेम कीटाणु’ एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को हंसाती भी है, भावुक भी करती है और प्यार की मीठी यादों में भी ले जाती है। खास तौर पर वीर पहाड़िया की दमदार और दिल जीत लेने वाली परफॉर्मेंस इस फिल्म को खास बनाती है।

अचानक बुलाये गए विशेष सदन का आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने किया बहिष्कार

दिल्ली: अचानक  बुलाए गए एमसीडी के विशेष सदन का आम आदमी पार्टी के  निगम पार्षदों ने किया बहिष्कार । एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि एमसीडी का विशेष सदन ऐसे समय बुलाया गया, जब ‘‘आप’’ जंतर-मंतर पर भाजपा के लिए वोट चोरी करने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग कर रही है। एमसीडी ने जान-बूझकर तत्काल में सदन की बैठक बुलाया ताकि जनप्रतिनिधि वोट चोरी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद ना कर पाएं। इसलिए सदन की बैठक का हमने बहिष्कार किया। उन्होंने कहा कि गोडसे के भक्त, अब एमसीडी सदन में महात्मा गांधी के नाम पर उन्हीं की जयंती पर राजनीति कर रहे हैं। दिल्ली की जनता के असली मुद्दे, सफाई, कूड़ा और बदहाल नागरिक सुविधाओं पर जवाब देने के बजाय भाजपा बैठक रखकर दिखावे की राजनीति कर रही है।

उन्होंने कहा कि आज पूरे हिंदुस्तान का जेन-जी युवा जंतर-मंतर की तरफ बढ़ा, लेकिन चाहे दिल्ली हो, देश का कोई कोना हो या कोई बॉर्डर, युवाओं को जगह-जगह रोक दिया गया। आज इस लोकतांत्रिक देश के अंदर बिना किसी हिंसा के शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना भी बहुत मुश्किल हो गया है और भाजपा दिन-प्रतिदिन लोकतंत्र की हत्या करती जा रही है।  भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश कहलाता है, लेकिन जहां चुनाव कराने वाला चुनाव आयोग खुद बिका हुआ हो, वहां लोकतंत्र की हत्या अपने आप हो जाती है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने के लिए आज देश का हर युवा सड़क पर उतर रहा था, लेकिन पुलिस तंत्र ने उन्हें जंतर-मंतर पर एकत्रित नहीं होने दिया। जगह-जगह थानों के एसएचओ लोगों को बुलाकर डरा रहे हैं कि जंतर-मंतर मत जाना, वरना मुकदमा दर्ज हो जाएगा और आगे नौकरी नहीं मिलेगी।

दिल्ली का यह पुलिस तंत्र बच्चों के साथ होने वाले अपराधों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित होता है। शहर में रोजाना होने वाली लूटपाट, हत्याएं और सड़कों पर युवाओं पर होने वाले 15-15 चाकुओं के वार के मुजरिमों को पुलिस पकड़ नहीं पाती, लेकिन जो बेगुनाह युवा देश की आवाज उठाने जा रहे हैं, उन्हें जंतर-मंतर पहुंचने से सख्ती से रोकती है। भाजपा अपनी सबसे निम्न स्थिति में पहुंच चुकी है और उसे अच्छी तरह पता है कि देश का युवा और पूरी जनता उसके खिलाफ खड़ी है। आम आदमी पार्टी के पार्षदों को जंतर-मंतर जाने से रोकने के लिए आज जानबूझकर एमसीडी का सदन बुलाया गया। भाजपा की असंवेदनशीलता इतनी ज्यादा है कि आज ही के दिन भाजपा के महापौर की माता जी की क्रिया और अंतिम भोग था, लेकिन उसका भी लिहाज किए बिना भाजपा ने आज ही सदन की बैठक रख दी। गोडसे के भक्त आज महात्मा गांधी के नाम पर एमसीडी में गंदी राजनीति कर रहे हैं। उस सदन में सिर्फ भाजपा के चंद पार्षद बैठे नजर आए, जिसका न तो कोई महत्व था और न ही उससे जनता का कोई भला होना था।
 
दिल्ली की जनता चाहती है कि हर सड़क, हर ढलाव और हर गली साफ रहे, जलभराव न हो, प्रदूषण न फैले और बाढ़ जैसी स्थिति न बने। लेकिन भाजपा के शासन में ये सारी समस्याएं और बढ़ गई हैं। पूरी दिल्ली में हर सड़क और गली वल्नरेबल पॉइंट में तब्दील हो चुकी है, चारों तरफ सिर्फ कूड़ा नजर आता है और सड़कों को ढलाव बना दिया गया है। चंद बारिशों के अंदर ही पूरी दिल्ली डूबती नजर आई। एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाया कि जो भाजपा वाले पहले अरविंद केजरीवाल का झीलों का शहर कहकर मजाक उड़ाते थे, आज उन्हीं के राज में किसी भी गली या सड़क पर चले जाएं, हर तरफ सिर्फ जलभराव दिखता है। भाजपा को जनता के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। वे सिर्फ एमसीडी के नेक्सस के साथ मिलकर अपनी जेबें भरने, पीजी चलाने, भ्रष्टाचार करने और सत्ता के लोभ में आए हैं। आने वाले समय में यही युवा और देश की जनता भाजपा को सत्ता से उखाड़ कर फेंक देगी।

लव कुश रामलीला में इस बार मनोज तिवारी केवट के रूप में प्रभु श्री राम को करवायेंगे नैया पार

 

दिल्ली: अंगद एवं भगवान परशुराम का किरदार निभा चुके सांसद एवं भाजपा के पूर्व दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी निभायेंगे लव कुश रामलीला में केवट का किरदार । लव कुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार एवं अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में मीडिया से रूबरू होकर मनोज तिवारी लव कुश रामलीला से अतिरिक्त लगाव का कारण यह रामलीला स्थानीय कलाकारों को भी प्रमोट करती है । इस बार दिल्ली के लगभग 250 कलाकार दिल्ली के है । वैसे 25 रामलीलाओं में कहीं ना कहीं उनका योगदान है । राम कथा की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि बनारस के तुलसी मानस मंदिर में पहली राम कथा गोस्वामी तुलसीदास ने वांची थी । समय के साथ कथा का नाटकीय मंचन होने लगा । पौराणिक कथाओं के अनुसार 16 वीं शताब्दी में इस मंदिर के कहीं आसपास गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरित मानस की रचना की थी । मनोज तिवारी राजनीतिज्ञ होने के साथ साथ लोकप्रिय भोजपुरी गायक भी हैं । वह  गाँव में बचपन में रामलीला से जुड़े  थे यही परंपरा आज भी जारी है ।

लव कुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार इस बार की रामलीला का मंचन पर्यावरण पर आधारित है । प्रधान मंत्री मोदी के अभियान एक पौधा माँ के नाम की कड़ी में इस बार लव कुश रामलीला के निमंत्रण पत्रों पर घर में  राम घर घर में तुलसी प्रकाशित किया गया है । जेन जी को अपनी संस्कृति आकर्षित करने के लिए 5100 तुलसी के पौधे  ज़ेन जी को दिए जायेंगे । रामायण एक परिवार को जोड़ने की कला है । इस बार दशहरे के दिन रंगोली से प्रभु राम की भव्य आकृति बनाई जाएगी जिसे एक लाख दीयों से सजाया जाएगा । हर बार की तरह इस बार की रामलीला का मंचन हाई टेक एवं 8 ट्रैक डिजिटल साउंड सिस्टम अत्याधुनिक एआई टेक से लेस होगा । 

पुलिस स्टेशन नरेला इंडस्ट्रियल एरिया कॉम्प्लेक्स में लक्ष्य दिल्ली पुलिस पब्लिक लाइब्रेरी का उदघाटन

दिल्ली: ज्ञान, सीखने एवं रचनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के मकसद से एक अहम सामुदायिक पहल के तहत, आज बाहरी उत्तरी जिले के पुलिस स्टेशन नरेला इंडस्ट्रियल एरिया कॉम्प्लेक्स में लक्ष्य - दिल्ली पुलिस पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन जोन-1 के लॉ एंड ऑर्डर के स्पेशल पुलिस कमिश्नर देवेश चंद्र श्रीवास्तव के करकमलों से  वरिष्ठ पुलिस अधिकारी , पुलिसकर्मी एवं आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न । 

लक्ष्य पब्लिक लाइब्रेरी को समुदाय के  छात्रों एवं  युवाओं के लिए पढ़ने, सीखने, शिक्षा और आत्मविकास के लिए एक अच्छा माहौल देने  के मकसद से बनाया गया है । यह पहल सामुदायिक पुलिसिंग और पुलिस और जानता के बीच सार्थक जुड़ाव को मजबूत करने के प्रति प्रतिबद्धता की एक पहल है । मौके  पर जनसंवाद का भी आयोजन किया गया जिसमें आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधि एवं स्थानीय निवासी शामिल हुए। स्पेशल पुलिस आयुक्त, उत्तरी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय सिंह, पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त एवं बाहरी उत्तर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उठाये गए मसलों के निवारण का आश्वासन दिया ।

इस में दो राय नहीं कि जनसंवाद पुलिस एवं समुदाय के बीच सीधा संवाद और तालमेल मजबूत करने के लिए एक अहम मंच है । मौके पर उत्कृष्ट भूमिका निभाने के लिए पुलिसकर्मियों को संमानित किया गया । 

256 मंडलों में चला भाजपा का सघन स्वच्छता अभियान

दिल्ली:  मुख्य मंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता एवं  भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 76वें  जन्मदिन एवं लोकसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में "सेवा मेरा योगदान - स्वच्छता श्रमदान" दिल्ली के सभी 256 मंडलों में लगभग 2470 स्थानों पर सघन स्वच्छता अभियान चलाया। संसद सदस्य, मंत्री एवं विधायक, सभी निगम पार्षद और सभी प्रदेश, जिला एवं मंडल पदाधिकारी स्वच्छता अभियान में शामिल हुए जिनमें प्रमुख रूप से  रेखा गुप्ता तिमारपुर में, हर्ष मल्होत्रा गीता कॉलोनी में, रामवीर सिंह बिधूड़ी ईस्ट आफ कैलाश में,  प्रवेश साहिब सिंह हनुमान मंदिर, आशीष सूद पंखा रोड़ में, कपिल मिश्रा करावल नगर में,  योगेन्द्र चांदोलिया देव नगर में, कमलजीत सहरावत द्वारका,  प्रवीन खंडेलवाल अजमेरी गेट पर, बाँसुरी स्वराज मोती नगर में, सतीश उपाध्याय ग्रीन पार्क में,  योगिता सिंह देशबंधु अपार्टमेंट में,  राजेश भाटिया राजेन्द्र नगर में, प्रवीण शंकर कपूर चांदनी चौक में, सुमन कुमार गुप्ता ने यमुना बाजार में, डा. अनिल गुप्ता ने रोहताश नगर में,  सूर्य प्रकाश खत्री तिमारपुर में,  अजय महावर घोंडा में,  शिखा रॉय एवं श्रीमती अंजुम मंडल ग्रेटर कैलाश में सम्मिलित हुए और श्रमदान किया।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा की आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस और लोकसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज दिल्ली भाजपा द्वारा आयोजित “सेवा मेरा योगदान - स्वच्छता श्रमदान” कार्यक्रम में सम्मिलित होकर अत्यंत गर्व और ऊर्जा की अनुभूति हो रही है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने 25 वर्षों में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को राजनीति का मूल मंत्र बनाया है। "स्वच्छ भारत" प्रधान मंत्री मोदी का सपना है और सेवा ही उनकी साधना है और सेवा ही संगठन, सेवा ही समर्पण उनका विश्वास है। मुख्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे #SevaSankalpAbhiyan के अंतर्गत आज ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ स्वच्छता ही सेवा अभियान में कमला नेहरू रिज पर श्रमदान किया और सफाई एवं मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। दिल्ली एक साथ आगे बढ़ती है, तो बदलाव भी बड़ा होता है। आज हजारों स्वच्छाग्रहियों और साथियों ने अपने श्रम और सेवा से स्वच्छ दिल्ली के संकल्प को नई शक्ति दी है, इस अभियान से जुड़े प्रत्येक साथी का हृदय से आभार। उन्होंने कहा की आइए, इसी साथ और इसी संकल्प के साथ अपनी दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाएं।

एम. तिलविन सिल्वा के नेतृत्व में श्रीलंका की सत्ताधारी जेवीपी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली भाजपा के पदाधिकारियों से मुलाकात की

दिल्ली : भाजपा  के अंतर्राष्ट्रीय मिलन कार्यक्रम "भाजपा को जानों" के अंतर्गत आज श्रीलंका की सत्ताधारी पार्टी जनता विमुक्ति पेरमुणा (जे.वी.पी.) का प्रतिनिधिमंडल पार्टी महामंत्री श्री एम. तिलविन सिल्वा के नेतृत्व में आज दिल्ली भाजपा कार्यालय में आकर पदाधिकारियों से मुलाक़ात की । प्रतिनिधिमंडल में जे.वी.पी. केन्द्रीय समिति सदस्य  चंद्रिका अधिकारी, श्रीलंका सांसद  अबूबकर अथम्बावा, जाफना नगर परिषद सदस्य  काबिलन सुंदरमूर्ति और श्रीलंका संसद नेता की समन्वय सचिव सुश्री बी.आर.के. मधुभाषिणी सम्मिलित थे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा, संगठन महामंत्री  पवन राणा, वरिष्ठ पदधिकारियों  विष्णु मित्तल,  योगिता सिंह, विजय सोलंकी एवं ॠचा पांडेय ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर भाजपा के विदेश विभाग पदाधिकारी  विजय चौथाईवाले एवं  नकुल भारद्वाज और दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख  प्रवीण शंकर कपूर एवं कार्यालय मंत्री  कैलाश जैन भी उपस्थित रहे।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने प्रतिनिधिमंडल के लिए अपने स्वागत भाषण में कहा कि  भारत और श्रीलंका के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, ये सभ्यता, संस्कृति और आस्था के संबंध हैं। रामायण काल से लेकर बौद्ध धर्म के प्रचार तक, हमारे पूर्वजों ने आपसी भाईचारे की नींव रखी। समुद्र हमें अलग करता है, पर मन और मस्तिष्क हमें जोड़ते हैं। श्रीलंका में बसने वाले तमिल, बौध, सिंहल, मुस्लिम सभी समुदायों से भारत का रिश्ता परिवार जैसा है। आज जब हम वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तब पड़ोसी देशों के साथ मित्रता और सहयोग और भी आवश्यक हो गया है। 
 
प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत-श्रीलंका संबंधों को एक नई ऊंचाई मिली है। पिछले 10 वर्षों में आर्थिक सहायता, ऊर्जा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में दोनों देशों ने अभूतपूर्व काम किया है। कोविड के समय "वैक्सीन मैत्री" और आर्थिक संकट में भारत द्वारा दी गई सहायता इसका जीवंत उदाहरण है। भाजपा मानती है कि मजबूत पड़ोसी ही मजबूत क्षेत्र बनाते हैं। आपकी पार्टी जे.वी.पी.  के सत्ता में आने के बाद श्रीलंका में स्थिरता और विकास की जो नई पहल शुरू हुई है, हम उसका स्वागत करते हैं। हम चाहते हैं कि लोकतंत्र, पारदर्शिता और जनकल्याण के साझा मूल्यों पर हम मिलकर काम करें।
आज का यह संवाद हमारे रिश्तों को और गहरा करेगा। 

मताधिकार की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन के सभी घटक एकजुट

दिल्ली: आज हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल सभी घटकों ने संयुक्त रूप से निर्णय लिया है कि देश के हर मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए वे एकजुट हैं  एवं आगामी 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर संविधान बचाओ रैलियाँ निकाली जायेंगी । 6 अक्टूबर को विपक्ष के सभी सांसद दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च करेंगे । अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में माननीय राष्ट्रपति से मुलाकात कर मसले पर संज्ञान लेने के लिए प्रयास किया जायेगा । विपक्ष द्वारा 5 मेघा रैलियों का आयोजन किया जाएगा जिनमे से एक मेघा रैली का आयोजन दिल्ली में 1 अक्टूबर को होगा । अंत में एसआईआर एवं मतदाता सूची से संबंधित सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के तुरंत निपटारे की अपील की जाएगी ।

 गठबंधन की बैठक में सभी नेताओं ने खुलकर अपनी बात रखी। जो नेता बैठक में मौजूद नहीं थे, उन्होंने भी ऑनलाइन माध्यम से अपने सुझाव साझा किए।कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे का कहना है कि मोदी-शाह चुनाव आयोग से कठपुतली की तरह काम करा रहे हैं। ये लोग सिर्फ वोटों की चोरी करके चुनाव जीत रहे हैं। जब हमारे लोग इसका विरोध करते हैं, तो उन्हें परेशान किया जाता है। इसके खिलाफ गठबंधन मजबूती से अवाज उठायेगा ।पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी  के अनुसार आज देश में एक बड़ा स्कैम हुआ है- जिसका परिणाम जनता भुगत रही है। बीजेपी ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके अलग-अलग राज्यों में सरकार बनाई। लेकिन अब पर्दाफाश हो चुका है कि ज्ञानेश कुमार चोर है, डाकू हैउसने लोगों का वोट चोरी किया, ईवीएम मशीनों को जला दिया और काउंटिंग में गड़बड़ी की। इसलिए ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना होगा।अगर ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो बड़ा आंदोलन होगा । हम सभी मिलकर इस 'वोट चोरी' के खिलाफ लड़ेंगे। 

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के अनुसार गठबंधन की बैठक में काफी अच्छी चर्चा हुई है और वोट चोरी से जुड़े मामले पर सभी से बात हुई।  सभी का मानना है कि BJP, नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार ने लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला किया है।

यदि थप्पड़बाजी एवं मोबाइल छीनकर सबूत नष्ट करने का प्रयास वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तो अदालत का दरवाजा खटखटायेगी आप

दिल्ली: मंत्री द्वारा थप्पड़बाजी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दिल्ली पुलिस के  अभद्र व्यवहार के खिलाफ पार्टी ने कोर्ट जाने का फैसला किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर पुलिस को न्याय देना होता तो हमारी शिकायत पर अब तक एफआईआर दर्ज कर ली गई होती। पुलिस ने हमारी महिला कार्यकर्ताओं के साथ छेड़छाड़ की, उनके कपड़े फाड़े और मेरा गला घोंटने का प्रयास किया। साथ ही, अपराधियों की तरह पुलिस ने जातिगत और साम्प्रदायिक दंगा भड़काने की कोशिश की। यह सब कैमरे में कैद है। इसके बाद भी न तो प्रवेश वर्मा पर एफआईआर हुई और ना ही कानून के खिलाफ काम कर रहे पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज हुई  ।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों हम प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। यह मामला थप्पड़ मारने से कहीं ज्यादा गंभीर है। प्रवेश वर्मा ने थप्पड़ मारने के साथ ही साहिब सिंह के हाथ से उसका मोबाइल भी छीना था। उस मोबाइल में प्रवेश वर्मा के विभाग का भ्रष्टाचार रिकॉर्ड हो रहा था। जब विधायक जरनैल सिंह ने प्रवेश वर्मा के सामने सड़क को हाथ से उखाड़ कर दिखाया, तो उन्होंने अपने विभाग के अफसरों से कोई सवाल नहीं किया और न ही जांच या दोषियों को सजा देने की बात कही, बल्कि वह उस पूरे मामले में अधिकारियों का बचाव कर रहे थे। इसी भ्रष्टाचार के सबूतों को मिटाने के उद्देश्य से प्रवेश वर्मा ने उस लड़के का मोबाइल झपटा था।

घटना की वीडियो दिखाकर कहा कि हमला करने से पहले प्रवेश वर्मा के दोनों हाथ खाली थे, लेकिन अगले ही पल उन्होंने एक हाथ से लड़के का मोबाइल झपटा और दूसरे हाथ से उसे थप्पड़ मारा। यानी प्रवेश वर्मा एक मोबाइल स्नैचर भी हैं। प्रवेश वर्मा पर सबूत मिटाने, थप्पड़ मारने और आपराधिक साजिश रचने का मुकदमा बनता है। इस आपराधिक साजिश में विकासपुरी के एसएचओ घनश्याम किशोर समेत तमाम पुलिस वाले भी शामिल हैं, जिन्होंने उस लड़के को धक्का दिया और क्राइम सीन से प्रवेश वर्मा को भागने में मदद की। पुलिस का काम प्रवेश वर्मा को वहीं रोककर हिरासत में लेना था।
 
इतना ही नहीं  प्रवेश वर्मा पर एफआईआर दर्ज करने का दबाव कम करने के लिए लगातार आम आदमी पार्टी के लोगों पर झूठे मुकदमे थोपे जा रहे है। पुलिस ने 28 सितंबर को भ्रष्टाचार उजागर करने वाले विधायक जरनैल सिंह के ऊपर ही ब्लैकमेलिंग और पैसे मांगने का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार को एक और नया झूठा मुकदमा दर्ज किया। एक हरी टी-शर्ट वाला आदमी आम आदमी पार्टी के पार्षद को जातिसूचक शब्दों से भड़का रहा था ताकि वहां दंगा हो जाए।  विधायकों और कार्यकर्ताओं ने वर्दी वाले पुलिस वालों को इशारा करके बताया कि यह आदमी यहां गुंडागर्दी कर रहा है। जब वह भागने लगा, उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया । अब पुलिस उस हरी टी-शर्ट वाले गुंडे को सरकारी गुंडा और कांस्टेबल बता रही है। पुलिस ने झूठी कहानी बनाई कि उनका कांस्टेबल वीडियो बना रहा था और आम आदमी पार्टी वालों ने उसे पीटा, जिसमें मेरा और जरनैल सिंह का नाम भी डाल दिया गया।
 
वीडियो दिखाते हुए उन्होंने कहा कि इसमें साफ है कि वह आदमी वीडियो नहीं बना रहा था। वह सिर्फ कान पर मोबाइल लगाकर वहां से भागने का नाटक कर रहा था। उसी के साथ सफेद और काले चेक वाली टी-शर्ट में एक और आदमी था और उससे एक दिन पहले 27 सितंबर को हल्की नीली टी-शर्ट वाले एक आदमी ने भी बिल्कुल इसी तरह जातिसूचक गालियां देकर दंगा भड़काने की कोशिश की थी। दिल्ली पुलिस अपना आधा एडिट किया हुआ वीडियो भाजपा के सोशल मीडिया ट्रोल्स को देती है ताकि हमले की झूठी खबर तक फैलाई जा सके।
 
पुलिसकर्मियों ने  महिला कार्यकर्ता साक्षी गुप्ता के साथ भी जंतर-मंतर जैसी ही बर्बरता की है। पुलिस ने उन्हें खींचते वक्त बहुत गलत तरीके से पकड़ा और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। इन सभी घटनाओं के साक्ष्यों के साथ पुलिस कमिश्नर को लिखित और फिजिकल शिकायत भेज दी है। अगर कमिश्नर कार्रवाई नहीं करेंगे, तो  अदालत जाकर इन पुलिस वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी और इन्हें बख्शा नहीं जाएगा ।
 
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि साक्षी गुप्ता के साथ जानबूझ कर गलत बर्ताव किया गया, ताकि महिला को अपमानित किया जा सके। अमूमन पुलिस हाथ या पैर पकड़ कर खींचती है, लेकिन पैंट के अंदर हाथ नहीं डालती। पुलिस ने साक्षी की छाती को पीछे से पकड़कर इसलिए खींचा ताकि बाकी महिलाएं यह सोचकर डर जाएं कि वर्दी के अंदर बलात्कारी आ गए हैं। हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं और सबको कोर्ट लेकर जाएंगे। पुलिस इस गलतफहमी में ना रहे कि उनकी इन एफआईआर से हम लोग डर जाएंगे।

सीडब्ल्यूसी की बैठक में वोट चोरी बना बड़ा मसला

दिल्ली: सीडब्ल्यूसी की बैठक में लोकसभा में बोले नेता विपक्ष  राहुल गांधी कहा कि वोट चोरी जैसे खुलासे कांग्रेस पार्टी के कारण ही हो रहे हैं। पिछले दो साल से वोट चोरी का मुद्दा उठाया जा रहा है । कर्नाटक के महादेवपुरा का चुनाव, हरियाणा और महाराष्ट्र चुनाव को लेकर उन्होंने सारी जानकारी जनता के सामने रखी। उनका कहना है कि  देश में जो चुनाव हो रहे हैं, वो निष्पक्ष नहीं हैं, ये नरेंद्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के बीच मैच फिक्सिंग वाले चुनाव हैं ।सरकार द्वारा जो कानून पारित किए गए और अधिनियम बनाए गए हैं, वो सभी गैरकानूनी हैं। 

उनका कहना है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तुरंत इस्तीफा दें एवं एसआईआर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए । साथ ही वोटर लिस्ट से हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नामों को फिर से जोड़ा जाए । क्यूंकि ज्ञानेश  कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी के इशारे पर वोट चोरी की है, प्रधानमंत्री मोदी भी इस्तीफा दें । उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति सिर्फ विरोध की नहीं, बल्कि प्रतिरोध की भी है। संसद के भीतर वे विरोध करते हैं, सड़कों पर प्रतिरोध करते हैं और हम आगे भी ये करते रहेंगे। 

आम आदमी के निगम पार्षदों की सदन में जमकर नारेबाजी

 

दिल्ली: सिविक सेंटर, एमसीडी मुख्यालय में आज आयोजित सदन की बैठक में  एमसीडी के सिक्योरिटी गार्डों ने आम आदमी पार्टी के सभी निगम पार्षदों को सदन में जाने से रोकने के प्रयास का आरोप लगाते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी  के सभी पार्षद सदन में पहुंच गए, सदन की अध्यक्षता कर रही, डिप्टी मेयर डॉ. मोनिका पंत सदन की बैठक स्थगित कर वहां से चली गईं। भाजपा सरकार को सवालों और विपक्ष की आवाज़ से इतना डर क्यों है ?

उनका मानना है कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को सदन में बोलने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनहित के मुद्दों का अपमान है। सत्ता आसीनों को जवाब देना होगा कि आखिर भाजपा सदन चलाने से क्यों भाग रही है। नेता प्रतिपक्ष सहित आम आदमी पार्टी के पार्षदों  सदन में जमकर नारेबाजी करते हुए दिखाई दिए ।

गौरव वर्मा ने सात गानों वाले एल्बम की खास वजह

 प्रेम कीटाणु के गौरव वर्मा ने बताया कि फिल्म में सात गानों का एल्बम रखना एक सोच-समझकर लिया गया फैसला है। गौरव वर्मा अपनी आने वाली बडी-कॉमेडी फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ लेकर आ रहे हैं। यह फिल्म उनके अपने प्रोडक्शन बैनर अवनीका फिल्म्स के तहत पहली फिल्म है। फिल्म की कहानी छोटे शहर से बड़े शहर में पढ़ाई और अपनी आज़ाद जिंदगी की तलाश में आने वाले कुछ लड़कों की है। यह उन लड़कों की कहानी है जो पढ़ाई के लिए छोटे शहर से बड़े शहर आते हैं और अपनी जिंदगी में कुछ तलाशने की कोशिश करते हैं। हममें से ज्यादातर लोगों ने कभी न कभी ऐसी जिंदगी जी है और संघर्ष किया है, इसलिए यह कहानी आपको अपनी और पुरानी यादों जैसी लगेगी। दूसरी बात यह है कि आज के समय में भी लोगों की जिंदगी में संघर्ष जारी है।” 

कई सालों तक स्टूडियो सिस्टम में काम करने के बाद अब अपने प्रोडक्शन बैनर के साथ काम करने को लेकर गौरव कहते हैं कि निर्माता की जिम्मेदारी में ज्यादा बदलाव नहीं आता। वह कहते हैं, “फर्क सिर्फ इतना है कि अब अपना बैनर है। चाहे आप किसी के साथ मिलकर फिल्म बना रहे हों या स्वतंत्र रूप से, जिम्मेदारी और जवाबदेही लगभग वही रहती है। जब आप स्वतंत्र निर्माता होते हैं, तो आपको खुद सोचना पड़ता है कि फिल्म को कैसे बनाया जाए और उसे दर्शकों के सामने किस तरह पेश किया जाए। फिल्म को कोई ब्रांड नहीं बनाएगा, बल्कि फिल्म खुद अपना ब्रांड बनाएगी।”
 
फिल्म का संगीत इसकी कहानी और दुनिया को और बड़ा बनाता है। आजकल जहां फिल्मों में अक्सर एक-दो गाने या पुराने गानों के नए वर्जन देखने को मिलते हैं, वहीं ‘प्रेम कीटाणु’ में सात गानों का पूरा एल्बम रखा गया है। उनका कहना है कि जब वह बड़े हो रहे थे, तब संगीत उनकी जिंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा हुआ करता था। वह संगीत के जरिए जिंदगी के बारे में सपने देखते थे और चीजों की कल्पना करते थे। इसलिए उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट के साथ-साथ इसके संगीत पर भी काम करना शुरू कर दिया था। किसी भी फिल्म से हमारा पहला जुड़ाव अक्सर उसके संगीत से होता था। हमारी भावनाएं संगीत से जुड़ती थीं, फिल्म और कलाकारों के प्रति लगाव भी संगीत से बनता था। अगर वह 90  के दशक की बात करें , जब वह बड़ा हो रहे थे , तो कई बार ऐसी फिल्में भी होती थीं जो ज्यादा सफल नहीं होती थीं, लेकिन वह उनके कलाकारों को जानते थे क्योंकि उस फिल्म का गाना वह हर दिन सुनते थे ।

‘हनुमान अंश’ की टीम ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ से संमानित

दिल्ली: फिल्म ‘शिरडी साईं बाबा’ के निर्माता और शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक एवं मैनेजिंग ट्रस्टी औषिम खेरतपाल ने नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति में आयोजित एक विशेष समारोह में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के कलाकारों, निर्माता और निर्देशक को ‘‘साइटेशन ऑफ ऑनर"’ से सम्मानित किया। शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति (GSDS) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस समारोह का उद्देश्य सिनेमा के माध्यम से आध्यात्मिक चेतना, आस्था और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रोत्साहित करना था।
 
इस अवसर पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय गोयल, शिरडी लोकसभा क्षेत्र के सांसद भाऊसाहेब राजाराम वाकचौरे, शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन के संस्थापक औषिम खेरतपाल और साईं बाबा पीस अवॉर्ड्स की इंटरनेशनल स्ट्रैटेजिस्ट संजना जॉन विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी, मुख्य अभिनेता शोभिनव सत्य, बाल कलाकार विहान शेगड़े, जिन्होंने फिल्म में 14 वर्षीय बाबा की भूमिका निभाई है, तथा निर्माता नम्रता और रागिनी सोना सहित फिल्म की टीम ने शिरकत की। इस दौरान औषिम खेरतपाल ने फिल्म की पूरी टीम को ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ प्रदान कर सम्मानित किया।
 
समारोह में औषिम खेरतपाल ने कहा, "आज से 26 साल पहले हमने शिरडी के साईं बाबा के जीवन पर फिल्म ‘Shirdi Sai Baba’ बनाई थी, जिसका उद्देश्य साईं बाबा के संदेशों और उनकी जनकल्याण की भावना को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना था। आज मुझे खुशी है कि ‘हनुमान अंश' के निर्माताओं और कलाकारों ने भी एक ऐसी फिल्म बनाई है, जो दर्शकों के भीतर आस्था और धार्मिक चेतना को जागृत करती है। इस फिल्म की पूरी टीम को ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित करते हुए मुझे एक विशेष आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है। मेरा मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध करने का एक सशक्त जरिया भी है।"
 
इस अवसर पर गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के उपाध्यक्ष श्री विजय गोयल ने कहा, "‘हनुमान अंश जैसी फिल्में हमारी आध्यात्मिक परंपराओं और धार्मिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य करती हैं। आज महात्मा गांधी के स्मृति स्थल पर इस फिल्म की पूरी टीम का सम्मान होना अपने आप में विशेष महत्व रखता है। यह सम्मान उन कलाकारों और फिल्मकारों के प्रयासों को प्रोत्साहित करता है, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को सिनेमा के माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।"
 
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम का सम्मान रहा। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सिनेमा के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की। ऐतिहासिक गांधी स्मृति परिसर में आयोजित यह समारोह शिरडी साईं बाबा फाउंडेशन और गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति की शांति, सद्भाव, सांस्कृतिक जागरूकता और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने की साझा पहल का हिस्सा रहा। कार्यक्रम के अंत में औषिम खेरतपाल ने ‘हनुमान अंश’ की पूरी टीम को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और फिल्मकारों से भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रेरित विषयों पर सार्थक सिनेमा बनाने का आह्वान किया।

फुल टू मस्ती और धमाल के साथ हुआ नागपाड़ा पुलिस थाना वसाहत के गणपति का विसर्जन

मुंबई: अनंतचतुर्दशी के सुरक्षा इतेजामात से निपटने के बाद अगले दिन फुरसत के लम्हों में हुआ नागपाड़ा पुलिस थाना वसाहत के गणपति का विसर्जन । पुलिसकर्मी एवं उनके परिजन ने डीजे एवं ढोल ढमाके की तर्ज पर किया धमाल । फिल्मी धुनों की तर्ज पर पुलिसकर्मी थिरकते नजर आये ।

गिरगांव चौपाटी को विसर्जन के लिए जाने वाली लगभग हर छोटी बड़ी गणपति की प्रतिमा नागपाड़ा थाना क्षेत्र से होकर गुजरती है यहाँ तक कि  विसर्जन के लिए जा रहे लाल बाग चा राजा भी यहीं से होकर गुजरता है और नागपाड़ा चौक पर पुष्प हार पहनाकर उसका स्वागत होता है । ऐसे में सुरक्षा इंतेजामात के साथ यातायात नियंत्रण इसी थाने के अंतर्गत आता है । 


इस बार नागपाड़ा पुलिस वसाहत में गणपति के साथ झांकी के रूप में भगवान कृष्ण अपनी तर्जनी पर गोवर्धन पर्वत उठाये दिखाई दिए उनके साथ पर्वत के नीचे संरक्षण में आये गोकुलवासी दिखाई दिए । इसे विसर्जन के  लिए गणपति के साथ शामिल नहीं किया गया । विसर्जन के दौरान उड़ाये जा रहे गुलाल के बीच थिरकते हुए पुलिसकर्मियों का मिजाज ही कुछ अलग था । हर बार की तरह इस बार भी सर्वाधिक बजाई गई धुन " कोई जन्नत की  वो हूर नहीं मेरे कालिज की एक लड़की है ..." रही । 

दिल्ली हादसे, अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार आ रहे हैं सामने

दिल्ली: दिल्ली  सरकार एवं  एमसीडी  में  भाजपा के सत्ता में आने के बाद हादसे, अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने निशाना साधते हुए कहा कि सत्य निकेतन से लेकर अवैध PG निर्माण तक, नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और दिल्लीवासियों की जान जोखिम में है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में एक तरफ स्कूल मर्ज/बंद किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ स्कूलों की जमीन के इस्तेमाल पर नए-नए प्रस्ताव, आखिर ये कैसा विकास हैं?

 उन्होंने दिल्ली सरकार एवं एमसीडी की  भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकार बताए, दिल्ली में नियम चलते हैं या फिर नेताओं की सेटिंग?

चुनाव आयोग को लेकर हुए खुलासे पर बोले अभिषेक सिंघवी

दिल्ली: चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर हुए सनसनीखेज खुलासों का हवाला देते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी के कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक सेकेंड के लिए भी अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अपने दोनों सहयोगी चुनाव आयुक्तों की असहमति को नजरअंदाज करने का हवाला देकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग जैसी देश की प्रमुख संवैधानिक संस्था को तानाशाही एवं एकाधिकारवादी तरीके से चलाकर हाईजैक करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि यह लोकतंत्र और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है तथा भाजपा की 'साम-दाम-दंड-भेद' से चुनाव जीतने की सनक को दर्शाता है । डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग को वन मैन शो की तरह चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां एक बुलडोजर मोदी सरकार द्वारा बाहर चलाया जा रहा है, वहीं दूसरा बुलडोजर मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा चुनाव आयोग के भीतर अपने ही साथी चुनाव आयुक्तों को दरकिनार करके चलाया जा रहा है। उन्होंने तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या का कार्यालय खोल रखा है।

उन्होंने खुलासों का हवाला देते हुए बताया गया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार लिखित असहमति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया।  मुख्य चुनाव आयुक्त ने ऐसा कर सुप्रीम कोर्ट के 1995 के फैसले की अवहेलना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या ज्ञानेश कुमार की नजरों में बाकी चुनाव आयुक्त डमी हैं? नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म-छह में बदलाव किए गए। इसमें नए आवेदकों से उनके माता-पिता या दादा-दादी के पुराने एसआईआर में शामिल होने का ब्योरा मांगा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 में सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने लिखित रूप से इस बदलाव को ‘अनधिकृत एवं गैरकानूनी' करार दिया, क्योंकि नियमों के अनुसार इस फॉर्म को बदलने का अधिकार केवल सरकार के पास है। मई 2026 में दोनों आयुक्तों ने आपत्ति जताई कि जमीनी स्तर पर वोटर लिस्ट के प्रभारी अधिकारियों यानी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स को चुनाव आयोग के अपने आईटी पोर्टल का पूरा एक्सेस नहीं दिया जा रहा है और आईटी प्रमुख के माध्यम से इसे प्रतिबंधित किया जा रहा है। अगस्त 2026 में संधू ने लिखित सवाल पूछा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 16 लाख मामलों में चुनाव आयोग की ओर से अपील दायर करने की अनुमति किसने दी। डॉ. सिंघवी ने मांग की कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए दोनों चुनाव आयुक्तों की असहमति संबंधी सभी टिप्पणियां देश के सामने सार्वजनिक की जाएं।
 
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 1995 के एक ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त कोई सर्वोच्च अधिकारी नहीं, बल्कि समकक्षों में प्रथम हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि चुनाव आयोग बहुमत से निर्णय लेने वाली संस्था है और फैसले लेने की प्रक्रिया में हर चुनाव आयुक्त को अपनी बात कहने का हक देना चाहिए। आंकड़ों का जिक्र करते हुए डॉ. सिंघवी ने देशभर में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, और यह संख्या 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। एसआईआर के पहले और दूसरे चरण में 7.8 करोड़ मतदाताओं (13%) के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। वर्तमान में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे तीसरे चरण में 36 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 6.18 करोड़ नाम हटाए जा चुके हैं।  इसके अतिरिक्त, 5.43 करोड़ मतदाताओं को संदिग्ध बताते हुए उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने का नोटिस दिया गया है। इस प्रकार के कठोर नियमों का सबसे बड़ा नुकसान समाज के वंचित, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भुगतना पड़ता है, जिनके पास दस्तावेज जुटाने या अदालतों के चक्कर लगाने के संसाधन  नहीं होते।

 

दिल्ली के 7 वरिष्ठ नेता बने भाजपा के अलग अलग राज्यों में संगठनात्मक प्रभारी अथवा सह प्रभारी

दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने दिल्ली के 7 वरिष्ठ नेताओं को देश के अलग अलग राज्यों में संगठनात्मक प्रभारी अथवा सह प्रभारी का दायित्व सौंपा। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जो कि केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं ने जानकारी देते हुए कहा है कि यह हमारे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के संगठनात्मक कौशल का परिणाम है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिल्ली जैसे छोटे राज्य से 7 नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर दायित्व दिया है। अंडमान एंड निकोबार का प्रभारी जय प्रकाश जेपी, लद्दाख का प्रभारी  राजकुमार भाटिया, गुजरात का सह- प्रभारी  अजय महावर, महाराष्ट्र की सह-प्रभारी कमलजीत सहरावत,पंजाब का सह-प्रभारी  वीरेन्द्र सचदेवा, राजस्थान के सह-प्रभारी  कुलजीत चहल और उत्तराखंड की सह-प्रभारी  बांसुरी स्वराज  नियुक्त किए गए हैं ।

47.6 लाख लोगों के नाम काटकर उनमें 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां पूरी करने का नोटिस


दिल्ली:  एसआईआर प्रक्रिया में जहां पूरी पारदर्शिता, बिना भेदभाव और संविधान के अंतर्गत होनी चाहिए थी, एक भारत में, एक कानून और बराबर का हक मिलना चाहिए था, वहां चुनाव आयोग ने देश विशेष कर दिल्ली को दो वर्गों में बांट दिया हैं।  पहले वर्ग में वीआईपी लोगों के नाम है और दूसरे वर्ग झुग्गी झौपड़ी, अनाधिकृत कॉलोनी के आम लोग हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने  टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया विसंगतियों को पूरा करने के लिए वीआईपी लोग जैसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित बड़े लोगों की विसंगतियों को तो एसडीएम और अधिकारी उनके घर जाकर पूरा कर है लेकिन आम 31.6 लाख लोगों को विसंगतियों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। विसंगतियों में वीआईपी का नाम डालकर चुनाव आयोग ने सिर्फ अपनी नाकामियों को छिपाया है।

एसआईआर प्रक्रिया शुरु होने से पहले भाजपा के छोटे-बड़े नेताओं ने तर्क दिया था कि एसआईआर देश के लिए जरुरी है। इससे बंग्लादेशी, रोहिंग्या जो गैर कानूनी रुप से रह रहे हैं उनकी पहचान करके देश से बाहर भेजेंगे। मैं चुनाव आयोग से पूछना चाहता हूँ कि बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया में 19 करोड़ काटे गए नामांे में से कितने लोगों को केन्द्र सरकार ने देश से बाहर किया है। दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाताओं एसआईआर प्रक्रिया में 47.6 लाख लोगों का नाम काट दिया गया और उनमें से 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां होने का नोटिस दिया गया है। माता पिता की उम्र में अंतर, नाम की स्पेलिंग में गलत लिखावट, पता में अंतर आदि जो कम्प्यूटरकृत शैली के दोष है, जिन्हें कारण बनाकर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है।  उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि 31.6 लाख लोगांे में 70 प्रतिशत लोग अनाधिकृत काॅलोनियों, जे.जे. कलस्टर और सरकार द्वारा ध्वस्त किए गए जेजे कलस्टर के है, जिनके पास एन्यूमरेशन फार्म पहुॅचा ही नही। 30 सितम्बर तक विसंगतियों को पूरा करने का समय दिया गया है जो बहुत ही कम है, इसे बढ़ाकर 30 नवम्बर, 2026 किया जाना चाहिए, क्योंकि यह वो लोग है जो अपनी रोजी रोटी के लिए सुबह निकलते है शाम को आते है, कैसे चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए 12 दस्तावेजों को इतनी जल्दी पेश कर सकते है। चुनाव ऐसे लोगों को फार्म 6 भरने के लिए बाधित करके उन्हें नए सिरे से वोटर बना रहा है जिसके यह हवाला मांग रहा है कि वह पहली बार वोटर आवेदन कर रहे है।
 
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने समाज के एक वर्ग जिसे वोटर पहचान पत्र की जरुरत है उसे एसआईआर प्रक्रिया में लगभग आधी आबादी को मतदाता सूची से बाहर कर दिया है। गरीब आदमी जिसके लिए वोटर कार्ड पहचान, रहने का प्रमाण, कि कितने वर्ष से रह रहा है। चुनाव आयोग ने दिल्ली के 47.6 लाख लोगों का नाम काट उन्हें उनके अधिकार से वंचित करने की साजिश की है। जबकि संविधान मंे प्रत्येक नागरिक का चुनाव आयोग में नाम दर्ज करने का प्रावधान है। भाजपा ने सत्ता में आते ही जेजे कलस्टर को तोड़ना शुरु किया और उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत दिल्ली की वोटर लिस्ट से हटाने का काम किया है। उन्होंने उदाहरण स्वरुप बताया कि सिविल लाईन्स के बूथ 33 नम्बर बेला रोड़ की झुग्गी उजाड़ने के बाद सिर्फ 1 वोट बचा है जहां 728 वोट थे।
 
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में लोगों के नाम काटने के बाद दलितों, पिछड़ो, गरीबों और मजदूर वर्ग की आवाज उठाते हुए चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का आॅडिट कराने की मांग की है कि मौजूदा मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद 47.6 लाख लोगों के नाम कैसे काटे गए? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार जिस बूथ पर 2 प्रतिशत से अधिक विसंगतियां है उनको ईआरओ सत्यापित करके त्रुटियों को सही करेंगे। 14947 बूथों में से 99.66 प्रतिशत 14896 बूथों पर 2 प्रतिशत से अधिक विसंगतियां है, जबकि दिल्ली भर में सिर्फ 1200 ईआरओ है। क्या पूरी दिल्ली में 14896 बूथों पर 31.6 लाख नागरिकों की विसंगतियों को ईआरओ व्यक्तिगत रुप से 30 तारीख तक सत्यापित करके सही कर सकते है?
 
एसआईआर प्रक्रिया से पहले हमारे बीएलए-2 सभी 13021 बूथों पर दिल्ली के लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे थे, लेकिन पूरी एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने हमारे बीएलए-2 और बूथ मेनेजमेंट कमेटी की आपत्तियों को नकार कर दिल्ली में 47.6 लाख लोगों के नाम काट दिए, जबकि यह 30-40 वर्षों से राजधानी में रह रहे है। उन्होंने कहा कि भारत के हर नागरिक को मतदाता बनने का अधिकार है, जिसे भाजपा एक साजिश के तहत छीन रही है। देश भर में अब हुई एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा सरकार ने 19 करोड़ लोगों के नाम काट कर उनका मताधिकार छीन लिया है।
 
 
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव जीतने की साजिश के तहत शुरु की गई एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह राजनीतिक नरसंहार है। 

असम में कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला विपक्ष के नेताओं को डराने-धमकाने की साजिश

असम के नौगांव लोकसभा उपचुनाव में प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के काफिले पर जानलेवा हमले की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं नें कहा  कि भाजपा हार के डर से विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराने-धमकाने की सुनियोजित कोशिश कर रही है। पार्टी ने विपक्षी नेताओं के साथ लगातार देशभर में हो रही ऐसी हिंसक घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।

बता दें कि सोमवार को नौगांव के समागुरी क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर नकाबपोश हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था। इन हमलावरों ने पहले काले झंडे दिखाए, फिर पथराव किया और हॉकी स्टिक, क्रिकेट बैट तथा लोहे की छड़ों से हमला किया। काफिले में पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल, गौरव गोगोई, धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन, विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजिद अली चौधरी, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज चौहान, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर, प्रत्याशी सिबामोनी मोरा और कई विधायक शामिल थे। कुछ कांग्रेस नेताओं की गाड़ियों पर एसिड भी फेंका गया था। इस दौरान पत्रकारों पर भी हमला किया गया, ताकि घटना की रिपोर्टिंग न हो। हमले के विरोध में पत्रकारों को दो घंटे तक सड़क पर धरना देना पड़ा। पार्टी नेता मनोज चौहान की पसलियों में चोट आई और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। 
 
इस हमले को लेकर कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के जम्मू-कश्मीर के प्रभारी महासचिव एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नासीर हुसैन ने चुनाव आयोग से मांग की कि संबंधित डीसी और एसपी से रिपोर्ट तलब की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला और निलंबन हो। मामले की स्वतंत्र जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने साथ ही एफआईआर और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा चुनाव तक प्रत्याशियों, विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। 
 
डॉ. नासीर हुसैन ने कहा कि जब भाजपा को चुनाव में हार का डर सताता है, तब वह हिंसा का सहारा लेती है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को वोट चोरी का एक रूप बताते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले इसी तरह की धमकियों के मद्देनजर हमले की आशंका को लेकर पार्टी नेताओं ने पुलिस और चुनाव आयोग को शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 
 
डॉ. नासीर हुसैन ने जोर देकर कहा कि यह केवल कांग्रेस नेताओं पर हमला नहीं, बल्कि मतदाताओं को भी डराने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहले भी हुआ है और यह विपक्ष के नेतृत्व पर हमला करने का एक पैटर्न है। ऐसी घटनाओं के बाद डर से लोग वोट डालने बाहर नहीं निकलते और वोटिंग प्रतिशत गिरता है, जिसका सीधा फायदा सत्ता पक्ष को मिलता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित कर रहा है और पूछा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा पहले से हमले की आशंका जताने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित क्यों नहीं किया गया? मौके पर मौजूद केंद्रीय एजेंसियां हमलावरों को रोकने की बजाए पत्रकारों पर हमला क्यों कर रही थीं? चुनाव आयोग ने मामले में अब तक किसी के ऊपर कार्रवाई की है या नहीं? विपक्षी नेताओं को छोटी सी बात पर भी नोटिस भेज दिया जाता है, लेकिन दंगाइयों के खिलाफ चुनाव आयोग कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता? 
 
कांग्रेस महासचिव ने विपक्षी नेताओं पर हुए पिछले हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी 2024 में 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान असम में राहुल गांधी और जयराम रमेश के वाहनों पर हमला हुआ था। 13 नवंबर 2024 को समागुरी उपचुनाव और 20 फरवरी 2025 को रुपाहीहाट में रकीबुल हुसैन के काफिले पर हमला हुआ था। 30 मार्च 2026 को नादुआर में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील कुमार छेत्री पर हमला हुआ था, जिसमें वे घायल भी हुए थे। डॉ. हुसैन ने कहा कि सिर्फ असम ही नहीं, उत्तर प्रदेश में भी 18 सितंबर 2026 को सांसद लक्ष्मीकांत निषाद और पश्चिम बंगाल में महुआ मोइत्रा पर हमला हुआ। त्रिपुरा में साल दर साल कांग्रेस नेताओं पर हमले हुए हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को नामांकन वापस लेना पड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को पुराने केस में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने नकाबपोश हमलावरों के जेएनयू, शाहीन बाग और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की घटनाओं में शामिल होने का उल्लेख भी किया।

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

Slideshow

समाचार

1 - प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल

2 - आंदोलन कर 1 अक्टूबर से दिल्ली, मुम्बई सहित देशभर में शुरू हुए व्यपारिक सीजन को बर्बाद कर रहे हैं विपक्षी दल

3 - युवा दिलों की धड़कन बनी प्रेम कीटाणु

4 - अचानक बुलाये गए विशेष सदन का आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने किया बहिष्कार

5 - लव कुश रामलीला में इस बार मनोज तिवारी केवट के रूप में प्रभु श्री राम को करवायेंगे नैया पार

6 - पुलिस स्टेशन नरेला इंडस्ट्रियल एरिया कॉम्प्लेक्स में लक्ष्य दिल्ली पुलिस पब्लिक लाइब्रेरी का उदघाटन

7 - 256 मंडलों में चला भाजपा का सघन स्वच्छता अभियान

8 - एम. तिलविन सिल्वा के नेतृत्व में श्रीलंका की सत्ताधारी जेवीपी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली भाजपा के पदाधिकारियों से मुलाकात की

9 - मताधिकार की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन के सभी घटक एकजुट

10 - यदि थप्पड़बाजी एवं मोबाइल छीनकर सबूत नष्ट करने का प्रयास वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती तो अदालत का दरवाजा खटखटायेगी आप

11 - सीडब्ल्यूसी की बैठक में वोट चोरी बना बड़ा मसला

12 - आम आदमी के निगम पार्षदों की सदन में जमकर नारेबाजी

13 - गौरव वर्मा ने सात गानों वाले एल्बम की खास वजह

14 - ‘हनुमान अंश’ की टीम ‘साइटेशन ऑफ ऑनर’ से संमानित

15 - फुल टू मस्ती और धमाल के साथ हुआ नागपाड़ा पुलिस थाना वसाहत के गणपति का विसर्जन

16 - दिल्ली हादसे, अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार आ रहे हैं सामने

17 - चुनाव आयोग को लेकर हुए खुलासे पर बोले अभिषेक सिंघवी

18 - दिल्ली के 7 वरिष्ठ नेता बने भाजपा के अलग अलग राज्यों में संगठनात्मक प्रभारी अथवा सह प्रभारी

19 - 47.6 लाख लोगों के नाम काटकर उनमें 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां पूरी करने का नोटिस

20 - असम में कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला विपक्ष के नेताओं को डराने-धमकाने की साजिश

21 - “सिंदूर से शौर्य तक” वीर शहीदों को नमन और नारी शक्ति का होगा सम्मान

22 - सिद्धार्थ मल्होत्रा–तमन्ना भाटिया ने दिल्ली में लॉन्च किया ‘वन’ का ‘ठुमक ठुमक’ गाना

23 - लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह लाल किला मैदान पर संपन

24 - गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र संघ चुनावों में ‘एसओआई’ (SOI) की शानदार जीत

25 - महिला पुलिस की छवि को तोड़कर रूढ़ियों से बाहर

26 - हवारा के जेल तबादले का विरोध सिख विरोधी सोच

27 - सफाई कर्मचारी की आत्महत्या के गंभीर मामले में कार्रवाई से क्यूँ नहीं

28 - प्रधानमंत्री मोदी के 77वें जन्मदिवस पर लव कुश रामलीला कमेटी द्वारा विकलांग जनों को जापानी तकनीक से बने कृत्रिम अंग वितरित

29 - श्री अकाल तख्त के पंचप्यारों द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद अश्मित की उम्मीदवारी नहीं हुई बहाल

30 - हड़ताल कर रहे डीटीसी के ड्राइवरों-कंडक्टरों से बात करने सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं

31 - डीटीसी चालकों की वेतन मांग पर हड़ताल चरमराई दिल्ली की परिवहन व्यवस्था

32 - तमाम दलीलों एवं कवायदों के बावजूद हाई कोर्ट ने बहाल की गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज के छात्रों की आगामी छात्र संघ चुनावों में उम्मीदवारी

33 - श्रद्धा, भक्ति और एकता का अद्भुत संगम दिल्ली का लालबाग का राजा