
दिल्ली: दिल्ली सरकार एवं एमसीडी में भाजपा के सत्ता में आने के बाद हादसे, अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने निशाना साधते हुए कहा कि सत्य निकेतन से लेकर अवैध PG निर्माण तक, नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं और दिल्लीवासियों की जान जोखिम में है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में एक तरफ स्कूल मर्ज/बंद किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ स्कूलों की जमीन के इस्तेमाल पर नए-नए प्रस्ताव, आखिर ये कैसा विकास हैं?
उन्होंने दिल्ली सरकार एवं एमसीडी की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि सरकार बताए, दिल्ली में नियम चलते हैं या फिर नेताओं की सेटिंग?

दिल्ली: चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर हुए सनसनीखेज खुलासों का हवाला देते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी के कानून, मानवाधिकार एवं आरटीआई विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक सेकेंड के लिए भी अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अपने दोनों सहयोगी चुनाव आयुक्तों की असहमति को नजरअंदाज करने का हवाला देकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग जैसी देश की प्रमुख संवैधानिक संस्था को तानाशाही एवं एकाधिकारवादी तरीके से चलाकर हाईजैक करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि यह लोकतंत्र और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है तथा भाजपा की 'साम-दाम-दंड-भेद' से चुनाव जीतने की सनक को दर्शाता है । डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि चुनाव आयोग को वन मैन शो की तरह चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां एक बुलडोजर मोदी सरकार द्वारा बाहर चलाया जा रहा है, वहीं दूसरा बुलडोजर मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा चुनाव आयोग के भीतर अपने ही साथी चुनाव आयुक्तों को दरकिनार करके चलाया जा रहा है। उन्होंने तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या का कार्यालय खोल रखा है।
उन्होंने खुलासों का हवाला देते हुए बताया गया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं पर 14 बार लिखित असहमति दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई आपत्तियों को पूरी तरह नजरअंदाज किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने ऐसा कर सुप्रीम कोर्ट के 1995 के फैसले की अवहेलना की। उन्होंने सवाल किया कि क्या ज्ञानेश कुमार की नजरों में बाकी चुनाव आयुक्त डमी हैं? नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म-छह में बदलाव किए गए। इसमें नए आवेदकों से उनके माता-पिता या दादा-दादी के पुराने एसआईआर में शामिल होने का ब्योरा मांगा जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 में सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने लिखित रूप से इस बदलाव को ‘अनधिकृत एवं गैरकानूनी' करार दिया, क्योंकि नियमों के अनुसार इस फॉर्म को बदलने का अधिकार केवल सरकार के पास है। मई 2026 में दोनों आयुक्तों ने आपत्ति जताई कि जमीनी स्तर पर वोटर लिस्ट के प्रभारी अधिकारियों यानी इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स को चुनाव आयोग के अपने आईटी पोर्टल का पूरा एक्सेस नहीं दिया जा रहा है और आईटी प्रमुख के माध्यम से इसे प्रतिबंधित किया जा रहा है। अगस्त 2026 में संधू ने लिखित सवाल पूछा कि पश्चिम बंगाल में लगभग 16 लाख मामलों में चुनाव आयोग की ओर से अपील दायर करने की अनुमति किसने दी। डॉ. सिंघवी ने मांग की कि पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए दोनों चुनाव आयुक्तों की असहमति संबंधी सभी टिप्पणियां देश के सामने सार्वजनिक की जाएं।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 1995 के एक ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त कोई सर्वोच्च अधिकारी नहीं, बल्कि समकक्षों में प्रथम हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि चुनाव आयोग बहुमत से निर्णय लेने वाली संस्था है और फैसले लेने की प्रक्रिया में हर चुनाव आयुक्त को अपनी बात कहने का हक देना चाहिए। आंकड़ों का जिक्र करते हुए डॉ. सिंघवी ने देशभर में चल रही एसआईआर प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देशभर में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, और यह संख्या 15 करोड़ तक पहुंच सकती है। एसआईआर के पहले और दूसरे चरण में 7.8 करोड़ मतदाताओं (13%) के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। वर्तमान में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे तीसरे चरण में 36 करोड़ मतदाताओं में से अब तक 6.18 करोड़ नाम हटाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, 5.43 करोड़ मतदाताओं को संदिग्ध बताते हुए उन्हें अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने का नोटिस दिया गया है। इस प्रकार के कठोर नियमों का सबसे बड़ा नुकसान समाज के वंचित, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भुगतना पड़ता है, जिनके पास दस्तावेज जुटाने या अदालतों के चक्कर लगाने के संसाधन नहीं होते।

दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन ने दिल्ली के 7 वरिष्ठ नेताओं को देश के अलग अलग राज्यों में संगठनात्मक प्रभारी अथवा सह प्रभारी का दायित्व सौंपा। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जो कि केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं ने जानकारी देते हुए कहा है कि यह हमारे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं एवं नेताओं के संगठनात्मक कौशल का परिणाम है कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने दिल्ली जैसे छोटे राज्य से 7 नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर दायित्व दिया है। अंडमान एंड निकोबार का प्रभारी जय प्रकाश जेपी, लद्दाख का प्रभारी राजकुमार भाटिया, गुजरात का सह- प्रभारी अजय महावर, महाराष्ट्र की सह-प्रभारी कमलजीत सहरावत,पंजाब का सह-प्रभारी वीरेन्द्र सचदेवा, राजस्थान के सह-प्रभारी कुलजीत चहल और उत्तराखंड की सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज नियुक्त किए गए हैं ।

दिल्ली: एसआईआर प्रक्रिया में जहां पूरी पारदर्शिता, बिना भेदभाव और संविधान के अंतर्गत होनी चाहिए थी, एक भारत में, एक कानून और बराबर का हक मिलना चाहिए था, वहां चुनाव आयोग ने देश विशेष कर दिल्ली को दो वर्गों में बांट दिया हैं। पहले वर्ग में वीआईपी लोगों के नाम है और दूसरे वर्ग झुग्गी झौपड़ी, अनाधिकृत कॉलोनी के आम लोग हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर प्रक्रिया विसंगतियों को पूरा करने के लिए वीआईपी लोग जैसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित बड़े लोगों की विसंगतियों को तो एसडीएम और अधिकारी उनके घर जाकर पूरा कर है लेकिन आम 31.6 लाख लोगों को विसंगतियों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। विसंगतियों में वीआईपी का नाम डालकर चुनाव आयोग ने सिर्फ अपनी नाकामियों को छिपाया है।
एसआईआर प्रक्रिया शुरु होने से पहले भाजपा के छोटे-बड़े नेताओं ने तर्क दिया था कि एसआईआर देश के लिए जरुरी है। इससे बंग्लादेशी, रोहिंग्या जो गैर कानूनी रुप से रह रहे हैं उनकी पहचान करके देश से बाहर भेजेंगे। मैं चुनाव आयोग से पूछना चाहता हूँ कि बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया में 19 करोड़ काटे गए नामांे में से कितने लोगों को केन्द्र सरकार ने देश से बाहर किया है। दिल्ली में 1.45 करोड़ मतदाताओं एसआईआर प्रक्रिया में 47.6 लाख लोगों का नाम काट दिया गया और उनमें से 31.6 लाख लोगों को विसंगतियां होने का नोटिस दिया गया है। माता पिता की उम्र में अंतर, नाम की स्पेलिंग में गलत लिखावट, पता में अंतर आदि जो कम्प्यूटरकृत शैली के दोष है, जिन्हें कारण बनाकर चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह चिंताजनक है कि 31.6 लाख लोगांे में 70 प्रतिशत लोग अनाधिकृत काॅलोनियों, जे.जे. कलस्टर और सरकार द्वारा ध्वस्त किए गए जेजे कलस्टर के है, जिनके पास एन्यूमरेशन फार्म पहुॅचा ही नही। 30 सितम्बर तक विसंगतियों को पूरा करने का समय दिया गया है जो बहुत ही कम है, इसे बढ़ाकर 30 नवम्बर, 2026 किया जाना चाहिए, क्योंकि यह वो लोग है जो अपनी रोजी रोटी के लिए सुबह निकलते है शाम को आते है, कैसे चुनाव आयोग द्वारा मांगे गए 12 दस्तावेजों को इतनी जल्दी पेश कर सकते है। चुनाव ऐसे लोगों को फार्म 6 भरने के लिए बाधित करके उन्हें नए सिरे से वोटर बना रहा है जिसके यह हवाला मांग रहा है कि वह पहली बार वोटर आवेदन कर रहे है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने समाज के एक वर्ग जिसे वोटर पहचान पत्र की जरुरत है उसे एसआईआर प्रक्रिया में लगभग आधी आबादी को मतदाता सूची से बाहर कर दिया है। गरीब आदमी जिसके लिए वोटर कार्ड पहचान, रहने का प्रमाण, कि कितने वर्ष से रह रहा है। चुनाव आयोग ने दिल्ली के 47.6 लाख लोगों का नाम काट उन्हें उनके अधिकार से वंचित करने की साजिश की है। जबकि संविधान मंे प्रत्येक नागरिक का चुनाव आयोग में नाम दर्ज करने का प्रावधान है। भाजपा ने सत्ता में आते ही जेजे कलस्टर को तोड़ना शुरु किया और उन्हें एक सोची समझी साजिश के तहत दिल्ली की वोटर लिस्ट से हटाने का काम किया है। उन्होंने उदाहरण स्वरुप बताया कि सिविल लाईन्स के बूथ 33 नम्बर बेला रोड़ की झुग्गी उजाड़ने के बाद सिर्फ 1 वोट बचा है जहां 728 वोट थे।
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया में लोगों के नाम काटने के बाद दलितों, पिछड़ो, गरीबों और मजदूर वर्ग की आवाज उठाते हुए चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया का आॅडिट कराने की मांग की है कि मौजूदा मतदाता सूची में नाम होने के बावजूद 47.6 लाख लोगों के नाम कैसे काटे गए? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देशानुसार जिस बूथ पर 2 प्रतिशत से अधिक विसंगतियां है उनको ईआरओ सत्यापित करके त्रुटियों को सही करेंगे। 14947 बूथों में से 99.66 प्रतिशत 14896 बूथों पर 2 प्रतिशत से अधिक विसंगतियां है, जबकि दिल्ली भर में सिर्फ 1200 ईआरओ है। क्या पूरी दिल्ली में 14896 बूथों पर 31.6 लाख नागरिकों की विसंगतियों को ईआरओ व्यक्तिगत रुप से 30 तारीख तक सत्यापित करके सही कर सकते है?
एसआईआर प्रक्रिया से पहले हमारे बीएलए-2 सभी 13021 बूथों पर दिल्ली के लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे थे, लेकिन पूरी एसआईआर प्रक्रिया में चुनाव आयोग ने हमारे बीएलए-2 और बूथ मेनेजमेंट कमेटी की आपत्तियों को नकार कर दिल्ली में 47.6 लाख लोगों के नाम काट दिए, जबकि यह 30-40 वर्षों से राजधानी में रह रहे है। उन्होंने कहा कि भारत के हर नागरिक को मतदाता बनने का अधिकार है, जिसे भाजपा एक साजिश के तहत छीन रही है। देश भर में अब हुई एसआईआर प्रक्रिया में भाजपा सरकार ने 19 करोड़ लोगों के नाम काट कर उनका मताधिकार छीन लिया है।
काजी निजामुद्दीन ने कहा कि भाजपा द्वारा चुनाव जीतने की साजिश के तहत शुरु की गई एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह राजनीतिक नरसंहार है।

असम के नौगांव लोकसभा उपचुनाव में प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं के काफिले पर जानलेवा हमले की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं नें कहा कि भाजपा हार के डर से विपक्षी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को डराने-धमकाने की सुनियोजित कोशिश कर रही है। पार्टी ने विपक्षी नेताओं के साथ लगातार देशभर में हो रही ऐसी हिंसक घटनाओं को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
बता दें कि सोमवार को नौगांव के समागुरी क्षेत्र में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर नकाबपोश हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था। इन हमलावरों ने पहले काले झंडे दिखाए, फिर पथराव किया और हॉकी स्टिक, क्रिकेट बैट तथा लोहे की छड़ों से हमला किया। काफिले में पार्टी के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल, गौरव गोगोई, धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन, विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजिद अली चौधरी, पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज चौहान, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर, प्रत्याशी सिबामोनी मोरा और कई विधायक शामिल थे। कुछ कांग्रेस नेताओं की गाड़ियों पर एसिड भी फेंका गया था। इस दौरान पत्रकारों पर भी हमला किया गया, ताकि घटना की रिपोर्टिंग न हो। हमले के विरोध में पत्रकारों को दो घंटे तक सड़क पर धरना देना पड़ा। पार्टी नेता मनोज चौहान की पसलियों में चोट आई और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
इस हमले को लेकर कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी के जम्मू-कश्मीर के प्रभारी महासचिव एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नासीर हुसैन ने चुनाव आयोग से मांग की कि संबंधित डीसी और एसपी से रिपोर्ट तलब की जाए। जिम्मेदार अधिकारियों का तबादला और निलंबन हो। मामले की स्वतंत्र जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने साथ ही एफआईआर और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा चुनाव तक प्रत्याशियों, विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
डॉ. नासीर हुसैन ने कहा कि जब भाजपा को चुनाव में हार का डर सताता है, तब वह हिंसा का सहारा लेती है। उन्होंने इस तरह की घटनाओं को वोट चोरी का एक रूप बताते हुए चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि घटना से एक दिन पहले इसी तरह की धमकियों के मद्देनजर हमले की आशंका को लेकर पार्टी नेताओं ने पुलिस और चुनाव आयोग को शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डॉ. नासीर हुसैन ने जोर देकर कहा कि यह केवल कांग्रेस नेताओं पर हमला नहीं, बल्कि मतदाताओं को भी डराने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहले भी हुआ है और यह विपक्ष के नेतृत्व पर हमला करने का एक पैटर्न है। ऐसी घटनाओं के बाद डर से लोग वोट डालने बाहर नहीं निकलते और वोटिंग प्रतिशत गिरता है, जिसका सीधा फायदा सत्ता पक्ष को मिलता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग निष्पक्ष एवं स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित कर रहा है और पूछा कि कांग्रेस पार्टी द्वारा पहले से हमले की आशंका जताने के बावजूद भीड़ को नियंत्रित क्यों नहीं किया गया? मौके पर मौजूद केंद्रीय एजेंसियां हमलावरों को रोकने की बजाए पत्रकारों पर हमला क्यों कर रही थीं? चुनाव आयोग ने मामले में अब तक किसी के ऊपर कार्रवाई की है या नहीं? विपक्षी नेताओं को छोटी सी बात पर भी नोटिस भेज दिया जाता है, लेकिन दंगाइयों के खिलाफ चुनाव आयोग कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता?
कांग्रेस महासचिव ने विपक्षी नेताओं पर हुए पिछले हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि देशभर में ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जनवरी 2024 में 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान असम में राहुल गांधी और जयराम रमेश के वाहनों पर हमला हुआ था। 13 नवंबर 2024 को समागुरी उपचुनाव और 20 फरवरी 2025 को रुपाहीहाट में रकीबुल हुसैन के काफिले पर हमला हुआ था। 30 मार्च 2026 को नादुआर में कांग्रेस प्रत्याशी सुनील कुमार छेत्री पर हमला हुआ था, जिसमें वे घायल भी हुए थे। डॉ. हुसैन ने कहा कि सिर्फ असम ही नहीं, उत्तर प्रदेश में भी 18 सितंबर 2026 को सांसद लक्ष्मीकांत निषाद और पश्चिम बंगाल में महुआ मोइत्रा पर हमला हुआ। त्रिपुरा में साल दर साल कांग्रेस नेताओं पर हमले हुए हैं। हाल ही में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को नामांकन वापस लेना पड़ा और कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को पुराने केस में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने नकाबपोश हमलावरों के जेएनयू, शाहीन बाग और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की घटनाओं में शामिल होने का उल्लेख भी किया।

देश की राजधानी दिल्ली में देशभक्ति, शौर्य, बलिदान और नारी शक्ति को समर्पित विशेष संगीतमय कार्यक्रम “सिंदूर से शौर्य तक” का भव्य आयोजन 26 सितंबर 2026 को किया जाएगा। मुंबई स्थित आयोजन संस्था बॉली बोनांज़ा, जिसकी स्थापना प्रियंका चौहान और पंकज सैनी ने की है, इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली में राष्ट्रीय सैनिक संस्था के सहयोग से कर रही है।
इस भव्य कार्यक्रम आयोजन 26 सितंबर 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, मावलंकर सभागार, रफी मार्ग, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का निर्देशन शशिकला कौशिक द्वारा किया जा रहा है।
“सिंदूर से शौर्य तक” एक विशेष संगीतमय देशभक्ति कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करना, उनकी वीरगाथाओं को जन-जन तक पहुंचाना तथा उनके परिवारों के प्रति देश की कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करना है। कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम से परिचित कराने का भी प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण “नारी उपलब्धि सम्मान” होगा। इसके अंतर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, उद्यमिता, कला, संस्कृति, खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अपने संघर्ष, प्रतिभा, मेहनत और समर्पण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली महिलाओं को पहचान और सम्मान प्रदान करना है।
आयोजक प्रियंका चौहान ने कहा कि “सिंदूर से शौर्य तक” केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वीरता, बलिदान और नारी शक्ति को समर्पित एक भावनात्मक पहल है। देश के वीर जवान सीमाओं पर अपने अदम्य साहस से राष्ट्र की रक्षा करते हैं, वहीं महिलाएं समाज के प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, संघर्ष और नेतृत्व से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। इन दोनों प्रेरणादायी शक्तियों को एक मंच पर सम्मानित करना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
आयोजक पंकज सैनी ने कहा कि कार्यक्रम में संगीत, कला और विशेष प्रस्तुतियों के माध्यम से देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ उन महिलाओं का सम्मान किया जाएगा, जिन्होंने अपने कार्यों और उपलब्धियों से समाज तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि वीर शहीदों की गाथाएं और महिलाओं की उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
दिल्ली:इस विशेष शाम को और यादगार बनाने के लिए मुंबई से आने वाले प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। दीपशिखा नागपाल, प्रसिद्ध हास्य कलाकार वी.आई.पी. पवार तथा लोकप्रिय गायक अरविंदर सिंह अपनी विशेष प्रस्तुतियों से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। देशभक्ति से ओत-प्रोत संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और मनोरंजन कार्यक्रम दर्शकों को एक विशेष अनुभव प्रदान करेंगे।
कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति भी रहेगी। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। वहीं राष्ट्रीय सैनिक संस्था के अध्यक्ष एवं वीर चक्र से सम्मानित कर्नल टी. पी. त्यागी भी कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
आयोजन के दौरान वीर शहीदों के सम्मान, उनके परिवारों के प्रति कृतज्ञता और नारी शक्ति के योगदान को विशेष स्थान दिया जाएगा। इस अवसर पर सामाजिक क्षेत्र, उद्योग जगत, कला एवं संस्कृति से जुड़े व्यक्तित्व, समाजसेवी, कलाकार, मीडिया प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहेंगे।
“सिंदूर से शौर्य तक” के माध्यम से बॉली बोनांज़ा का प्रयास है कि देश के वीर शहीदों के बलिदान को उचित सम्मान मिले, उनकी शौर्यगाथाएं नई पीढ़ी तक पहुंचें और समाज एवं राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिलाओं को एक प्रतिष्ठित मंच पर पहचान एवं सम्मान प्राप्त हो।
आयोजकों ने सभी देशवासियों से इस विशेष देशभक्ति कार्यक्रम का हिस्सा बनने और वीर शहीदों के सम्मान, राष्ट्रप्रेम तथा नारी शक्ति के इस उत्सव में शामिल होने की अपील की है।
.jpeg)
दिल्ली: सुपरनैचुरल फैंटेसी फिल्म ‘वन’ का बहुप्रतीक्षित ठुमका गाना लॉन्च होते ही चर्चा का विषय बन गया है। भारतीय फोकलोर, रहस्य और अलौकिक शक्तियों के अनोखे संगम को पेश करती यह फिल्म दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जिसे पहले कभी इस अंदाज़ में नहीं देखा गया। होटल ली मेरिडियन में फिल्म की स्टारकास्ट सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया निर्देशक दीपक मिश्रा और लेखक-अर्णव कुमार ने मीडिया से रूबरू होकर फ़िल्म की बारीकियों के की जानकारी दी ।इवेंट के दौरान फिल्म का नया गाना “ठुमक ठुमक” भी लॉन्च किया गया, जिसे मीडिया और उपस्थित मेहमानों ने बेहद पसंद किया। फिल्म ‘वन’ हमें उस रहस्यमयी दुनिया की झलक दिखाता है, जहां सदियों पुरानी मान्यताएं और सुपरनैचुरल शक्तियां आपस में टकराती हैं। यह फिल्म पारंपरिक हॉरर या पौराणिक प्रस्तुति से हटकर भारतीय लोककथाओं को एक नए और मॉडर्न सिनेमाई रूप में पेश करती है।फिल्म में पहली बार साथ नजर आ रही सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की जोड़ी एक मजबूत इमोशनल कनेक्शन के साथ कहानी को आगे बढ़ाती है। ट्रेलर में रहस्यमयी जंगल, छिपे हुए राज, दमदार एक्शन, रोमांच और शानदार विजुअल्स देखने को मिलते हैं, जो इसे एक ग्रैंड सिनेमैटिक अनुभव बनाते हैं।
‘वन’ को बालाजी मोशन पिक्चर्स, बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड टीवीएफ और 11.11 प्रोडक्शन के साथ मिलकर प्रस्तुत किया गया है। फिल्म की कहानी अरुणाभ कुमार ने लिखी है, जबकि निर्देशन दीपक मिश्रा ने किया है। शोभा कपूर, एकता आर कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने किया है। भारतीय सिनेमा में फोकलोर और फैंटेसी को इस तरह बड़े पैमाने पर प्रस्तुत करने की कोशिश कम ही देखने को मिली है। ‘वन’ इसी कमी को पूरा करने का प्रयास करती है, जहां रहस्य, रोमांच, एक्शन, हास्य और रोमांस का संतुलित मिश्रण दर्शकों को एक नए सिनेमाई अनुभव से जोड़ता है। फिल्म 25 सितंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसे खास तौर पर बड़े पर्दे के अनुभव के लिए तैयार किया गया है। ‘वन’ दर्शकों को एक अनदेखी, रहस्यमयी और रोमांचक दुनिया की यात्रा पर ले जाने का वादा करती है।
.jpeg)
दिल्ली: देश की प्रख्यात लव कुश रामलीला कमेटी का भूमि पूजन समारोह भव्य रूप से लालकिला मैदान में संपन्न हुआ। लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि इस वर्ष का भव्य रामलीला मंचन 11 से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगा तथा दशहरा पर्व 20 अक्टूबर 2026 को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। भूमि पूजन कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद प्रवीण खंडेलवाल, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, लव कुश रामलीला के अध्यक्ष अर्जुन कुमार के साथ वृंदावन, मथुरा और दिल्ली के विद्वान ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ पूजा-अर्चना सम्पन्न की गई।
मौके पर सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने अपने संबोधन में कहा—“लव कुश रामलीला कमेटी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखे हुए है। यह न केवल प्रभु श्रीराम की लीला करती है बल्कि अनेक सामाजिक, धार्मिक कार्य में सलंग्न रहती हैं । घर-घर राम, घर-घर तुलसी अभियान के तहत 5100 जेन जी को तुलसी के पौधे वितरित किए जाएंगे, दशहरा पर्व के अवसर पर एक लाख दीपों से प्रभु श्री राम का चित्र बनाया जाएगा, इस वर्ष रामलीला हाईटेक डिजिटल मंचन के साथ होगी। लगभग 100 देशी-विदेशी टीवी चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) किया जाएगा। इस बार बॉलीवुड के लगभग 40 फिल्म कलाकार मंचन करेंगे।
मौके पर सुश्री बांसुरी स्वराज सांसद, योगेंद्र चंदोलिया सांसद, प्रवीण खंडेलवाल सांसद, रामवीर सिंह बिधूड़ी सांसद, अशोक गोयल देवरहा विधायक, अनिल शर्मा विधायक, विशेष रवि विधायक, रामनिवास गोयल पूर्व विधान सभा अध्यक्ष दिल्ली, वीरेंद्र सचदेवा पूर्व अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश, एम. एस .बिट्टा अध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी विरोधी मोर्चा, अरविंद गर्ग जिला अध्यक्ष चांदनी चौक, सुश्री मोनिका पंत उप महापौर, दिल्ली नगर निगम, सुश्री सत्या शर्मा अध्यक्ष स्टैंडिंग कमेटी दिल्ली नगर निगम, श्रीमती उषा शर्मा अध्यक्ष,सिटी एसपी जोन, सुमन गुप्ता निगम पार्षद, विकास टांक, निगम पार्षद, पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज, पूर्व विधायक पहलाद सिंह साहनी, पूर्व महापौर जयप्रकाश जेपी, पूर्व निगम पार्षद रघुवंश सिंगल, पूर्व निगम पार्षद गुरचरण सिंह राजू, पुलिस अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भूमि पूजन समारोह में कमेटी के पदाधिकारी सत्यभूषण जैन, श्री संदीप भूटानी, अंकुर गोयल, राजकुमार गुप्ता, गौरव सूरी, लोकेश बंसल, राजेश वर्मा, अनिल गुप्ता, अशोक कटारिया विशाल गुप्ता, राजकुमार कश्यप, संजय वर्मा, मदन अग्रवाल, प्रवीण सिंघल, वीरू सिंधी अतुल गुप्ता, मुकुल गुप्ता, संजय जैन, प्रशांत मलिक, दीनानाथ सोनकर, सुनील कुमार, निशांत गुप्ता, राजा पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दिल्ली: श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के छात्र संघ चुनावों में ‘एसओआई’ (SOI) की शानदार जीत ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मौजूदा प्रबंधकों हरमीत सिंह कालका और मनजिंदर सिंह सिरसा की कथित मनमानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली अकाली दल के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इस जीत को दिल्ली की युवा पीढ़ी द्वारा कालका-सिरसा के खिलाफ दिया गया बड़ा जनादेश करार दिया।
सरना ने आरोप लगाया कि कमेटी पर काबिज धड़े ने धार्मिक संस्थानों और शैक्षणिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हितों के लिए किया तथा कमेटी को कथित वित्तीय अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी की स्थिति में पहुंचा दिया। उनके अनुसार, युवाओं ने अपने मत के माध्यम से इन कथित धांधलियों और मनमानी के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोधियों को निशाना बनाने के लिए धार्मिक पहचान का मुद्दा उठाया गया। सरना के अनुसार, उम्मीदवार अश्मीत सिंह की धार्मिक पहचान को लेकर सवाल उठाए गए थे, जबकि श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय द्वारा उन्हें सच्चे-सूरती के रूप में प्रमाणित किए जाने के बाद इन आरोपों पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि छात्रों ने चुनाव में सभी सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट संदेश दिया है कि कोई भी व्यक्ति श्री अकाल तख्त साहिब के समानांतर अधिकार का दावा नहीं कर सकता।
सरना ने कमेटी के खजाने में कथित वित्तीय हेराफेरी और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि यदि प्रबंधकों के पास कोई छिपाने वाली बात नहीं है तो डेलॉयट की कथित रूप से गोपनीय रखी गई ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और वर्ष 2002 से अब तक कमेटी के खातों का स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ऑडिट करवाया जाए।
उन्होंने कहा कि युवाओं ने बैलेट बॉक्स के माध्यम से अपना फैसला सुना दिया है और अब दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी तथा उसकी संस्थाओं के कामकाज को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब प्रबंधकों को देना चाहिए।
शिरोमणि अकाली दल दिल्ली इकाई के कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरदार मनजीत सिंह जीके, महेंद्र सिंह, तेजिंदर सिंह गोपा, सतनाम सिंह खीवा, परमजीत सिंह राणा, कुलदीप सिंह भोगल, रविंदर सिंह, यूथ विंग के रमणदीप सिंह सोनू तथा एसओआई के विजयी छात्र उपस्थित रहे।

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पीवीआर चाणक्यपुरी में 16 सितंबर को क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘दायरा’ की प्रेस कॉन्फ्रेंस सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान अभिनेता पृथ्वीराज सुकुमारनऔर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मेघना गुलजार मौजूद रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान करीना कपूर खान ने फिल्म में अपने पुलिस अधिकारी डीसीपी अजूनी कोहली के किरदार को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि ‘दायरा’ में उनका रोल महिला पुलिस अधिकारियों से जुड़े पुराने स्टीरियोटाइप को तोड़ता है।
करीना ने कहा कि आमतौर पर फिल्मों में महिला पुलिस को एक सख्त, मर्दाना अंदाज़ में दिखाया जाता है—एक खास चाल-ढाल, रफ टफ व्यक्तित्व और एक्शन पर जोर। लेकिन ‘दायरा’ में उनका किरदार इससे बिल्कुल अलग है।
उन्होंने बताया, “मेघना गुलजार शुरू से ही स्पष्ट थीं कि वह फिल्म में एक महिला पुलिस अधिकारी को केंद्र में रखना चाहती हैं। अजूनी कोहली एक ऐसी महिला है जो अपनी फेमिनिन पहचान को बनाए रखते हुए बेहद सख्ती और संवेदनशीलता के साथ अपना काम करती है। वह लिपस्टिक लगाती है, मुस्कुराती है, लेकिन अपने फैसलों में पूरी तरह दृढ़ है।”
फिल्म ‘दायरा’ कई सच्ची घटनाओं से प्रेरित एक पुलिस प्रोसीजरल ड्रामा है, जो न्याय के दो अलग-अलग नजरियों को दिखाती है। कहानी में एक गैंगरेप और मर्डर केस की जांच के दौरान दो अधिकारियों—डीसीपी अजूनी कोहली (करीना कपूर) और डीसीपी रमन कुमार (पृथ्वीराज सुकुमारन)—के दृष्टिकोण सामने आते हैं।
निर्देशक मेघना गुलजार, जो इससे पहले ‘तलवार’ और ‘छपाक’ जैसी संवेदनशील विषयों पर आधारित फिल्में बना चुकी हैं, इस फिल्म के जरिए एक बार फिर सिस्टम, जिम्मेदारी और समाज की सोच पर सवाल उठाती नजर आती हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद मीडिया ने फिल्म की कहानी, किरदारों और विषय की गंभीरता को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका कलाकारों और निर्देशक ने विस्तार से जवाब दिया। ‘दायरा’ को एक मजबूत विषय, दमदार अभिनय और अलग सोच के साथ आने वाली फिल्म के रूप में देखा जा रहा है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी।

दिल्ली: जगतार सिंह हवारा को दिल्ली की जेल से पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने की मांग का दिल्ली सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में विरोध किए जाने को शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने गंभीर और चिंताजनक मामला बताया । 17 सितंबर 2026 को दिल्ली सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए भाई हवारा को पंजाब की जेल में भेजने का विरोध किया है, जिसकी अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। सवाल सिर्फ यह नहीं है कि भाई हवारा को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा, सवाल यह भी है कि एक सिख कैदी के जेल तबादले तक को सरकार इतना बड़ा सुरक्षा मामला क्यों बना रही है? सरना ने इस रुख को उस सरकारी रवैये की अगली कड़ी बताया, जिसमें लंबे समय से बंद सिख कैदियों से जुड़े मामले कानूनी प्रक्रिया के नाम पर लंबित होते आ रहे हैं। इससे पहले प्रो. दविंदरपाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई की अर्जी भी दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड द्वारा खारिज की गई थी। एक तरफ कानून और सुरक्षा के हवाले, दूसरी तरफ दशकों की कैद—आखिर इन फैसलों के पीछे सरकारी नीति क्या है, यह सवाल अब टाला नहीं जा सकता।
सरना ने सिख मंत्रियों और नेताओं की चुप्पी पर भी तीखा सवाल उठाया है, जो सत्ता से बाहर रहते हुए बंदी सिंहों की रिहाई को अपना राजनीतिक फर्ज बताते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब वोट मांगने हों तो बंदी सिंह याद आ जाते हैं, लेकिन जब सरकारी कुर्सी पर बैठकर फैसले के सामने खड़े होने का समय आता है तो वही आवाज कहां गायब हो जाती है? सिख संगत अब केवल बयान नहीं, बल्कि कार्रवाई का हिसाब मांग रही है। सरना ने सवाल किया कि जो नेता कभी सरकारों को बंदी सिंहों और नवंबर 1984 के सिख कत्लेआम के मामलों पर घेरने की बातें करते थे, वे आज सरकार का हिस्सा बनकर कितनी बार अपनी ही सरकार के पास यह मुद्दा लेकर गए हैं? क्या सत्ता की कुर्सी इतनी भारी हो गई है कि उसके नीचे बंदी सिंहों की पुकारें भी दब गई हैं? चुप्पी भी एक राजनीतिक स्थिति बन जाती है और अब संगत यह जानना चाहती है कि सिख मंत्री सरकारी फैसलों के साथ खड़े हैं या उन अधिकारों के साथ, जिनके लिए वे सत्ता से बाहर रहते हुए आवाज उठाते रहे हैं।
सरना ने सरकार से सीधे सवाल करते हुए कहा कि यदि भाई हवारा को पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने का विरोध सुरक्षा कारणों से किया जा रहा है तो वे सुरक्षा कारण क्या हैं और उनका आधार क्या है—इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। यदि मापदंड कानून है तो वही कानूनी मापदंड सभी मामलों में समान रूप से दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारों को अपने फैसलों की पारदर्शी व्याख्या देनी होगी और सिख नेताओं को भी यह बताना होगा कि वे बंदी सिंहों के मामले में वास्तव में क्या कर रहे हैं। सरना ने कहा कि दशकों से जेलों में बंद सिख कैदियों के मामलों को हर बार राजनीतिक अवसर के अनुसार याद करना सिख संगत के जख्मों के साथ न्याय नहीं है। यदि सरकार के पास भाई हवारा का जेल तबादला रोकने के कारण हैं तो वे सामने आएं और यदि सिख मंत्रियों के पास सरकार से सवाल करने की ताकत है तो वे भी सामने आएं। क्योंकि अब सवाल बयान देने का नहीं, सवाल यह है कि दशकों से बंदी सिंहों के बंद दरवाजे खोलने के लिए वास्तव में कौन खड़ा होता है।
.jpeg)
दिल्ली: निगम सफाई कर्मचारी दीपक की आत्महत्या से जुड़े गंभीर मामले में आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद विजय कुमार पर लगाए गए आरोपों को लेकर दिल्ली की जनता जवाब चाहती है। भाजपा के दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर के अनुसार कल दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा द्वारा मामले को उठाये जाने के बावजूद आम आदमी पार्टी नेतृत्व ने अब तक अपने निगम पार्षद के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर विजय कुमार को किसके संरक्षण में बचाया जा रहा है।
उनका कहना है कि एक कर्मचारी के परिवार के सामने खड़े इस गंभीर भावनात्मक एवं आर्थिक संकट के बावजूद आम आदमी पार्टी की चुप्पी अत्यंत चिंताजनक है। 19 सितम्बर को त्रिलोकपुरी के स्थानीय निगम पार्षद विजय कुमार के कार्यालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा की महिलाएं विरोध प्रदर्शन करेंगी और उनके इस्तीफे की मांग करेंगी। यह प्रदर्शन केवल एक पार्षद के विरुद्ध नहीं, बल्कि उस राजनीतिक चुप्पी के खिलाफ है जिसमें गंभीर आरोपों का सामना कर रहे अपने नेता को जवाबदेही से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
यदि पार्षद विजय कुमार कल इस्तीफा नहीं देते हैं और आम आदमी पार्टी उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करती है तो 20 सितम्बर को दिल्ली भाजपा आम आदमी पार्टी के फिरोजशाह रोड़ स्थित कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन के माध्यम से आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से सीधे सवाल किया जाएगा कि विजय कुमार पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई और उनका इस्तीफा अब तक क्यों नहीं लिया गया ?
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज को दिल्ली की जनता को जवाब देना होगा कि क्या आम आदमी पार्टी अपने पार्षद विजय कुमार के साथ खड़ी है या फिर दिवंगत सफाई कर्मचारी और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई के पक्ष में है।
यदि "आप" को लगता है कि विजय कुमार पर लगे आरोप गंभीर हैं, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों ? और यदि पार्टी कार्रवाई नहीं करना चाहती, तो उसे अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए? आम आदमी पार्टी को यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता में होना किसी भी नेता को जवाबदेही से ऊपर नहीं करता। दिल्ली भाजपा इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार के न्याय की मांग को मजबूती से उठाती रहेगी और आम आदमी पार्टी नेतृत्व से जवाब मांगती रहेगी। विजय कुमार को अपने पद पर बने रहने का नैतिक आधार स्पष्ट करना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जानी चाहिए।
.jpeg)
दिल्ली: लव कुश रामलीला कमेटी के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 77वें जन्मदिवस के अवसर पर आज 17 सितंबर 2026 को लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया गया। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान, उदयपुर, तारा संस्थान तथा एलप्स आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों ने स्वास्थ्य जांच एवं सहायक उपकरणों की सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर के दौरान विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल तथा अन्य आवश्यक सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।
दिल्ली: लव कुश रामलीला कमेटी के प्रेसिडेंट श्री अर्जुन कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने की दिशा में ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री किशोर मकवाना तथा चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीण खंडेलवाल ने विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए।
डॉ वीरेंद्र कुमार केंद्रीय मंत्री सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार ने बताया कि सामाजिक अधिकारिता दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बनाने तथा उन्हें उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग ने देशभर में 76 स्थानों पर 'सामाजिक अधिकारिता शिविरों' का आयोजन किया। इन राष्ट्रव्यापी शिविरों के माध्यम से 58 हजार से अधिक दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को 68 करोड़ की लागत के विभिन्न श्रेणियों के सहायक उपकरण निशुल्क प्रदान किए गए|
प्रवीण खंडेलवाल सांसद ने कहा कि मेरे चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र में 458 दिव्यांगों को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा सहायता उपकरण प्रदान किए गए इसके लिए मैं डॉ वीरेंद्र कुमार मंत्री भारत सरकार का हार्दिक धन्यवाद करता हूं|
कमेटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट सत्यभूषण जैन ने बताया कि शिविर में तारा संस्थान की ओर से निःशुल्क नेत्र जांच की विशेष व्यवस्था की गई। जरूरतमंद लोगों को चश्मे वितरित किए गए तथा मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन एवं आवश्यक उपचार के लिए अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गई।
लव कुश रामलीला कमेटी के महासचिव श्री सुभाष गोयल ने बताया कि एलप्स संस्थान की ओर से जरूरतमंद लोगों को श्रवण यंत्र (कानों की मशीन) वितरित किए गए। इसके अलावा दिव्यांगजनों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्राईसाइकिल एवं अन्य सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए |
.jpeg)
दिल्ली: कल श्री अकाल तख्त के पंचप्यारों द्वारा क्लीन चिट दिए जाने के बावजूद गुरु टेग बहादुर खालसा कालेज (सांध्य ) के छात्र अश्मित सिंह की छात्र संघ के चुनावों में भागीदारी नहीं हुई बहाल । अश्मित के समर्थन में एसओआई के साथ शिरोमणि अकाली दल भी मैदान में उतर आया है । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं जागो पार्टी की अगुवाही में मीडिया से रूबरू होकर सिख सियासत से जुड़े हुए हल्कों ने माँग की है कि कालिज छात्र संघ के चुनाव में महासचिव की एक सीट ख़ाली है जिसके लिए अभी कोई दावेदारी नहीं है यह पद अश्मित सिंह को दिया जाए ।
फैसला अश्मित के पक्ष में नहीं होने पर एक बार फिर अकाल तख्त के सामने फरियाद रखी जाएगी एवं कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी, इलेक्शन कमेटी एवं दिल्ली सिख गुरद्वारा प्रबंधन कमेटी को घेरे में लिया जाएगा । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने प्रबंधन के मौजूदा अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका पर राजनीतिक हितों के लिए धार्मिक संस्थानों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रबंधन की दो दशकों की गतिविधियों के पब्लिक ऑडिट की मांग की है ।
उनका कहना है कि प्रबंधन कमेटी एक इलेक्टेड बॉडी है ना कि श्री अकाल तख्त के पेरलल बॉडी । दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ के चुनाव में अकाली दल की छात्र शाखा एसओआई के उम्मीदवारों की उम्मीदवारी बेबुनियाद तरीके से रद्द करके उन्होंने संवैधानिक एवं मानवीय भावनाओं को चूर चूर कर दिया है । उन्होंने डॉलाइट द्वारा की गई प्रबन्धन के फाइनेंसियल ऑडिट रिपोर्ट को पब्लिक डोमेन में डाले जाने की माँग भी की है । साथ ही प्रबन्धन द्वारा सामाजिक शैक्षिक एवं स्वास्थ्य संस्थाओं की इंडिपेंडेंट ऑडिट करवाये जाने की माँग की है ।

दिल्ली में डीटीसी की हड़ताल से लाखों यात्री परेशान हैं, लेकिन भाजपा सरकार बेपरवाह बैठी है।कोंडली से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने निशाना साधते हुए कहा कि ड्राइवर-कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, फिर भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनसे बातचीत तक नहीं की। उन्होंने एक वीडियो में हड़ताल पर बैठे ड्राइवर कंडक्टर के साथ अपनी बातचीत का हवाला देते हुए दिल्ली सरकार से अपील कि है कि डीटीसी कर्मचारियों की सभी जायज़ मांगों को तुरंत पूरा किया जाए और हड़ताल खत्म कराई जाए ताकि दिल्ली की जनता को चरमाई हुई यातायात व्यवस्था से निजात मिले ।
कोंडली से विधायक का कहना है कि हड़ताल के चलते पूरा दिन दिल्ली की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है सरकार बेपरवाह बैठी है। ड्राइवर-कंडक्टर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, फिर भी सरकार के किसी प्रतिनिधि ने उनसे बातचीत तक नहीं की। कर्मचारियों का कहना है कि एक मजदूर को भी तय दिहाड़ी मिलती है, लेकिन उन्हें इतने कम पैसे मिलते हैं कि उनके लिए परिवार चलाना और गुजारा करना मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें मकान का किराया भी देना पड़ता है और बच्चों की पढ़ाई व खाने-पीने का खर्चा भी उठाना पड़ता है, इसलिए वे सरकार से कम से कम 1500 रुपए प्रतिदिन की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों के अनुसार, वे पीएमआई कंपनी के तहत काम कर रहे हैं।

दिल्ली: डीटीसी बस चालकों की वेतन संबंधी मांगों को लेकर चल रही हड़ताल पर चिंता व्यक्त करते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि दिल्ली कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने वाले बस चालकों की वेतन और सेवा संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की लापरवाही का खामियाजा आज दिल्ली की आम जनता भुगत रही है और बड़ी संख्या में बसों के सड़कों से बाहर रहने के कारण आम यात्रियों, कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
डीटीसी के बस चालक और कर्मचारी दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनकी समस्याओं और मांगों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय सरकार को समय रहते उनके साथ संवाद करना चाहिए था। हड़ताल के कारण बड़ी संख्या में बसें सड़कों से बाहर हैं, जिससे छात्रों, कर्मचारियों, महिलाओं, बुजुर्गों और रोजाना बसों से सफर करने वाले लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में डीटीसी को दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का मजबूत आधार बनाया गया, लेकिन पिछले वर्षों में भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारों के कार्यकाल में डीटीसी की अनदेखी हुई और यह व्यवस्था लगातार कमजोर होती गई।डीटीसी को बचाने के लिए कर्मचारियों के हितों की रक्षा, नियमित भर्ती, बसों की पर्याप्त संख्या और बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना जरूरी है।
.jpeg)
दिल्ली: आगामी 18 अगस्त को होने वाले दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनावों के मद्देनजर दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अधीन संचालित दो कॉलेज श्री गुरु गोबिंद सिंह ऑफ कॉमर्स एवं गुरु टेक बहादुर खालसा कॉलेज विवादों के घेरे में । शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना एवं जागो पार्टी के शीर्षस्थ नेता मनजीत सिंह जीके ने जानकारी देते हुए कहा कि इन कॉलेजों के प्रबंधन ने अपने उम्मीदवारों को निर्विरोध जिताने के लिए जबरन 4 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी खारिज कर दी । इनमें से एक छात्र अश्मीत सिंह गुरु टेग बहादुर खालसा कॉलेज सांध्य से है । सरना का कहना है कि उसकी उम्मीदवारी यह कह कर खारिज कर दी गई कि उसने अपनी दाढ़ी कटवा ली है । बाकी के तीन छात्र सुभाग सिंह अध्यक्ष पद के लिए, सिद्धप्रीत कौर थरेजा उपाध्यक्ष के लिए एवं चसमीत सिंह महासचिव पद के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स से हैं । यह सभी छात्र एसओआई से संबंधित हैं ।
मैनेजमेंट द्वारा लाख प्रलोभन दिए जाने के बावजूद गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स के छात्र धरने पर बैठ गए । अंत में मामला हाई कोर्ट पहुंचा । हाई कोर्ट में इनके वकील मनमोहन सिंह एवं उनकी टीम ने जानकारी देते हुए कहा कि जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने मैनेजमेंट की दलीलों को ख़ारिज करते हुए छात्रों के पक्ष में फैसला दिया । सरना का कहना है माय जब वो मध्य रात्रि धरने पर बैठे हुए छात्रों से मिलने गए तो कॉलेज परिसर में ना ही प्रिंसिपल था ना ही चेयरमैन। अश्मीत के मामले में पार्टी विचार कर रही है । एडवोकेटएस की टीम ने जानकारी दी की कोर्ट में मैनेजमेंट की दलील थी कि इनके नामांकन पत्र के साथ आधार कार्ड और कॉलेज आईकार्ड की कॉपी नहीं संलग्न थी ।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी अध्यक्ष का कहना है कि वे प्रबंधन के आधीन चल रहे कॉलेजों से इलेक्शन सिस्टम को ही बंद कर देंगे । छात्र संघ के चुनावों में यह हाल है तो प्रबंधन के चुनाव में इनकी रणनीति क्या होगी...

राजधानी दिल्ली में आयोजित लाल बाग का राजा, दिल्ली – दशम गणपति महोत्सव 2026 के दौरान आस्था, उत्साह और भक्ति का भव्य दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री माननीय राजनाथ सिंह एवं लाल बाग का राजा महोत्सव के प्रधान राकेश बिंदल ने सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ एक साथ शंखनाद कर एक ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला। जैसे ही सैकड़ों लोगों ने एक साथ शंख बजाया, पूरा परिसर गूंज उठा और यह पल एक ऐतिहासिक क्षण बन गया, जिसने दिल्ली में एकता और श्रद्धा की मिसाल पेश की।
यह भव्य आयोजन डीडीए ग्राउंड, नेताजी सुभाष प्लेस, पीतमपुरा में हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणपति भक्त उपस्थित रहे। महोत्सव में धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ सांस्कृतिक उत्साह भी देखने को मिला, जिसने इसे राजधानी के प्रमुख आयोजनों में शामिल कर दिया। लाल बाग का राजा, दिल्ली का यह दशम गणपति महोत्सव न केवल भक्ति का प्रतीक बना, बल्कि इतिहास रचने वाला एक यादगार आयोजन भी साबित हुआ।

दिल्ली: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आज एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में किया ऐलान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोक कल्याण सेवा के 25 वर्ष पूरे होने एवं उनके आगामी 17 सितम्बर को जन्मदिवस के उपलक्ष में दिल्ली सरकार एवं दिल्ली भाजपा संगठन ने 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर 2026 तक "सेवा संकल्प अभियान - जनसेवा ही प्रभु सेवा" मनाने का निर्णय लिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस का संचालन मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने किया और कहा कि आज हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा समर्पण एवं उनके जन्मदिवस के उपलक्ष में एक माह के कार्यक्रमों का विवरण जारी कर रहे हैं। उन्होने कहा की प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह इसकी संगठन की ओर से संयोजक हैं और ॠचा पांडेय, श्री मनोज कुमार, अभिषेक टंडन, सरदार राजा इकबाल सिंह, दिव्य जयसवाल, आजाद सिंह अलग अलग संसदीय क्षेत्र का सेवा कार्य देखेंगे, साथ ही विभिन्न 12 संगठनात्मक कार्यक्रमों के लिए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को संयोजक बनाया गया है। दिल्ली सरकार की ओर से मुख्य मंत्री के मार्गदर्शन में मंत्री कपिल मिश्रा नोडल मंत्री होंगे और मंत्री प्रवेश साहिब सिंह एवं आशीष सूद अपने विभागों से जुड़े कार्यक्रम देखेंगे ।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2001 में वाइब्रेंट गुजरात के शिल्पकार के रूप में विकास की जो नींव रखी, वही आज "विकसित भारत 2047" का संकल्प बन चुकी है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक मोदी जी ने "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" को जीवन मंत्र बनाया। पिछले 11 वर्षों में उन्होंने गरीब कल्याण को केंद्र में रखकर 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। जनधन, उज्ज्वला, आयुष्मान, पीएम आवास से अंतिम व्यक्ति को सशक्त किया। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया से भारत को दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बनाया है।
जी-20 की मेजबानी से लेकर ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता तक श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व मंच पर भारत का गौरव बढ़ाया है। वह केवल राजनेता नहीं, वे "विकास पुरूष" हैं जिन्होंने राष्ट्र प्रथम की भावना से 25 वर्षों तक बिना रुके सेवा की है और आगे भी जारी रहेगी। दिल्ली भाजपा उनके इस सेवा संकल्प को "सेवा" से मनाएगी।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इसी भाव के साथ दिल्ली भाजपा "सेवा संकल्प उत्सव" 17 सितम्बर से 18 अक्टूबर 2026" तक मनाएगी
1. 17 सितम्बर - 2 कार्यक्रम: 14 संगठनात्मक जिलों में मेगा रक्तदान शिविर जिसका लक्ष्य है 2500 यूनिट रक्त एकत्र कर स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से जरूरतमंदों की मदद।
"आशीर्वाद का दीया" - लगभग 1.28 लाख लाभार्थी घरों में दीये जगाये जायेंगे, कुल 7 लाख 80 हजार दीये जगाने का लक्ष्य जिसमे से 14000 दीये दिल्ली के 140 आईकोनिक स्थलों पर जगाये जायेंगे। सभी विधायक कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे
2. सेवा चित्र: मेरे सपनों का भारत (सेवा चित्र चित्रण) 17 सितम्बर से 16 अक्टूबर तक 4500 स्कूलों में 5 लाख विद्यार्थियों के बीच होगा यह कार्यक्रम।
3. "सेवा की कहानी" - प्रत्येक शक्ति केंद्र से 10 विडिओ योजना लाभार्थियों के जारी होंगे।
4. 25 सितम्बर से 7 अक्टूबर: आंगन मिलन सेवा - 4095 आंगनवाड़ी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से संवाद एवं अभिनंदन।
5. सेवा मेरा योगदान: 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक 2500 स्थानों पर स्वच्छता अभियान। संगठन कार्यकर्ता दिल्ली सरकार के बड़े यमुना सफाई अभियान में भी भागीदारी करेंगे।
6. सेवा के रंग राष्ट्र के संग : प्रदेश, जिला एवं मंडल आईकोनिक स्थलों एवं बाजारों में रंगोली बनायेंगे।
7. सेवा ज्योति कलश यात्रा: 7 अक्टूबर को सभी 14 जिलों में सेवा ज्योति कलश यात्रा विकसित भारत का संकल्प निकाली जायेगी।
8. वडनगर से वाराणसी: 15 सितम्बर को दिल्ली से 50 कार्यकर्ताओं की टोली वाराणासी जायेगी और 29 सितम्बर को वडनगर से गुजरात के 50 कार्यकर्ताओं की टोली दिल्ली आयेगी और उसका अभिनंदन होगा।
9. नमो सेवा - अनकही कहानीयां : 18 सितम्बर से 8 अक्टूबर के मध्य 1280 स्थानों पर नमो सेवा कार्यों से जुड़े सेवा स्मरण नुक्कड नाटक होंगे।
10. सुशासन सेवा संवाद : इसमें सभी जनप्रतिनिधि भाग लेंगे।
तीन अन्य कार्यक्रम पूर्णत: सरकारी स्तर पर होंगे जिनका विवरण मुख्य मंत्री देंगी।
सेवा संकल्प अभियान 2026 का समापन यमुना सफाई अभियान से होगा जिसे दिल्ली सरकार आयोजित करेगी और हमारे कार्यकर्ता भागीदारी करेंगे।
सेवा संकल्प उत्सव का उद्देश्य बूथ स्तर तक जाकर समाज के अंतिम व्यक्ति को सेवा से जोड़ना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक दिल्ली में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा।
.jpeg)
दिल्ली: सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने अकाली दल बादल के नेता परमजीत सिंह सरना से कहा है कि वह अपने निजी राजनीतिक फायदे के लिए युवाओं को भड़काना बंद करें। उन्होंने कहा कि जब भी सरना सत्ता से बाहर होते हैं, तो अपने निजी लाभ के लिए दूसरों के कंधों का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं।
आज यहां श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सरदार एम.पी.एस. चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बॉडी के सदस्य सरदार गुरविंदरपाल सिंह राजू की मौजूदगी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि वे यह देखकर हैरान हैं कि किस तरह एक 85 वर्षीय बुजुर्ग अपने राजनीतिक फायदे के लिए कॉलेज के मासूम युवाओं को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब भी सरना कमेटी की सत्ता से बाहर होते हैं, तो धरनों में यह बयान देते हैं कि कमेटी का बेड़ा गर्क हो गया है, जबकि वास्तविकता यह है कि उनकी अपनी सोच का बेड़ा गर्क हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह एक अटल सच्चाई है कि सरना ने पहले हमें अपनी राजनीति की सीढ़ी के रूप में इस्तेमाल किया और हमें भड़काकर हमेशा राजनीति की। अब वह नई पीढ़ी का इस्तेमाल करके अपनी राजनीति चमकाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे हैरान हैं कि सरना ने युवाओं को भड़काकर कॉलेज का गेट भी तुड़वाया और गवर्निंग बॉडी के सदस्यों को कॉलेज में प्रवेश करने से भी रोका।
इस मौके पर कॉलेज के चेयरमैन सरदार एम.पी.एस. चड्ढा तथा कोषाध्यक्ष एवं गवर्निंग बॉडी के सदस्य सरदार गुरविंदरपाल सिंह राजू ने बताया कि कॉलेज में होने वाले छात्र चुनावों में दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की कभी कोई भूमिका नहीं होती। इन चुनावों के लिए एक स्क्रूटनी कमेटी बनाई जाती है, जो चुनाव संबंधी सभी फैसले लेती है।
उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं कॉलेज पहुंचे तो बड़ी मुश्किल से कॉलेज में प्रवेश कर पाए। इसके बाद उन्होंने सरना और उनके साथियों को बातचीत के लिए अंदर आने को कहा, लेकिन सरना ने इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि सभी फैसले पूरी पारदर्शिता के साथ लिए जाते हैं। इस मामले में उम्मीदवार के दस्तावेजों के साथ न तो कॉलेज का पहचान पत्र और न ही आधार कार्ड संलग्न था, जिसके बारे में उसे बता दिया गया था।
सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि सरना ने मासूम युवाओं को मोहरा बनाकर राजनीति करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह भी सच है कि सरना की आदत बन चुकी है कि जहां कहीं उन्हें हार नजर आती है, वहीं वह हंगामा करके बैठ जाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में इसी गुरुद्वारा कमेटी के चुनाव के दौरान सरना 22 घंटे तक बैलेट बॉक्स पर कब्जा करके बैठे रहे, जिसके बाद रात 11 बजे मतदान हुआ।