
दिल्ली: शाहदरा साउथ जोन के भवन निर्माण विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित नागपाल के साथ भाजपा पार्षद मीनाक्षी शर्मा द्वारा कथित अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने की घटना को एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को राजनीतिक दबाव, धमकियों और हस्तक्षेप का सामना करना पड़ेगा, तो दिल्ली में कानून का राज कैसे स्थापित होगा? भाजपा एक तरफ अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई कर रहे अधिकारियों को डराने और दबाव बनाने के आरोप लग रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अवैध निर्माणों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। ऐसे समय में आवश्यकता है कि अधिकारियों को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए, न कि उन्हें राजनीतिक दबाव में लाने का प्रयास किया जाए। भाजपा शासित एमसीडी में भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है और उसे ही प्रताड़ित किया जाता है, तो यह संदेश जाता है कि भाजपा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं बल्कि उन्हें संरक्षण देना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष ने निगम आयुक्त से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अधिकारी पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही एमसीडी प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि सभी अधिकारी बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कानून और नियमों के अनुसार अपना कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए संघर्ष जारी रखेगी तथा अवैध निर्माणों को संरक्षण देने वाली किसी भी राजनीति का विरोध करती रहेगी