
दिल्ली: एमसीडी के शिक्षा निर्देशक के एनओसी के आधार पर एमसीडी के 48 स्कूल हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील । एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट की गाइडलाइन्स को ताक पे रखकर जारी किए जा रहे हैं एनओसी । हाई कोर्ट के दिशा निर्देश अनुसार शिक्षा के लिए आवंटित जमीन को शिक्षा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है । निगम के स्कूलों की चल रही मर्जर प्रक्रिया उन्होंने आशंका जताई कहा कि इस प्रक्रिया से खाली की गई प्रॉपर्टी का इस्तेमाल कहीं आरोग्य मंदिर बनाने के लिए तो नहीं ।
उन्होंने निगम के शिक्षा विभाग की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि क्यूँ हो रहा है निगम के स्कूलों का मर्जर । निगम के इन स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर छात्र निम्न वर्ग से आते हैं । ऐसे में स्कूलों का मर्जर उन्हें शिक्षा के अधिकार से वंचित रखना है ।निगम के शिक्षा विभाग को चाहिये कि वह अपना ध्यान स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने में लगाये ताकि ज्यादा से ज़्यादा निम्न वर्ग के बच्चों तक शिक्षा का लाभ पहुँच सके ।
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दिल्ली: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में कला, कूटनीति और वैश्विक कहानियों के संगम के साथ 15वें दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) के अंतर्गत एक बेहद भव्य और विशेष 'पोस्ट-फेस्टिवल अवॉर्ड इवेंट' का सफल आयोजन किया गया।संस्कृति मंत्रालय के सहयोग और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) की विशेष साझेदारी के साथ आयोजित इस महोत्सव ने 51 देशों की 178 फिल्मों के माध्यम से विश्व सिनेमा को एक नया मंच प्रदान किया। इस भव्य समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि स्थापित सिनेमाई देशों के बीच ईरान, अल्जीरिया, बुल्गारिया और लातविया जैसे देशों की फिल्मों ने अपनी बेहतरीन कहानियों, संवेदनशील सामाजिक विषयों और उच्च तकनीकी स्तर से हर किसी को चौंका दिया और मुख्य पुरस्कारों पर अपना कब्जा जमाया।पुरस्कारों के वितरण में लघु फिल्म खंड के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अप्रत्याशित और चौंकाने वाली प्रतिभाएं सामने आईं, जिसमें प्रतिभाशाली फिल्म निर्देशक यूसुफ बेन घानेम द्वारा निर्देशित अल्जीरियाई शॉर्ट फिल्म 'दामू की' ने अपनी गहरी कहानी से सबको चौंकाया और फिल्म को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। इस सम्मान को अल्जीरिया के महामहिम राजदूत अली अचौई, प्रथम सचिव अब्देलली बुइलोटा, अताशे अब्देसेलम बेनारबा और श्रीमती अस्मा बेनारबा ने मंच पर ग्रहण किया। वहीं निर्देशक हुसैन फिरूज़ेह की बहुचर्चित कूर्दिश-फारसी फिल्म 'हैप्पी एंड' को सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला, जिसे ईरानी दूतावास के द्वितीय सचिव मिस्टर ओमिद बाबेलियन ने स्वीकार किया। इसके साथ ही हिंदी शॉर्ट फिल्म 'गैया' के लिए निर्देशक अभय कपूर के काम को सराहा गया, जिसे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के मीडिया कंट्रोलर अनुराग पुनेठा जी की गरिमामयी उपस्थिति में विशेष प्रोत्साहन मिला।
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दिल्ली: पूर्व मुख्य मंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली में बिजली की कटौती के दावे का खंडन करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने इसे 100% झूठ एवं इस संदर्भ में की गई सोशल मीडिया एक्स पोस्ट को एक छलावा बताया है। इस पोस्ट का मकसद केवल दिल्ली एवं चुनावी राज्य पंजाब की जनता को गुमराह करना है।


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मथुरा: भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं पर आधारित हिंदी फिल्म “कृष्णावतरम् पार्ट 1 – द हार्ट” ने अब केवल दर्शकों के बीच ही नहीं, बल्कि देश के प्रतिष्ठित सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक वर्गों में भी अपनी विशेष पहचान बना ली है। इसी क्रम में मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने मथुरा में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म देखी और फिल्म की टीम की खुलकर सराहना की। यह विशेष स्क्रीनिंग मथुरा के JV Cinema में आयोजित की गई थी। मथुरा, जो भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि के रूप में विश्वभर में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है, वहां इस फिल्म का प्रदर्शन अपने आप में एक भावनात्मक और विशेष अवसर बन गया। स्क्रीनिंग के दौरान हेमा मालिनी ने पूरी फिल्म देखी और फिल्म के निर्माण, उसके भव्य कैनवास और प्रस्तुति की प्रशंसा की।

दिल्ली: मुख्य निर्वाचन अधिकारी (दिल्ली) द्वारा आयोजित राजनीतिक दलों की बैठक में पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी एवं अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने भाग लिया। यह बैठक मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - S.I.R.) के संबंध में आयोजित की गई थी।पूर्व सांसद ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आश्वस्त किया कि भाजपा द्वारा नियुक्त बी.एल.ए.-2, एस.आई.आर. कार्य में निर्वाचन कार्यालय को हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे। भाजपा का मानना है कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची से सभी फर्जी मतदाताओं, मृत मतदाताओं एवं घुसपैठियों के नाम हटाए जाने चाहिए।
उन्होंने बैठक में भाजपा का पक्ष रखते हुए कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूची से सभी फर्जी मतदाताओं, मृत मतदाताओं एवं घुसपैठियों के नाम हटाए जाने जरूरी हैं ।

दिल्ली: प्रवासियों के लिए भयमुक्त सुरक्षित वातावरण देने के लिए एक एक्ट जरूरी जिसे पांडव कुमार एक्ट का नाम भी दिया जा सकता है । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया चेयरमैन अनिल भारद्वाज, महासचिव पी के मिश्रा एवं पूर्वांचल प्रकोष्ठ सुधांशु कुमार ने प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से रूबरू होकर उपरोक्त एक्ट की माँग के साथ जाफरपुर कलाँ के पांडव कुमार कांड के पीड़ित परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी एवं फास्ट ट्रेक कार्यवाही कर मृतक को न्याय की माँग की है । 15 दिन बाद भी पीड़ित परिवार किसी अगर सरकार 15 दिन में भाजपा सरकार मृतक पांडव कुमार को न्याय दिलाने, आर्थिक मदद, सरकारी नौकरी देने व सुरक्षा एक्ट बनाने पर कार्यवाही नही करेगी तो कांग्रेस के कार्यकर्ता दिल्ली भर में सड़कों पर उतर कर लोकतांत्रिक मान्यताओं के अंतर्गत आंदोलन करेंगे । जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नही मिलेगा कांग्रेस आंदोलन रुकेगा नही।
मौजूदा परिप्रेक्ष्य पर पार्टी के दिल्ली प्रदेश चेयरमैन मीडिया ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बेरोजगारी, महंगाई के कारण बढ़ते अपराधों में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, बलात्कार और अपराध, हत्या, नशा खोरी, लूट, किडनेपिंग के कारण दिल्ली अपराध में क्राइम कैपिटल बन गई है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, दूध और ब्रेड की कीमतों ने आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। महंगाई की इस मार से गरीब, मध्यम वर्ग,नौकरीपेशा और छोटे व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सिर्फ मई महीने में एक हफ़्ते के अंदर दिल्ली समेत देशभर में मदर डेयरी और अमूल ने दूध ₹2 प्रति लीटर महंगा किया। पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, दिल्ली में सीएनजी के दाम ₹2 प्रति किलो बढ़ाए गए फिर ₹1 प्रति किलो महंगी हुई जिसके बाद कीमत ₹80.09 प्रति किलो हो गई और आज मॉडर्न ब्रेड ने ब्रेड के दाम ₹5 प्रति पैकेट तक बढ़ा दिए, जिससे रोजमर्रा के खाने का खर्च और बढ़ के मूल विकास में पूर्वाचंल के लोगों ने भूमिका निभाई है उसे नकारा नही जा सकता ।
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दिल्ली सरकार का मेट्रो मंडे का पैंतरा, शासन, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण के क्षेत्र में सरकार की पूर्ण विफलता से ध्यान भटकाने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि यह कैबिनेट सहयोगियों के लिए महज एक पब्लिसिटी स्टंट और फोटो खिंचवाने का मौका मात्र है । सरकार ने दो दिनों में दो बार पेट्रोल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करने के साथ ही डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर आम लोगों पर असहनीय बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी ने उन लोगों पर असहनीय बोझ डाल दिया है, जो पहले से ही सब्जियों और जरूरी चीजों सहित हर तरफ बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि जब से रेखा गुप्ता सरकार सत्ता में आई है, लोगों ने केवल पब्लिसिटी के हथकंडे देखे हैं, कोई ऐसा रचनात्मक काम नहीं देखा जिससे आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि क्यों जनता को बेवकूफ बनाने के लिए मंत्रीगण दिन में एक ही बार मेट्रो सफर के दौरान फोटो खिचवा कर गायब हो जाते है। क्या मुख्यमंत्री यह उजागर करेंगी कि मंत्रीमंडल और शीर्ष अधिकारी कितने दिन मेट्रो में सफर करेंगे? यह सादगी दिखाना लोगों को गुमराह करने के लिए महज एक पब्लिसिटी स्टंट है, और शासन में सादगी बरतने का उनका कोई सच्चा इरादा नहीं है क्योंकि जब मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं और दिल्ली के लिए परियोजनाओं पर फैसले लेने है, तब वे मेट्रो में अपनी फोटो खिचवाने व्यस्त दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का ष्मेट्रो मंडेष् का पैंतरा, शासन, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण के क्षेत्र में सरकार की पूर्ण विफलता से ध्यान भटकाने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है।
दिल्ली में प्रतिदिन 65-71 लाख तक यात्री यात्रा करते है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में डीटीसी बसों की भारी कमी के कारण बसों में लोग बुरी तरह भरे होते है और बसों अपने गणतव्य तक पहुँचने के लिए लोगों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मेट्रो के फेरे बढ़ाने के साथ-साथ दिल्ली परिवहन निगम के अंतर्गत डीटीसी बसों की संख्या की बढ़ोतरी को कार्यान्वित करने पर काम करें।

दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला की एक बड़े बैंक घोटाले को लेकर ई.डी. की जांच के बाद गिरफ्तारी पर बोले भाजपा के दिल्ली प्रदेश वीरेन्द्र सचदेवा कहा कि इस गिरफ्तारी ने "आप" का एक नया काला चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि कहा है की यूं तो अरविंद केजरीवाल सहित "आप" नेताओं की रिश्वतखोरी की लूट अलग ही चर्चा में रही हैं पर परिवर्तन की राजनीति की ताल ठोक राजनीति में आई "आप" के नेताओं की रिश्वतखोरी के साथ ही अब उनके काला धन से जायदादें खरीदने, टैक्स चोरी के साथ ही बैंक लोन धोखाधड़ी करने का घिनौना काला चेहरा भी सामने आया है।

दिल्ली: नगर निगम के जगह-जगह खुले नालों में गिरने से लोगों की हो रही दु:खद मौतों पर भाजपा शासित एमसीडी को नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आड़े हाथ लिया । कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन सरकार की लापरवाही लगातार लोगों की जान ले रही है। एमसीडी में मेयर बदल गए, लेकिन उसका गैर-जिम्मेदार रवैया नहीं बदला। पिछले ढाई महीनों में दिल्ली में कई लोगों की मौत खुले नालों में गिरने से हो चुकी है, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी हर बार जिम्मेदारी से भागती नजर आई। एमसीडी का खुले नालों में गिरने से हुई कई लोगों की मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रोहिणी में 30 वर्षीय युवक की मौत, बुराड़ी में 2 साल की मासूम आयशा की मौत, दिलशाद गार्डन में राहुल सिंह और रोहिणी सेक्टर-32 में बिरजू सिंह की मौत हो गई। हर घटना में भाजपा ने मामले को दबाने और पल्ला झाड़ने का काम किया। आखिर कब तक दिल्लीवासी भाजपा की लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे।
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दिल्ली में हिंदी फिल्म कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम् स्पेशल स्क्रीनिंग में राजनीति, प्रशासन, कला और समाज जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने फिल्म का आनंद लिया। पूरा माहौल श्री कृष्ण भक्ति और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। प्रवेश करते ही “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्णा” के मधुर भजन वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे थे। पूरे ऑडिटोरियम को कनेर के सुंदर फूलों से सजाया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो दर्शक किसी दिव्य उत्सव का हिस्सा बन गए हों। फिल्म के कई भावुक और भक्ति से भरे दृश्यों पर दर्शकों ने तालियों और जयघोष के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।फिल्म में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभा रहे देहरादून के रहने वाले सिद्धार्थ गुप्ता ने अपने प्रभावशाली अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं सत्यभामा के किरदार में संस्कृती जयना बेहद आकर्षक और प्रभावशाली नजर आईं। फिल्म के निर्माता सज्जन राज कुरुप ने सभी मेहमानों और मीडिया से मुलाकात कर फिल्म के निर्माण के पीछे की भावना साझा की। उन्होंने ने कहा कि कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम् को देशभर से भरपूर प्यार मिल रहा है और फिल्म अब सफलतापूर्वक दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म को देखने के बाद इसकी सराहना की और इसे उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री घोषित किया, जो पूरी टीम के लिए गर्व और आशीर्वाद जैसा है।देश के कई बड़े संतों और महामंडलेश्वरों ने फिल्म के ट्रेलर को देखकर अपना आशीर्वाद दिया है, जिनमें श्री प्रेमानंद महाराज, श्री कैलाशानंद गिरि महाराज, श्री बालकानंद गिरि महाराज और श्री श्री रवि शंकर
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दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए मोदी सरकार का ट्रम्प के सामने घुटने टेकने का परिणाम बताते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज एवं पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय है ने कहा कि मोदी जी ने भारत को अमेरिका का उपनिवेश बना दिया है। इसलिए ट्रम्प भारत को रूस से सस्ता तेल नहीं लेने दे रहा है। उधर पीएम मोदी के दोस्त अडानी पर अमेरिका में केस चल रहा है। वह अपना केस खत्म कराने की एवज में अमेरिका में 95 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें 3 रुपए बढ़ी हैं, जल्द ही कुछ और वृद्धि होगी और अब यह सिलसिला चलता रहेगा। देश के आर्थिक हालात बिल्कुल अच्छे नहीं हैं। ऐस में मोदी सरकार को सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी पर सौरभ भारद्वाज ने देश के सबसे बड़े उद्योगपति गौतम अडानी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ऊपर अमेरिका में भ्रष्टाचार का एक मुकदमा हुआ है कि उन्होंने भारत में करीब दो हजार करोड़ रुपए की रिश्वत दी। रिश्वत भारत में दी गई, लेकिन मुकदमा अमेरिका ने दर्ज किया और इससे भारत सरकार परेशान हो गई। भारत सरकार ने यह नहीं कहा कि देश में रिश्वत चली है तो यहां मुकदमा चलेगा। अब अडानी अमेरिका की सरकार से कह रहे हैं कि वे वहां 10 बिलियन डॉलर यानी 95 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे, जिससे अमेरिका में 15 हजार नौकरियां लगेंगी और इसके बदले में उनके ऊपर से मुकदमा खत्म कर दिया जाए।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब आदमी से कह रहे हैं कि विदेश यात्रा मत करो और सोना मत खरीदो, ताकि भारत का पैसा और फॉरेन एक्सचेंज बाहर न जाए। वहीं, दूसरी तरफ उनके परम मित्र अडानी अपने भ्रष्टाचार के केस में अपनी जान बचाने के लिए देश का 95 हजार करोड़ रुपए डॉलर में अमेरिका भेज रहे हैं। इस पर सरकार चुप है। आज भारत लगभग अमेरिका की कॉलोनी यानी उपनिवेश बन गया है। भारत सरकार अमेरिका से पूछ रही है कि क्या वह रूस से सस्ता तेल खरीद ले, लेकिन अमेरिका ने मना कर दिया है। सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं और सस्ता तेल न मिलने के कारण देश में तेल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। अभी दाम तीन रुपए बढ़े हैं, कुछ दिनों बाद पांच रुपए बढ़ेंगे और यह सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहेगा, क्योंकि देश के आर्थिक हालात बहुत खराब हैं।
सरकार देश के सामने आर्थिक हालात की सच्चाई नहीं बताना चाहती। हाल ही का डेटा बता रहा है कि इंजीनियरिंग करने वाले 85 फीसदी बच्चों की नौकरी नहीं लगी है और एमबीए स्टूडेंट्स का भी लगभग यही हाल है। जिनके पास नौकरियां थीं, उन्हें सॉफ्टवेयर कंपनियां निकाल रही हैं। चीजें महंगी हो रही हैं, ट्रेड डेफिसिट बढ़ रहा है, इंपोर्ट बढ़ रहा है, एक्सपोर्ट घट रहा है और प्रोडक्शन हो नहीं रहा है। देश के आर्थिक हालात बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं और सरकार को यह सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
उधर, दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के कहने के बाद लोगों ने भी अपने घरों से गाड़ियां निकालना बंद कर दिया होगा या कम से कम यह सोच तो रहे होंगे कि आज अपनी गाड़ी लेकर बाहर निकलें या न निकलें। देश में पेट्रोल और डीजल का भारी संकट आ गया है। गैस का संकट तो पहले से ही था। लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे थे और होटलों में तो इसे बंद ही कर दिया गया था। यह जो पूरा संकट भारत के सामने आया है, इसके बारे में कहा जा रहा है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है, क्योंकि जब हम गैस, तेल, डीजल और पेट्रोल की खरीदारी करते हैं तो विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है। प्रधानमंत्री ने देश हित में अपील की है और निश्चित रूप से इससे बड़ी देशभक्ति और क्या हो सकती है? लेकिन क्या किसी ने कभी यह सोचने की कोशिश की है कि हमारे देश में जो पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट पैदा हुआ है, उसका असल जिम्मेदार कौन है? लोगों के मन में आ रहा होगा कि अमेरिका, इजराइल या ईरान इसके जिम्मेदार हैं, क्योंकि अगर इजराइल, ईरान और अमेरिका का युद्ध नहीं छिड़ता तो यह पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा नहीं होता।

दिल्ली: पेट्रोल की बढ़ी कीमत पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि काश टिप्पणी देने से पहले "आप" नेता थोड़ी रिसर्च कर लेते तो उन्हे मालूम पड़ जाता की भारतीय मूल्य अनुसार अमरीका के न्यूयार्क में पैट्रोल 105 रूपए लीटर तो रूस की राजधानी मास्को में 92.50 रूपए लीटर बिक रहा है । देश में पैट्रोल के दामों में हुई आंशिक वृद्धि को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं के ब्यान उन्हे हास्य का पात्र बना रहे हैं।
पैट्रोल डीजल के दामों में एक रूपये की भी वृद्धि का सामान्य नागरिकों को चुभना सवाभिक है पर वहीं दूसरी ओर देश का हर नागरिक जानता है की यह वृद्धि तेल के दामों में हो रही अंतराष्ट्रीय वृद्धि का परिणाम है जिसे भारत सरकार ने कम से कम पर रोका है। प्रदेश मीडिया प्रभारी ने किया सवाल । सौरभ भारद्वाज बतायें की भारत तेल अरब देशों से खरीदे, अमरीका से खरीदे या फिर रूस से वो सस्ता कैसे हो जायेगा। दिल्ली में आज के पेट्रोल के भाव 97.77 रुपये/ लीटर है ।

दिल्ली: यदि एक साल तक सोना नहीं खरीदा गया तो आभूषण उद्योग से जुड़े हुए 3.5 करोड़ कामगारों एवं व्यवसाइयों जिनमें स्वर्णकार, व्यापारी एवं उनसे जुड़े हुए कामगार शामिल हैं, की रोजी रोटी पर मंडरा रहा है खतरा । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सूरजेवाला ने स्वर्णकार उद्योग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जानकारी दी कि 90 फीसदी आभूषण उद्योग एमएसएमई के अंतर्गत आता है सत्ता के शीर्ष से वर्मा स्वर्णकार संघ एवं उनसे जुड़े लोगों की रोजी रोटी पर खतरे का फरमान है ।
सोने के आभूषण व जेवर भारत की सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं, सामाजिक रीति-रिवाजों का अभिन्न हिस्सा हैं तथा धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में सौभाग्य, समृद्धि और शुभता का प्रतीक हैं। भारतीय समाज में स्वर्ण आभूषण न केवल करोड़ों माताओं व बहन-बेटियों के लिए मुश्किल की घड़ी में आर्थिक सुरक्षा कवच हैं, बल्कि उल्लास, पवित्रता, उत्सव के माहौल व वैभव की पहचान भी हैं। यही नहीं, गाँव से शहर तक स्वर्ण आभूषण यानी ज्वेलरी व सुनार के व्यापार में लगे छोटे-छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों, कामगारों, दस्तकारों की रोजी-रोटी का एकमात्र धंधा भी है। देश का 90% से अधिक ज्वेलरी तथा आभूषण का काम दुकानदारों-सुनारों-MSME सेक्टर में है, जिसमें देशभर में 3.5 करोड़ (3,50,00,000) लोग जुड़े हैं।
13 मई, 2026 को एक और ‘‘ज्वेलरी उद्योग विरोधी वज्रपात’’ गिराते हुए सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी सीधे 6% से बढ़ाकर 15% कर डाली। मतलब, एक तरफ तो सोना व सोने के आभूषण न खरीदने का फरमान देकर 3.5 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर लात मारी, तो दूसरी ओर सोने की तस्करी करने वाले तस्कर माफियाओं की काली कमाई का इंतजाम भी कर दिया। भारत के कुल ‘‘सकल घरेलू उत्पाद’’ यानी जीडीपी में ज्वेलरी सेक्टर का योगदान 7% से अधिक है! वहीं देश के कुल व्यापारिक निर्यात में इस क्षेत्र के हिस्सेदारी 12% तक है और सबसे बड़ी बात कि इसमें 85% से अधिक निर्यातक (एक्सपोर्टर) MSME कैटेगरी में आते हैं!सोने के आभूषण कारोबार में गांवों से लेकर शहरों और महानगरों तक छोटे ज्वेलर्स, व्यापारी, सुनार और गलाई-पकाई-छिलाई-गढ़ाई से लेकर पॉलिश करने वाले लाखों कारीगर लगे हैं और करोड़ों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है!
Gems and jewellery सेक्टर भारत की सबसे बड़ी रोजगार देने वाली इंडस्ट्रीज में से एक है, 50 लाख से अधिक लोगों को ये सेक्टर रोजगार देता है, जबकि देश में करीब 3.5 करोड़ लोगों की नौकरी व रोजगार ज्वेलरी सेक्टर के इकोसिस्टम पर ही निर्भर है! एक साल की रोजगार बंदी में ये पूरा ज्वेलरी सेक्टर ही खत्म हो जाएगा।सरकारी आंकड़ों की ही बात करें तो जुलाई 2020 में ‘उद्यम पोर्टल’ के लॉन्च होने के बाद से 15 अगस्त 2025 तक देश भर में 75,082 रजिस्टर्ड MSMEबंद (De-registered/Shut down) हो चुके हैं! जबकि एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 से 2022-23 के दौरान असंगठित विनिर्माण क्षेत्र (अनोर्गनाइज्ड सेक्टर) के लगभग 18 लाख उद्यम बंद हुए हैं, जिससे करीब 54 लाख लोगों का रोटी-रोजगार छिन गया!
केवल 2024-25 में ही (फरवरी 2025 तक) 35,567 से अधिक MSME बंद हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में MSME की तालाबंदी में हुई बहुत अधिक वृद्धि है और इन बंद हुई यूनिट्स के कारण 3 लाख से अधिक लोगों का काम धंधा खत्म हो गया! ऐसे में सोने के आभूषण निर्माण कारोबार को ठप्प करके करोड़ों लोगों की ‘‘आजीविका का गला घोंटना’’ न केवल आर्थिक संकट और बेरोजगारी की तबाही बढ़ाना है, बल्कि भाजपा का किया क्रूर ‘‘अमानवीय अत्याचार’’ भी है! सोने की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से जुड़े स्मगलिंग बढ़ने के सीधे खतरे को ऐसे समझिए कि- वित्त वर्ष 2024-25 में सरकारी एजेंसियों ने ही करीब 3005 मामलों में लगभग 2.6 मीट्रिक टन (2,600 Kg.) से अधिक सोना जब्त किया है मगर ये सरकारी आंकड़ा तो स्मगलिंग सोने का छोटा सा हिस्सा है, ज्वेलरी सेक्टर के विशेषज्ञों की मानें तो सालाना करीब 10 से 15 मीट्रिक टन से अधिक सोने की स्मगलिंग रही है, जो अब और अधिक बढ़ने का रास्ता सत्ता में बैठी भाजपा ने खोल दिया है ! सरकार द्वारा थोपी नोटबंदी, एक्साइज ड्यूटी के काले फरमान, गलत जीएसटी और हड़बड़ी में लागू किए अनिवार्य हालमार्किंग से पहले ही ज्वेलरी सेक्टर की कमर टूट चुकी है और अब एक साल की ये ‘अघोषित तालाबंदी’ और सोने की स्मग्लिंग को बढ़ावा इस सेक्टर के लिए ‘‘डेथ वारंट’’ जैसा है ।
अगर गोल्ड इंपोर्ट कम करना ही मकसद है, तो सरकार ने देश में गोल्ड ज्वेलरी की ‘‘डिमांड सप्रेशन’’ की बजाय देश में पहले से ही मौजूद सोने को मोबिलाइज करने और ‘‘बुलियन बैंकिंग फ्रेमवर्क’’ बनाने की नीति पर काम क्यों नहीं किया? एक तरफ प्रधानमंत्री जनता को स्वर्ण आभूषण न खरीदने की सलाह दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ मोदी सरकार स्वयं सोना खरीद रही है? क्या यह सही नहीं कि मोदी सरकार व आरबीआई की सोवरेन गोल्ड होल्डिंग, जो सितंबर 2025 में 794.64 मीट्रिक टन थी, वह मार्च, 2026 में बढ़कर 880.52 मीट्रिक टन हो गई हैं? क्या यह सही नहीं कि 7 महीने में मोदी सरकार ने स्वयं 85.88 मीट्रिक टन सोना खरीदा है? तो फिर आम जनमानस पर पाबंदी क्यों?क्या अब 90% MSME व छोटे दुकानदारों में जुड़ा ज्वेलरी उद्योग भी अगले 1 साल में तालाबंदी का शिकार नहीं हो जाएगा? क्या ज्वेलरी सेक्टर का पूरा मैदान साफ कर अब इसे भी बड़े-बड़े कॉर्पोरेट मित्रों को देने की मंशा है?
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दिल्ली : सिख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी की हाल ही में आयोजित पत्रकार वार्ता में कालका एवं काहलों द्वारा लगाये गए आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए प्रबन्धन कमेटी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके ने कहा कि पंथक को गुमराह करने की हो रही है साजिश । दस्तावेजों में कुछ एक जगह उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं । समय आने पर कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे । एस एस मोटा सिंह स्कूल में नर्सरी की छात्रा के साथ छेड़-छाड़ के मामले में उन्होंने कहा कि मामले को दबाए जाने की की हो रही है कोशिश । उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट द्वारा गठित इंडिपेंडेंट पैनल द्वारा जाँच करवाये जाने की माँग की है । उनका आरोप है कि अंदरूनी तौर पर स्कूल के प्रबंधन को हस्तांतरित करने की रची जा रही है साजिश । हाल ही में प्रबंधन में जोड़े गए चार सदस्य मनीष गुप्ता, स्वाति गर्ग, अमरजीत सिंह एवं विजेंद्र कुमार अग्रवाल के तालुकात सियासतदानों से बताए जा रहे हैं । किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए प्रबंधन के 2/3 सदस्यों की सहमति जरूरी है ।
स्कूल की स्थापना 1916 में पाकिस्तान में हुई थी । जनकपुरी में इस स्कूल की स्थापना 1976 में हुई थी । आज दिल्ली में इनके पास 8 एकड़ ज़मीन है और इस स्कूल की 3 ब्रांच है ।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और जनरल सचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जी.के. द्वारा प्रधान रहते हुए गोलक के पैसे के दुरुपयोग के मामले में अदालत ने संज्ञान लेते हुए दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक मामले में पहले ही संज्ञान लेते हुए जी.के. को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें वह जमानत पर बाहर हैं, जबकि ताजा मामले में अब समन जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आखिरकार जी.के. को अपने किए कर्मों का फल भुगतना ही पड़ेगा।
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दिल्ली: जेन Z से बात करने के नाम पर आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के ब्यान को उनकी राजनीतिक हताशा एवं आराजक कार्य शैली का मिला जुला प्रमाण बताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि देश का युवा अरविंद केजरीवाल की घटिया राजनीति को भलीभांति समझता है, अरविंद केजरीवाल ने स्वंय 2010 -11 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक युवा आंदोलन दिल्ली में खड़ा किया पर मात्र 2 साल बाद उसी कांग्रेस के साथ मिलकर 2013 में दिल्ली में सरकार बना ली। 2015 में पुनः युवाओं एवं सामान्य गरीबों को बड़े बड़े सपने दिखा कर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सत्ता हासिल की और फिर अगले 10 साल दिल्ली में अकूट भ्रष्टाचार फैला कर युवाओं के साथ हर वर्ग के लोगों को निराश किया। यही सब अरविंद केजरीवाल की पार्टी की पंजाब सरकार ने भी करके पंजाब के युवाओं एवं महिलाओं को निराश किया है।
केजरीवाल युवाओं को गुमराह करने के लिए कह रहे हैं की राजस्थान में "नीट" का पेपर लीक हुआ तो वहां की भाजपा सरकार जिम्मेदार है, मैं केजरीवाल से पूछता हूं की पेपर लीक को पकड़ा राजस्थान के स्थानिय पुलिस प्रशासन ने तो फिर सरकार कैसे दोषी हुई ? यह राजस्थान सरकार की उपलब्धि है की उसने नकल माफिया का भांडा फोड़ा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा की अरविंद केजरीवाल यह एहसास करें की उनकी 10 साल से अधिक के दिल्ली सरकार एवं 4 साल से अधिक के पंजाब सरकार के भ्रष्टाचार को देख चुका देश का युवा यानि जेन Z अब उनके किसी छलावे में नही आयेगा। अंतर्राष्ट्रीय मसलों में ब्यान देकर अरविंद केजरीवाल पहले भी देश को शर्मसार कर चुकें हैं, खुद को हास्य का पात्र बना चुके हैं, उनके लिए उचित होगा की वह खुद को अंतर्राष्ट्रीय मसलों से अलग रखें और रूस एवं अमरीका को लेकर ब्यानबाज़ी ना करें।
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दिल्ली: बाहरी दिल्ली जिले के पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान में भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कार्यकर्ता संभाल एवं दायित्वबोध विषय सत्र को सम्बोधित किया और कहा की कार्यकर्ता संगठन की अमूल्य पूंजी है। भाजपा संगठन एवं नेतृत्व हमेशा अपनी कार्यकर्ता रूपी अमूल्य पूंजी को धरोहर की तरह मानते हैं क्योंकि हमारे कार्यकर्ताओं का समर्पण ही हमे सभी अन्य दलों से अलग एवं श्रेष्ठ बनाता है।
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नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा राजधानी दिल्ली में अपराधों पर 2024 की जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह रिपोर्ट पर तो एक वर्ष पहले तक की है, जबकि आज राजधानी में अपराध के हालात कहीं गंभीर हो चुके है, रक्षक पुलिस भक्षक बनकर खुलेआम गोली मारकर हत्या कर रही है। बढ़ते अपराधों पर केन्द्रीय गृहमंत्री की निष्क्रियता और प्रभावहीन कार्यशैली के कारण संगीन अपराधों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर है और वर्ष 2024 में यहां 2.70 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जबकि दिल्ली में अपराधिक आरोप पत्र दर्ज दाखिल करने की दर सबसे कम है। रिपोर्ट में राजधानी के महिलाओं के प्रति अपराधिक आंकडे़ दिल दहलाने वाले है जिनमें दहेज के लिए 109 मौते, बलात्कार के 1058 मामले, घरेलू क्रूरता के 4646 मामले अपहरण के 3974 मामले और यौन उत्पीड़न के 316 मामले दर्ज हुए। प्रति 1 लाख की जनसंख्या पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 176.8 रही। उन्होंने कहा कि दहेज के लिए हत्याओं को आंकड़ा 2023 में 114 और 2022 में 129 महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया गया।
पुलिस की गिरती साख का भी खुलासा किया है, कि दिल्ली पुलिस न्याय दिलाने में में कितनी निष्क्रिय है, जिस पर उच्च पुलिस अधिकारियों को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। दिल्ली में प्रति लाख जनसंख्या पर संगीन अपराधों की दर 1688 है, जो देश के सभी महानगरों में सबसे अधिक है। राजधानी में 2024 में 2,75,402 संगीन अपराधिक मामले दर्ज किए गए, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में मामलों पर दिल्ली पुलिस सिर्फ 31.9 प्रतिशत के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किए, जो सभी महानगरों में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज ही नही करेगी, तो दिल्ली के लोगों को कैसे न्याय दिलाएगी। पुलिस की निरसता और लचीले या पक्षपात की नीति के कारण ही शायद दिल्ली में अपराधियों के हौसले बुलंद है और राजधानी अपराध में भी नम्बर वन बन चुकी है।
राजधानी में जहां हत्या, रेप, दहेज हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध, लूट, आर्थिक अपराध, साईबर क्राईम, नशे का कारोबार जैसे अनेक अपराध वर्ष दर वर्ष बढ़ रहे है, वहीं आईपीसी और बीएनएस के तहत न्याय के लिए 2024 में 4,34,981 मामले लंबित थे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में अदालतों में केवल 50,305 मामलों का ट्रायल पूरा होने के बाद 88.3 प्रतिशत मामले अब भी अटके हुए है। ट्रायल पूरा हुए मामलों में अभियोजन की सफलता में सजा मिलने की दर 74.1 प्रतिशत दर्ज की गई जिसमें हत्या के मामलों में सजा 62.5 प्रतिशत। रेप के मामलों में सजा की दर 24.1 प्रतिशत और यौन उत्पीड़न के मामलों में चैकाने वाला है कि सजा किसी को नही दी गई, यह चिंताजनक है। आर्थिक् अपराधों के 25532 लंबित मामलों में सिर्फ 4524 मामलों की सुनवाई हुई जिनमें सजा दर 27.3 प्रतिशत दर्ज हुई और साईबर मामलों 1,152 मामलों में से सिर्फ 52 मामलों का ट्रायल हुआ।