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दिल्ली: सतलुज फिल्म की स्क्रीनिंग के बाद शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने केंद्र सरकार से पंजाब में 15 साल तक चली उग्रवाद के खिलाफ पुलिस कार्यवाही के दौरान किए गए अत्याचारों पर श्वेत पत्र जारी करने की माँग । उनका मानना है कि न्याय सुनिश्चित करने और इतिहास को ना भुलाये जाने से बचाये जाने के लिए सच्चाई को आधिकारिक तौर पर दर्ज किया जाना जरूरी है । सतलुज फिल्म पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है ।
उन्होंने शहीद भाई जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने इस दौरान गायब हुए लोगों एवं कथित तौर पर गैर कानूनी तरीके से किए गए अंतिम संस्कारों का सिलसिले वार ब्यौरा तैयार किया । उनके द्वारा किया गया यह काम हकीकत एवं संघर्ष के सबसे अहम अध्यायों में से एक है । अशांति के उस दौर में हुई ज्यादतियों का आधिकारिक तौर पर ब्यौरा जनता के सामने रखना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है । भाई खालड़ा का बलिदान उनके द्वारा किया गया कार्य तत्कालीन न्याय प्रणाली एवं मानवाधिकार पर सवालिया निशान लगाता है ।पंथक के वरिष्ठ नेता मनजीत सिंह जीके ने भी भाई खालड़ा को श्रद्धाजलि अर्पित की ।
गुरुद्वारा रकाबगंज परिसर में स्थित शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के कार्यालय में इस फिल्म की स्क्रीनिंग के पंथक के वरिष्ठ नेता एवं आमोखास साक्षी बने ।