चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों द्वारा ख़ुद का राजनीतिक भविष्य बचाने के लिए छात्र आंदोलन हाईजैक
दिल्ली: जो कुछ देश एवं दिल्ली में हो रहा है वह छात्र राजनीति के आलावा सब कुछ कहा जा सकता है। भाजपा के प्रदेश मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों में चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों का अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने का प्रयास है और इस चक्कर में छात्र आंदोलन को हाईजैक करके वह पर्दे के पीछे से हिंसा फैला कर राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़कर छात्र आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल एवं अन्य विपक्षी दल जवाब दें कि प्रधान मंत्री आवास एवं भारतीय संसद की सुरक्षा ब्रीच करके क्या मिला या फिर अब संसद में "नीट" परिक्षा पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं ?
उन्होने कहा की "नीट" पेपर लीक के नाम पर शुरू आंदोलन का आज का सच यह है की "पुनः नीट" परिक्षा हो चुकी, उसका संतोषजनक रिजल्ट आ चुका और अब उस पर कोई चर्चा नही हो रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, निवर्तमान अध्यक्ष जगत प्रकाश नडडा से लेकर दिल्ली की मुख्य मंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद हों सभी ने छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। उन्होने कहा की भाजपा नेतृत्व में सदा छात्र राजनीति से जुड़े नेताओं को महत्व दिया गया है और आज डूसू के दो पूर्व अध्यक्ष रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्य मंत्री हैं तो आशीष सूद शिक्षा मंत्री हैं और पार्टी की प्रदेश टीम पर भी पूर्व छात्र नेताओं की छाप है जो सभी छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा की आज देश में विपक्ष के पास कोई राजनीतिक सोच है नही केवल व्यक्तिवादी पार्टियां जिन्हे जनता 12 साल से नकार रही है और आज यही हारे हताश राहुल गांधी, केजरीवाल, यादव, ठाकरे इनमे से एक का भी कभी छात्र राजनीति से रिश्ता नही रहा पर इन्हे आज छात्र राजनीति में राजनीतिक रोटियां दिखाई दे रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने आज 2004 से 2014 की कांग्रेस की सरदार मनमोहन सिंह सरकार के दौरान हुए छात्र प्रतियोगी परिक्षा पत्र लीक की सूची जारी की और गत दिनों पंजाब की "आप" सरकार में हुए फारमेसिसट परिक्षा पर्चा लीक का जिक्र किया ।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी दी कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार शिक्षा व्यवस्था के सुधार एवं विस्तार पर कितनी गम्भीर है उसका प्रमाण है 2014-15 से 2023-24 के बीच देश में 25% हाइर एजूकेशन इंस्टीट्यूट एवं 69.7% विश्वविद्यालय बढ़े हैं और उच्च शिक्षा पाने वाले अकेले दलित छात्रों की संख्या में मोदी काल भें 51.4% की वृद्धि हुई है तो ओ.बी.सी छात्रों की संख्या में 60.2 फीसदी वृद्धि हुई है । स्वयं प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि देश के युवाओं के हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।