जंतरमंतर आंदोलन में 500से700 जेएनयू हॉस्टल में रहने वाले अधेड़ नीट प्रतियोगिता से कुछ लेनादेना नहीं
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दिल्ली: उच्च न्यायालय के निर्देश पर कल सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुंचाये जाने के बाद से आम आदमी पार्टी एवं कम्युनिस्ट नेता पूरी तरह बौखला गये हैं क्योंकि उनको लग रहा है की उनके हाथ से युवाओं को भड़काने का अंतिम हथियार निकल गया है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कल सोनम वांगचुक को जन्तर-मन्तर से हटाये जाने के बाद से आम आदमी पार्टी एवं कम्युनिस्ट पार्टी दोनों दलों के नेता हताश हैं और उन दोनों ने दिल्ली में अपना 1200 से 1500 का पूरा कैडर जंतर-मंतर पर उतार दिया।
उन्होंने कहा है कि यदि हम जंतर-मंतर पर जा कर देखें तो वहां 500 से 700 जे.एन.यू. हॉस्टलों में रहने वाले अधेड़ दिखते हैं या 250 से 300 तमाशबीन कम पढ़े लिखे युवा, जिन दोनों का "नीट" या किसी कोमपीटीटिव परिक्षा से कुछ लेना देना नही है। कल सुबह से जिस तरह "आप" एवं कम्युनिस्ट प्रायोजित जंतर-मंतर तमाशे में उपस्थित उनके कार्यकर्ता मेन स्ट्रीम मीडिया कर्मियों से दुर्व्यवहार कर रहे हैं वह उनके आंदोलन के फेल होने से उत्पन्न हताशा का प्रमाण है।
07:11 pm 19/07/2026