रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो पदयात्रा के दूसरे दिन आगरा की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब
आगरा/लखनऊ : 3 अप्रैल से 9 अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक निकली रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो पदयात्रा के दूसरे दिन शनिवार को आगरा की जनता का ऐतिहासिक और अभूतपूर्व समर्थन देखने को मिला, जहां शहर से गांव तक सड़कों पर उमड़े जनसैलाब ने पदयात्रा को अपनी आवाज़ बना लिया और जगह-जगह कार्यकर्ताओं व नागरिकों द्वारा फूल-मालाओं से सांसद संजय सिंह का भव्य और जोरदार स्वागत किया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि यह पदयात्रा अब बेरोज़गारी, सामाजिक अन्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई में आम आदमी पार्टी की सशक्त आवाज़ बन चुकी है।
दूसरे दिन पदयात्रा अगरावन वाटर वर्क्स चौराहा से शुरू होकर आरसीएस फार्म हाउस, खंदौली हाथरस रोड होते हुए सूरज फार्म हाउस तक पहुंची, जहां रात्रि विश्राम किया गया। पूरे मार्ग में “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” के नारों की गूंज रही और हर पड़ाव पर जनता ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। यह पदयात्रा 9 अप्रैल को भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में समाप्त होगी। पदयात्रा के दौरान रोजगार के मुद्दे पर बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी नीतिगत विफलता और सुनियोजित साजिश का हिस्सा बन चुकी है।
लाखों पद खाली होने के बावजूद भर्तियां वर्षों तक लंबित हैं। पुलिस भर्ती, दरोगा चयन और 69000 शिक्षक भर्ती जैसे मामलों में देरी व विवादों ने युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया है। वहीं लेखपाल, कनिष्ठ सहायक सहित कई परीक्षाएं पेपर लीक के कारण रद्द हुईं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि जब युवा रोजगार की मांग करते हैं तो उनकी आवाज दबाई जाती है और उन पर बल प्रयोग किया जाता है। यह सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। संजय सिंह ने कहा कि यह पदयात्रा बेरोजगार युवाओं के हक और न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनेगी।
उत्तर प्रदेश में बढ़ते सामाजिक अन्याय पर ठोस घटनाओं और आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा कि यह अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है। इटावा में पिछड़ी जाति के कथावाचक की चोटी काटकर अपमानित किया गया, लखनऊ के काकोरी में दलित बुजुर्ग के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ, रायबरेली में फतेहपुर निवासी 40 वर्षीय दलित हरिओम वाल्मीकि की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि मुरादाबाद, मैनपुरी और वाराणसी में दुष्कर्म की घटनाएं सामने आईं। एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक अनुसूचित जाति के खिलाफ सबसे अधिक मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में भी प्रदेश शीर्ष राज्यों में है। संजय सिंह का आरोप है कि जब दलित उत्पीड़न और महिला अपराध दोनों में प्रदेश आगे हो, तो यह स्पष्ट है कि कानून व्यवस्था पूरी तरह विफल है और योगी आदित्यनाथ सरकार कमजोर वर्गों को सुरक्षा देने में असफल रही है।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी-योगी सरकार को स्कूल और अस्पताल बनाने की नहीं बल्कि श्मशान और कब्रिस्तान बनाने की चिंता है। उन्होंने कहा कि स्कूल बंद हो रहे हैं, मिड-डे मील में बच्चों को नमक-रोटी मिल रही है, अस्पतालों में टॉर्च की रोशनी में ऑपरेशन हो रहे हैं, बेड पर कुत्ते घूम रहे हैं और मिर्जापुर में महिलाओं को सड़क किनारे प्रसव के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लेकिन भाजपा सरकार को जनता से जुड़ी इन समस्याओं पर कोई बात नहीं करनी है।
संजय सिंह ने भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ईरान के साथ ऐतिहासिक रिश्तों के बावजूद 2019 तक मिलने वाला सस्ता तेल छोड़कर सरकार ने देश पर महंगे आयात का बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका और वेनेजुएला से दूर से तेल मंगवाने के कारण कई गुना अधिक खर्च जनता पर पड़ रहा है। उन्होंने पूछा कि तेल-गैस संकट के समय सरकार खामोश क्यों रही और ईरान में 160 बच्चियों की मौत और 100 ईरानी नौसैनिकों की शहादत पर भी कोई प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। उनका आरोप है कि गलत नीतियों के कारण जनता को लाइन में खड़ा होना पड़ा और अब समय आ गया है कि लोग बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और अपने भविष्य के लिए सच्चाई को समझ ले। संजय सिंह जो कि सांसद के साथ आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी भी हैं, ने जनता से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में इस पदयात्रा से जुड़ें और 7500040004 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर इस आंदोलन को मजबूत बनाएं, ताकि बेरोज़गारी, अन्याय और भेदभाव के खिलाफ यह लड़ाई निर्णायक मुकाम तक पहुंच सके।
06:31 pm 04/04/2026