
दिल्ली: विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष सुश्री आतिशी ने सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाने पर दिया करार जवाब। उन्होंने स्पीकर द्वारा विपक्ष की अनुपस्थिति को लोकतांत्रिक जिम्मेदारी का उल्लंघन बताने पर कहा कि विपक्ष के विधायकों को असंवैधानिक तरीके से बार-बार निलंबित कर उनकी आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने स्पीकर से मांग की कि हमारे विधायकों का निलंबन वापस लिया जाए। इसके बाद विपक्ष के सभी विधायक बजट सत्र में जरूरी शामिल होंगे।विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में उनके बयान को पूरी तरह अनुचित बताते हुए कहा है कि पिछले एक साल से विधानसभा को एक लोकतांत्रिक संस्था के रूप में कार्य करने की अनुमति नहीं दी जा रही है और विपक्ष की आवाज को व्यवस्थित रूप से दबाया जा रहा है, जहां जनता के निर्वाचित प्रतिनिधियों को मामूली उकसावे पर निलंबित कर सदन से बाहर निकाल दिया जाता है। पत्र में इस सत्तावादी दृष्टिकोण के सबसे ज्वलंत उदाहरण के रूप में शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के चार विधायकों संजीव झा, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और सोमदत्त के निलंबन का उल्लेख किया, जिन्हें न केवल पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर रखा गया, बल्कि विधानसभा परिसर में प्रवेश तक की अनुमति नहीं दी गई और सत्र समाप्त होने के बाद भी उन्हें समिति की बैठकों में भाग लेने से रोका गया, जो कि अनुशासन नहीं, बल्कि उनकी आवाज को कुचलने के उद्देश्य से दी गई सजा है।
उन्होंने सदन के संचालन में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां भाजपा विधायकों द्वारा दो दिनों तक सदन की कार्यवाही बाधित करने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, वहीं विपक्षी विधायकों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जो दिल्ली विधानसभा के इतिहास में अभूतपूर्व है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि विपक्ष बजट सत्र में भाग लेकर दिल्ली की जनता की चिंताओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी भावना के साथ ‘‘आप’’ विधायकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 21 मार्च 2026 को अध्यक्ष से मिलकर रचनात्मक भागीदारी की इच्छा भी जताई थी। पत्र के अंत में उन्होंने पुरजोर मांग की है कि चारों विधायकों का निलंबन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, क्योंकि भय, बहिष्कार और पक्षपात पूर्ण कार्यवाही के माहौल में सार्थक भागीदारी संभव नहीं है, और जैसे ही विधायकों के निलंबन को वापस लिया जाएगा, सभी विपक्षी विधायक सदन की गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए कार्यवाही में पूर्ण एवं जिम्मेदारी के साथ भाग लेंगे।