नई दिल्ली 23, Sep 2026

लेख

1 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

2 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

3 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

4 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

5 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

6 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

7 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

8 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

9 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

10 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

11 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

12 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

13 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

14 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

15 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

16 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

17 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

18 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

19 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

20 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

21 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

22 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

23 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

24 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

25 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

26 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

27 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

28 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

29 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

30 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

31 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

32 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

33 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

34 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

35 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

36 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

37 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

38 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

39 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

40 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

41 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

42 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

43 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

44 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

45 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

46 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

47 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

48 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

49 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

50 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

47.6 लाख लोगों के नाम काटकर उनमें 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां पूरी करने का नोटिस

दिल्ली:  एसआईआर प्रक्रिया में जहां पूरी पारदर्शिता, बिना भेदभाव और संविधान के अंतर्गत होनी चाहिए थी, एक भारत में, एक कानून और बराबर का हक मिलना चाहिए था, वहां चुनाव आयोग ने देश विशेष कर दिल्ली को दो वर्गों में बांट दिया हैं।  पहले वर्ग में वीआईपी लोगों के नाम है और दूसरे वर्ग झुग्गी झौपड़ी, अनाधिकृत कॉलोनी के आम लोग हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने  टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया विसंगतियों को पूरा करने के लिए वीआईपी लोग जैसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित बड़े लोगों की विसंगतियों को तो एसडीएम और अधिकारी उनके घर जाकर पूरा कर है लेकिन आम 31.6 लाख लोगों को विसंगतियों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। विसंगतियों में वीआईपी का नाम डालकर चुनाव आयोग ने सिर्फ अपनी नाकामियों को छिपाया है।

एसआईआर प्रक्रिया शुरु होने से पहले भाजपा के छोटे-बड़े नेताओं ने तर्क दिया था कि एसआईआर देश के लिए जरुरी है। इससे बंग्लादेशी, रोहिंग्या जो गैर कानूनी रुप से रह रहे हैं उनकी पहचान करके देश से बाहर भेजेंगे। मैं चुनाव आयोग से पूछना चाहता हूँ कि बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया में 19 करोड़ काटे गए नामांे में से कितने लोगों को केन्द्र सरकार ने देश से बाहर किया है। दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाताओं एसआईआर प्रक्रिया में 47.6 लाख लोगों का नाम काट दिया गया और उनमें से 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां होने का नोटिस दिया गया है। माता पिता की उम्र में अंतर, नाम की स्पेलिंग में गलत लिखावट, पता में अंतर आदि जो कम्प्यूटरकृत शैली के दोष है, जिन्हें कारण बनाकर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है।  उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि 31.6 लाख लोगांे में 70 प्रतिशत लोग अनाधिकृत काॅलोनियों, जे.जे. कलस्टर और सरकार द्वारा ध्वस्त किए गए जेजे कलस्टर के है, जिनके पास एन्यूमरेशन फार्म पहुॅचा ही नही। 30 सितम्बर तक विसंगतियों को पूरा करने का समय दिया गया है जो बहुत ही कम है, इसे बढ़ाकर 30 नवम्बर, 2026 किया जाना चाहिए, क्योंकि यह वो लोग है जो अपनी रोजी रोटी के लिए सुबह निकलते है शाम को आते है, कैसे चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए 12 दस्तावेजों को इतनी जल्दी पेश कर सकते है। चुनाव ऐसे लोगों को फार्म 6 भरने के लिए बाधित करके उन्हें नए सिरे से वोटर बना रहा है जिसके यह हवाला मांग रहा है कि वह पहली बार वोटर आवेदन कर रहे है।
 
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने समाज के एक वर्ग जिसे वोटर पहचान पत्र की जरुरत है उसे एसआईआर प्रक्रिया में लगभग आधी आबादी को मतदाता सूची से बाहर कर दिया है। गरीब आदमी जिसके लिए वोटर कार्ड पहचान, रहने का प्रमाण, कि कितने वर्ष से रह रहा है। चुनाव आयोग ने दिल्ली के 47.6 लाख लोगों का नाम काट उन्हें उनके अधिकार से वंचित करने की साजिश की है। जबकि संविधान मंे प्रत्येक नागरिक का चुनाव आयोग में नाम दर्ज करने का प्रावधान है। भाजपा ने सत्ता में आते ही जेजे कलस्टर को तोड़ना शुरु किया और उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत दिल्ली की वोटर लिस्ट से हटाने का काम किया है। उन्होंने उदाहरण स्वरुप बताया कि सिविल लाईन्स के बूथ 33 नम्बर बेला रोड़ की झुग्गी उजाड़ने के बाद सिर्फ 1 वोट बचा है जहां 728 वोट थे।
 
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में लोगों के नाम काटने के बाद दलितों, पिछड़ो, गरीबों और मजदूर वर्ग की आवाज उठाते हुए चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का आॅडिट कराने की मांग की है कि मौजूदा मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद 47.6 लाख लोगों के नाम कैसे काटे गए? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार जिस बूथ पर 2 प्रतिशत से अधिक विसंगतियां है उनको ईआरओ सत्यापित करके त्रुटियों को सही करेंगे। 14947 बूथों में से 99.66 प्रतिशत 14896 बूथों पर 2 प्रतिशत से अधिक विसंगतियां है, जबकि दिल्ली भर में सिर्फ 1200 ईआरओ है। क्या पूरी दिल्ली में 14896 बूथों पर 31.6 लाख नागरिकों की विसंगतियों को ईआरओ व्यक्तिगत रुप से 30 तारीख तक सत्यापित करके सही कर सकते है?
 
एसआईआर प्रक्रिया से पहले हमारे बीएलए-2 सभी 13021 बूथों पर दिल्ली के लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे थे, लेकिन पूरी एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने हमारे बीएलए-2 और बूथ मेनेजमेंट कमेटी की आपत्तियों को नकार कर दिल्ली में 47.6 लाख लोगों के नाम काट दिए, जबकि यह 30-40 वर्षों से राजधानी में रह रहे है। उन्होंने कहा कि भारत के हर नागरिक को मतदाता बनने का अधिकार है, जिसे भाजपा एक साजिश के तहत छीन रही है। देश भर में अब हुई एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा सरकार ने 19 करोड़ लोगों के नाम काट कर उनका मताधिकार छीन लिया है।
 
 
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव जीतने की साजिश के तहत शुरु की गई एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह राजनीतिक नरसंहार है। 

06:53 pm 23/09/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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समाचार

1 - 47.6 लाख लोगों के नाम काटकर उनमें 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां पूरी करने का नोटिस

2 - असम में कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर हमला विपक्ष के नेताओं को डराने-धमकाने की साजिश

3 - “सिंदूर से शौर्य तक” वीर शहीदों को नमन और नारी शक्ति का होगा सम्मान

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5 - लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह लाल किला मैदान पर संपन

6 - गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र संघ चुनावों में ‘एसओआई’ (SOI) की शानदार जीत

7 - महिला पुलिस की छवि को तोड़कर रूढ़ियों से बाहर

8 - हवारा के जेल तबादले का विरोध सिख विरोधी सोच

9 - सफाई कर्मचारी की आत्महत्या के गंभीर मामले में कार्रवाई से क्यूँ नहीं

10 - प्रधानमंत्री मोदी के 77वें जन्मदिवस पर लव कुश रामलीला कमेटी द्वारा विकलांग जनों को जापानी तकनीक से बने कृत्रिम अंग वितरित

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12 - हड़ताल कर रहे डीटीसी के ड्राइवरों-कंडक्टरों से बात करने सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं

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15 - श्रद्धा, भक्ति और एकता का अद्भुत संगम दिल्ली का लालबाग का राजा

16 - प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक दिल्ली में चलेगा सेवा संकल्प अभियान

17 - कॉलेज चुनावों में कमेटी की कभी कोई भूमिका नहीं होती

18 - 14 सितंबर को 6 फ्लैग स्टाफ रोड का करेगी विधानसभा की लोक लेखा समिति निरीक्षण

19 - एनएसयूआई वर्ग विशेष की नीति को खत्म करके विश्वविद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक माहौल को बनाने के लिए काम करेगी

20 - आईएमएफ ने भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर को सही मानते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की सराहना

21 - छठी मैया के टीजर में तमन्ना भाटिया ने खींचा ध्यान दिखी द वन की आध्यात्मिक दुनिया

22 - सत्य निकेतन पीजी छात्रावास की इमारत ढहने के हादसे में जान गंवाने वालों के परिवार वालों को सरकार 2-2 करोड़ रुपये के मुआवजे की माँग

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24 - मणिपुर के गायक की हत्या के मामले में दिल्ली सरकार करेगी कोर्ट से त्वरित कार्यवाही की सिफारिश

25 - गुरुद्वारा बंगला साहिब में कड़ाह प्रसाद की पर्ची के लिए शुरू की ऑटोमैटिक सेल्फ-सर्विस मशीन

26 - बेसमेंट में मरम्मत की इजाजत किसने दी

27 - सत्य निकेतन में कौन पीजी किसका है, लिस्ट जारी करे सरकार

28 - रामलीला महासंघ रणवीर कपूर की फिल्म रामायण का विरोध करने के अपने निर्णय पर अटल

29 - बॉक्स ऑफिस पर धार्मिक फिल्मों का बाज रहा डंका

30 - दिल्ली के एयरपोर्ट के टर्मिनल थ्री में जलभराव

31 - त्योहार की छुट्टी के दिन भी जलभराव से दिल्ली जाम

32 - सरना ने की डीएसएमजी अध्यक्ष से इस्तीफ़े की मांग

33 - सफदरजंग अस्पताल में उन्नत ब्लैडर डायग्नोस्टिक्स सेंटर तथा PET-CT और SPECT-CT सुविधाओं का उद्घाटन