कॉलेज चुनावों में कमेटी की कभी कोई भूमिका नहीं होती
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दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने अकाली दल बादल के नेता परमजीत सिंह सरना से कहा है कि वह अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को भड़काना बंद करें। उन्होंने कहा कि जब भी सरना सत्ता से बाहर होते हैं, तो अपने निजी लाभ के लिए दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।
आज यहां श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सरदार एम.पी.एस. चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बॉडी के सदस्य सरदार गुरविंदरपाल सिंह राजू की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि वे यह देखकर हैरान हैं कि किस तरह एक 85 वर्षीय बुजुर्ग अपने राजनीतिक फायदे के लिए कॉलेज के मासूम युवाओं को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी सरना कमेटी की सत्ता से बाहर होते हैं, तो धरनों में यह बयान देते हैं कि कमेटी का बेड़ा गर्क हो गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी अपनी सोच का बेड़ा गर्क हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह एक अटल सच्चाई है कि सरना ने पहले हमें अपनी राजनीति की सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल किया और हमें भड़काकर हमेशा राजनीति की। अब वह नई पीढ़ी का इस्तेमाल करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे हैरान हैं कि सरना ने युवाओं को भड़काकर कॉलेज का गेट भी तुड़वाया और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों को कॉलेज में प्रवेश करने से भी रोका।
इस मौके पर कॉलेज के चेयरमैन सरदार एम.पी.एस. चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बॉडी के सदस्य सरदार गुरविंदरपाल सिंह राजू ने बताया कि कॉलेज में होने वाले छात्र चुनावों में दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की कभी कोई भूमिका नहीं होती। इन चुनावों के लिए एक स्क्रूटनी कमेटी बनाई जाती है, जो चुनाव संबंधी सभी फैसले लेती है।
उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं कॉलेज पहुंचे तो बड़ी मुश्किल से कॉलेज में प्रवेश कर पाए। इसके बाद उन्होंने सरना और उनके साथियों को बातचीत के लिए अंदर आने को कहा, लेकिन सरना ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि सभी फैसले पूरी पारदर्शिता के साथ लिए जाते हैं। इस मामले में उम्मीदवार के दस्तावेजों के साथ न तो कॉलेज का पहचान पत्र और न ही आधार कार्ड संलग्न था, जिसके बारे में उसे बता दिया गया था।
सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि सरना ने मासूम युवाओं को मोहरा बनाकर राजनीति करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह भी सच है कि सरना की आदत बन चुकी है कि जहां कहीं उन्हें हार नजर आती है, वहीं वह हंगामा करके बैठ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में इसी गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव के दौरान सरना 22 घंटे तक बैलेट बॉक्स पर कब्जा करके बैठे रहे, जिसके बाद रात 11 बजे मतदान हुआ।
05:29 pm 14/09/2026