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महाराष्ट्र में फडनवीस सरकार की माझी लाडकी बहीण योजना के बदलते मानदंडों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि आज सीएजी की रिपोर्ट भी खबर बन गई है । राज्य के तत्कालीन वित्त मंत्री द्वारा वित्तीय स्थिति के बारे में आगाह किए जाने के बावजूद चुनाव से पहले बहनो को रिझाने के लिए इस योजना को लागू कर दिया और चुनाव जीतते ही नियमों में फेरबदल कर लगभग 62 लाख लाडली बहनों को इस योजना से बेदखल कर दिया ।
पोर्टल जिसमें लाडली बहना के लिए ऑनलाइन केवाईसी होना है । रजिस्ट्रेशन लिए आधार कार्ड मोबाइल से लिंक होना जरूरी है यूंकि लॉगिन करने के लिए फ़ोन पर ओटीपी आयेगा । ज्यादातर महिलाओं के पास स्मार्ट फ़ोन तो दूर बटन वाला मोबाइल भी नहीं है । ऐसे में गांव देहात की तो बात ही छोड़ दी जाए । उनका कहना है कि नियमों में बदलाव के चलते 38 फीसदी लाभार्थियों को इस योजना से बेदखल कर दिया गया है । जल्द ही यह बढ़कर 50 फीसदी हो जाएगा । अब यदि बात पोर्टल की की जाए तो पोर्टल के माध्यम से 11270261 का रजिस्ट्रेशन हुआ 10669139 अप्रूव हुए लेकिन लाभार्थी शून्य ।
कांग्रेस प्रवक्ता का कहना है कि इस योजना के लिए 29732 करोड़ रुपये थे लेकिन इस योजना पर 33237 करोड़ व्यय हुआ । बीच का एरियर कैसे पूरा हुआ । उन्होंने सरकार से माँग की है कि वंचित हुई 62 लाख महिलाओं की उनके घर पर जाकर इ केवाईसी कर इस योजना में शामिल किया जाए एवं मामले की स्वतंत्र एजेंसी द्वारा जाँच करवाई जाए ।