एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक से 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को नोटिस देना अनिवार्य

दिल्ली: गैर कानूनी तरीके से स्थायी समिति की बैठक करने पर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा ने नियम विरुद्ध स्थायी समिति की बैठक कर लोकतंत्र की हत्या की है। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक से 72 घंटे पहले सभी सदस्यों को नोटिस देना अनिवार्य है, लेकिन नहीं दिया गया। सोमवार को भी भाजपा ने बिना मिनट्स दिए मीटिंग करने की कोशिश की थी और मंगलवार को फिर वही किया। भाजपा शासित एमसीडी की स्थायी समिति द्वारा मंगलवार को 1 बजे बुलाई गई बैठक पूरी तरह से गैरकानूनी और नियमों के विरुद्ध आयोजित की गई। बिना 72 घंटे का अनिवार्य नोटिस, बिना विधिवत पास किए एजेंडा आइटम 52 (18/02/2026 का लंबित मुद्दा), लगातार बिना मिनट्स के मीटिंग आयोजित करना। सोमवार को भी यही हुआ और मंगलवार को फिर उसी प्रक्रिया को दोहराया गया। भाजपा एमसीडी में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को स्थायी समिति के 9 सदस्यों के सेवानिवृत्ति के लिए ड्रॉ निकाला गया। जिसमें सदन से चुने गए 6 सदस्यों में से ‘‘आप’’ के 2 और भाजपा का 1 सदस्य बाहर हुए। वहीं 12 जोन के वार्डों से चुने गए 12 सदस्यों में ‘‘आप’’ का 1 और भाजपा के 5 सदस्य बाहर हुए।उधर, स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य प्रवीण कुमार राजपूत ने कहा कि मेरे पास स्टैंडिंग कमेटी की बैठक का एक नोटिफिकेशन आया था, जिसमें आज 1 बजे ड्रॉ निकालने की प्रक्रिया होनी थी। हमने इस बैठक में हिस्सा लिया। सोमवार की बैठक में भी सबने देखा था कि किस तरह गैर-कानूनी तरीके से बिना मिनट्स के भाजपा के लोग मीटिंग करना चाह रहे थे और बाद में उन्हें मीटिंग स्थगित करनी पड़ी थी।
प्रवीण कुमार राजपूत ने बताया कि 1 बजे बुलाई गई मीटिंग को लेकर मेरा सवाल था कि इसमें मद संख्या 52 खंड ‘ख’ का हवाला दिया गया है। एमसीडी की स्टैंडिंग कमेटी के एजेंडे की किताब में 52वें नंबर पर 9 सदस्यों की पर्ची निकालने की प्रक्रिया थी। 18 फरवरी 2026 को आया यह प्रस्ताव अभी तक स्टैंडिंग कमेटी से पास नहीं हुआ है। अगर कोई भी प्रस्ताव स्टैंडिंग कमेटी से पास नहीं होता है, तो उसे सदन या स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में नहीं लाया जा सकता, यह गैर-कानूनी है। इसी बात पर मैंने अपना आपत्ति पत्र दिया है। बिना 72 घंटे का नोटिस दिए गैर-कानूनी तरीके से मीटिंग बुलाई गई। सोमवार को भी इनके पास पिछली मीटिंग के मिनट्स नहीं थे और आज भी नहीं थे। जो प्रस्ताव लाया गया वह पास ही नहीं था, इसलिए मैंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
आज स्टैंडिंग कमेटी के 50 फीसद सदस्य बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा मैंने सीटीपी के खिलाफ जांच की मांग की है जो हर मीटिंग में गैर-कानूनी और गलत तरीके से प्रस्ताव लेकर आ रहे हैं। पहली मीटिंग से ही मैं इनके खिलाफ जांच की मांग कर रहा था। आज मैंने फिर से मांग की और इसे मिनट्स में दर्ज करने को कहा। मैंने कमिश्नर और स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता करने वालों को चिट्ठी देकर जांच की मांग की है। जो अधिकारी एमसीडी में गलत काम करके दिल्ली की जनता को लूट रहे हैं।
उन्होंने बाहर होने वाले सदस्यों के नाम बताते हुए कहा कि सदन से मोहिनी जीनवाल, आमिल मलिक और पंकज लूथरा, जबकि जोन की तरफ से अंकुश नारंग, शिखा भारद्वाज, अंजू देवी, इंद्रजीत सहरावत, राजपाल सिंह और नीमा भगत की पर्ची निकली है। इस तरह 50 फीसद सदस्य आज बाहर हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो भी नए सदस्य आएंगे, वह एमसीडी की भलाई के लिए काम करेंगे।
06:28 pm 31/03/2026