दिल्ली: देश के अलग-अलग राज्यों के वकीलों ने भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश को गत 21 जुलाई की घटनाओं के बारे ज्ञापन सौंपा । उनका कहना है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, प्रियंका गांधी वाडरा, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के सांसद बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रधान मंत्री के आवास के जमा हुए एवं प्रदर्शन किया । यह प्रदर्शन एक हाई सिक्योरिटी एवं संवेदनशील इलाके में हुआ जो कि सुरक्षा, सार्वजनिक एवं कानून व्यवस्था के लिए विचारणीय है, कोर्ट को मामले पर सज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित करे कि हाई सिक्योरिटी वाले संरक्षित्त क्षेत्रों किसी प्रकार के ग़ैर क़ानूनी जमवाड़े या अनाधिकृत प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी हो ।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन या विरोध संवैधानिक अधिकार है । इसका इस्तेमाल संविधान और क़ानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए विशेषकर उन जगहों पर जहाँ पर राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संविधानिक पद पर आसीन की सुरक्षा का सवाल हो ।