हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक स्कूल ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध नहीं
दिल्ली: हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध नहीं कराने पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर तीखा हमला बोला कहा कि हाईकोर्ट ने सीएम रेखा गुप्ता के अपने ही राजस्व विभाग को एसएस मोता सिंह स्कूल ट्रस्ट की फाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद डीएम ने अभी तक यह फाइल उपलब्ध नहीं कराई है। इस स्कूल ट्रस्ट के पास 500 करोड़ रुपए की बेशकीमती जमीन है। भाजपा सरकार इस ट्रस्ट की फाइल में आखिर क्या छिपा रही है? क्या इसमें भाजपा के उन वरिष्ठ नेताओं के करीबियों के नाम हैं, जो इस ट्रस्ट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे? क्या किसी अल्पसंख्यक सिख संस्थान पर राजनीतिक लोगों को कब्जा करने की अनुमति दी जा सकती है?
उन्होंने कहा कि कहानी में देखते थे कि राजा की जान एक तोते में होती है, आज ऐसा लगता है कि भाजपा के बड़े-बड़े नेताओं की जान एसएस मोता सिंह स्कूल के ट्रस्ट की फाइल में फंसी हुई है। मामला इतना पेचीदा होता जा रहा है कि अब मुख्यमंत्री के अपने रेवेन्यू डिपार्टमेंट और डिवीजनल कमिश्नर तक पर गाज गिरने वाली है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का एक आदेश दिखाते हुए कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट इसलिए जाना पड़ा है, क्योंकि एसएस मोटा सिंह स्कूल के अंदर चोरी-छिपे किन लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है, इसकी फाइल को सरकार द्वारा छिपाया जा रहा है। कई बार डीएम ऑफिस जाकर बात की गई, मगर उन्होंने फाइल नहीं दी। इसलिए अंत में दिल्ली हाईकोर्ट जाना पड़ा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2026 को दिल्ली सरकार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के रेवेन्यू डिपार्टमेंट, डिवीजनल कमिश्नर और डीएम को बाकायदा ऑर्डर दिया है कि वे एसएस मोटा सिंह स्कूल के ट्रस्ट की फाइल निकाल कर दें और अगर फाइल नहीं है तो बताएं और उस फाइल को रिकंस्ट्रक्ट करके दें। इन्हें फाइल ढूंढने के लिए एक महीने का समय दिया गया था। 8 अगस्त को एक महीने का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। अगर फाइल खो गई है, जैसा कि अक्सर दिल्ली सरकार के अंदर भ्रष्टाचार से जुड़ी फाइलें नष्ट कर दी जा रही हैं (जैसे हेल्थ डिपार्टमेंट के हेल्थ स्कैम में हुआ है), तो एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी। कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई, यानी इस फाइल को जानबूझकर छिपाया जा रहा है और हाई कोर्ट के ऑर्डर के बावजूद इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री से पूछा आख़िर इस फाइल के अंदर ऐसा क्या है और ऐसे कौन लोग हैं जिन्हें 500 करोड़ रुपए की संपत्ति वाले इस स्कूल में चोरी-छिपे ट्रस्टी बनाया गया है, कि उनकी पूरी सरकार इस फाइल को छिपाने की कोशिश कर रही है। पहले उन्होंने बताया था कि उन्हें एक फेसबुक पोस्ट मिली थी जिसमें अमरजीत सिंह बब्बू नाम के एक आदमी ने दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा को धन्यवाद देते हुए कहा था कि मंत्री ने उन्हें एसएस मोटा सिंह स्कूल के अंदर ट्रस्टी बनाया है।
उनका कहना है कि जब दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा से पूछा गया कि उनका इस ट्रस्ट से क्या लेना-देना है और वे कैसे किसी को इस स्कूल में ट्रस्टी बना सकते हैं, तो प्रवेश वर्मा ने इसके ऊपर मानहानि का मुकदमा दायर कर दिया। वह मुकदमा चलता रहेगा, मगर सवाल आज फिर वही खड़ा हो रहा है कि इस एसएस मोटा सिंह स्कूल के ट्रस्ट और इसकी फाइल में ऐसा क्या है कि पूरी सरकार इसे छिपाने और दबाने में लगी हुई है?
03:51 pm 24/08/2026