

दिल्ली: एमसीडी मुख्यालय में आयोजित इस महीने की सदन की बैठक में आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों ने सरकार की E-20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की नीति के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया । हाथों में मोदी जी शर्म करो इथनॉल मिलना बंद करो बीजेपी वालों शर्म करो, बीजेपी ने जनता का बजट बिगड़ा E-20 से गाड़ियाँ हुई कबाड़ा आदि स्लोगनों की तख्ती लिए नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के नेतृत्व में पार्षद नारे लगाते हुए दिखाई दिये । वे इस फैसले को वापस लिए जाने की माँग कर रहे थे ।कुछ एक के हाथ में के 550 संविदा शिक्षक एवं सफाई कर्मचारियों के मसले से संबंधित स्लोगन भी दिखाई दिए । पूर्व मेयर राजा इक़बाल सिंह के साथ भाजपा के निगम पार्षद भी आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए दिखाई दिए ।
एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने E-20 ब्लेंडेड पेट्रोल पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि यदि E-20 पर्यावरण के लिए बेहतर है, तो भाजपा सरकार बताए क्या हर वाहन इसके अनुकूल है? अगर गाड़ी को नुकसान हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? आखिर भाजपा सरकार आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाल रही है। उन्होंने कहना कि दिल्ली में जलभराव की समस्या को लेकर जब उन्होंने मेयर प्रवेश वाही से बात करनी चाही, तो आनन-फानन में मेयर एजेंडा पास कर सदन बैठक स्थगित अगले सत्र तक स्थगित करके सदन से चले गये।
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दिल्ली: आम आदमी पार्टी के दोहरे मानदंड़ो के विरोध एवं पंजाब में हुए अनेक परिक्षा पेपर लीक मामलों में पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस की बर्खास्तगी की मांग को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में भाजपा के हजारों कार्यकर्ता आम आदमी पार्टी के कैनिंग लेन स्थित कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए । इनका कहना है कि ये आम आदमी पार्टी के दोहरे चरित्र और दोहरी राजनीति को बेनकाब करने आए हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र में जब पेपर लीक का मुद्दा आया तो "आप" ने सबसे पहले सड़क जाम की, हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने नैतिकता का भाषण दिया, जवाबदेही का ढिंढोरा पीटा। पंजाब टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट लीक हुआ। 12वीं का अंग्रेजी का पेपर लीक हुआ। फार्मेसी ऑफिसर और PSSSB की भर्ती का पेपर लीक हुआ। केंद्र में नैतिकता मांगने वाली "आप", पंजाब में आते ही चुप क्यों हो जाती है ? अरविंद केजरीवाल जी, आपने कहा था "पेपर लीक हुआ तो इस्तीफा ले लेंगे"। तो पंजाब के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा कब ?
उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि यह दोहरा मापदंड क्यों ? दिल्ली में राजनीति और पंजाब में मिलीभगत ? बच्चों के साथ खिलवाड़ करने वाले मंत्री को बचाना क्या यही "कट्टर ईमानदार" पार्टी का असली चेहरा है ? प्रदर्शन में आये भाजपा के नेताओं की माँग है कि पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बेस को बर्खास्त किया जाए एवं दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्यवाही हो । जब तक जवाबदेही सुनिश्चित नहीं हो जाती इनका संघर्ष जारी रहेगा । प्रदर्शन में योगेन्द्र चाँदोलिया, कमलजीत सहरावत, बाँसुरी स्वराज एवं स्वाति मालीवाल, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, योगिता सिंह एवं प्रवीण शंकर कपूर सहित अनेक वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की ।

दिल्ली: सदन में आज राहुल गांधी ने अपने झूठ से देश को भ्रमित करने की कोशिश की, सदन में हंगामा करने का प्रयास किया और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद डॉ संभित पात्रा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की दलीलों की परत खोली । उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष देश में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से आज संसद में झूठ बोला कहा कि छात्रों के संसद मार्च पर गोली चलाई गई। यह झूठ है, भाजपा इसका खंडन करती है। नेता विपक्ष ने गोली चलाने का फरमान देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह ने दिया। यह भी झूठ है, क्योंकि जब गोली चली ही नहीं तो फरमान कहां से आएगा?
उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष ने देश के छात्रों को तीन कैटेगरी में बांटा है और यह छात्रों का अपमान है। देश के सारे छात्र देशभक्त हैं, इस देश का कोई भी छात्र इडियट या अंधभक्त नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कह कि नेता विपक्ष की जानकारी के लिए जहां भी कहीं प्रोटेस्ट होता है, वहां एक मजिस्ट्रेट मौजूद होता है, जो तत्काल निर्णय लेता है कि वहां बल का प्रयोग होना चाहिए या नहीं। ये निर्णय देश के गृहमंत्री करते हैं। विगत कुछ दिनों में हमने देखा कि हमारे देश के होनहार छात्र सामने आए और उन्होंने आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान हमारी पार्टी के बड़े नेताओं ने छात्रों से बातचीत की, समाधान निकला और आंदोलन समाप्त हुआ।और जो मूल विषय कई वर्षों से, भारत की स्वतंत्रता से 2014 तक लंबित था, अर्थात पेपर लीक से कैसे बचा जाए और परीक्षा को और सुदृढ़ कैसे किया जाए? जो माफिया हैं, पेपर लीक से पहले उन्हें कैसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए?
2024 में जो कानून बना था, उस कानून में संशोधन करके उसको और कठोर बनाने की प्रक्रिया सदन में आरंभ हुई। सदन के 45 सदस्यों ने इस चर्चा में भाग लिया। डॉ. जितेन्द्र सिंह जी ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किया। अंततोगत्वा, वोटिंग के माध्यम से आज वो विधेयक लोक सभा में पास हुआ है। अंत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सदन के अंदर जिस तरह अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और देश में भ्रम फैलाने की कोशिश की वह शर्मनाक है। नेता विपक्ष को अपने इस कृत्य के लिए माँफी माँगनी चाहिए।

दिल्ली: ई-20 पेट्रोल 2023 से पहले बनी गाड़ियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं, इसके इस्तेमाल से करीब 30 करोड़ पुरानी गाड़ियां खराब हो जाएंगी, लेकिन मोदी सरकार के डर से यह बात सार्वजनिक रूप से लिखकर देने के लिए कोई भी ऑटो निर्माता कंपनी तैयार नहीं है। हालांकि देश में स्थित 29 में से 9 ऑटो कंपनियों ने मीटिंग में यह माना है कि इसके इस्तेमाल से पुरानी गाड़ियों को नुकसान होगा और माइलेज भी गिरेगी। बुधवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ये यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेट्रोल से इथेनॉल महंगा है, माइलेज कम देता है, विदेशी मुद्रा भी नहीं बचती और न किसानों को फायदा है, फिर मोदी जी की इतनी दिलचस्पी क्यों? गाड़ी और पेट्रोल जनता को इस्तेमाल करना है, फिर मोदी सरकार इथेनॉल जबरदस्ती क्यों थोप रही है?
“आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा कि ई-20 पेट्रोल थोपने के लिए मोदी सरकार पूरी तरह से गुंडागर्दी पर उतर आई है। अभी कुछ दिन पहले उन्होंने 29 कंपनियों को चिट्ठी लिखी थी। ये 29 वो कंपनियां हैं जो हमारे देश में पेट्रोल पर चलने वाले टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर बनाती हैं। उनसे चिट्ठी में उन्होंने साफ-साफ लिखकर यह बताने को कहा था कि क्या 2023 से पहले बने हुए उनके वाहनों में ई-20 पेट्रोल इस्तेमाल किया जा सकता है? मैंने पूछा था कि अगर वे कंपनियां कहती हैं कि इसका इस्तेमाल किया जा सकता है, तो क्या हमारी गाड़ी खराब होने पर या माइलेज गिरने पर वे हर्जाना देंगी? 29 में से लिखित में तो किसी का भी जवाब नहीं आया, लेकिन नौ कंपनियों के अधिकारियों के साथ फोन पर उनकी लंबी बातचीत हुई।


दिल्ली: दिल्ली की भाजपा सरकार द्वारा 1 अगस्त से "दिल्ली लक्ष्मी योजना" का पोर्टल आवेदन खोलने के निर्णय का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह ने स्वागत करते हुए कहा कि इसी के साथ रेखा गुप्ता सरकार ने मात्र 17 माह में भाजपा के 2025 चुनाव संकल्प पत्र का एक महत्वपूर्ण संकल्प पूरा किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली एवं देश की जनता ने देखा है की विगत अरविंद केजरीवाल सरकार ने 10 वर्ष दिल्ली की बहनों को 1000 रूपये के भत्ते का सपना दिखाया पर एक रुपया नही दिया वहीं भाजपा सरकार ने मात्र 17 माह में ना सिर्फ अपना वादा पूरा किया है बल्कि 2500 रुपये देकर जरूरतमंद महिलाओं की आकांक्षा पूरी की है।
दिल्ली: कुछ दिन पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल की आईसीयू में भर्ती छात्रा से मुलाकात करके आई कांग्रेस की शीर्षस्थ प्रियंका गांधी वाडरा जो कि वायनाड से सांसद भी हैं ने बताया कि आईसीयू में जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही छात्रा की माँ गुस्से में थी । बेटी की हालत से पीड़ा से भरी माँ का शरीर काँप रहा था । उसने अपनी दृढ़ता से भरी आवाज़ में कहा कि उसे किसी की मदद नहीं चाहिए वह अपनी लड़ाई लड़ लेगी । कांग्रेस की शीर्षस्थ नेत्री ने मौजूदा सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए प्रधान मंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री से पूछा कि क्या ज़रूरत थी, एक मासूम बच्ची पर इस तरह दमन करने की? क्या ज़रूरत थी नौजवान छात्रों पर आसूँ गैस चलवाने की, लाठियाँ बरसाने की, उन पर वाटर-कैनन्स चलवाने की? क्या ज़रूरत थी उन जवान लड़कियों को ज़लील करते हुए, उनके कपड़े फाड़ने की, उन्हें गंदी तरह पिटवाने की? युवाओं पर पेलेट गन और एके-47 चलवाने की क्या आवश्यकता थी? क्या वे आतंकवादी हैं? टेररिस्ट हैं? कौन जवाब देगा?

पटना में एके एम-47 की गोली से घायल छात्र आकाश ने भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फ़ोन पर बात की । पटना में पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल छात्र आकाश यादव से आज एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की उनसे बातचीत करवाई। लोकसभा में नेता विपक्ष ने आकाश यादव का हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई में वे सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे।सरकार लाठियों और AK-47 की गोलियों से छात्रों की आवाज़ को दबा नहीं सकती। न्याय, शिक्षा और छात्रों के अधिकारों की यह लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।
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दिल्ली: शहर की सबसे बड़ी ठोक मार्किट का हवाला देते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली के सबसे बड़े थोक सदर बाज़ार में कमर तक बारिश का पानी भर गया, जहाँ इसी जलभराव के बीच स्कूली बच्चों और आम लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा एवं दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही को कटघरे में लेते हुए कहा कि जलभराव को लेकर किए गए दिल्ली सरकार के बड़े बड़े दावों की पोल आज खुल ही गई ।
उन्होंने दिल्ली की सरकार एवं नगर निगम पर निशाना साधते हुए लगाया सवालिया निशान क्या यही भाजपा का दिल्ली में विकास मॉडल है ? देश की राजधानी दिल्ली में भाजपा की चार इंजन सरकार जलभराव रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है । उनका कहना है कि दिल्ली की जनता को दावे नहीं जल भराव से स्थाई रूप से राहत चाहिए ।

दिल्ली: श्री दिगम्बर जैन समाज एवं एकल महिला समाज कृष्णा नगर द्वारा देवस्य सिटी सेंटर कड़कड़डूमा में आयोजित मंगल कलश स्थापना समारोह और कलिंग चक्रवर्ती जैन सम्राट खारवेल की 2200 जन्म शताब्दी समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौजूद भक्तजनों के बीच एलान किया कि दिल्ली सरकार खारवेल जन्म जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष चलने वाले जैन समाज द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों में पूर्ण योगदान करेगी , रेखा गुप्ता ने कहा आज मैं जिस मुकाम तक आई हूँ यह धार्मिक गुरुओं संत महात्माओं और जैन समाज के विद्वानों से मिले आशीर्वाद का ही परिणाम है। इस अवसर पर सम्राट खारवेल पर बनी फीचर फिल्म को भी प्रस्तुत किया गया।


दिल्ली: इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स से संबंदध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के चुनाव में वरिष्ठ पत्रकार राकेश थपलियाल (दिल्ली) को अध्यक्ष और राकेश शर्मा (जयपुर) को महासचिव चुना गया है। सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। एनयूजेआई के चुनाव अधिकारी अशोक किंकर ने संगठन के मुख्यालय 7 जंतर मंतर रोड, नई दिल्ली पर चुनाव नतीजों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चुनाव में नामांकन वापसी के बाद बताया कि उपाध्यक्ष पद पर सिलवेरी श्रीशैलम (तेलंगाना), प्रशांत चक्रवर्ती (त्रिपुरा), राजीव नयनम (झारखंड), डॉ. रणेश राणा (हिमाचल प्रदेश) और अरविंद सिंह (उत्तर प्रदेश) निर्विरोध चुने गए हैं। सचिव पद पर अयान मुखर्जी (पश्चिम बंगाल), मयूख गोस्वामी (असम) तथा अनिता चौधरी (दिल्ली) चुने गए हैं। कोषाध्यक्ष पद पर उत्तराखंड के आर. सी. कन्नौजिया निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इस अवसर पर एनयूजेआई के चुनाव आयोग के अध्यक्ष दधिबल यादव उपस्थित थे।

क्या 30 की उम्र पार करते ही लड़की की शादी कर देना समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए? इसी अहम सवाल को उठाती है निर्देशक आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’। यह फिल्म कॉमेडी, इमोशन और पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने के जरिए एक गंभीर सामाजिक मुद्दे को हल्के-फुल्के लेकिन प्रभावी अंदाज़ में सामने लाती है।करीब 2 घंटे 8 मिनट की इस फिल्म की कहानी 32 वर्षीय नव्या (खुशाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके पिता (महेश मांजरेकर) उसकी शादी को लेकर बेहद चिंतित हैं। जल्दबाजी में उसकी शादी एक ऐसे युवक से तय कर दी जाती है, जिसका अतीत संदिग्ध है। सच जानने के बावजूद नव्या अपने पिता का दिल नहीं तोड़ना चाहती और एक अनोखा फैसला लेती है—शादी तो उसी दिन होगी, लेकिन सही जीवनसाथी के साथ। इसके बाद शुरू होती है एक दिलचस्प और भावनात्मक यात्रा, जिसमें कई उतार-चढ़ाव और मनोरंजक घटनाएं देखने को मिलती हैं। ओंकार कपूर का किरदार कहानी में अहम मोड़ लाता है।
दिल्ली: पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी की 16वीं पुण्यतिथि पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया। स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी का निधन 26 जुलाई 2010 को हुआ था। पुष्पाजंलि देने वालों में प्रदेश के संगठन महासचिव पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, किरण वालिया पूर्व मंत्री , इशराक खान पूर्व विधायक, महासचिव डॉ पी के मिश्रा, भूपेश यादव, शांति स्वरूप, पुष्पा सिंह दिल्ली महिला कांग्रेस अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष मंगेश त्यागी, मोहम्मद उस्मान, महिंदर भास्कर, महिंदर मंगला, वरुण ढाका, दिनेश कुमार एडवोकेट, जे.पी.पवार , कमल अरोड़ा, नरेश शर्मा, सतबीर शर्मा सहित उनके परिवार से पोते/पोती विकास गुप्ता , अनन्या , पंकज गुप्ता , हृदय , गुंजन गुप्ता तथा बढ़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद थे ।

हिंदी सिनेमा में इन दिनों मध्यवर्गीय परिवारों की कहानियों को बड़े ही रोचक और संवेदनशील अंदाज़ में पेश किया जा रहा है। इसी कड़ी में आई फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ एक हल्की-फुल्की लेकिन विचारोत्तेजक फैमिली कॉमेडी है, जो हंसाने के साथ-साथ एक अहम संदेश भी देती है। निर्देशक रविंदर सिवाच की यह फिल्म कर्म और किस्मत के बीच चलने वाली बहस को बेहद मनोरंजक तरीके से सामने लाती है। इस फिल्म का निर्माण संदीप कपूर और प्रिया कपूर ने प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म का लेखन और निर्देशन रविंदर सिवाच ने किया है, जो संदीप कपूर की कहानी पर आधारित है।

दिल्ली: पेपर लीक भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरु किए गए देशव्यापी छात्रोंकी गूंज आंदोलन के तहत पेपर लीक की जवाबदेही तय करने, भ्रष्ट केन्द्रीय शिक्षा मंत्रीधर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छात्रों की बेखौफ मारपीट पर माफी मांगने के लिए आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में सभी 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में पेपर लीकहोने पर जान गंवाने वाले छात्रों की याद में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेदिल्ली भर में कैंडल मार्च निकाल कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। प्रदेश कांग्रेसअध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के ग्रीन पार्क ब्लॉककांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित युसूफ सराय मार्केट से शुरू हुए कैंडल में शामिलहुए। 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में आयोजित कैंडल मार्च में मुख्य एमरुप से दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री प्रो0 किरण वालिया, डा0 योगानन्द शास्त्री, निगम में सदन के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, जिलाअध्यक्ष महेन्द्र मंगला, सुमित शर्मा, नीतू वर्मा सोईन,जिला आब्र्जवर अकांशा ओला, महिला जिला अध्यक्ष नीतू सेहरावत, विधानसभाआब्र्जवर चन्द्रकांत गिरी, ब्लॉकअध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा और सुखबीर पंवार मौजूद थे।
दिल्ली: देश के अलग-अलग राज्यों के वकीलों ने भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश को गत 21 जुलाई की घटनाओं के बारे ज्ञापन सौंपा । उनका कहना है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे, प्रियंका गांधी वाडरा, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के सांसद बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रधान मंत्री के आवास के जमा हुए एवं प्रदर्शन किया । यह प्रदर्शन एक हाई सिक्योरिटी एवं संवेदनशील इलाके में हुआ जो कि सुरक्षा, सार्वजनिक एवं कानून व्यवस्था के लिए विचारणीय है, कोर्ट को मामले पर सज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित करे कि हाई सिक्योरिटी वाले संरक्षित्त क्षेत्रों किसी प्रकार के ग़ैर क़ानूनी जमवाड़े या अनाधिकृत प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी हो ।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन या विरोध संवैधानिक अधिकार है । इसका इस्तेमाल संविधान और क़ानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए विशेषकर उन जगहों पर जहाँ पर राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संविधानिक पद पर आसीन की सुरक्षा का सवाल हो ।


दिल्ली: इस दौर में सब जब बड़े बजट की एक्शन रोमांटिक और थ्रिलर फिल्में टिकट खिड़की पर मोटी कमाई करती है और फिल्म मेकर भी , दर्शकों के मिजाज और बॉक्स ऑफ़िस के मिजाज को देखकर ऐसी फिल्में बनाने में लगे है वहीं इस बीच अगर कोई यंग फिल्म मेकर इस भीड़ से दूर हट कर हमारे और आपके रिश्तों की गर्माहट और बड़े शहरों में परिवारो के बीच बढ़ती लगातार दूरियो पर बॉक्स ऑफिस का मोह छोड़ कर अच्छे खासे बजट के साथ फिल्म बनाए तो इसकी प्रशंसा होनी चाहिए।
मैक्स मिन और म्याऊज़ाकी के प्रेस प्रिव्यू शो की समाप्ति पर हर यहां मौजूद मेहमान क्रिटिक फिल्म की तारीफें करते नजर आए । रमेश एक सफल बिजनेसमैन है लेकिन उसकी लाइफ में सुकून खुशी तो दूर की बात सिर्फ तनाव है अपने इसी तनाव को दूर करने और जिंदगी को एक बार फिर ट्रैक पर लाने के मकसद से रमेश एक मनोचिकित्सक के साथ सेशंस अटेंड करके उससे अपने दिल की बात करता है , रमेश की पत्नी वसुधा कुछ साल पहले कैंसर की बीमारी से चल बसी, उसका इकलौता बेटा मैक्स उर्फ महेश भी अब उसके साथ नहीं रहता मैक्स अपनी एक मुस्लिम गर्ल फ्रेंड के साथ खुश है और पापा से दूरियां बना ली है , रमेश चाहता है कि उसका इकलौता बेटा उसके बिजनेस को संभाले लेकिन मैक्स को जिंगल और वेस्टर्न म्यूजिक का जुनून है और इसी में अपना करियर बनाना चाहता है, रमेश को मंजूर नहीं की एक मुस्लिम लड़की उसके परिवार की बहू बने। रमेश के पिता एक मशहूर क्लासिकल सिंगर है लेकिन उम्र के इस आखिरी पड़ाव में वह अपने बेटे रमेश के साथ नहीं एक ओल्ड होम में रहते है। इन्हीं के साथ मैक्स के साथ एक बिल्ली म्याऊंजी भी है जो स्टोरी का खास हिस्सा है।
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दिल्ली: पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के बच्चों को बेवकूफ बनाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश करार दिया है। उन्होंने पीएम से पूछा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ? बच्चों ने तो फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग ही नहीं की थी, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था। उन्होंने कहा कि देश में बहुत से फास्ट ट्रैक कोर्ट बने हैं, लेकिन कई में सुनवाई ही नहीं होती, तो कई में सामान्य कोर्ट से भी ज्यादा समय लगते हैं। ऐसा कोई एलान नहीं हुआ जिससे बच्चों में पेपर लीक नहीं होने का भरोसा बढ़े, क्या पीएम का अपना कोई विजन नहीं है? प्रधानमंत्री का ये स्टेटमेंट एक हारे हुए दिशाहीन लेकिन अहंकारी व्यक्ति का लगता है।
दिल्ली: जो कुछ देश एवं दिल्ली में हो रहा है वह छात्र राजनीति के आलावा सब कुछ कहा जा सकता है। भाजपा के प्रदेश मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों में चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों का अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने का प्रयास है और इस चक्कर में छात्र आंदोलन को हाईजैक करके वह पर्दे के पीछे से हिंसा फैला कर राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़कर छात्र आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं। राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल एवं अन्य विपक्षी दल जवाब दें कि प्रधान मंत्री आवास एवं भारतीय संसद की सुरक्षा ब्रीच करके क्या मिला या फिर अब संसद में "नीट" परिक्षा पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं ?
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दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता पेपर लीक के लिए जिम्मेदार केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज भाजपा मुख्यालय का घेराव करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एकत्रित हुए। नारे लगाते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जत्थे को पुलिस ने आगे नही जाने दिया और तानाशाह मोदी के इशारे पर उन्हें हिरासत में लेकर उन्हें आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, बाद में छोड़ दिया गया। पेपर चोर गद्दी छोड़, नरेन्द्र मोदी हाय-हाय, जब-जब मोदी डरता है पुलिस को आगे करता है आदि नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि कल 21 जुलाई को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण अपना विरोध दर्ज कर रहे छात्रों पर बर्बरता पूर्ण पुलिस द्वारा लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पर प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी काजी निजामुद्दीन, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डा0 नरेन्द्र नाथ और प्रो0 किरण वालिया, पूर्व विधायक सुरेन्द्र कुमार, भीष्म शर्मा, और अबदुल रहमान, निगम में विपक्ष के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, प्रदेश प्रशासनिक प्रभारी जतिन शर्मा, उपाध्यक्ष जगजीवन शर्मा, तसवीर सोलंकी, लक्षमण रावत, अब्दुल हन्नान, मुदित अग्रवाल, महासचिव डा0 पी के मिश्रा, जय प्रकाश राणा, धर्मपाल चंदेला, बाल किशन बाली, प्रमोद जयंत, सतेन्द्र शर्मा, सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, प्रदेश महिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह, मुमताज पटेल, वरियाम कौर सहित हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे।प्रदेश कांग्रेस कमेटी कि अध्यक्ष ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने के पेपर लीक के भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों की जवाबदेही तय करने और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह से पुलिस ने मारपीट कर सैंकड़ों छात्रों को गंभीर रुप से घायल किया है, ऐसा पहले कभी देखा नही गया। पुलिस की कार्यवाही और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हमारे नेता श्री राहुल गांधी जब प्रधानमंत्री निवास पर छात्रों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे तो उन्हें जिस तरह से पुलिस द्वारा घसीटकर हिरासत में लिया, ऐसा इतिहास में पहले कभी हुआ है। उन्हांेने कहा कि राहुल गांधी जी और समूचे विपक्ष की आवाज संसद से सड़क तक बुलंद होने पर मोदी सरकार घबरा चुकी है, जिसके कारण सरकार के इशारे पर पुलिस सड़कों पर छात्रों की लड़ाई लड़ने वालों पर भारी अत्याचार कर रही है।

दिल्ली: इंदिरा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी एवं पूरा विपक्ष छात्रों एवं उनकी मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं । उन्होंने देश प्रधान मंत्री से ताकीद की है कि वह अहंकार को छोड़कर छात्रों की गूँज सुने एवं उनकी तीन मांगों को पूरा करें । यह तीन माँगे हैं नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का तत्काल इस्तीफ़ा, छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए गुनहगारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए और अंत में छात्रों के साथ हुए अन्याय के लिए उनसे माफी ।
उनका कहना है कि बीजेपी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है। 152 पेपर लीक हुए, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए लेकिन किसी एक को भी सजा नहीं मिली यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं। देश का कमिटमेंट होना चाहिए कि वह एजुकेशन के बाद युवाओं को नौकरी देगा, रोजगार देगा और अच्छा भविष्य देगा। लेकिन आज सारे दरवाजे बंद कर सिर्फ सरकारी नौकरी का दरवाजा खोल दिया जाता है।सरकारी नौकरी के सिस्टम में लाखों रूपए मांगे जाते हैं। जो यहां पैसे देगा, जिसकी पहचान होगी, वही इस दरवाजे से अन्दर जाएगा।
उन्हें लगा कि अगर देश के छात्र सड़क पर हैं तो विपक्ष को भी सड़क पर होना चाहिए। लेकिन प्रधान मंत्री आवास जाने से पहले वह विपक्ष स्पीकर के पास गये । उन्होंने उनसे सदन में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करवाने की मांग की। स्पीकर ने कहा कि वे सरकार से बात करेंगे, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ और मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया गया। इसीलिए, वो चाहते हैं- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनका अपमान किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए माफी मांगें।
उनका कहना है कि उनका काम भारत की लोगों की इच्छा को जाहिर करना है । चाहें वो छात्र हों , युवा हों या फिर किसान लोकसभा में नेता विपक्ष के तौर पर उन्हें यही काम करना है । उन्हें भारत के लोगों की आवाज बनना है । जहाँ भी लोगों को तकलीफ़ हो रही है उन्हें उसपर ध्यान दिलाना है । अपने लोगों की इच्छाओं के साथ खड़ा होना उनके लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है ।