नई दिल्ली 30, Jan 2026

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

मनरेगा खत्म करने के विरोध में प्रदर्शन के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को किया डिटेन

दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मनरेगा रोजगार योजना को मोदी सरकार द्वारा खत्म करने के विरोध में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी, 24 अकबर रोड़ से गांधी स्मृति तीस जनवरी मार्ग तक शांति मार्च निकालने के लिए एकत्रित हुए। प्रदेश अध्यक्ष कहना है कि काँग्रेस पार्टी ने मनरेगा को भारत में ग्रामीणों को रोजगार देने की गारंटी के लिए लागू किया था, ताकि भारत का हर गरीब नागरिक आर्थिक रुप से मजबूत बन सके। मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म करने के खिलाफ आज दिल्ली कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता यहां महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धाजंलि देने के लिए उपस्थित हुए है क्योंकि महात्मा गांधी ने करोड़ो ग्रामीणों की उनके अधिकारों के लिए अहिंसा पूर्वक एक लंबी लड़ाई लड़ी थी, जिसके कारण ग्रामीणों को 365 दिनों में तय दिनों का रोजगार सुनिश्चित करने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को लागू किया था।
 कार्यकर्ताओं को पार्टी के अकबर रोड स्थित कार्यालय से बाहर निकलते ही पुलिस ने गांधी स्मृति, तीस जनवरी मार्ग जाने से रोक दिया और आगे बढ़ने पर पुलिस ने श्री देवेन्द्र यादव सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर कापसहेड़ा पुलिस स्टेशन ले गई, जहां बाद में सभी को छोड़ दिया। आक्रोषित कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा चोर गद्दी छोड़, मोदी सरकार हाय हाय, मनरेगा वापस लाओ, महात्मा गांधी अमर रहे आदि नारे लगा रहे थे। शांति मार्च में कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय  माकन, कांग्रेस महासचिव  जयराम रमेश, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव, अ0भा0क0कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निज़ामुद्दीन, मीडिया और प्रचार कमेटी के चेयरमैंन पवन खेड़ा, एससी विभाग के अध्यक्ष राजिंदर पाल गौतम, पूर्व सैनिक कर्नल रोहित चौधरी, वरुण चौधरी, अ0भा0क0कमेटी सचिव अभिषेक दत्त, दिल्ली कांग्रेस प्रशासनिक प्रभारी जतिन शर्मा, दिल्ली कांग्रेस कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. योगानंद शास्त्री, डॉ. नरेंद्र नाथ, प्रो. किरण वालिया, पूर्व विधायक भीष्म शर्मा, विजय लोचव, सुरेंद्र कुमार, कुंवर करण सिंह, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लाकरा, सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, पूर्व उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल, लोकसभा एवं जिला आर्ब्जवर जितेंद्र कुमार कोचर, सीपी मित्तल, जगजीवन शर्मा, तसवीर सोलंकी, एडवोकेट सुनील कुमार, लक्ष्मण रावत, डॉ. पी.के. मिश्रा, पूर्व उपमेयर परवीन राणा, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र शर्मा, मोहम्मद उस्मान, इंद्रजीत सिंह, सिद्धार्थ राव, राजकुमार जैन, धर्मपाल चंदेला, हर्ष चौधरी, राजेश यादव, महेंद्र भास्कर,दिनेश कुमार एडवोकेट, महेंद्र मंगला, प्रदेश कांग्रेस एससी विभाग चेयरमैन संजय नीरज, ओबीसी विभाग चेयरमैन राजीव वर्मा, अल्पसंख्यक विभाग चेयरमैन अब्दुल वाहिद, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्रीमती प्रिया जयन्त, त्रिलोक चौधरी और प्रमोद जयन्त सहित हजारां कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
 मनरेगा बचाओ संग्राम में कांग्रेस कार्यकर्ता मनरेगा को वापस लाने के लिए एकजुट होकर संघर्ष कर रहे है क्योंकि मोदी सरकार ने मजदूरों से दिहाड़ी के मोल भाव का हक छीन लिया है, पंचायतों की शक्ति और राज्यों के अधिकार छीनकार दिल्ली में केन्द्रित करके देश के करोड़ो लोगों की न्यूनतम मजदूरी, साल भर काम की गारंटी, आजादी और स्वाभीमान के साथ काम करने के अधिकार को छीन लिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार मजदूरों को गुलाम बनाने वाली सरकार है। उन्हांने कहा कि भाजपा ने हमेशा ही विपक्ष को कमजोर करने का काम किया है क्योंकि कांग्रेस देश के करोड़ों देशवासियों की अजीविका और उनके अधिकारों को संरक्षित और सुरक्षित बनाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ रही है।
मनरेगा की वापसी के लिए हमें लम्बी लड़ाई लड़नी है और मोदी सरकार को करोड़ों ग्रामीणों को रोजगार सुनिश्चित करने वाली योजना मनरेगा को दोबारा लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि 700 से अधिक किसानों के जान गंवाने के बाद तीन काले कृषि कानूनों को किसानों के लगभग 2 वर्ष के संघर्ष के बाद मोदी जी ने सार्वजनिक रुप से वापस लेने की घोषणा की थी उन्होंने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नही बल्कि ग्रामीण लोगों को इज्जत और सम्मान से रोटी देने का अधिकार है जिसे कांग्रेस की सरकार ने लागू किया था। ऐसे कानून को खत्म करना निश्चित ही देश विरोधी और गरीब विरोधी है। उन्होंने कहा कि संविधान में बदलाव करके मोदी सरकार गरीबों को लगातार कमजोर करने का काम कर रही है।
मनरेगा को खत्म करके मोदी सरकार ने काम के अधिकार को खत्म कर दिया है। ग्राम पंचायतों को काम देने का अधिकार खत्म करके यह सरकार के  अधिकार क्षेत्र होगा। अब मजदूरी मनमाने ढ़ंग से तय होगी और इसमें हर साल बढ़ोत्तरी की गारंटी भी खत्म कर दी है और योजना फसल कटाई के मौसम में नही चलेगी, जिससे मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी के लिए किसी भी का काम को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि पहले मनरेगा में ग्राम पंचायत से काम मांगने पर परिवार को 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य था और काम 365 दिन उपलब्ध रहता था। मनरेगा में बदलाव से पहले मजदूरी का 100 प्रतिशत भुगतान केन्द्र सरकार करती थी, जिससे राज्य सरकारें बिना किसी कठिनाई के काम उपलब्ध कराती थी। अब मजदूरी के भुगतान का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकारों को वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा कारण है कि करोड़ों ग्रामीण परिवारों को काम मिलने और काम का भुगतान में अधिक विलंब होगा।

07:33 pm 30/01/2026

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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