शराब घोटाले के आरोपी आप के नेताओं के भ्रष्टाचार को बचाने के लिए भाजपा आप में कुत्ते-बिल्ली का खेल
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दिल्ली:उच्च न्यायालय ने शराब के घोटाले के दोषियों को नोटिस जारी करके आगामी चुनावी राज्यों में कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाने के लिए नेरेटिव स्थापित करने के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी की योजना को विफल कर दिया है जो जनता की अदालत में पहले ही बेनकाब हो गए हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने साधा निशाना कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के भ्रष्टाचार को बचाने के लिए भाजपा और आप कुत्ते-बिल्ली का खेल खेल रही हैं, लेकिन उच्च न्यायालय के द्वारा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने के उनके मंसूबों को धराशायी किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के शासन में हुए आबकारी नीति घोटाले के सभी 23 अभियुक्तों को निचली अदालत द्वारा आरोपमुक्त करने के संदर्भ में आज 9 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई और उसके जांच अधिकारी के खिलाफ निचली अदालत के आदेश को सुरक्षित रखते हुए न्यायाधीश स्वर्णकांत शर्मा ने सभी अभियुक्तों को अगली तारीख पर 16 मार्च पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी इस बात का प्रमाण है कि अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य 21 अभियुक्तों के खिलाफ शराब घोटाले के पुख्ता सबूत है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अभियुक्तों को नोटिस जारी करना मामले में दिल्ली कांग्रेस के रुख को मान्यता देता है कि शराब नीति को लागू करने में भारी भ्रष्टाचार हुआ था, जिसे तत्कालीन उपराज्यपाल के बाद उसे अचानक समाप्त कर दिया था। उपराज्यपाल वी0के0 सक्सेना ने घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी गुजरात और गोवा सहित अन्य राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शराब घोटाले के मामले में एक नया नेरेटिव स्थापित करने के लिए कैट-एंड-डॉग गेम खेल रहे हैं और आम आदमी पार्टी भाजपा के इशारे पर कांग्रेस पार्टी के वोटों में कटौती करने के लिए लड़ेंगी, जबकि अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में लौटने का एक मजबूती के साथ जनता के बीच काम कर रही है। निचली अदालत में अरविन्द केजरीवाल सहित अन्य को शराब घोटाले में बरी करना भाजपा और आम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति का अंजाम दिखाई पड़ता है, जबकि गृहमंत्रालय के आधीन उपराज्यपाल के आदेश पर सीबीआई जांच में जब केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य को जेल हो गई थी और ठीक चुनावों से पहले जमानत पर बाहर आए और अब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के शराब घोटाले के मामले में सभी अभियुक्तों को बरी करना भाजपा और आम आदमी पार्टी में मिलीभगत की साजिश दिखाई देती है। क्योंकि अभी 2026 और 2027 में कई राज्यों में चुनाव होने है।
दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने केजरीवाल और अन्य लोगों को चेतावनी दी थी कि शराब घोटाले के आरोपियों को आरोपमुक्त करने के मुकदमे के फैसले का जश्न मनाने का अभी समय नहीं आया है, क्योंकि वे अभी तक खतरे से बाहर नहीं हुए हैं क्योंकि केजरीवाल और उनके सहयोगियों के खिलाफ मजबूत सबूत हैं। केजरीवाल सहित अन्य अभियुक्तों के झूठ का खुलासा उच्च न्यायालय में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई के समय सबके सामने आ जाऐगा।
दिल्ली के लोगों की नजर में, केजरीवाल, सिसोदिया और शराब घोटाले में शामिल अन्य लोग भ्रष्टाचार के दोषी हैं, लेकिन केजरीवाल और अन्य लोगों द्वारा मगरमच्छ के आंसू बहाकर मीडिया के सामने अपने को बेगुनाही साबित करने का प्रयास कर रहे है लेकिन उनके भ्रष्टाचार को जनता अच्छी तरह जानती जो उच्च न्यायालय में जल्द उजागर होगा। उन्होंने कहा कि जैसा कि दिल्ली कांग्रेस ने बताया कि राउज एवेन्यू कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सिसोदिया और केजरीवाल को जमानत देने से इनकार करने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत देने से इनकार करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अदालत के समक्ष यह मानने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के नेताओं की गंभीर रुप से संलिप्तता थी।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 21 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के लिए पेश होने को कहा है। उन्होंने कहा कि 3 जून, 2022 को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पंजाब अकाली दल के नेता दीप मल्होत्रा के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें शराब नीति के बारे में गंभीर सवाल उठाए गए थे।
08:09 pm 09/03/2026