यापारियों को आए दिन सीलिंग और सर्वे की मार के साथ साथ मंदी की भी मार झेलनी पड़ रही है
दिल्ली: ट्रेड लाईसेंस नवीनीकरण और सम्पति कर जमा न होने की परेशानी को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के समक्ष रखने के बावजूद दिल्ली के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को कोई राहत नही मिली है। दिल्ली में पिछले ढाई महीनों से दिल्ली नगर निगम का पोर्टल अपडेट न होने के कारण व्यापारिक प्रतिष्ठानों के ट्रेड लाईसेंस नवीनीकरण नही हो पा रहे है, जिससे व्यापारियों पर प्रतिदिन के जुर्माना और दुकानों को सील होने का खतरा मंडरा रहा है। निगम द्वारा ट्रेड लाईसेंस को संपतिकर से जोड़ने का फैसला लागू करने के बाद पोर्टल अपडेट न होने पर ट्रेड लाईसेंस का नवीनीकरण का काम रुक गया है। भाजपा शासन के दौरान दिल्ली सरकार या दिल्ली नगर निगम के विभागों कामकाज या तो पूरी तरह ठप्प पड़ा है या अपडेट और तबदीली के नाम पर काम नही हो रहा है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने जानकारी देते हुए कहा कि दिल्ली में होटल, रेस्टोरेंट जिम, कैफे, डेयरी, अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल स्टोर, गोदाम और कोल्ड स्टोरेज सहित लाखों व्यवसायिक प्रतिष्ठान ट्रेड लाईसेंस का नवीनीकरण करने के लिए पोर्टल अपडेट का इंतजार कर रहे है, ताकि सीलिंग और जुर्माने से बच सकें। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार लगातार तोड़फोड़, सीलिंग व रिहायशी क्षेत्रों में चल रही दुकानों पर अंकुश लगाने के लिए सर्वे कराने के साथ आदेश पास कर रही है, उससे छोटा बड़ा कारोबार करने वाले व्यवसायिक प्रतिष्ठान सीलिंग से डर रहे है क्योंकि कई क्षेत्रों निगम सीलिंग कर रहा है। दिल्ली की बीजेपी सरकार में व्यापारियों को आए दिन सीलिंग और सर्वे की मार के साथ साथ मंदी की भी मार झेलनी पड़ रही है।
निगम ने ट्रेड लाईसेंस और सम्पतिकर को लिंकर करने के आदेश अप्रैल में किए थे परंतु ढाई महीना बीतने के बाद भी पोर्टल अपडेट नही होना दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार की बड़ी नाकामी है। सदर बाजार, करोल बाग, गांधी नगर, लाजपत नगर, समेत विभिन्न बड़े बजारों में हजारों लोग दुकान किरए पर लेकर कारोबार चला रहे है, अगर भवन मालिकों ने सम्पति कर जमा नही किया तो दुकानदार का लाईसेंस रुक जाएगा और किराएदार दुकानदारों की दिक्कते बढ़ जाएंगी। अगर 30 जून तक पोर्टल अपडेट नही हुआ तो सम्पति कर पर 10 प्रतिशत की उपलब्ध छूट खत्म हो जाएगी, जो दिल्ली वालों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का बड़ा नुकसान होगा।
एक वर्ष में 43 हजार से अधिक सामान्य दुकान, किराना स्टोर, गोदाम, ज्वेलरी व कार शोरूम, रिटेल आउटलेट, वेयरहाउस, कोल्ड स्टोर, गैस व सीएनजी गोदाम, के लिए जनरल ट्रेड व लाइसेंस जारी किए जाते है और उनका प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण भी होता है। यह दिल्ली में ए से एच श्रेणी की व्यवसायिक व अन्य संपत्तियों में चलने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में जारी किए जाते। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी कारोबारी का लाइसेंस केवल पोर्टल संबधी समस्याओं के कारण नवीनीकरण नही हो पा रहा है तो इसके लिए कारोबारी को को जिम्मेदार नही ठहराना चाहिए। मुख्यमंत्री और मेयर जल्द पोर्टल की खामियों को पूरा करके अपडेट करें ताकि लाखों व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जुर्माना और सीलिंग का डर खत्म हो सके।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने अपील की है कि जनरल ट्रेड और स्टोरेज लाइसेंस शुल्क के एकीकरण के संपत्ति कर पोर्टल में अपडेट की प्रक्रिया के बाद व्यापारियों को नवीनीकरण शुल्क के साथ जुर्माना न लिया जाए क्योंकि देरी के कारण व्यापारियों पर 500 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना लगने और उनकी दुकान सील होने डर उन्हें सता रहा है, क्योंकि भाजपा सरकार हर दिन नए आदेश कर रही है, रेखा गुप्ता को दिल्ली की जनता की चिंता बिलकुल भी नही है।
05:53 pm 17/06/2026