नई दिल्ली 10, Apr 2026

लेख

1 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

2 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

3 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

4 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

5 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

6 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

7 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

8 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

9 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

10 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

11 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

12 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

13 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

14 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

15 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

16 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

17 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

18 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

19 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

20 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

21 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

22 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

23 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

24 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

25 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

26 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

27 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

28 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

29 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

30 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

31 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

32 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

33 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

34 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

35 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

36 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

37 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

38 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

39 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

40 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

41 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

42 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

43 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

44 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

45 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

46 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

47 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

48 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

49 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

50 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ तक का वित्तीय अधिकार दिया

दिल्ली: एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने पर भाजपा पर  नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा करके लोकतंत्र की हत्या की है। क्योंकि वित्तीय मामलों के सभी फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, जो अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कहने पर अकेले एमसीडी के कमिश्नर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ रुपए तक का वित्तीय अधिकार दिया है। जब कोई कमिटी बनती है तो वह एक वर्ष के लिए बनती है। पहले ही भाजपा के कारण स्टैंडिंग कमिटी 2.5 वर्ष तक नहीं बन पाई थी। जिसके लिए भाजपा बड़ी चिल्लाती थी। भाजपा कहती थी कि स्टैंडिंग कमिटी के अंदर सारे वित्तीय फैसले होते हैं। लेकिन अब वही भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है। 12 जून 2025 को स्टैंडिंग कमिटी बननी थी। और उसका कार्यकाल 11 जून 2026 तक था। एमसीडी के सभी राजस्व, वित्तीय के मामले स्टैंडिंग कमिटी में आते है। साथ ही लेआउट प्लान भी स्टैंडिंग कमिटी में आते है और स्टैंडिंग कमिटी पास करती है।
अगर स्टैंडिंग कमिटी ही नहीं होगी तो सभी वित्तीय मामले सीधे एमसीडी के सदन में जाएंगे या फिर एमसीडी कमिश्नर ले लेंगे, क्योंकि भाजपा ने कमिश्नर की वित्तीय शक्ति बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दी है। इसका मतलब ये है कि सीएम रेखा गुप्ता ने एमसीडी को भंग करने का पूरा मन बना लिया है और उनके हिसाब से ही एमसीडी को भंग किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ही सारे राजस्व के मामले एमसीडी कमिश्नर के जरिए खुद देख रही हैं जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि ऐसा करने से पार्षदों की शक्तियां खत्म की जा रही है और लोकतंत्र के ऊपर यह बहुत बड़ा प्रहार है। यह लोकतंत्र की हत्या है कि जो फैसले 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमिटी को लेने थे, अब वो सभी फैसले सीएम के कहने पर अकेले कमिश्नर ले रहे हैं। उधर, एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने स्टैंडिंग कमिटी को 31 मार्च के बाद से स्थगित कर दिया है। अब कोई भी स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग नई स्टैंडिंग कमिटी के बनने तक नहीं हो पाएगी। जब स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल 12 जून तक था तो उसे भंग नहीं करना चाहिए था और 12 जून तक मीटिंग होनी चाहिए थी। लेकिन असलियत में स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग हो रही है लेकिन यह मीटिंग सीएम रेखा गुप्ता के यहां हो रही है। सीएम रेखा गुप्ता एमसीडी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को बुलाकर बैक डोर से स्टैंडिंग कमिटी चलाना चाह रही हैं।
रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बन चुकी है लेकिन अभी तक उनका पार्षद का मोह खत्म नहीं हुआ है। उन्हें समझना पड़ेगा कि पार्षद के अलग काम होते हैं और मुख्यमंत्री के अलग काम होते हैं। स्टैंडिंग कमिटी चलाने का दायित्व पार्षदों का है और पार्षदों को स्टैंडिंग कमिटी चलाने दी जाए। भाजपा की आपस की खींचतान के कारण दिल्ली की जनता का नुकसान ना हो, ये बात भाजपा को समझनी पड़ेगी। हम मांग करते हैं कि स्टैंडिंग कमिटी की बैठक बुलाई जाए और दिल्ली के महत्वपूर्ण एजेंडा पास किए जाएं।

06:43 pm 10/04/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - 30 माह तक स्थाई समिति का गठन बाधित ना किया होता तो शायद निगमायुक्त की आर्थिक शक्ति इतनी ना बढ़ती

2 - पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ तक का वित्तीय अधिकार दिया

3 - दिल्ली में अंतराष्ट्रीय फिल्म समारोह की वापसी

4 - असंगठित श्रमिकों के अधिकारों पर राष्ट्रीय मंथन

5 - दिल्ली देहात की परेशानियों को रखने के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पगड़ी बांधकर सम्मानित

6 - सरगना की गिरफ्तारी के बाद एटीएम धोखाधड़ी के 50 से भी अधिक मामलों का खुलासा

7 - दिल्ली विधानसभा जैसी हाई-सिक्योरिटी वाली जगह में गेट तोड़कर कार का अंदर घुसी

8 - वीरेन्द्र सचदेवा एवं रेखा गुप्ता ने प्रदेश भाजपा कार्यालय पर पार्टी झंडा फहराया

9 - महावीर के सिद्धांत ही विश्व शांति का मार्ग: जियो और जीने दो

10 - रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो पदयात्रा के दूसरे दिन आगरा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब

11 - आम आदमी पार्टी में लगातार बढ़ रहे हैं अंदरूनी असंतोष

12 - 16 अप्रैल से संसद का विशेष सत्र का बुलाया जाना राजनीति से प्रेरित

13 - महज तीन महीनों में आम आदमी पार्टी के कार्यकताओं के खिलाफ 145 एफआईआर और 160 से ज्यादा गिरफ्तार

14 - एडवोकेट फुलका हुए भाजपा में शामिल

15 - एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक से 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को नोटिस देना अनिवार्य

16 - जनप्रतिनिधि कार्यालयों से भी जनता के बीच जा कर पिंक कार्ड बनाने का निर्देश

17 - 30 मार्च 1919 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास की एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण तिथि

18 - इंतजार जनता को नहीं, बल्कि नशा तस्करों को है

19 - सड़क पर रोककर जबरन की जाती थी बकाया किस्त की वसूली

20 - एकता कपूर का दावा डिप्रेशन में हैं नए स्टार्स

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22 - तीन मेट्रो कॉरिडोर का काम पूरा होने से दिल्ली बनेगा मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा राज्य

23 - रिनोवेशन के नाम पर दिल्ली में कितने शीश महल बने यह आँकड़े बताते हैं

24 - अदालती आदेशों के बाद धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर रोक लगने की उम्मीद

25 - दिल्लीवासियों को लोकलुभावने बजट दिखाकर हाथ में झुनझुना थमा दिया: देवेन्द्र यादव

26 - नेता प्रतिपक्ष का स्पीकर को पत्र, सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने पर दिया करारा जवाब

27 - दिल्ली सरकार का ग्रीन बजट 2025 - 26 103700 करोड़ अनुमानित

28 - विधायकों के निलंबन के खिलाफ ‘‘आप’’ ने ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा निकली

29 - शहीद भगत सिंह का साहस और वैचारिक स्पष्टता करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करती है

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31 - डिप्टी चेयरमैन और नेता सदन ने अपने ही कार्यकर्ताओं का काम करने से साफ मना कर दिया:प्रवीण कुमार

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