दिल्ली: कुछ दिन पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल की आईसीयू में भर्ती छात्रा से मुलाकात करके आई कांग्रेस की शीर्षस्थ प्रियंका गांधी वाडरा जो कि वायनाड से सांसद भी हैं ने बताया कि आईसीयू में जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही छात्रा की माँ गुस्से में थी । बेटी की हालत से पीड़ा से भरी माँ का शरीर काँप रहा था । उसने अपनी दृढ़ता से भरी आवाज़ में कहा कि उसे किसी की मदद नहीं चाहिए वह अपनी लड़ाई लड़ लेगी । कांग्रेस की शीर्षस्थ नेत्री ने मौजूदा सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए प्रधान मंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री से पूछा कि क्या ज़रूरत थी, एक मासूम बच्ची पर इस तरह दमन करने की? क्या ज़रूरत थी नौजवान छात्रों पर आसूँ गैस चलवाने की, लाठियाँ बरसाने की, उन पर वाटर-कैनन्स चलवाने की? क्या ज़रूरत थी उन जवान लड़कियों को ज़लील करते हुए, उनके कपड़े फाड़ने की, उन्हें गंदी तरह पिटवाने की? युवाओं पर पेलेट गन और एके-47 चलवाने की क्या आवश्यकता थी? क्या वे आतंकवादी हैं? टेररिस्ट हैं? कौन जवाब देगा?

पटना में एके एम-47 की गोली से घायल छात्र आकाश ने भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फ़ोन पर बात की । पटना में पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल छात्र आकाश यादव से आज एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उनसे बातचीत करवाई। लोकसभा में नेता विपक्ष ने आकाश यादव का हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई में वे सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे।सरकार लाठियों और AK-47 की गोलियों से छात्रों की आवाज़ को दबा नहीं सकती। न्याय, शिक्षा और छात्रों के अधिकारों की यह लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।