
दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जी के के ख़िलाफ़ दर्ज वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित मामलों की अदालती कार्यवाही को लेकर प्रबन्धन कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका एवं महासचिव जगदीप सिंह काहिलों की महत्वपूर्ण जानकारी साँझा । उनके ख़िलाफ़ गुरु की गोलक के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता से जुड़े तीन मामले दर्ज हैं । दो मामलों में अदालत के समक्ष 50-50 हजार रुपये के जमानती बांड भरे गए हैं एवं अपराध तय किए जाने की प्रक्रिया आगामी सुनवाई में आगे बढ़ सकती है । उन्होंने यह भी दावा किया कि एक मामले में मनजीत सिंह जीके के विदेश जाने पर पहले से ही प्रतिबंध लगा हुआ है ।
कमेटी के पूर्व महासचिव गुरमीत सिंह शंटी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर संख्या 192/2020 में विदेश से प्राप्त लगभग एक लाख कनाडाई डॉलर की राशि के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था । उन्होंने जानकारी दी कि विदेश में रहने वाले एक परिवार ने गुरु घर की सेवा के उद्देश्य से प्रिंटिंग प्रेस के लिए दशवंध के रूप में एक लाख कनेडियन डॉलर की राशि भेजी थी । शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस धनराशि को मनजीत सिंह जीके ने अपने साथियों के साथ मिलकर खुर्दपुर्द कर दिया ।
प्रबंधन के वर्तमान महासचिव जगदीप सिंह काहिलों की शिकायत पर दर्ज एफआईआर संख्या 181/2022 में जीटीबीआईटी कॉलेज के नाम पर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से कथित रूप से 10 लाख रुपये अनियमित तरीके से निकालने का आरोप लगाया गया है । इसके अतिरिक्त, पुस्तकों की छपाई के नाम पर और पानी के कथित फर्जी बिलाओं के माध्यम से गुरु की गोलक के धन के दुरुपयोग संबंधी आरोपों का भी जिकर किया गया । पंथक के दोनों ही नेताओं का मानना है कि जनमती बाँड भरने, विदेश यात्रा पर कथित प्रतिबंध और आरोप तय होने की प्रक्रिया से संबंधित अदालती घटनाक्रम को जानता के सामने रखना आवश्यक है । एफआईआर में चार्ज फ्रेम होने के बाद इनका जेल जाना तय है ।