
दिल्ली विधानसभा: मनसून सत्र के समापन पर मीडिया से रूबरू होकर बोले विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता 13 घंटे 19 मिनिट चली सदन की कार्यवाही में 4 विधेयक पास हुए एवं सीएजी की 2 रिपोर्ट सदन के पटल पर चर्चा के लिए पेश हुई । आठवीं विधानसभा के डेढ़ साल के कार्यकाल में 6 विधानसभा सत्रों में सीएजी की 19 रिर्पोटें सदन में पेश की गई । अनियमिततायें पाये जाने के कारण इन रिपोटों को एक्शन टेकन नोट के लिए संबंधित विभाग में भेजा गया हैं । संबंधित विभागों से एक्शन टेकन नोट मिलने के पब्लिक अकाउंट्स कमेटी आगे की कार्यवाही सुनिश्चित करेगी ।
नियम 280 के तहत 52 मसलों पर चर्चा हुई । सत्र के अंतिम दिन 23 मसलों पर चर्चा हुई । उन्होंने 7वीं विधानसभा से तुलना करते हुए बताया कि पाँच साल में कुल पाँच सत्र हुए एवं आखिर के 2 साल में 2 सत्र । पिछली सरकार के 10 साल के कार्यकाल में मुश्किल से शायद एक ही सीएजी रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी गई होगी । आठवीं विधानसभा के छटे सत्र की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि सत्र में वेस्ट मैनेजमेंट, वाटर लॉगिंग, सड़क पर घूमते लावारिस जानवरों एवं इलेक्ट्रिसिटी बिल्स जैसे मसलों पर सदस्यों ने अपने क्षेत्र की समस्याओं पर खुलकर भाग लिया एवं अपने विचार रखे । महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के सदस्य सदन से बाहर रहे । नेता विपक्ष आतिशी की पूरे सत्र के दौरान अनुपस्थिति कहीं न कहीं विपक्ष की ग़ैर जिम्मेदाराना भूमिका पर सवाल उठाती है।
दिल्ली राइट ऑफ़ सिटीजन तो टाइम बाउंड एंड ईज ऑफ़ डिलीवरी ऑफ़ सर्विसेज बिल 2026 के लागू होने से दिल्ली के नागरिकों की समय पर समस्याओं के निपटारे में सहायता मिलेगी एवं जवाबदेही सुनिश्चित है । जाहिर है कार्यप्रणाली में सकारात्मक सुधार आयेंगे । अग्नि शमन विधेयक से डीएफएस की कार्यप्रणालियों में सुधार होगा एवं फायर नॉर्मस सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी । सत्र के दौरान कथित दवा घोटाले, साइकिल घोटाले एवं चावल घोटाले को लेकर विपक्ष द्वारा सदन में जमकर हंगामा करने के बावजूद भी आठवीं विधानसभा का यह सत्र 7 वीं विधानसभा की तुलना में बेहतर रहा ।
विपक्ष की चुनिंदा मसलों पर उपस्थिति एवं सदन में विपक्ष के विधायकों द्वारा चावल फेंके जाने पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कि सदन राजनीति का मंच नहीं है इसकी गरिमा का पालन होना अनिवार्य है ।