
केरल में 140 विधानसभा सीटों में से 63 सीटों में जीत हासिल कर कांग्रेस शक्तिशाली पार्टी के रूप में उभर कर आई है । सीपीआई(एम) 26 सीटों पर सिमट कर रह गई ।कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (यूडीएफ) को 102 सीटें हासिल कर पूर्ण बहुमत मिला है । दो बार सत्ता में रही सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला गठबंधन वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 35 सीटों में सिमट कर रह गया है ।क्यूंकि बहुमत का आंकड़ा 71 है कांग्रेस शासित यूडीएफ का सरकार बनाना लगभग तय है । यहाँ 3 सीटों पर जीत हासिल कर बीजेपी ने अपना खाता खोला है ।
कांग्रेस पार्टी के शीर्षस्थ नेता जिनमे राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी एवं राष्ट्रीय महासचिव संगठन के सी वेणुगोपाल ने केरल के 3 करोड़ मतदाताओं का आभार प्रकट करते हुए उनकी कसौटी पर खड़ा उतरने का वायदा किया है । अब सवाल यह उठता है कि कौन बनेगा केरल का मुख्यमंत्री या यूं कहिये किसको बनाएगी कांग्रेस मुख्यमंत्री ? अटकलें लगाई जा रही हैं कि विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन इस दौड़ में सबसे आगे हैं । रमेश चेन्नीथाला को भी इस रेस का घोड़ा बताया जा रहा है । वह प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे हैं । वैसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सी वेणुगोपाल की भी केरल में खासी दिलचस्पी है । मुख्यमंत्री कोई भी बने कांग्रेस की भूमिका निर्णायक रहेगी।