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दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए मोदी सरकार का ट्रम्प के सामने घुटने टेकने का परिणाम बताते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज एवं पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय है ने कहा कि मोदी जी ने भारत को अमेरिका का उपनिवेश बना दिया है। इसलिए ट्रम्प भारत को रूस से सस्ता तेल नहीं लेने दे रहा है। उधर पीएम मोदी के दोस्त अडानी पर अमेरिका में केस चल रहा है। वह अपना केस खत्म कराने की एवज में अमेरिका में 95 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें 3 रुपए बढ़ी हैं, जल्द ही कुछ और वृद्धि होगी और अब यह सिलसिला चलता रहेगा। देश के आर्थिक हालात बिल्कुल अच्छे नहीं हैं। ऐस में मोदी सरकार को सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी पर सौरभ भारद्वाज ने देश के सबसे बड़े उद्योगपति गौतम अडानी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ऊपर अमेरिका में भ्रष्टाचार का एक मुकदमा हुआ है कि उन्होंने भारत में करीब दो हजार करोड़ रुपए की रिश्वत दी। रिश्वत भारत में दी गई, लेकिन मुकदमा अमेरिका ने दर्ज किया और इससे भारत सरकार परेशान हो गई। भारत सरकार ने यह नहीं कहा कि देश में रिश्वत चली है तो यहां मुकदमा चलेगा। अब अडानी अमेरिका की सरकार से कह रहे हैं कि वे वहां 10 बिलियन डॉलर यानी 95 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे, जिससे अमेरिका में 15 हजार नौकरियां लगेंगी और इसके बदले में उनके ऊपर से मुकदमा खत्म कर दिया जाए।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब आदमी से कह रहे हैं कि विदेश यात्रा मत करो और सोना मत खरीदो, ताकि भारत का पैसा और फॉरेन एक्सचेंज बाहर न जाए। वहीं, दूसरी तरफ उनके परम मित्र अडानी अपने भ्रष्टाचार के केस में अपनी जान बचाने के लिए देश का 95 हजार करोड़ रुपए डॉलर में अमेरिका भेज रहे हैं। इस पर सरकार चुप है। आज भारत लगभग अमेरिका की कॉलोनी यानी उपनिवेश बन गया है। भारत सरकार अमेरिका से पूछ रही है कि क्या वह रूस से सस्ता तेल खरीद ले, लेकिन अमेरिका ने मना कर दिया है। सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं और सस्ता तेल न मिलने के कारण देश में तेल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। अभी दाम तीन रुपए बढ़े हैं, कुछ दिनों बाद पांच रुपए बढ़ेंगे और यह सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहेगा, क्योंकि देश के आर्थिक हालात बहुत खराब हैं।
सरकार देश के सामने आर्थिक हालात की सच्चाई नहीं बताना चाहती। हाल ही का डेटा बता रहा है कि इंजीनियरिंग करने वाले 85 फीसदी बच्चों की नौकरी नहीं लगी है और एमबीए स्टूडेंट्स का भी लगभग यही हाल है। जिनके पास नौकरियां थीं, उन्हें सॉफ्टवेयर कंपनियां निकाल रही हैं। चीजें महंगी हो रही हैं, ट्रेड डेफिसिट बढ़ रहा है, इंपोर्ट बढ़ रहा है, एक्सपोर्ट घट रहा है और प्रोडक्शन हो नहीं रहा है। देश के आर्थिक हालात बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं और सरकार को यह सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
उधर, दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के कहने के बाद लोगों ने भी अपने घरों से गाड़ियां निकालना बंद कर दिया होगा या कम से कम यह सोच तो रहे होंगे कि आज अपनी गाड़ी लेकर बाहर निकलें या न निकलें। देश में पेट्रोल और डीजल का भारी संकट आ गया है। गैस का संकट तो पहले से ही था। लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे थे और होटलों में तो इसे बंद ही कर दिया गया था। यह जो पूरा संकट भारत के सामने आया है, इसके बारे में कहा जा रहा है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है, क्योंकि जब हम गैस, तेल, डीजल और पेट्रोल की खरीदारी करते हैं तो विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है। प्रधानमंत्री ने देश हित में अपील की है और निश्चित रूप से इससे बड़ी देशभक्ति और क्या हो सकती है? लेकिन क्या किसी ने कभी यह सोचने की कोशिश की है कि हमारे देश में जो पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट पैदा हुआ है, उसका असल जिम्मेदार कौन है? लोगों के मन में आ रहा होगा कि अमेरिका, इजराइल या ईरान इसके जिम्मेदार हैं, क्योंकि अगर इजराइल, ईरान और अमेरिका का युद्ध नहीं छिड़ता तो यह पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा नहीं होता।

दिल्ली: पेट्रोल की बढ़ी कीमत पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि काश टिप्पणी देने से पहले "आप" नेता थोड़ी रिसर्च कर लेते तो उन्हे मालूम पड़ जाता की भारतीय मूल्य अनुसार अमरीका के न्यूयार्क में पैट्रोल 105 रूपए लीटर तो रूस की राजधानी मास्को में 92.50 रूपए लीटर बिक रहा है । देश में पैट्रोल के दामों में हुई आंशिक वृद्धि को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं के ब्यान उन्हे हास्य का पात्र बना रहे हैं।
पैट्रोल डीजल के दामों में एक रूपये की भी वृद्धि का सामान्य नागरिकों को चुभना सवाभिक है पर वहीं दूसरी ओर देश का हर नागरिक जानता है की यह वृद्धि तेल के दामों में हो रही अंतराष्ट्रीय वृद्धि का परिणाम है जिसे भारत सरकार ने कम से कम पर रोका है। प्रदेश मीडिया प्रभारी ने किया सवाल । सौरभ भारद्वाज बतायें की भारत तेल अरब देशों से खरीदे, अमरीका से खरीदे या फिर रूस से वो सस्ता कैसे हो जायेगा। दिल्ली में आज के पेट्रोल के भाव 97.77 रुपये/ लीटर है ।

दिल्ली: यदि एक साल तक सोना नहीं खरीदा गया तो आभूषण उद्योग से जुड़े हुए 3.5 करोड़ कामगारों एवं व्यवसाइयों जिनमें स्वर्णकार, व्यापारी एवं उनसे जुड़े हुए कामगार शामिल हैं, की रोजी रोटी पर मंडरा रहा है खतरा । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सूरजेवाला ने स्वर्णकार उद्योग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जानकारी दी कि 90 फीसदी आभूषण उद्योग एमएसएमई के अंतर्गत आता है सत्ता के शीर्ष से वर्मा स्वर्णकार संघ एवं उनसे जुड़े लोगों की रोजी रोटी पर खतरे का फरमान है ।
सोने के आभूषण व जेवर भारत की सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं, सामाजिक रीति-रिवाजों का अभिन्न हिस्सा हैं तथा धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में सौभाग्य, समृद्धि और शुभता का प्रतीक हैं। भारतीय समाज में स्वर्ण आभूषण न केवल करोड़ों माताओं व बहन-बेटियों के लिए मुश्किल की घड़ी में आर्थिक सुरक्षा कवच हैं, बल्कि उल्लास, पवित्रता, उत्सव के माहौल व वैभव की पहचान भी हैं। यही नहीं, गाँव से शहर तक स्वर्ण आभूषण यानी ज्वेलरी व सुनार के व्यापार में लगे छोटे-छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों, कामगारों, दस्तकारों की रोजी-रोटी का एकमात्र धंधा भी है। देश का 90% से अधिक ज्वेलरी तथा आभूषण का काम दुकानदारों-सुनारों-MSME सेक्टर में है, जिसमें देशभर में 3.5 करोड़ (3,50,00,000) लोग जुड़े हैं।
13 मई, 2026 को एक और ‘‘ज्वेलरी उद्योग विरोधी वज्रपात’’ गिराते हुए सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी सीधे 6% से बढ़ाकर 15% कर डाली। मतलब, एक तरफ तो सोना व सोने के आभूषण न खरीदने का फरमान देकर 3.5 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर लात मारी, तो दूसरी ओर सोने की तस्करी करने वाले तस्कर माफियाओं की काली कमाई का इंतजाम भी कर दिया। भारत के कुल ‘‘सकल घरेलू उत्पाद’’ यानी जीडीपी में ज्वेलरी सेक्टर का योगदान 7% से अधिक है! वहीं देश के कुल व्यापारिक निर्यात में इस क्षेत्र के हिस्सेदारी 12% तक है और सबसे बड़ी बात कि इसमें 85% से अधिक निर्यातक (एक्सपोर्टर) MSME कैटेगरी में आते हैं!सोने के आभूषण कारोबार में गांवों से लेकर शहरों और महानगरों तक छोटे ज्वेलर्स, व्यापारी, सुनार और गलाई-पकाई-छिलाई-गढ़ाई से लेकर पॉलिश करने वाले लाखों कारीगर लगे हैं और करोड़ों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है!
Gems and jewellery सेक्टर भारत की सबसे बड़ी रोजगार देने वाली इंडस्ट्रीज में से एक है, 50 लाख से अधिक लोगों को ये सेक्टर रोजगार देता है, जबकि देश में करीब 3.5 करोड़ लोगों की नौकरी व रोजगार ज्वेलरी सेक्टर के इकोसिस्टम पर ही निर्भर है! एक साल की रोजगार बंदी में ये पूरा ज्वेलरी सेक्टर ही खत्म हो जाएगा।सरकारी आंकड़ों की ही बात करें तो जुलाई 2020 में ‘उद्यम पोर्टल’ के लॉन्च होने के बाद से 15 अगस्त 2025 तक देश भर में 75,082 रजिस्टर्ड MSMEबंद (De-registered/Shut down) हो चुके हैं! जबकि एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 से 2022-23 के दौरान असंगठित विनिर्माण क्षेत्र (अनोर्गनाइज्ड सेक्टर) के लगभग 18 लाख उद्यम बंद हुए हैं, जिससे करीब 54 लाख लोगों का रोटी-रोजगार छिन गया!
केवल 2024-25 में ही (फरवरी 2025 तक) 35,567 से अधिक MSME बंद हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में MSME की तालाबंदी में हुई बहुत अधिक वृद्धि है और इन बंद हुई यूनिट्स के कारण 3 लाख से अधिक लोगों का काम धंधा खत्म हो गया! ऐसे में सोने के आभूषण निर्माण कारोबार को ठप्प करके करोड़ों लोगों की ‘‘आजीविका का गला घोंटना’’ न केवल आर्थिक संकट और बेरोजगारी की तबाही बढ़ाना है, बल्कि भाजपा का किया क्रूर ‘‘अमानवीय अत्याचार’’ भी है! सोने की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से जुड़े स्मगलिंग बढ़ने के सीधे खतरे को ऐसे समझिए कि- वित्त वर्ष 2024-25 में सरकारी एजेंसियों ने ही करीब 3005 मामलों में लगभग 2.6 मीट्रिक टन (2,600 Kg.) से अधिक सोना जब्त किया है मगर ये सरकारी आंकड़ा तो स्मगलिंग सोने का छोटा सा हिस्सा है, ज्वेलरी सेक्टर के विशेषज्ञों की मानें तो सालाना करीब 10 से 15 मीट्रिक टन से अधिक सोने की स्मगलिंग रही है, जो अब और अधिक बढ़ने का रास्ता सत्ता में बैठी भाजपा ने खोल दिया है ! सरकार द्वारा थोपी नोटबंदी, एक्साइज ड्यूटी के काले फरमान, गलत जीएसटी और हड़बड़ी में लागू किए अनिवार्य हालमार्किंग से पहले ही ज्वेलरी सेक्टर की कमर टूट चुकी है और अब एक साल की ये ‘अघोषित तालाबंदी’ और सोने की स्मग्लिंग को बढ़ावा इस सेक्टर के लिए ‘‘डेथ वारंट’’ जैसा है ।
अगर गोल्ड इंपोर्ट कम करना ही मकसद है, तो सरकार ने देश में गोल्ड ज्वेलरी की ‘‘डिमांड सप्रेशन’’ की बजाय देश में पहले से ही मौजूद सोने को मोबिलाइज करने और ‘‘बुलियन बैंकिंग फ्रेमवर्क’’ बनाने की नीति पर काम क्यों नहीं किया? एक तरफ प्रधानमंत्री जनता को स्वर्ण आभूषण न खरीदने की सलाह दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ मोदी सरकार स्वयं सोना खरीद रही है? क्या यह सही नहीं कि मोदी सरकार व आरबीआई की सोवरेन गोल्ड होल्डिंग, जो सितंबर 2025 में 794.64 मीट्रिक टन थी, वह मार्च, 2026 में बढ़कर 880.52 मीट्रिक टन हो गई हैं? क्या यह सही नहीं कि 7 महीने में मोदी सरकार ने स्वयं 85.88 मीट्रिक टन सोना खरीदा है? तो फिर आम जनमानस पर पाबंदी क्यों?क्या अब 90% MSME व छोटे दुकानदारों में जुड़ा ज्वेलरी उद्योग भी अगले 1 साल में तालाबंदी का शिकार नहीं हो जाएगा? क्या ज्वेलरी सेक्टर का पूरा मैदान साफ कर अब इसे भी बड़े-बड़े कॉर्पोरेट मित्रों को देने की मंशा है?
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दिल्ली : सिख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी की हाल ही में आयोजित पत्रकार वार्ता में कालका एवं काहलों द्वारा लगाये गए आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए प्रबन्धन कमेटी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके ने कहा कि पंथक को गुमराह करने की हो रही है साजिश । दस्तावेजों में कुछ एक जगह उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं । समय आने पर कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे । एस एस मोटा सिंह स्कूल में नर्सरी की छात्रा के साथ छेड़-छाड़ के मामले में उन्होंने कहा कि मामले को दबाए जाने की की हो रही है कोशिश । उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट द्वारा गठित इंडिपेंडेंट पैनल द्वारा जाँच करवाये जाने की माँग की है । उनका आरोप है कि अंदरूनी तौर पर स्कूल के प्रबंधन को हस्तांतरित करने की रची जा रही है साजिश । हाल ही में प्रबंधन में जोड़े गए चार सदस्य मनीष गुप्ता, स्वाति गर्ग, अमरजीत सिंह एवं विजेंद्र कुमार अग्रवाल के तालुकात सियासतदानों से बताए जा रहे हैं । किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए प्रबंधन के 2/3 सदस्यों की सहमति जरूरी है ।
स्कूल की स्थापना 1916 में पाकिस्तान में हुई थी । जनकपुरी में इस स्कूल की स्थापना 1976 में हुई थी । आज दिल्ली में इनके पास 8 एकड़ ज़मीन है और इस स्कूल की 3 ब्रांच है ।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और जनरल सचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जी.के. द्वारा प्रधान रहते हुए गोलक के पैसे के दुरुपयोग के मामले में अदालत ने संज्ञान लेते हुए दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक मामले में पहले ही संज्ञान लेते हुए जी.के. को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें वह जमानत पर बाहर हैं, जबकि ताजा मामले में अब समन जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आखिरकार जी.के. को अपने किए कर्मों का फल भुगतना ही पड़ेगा।
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दिल्ली: जेन Z से बात करने के नाम पर आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के ब्यान को उनकी राजनीतिक हताशा एवं आराजक कार्य शैली का मिला जुला प्रमाण बताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि देश का युवा अरविंद केजरीवाल की घटिया राजनीति को भलीभांति समझता है, अरविंद केजरीवाल ने स्वंय 2010 -11 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक युवा आंदोलन दिल्ली में खड़ा किया पर मात्र 2 साल बाद उसी कांग्रेस के साथ मिलकर 2013 में दिल्ली में सरकार बना ली। 2015 में पुनः युवाओं एवं सामान्य गरीबों को बड़े बड़े सपने दिखा कर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सत्ता हासिल की और फिर अगले 10 साल दिल्ली में अकूट भ्रष्टाचार फैला कर युवाओं के साथ हर वर्ग के लोगों को निराश किया। यही सब अरविंद केजरीवाल की पार्टी की पंजाब सरकार ने भी करके पंजाब के युवाओं एवं महिलाओं को निराश किया है।
केजरीवाल युवाओं को गुमराह करने के लिए कह रहे हैं की राजस्थान में "नीट" का पेपर लीक हुआ तो वहां की भाजपा सरकार जिम्मेदार है, मैं केजरीवाल से पूछता हूं की पेपर लीक को पकड़ा राजस्थान के स्थानिय पुलिस प्रशासन ने तो फिर सरकार कैसे दोषी हुई ? यह राजस्थान सरकार की उपलब्धि है की उसने नकल माफिया का भांडा फोड़ा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा की अरविंद केजरीवाल यह एहसास करें की उनकी 10 साल से अधिक के दिल्ली सरकार एवं 4 साल से अधिक के पंजाब सरकार के भ्रष्टाचार को देख चुका देश का युवा यानि जेन Z अब उनके किसी छलावे में नही आयेगा। अंतर्राष्ट्रीय मसलों में ब्यान देकर अरविंद केजरीवाल पहले भी देश को शर्मसार कर चुकें हैं, खुद को हास्य का पात्र बना चुके हैं, उनके लिए उचित होगा की वह खुद को अंतर्राष्ट्रीय मसलों से अलग रखें और रूस एवं अमरीका को लेकर ब्यानबाज़ी ना करें।
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दिल्ली: बाहरी दिल्ली जिले के पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान में भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कार्यकर्ता संभाल एवं दायित्वबोध विषय सत्र को सम्बोधित किया और कहा की कार्यकर्ता संगठन की अमूल्य पूंजी है। भाजपा संगठन एवं नेतृत्व हमेशा अपनी कार्यकर्ता रूपी अमूल्य पूंजी को धरोहर की तरह मानते हैं क्योंकि हमारे कार्यकर्ताओं का समर्पण ही हमे सभी अन्य दलों से अलग एवं श्रेष्ठ बनाता है।
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नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा राजधानी दिल्ली में अपराधों पर 2024 की जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह रिपोर्ट पर तो एक वर्ष पहले तक की है, जबकि आज राजधानी में अपराध के हालात कहीं गंभीर हो चुके है, रक्षक पुलिस भक्षक बनकर खुलेआम गोली मारकर हत्या कर रही है। बढ़ते अपराधों पर केन्द्रीय गृहमंत्री की निष्क्रियता और प्रभावहीन कार्यशैली के कारण संगीन अपराधों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर है और वर्ष 2024 में यहां 2.70 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि दिल्ली में अपराधिक आरोप पत्र दर्ज दाखिल करने की दर सबसे कम है। रिपोर्ट में राजधानी के महिलाओं के प्रति अपराधिक आंकडे़ दिल दहलाने वाले है जिनमें दहेज के लिए 109 मौते, बलात्कार के 1058 मामले, घरेलू क्रूरता के 4646 मामले अपहरण के 3974 मामले और यौन उत्पीड़न के 316 मामले दर्ज हुए। प्रति 1 लाख की जनसंख्या पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 176.8 रही। उन्होंने कहा कि दहेज के लिए हत्याओं को आंकड़ा 2023 में 114 और 2022 में 129 महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस की गिरती साख का भी खुलासा किया है, कि दिल्ली पुलिस न्याय दिलाने में में कितनी निष्क्रिय है, जिस पर उच्च पुलिस अधिकारियों को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। दिल्ली में प्रति लाख जनसंख्या पर संगीन अपराधों की दर 1688 है, जो देश के सभी महानगरों में सबसे अधिक है। राजधानी में 2024 में 2,75,402 संगीन अपराधिक मामले दर्ज किए गए, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मामलों पर दिल्ली पुलिस सिर्फ 31.9 प्रतिशत के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किए, जो सभी महानगरों में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज ही नही करेगी, तो दिल्ली के लोगों को कैसे न्याय दिलाएगी। पुलिस की निरसता और लचीले या पक्षपात की नीति के कारण ही शायद दिल्ली में अपराधियों के हौसले बुलंद है और राजधानी अपराध में भी नम्बर वन बन चुकी है।
राजधानी में जहां हत्या, रेप, दहेज हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध, लूट, आर्थिक अपराध, साईबर क्राईम, नशे का कारोबार जैसे अनेक अपराध वर्ष दर वर्ष बढ़ रहे है, वहीं आईपीसी और बीएनएस के तहत न्याय के लिए 2024 में 4,34,981 मामले लंबित थे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में अदालतों में केवल 50,305 मामलों का ट्रायल पूरा होने के बाद 88.3 प्रतिशत मामले अब भी अटके हुए है। ट्रायल पूरा हुए मामलों में अभियोजन की सफलता में सजा मिलने की दर 74.1 प्रतिशत दर्ज की गई जिसमें हत्या के मामलों में सजा 62.5 प्रतिशत। रेप के मामलों में सजा की दर 24.1 प्रतिशत और यौन उत्पीड़न के मामलों में चैकाने वाला है कि सजा किसी को नही दी गई, यह चिंताजनक है। आर्थिक् अपराधों के 25532 लंबित मामलों में सिर्फ 4524 मामलों की सुनवाई हुई जिनमें सजा दर 27.3 प्रतिशत दर्ज हुई और साईबर मामलों 1,152 मामलों में से सिर्फ 52 मामलों का ट्रायल हुआ।

दिल्ली:आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश की आर्थिक स्थिति का सच देशवासियों के सामने रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेश न जाओ, विदेशी उत्पाद न खरीदो, सोना न खरीदो, पेट्रोल-डीलज की गाड़ी इस्तेमाल न करो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करो और वर्क फ्रॉम होम करो, जैसे 7 कठोर कदम उठाने की अपील की है। इससे साफ है कि देश की अर्थ व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है और आने वाले दिनों में और भी बुरा हाल होने वाला है। उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों से सिर्फ मिडिल क्लास ही प्रभावित हो रहा है। आखिर सारी कुर्बानी मिडिल क्लास ही क्यों दे। उन्होंने पूछा कि सरकार, पीएम, मंत्री, उद्योगपति और अफसर अपने खर्चों में कटौती क्यों नहीं कर सकते? हम देश के खातिर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन चुन कर सिर्फ मिडिल क्लास को टारगेट नहीं किया जाए और देश के साथ सारी जानकारी साझा की जाए। पार्टी मुख्यालय पर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश बहुत आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस वजह से उन्होंने देश के लोगों से सात कठोर कदम उठाने की अपील की है। पहला, वर्क फ्रॉम होम। दूसरा सोना खरीदना बंद करो, कम से कम सोना खरीदो। तीसरा, पेट्रोल डीजल की बचत करो, ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करो। चौथा, उर्वरक का कम से कम इस्तेमाल करो, प्राकृतिक कृषि करो। पांचवां विदेश उत्पाद कम से कम उत्पाद करो और विदेशी मुद्रा बचाओ। छठां, खाने के तेल का भी कम से कम इस्तेमाल करो। सातवां, विदेश यात्रा बंद करो।


दिल्ली: देशभक्ति के नाम पर लोगों को पेट्रोल, डीजल, खाने का तेल, गैस काम इस्तेमाल कम करने की सलाह देने पर पीएम नरेंद्र मोदी को आम आदमी पार्टी से सांसद संजय सिंह ने आड़े हाथ लिया है। उन्होंने देशवासियों से कहा कि चुनाव तक मोदी जी ने आपका बोझ उठाया। चुनाव ख़त्म, आपका इस्तेमाल ख़त्म। अब देशभक्ति के नाम पर लाइन में लग जाओ। गैस महंगी हो गई है और अब पेट्रोल-डीज़ल भी महंगा होगा। चुनाव तक किसी चीज की कमी नहीं होने का दावा कर रहे पीएम मोदी अब देशभक्ति के नाम पर लोगों से पेट्रोल, डीज़ल गैस, खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान दे रहे हैं। लेकिन मोदी जी अपनी रैलियों और विदेश यात्राएं करेंगे और खूब तेल फूकेंगे। उनके लोग सोना तो क्या पूरे देश की सम्पतियां ख़रीद लेंगे, लेकिन जनता फटीचर बने रहिए। रविवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दो महीने से भारत की सरकार (यानी स्वयं मोदी जी) जनता का बोझ उठा रहे थे, लेकिन अब चुनाव खत्म हो गया है तो अब वे बोझ नहीं उठाएंगे। पांच राज्यों का चुनाव जब तक हो रहा था, तब तक उन्होंने जनता का बोझ उठा लिया। अब वे कह रहे हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम कीजिए। एक साल तक कोई भी शादी या फंक्शन हो तो सोना न खरीदिए और खाने के तेल का भी इस्तेमाल कम कीजिए।
यह सारा ज्ञान चुनाव भर मोदी जी को याद नहीं आया। तब वे कह रहे थे कि कोई कमी नहीं है, पूरा भंडार भरा हुआ है और कोई समस्या नहीं है। लेकिन जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव खत्म हुए, नरेंद्र मोदी के कंधे झुक गए। जो कंधे जनता का बोझ उठा रहे थे, वे मोदी सरकार के कंधे अब झुक गए हैं और अब वे कह रहे हैं कि वे जनता का बोझ नहीं उठाएंगे।चुनाव खत्म होने के बाद मोदी जी ने कमर्शियल सिलेंडर का दाम 993 रुपए बढ़ा दिया, जिसे रेहड़ी वाले, चाय वाले और छोटी-छोटी दुकान वाले इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का दाम भी 261 रुपए बढ़ा दिया गया, जिसे छात्र, मजदूर और झुग्गियों में रहने वाले गरीब लोग इस्तेमाल करते हैं। मोदी जी लगातार जनता पर इस तरह से महंगाई का बोझ डालते जा रहे हैं। देश को सोचना होगा कि उसे कब होश आएगा और वह कब इन सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगा? चुनाव भर जनता का इस्तेमाल किया जाता है। कभी उनके खाते में 10 हजार रुपए डाल दिए जाते हैं और उसके बाद पटना की सड़कों पर नौजवानों को डंडों से पीटा जाता है। चुनावों में जनता से कहा जाता है कि न तेल की कमी है और न गैस की, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गैस के दाम बढ़ा दिए जाते हैं।
जनता को सलाह दी जा रही है कि तेल का इस्तेमाल कम करें और इस सबको देशभक्ति से जोड़ दिया जाता है। जनता महंगाई में रहे, सोना न खरीदे, विदेशों की यात्रा न करे। इन सबको देशभक्ति बताया जा रहा है। लेकिन मोदी जी खुद बड़ी-बड़ी रैलियां और सभाएं करेंगे। लाखों लोगों को बसों में भर-भर कर लाया जाएगा, वहां तेल का भरपूर इस्तेमाल होगा और उसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी। प्रधानमंत्री विदेशों की यात्रा करेंगे, रोड शो करेंगे और उसमें तेल की कोई बचत नहीं करनी होगी। भाजपा और प्रधानमंत्री इस प्रकार के दोहरे चरित्र से देश को कब तक धोखा देते रहेंगे? देशवासियों के ऊपर हर प्रकार का कष्ट, तकलीफ, महंगाई और बेरोजगारी थोपते हुए उसे देशभक्ति से जोड़ा जा रहा है। देश की जनता कब तक खामोशी से यह सब कुछ बर्दाश्त करती रहेगी? यह सोचने का विषय है।
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दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ईडी की रेड पड़ने पर भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी के सहारे भाजपा और मोदी जी ने पंजाब को ललकारा है। पंजाब न पहले झुका था और न अब झुकेगा। पंजाब ही भाजपा और ईडी के बीच अनैतिक गठजोड़ को खत्म करेगा। पंजाब गुरुओं की धरती है। पंजाब ने औरंगजेब को भी जवाब दिया था और अब 2027 के चुनाव में मोदी जी को भी जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अशोक मित्तल और संजीव अरोड़ा के घर एक साथ ईडी की रेड हुई थी। अशोक मित्तल भाजपा में शामिल हो गए तो रेड बंद हो गई, लेकिन संजीव अरोडा ने इन्कार कर दिया तो फिर से रेड हो गई। शनिवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड चल रही है। ईडी का काम है कि देश के अंदर अगर कहीं मनी लॉन्ड्रिंग हो रही है, तो उसको रोकना और उसकी जांच करना। अगर इस मकसद से ईडी अपनी कार्रवाई करे, तो हमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन जब से इस देश के अंदर मोदी जी राज आया है, सीबीआई भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम नहीं करती और न ईडी मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए काम करती है। वे सिर्फ और सिर्फ दूसरी पार्टियों को तोड़ने, उनके नेताओं को डराने-धमकाने और उन्हें भाजपा में शामिल कराने का काम करती हैं।
उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह से संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड चल रही है, यह भी उसी दिशा में एक कार्रवाई है। संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी कोई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने नहीं आई है। संजीव अरोड़ा के यहां पिछले एक महीने के अंदर ईडी की यह दूसरी रेड है। इससे पहले 17 अप्रैल को ईडी आई थी और संजीव अरोड़ा के गुड़गांव, लुधियाना व दिल्ली के सभी ठिकानों पर रेड की। ये रेड तीन दिन चली। उन तीन दिनों की रेड में ईडी को क्या नहीं मिला, जो आज ढूंढने आए हैं। उसी वक्त अशोक मित्तल के यहां रेड हुई थी। उनके यहां भी तीन दिन रेड चली और उस रेड के बाद अशोक मित्तल ने भाजपा ज्वाइन कर ली। इसके बाद उनके यहां रेड खत्म हो गई और उनका सारा मामला रफा-दफा हो गया।संजीव अरोड़ा ने भाजपा ज्वाइन नहीं की। उस दिन संजीव अरोड़ा पर काफी दबाव डाला गया कि भाजपा ज्वाइन कर लो। अगर वे उस दिन भाजपा ज्वाइन कर लेते, तो शायद आज ईडी की रेड नहीं होती। आज ईडी की रेड उनको सबक सिखाने के लिए हुई है कि उन्होंने भाजपा ज्वाइन क्यों नहीं की। या तो भाजपा ज्वाइन कर लो, नहीं तो गिरफ्तार कर लिए जाओगे। इसलिए आज ईडी की रेड हुई है। यह बहुत ही दुख की बात है कि मोदी राज के अंदर एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।मोदी जी खासतौर पर पंजाब को टारगेट कर रहे हैं। पंजाब के लोगों के साथ धक्का, नाइंसाफी और अन्याय किया जा रहा है। पंजाब के लोगों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। पिछले 4 साल में मोदी जी ने पंजाब में पहले तीन काले कानून लाने की कोशिश की, लेकिन पंजाब के किसानों के विरोध के सामने मोदी जी को झुकना पड़ा। पिछले चार साल से ग्रामीण विकास का हजारों करोड़ रुपया, जिससे मंडियों और गांव-गांव की सड़कें बननी होती हैं, वह प्रधानमंत्री जी ने रोक दिया। पंजाब की पंजाब यूनिवर्सिटी को टेकओवर करने की कोशिश की गई। चंडीगढ़ को हरियाणा को ट्रांसफर करने और पंजाब से छीनने की कोशिश की जा रही है। पंजाब के पानी के ऊपर डाका डालने और बीबीएमबी को हथियाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे ना जाने कितने मामले हैं, जहां केंद्र सरकार और मोदी जी पंजाब के लोगों के साथ धक्का कर रहे हैं। अब पिछले कुछ दिनों से रोज बस एक ही खबर है कि आज ईडी ने यहां रेड कर दी, आज वहां रेड कर दी। जैसे ही बंगाल के चुनाव खत्म हुए, दिल्ली से ईडी की पूरी की पूरी टीम पंजाब के अंदर आ गई है। इनका मकसद कोई काला पैसा या मनी लॉन्ड्रिंग ढूंढना नहीं है।
आज से 10 साल पहले प्रधानमंत्री जी ने खुद अपने भाषण में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे। किसी देश का प्रधानमंत्री किसी के खिलाफ संगीन आरोप लगाए, तो यह छोटी बात नहीं है। किसी ऐरे-गैरे, भाजपा के किसी प्रवक्ता या छोटे नेता ने आरोप नहीं लगाए थे, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए थे। आज प्रधानमंत्री जी खुद उन्हें अपने हाथ से मुख्यमंत्री की शपथ दिला कर आए हैं। अमित शाह ने हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे, उनको भी इन्होंने असम का मुख्यमंत्री बना दिया। अजित पवार के खिलाफ प्रधानमंत्री ने खुद भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और उसके छह दिन के अंदर उनको महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बना दिए। शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ ईडी नहीं जाएगी, ईडी संजीव अरोड़ा के खिलाफ जाएगी। हिमंता बिस्वा सरमा को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, गिरफ्तार केजरीवाल को किया जाएगा। अजित पवार को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, गिरफ्तार मनीष सिसोदिया को किया जाएगा, क्योंकि उन सब ने भाजपा ज्वाइन कर ली। इनका मकसद देश से भ्रष्टाचार दूर करना या मनी लॉन्ड्रिंग रोकना नहीं है। इनका मकसद केवल दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़कर भाजपा में शामिल करवाना है। आज पंजाब के अंदर इनके पास चुनाव में खड़े करने के लिए नेता नहीं हैं। इसीलिए यह दूसरी पार्टियों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं।


दिल्ली: 13 दिन पहले जाफरपुर कलाँ में रिश्तेदार का जन्मदिन मनाने आये पांडव कुमार की पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर निर्मम हत्या पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने व्यक्त की तीखी प्रतिक्रिया कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक उनकी अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा । इंसाफ की गुहार के लिए उनकी अस्थियों को दिल्ली के विभिन्न कोनों में ले जाया जाएगा । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने इस बाबत एससी /एसटी एक्ट की तरह छेत्रवाद को लेकर आक्रमक रवैये के लिए कानूनी प्रावधान की माँग भी की है ।
पुनिया बिहार से सांसद पप्पू यादव ने घटनाक्रम पर रोष जताते हुए कहा कि जब भी संकट या प्रतिरोध की स्थिति में पूर्वांचली ही क्यूँ कोपभाजन के शिकार होते हैं जबकि देश राज्य के निर्माण मे पूर्वांचलियों की भूमिका अहम है सब्जी बेचने वालों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक पूर्वांचली हैं । यूँ कहिये किसी शहर को गति देने वाले पूर्वांचली हैं । आख़िर पूर्वांचलियों से इतनी नफरत क्यूँ ? पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार को 50000 रुपये की सहायता राशि दी है । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्वांचल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो सुधांशु कुमार का कहना है कि बिहार सरकार ने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की राहत राशि दी है लेकिन सहायता तो दूर दिल्ली स्थित सियासतदानों ने घटनाक्रम से दूरी बनाइय हुई है ।
कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी मृतक के परिवार के साथ है । सड़क से लेकर न्यायालय तक इंसाफ़ के लिए लड़ाई लड़ने को तैयार है ।

दिल्ली: बहुप्रतीक्षित हिंदी फिल्म "कृष्णा और चिट्ठी" का टीज़र रिलीज़ होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। आस्था, भावनाओं और भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से जुड़ी इस फिल्म ने अपने पहले ही झलक में लोगों के दिलों को गहराई से छू लिया है। ऐसे दौर में जब सिनेमा नई और सार्थक कहानियों की तलाश में है, "कृष्णा और चिट्ठी"एक ऐसी कहानी लेकर सामने आई है, जो परिवार, विश्वास और इंसानियत के मूल्यों को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। फिल्म को रविना ठक्कर और विनय भारद्वाज ने 'शाइनिंग सन स्टूडियोज़' के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, जबकि निर्देशन भी विनय भारद्वाज ने ही किया है। यह फिल्म 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।टीज़र की खास बात यह है कि इसमें तीन अलग-अलग पीढ़ियों के प्रेरणादायक चेहरों को एक साथ लाया गया है। क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर,, राम के किरदार के लिए प्रसिद्ध अरुण गोविल और युवा अभिनेता दर्शील सफारी इन तीनों की मौजूदगी फिल्म को खास बनाती है।
टीज़र में इस्कॉन के पूजनीय अमोघ लीला प्रभु जी की आवाज़ ने आध्यात्मिक गहराई जोड़ दी है। “यदा यदा हि धर्मस्य…” मंत्र के साथ टीज़र दर्शकों को एक दिव्य अनुभव कराता है, जो धर्म, विश्वास और श्रीकृष्ण की उपस्थिति काकर संदेश देता है। टीज़र का अंतिम दृश्य विशेष रूप से भावुक देता है, जिसमें अभिनेता दर्शील सफारी—के माध्यम से सचिन तेंडुलकर,,के प्रसिद्ध “मैं खेलेगा” क्षण को खूबसूरती से दर्शाया गया है। यह दृश्य प्रेरणा और जुनून का प्रतीक बनकर उभरता है। फिल्म के टीज़र को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।
दर्शक इसे “हर भारतीय परिवार के लिए ज़रूरी फिल्म” और “एक दिव्य सिनेमाई अनुभव” बता रहे हैं। कुल मिलाकर, कृष्णा और चिट्ठी" सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आस्था, भावनाओं और श्रीकृष्ण की कृपा को समर्पित एक आध्यात्मिक यात्रा के रूप में देखी जा रही है, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार है। youtube link of video :https://youtu.be/Cm4KrWoFCgg?si=RhcoMUw45Av9MB80 टीजर का लिंक है आप भी देखिए और कृष्ण के भक्ति भावनाओं में सरोवर हो जाऐ।

दिल्ली: भाजपा के पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत दिल्ली भाजपा के जिला स्तरीय प्रशिक्षण सत्र आज से प्रारम्भ हुए। पश्चिम दिल्ली एवं नजफगढ़ जिलों के दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र ऋषिकेश में जिलाध्यक्षों चन्द्रपाल बख्शी एवं राज शर्मा गौतम के संयोजन में प्रारम्भ हुए।कल 8 मई को प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा कार्यकर्ता विकास पर एवं राष्ट्रीय संगठक श्री वी. सतीश ने विचार परिवार विषय पर ऋषिकेश पहुंच कर दोनों जिलों के सत्रों सम्बोधित करेंगे। दिल्ली भाजपा की प्रशिक्षण संयोजक एवं पश्चिम दिल्ली सांसद कमलजीत सहरावत, दिल्ली सरकार के मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, श्री आशीष सूद एवं श्री पंकज सिंह, प्रशिक्षण सह संयोजक श्री सुमित भसीन, पश्चिम दिल्ली के वरिष्ठ नेता राजीव बब्बर, विधायक पवन शर्मा, श्याम शर्मा, संदीप सहरावत, नीलम पहलवान, प्रदुमन राजपूत एवं कैलाश सांगवाल, प्रशिक्षण वर्ग प्रमुख नरेश कौशिक एवं शशिभूषण राजपाल और अर्जुन वेलोटिल भी आज 7 मई के सत्रों में सम्मिलित हुए।
उत्तराखंड के पंचायती राज मंत्री मदन कौशिक, श्रीमती कमलजीत सहरावत, सुमित भसीन, पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी, योगेश आत्रेय, कोषाध्यक्ष सतीश गर्ग, मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर, प्रवक्ता राजकुमार फलवारिया, संयोजन टीम सदस्य मुकुल डागर एवं काजल पवार ने पार्टी के इतिहास विकास, सिद्धांतिक अधिष्ठान, कार्य विस्तार, एस.आई.आर., देश के समक्ष चुनौतियां, सरकारों उपलब्धियों, बंथ प्रबंधन, मीडिया एवं सोशल मीडिया से जुड़े सत्रों को सम्बोधित किया।
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दिल्ली: नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के सर्वेक्षण की आड़ में अब दिल्ली के दुकानदारों, फैक्ट्री मालिकों, बैंक्वट और होटल रेस्टोरेंट व्यापारियों सहित रिहायशी क्षेत्रों में दुकान चलाकर छोटा मोटा काम धंधा करने वालों को बिजनेस सीज करने का नोटिस भेजकर उनको प्रताड़ित कर रही है। नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि रिहायशी जमीन पर कमर्शियल काम नही किया जा सकता, अगर ऐसा हो रही है तो दुकान या बिजनेस सील कर दिया जाएगा।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में रिहायशी क्षेत्र में कमर्शियल गतिविधियों की पहचान करके रिपोर्ट सौंपने की बात कही गई है लेकिन दिल्ली नगर निगम के नोटिस में लिखा है कि क्षेत्रों की विस्तृत सर्वेक्षण में आवासीय परिसरों का गैर आवासीय उदेश्य के लिए हो रहे दुरुपयोग संबधी सभी मामलों की व्यापक और क्षेत्र-वार सूची तैयार करना, एकत्रित डाटा सटीक और सत्यापित होना चाहिए, जिसमें गलत आंकलन के लिए अतिरिक्त आयुक्त इंजीनियरिंग जिम्मेदार होगा और शपथ पत्र के साथ रिपोर्ट सौंपी जानी है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित दिल्ली नगर निगम लोगों को राहत देने की बजाय अनाधिकृत/नियमित, स्वीकृत कालोनियों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी और विकसित प्लाटों के सहार छोटा मोटा धंधा करने वाले लाखों लोगों पर प्रहार करके सीलिंग करने की तैयारी कर रही है, जबकि उत्तम नगर में तो कुछ सीलिंग की कार्यवाही करना शुरु तक कर दिया है।
दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी नोटिस के बाद दिल्ली के व्यापारियों और लाखों रिहायशी क्षेत्रों में अपनी अजीविका चलाने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है, क्या भाजपा अपने पिछले 15 वर्षों वाले निगम शासन को दोहराऐगी, जब जनता को राहत दिए बिना हजारों दुकानों और घरों को सील कर दिया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार की भांति भाजपा की सरकार को भूमिश्रित उपयोग के नियम में एक्सटेंशन देकर अथवा कानून बनाकर लोगों की अजीविका की सुरक्षा करने की तरफ कदम उठाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में 69 कॉलोनियों की 351 सड़कों को मिश्रित भू-उपयोग के लिए नोटिफाई नही करवा पाना भाजपा की नाकामी है, जिसमें दिल्ली में लोकसभा के सातों सांसद भी मिश्रित भू-उपयोग नोटिफाई के लिए लंबित पड़ी 351 सड़कों का नोटिफिकेशन जारी करवाने में विफल साबित रहे है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने भी झूटा दावा किया था कि दिल्ली में सीलिंग नही होगी, लेकिन अब दिल्ली नगर निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जो नोटिस जारी कर रही है उससे हजारों व्यवसायिक सम्पति धारकों और रिहायशी क्षेत्रों में छोटी मोटी दुकानों की सीलिंग से कौन बचाऐगा।

दिल्ली: हत्या के प्रयास एवं बाल यौन उत्पीड़न के तीन मामलों में 21 साल से फरार तीन घोषित अपराधी शिकंजे में । उपलब्ध जानकारी के अनुसार क्राइम ब्राँच द्वारा गठित एक टीम ने इन्हें बिहार एवं झारखंड से धर दबोचा । गिरफ्तार अभियुक्तों में 34 वर्षीय युधिष्ठिर दिल्ली में मेटल पोलश का काम करता था , 28 साल का अखलाक उर्फ अजय जो कि केरल में राज-मिस्त्री काम करता था एवं 41 साल का राम कुमार जो कि बिहार में सब्जी बेचने का काम करता था ।युधिष्ठिर 21 साल से फरार चल रहा था एवं उसके सिर पर 20000 रुपये का इनाम था अन्य दो 12 साल से फरार थे एवं उनके सर पर 10000 रुपये का इनाम था ।इनके खिलाफ इनके ख़िलाफ़ पुलिस थाना राजौरी गार्डन एवं रंगीला में एक नाबालिका के साथ यौन उत्पीड़न के मामले एवं राम कुमार पर पैसे के लेनदेन के लिए चाकू मारकर हत्या के प्रयास करने का उत्तम नगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज है ।
टीम ने टेम्पो ड्राइवर और सब्जी विक्रेता बनकर अंडरकवर ऑपरेशन अंजाम दिया । तकनीकी सर्वलैंस एवं लगभग 3300 किलोमीटर के फॉलोअप के बाद पुलिस को सफलता मिली । फिलहाल तीनों अपराधी हिरासत में हैं ।