दलीप सिंह पेरिस में भुलाए गए, मान फ्रांस में बजा रहे बांसुरी
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दिल्ली: मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रस्तावित फ्रांस दौरे पर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने उठाए सवाल । कहा कि पंजाब इस समय नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। कई परिवार अपने बच्चों को खो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री विदेश दौरे की तैयारी में हैं। भगवंत मान को फ्रांस जाने से पहले यह जानना चाहिए कि सिख साम्राज्य के अंतिम महाराजा दलीप सिंह ने 1893 में पेरिस में अंतिम सांस ली थी। हैरानी की बात है कि जिस स्थान को उनकी मृत्यु से जोड़ा जाता है, वहां आज तक उनकी याद में कोई स्मारक पट्टिका नहीं लगाई गई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का फ्रांस दौरा मार्कफेड की SIAL फूड ट्रेड प्रदर्शनी में भागीदारी से जुड़ा है। ऐसे समय में जब पंजाब नशे के संकट से जूझ रहा है, इस दौरे को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठना स्वाभाविक है । मुख्यमंत्री को पत्रकार और UNITED SIKHS के कम्युनिकेशन एंड एडवोकेसी डायरेक्टर हरमीत शाह सिंह का पेरिस से बनाया गया वॉकिंग-हिस्ट्री व्लॉग देखने को कहा। इस व्लॉग में महाराजा दलीप सिंह के अंतिम ठिकाने के बारे में जानकारी दी गई है।
उनके अनुसार, महाराजा दलीप सिंह की मृत्यु के स्थान को लेकर दो अलग-अलग संदर्भ सामने आते हैं। एक पता उनके मृत्यु प्रमाण पत्र में दर्ज है, जबकि दूसरे स्थान को उनकी मृत्यु का वास्तविक स्थल बताया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस ऐतिहासिक उपेक्षा की जानकारी है? अगर वह फ्रांस जा ही रहे हैं तो क्या वह महाराजा दलीप सिंह से जुड़े इस स्थान पर जाकर वहां उनकी याद में स्मारक बनाने का मुद्दा उठाएंगे? जिस स्थान को महाराजा दलीप सिंह की मृत्यु से जोड़ा जाता है, वहां अब एक आलीशान होटल है। लेकिन वहां सिख साम्राज्य के अंतिम महाराजा की याद में कोई निशानी नहीं है।
02:18 pm 21/10/2026