देश के हर कोनों विशेषकर राजधानी दिलà¥à¤²à¥€ में विशेषकर आई टी ओ के समीप यमà¥à¤¨à¤¾ के पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ ओर पूरà¥à¤µà¥€ किनारों पर छट महोतà¥à¤¸à¤µ माकूल वा पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ इंतेजमत के साथ बड़ी धूमधाम से ।
छट महोतà¥à¤¸à¤µ में छठमईया की पूजा होती है । दो दिन चलने वाली इस पूजा में सूरà¥à¤¯ को अरà¥à¤• दिये जाते हैं । रात को सांसà¥à¤•ृतिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ का आयोजन किया जाता है ।
दिलà¥à¤²à¥€ में पूरà¥à¤µà¤¾à¤‚चल वासियों की संखà¥à¤¯à¤¾ दो लाख से ऊपर है । छठपरà¥à¤µ पूरà¥à¤µà¥€ उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶, बिहार,à¤à¤¾à¤°à¤–ंड वा पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल के कà¥à¤› इलाकों में मनाया जाता है ।
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सूरà¥à¤¯ को अरà¥à¤• पानी में खड़े होकर दिये जाते हैं । छठमईया से मनà¥à¤¨à¤¤ पूरी होने की आश में कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤¤ जमीन पर रेंगते हà¥à¤¯à¥‡ आते हैं ।
सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ माकूल सफाई के इंतेजामात के बावजूद à¤à¥€ यमà¥à¤¨à¤¾ के किनारे तो साफ और गंदले वा काले पानी के बावजूद शà¥à¤°à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤²à¥à¤µà¥‹ का उतà¥à¤¸à¤¾à¤¹ देखते बनता है। पेश है à¤à¤• à¤à¤²à¤•….