विधायकों के निलंबन के खिलाफ ‘‘आप’’ ने ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा निकली
दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने अपने चार विधायकों का निलंबन वापस लेने की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा निकाल कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान ‘‘आप’’ विधायकों ने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के जमकर नारे लगाए। विधानसभा में जाने से रोकने पर ‘‘आप’’ विधायकों और पुलिस के बीच जमकर तीखी बहस हुई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा के पास सवालों के जवाब नहीं होते है, तब सत्ता के नशे में चूर विपक्ष की आवाज़ कुचलने लगती है। विधानसभा के बाहर ‘लोकतंत्र की अर्थी’ यात्रा सिर्फ़ एक विरोध नहीं है, बल्कि भाजपा की तानाशाही के खिलाफ जनता का आक्रोश है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वालों को इतिहास कभी माफ नहीं करता और जनता हर अन्याय का हिसाब लेती है। तानाशाही की ये राजनीति अब नहीं चलेगी।
विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर होता है, लेकिन भाजपा ने इसे सत्ता के अहंकार का अड्डा बना दिया है। विपक्ष की आवाज़ को कुचलने के लिए चुने हुए विधायकों को सस्पेंड करते हैं, सड़क पर बैरिकेड्स लगाकर पुलिस के डंडे दिखाते हैं। सच ये है कि भाजपा जनता के सवालों से भाग रही है। बिजली, पानी, अस्पतालों की बदहाली और हालिया पालम अग्निकांड की पीड़ा से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है। हम दिल्ली की जनता के सवाल सड़क से लेकर सदन तक उठाएंगे। तानाशाही के सामने झुकेंगे नहीं, बल्कि डंटकर लड़ेंगे।
भाजपा लोकतंत्र की हत्या करने पर तुली हुई है। विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर होता है जहां जनता की आवाज उठाई जाती है। इसमें सत्ता पक्ष भी अपनी बात रखता है और विपक्ष भी आवाज उठाता है। लेकिन भाजपा ने यह सोच लिया है कि विपक्ष को आवाज नहीं उठाने दी जाएगी। यह लोकतंत्र नहीं, बल्कि लोकतंत्र की हत्या है। अगर विपक्ष की आवाज को इस तरह दबाया जाएगा और जनता के मुद्दे उठाने पर विपक्षी विधायकों को दो महीनों तक विधानसभा से निष्कासित रखा जाएगा, तो इसका सीधा मतलब यही है कि लोकतंत्र की हत्या हो गई है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा द्वारा की जा रही लोकतंत्र की इस हत्या के खिलाफ आज आम आदमी पार्टी का विधायक दल अपनी आवाज उठा रहा है। हम अभी विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। हमारा भाजपा से यह अनुरोध है कि वे हमारे निष्कासित विधायकों को भी विधानसभा में प्रवेश करने दें। अगर वे लोग लोकतंत्र का सम्मान करते हैं और इस देश के संविधान की उस मूल भावना की कद्र करते हैं जिसमें सबको अपनी बात कहने का अधिकार दिया गया है, तो वे हमारे निष्कासित विधायकों को भी अंदर जाने दें। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आम आदमी पार्टी का कोई भी विधायक इस सत्र में भागीदारी नहीं करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि हम कोई अपराधी नहीं, बल्कि दिल्ली के लोगों के चुने हुए विधायक हैं। एक-एक विधायक दो से ढाई लाख दिल्लीवासियों का प्रतिनिधित्व कर रहा है और उनकी आवाज उठा रहा है। अगर हम ऐसे सवाल उठाते हैं जो भाजपा को पसंद नहीं हैं, तो क्या हमें बोलने नहीं दिया जाएगा? अगर हम कह रहे हैं कि गंदा पानी आ रहा है, पावर कट हो रहे हैं, अस्पतालों में दवाइयां नहीं हैं या दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है, तो क्या वे आवाजें विधानसभा तक नहीं पहुंचनी चाहिए? क्या इन जन मुद्दों को उठाने वालों को पुलिस द्वारा रोका जाएगा? बैरिकेड्स पर पुलिस बड़े-बड़े डंडे लेकर खड़ी है। क्या वे चाहते हैं कि जो विधायक अपने इलाके की जनता की आवाज उठाएं, उन्हें लाठियों से पीटा जाए? यह बिल्कुल इस बात का प्रमाण है कि भाजपा के राज में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
स्पीकर से बातचीत के सवाल पर उन्होंने बताया कि शनिवार को हमारे एक विधायक प्रतिनिधिमंडल की स्पीकर के साथ बैठक हुई थी। उन्हें एक पत्र भी सौंपा गया था और हमने उनसे आग्रह किया था कि इसका कोई समाधान निकाला जाए। लेकिन अभी तक भाजपा या स्पीकर की तरफ से कोई रास्ता नहीं निकाला गया ।आतिशी ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि पालम अग्निकांड में नौ लोगों की जान जाने का जिम्मेदार आखिर कौन है? भाजपा ने 1 लाख करोड़ रुपए के बजट का डंका बजाया था, लेकिन वह बजट कहां गया? फायर डिपार्टमेंट के पास काम करने वाली एक भी सीढ़ी या लोगों को बचाने वाला एक भी नेट नहीं निकला। सबकी आंखों के सामने उस परिवार ने अपने बच्चे को नीचे फेंका और उसे पकड़ने वाला कोई नहीं था।
07:47 pm 23/03/2026