नई दिल्ली 16, Dec 2025

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

प्रबंधन में बढ़ती जा रही है सरकारी दखलंदाजी: सरना

 
दिल्ली: 350 वीं सालगिरह की शहीदी नगर कीर्तन में बाधा डालने, तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने, श्री अकाल तख्त साहिब को पीठ दिखाने और समिति प्रबंधन में बढ़ती सरकारी दखलअंदाजी का आरोप लगाते हुए  शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका तथा कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा जो कि दिल्ली सरकार में मंत्री भी हैं एवं दिल्ली सरकार के  एक और मंत्री प्रवेश वर्मा पर बोला हमला ।
शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को समर्पित आयोजित नगर कीर्तन का उल्लेख करते हुए दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कालका टीम ने दिल्ली में इस नगर कीर्तन में अड़चन डालने के लिए शुरू से ही चालें चलनी शुरू कर दी थीं। शिरोमणि समिति ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के लखिशाह वणजारा हॉल में 25 अक्तूबर के गुरमति समागम के लिए दिल्ली समिति प्रबंधकों को 4 सितंबर को ही अवगत करा दिया था और फिर प्रबंधकों के कहने के अनुसार श्रोमणी समिति ने समागम के लिए पत्र भी दिया। पर समिति प्रबंधकों ने 25 अक्तूबर के समागम के लिए पंजाब सरकार को स्थान दे दिया जबकि उन्होंने 17 अक्तूबर के लिए माँगा था। दूसरी ओर श्रोमणी समिति को बहाना यह बताया गया कि 25 अक्तूबर के लिए हॉल पहले ही बुक है। सरना ने यह भी बताया कि ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ कि गुरद्वारा रकाबगंज साहिब में 25 अक्तूबर को हुए गुरमति समागम में संगतों की तलाशी लेकर अंदर जाने दिया गया।
गुरु साहिब की शहादत नगर कीर्तन को नाकाम करने की साजिश के तहत पूरी कालका टीम ने इस नगर कीर्तन में स्टॉल लगाने से दूरी बनाई; इतना ही नहीं बल्कि विभिन्न इलाकों में लोगों को स्टॉल लगाने और नगर कीर्तन में शामिल होने से रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया। पर संगतें इनके झांसे या दबाव में नहीं आईं और पूरी दिल्ली की संगतों ने बढ़-चढ़ कर नगर कीर्तन में हाज़िरी भरी। जब नगर कीर्तन में बाधा डालने के सभी उपाय विफल नजर आए तो कालका टीम ने नगर कीर्तन के दौरान ही जनरल इज्लास बुलाकर तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने का षड्यंत्र रचा और जब श्री अकाल तख्त साहिब ने इस जनरल इज्लास पर रोक लगाने का आदेश दिया तो कालका टीम ने अपने अहंकार को दबी हुई रखकर सीधे तौर पर श्री अकाल तख्त को भी पीठ दिखाने से शर्म नहीं की। सरना ने कहा कि कालका टीम की यह भी कोशिश थी कि हम नगर कीर्तन छोड़कर जनरल इज्लास में शामिल हों ताकि वे नगर कीर्तन में बाधा डालने के और उपाय कर सकें। पर हमने शहीदी नगर कीर्तन को ही प्राथमिकता दे कर कालका टीम के इरादे नाकाम कर दिए। उन्होंने कहा कि कालका टीम यह भूल गई कि गुरु साहिब को समर्पित सिख किसी सदस्यता के भूखे नहीं होते।
दिल्ली समिति प्रबंधन में बढ़ती सरकारी दखलअंदाजी का ज़िक्र करते हुए सरना ने कहा कि तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने के षड्यंत्र के बाद कालका ने मीडिया के सामने खुद माना कि ऐसे फैसले के लिए उस पर सरकार का काफी दबाव था। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा तथा प्रवेश वर्मा के जरिए दिल्ली समिति प्रबंधन में हर तरह की सरकारी दखलअंदाजी की जा रही है। तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने के फैसले के पीछे एक और बड़ा कारण है — दरअसल निकट भविष्य में गुरद्वारा चुनाव होने वाले हैं और कालका-सिरसा टीम को ऐसा प्रतीत हो चुका है कि अब इनका पूर्ण सफाया कर दिया जाएगा। इसी कारण जहाँ एक ओर गुरद्वारा चुनाव टालने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है, वहीं साथ ही दूसरी ओर हमारी सदस्यता रद्द करवाने का षड्यंत्र रचा गया है।
पिछले कुछ वर्षों से कालका-सिरसा की ओर से की गई भारी लूट-खसूट ने दिल्ली समिति और गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों को हर तरफ से पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। और अब जब संगतों की ओर से इन बातों का जवाब माँगा जा रहा है तो ये लोग हर हथकंडा अपनाकर संगतों को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रहे हैं।
जहाँ भी कालका -सिरसा टीम जाती है, वहां संगतों की ओर से इनके खिलाफ तांत्रिक प्रश्न उठाये जाते हैं, पर यह जवाब देने के बजाय संगतों से मुंह मोड़ लेते हैं या फिर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विरोधियों पर झूठे आरोप लगाना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि संगतें इनसे पूछती हैं कि आपने इतनी अधिक लूट-खसूट करके गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों को 500 करोड़ रुपये का कर्ज़दार क्यों बनाया? इसके अलावा संगतों द्वारा दिल्ली समिति प्रबंधन में भ्रष्टाचार की तस्वीर पेश करने वाली डी-लाइट कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट को छिपाने के बारे में प्रश्न पूछे जाने पर कालका-सिरसा टीम मुंह फेर लेती है। जब संगतें यह पूछती हैं कि आपने नियमों का भारी उल्लंघन करके समिति के संस्थानों में अपने सदस्यों के परिवार वालों को नौकरियाँ देकर आम सिख बच्चों का अधिकार क्यों छीना? तो तब भी यह जवाब देने से कतराते हैं।
कालका-सिरसा टीम को संगतों की नाराज़गी का इतना अधिक डर सता रहा है कि यह गुरद्वारा चुनावों को लंबे समय तक टालने की साजिश रच रहे हैं। सरना ने कहा कि ये अपनी नाकामियों व भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जितने चाहें हथकंडे अपना लें, पर दिल्ली की संगतें इनके इरादे सफल नहीं होने देंगी।

 

06:50 pm 30/10/2025

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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