
मुंबई: राज्यभर में चर्चा में रही फिल्म द महाराष्ट्र फाईल अब नए विवाद के घेरे में घिर गई है । फिल्म में मराठा समाज का कथित रूप से छोटा मराठा शब्द के रूप में उल्लेख किए जाने पर मराठा क्रांति मोर्चे ने कड़ी आपत्ति जताई है । इस बाबत सेंसर बोर्ड एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के पास शिकायत कर आपत्तिजनक हिस्से को हटाने की माँग की गई है । मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों का मानना है कि मराठा समाज महाराष्ट्र के सामाजिक, एतिहासिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है ।ऐसे समाज का हीनता दर्शाने वाले शब्दों में उल्लेख समाज की भावनाओं एवं प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाता है । उनके अनुसार छोटे मराठा शब्द समाज में छोटे बड़े के भेद का निर्माण करता है ।
निर्माता निर्देशक संजीव राठौड़ की यह फिल्म रिलीज होने से पहले ही चर्चा में थी । यह फिल्म प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक प्रश्नों एवं संवेदनशील मसलों पर आधारित मानी जा रही थी ।आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा प्रदर्शन की अनुमति मिली और यह फिल्म सिनेमा हॉलों में रिलीज हुई । कुछ ने विषय प्रस्तुति की सराहना की तो कुछ सामाजिक संगठनों ने कुछ संदर्भों में आपत्ति जताई । मराठा क्रांति मोर्चा द्वारा उठाये गये मुद्दे से विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है । मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारी अभय पाटिल ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को खत लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है । मोर्चा ने सवाल उठाया है कि यदि फिल्म में समाज की भावना आहत करने वाले शब्द एवं संदर्भ हैं तो किस आधार पर सेंसर बोर्ड ने प्रदर्शन की अनुमति दी ।
मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मामले पर संज्ञान नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा ।