
दिल्ली: इंग्लैंड में गत दिसंबर में 18 वर्षीय ब्रिटिश छात्र हेनरी नोवाक की निर्मम हत्या हुई थी । ब्रिटिश कोर्ट ने 23 साल के सिख विक्रम सिंह दिग्वा को दोषी करार देते हुआ 21 साल की आजीवन कारावास की सजा सुनाई । दिल्ली की पंथक ने सुभाष नगर स्थित गुरद्वारा कालिगीधर खालसा सेवा सभा में एकत्रित होकर हेनरी नोवाक को श्रद्धांजलि दी एवं उनके लिए गुरु महाराज से अरदास की । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने संगत को जानकारी देते हुए बताया कि हेनरी नोवाक को यूनाइटेड किंगडम के बाहर दी जाने वाली यह सबसे बड़ी श्रद्धांजलि सभा है । उनके परिवार को दिलासा देने के लिए कि दुख की इस घड़ी में सिख पंथक उनके साथ खड़ा है ।
कहीं ना कहीं पंथक के नेताओं को यह अहसास हो गया है । इस प्रकार की वारदातों के कारण सिखों की छवि धूमिल होती जा रही है और उनकी पाँच निशानियों पर भी सवाल उठाए जाने लगे हैं । कोर्ट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्य से स्पष्ट होता है कि हत्या पर्शियन ब्लेड से की गई थी ना कि किरपान से । अभियुक्त ने हत्या की उसे कोर्ट से सजा हुई । एक व्यक्ति के कृत्य से पूरे सिख पंथ को निशाने पे नहीं लिया जा सकता ।