नई दिल्ली 19, May 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ तक का वित्तीय अधिकार दिया

दिल्ली: एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने पर भाजपा पर  नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने ऐसा करके लोकतंत्र की हत्या की है। क्योंकि वित्तीय मामलों के सभी फैसले स्टैंडिंग कमेटी लेती है, जो अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कहने पर अकेले एमसीडी के कमिश्नर ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमेटी को भंग करने से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा ने एक सुनियोजित साजिश के तहत पार्षदों की ताकत कम करने के लिए ही एमसीडी कमिश्नर को 50 करोड़ रुपए तक का वित्तीय अधिकार दिया है। जब कोई कमिटी बनती है तो वह एक वर्ष के लिए बनती है। पहले ही भाजपा के कारण स्टैंडिंग कमिटी 2.5 वर्ष तक नहीं बन पाई थी। जिसके लिए भाजपा बड़ी चिल्लाती थी। भाजपा कहती थी कि स्टैंडिंग कमिटी के अंदर सारे वित्तीय फैसले होते हैं। लेकिन अब वही भाजपा का दोहरा चेहरा सामने आ रहा है। 12 जून 2025 को स्टैंडिंग कमिटी बननी थी। और उसका कार्यकाल 11 जून 2026 तक था। एमसीडी के सभी राजस्व, वित्तीय के मामले स्टैंडिंग कमिटी में आते है। साथ ही लेआउट प्लान भी स्टैंडिंग कमिटी में आते है और स्टैंडिंग कमिटी पास करती है।
अगर स्टैंडिंग कमिटी ही नहीं होगी तो सभी वित्तीय मामले सीधे एमसीडी के सदन में जाएंगे या फिर एमसीडी कमिश्नर ले लेंगे, क्योंकि भाजपा ने कमिश्नर की वित्तीय शक्ति बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए कर दी है। इसका मतलब ये है कि सीएम रेखा गुप्ता ने एमसीडी को भंग करने का पूरा मन बना लिया है और उनके हिसाब से ही एमसीडी को भंग किया जा रहा है। सीएम रेखा गुप्ता ही सारे राजस्व के मामले एमसीडी कमिश्नर के जरिए खुद देख रही हैं जो बिल्कुल गलत है। क्योंकि ऐसा करने से पार्षदों की शक्तियां खत्म की जा रही है और लोकतंत्र के ऊपर यह बहुत बड़ा प्रहार है। यह लोकतंत्र की हत्या है कि जो फैसले 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमिटी को लेने थे, अब वो सभी फैसले सीएम के कहने पर अकेले कमिश्नर ले रहे हैं। उधर, एमसीडी में सह प्रभारी प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा ने स्टैंडिंग कमिटी को 31 मार्च के बाद से स्थगित कर दिया है। अब कोई भी स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग नई स्टैंडिंग कमिटी के बनने तक नहीं हो पाएगी। जब स्टैंडिंग कमेटी का कार्यकाल 12 जून तक था तो उसे भंग नहीं करना चाहिए था और 12 जून तक मीटिंग होनी चाहिए थी। लेकिन असलियत में स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग हो रही है लेकिन यह मीटिंग सीएम रेखा गुप्ता के यहां हो रही है। सीएम रेखा गुप्ता एमसीडी कमिश्नर और अन्य अधिकारियों को बुलाकर बैक डोर से स्टैंडिंग कमिटी चलाना चाह रही हैं।
रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बन चुकी है लेकिन अभी तक उनका पार्षद का मोह खत्म नहीं हुआ है। उन्हें समझना पड़ेगा कि पार्षद के अलग काम होते हैं और मुख्यमंत्री के अलग काम होते हैं। स्टैंडिंग कमिटी चलाने का दायित्व पार्षदों का है और पार्षदों को स्टैंडिंग कमिटी चलाने दी जाए। भाजपा की आपस की खींचतान के कारण दिल्ली की जनता का नुकसान ना हो, ये बात भाजपा को समझनी पड़ेगी। हम मांग करते हैं कि स्टैंडिंग कमिटी की बैठक बुलाई जाए और दिल्ली के महत्वपूर्ण एजेंडा पास किए जाएं।

06:43 pm 10/04/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

Slideshow

समाचार

1 - मेट्रो मंडे एक दिखावटी हथकंडा

2 - दीपक सिंगला का सैकड़ों करोड़ का बैंक लोन फिर उस पैसे का गैर कानूनी दुरुपयोग

3 - दो महीने में खुले नाले में गिरने से हुई 4 मौतें

4 - कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम्

5 - ट्रम्प भारत को रूस से सस्ता तेल नहीं दे रहा है लेने

6 - न्यूयार्क में 105 रू तो रूस की राजधानी मास्को में 92.50 रू और भारत में 97.77 रू/लीटर बिक रहा है पेट्रोल

7 - गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड सप्रेशन की बजाय मौजूद गोल्ड मोबिलाइजेशन बुलियन बैंकिंग फ्रेमवर्क

8 - काहलों-सिरसा द्वारा लगाये गए आरोपों का कोर्ट में जवाब देंगे मंजीत सिंह जीके

9 - गोलक के पैसे के गबन मामले में मनजीत सिंह जी.के. के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज: कालका - काहलों

10 - "नीट" पेपर लीक को पकड़ा राजस्थान के स्थानिय पुलिस प्रशासन ने तो फिर सरकार कैसे दोषी

11 - कार्यकर्ताओं का समर्पण ही अन्य दलों से अलग एवं श्रेष्ठ बनाता है

12 - संगीन अपराधों के मामलों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर

13 - कुर्बानी मिडिल क्लास ही क्यों सरकार,पीएम,मंत्री,उद्योगपति और अफसर खर्चों में कटौती क्यों नहीं

14 - सविन्दर सिंह कोहली बने शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के उपाध्यक्ष

15 - पेट्रोल, डीजल, गैस, तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान

16 - पंजाब में मंत्री संजीव अरोड़ा बिल्डरों से साजिश करके मनी लांड्रिंग रेड के बाद हुये गिरफ्तार

17 - अत्याचारों के आगे पंजाब नहीं झुकेगा: केजरीवाल

18 - एनसीआरबी आंकड़ों ने खोली महिला सुरक्षा की पोल

19 - पांडव कुमार की अस्थियों का विसर्जन तब तक नहीं जब तक उसे न्याय नहीं मिलता

20 - आस्था और भावनाओं से भरपूर कृष्णा और चिट्ठी

21 - पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत दिल्ली भाजपा का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सत्र

22 - पहलगाम, पुलवामा, पठानकोट और अब अमृतसर-जालंधर हमला कैसे हुआ

23 - सुप्रीम कोर्ट के सर्वेक्षण की आड़ में रिहायशी इलोकों में बिज़नेस सीज करने के नोटिस

24 - टेम्पो ड्राइवर और सब्जी विक्रेता बनकर अंडरकवर ऑपरेशन

25 - एमसीडी अफसरों के उत्पीड़न के कारण एएसआई द्वारा आत्महत्या के मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं

26 - पंजाब के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर मौजूदा राजनीतिक हालातों पर की चर्चा

27 - बंगाल और असम के साथ संपूर्ण देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री संकल्पित

28 - मुख्यमंत्री पद के लिए केरल में रहेगी कांग्रेस की निर्णायक भूमिका

29 - भारत के स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर मंथन

30 - मेवात बर्गलरी गैंग का किंगपिन 3 साल बाद गिरफ्तार

31 - रिवाज से तीसरी आँख : के सी बोकरिया का सफर

32 - केन्द्रीय कैबिनेट में 72 सदस्यों में सिर्फ 7 महिलाएं हैं: देवेन्द्र यादव

33 - विपक्ष में रहते हुए भी सदन से लेकर सड़क तक जनता की आवाज उठाती है उठाती रहेगी आम आदमी पार्टी