
दिल्ली: देशभक्ति के नाम पर लोगों को पेट्रोल, डीजल, खाने का तेल, गैस काम इस्तेमाल कम करने की सलाह देने पर पीएम नरेंद्र मोदी को आम आदमी पार्टी से सांसद संजय सिंह ने आड़े हाथ लिया है। उन्होंने देशवासियों से कहा कि चुनाव तक मोदी जी ने आपका बोझ उठाया। चुनाव ख़त्म, आपका इस्तेमाल ख़त्म। अब देशभक्ति के नाम पर लाइन में लग जाओ। गैस महंगी हो गई है और अब पेट्रोल-डीज़ल भी महंगा होगा। चुनाव तक किसी चीज की कमी नहीं होने का दावा कर रहे पीएम मोदी अब देशभक्ति के नाम पर लोगों से पेट्रोल, डीज़ल गैस, खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान दे रहे हैं। लेकिन मोदी जी अपनी रैलियों और विदेश यात्राएं करेंगे और खूब तेल फूकेंगे। उनके लोग सोना तो क्या पूरे देश की सम्पतियां ख़रीद लेंगे, लेकिन जनता फटीचर बने रहिए। रविवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दो महीने से भारत की सरकार (यानी स्वयं मोदी जी) जनता का बोझ उठा रहे थे, लेकिन अब चुनाव खत्म हो गया है तो अब वे बोझ नहीं उठाएंगे। पांच राज्यों का चुनाव जब तक हो रहा था, तब तक उन्होंने जनता का बोझ उठा लिया। अब वे कह रहे हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम कीजिए। एक साल तक कोई भी शादी या फंक्शन हो तो सोना न खरीदिए और खाने के तेल का भी इस्तेमाल कम कीजिए।
यह सारा ज्ञान चुनाव भर मोदी जी को याद नहीं आया। तब वे कह रहे थे कि कोई कमी नहीं है, पूरा भंडार भरा हुआ है और कोई समस्या नहीं है। लेकिन जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव खत्म हुए, नरेंद्र मोदी के कंधे झुक गए। जो कंधे जनता का बोझ उठा रहे थे, वे मोदी सरकार के कंधे अब झुक गए हैं और अब वे कह रहे हैं कि वे जनता का बोझ नहीं उठाएंगे।चुनाव खत्म होने के बाद मोदी जी ने कमर्शियल सिलेंडर का दाम 993 रुपए बढ़ा दिया, जिसे रेहड़ी वाले, चाय वाले और छोटी-छोटी दुकान वाले इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का दाम भी 261 रुपए बढ़ा दिया गया, जिसे छात्र, मजदूर और झुग्गियों में रहने वाले गरीब लोग इस्तेमाल करते हैं। मोदी जी लगातार जनता पर इस तरह से महंगाई का बोझ डालते जा रहे हैं। देश को सोचना होगा कि उसे कब होश आएगा और वह कब इन सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगा? चुनाव भर जनता का इस्तेमाल किया जाता है। कभी उनके खाते में 10 हजार रुपए डाल दिए जाते हैं और उसके बाद पटना की सड़कों पर नौजवानों को डंडों से पीटा जाता है। चुनावों में जनता से कहा जाता है कि न तेल की कमी है और न गैस की, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गैस के दाम बढ़ा दिए जाते हैं।
जनता को सलाह दी जा रही है कि तेल का इस्तेमाल कम करें और इस सबको देशभक्ति से जोड़ दिया जाता है। जनता महंगाई में रहे, सोना न खरीदे, विदेशों की यात्रा न करे। इन सबको देशभक्ति बताया जा रहा है। लेकिन मोदी जी खुद बड़ी-बड़ी रैलियां और सभाएं करेंगे। लाखों लोगों को बसों में भर-भर कर लाया जाएगा, वहां तेल का भरपूर इस्तेमाल होगा और उसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी। प्रधानमंत्री विदेशों की यात्रा करेंगे, रोड शो करेंगे और उसमें तेल की कोई बचत नहीं करनी होगी। भाजपा और प्रधानमंत्री इस प्रकार के दोहरे चरित्र से देश को कब तक धोखा देते रहेंगे? देशवासियों के ऊपर हर प्रकार का कष्ट, तकलीफ, महंगाई और बेरोजगारी थोपते हुए उसे देशभक्ति से जोड़ा जा रहा है। देश की जनता कब तक खामोशी से यह सब कुछ बर्दाश्त करती रहेगी? यह सोचने का विषय है।