नई दिल्ली 08, Jun 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

संगीन अपराधों के मामलों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर

 नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा राजधानी दिल्ली में अपराधों पर 2024 की जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह रिपोर्ट पर तो एक वर्ष पहले तक की हैजबकि आज राजधानी में अपराध के हालात कहीं गंभीर हो चुके हैरक्षक पुलिस भक्षक बनकर खुलेआम गोली मारकर हत्या कर रही है। बढ़ते अपराधों पर केन्द्रीय गृहमंत्री की निष्क्रियता और प्रभावहीन कार्यशैली के कारण संगीन अपराधों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर है और वर्ष 2024 में यहां 2.70 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गएजबकि दिल्ली में अपराधिक आरोप पत्र दर्ज दाखिल करने की दर सबसे कम है। रिपोर्ट में राजधानी के महिलाओं के प्रति अपराधिक आंकडे़ दिल दहलाने वाले है जिनमें दहेज के लिए 109 मौतेबलात्कार के 1058 मामलेघरेलू क्रूरता के 4646 मामले अपहरण के 3974 मामले और यौन उत्पीड़न के 316 मामले दर्ज हुए। प्रति लाख की जनसंख्या पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 176.8 रही। उन्होंने कहा कि दहेज के लिए हत्याओं को आंकड़ा 2023 में 114 और 2022 में 129 महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया गया। 

पुलिस की गिरती साख का भी खुलासा किया हैकि दिल्ली पुलिस न्याय दिलाने में में कितनी निष्क्रिय हैजिस पर उच्च पुलिस अधिकारियों को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। दिल्ली में प्रति लाख जनसंख्या पर संगीन अपराधों की दर 1688 हैजो देश के सभी महानगरों में सबसे अधिक है। राजधानी में 2024 में 2,75,402 संगीन अपराधिक मामले दर्ज किए गएलेकिन इतनी बड़ी संख्या में मामलों पर दिल्ली पुलिस सिर्फ 31.9 प्रतिशत के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किएजो सभी महानगरों में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज ही नही करेगीतो दिल्ली के लोगों को कैसे न्याय दिलाएगी। पुलिस की निरसता और लचीले या पक्षपात की नीति के कारण ही शायद दिल्ली में अपराधियों के हौसले बुलंद है और राजधानी अपराध में भी नम्बर वन बन चुकी है।

राजधानी में जहां हत्यारेपदहेज हत्यामहिलाओं के खिलाफ अपराधलूटआर्थिक अपराधसाईबर क्राईमनशे का कारोबार जैसे अनेक अपराध वर्ष दर वर्ष बढ़ रहे हैवहीं आईपीसी और बीएनएस के तहत न्याय के लिए 2024 में 4,34,981 मामले लंबित थे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में अदालतों में केवल 50,305 मामलों का ट्रायल पूरा होने के बाद 88.3 प्रतिशत मामले अब भी अटके हुए है। ट्रायल पूरा हुए मामलों में अभियोजन की सफलता में सजा मिलने की दर 74.1 प्रतिशत दर्ज की गई जिसमें हत्या के मामलों में सजा 62.5 प्रतिशत। रेप के मामलों में सजा की दर 24.1 प्रतिशत और यौन उत्पीड़न के मामलों में चैकाने वाला है कि सजा किसी को नही दी गईयह चिंताजनक है। आर्थिक् अपराधों के 25532 लंबित मामलों में सिर्फ 4524 मामलों की सुनवाई हुई जिनमें सजा दर 27.3 प्रतिशत दर्ज हुई और साईबर मामलों 1,152 मामलों में से सिर्फ 52 मामलों का ट्रायल हुआ।

06:16 pm 12/05/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

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