
दिल्ली: सुखबीर सिंह बादल की युवा पीढ़ी, खासकर Gen-Z, से जुड़ने की कोशिश का विरोध करने वालों को शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने दिया कड़ा जवाब कहा कि खुद को पंथक नेता बताने वालों को पहले अपना रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल के कुछ आलोचक अपने ही घरों के बच्चों को सिखी से जोड़ने में सफल नहीं हुए, लेकिन आज वे दूसरों को सिखी और पंथ के बारे में सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने बच्चों को सिखी से नहीं जोड़ सके, वे आज खुद को पंथ का रखवाला बताने में लगे हुए हैं। सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ लोग, खुद को पत्रकार बताने वाले और कुछ पुराने पंथक चेहरे लगातार सुखबीर सिंह बादल को निशाना बना रहे हैं। उनके अनुसार, इनमें से कुछ लोगों ने पंथ के लिए कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाई, लेकिन वे अपने परिवार के नाम, पुरानी पहचान या पहले मिले पदों के सहारे आज भी खुद को पंथक नेता के रूप में पेश कर रहे हैं।