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दिल्ली: नारी वंदन अधिनियम के मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा के एकदिवसीय विशेष सत्र मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी पार्टी और दिल्ली की महिलाओं को धोखा देने के लिए बुलाया था निशाना साधते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि 2023 में संसद में पास नारी वंदन अधिनियम में स्पष्ट तौर पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है, जो प्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से भरी जाने वाली सीटों पर लागू होगा और 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने कहा कि जब मोदी सरकार ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून बना दिया है फिर रेखा गुप्ता विशेष सत्र बुलाकर उसे विधानसभा में लागू करने की बजाय उलटा अलाप क्यों गा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हित की बात अगर करनी है तो रेखा गुप्ता पहले दिल्ली में 2500 रुपये मासिक देने घोषणा नही, उसका अनुपालन करे।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र में कहा कि 2014 के बाद ही बदला हैं महिलाओं का परिदृश्य, बिलकुल सार्थक है। क्योंकि 2014-2026 के बीच देश में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। महिला सशक्तिकरण और महिला सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया और 2014 से 2022 के बीच महिला अपराधों में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। एनसीआरबी अनुसार 2022 में कुल 4,45,256 मामले दर्ज हुए जो 2021 के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक थे और 2023 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। महिलाओं के खिलाफ अधिकांश अपराधिक मामले घरेलू हिंसा, अत्याचार, यौन उत्पीड़न, बलात्कार, अपहरण, मानहानि पर हमला दर्ज हुए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की दर लगातार सबसे अधिक रही है, जिसको रोकने में भाजपा की सरकार पूरी तरह नाकाम साबित रही।18 अप्रैल को संसद में महिला आरक्षण बिल नही गिरा, बल्कि महिला आरक्षण के नाम पर भाजपा सरकार संसद में परिसीमन संशोधन बिल लाई जिसको 2011 की जनगणना के आधार लागू करने का भाजपा छिपे हुए एजेंडे को पूरा करना चाहती थी, जो संसद में पूर्ण बहुमत न मिलने पर धराशाही हो गया। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने गलत मंसूबों की हार को पचा नही पा रही है और दिल्ली सरकार ने महिला आरक्षण बिल के नाम पर दिल्ली की जनता को गुमराह करने के लिए एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर जनता का पैसा बर्बाद किया है।