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दिल्ली: मुख्यमंत्री भगवंत मान के प्रस्तावित फ्रांस दौरे पर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने उठाए सवाल । कहा कि पंजाब इस समय नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। कई परिवार अपने बच्चों को खो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री विदेश दौरे की तैयारी में हैं। भगवंत मान को फ्रांस जाने से पहले यह जानना चाहिए कि सिख साम्राज्य के अंतिम महाराजा दलीप सिंह ने 1893 में पेरिस में अंतिम सांस ली थी। हैरानी की बात है कि जिस स्थान को उनकी मृत्यु से जोड़ा जाता है, वहां आज तक उनकी याद में कोई स्मारक पट्टिका नहीं लगाई गई।

दिल्ली: भारतीय जनसंघ के 75 वर्ष पूरे होने पर बोले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कहा कि 1947 में देश आजाद हुआ। पर क्या आजादी के साथ ही भारत का "भारतीयकरण" हो गया था ? नहीं। उस समय देश में 2 धाराएं थीं। एक धारा थी जो सत्ता में थी और भारत को पश्चिम का अनुकरण करवाना चाहती थी। दूसरी धारा थी जो कहती थी - "भारत की आत्मा, भारत का गौरव, भारत की संस्कृति" अपनी हो। 21 अक्टूबर 1951 को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दूसरी धारा को राजनीतिक स्वरूप दिया जिसका नाम है भारतीय जनसंघ ।
उन्होने जनसंघ की राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए कश्मीर का तुष्टिकरण मुद्दा उठाया और उनका नारा था - "एक देश में दो विधान, दो प्रधान, दो निशान नहीं चलेंगे"। कश्मीर के लिए पूर्ण एकीकरण। एक व्यक्ति, एक निशान, एक विधान। यदि जनसंघ के राजनीतिक इतिहास को देखा जाए तो 1952 का पहला चुनाव जनसंघ के मात्र 3 सांसद। 1957 में यह संख्या बढ़कर 4 हो गई और 1962 के चुनाव में यह संख्या बढ़कर 14 हो गई । 1967 में भारतीय जनसंघ के 35 सांसद थे । 1971 के चुनाव में यह संख्या घटकर 22 रह गई ।
23 जून 1953 को कश्मीर सत्याग्रह के दौरान जेल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान। दूसरा झटका लगा 11 फरवरी 1968 को मुगलसराय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की रहस्यमय मृत्यु से। "एकात्म मानववाद" और "अंत्योदय" का दर्शन देने वाले युगपुरुष अचानक विस्मित हो गये।इन झटकों के बाद भी जनसंघ की यात्रा रुकी नही क्योंकि कार्यकर्ताओं का विकास ऐसे हुआ था की - व्यक्ति आते-जाते हैं, विचार अमर रहते हैं।
25 जून 1975 देश पर आपातकाल लगाया गया। उस रात जनसंघ के एक-एक कार्यकर्ता ने तय किया - "जेल जाएंगे, पर समझौता नहीं करेंगे"। *आपातकाल में जनसंघ के हजारों कार्यकर्ताओं का बलिदान अद्भुत रहा और दिल्ली से लेकर देश भर में हमारे 1 लाख से ज्यादा कार्यकर्ता जेल गए - लाठी डंडे खाये एवं यातनाएं सही। पर "राष्ट्रवाद" और "लोकतंत्र" का नारा नहीं छोड़ा। अटल जी, आडवाणी जी, नानाजी देशमुख जी - सभी जेल में थे।आपातकाल के बाद 1977 में चुनाव घोषित हुए और जनसंघ का भी देश हित में जनता पार्टी में विलय हुआ। जनता ने कांग्रेस की तानाशाही को हराया।
उद्देश्य एक ही था - कांग्रेस मुक्त भारत। उस सरकार में अटल जी विदेश मंत्री, आडवाणी जी सूचना मंत्री बने। पहली बार डा. मुखर्जी द्वारा स्थापित जनसंघ की विचारधारा सत्ता में पहुंची।*1979 में कांग्रेस के खेल के शिकार कुछ जनता पार्टी के घटकों ने जनता पार्टी में विलय हुए जनसंघ के सदस्यों के आर.एस.एस. से सम्बंध पर प्रश्न उठाये - मित्रों, परीक्षा यहीं थी। 1979 में जनता पार्टी के भीतर एक सवाल उठा - "क्या जनसंघी लोग अपना दायित्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति निभाएंगे या सत्ता के प्रति?"
उस दिन अटल बिहारी वाजपेई जी और लालकृष्ण आडवाणी जी ने साफ कहा - "हमारा राष्ट्रवाद ही हमारी निष्ठा है। और संघ हमारी सांस्कृतिक प्रेरणा है। इसे हम नहीं छोड़ सकते"। परिणाम हुआ जनता पार्टी टूटी। सत्ता गई। पर जनसंघ ने 28 साल की तपस्या में जो कमाया था - "स्वाभिमान" - उसे नहीं बेचा। 1951 से 1979 तक - 28 वर्ष - न सत्ता का मोह, न समझौते की राजनीति। केवल राष्ट्र प्रथम 6 अप्रैल 1980 को जनता पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी का जन्म हुआ। कमल का निशान वही, नारा वही - "राष्ट्र प्रथम"।राजनीतिक यात्रा फिर जीरो से शुरू हुई और पार्टी सत्ता के शीर्ष तक पहुँच गई ।


दिल्ली:लाल किला मैदान में आयोजित लव कुश रामलीला में उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने दिल्ली के उप राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू एवं स्थानीय सांसद प्रवीण खंडेलवाल की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित कर किया दसहरा महोत्सव का उद्घाटन । राम रावण युद्ध के एपिसोड के मंचन को मुग्ध होकर देखते दिखाई दिए लीला कमेटी के प्राधिकारियों के साथ गणमान्य अतिथि । बाण चलाकर किया उप राष्ट्रपति ने किया बुराई के प्रतीक रावण का दहन। आतिशबाजी एवं बम पटाकों के धमाकों के बीच धूँ धूँ जलते रावण को देख रामलीला पंडाल रोमांच एवं उल्लास से भर गया । जय श्री राम के नारों के जयकारे के साथ राममय हो गया ।
लीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के अनुसार इस वर्ष लव कुश रामलीला की विशेष थीम 'महिला सम्मान' रखी गई थी। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अभिनेत्री यामी गौतम को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। यामी गौतम ने इस आयोजन में देश की महिलाओं का प्रतिनिधित्व करते हुए बुराई के प्रतीक पुतले पर विजय का तीर चलाया और नारी शक्ति, साहस एवं महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया। दिलचस्प बात यह रही कि यामी गौतम की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'नई नवेली' के एक दृश्य में भी उन्हें रावण का वध करते हुए दिखाया गया है। फिल्मी पर्दे के बाद दिल्ली की ऐतिहासिक लव कुश रामलीला में उनका इस गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बनना दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।
रावण केवल एक पौराणिक पात्र नहीं, बल्कि अहंकार, अन्याय और समाज में व्याप्त बुराइयों का प्रतीक भी है। विजयादशमी हमें सिखाती है कि सत्य और धर्म की हमेशा विजय होती है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, अभिनेत्री यामी गौतम और फिल्म निर्माता आनंद एल राय की सहभागिता ने इस वर्ष के दशहरा उत्सव को और भी विशेष बना दिया।लव कुश रामलीला के मंच पर इससे पहले भी अक्षय कुमार, अजय देवगन, जॉन अब्राहम, प्रभास, करीना कपूर और फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी सहित फिल्म जगत की अनेक नामचीन हस्तियां रावण दहन की गौरवशाली परंपरा से जुड़ चुकी हैं।

दिल्ली: लाल किला ग्राउंड में आयोजित विश्व विख्यात लव कुश रामलीला के प्रेसिडेंट अर्जुन कुमार ने बताया लीला ग्राउंड में रावण, 110 फीट, कुम्भकर्ण 100 फीट और मेघनाथ 90 फीट ऊंचाई के लगाए गए है। श्री राम का, तीर लगने के बाद रावण की नाभि से अमृत निकलेगा , उसकी दोनों मटकती आंखों से आग बरसेगी, गले में पड़ी 11 चमकती मालाओं का रंग बदलेगा। अर्जुन कुमार ने आगे बताया पहली बार रावण जलने से पूर्व दिल्ली वालो को तीन संदेश, इनमें पहला संदेश अपने अंदर के अहंकार को खत्म करने का होगा, रावण के पुतले से आवाज निकलेगी हर साल यहां मैं तो जल जाता हूं, मुझे मेरे अहंकार ने मारा, सो आप भी अपने अंदर छुपे रावण को मार डाले, रावण का दूसरा संदेश दिल्ली के ट्रैफिक को कम करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने से जुड़ा और तीसरा संदेश प्रदूषण को खत्म करने और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने को लेकर था, रावण ने कहा दिल्ली का प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है, दूषित हवा जहां हम सब से स्वास्थ्य को खराब कर रही है वहीं हमारी भावी पीढ़ी के लिए भी खतरे की घंटी है, इस लिए आओ हम सब मिलकर पेड़ लगाए और दिल्ली से प्रदूषण का खात्मा करे।

दिल्ली: त्योहारों के इस महत्वपूर्ण सीजन में दिल्ली की भाजपा सरकार को सड़कों को सुगम, सुरक्षित और जाम-मुक्त बनाने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि जगह-जगह चल रही खुदाई, अधूरे निर्माण कार्य, सड़कों पर फैली निर्माण सामग्री और अतिक्रमण के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। त्योहारों के दौरान व्यापारी पूरे साल की बिक्री की उम्मीद करते हैं, लेकिन सड़कों की बदहाली, ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित निर्माण कार्यों के कारण ग्राहक बाजारों तक पहुंचने से कतराते हैं। ऐसे में छोटे दुकानदारों, कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी से जुड़े लोगों की आजीविका पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। भाजपा सरकार को चाहिए कि वह संबंधित विभागों, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सड़कों पर चल रही अनावश्यक खुदाई को तत्काल रोके, अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करे तथा खुदाई वाले स्थानों की मरम्मत और सड़क बहाली सुनिश्चित करे। साथ ही, बाजारों के आसपास पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए और यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण को नियमानुसार हटाया जाए।

दिल्ली: माँ करणी के 639वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर भूषण कुमार की टी-सीरीज़ और राज शांडिल्य की कथावाचक फिल्म्स ने अपनी आगामी फिल्म ‘कर्णिका’ की घोषणा की है। राजस्थान की सबसे पूजनीय देवियों में से एक माँ करणी की आध्यात्मिक विरासत पर आधारित यह फिल्म उनकी जीवनगाथा को एक प्रभावशाली सिनेमाई रूप में बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करेगी। यह घोषणा शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर की गई है, जो इसे और भी विशेष बनाती है। नवरात्रि के सातवें दिन माँ करणी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। ऐसे शुभ अवसर पर फिल्म की घोषणा आस्था, श्रद्धा और भक्ति से जुड़ी इस कहानी की एक मंगलमय शुरुआत है।

दिल्ली: लव कुश रामलीला के मंचन में विशाल क्रेनों की मदद से 250 फीट की ऊंचाई पर आकाश मार्ग से जब श्री राम और लक्ष्मण को अपने कंधों पर उठाए हनुमान जी आए उस वक्त लीला ग्राउंड में मौजूद हजारों राम भक्त अपने मोबाइल कैमरों में इस दृश्य को कैद कर रहे थे तो सारा ग्राउंड मोबाइल की चमकती बैटरी से चमक उठा । हनुमान जी ने जब सोने की लंका को आग लगाई तो जय श्री राम के गग़न भेदी उद्घोष के बीच लंका जलकर राख हो गई। दिल्ली के उपराज्यपाल श्री तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री अशोक सिंघल ने लीला स्थल पर पहुंचकर प्रभु श्रीराम की लीला का अवलोकन किया और राम जी से आशीर्वाद लिया।
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दिल्ली: पंजाब की भगवंत मान सरकार पर नशे के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोलते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिस सरकार ने पंजाब को नशामुक्त करने के बड़े-बड़े वादे करके सत्ता हासिल की थी, उसके शासन में घर-घर नशे की होम डिलीवरी होने के आरोप लग रहे हैं। दूसरी ओर, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाई परविंदर सिंह झोटा जैसे गुरसिख नौजवानों को दिन-दहाड़े गोलियां मारकर शहीद किया जा रहा है। सरना ने कहा कि ऐसे हालात में भगवंत मान और उनकी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है और मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भाई झोटा को शहीद करने वालों और उनकी सरपरस्ती करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसके साथ ही दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मौजूदा हुक्मरानों पर हमला बोलते हुए सरना ने आरोप लगाया कि इन प्रबंधकों ने पंथक कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय हमेशा उनमें अड़चनें डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए बनाई गई कमेटी से हरमीत सिंह कालका को पहले बाहर रखा गया था, लेकिन केंद्र सरकार के साथ अपनी नजदीकी का ढिंढोरा पीटते हुए और बंदी सिंहों की जल्द रिहाई के दावे करते हुए उन्होंने हर संभव प्रयास कर अपना नाम कमेटी में दर्ज करवा लिया।

दिल्ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर तीखा पलटवार करते हुए ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नशा के बहाने पंजाब को लगातार बदनाम कर रहे अमित शाह को भाजपा के इतिहास की याद करना चाहिए चिट्टा पार्टी (अकाली दल) के साथ मिलकर पंजाब में फिर से नशा बेचने का सपना छोड़ दीजिए। 2007 से 2017 के बीच चिट्टा पार्टी और भाजपा की सरकार ने ही मिलकर पंजाब में नशा फैलाया था और अब गुजरात के अदानी पोर्ट के रास्ते भाजपा ही पंजाब में नशा फैला रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सबसे ज्यादा नशा भाजपा शासित राज्यों में है। क्या वहां नशा बेच कर आप लोगों का पेट नहीं भरा?

लखनऊ: दिल्ली में हालिया घर्टनाक्रमों को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बदनाम करने, अराजकता फैलाने और बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन की रचने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य चुनाव सुधार नहीं सत्ता हासिल करना है । वह पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे । आपातकाल, 1984 में सिख नरसंहार एवं कारसेवकों पर गोलीबारी का उल्लेख करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कांग्रेस के इतिहास पर सवाल उठाये । उनका कहना है कि पिछले दिनों हुए घटनाक्रम गंभीर सवाल खड़े करते हैं । ऐसा लगता है कि लोकतांत्रिक कार्यों से सामाजिक निर्माण के बजाय राजनीतिक उद्देश्यों एवं अराजक कार्यों के लिए युवाओं को मोहरा बनाने का प्रयास किया जा रहा है । एक प्रेस कांफ्रेंस में खुलकर कहा गया है कि रिजीम चेंज के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा ली है । इनकी लड़ाई ना तो चुनाव सुधार के लिए है, ना ही एसआईआर के लिए और ना ही नौजवानों के उज्जवल भविष्य के लिए है । इनका एकमात्र उद्देश्य अराजकता पैदा करके सत्ता हासिल करना है ।
कांग्रेस के संरक्षण और शासनकाल में तीन सबसे बड़े अक्षम्य अपराध हुए । पहला अपराध 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी थी दूसरा 1984 में कांग्रेस के संरक्षण सिखों का नरसंहार और तीसरा 1990 में राम भक्त कारसेवकों के खून की नदियाँ बहाने वालों को समर्थन देकर उनकी सरकार को बचाना था । चौथा अपराध अब संविधान, संवैधानिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को चोट पहुंचाकर किया जा रहा है । कांग्रेस के इतिहास का पन्ना खोला जाए तो कई काले अध्याय मिलेंगे । लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि संविधान को जेब में रखकर वह अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं । इलेक्शन कमीशन एवं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले लोकसभा में नेता विपक्ष को यह भी बताना चाहिये 1993 में चुनाव आयोग में अचानक बदलाव करते हुए रातोंरात दो नए चुनाव आयुक्त नियुक्त किए गए थे । 2006 में मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने तत्कालीन राष्ट्रपति से पत्र लिखकर चुनाव आयुक्त नवीन चावला को पद से हटाने की सिफारिश की थी । आरोप लगाया गया था कि उन्होंने चुनाव आयोग की संवेदनशील जानकारी कांग्रेस के नेताओं के साथ साँझा की थी । तत्कालीन सरकार ने उन्हें पद पर बरक़रार रखा ओर उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया । यह माना जाता था कि वह नेहरू गांधी परिवार के करीबी थे ।
इतना ही नहीं पाँच दशकों तक देश में बिना वोटर आईडी कार्ड के चुनाव हुए थे । वोटर आई कार्ड जारी होने के बाद कांग्रेस के लिए बहुमत पाना मुश्किल हो गया । स्वयं को गांधी जी का उत्तराधिकारी होने का दावा करने वाली कांग्रेस आज अराजकता और रिजीम चेंज की बातें करकर अपनी राजनीतिक पराजय का बदला देश से लेना चाहती है । यह कांग्रेस के नैतिक मूल्यों के पतन की प्रकाष्ठा है ।

दिल्ली: कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी के चेयरमैन मीडिया एंड कम्युनिकेशन पवन खेड़ा जो कि राज्य सभा सांसद भी हैं, ने प्रधानमंत्री को अल्बर्ट पिंटो की संज्ञा दे डाली । उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि यह गुस्सा जाती हुई सरकार का है । उनका कहना है कि उनकी पार्टी आंदोलन एवं चुनाव के जरिये सत्ता में बदलाव चाहती है । इसके लिए निष्पक्ष चुनाव जरूरी है । उनकी पार्टी हर उस आंदोलन के साथ है जो संविधान बचाने के लिए किया जाए । उन्होंने दावा किया है कि शासन तंत्र से जुड़े 200 अधिकारी उनके साथ हैं एवं हाल ही में हुई गृहमंत्री अमित शाह की समाचार पत्रों के संपादकों की बैठक की कार्यवाही की जानकारी उन्हें शामिल पत्रकारों से मिल ही जाती है ।
पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय में मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 'वोट चोर- गद्दी छोड़' अभियान चलाया ओर आज पूरा देश भी यह खुलकर बोल रहा है। हमें इस 'वोट चोर' सरकार को हराना है, सिस्टम को बदलना है।बीचुनाव के जरिए regime बदलना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राजनाथ सिंह और BJP के नेता इससे नाराज हैं, क्योंकि इन्हें लोकतंत्र की आदत नहीं रही। उनका कहना है कि सच्चाई ये है कि जब भाजपा को लोकतंत्र में सवाल झेलने होते हैं, तो यही लोकतंत्र उन्हें देशद्रोह लगने लगता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे प्रणब मुखर्जी जी ने एक अच्छी बात कही थी - "It is the Opposition’s duty to oppose, expose and if possible depose. प्रधानमंत्री और उनकी पूरी मंत्रिमंडल को यह बात नागवार गुजरती है। उनको लगता है कि यह तो देशविरोधी है। देश और लोकतंत्र की रक्षा करने वाले लोग यही बात कहेंगे कि वे इस सिस्टम को बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह को बताना चाहिए कब ऐसा आंदोलन हुआ, जब विपक्ष ने मांग की है कि इस सरकार को 5 नहीं 10 साल दे दिया जाए। जब हम विपक्ष में थे या फिर ये विपक्ष में थे तब भी ऐसा कभी नहीं हुआ।
जब भी विपक्ष सड़कों पर आता है तो विरोध करने आता है, खुलासा करने आता है और डिपोज करने आता है। इनको चुनाव हराने आता है। यह हमारी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी भी है। अगर आपको इन बातों से आपत्ति है तो संविधान बदल कर दिखा दें। उन्होंने कहा कि कहिए आंदोलन करना और सरकार बदलने की मंशा रखना गैरकानूनी और देशद्रोह है। हमें मालूम है कि इनका मुख्य मकसद संविधान बदलना ही है।


दिल्ली: लव कुश रामलीला में आज मनोज तिवारी केवट बने थे । उन्होंने प्रभु राम, सीता मैया एवं लक्ष्मण जी को नैया पार करवाई थी । उन्हें केवट के लिबास में देखकर मुस्कराये बिना नहीं रह सके सांसद प्रवीण खंडेलवाल के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन । अपनी मधुर आवाज और गीतों के माध्यम से उन्होंने रामलीला के वातावरण को भक्तिमय बना दिया। लीला के दौरान केवट प्रसंग के साथ सुमंत की वापसी, राजा दशरथ के देहावसान, भरत-कैकेयी संवाद तथा चित्रकूट में भरत मिलाप जैसे भावनात्मक प्रसंगों का मंचन किया गया। इन प्रसंगों में प्रभु श्रीराम के प्रति प्रेम, त्याग, कर्तव्य और पारिवारिक मर्यादाओं का मार्मिक चित्रण देखने को मिला।
रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार जानकारी देते हुए कहा कि आज रामलीला के मंचन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष, सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल, सांसद श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, सांसद एवं प्रसिद्ध कलाकार श्री मनोज तिवारी तथा सांसद श्री योगेंद्र चंदोलिया ने भी रामलीला का अवलोकन किया।इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि रामलीलाएं भारतीय संस्कृति और परंपरा की सशक्त प्रतीक हैं। प्रभु श्रीराम का जीवन हमें आदर्श, मर्यादा, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है। हम सभी को उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलना चाहिए |


दिल्ली: सी.जे.पी. के नेता सौरभ दास एवं आशुतोष रांका गुमराह युवा हैं और देश में युवाओं को विदेशी पैसे के सहारे गुमराह करने में लगे हैं। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जो कि केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं, ने कहा कि दास एवं रांका ने अभिजीत दिपके के साथ अभी चार दिन पहले मजिस्ट्रेट न्यायालय में बाँड भरा था की हम एक साल तक कोई गैर कानूनी कृत्य नही करेंगे पर कल जैसे ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल सूची से हटाया तो सौरभ दास एवं आशुतोष रांका एक अन्य साथी अजिंके शिंदे को भी साथ लेकर जंतर-मंतर पहुंच गये।

दिल्ली: ओम ठाकुरानी प्रॉडक्शन और निर्माता संदीप तोमर ने अपनी आगामी फिल्म ‘लव स्टोरी अभिमन्यु की’ के प्रचार के सिलसिले में दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इससे पहले यह फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ शीर्षक से जानी जाती थी। इस कार्यक्रम में निर्माताओं और कलाकारों ने मीडिया से बातचीत की तथा फिल्म के विषय, उसकी सामाजिक प्रासंगिकता और कहानी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रगति तिवारी, विशाल मोहन और रजत तंवर उपस्थित रहे।

दिल्ली: धरने के लिए प्रतिबंधित स्थल जंतर मंतर में जबरन घुसने एवं सरकारी काम में दखल देने के आरोप में कॉक्रोच जनता पार्टी के सौरभ दास एवं आशुतोष रांका को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत की सजा सुनाई । उनके तीसरे साथी अजिंक्य शिंदे को 5000 रुपये के व्यक्तिगत बांड पर इस कंडीशन पर रिहा कर दिया गया है कि वह 6 महीने तक अच्छे चाल चलन के साथ शांति बनाये रखेंगे । आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी एवं वायरल हुई वीडियोज के अनुसार यह तीनों एवं इनके 11 अन्य साथी गत 13 अक्टूबर की सुबह जबरन गेट फाँदकर जबरन प्रतिबंधित धरना स्थल में घुस गए । जब तैनात पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो ये वहाँ पर चक्कर लगाके नारेबाजी करने लगे । नतीजन पुलिसबल इन्हें गिरफ्तार कर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गई ।
इनके ख़िलाफ़ धारा 223a/332/61 (2) के अंतर्गत दर्ज एफआईआर संख्या 289/26 FIR No 289/26 में बीएनएस की 221/115(2)/132/121(1)/3(5) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं । यह सजा इनको बार बार कानून का उलंघन एवं माहौल ख़राब करने के लिए सुनाई गई है ।

दिल्ली: गुजरात के तीन स्थानीय निकाय चुनावों एवं देश में हुए उपचुनावोां में भारतीय जनता पार्टी की शानदार विजय को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी एवं इंडिया गठबंधन पर करारा हमला बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कहा कि आज गुजरात में दो म्युनिसिपल्टी एवं एक म्युनिसिपल कॉपोरेशन में कुल 104 सीटों में से 90 सीटों पर भाजपा ने प्रचंड विजय प्राप्त की है। गांधीनगर म्युनिसिपल कारपोरेशन, जो कि उनके सांसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है, उसमें भाजपा ने 44 में से 38 सीटों पर विजय प्राप्त की। आम आदमी पार्टी ने 32 की 32 सीर्टें लड़ीं और सभी 32 सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई । गुजरात में भाजपा को यह जो प्रचंड विजय मिली है, वह गुजरात के मतदाताओं के मूँड को रेखाांकित करती है और यह भी स्पष्ट करती है कि गुजरात का मतदाता आज भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ चट्टान की तरह खडा है। गांधीनगर म्युनिसिपल कॉपोरेशन में भारतीय जनता पार्टी ने पिछले चुनाव की तुलना में 10% वोट की बढोतरी की है। वह यह बात राहुल राहुल गांधी तक पहुाँचाना चाहते हैं कि 41 साल के बाद आज भी एक भी चुनाव काांग्रेस गुजरात में नहीं जीत पाई है। अंतिम चुनाव 41 साल पहले 1985 में जीती थी उसके बाद से लगातार गुजरात में उनकी हार हो रही है। उन्होंने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से पूछा सवाल क्या यह SIR का पररणाम है?
भाजपा और प्रधानमंत्री की लोकप्रियता को SIR का परिणाम कहकर झुठलाते हैं, उनको आत्मनिरीक्षण करना चाहिये । एक बहुत बडे सूबे में, जहाँ हमेशा आपका शासन रहता था, वहाँ 41 साल से आप एक भी चुनाव नहीं जीत पाए हैं। यह इनके लिए
आत्मनिरीक्षण का बहुत बडा विषय है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अभी-अभी देश भर में तीन राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में उपचुनाव हुए। तीनों राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली । नौगांव में भाजपा का प्रत्याशी 1,42,000 वोटों से जीता। यह सीट कांग्रेस पार्टी के पास थी, जो भाजपा ने उनसे छीन ली। नांदीग्राम में भाजपा का प्रत्याशी 76% वोटों के साथ 1,22,000 वोटों से जीता । पश्चिम बंगाल के रेजीगंज में भाजपा 75,000 से भी अधिक वोटों से जीती है । यह सीट तृणमूल के पास थी । पुदुचेरी में एनडीए के सहयोगी एआईएनआरसी के प्रत्याशी से 8,482 वोटों से जीती, जबकि काांग्रेस को सिर्फ़ 22% वोट मिले । राजस्थान में भी स्थानीय निकाय के चुनावों में भाजपा को प्रचंड जीत हासिल हुई । 90% नगर निगमों पर भाजपा ने कब्जा किया है, नगर परिषद में 66% और निगम पालिकाओं में 65% पर भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल की है। यह चुनाव राहुल गांधी के लिए एक सबक है। राजस्थान में आम आदमी पार्टी ने 85% से अधिक सीटों में अपनी जमानत जब्त करवाई है।
उन्होंने कहा, वाह राहुल गांधी को यह भी बताना चाहते हैं कि त्रिपुरा में विलेज कमेर्टी(ग्राम सभा ) के जो चुनाव हुए, उनमें एनडीए ने कुल 4,600 सीटों में से 4,000 से भी अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें 77.5% वोट शेयर रहा। वहीं 4,600 सीटों में से काांग्रेस पार्टी को सिर्फ 14 सीटें मिली हैं। जो लोग ईवीएम पर सवाल उठाते हैं और बैलेट पेपर का हवाला देते हैं, उन्हें वह बताना चाहते हैं कि ये चुनाव बैलेट पेपर से हुए थे। इससे यह तर्क भी खारिज हो जाता है कि बैलेट मशीन ही भाजपा को
चुनाव जिताती है। त्रिपुरा में 33 साल से काांग्रेस पार्टी का मुख्यमंत्री नहीं बन पाया है और बंगाल में 54 साल से कांग्रेस को कोई जीत हासिल नहीं हुई है। बंगाल, त्रिपुरा और गुजरात में काांग्रेस पार्टी पिछले तीन, चार और पााँच दसकों से लगातार हार रही है। क्या यह SIR का पररणाम है? SIR तो 2024 के बाद शुरू हुआ। आप जब से काांग्रेस के मुख्य नेता, अध्यक्ष और अब नेता प्रतिपक्ष बने हैं, काांग्रेस पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। आपको आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है। फैब्रिकेटेड मीडिया इवेंट्स और झूठ का सहारा लेकर आप देश की जनता का विश्वास हासिल नहीं कर सकते। 14 पार्टियों का कैडर इकट्ठा करके डेढ़ किलोमीटर के दायरे में 8,000 की भीड जुटा लेने से आप देश की आवाज़ नहीं बन सकते।
काांग्रेस पर करारा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि उनका कांग्रेस पार्टी से निवेदन है कि देश की आवाज़ खेत-खलिहानों में, गाँव गांव में, दूर-सुदूर पहाड़ियों, जंगलों और नदियों के किनारे बसती है, वहाँ आपकी कोई पहुँच नहीं है। बिहार, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु जैसे कई राज्यों में दशकों से जनता ने कांग्रेस को नकारा और हराया है। आज भी कांग्रेस पार्टी जिस प्रकार की नकारात्मक राजनीति कर रही है,
वह उसे कोई लाभ नहीं पहुँचायेगी । उन्हें जनता के बीच जाना चाहिए और जनता से संपर्क करना चाहिए । SIR के बहाने घुसपैठियों को बचाने की राहुल गांधी की जो कार्ययोजना है, उसे देश की जनता भली-भााँदत समझ चुकी है और अब वह इनके झाँसे में आने वाली नहीं है।

दिल्ली: देश-विदेश में विख्यात लव कुश रामलीला कमेटी, लालकिला मैदान में रामलीला मंचन के तीसरे दिन कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि सीता स्वयंवर के दौरान विभिन्न देशों से आए शक्तिशाली राजाओं ने अपने-अपने अंदाज में भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाने और धनुष भंग करने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो सका। राजाओं की असफलता से निराश राजा जनक ने व्यथित होकर कहा कि क्या पृथ्वी वीरों से खाली है? उनके इन शब्दों को सुन, इसी बीच गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम आगे बढ़े, उन्होंने सहजता से शिव धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाते ही धनुष भंग हो गया। धनुष टूटने की गूंज के साथ ही पूरा रामलीला परिसर ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से गूंज उठा। दर्शकों की तालियों और जयकारों ने माहौल को पूरी तरह राममय बना दिया। इसके बाद माता सीता ने भगवान श्रीराम के गले में वरमाला डालकर उनका वरण किया। ढोल नगाड़ों की गूंज के साथ मिठाई बाटी, रंग-बिरंगी रोशनी, ताजे फूलों से सजा मंच और प्रभावशाली ध्वनि व्यवस्था के बीच प्रस्तुत इन दृश्यों को देखने के लिए रामभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी|

दिल्ली: इंद्रप्रस्थ पुनर्जागरण न्यास के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी एवं श्री अभिजीत दीपके से अपील की है कि वर्तमान में चल रहे प्रदर्शनों के आयोजकों से संवाद कर त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनों को दिसंबर के अंत तक स्थगित करने की पहल करें। उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शनों को पूरी तरह स्थगित करना संभव न हो, तो उन्हें ऐसे स्थानों और तरीकों से आयोजित किया जाए, जिनसे बाजारों, यातायात और आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत में त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक उल्लास, पारिवारिक मिलन, सांस्कृतिक परंपराओं और आर्थिक गतिविधियों के महत्वपूर्ण अवसर हैं। नवरात्र, विजयादशमी और करवा चौथ के बाद धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा तथा गुरु नानक जयंती जैसे प्रमुख पर्वों के दौरान बाजारों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए निकलते हैं। इसके बाद दिसंबर में भी अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक अवसर आते हैं।

दिल्ली: कल कांग्रेस मुख्यालय पर भाजपा प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की अभद्रता की शिकार हुईं भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने आज सांसद कमलजीत सहरावत के साथ मध्य दिल्ली पुलिस उपायुक्त श्री रोहित राजवीर सिंह को शिकायत पत्र सौंप कर संलग्न विडिओ में चिंहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर कार्यवाई की मांग की। सांसद कमलजीत सहरावत के साथ आज पीड़ित कार्यकर्ताओं रचना वशिष्ठ, रश्मि वाजपेयी, रोशनी श्रेष्ठा, निवेदिता तिवारी एवं अनायता भाटी के आलावा अधिवक्ता संकेत गुप्ता, प्रदेश मंत्री गौरव खारी, प्रवक्ता यासिर जिलानी और महिला मोर्चा महामंत्री सुमन लता डागर मध्य दिल्ली पुलिस उपायुक्त से मिले और कल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गई अभद्रता का विवरण बताया।
शिकायत सौंपने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत ने कहा की कल कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं की गई अभद्रता उन्हे अपने नेता राहुल गांधी से मिल रहे संस्कारों को साफ दर्शाती है। सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जिस तरह कल एक गर्भवती पत्रकार को धक्का दिया और उससे पहले महिला पुलिस कर्मियों से अशोभनीय व्यवहार किया वह किसी सूरत किसी शिक्षित सनातनी के नही हो सकते।