नई दिल्ली 17, Mar 2026

लेख

1 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

2 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

3 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

4 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

5 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

6 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

7 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

8 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

9 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

10 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

11 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

12 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

13 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

14 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

15 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

16 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

17 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

18 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

19 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

20 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

21 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

22 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

23 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

24 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

25 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

26 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

27 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

28 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

29 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

30 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

31 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

32 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

33 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

34 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

35 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

36 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

37 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

38 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

39 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

40 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

41 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

42 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

43 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

44 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

45 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

46 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

47 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

48 - ठेके आन फिटनेस सेंटर ऑफ छा गए केजरीवाल जी तुस्सी

49 - मुख्य सुरक्षा अधिकारी हुए पंचतत्वों विलीन

50 - दिल्ली में यमुना का पानी का बीओडी लेवेल 50 के पार

हैदराबाद में ऐतिहासिक गुरुद्वारे से जुड़े ढांचे को गिराये जाने एवं ज़मीन के विवाद पर चिंता

नई दिल्ली: हैदराबाद में गुरुद्वारा बाराम्बाला साहिब से जुड़ी ज़मीन के चारों ओर सुरक्षा बाड़ गिराए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने जानकारी दी कि उन्होंने  तेलंगाना सरकार से कोर्ट के आदेशों और इलाके में सिख समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी का सम्मान करने की अपील की है। यह विवाद अट्टापुर में सिख कैंटोनमेंट की ज़मीन से जुड़ा है, जहाँ सिख समुदाय 1832 से मौजूद है। निज़ाम के महाराजा रणजीत सिंह से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मांगने के बाद सिख सैनिकों को हैदराबाद में तैनात किया गया था। बाद में यह बस्ती उन सिख सैनिकों के वंशजों का घर बन गई।
स्थानीय गुरुद्वारा कमेटी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, अभी इस इलाके में करीब 1,200 सिख परिवार रहते हैं, जहाँ उन्होंने पीढ़ियों से घर, गुरुद्वारे, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन और एक खेल का मैदान बनाया है। ज़िला अधिकारियों ने पहले सर्वे किया था और माना था कि सिख समुदाय लगभग दो सदियों से इस ज़मीन पर रह रहा है। अधिकारियों की सौंपी गई रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि रिहायशी प्लॉट को मामूली कीमत पर रेगुलराइज़ किया जाए और धार्मिक और पढ़ाई-लिखाई के कामों के लिए इस्तेमाल होने वाली ज़मीन संबंधित संस्थानों को मुफ़्त में दी जाए।

तेलंगाना हाई कोर्ट ने अधिकारियों को ज़मीन को रेगुलराइज़ करने पर विचार करने का निर्देश दिया था और आदेश दिया था कि सिख समुदाय के शांतिपूर्ण कब्ज़े में कोई खलल नहीं पड़ना चाहिए। इसके बावजूद, स्थानीय अधिकारियों और पुलिस ने कथित तौर पर 15 मार्च को निशान साहिब के पास लगभग 6,044 वर्ग गज ज़मीन के एक हिस्से के चारों ओर लगी टेम्पररी बाड़ को गिरा दिया। गुरुद्वारा कमेटी की तरफ़ से दी गई रिप्रेजेंटेशन के मुताबिक, यह बाड़ असामाजिक तत्वों द्वारा जगह का गलत इस्तेमाल रोकने और धार्मिक जगह की पवित्रता की रक्षा के लिए लगाई गई थी। कमेटी ने कहा कि यह ढांचा टेम्पररी था और इसका मकसद सिर्फ़ निशान साहिब के पास कूड़ा फेंकने, गैर-कानूनी पार्किंग और दूसरी गतिविधियों को रोकना था।
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि इस तोड़फोड़ से सिखों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि अधिकारी समुदाय के ज़मीन के कब्ज़े में दखल न दें और बाड़ को ठीक करें, साथ ही प्रॉपर्टी को रेगुलर करने के लंबे समय से रुके हुए प्रोसेस में तेज़ी लाएं। सिख समुदाय पीढ़ियों से इस इलाके में शांति से रह रहा है और उसने हैदराबाद की सामाजिक और शिक्षा से जुड़ी ज़िंदगी में योगदान दिया है। उनकी ऐतिहासिक मौजूदगी को माना जाना चाहिए और उनके अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।

दिल्ली में नशीले पदार्थों का हो रहा है पौषण

दिल्ली: देश की राजधानी में नशा तस्करी की सच्चाई बताने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ ही विभागीय कार्रवाई होने पर आम आदमी पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। "आप" के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज का कहना है कि पुलिस अधिकारी के खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय को नशा तस्करी की जड़ों तक पहुंचना चाहिए था, उन्हें पकड़ना चाहिए था, जिससे नशे पर लगाम लगता, लेकिन यहां तो उल्टा पुलिस पर ही कार्रवाई कर पुलिस महकमे का मनोबल तोड़ा जा रहा है। ऐसे में सरकार से दिल्ली के अंदर नशे के कारोबार को कंट्रोल करने की कैसे उम्मीद कर सकते हैं?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने पब्लिक के सामने खुलासा करते हुए मुख्यमंत्री और भाजपा विधायकों पर नशा तस्करों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था। उस पुलिस अफसर का मनोबल बढ़ाने की जगह पुलिस कमिश्नर ने उसके खिलाफ ही कार्रवाई के निर्देश दे दिए। इस कार्रवाई से अब संदेश साफ है कि मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करते रहो। चाहे मुख्यमंत्री का आदेश अपराधियों और नशीले पदार्थों के तस्करों को रिहा करने का हो या फिर उन्हें संरक्षण देने के लिए ही क्यों न हो। पुलिस अधिकारियों को हर स्थिति में चुप रहना चाहिए।
नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है। चाहे झुग्गी हो, अनऑथराइज़ कॉलोनी हो या बड़ी सोसाइटी के पार्क — हर जगह नशा बिकता और होता दिखाई दे रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सवाल यह है कि अगर पुलिस पर ही राजनीतिक दबाव होगा, तो दिल्ली में नशे का कारोबार कैसे रुकेगा? दिल्ली के युवाओं का भविष्य बचाने के लिए नशे के इस नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई ज़रूरी है।

धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस व मदिरा की दुकानों पर रोक लगाने की मांग

दिल्ली: भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के डायरेक्टर मनोज कुमार जैन ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू,मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता,महापौर सरदार राजा इक़बाल सिंह,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा तथा एमसीडी आयुक्त श्री संजीव खिरवार से एक महत्वपूर्ण जनभावना से जुड़े विषय पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की राजधानी होने के साथ-साथ विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का संगम है। यहाँ मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च एवं अन्य उपासना स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और प्रार्थना के लिए आते हैं। ऐसे पवित्र स्थलों के आसपास का वातावरण शांत, स्वच्छ और श्रद्धापूर्ण बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
 
दिल्ली  के कई क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों के आसपास मांस (नॉन-वेज) और मदिरा की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं और इन पवित्र स्थलों की गरिमा भी प्रभावित होती है। साथ ही इन दुकानों से निकलने वाली गंदगी, दुर्गंध और अस्वच्छता भी आसपास के वातावरण को प्रभावित करती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया कि दिल्ली में मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च और अन्य उपासना स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस और मदिरा की दुकानों के संचालन पर रोक लगाने तथा जहाँ ऐसी दुकानें संचालित हो रही हैं, उन्हें बंद कराने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएँ। इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिए जाने से राजधानी में सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा धार्मिक स्थलों की पवित्रता और गरिमा भी बनी रहेगी। 

सोनम वांगचुक को बिना सबूत जेल में रखा: केजरीवाल

दिल्ली: फर्जी शराब घोटाले की साजिश रचने के मामले में एक्पोज होने के बाद अब प्रख्यात जलवायु वैज्ञानिक सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी मामले में भी मोदी सरकार की एक और पोल खुल गई है। सोनम वांगचुक मामले में लगातार कोर्ट में एक्पोज हो रही मोदी सरकार ने अपनी और किरकिरी से बचने के लिए उनकी एनएसए के तहत हिरासत को रद्द कर दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने पीएम मोदी पर तीख हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने इसे तानाशाही का चरम बताते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार एक बार फिर बेनकाब हो गई है। एक वैज्ञानिक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र की सेवा में समर्पित कर दिया था। उनको बिना किसी सबूत के गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि जेल में बिताए उनके महीने न केवल उनके लिए व्यक्तिगत क्षति थे, बल्कि राष्ट्र के लिए भी क्षति थे। इस घोर तानाशाही का जनता के बीच पर्दाफाश होना चाहिए और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी तरह दिल्ली में फर्जी शराब घोटाले का षड़यंत्र रचकर आम आदमी पार्टी की टॉप लीडरशिप को महीनों जेल में रखा गया था। पार्टी के वरिष्ठ नेता भारद्वाज ने कहा कि आज से करीब 6 महीने यानी करीब 170 दिन पहले लद्दाख के एक बहुत मशहूर वैज्ञानिक को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत यह कहकर गिरफ्तार कर लिया था कि वे देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने लद्दाख और भारतीय सेना के लिए अनगिनत आविष्कार किए हैं और गरीब बच्चों को पढ़ाने के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि उनकी पत्नी सुप्रीम कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका के लिए लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं। महीनों से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा था और केंद्र सरकार अलग-अलग बहाने बनाकर इस मामले में बस तारीखें लेती जा रही थी। जब सोनम वांगचुक को इस तरह से गिरफ्तार करके हिरासत में लिया गया था, तब तमाम मीडिया ने झूठी खबरें चलाई थीं कि सोनम वांगचुक को न जाने कहां-कहां से अवैध पैसा मिल रहा है और वे देश के लिए बहुत बड़ा खतरा हैं। लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट में सबूत रखने का समय आया, तो सरकार के पास ले-देकर कुछ वीडियो ही थे। बाद में पता चला कि उन वीडियो को भी अदालत में गलत तरीके से पेश करके एक झूठा मुकदमा बनाया जा रहा था।
हैबियस कॉर्पस एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी उपाय है, जिसे 12वीं शताब्दी के इंग्लैंड के मैग्ना कार्टा और कुछ न्यायिक सिद्धांतों से लिया गया है। इसके तहत अगर सरकार या सत्ता में बैठे लोग नागरिकों को गलत तरीके से जेल में डाल दें, तो उसके खिलाफ यह बचाव का एक रास्ता होता है। किसी भी लोकतंत्र के लिए यह अधिकार अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है और ऐसी याचिका पर छह महीने तक केस चलना भी अपने आप में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बात से साफ हो जाता है कि केंद्र सरकार के पास सोनम वांगचुक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था और आज नहीं तो कल सुप्रीम कोर्ट उन्हें रिहा कर ही देती। इसी फजीहत और शर्मिंदगी से बचने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की अगली तारीख से पहले ही सोनम वांगचुक के खिलाफ जारी किया गया अपना हिरासत का आदेश वापस ले लिया।
 सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार इस तरह से किसी को भी पकड़कर जेल में डाल सकती है? क्या किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन या जायज संवैधानिक मांग को दबाने के लिए किसी को भी जेल में डाला जा सकता है? क्या केंद्र सरकार सोनम वांगचुक के वे 170 दिन वापस कर पाएगी? क्या जहर फैलाने वाला वह मीडिया और सोनम वांगचुक के खिलाफ झूठ फैलाने वाले वे चैनल, जिन्होंने उन्हें जनता के सामने एक देशद्रोही की तरह पेश किया, अब उनसे माफी मांगेंगे? आज लोकतंत्र के सामने यह बहुत बड़े सवाल हैं। 
उन्होंने तमाम विपक्षी दलों से यह निवेदन किया कि वे सब सोनम वांगचुक के साथ खड़े हों और उनकी आवाज उठाएं। आज यह सोनम वांगचुक के साथ हुआ है, कल को यह किसी के साथ भी हो सकता है। जो भी व्यक्ति देश के लोगों की आवाज उठाने की कोशिश करेगा, सरकार उसे इसी तरह से झूठे मुकदमों में जेल में डाल सकती है। यह ठीक वैसे ही है जैसे आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी आबकारी के एक झूठे मामले में महीनों तक जेल में डाला गया था।

एलपीजी की किल्लत के विरोध में कांग्रेस का भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन

 

दिल्ली: देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडर के भारी संकट से निपटने में भाजपा की मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने भाजपा मुख्यालय का घेराव किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र में मोदी सरकार हालात का मुकाबला करने की जगह हालात से समझौता करने वाली सरकार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी के अमृत काल में लोग गैस उपलब्ध न होने के कारण चूल्हा जलाने के लिए मजबूर हैं। प्रदर्शन में प्रतीकात्मक तौर श्री देवेन्द्र यादव और महिला नेताओं ने मिट्टी के चूल्हे पर चाय और रोटियां बनाकर प्रधानमंत्री मोदी के विकास की गति को दर्शायाजो उल्टी चल रही है। भारी संख्या में मौजूद महिलाएं अपने हाथों में मिट्टी के चूल्हे लेकर चल रही थी।

गैस सिलेंडर का संकट पैदा करने वाली भाजपा के मुख्यालय का घेराव करने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय में एकत्रित होने के बाद भाजपा मुख्यालय की ओर कूंच किया। प्रदेश अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आगे नही जाने दिया और कार्यकर्ताओं के आक्रोषित होने पर श्री देवेन्द्र यादव सहित बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन लेकर गएजहां बाद में उन्हें छोड़ दिया। कार्यकर्ता गगनचुंबी नारे ‘‘चूल्हा जलाओंअमृत काल मनाओ’’, ‘‘भाजपा आई-महंगाई लाई’’, ‘‘मंहगी गैस बंद करो, ‘‘जनता को राहत दो’’, ‘‘गैस के बढ़े दामवापस लो-वापस लो’’ आदि लगाते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी के इस्तीफे की मांग भी कर रहे थे।


प्रदर्शनकारियों में दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र यादवपूर्व मंत्री डॉ नरेंद्र नाथपूर्व विधायक व मीडिया कम्युनिकेशन चेयरमैन श्री अनिल भारद्वाजपूर्व विधायक कुंवर करण सिंहअसीफ मोहम्मद खानसुरेंद्र कुमारअब्दुल रहमानप्रदेश कांग्रेस प्रशासनिक प्रभारी जतिन शर्मालोकसभा आर्ब्जवर जितेंद्र कुमार कोचरकमल कांत शर्मातस्वीर सोलंकीजगजीवन शर्माडॉ पीके मिश्रालक्ष्मण रावतजिला अध्यक्ष सिद्धार्थ रावमोहम्मद उस्मानधर्मपाल चंदेलामहेंद्र भास्करराजकुमार जैनमहेंद्र मंगलाइंद्रजीत सिंहहर्ष चौधरीसुमित शर्माप्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष पुष्पा सिंहत्रिलोक चौधरीअब्दुल वाहिद कुरेशीसोशल मीडिया चेयरमैन राहुल शर्माजेपी पावरईश्वर बागड़ीसत्येंद्र शर्मावरयाम कौरआभा चौधरीनीतू वर्मासुषमा यादवसिंथिया कुमारबबीता यादवकमल अरोड़ाजयप्रकाशराजीव वर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष व पदाधिकारी भी मौजूद थे।

महिला निगम पार्षद के साथ अभद्र व्यवहार का मुद्दा सदन में गरमाया

दिल्ली: एमसीडी के सदन में भी वार्ड 140 से महिला पार्षद ज्योति गौतम के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मुद्दा गरमाया । आम आदमी पार्टी के निगम पार्षदों सदन की बैठक में स्थानीय विधायक द्वारा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल एवं मारपीट का मुद्दा उठाया । गुस्साये निगम पार्षद दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह की चेयर को घेरकर कार्यवाही के लिए नारे लगाते दिखाई दिए । मेयर राजा इकबाल सिंह चर्चा से बचते हुए सदन स्थगित कर वहां से चले गए। उक्त महिला पार्षद का कहना है की वह 11 रात्रि एक बजे इंद्रपुरी वार्ड में चल रहे मरम्मत कार्य का मुआयना करने अपनी टीम के साथ गई थी जिसमे पार्टी के नेता एवं कार्यकर्ता भी शामिल थे । वहाँ पर स्थानीय विधायक पहले से ही मौजूद था उसके इशारे पर कुछ लोगो ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया । जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और मारपीट की । जिसमें एक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुआ । महिला पार्षद को भी पैरों में गम चोट आई । पार्षद दलित समाज से आती हैं ।

एमसीडी किके नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने महिला और दलित सम्मान के मुद्दे पर भाजपा की खामोशी को  शर्मनाक बताते हुए निष्पक्ष जांच एवं  दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की माँग की है ।

होरमज़ से भारत के ईंधन जहाजों को सैफ पैसेज मिलना भारत एवं प्रधानमंत्री की विश्व कीर्ति का परिणाम

दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होरमज़ से भारत के ईंधन जहाजों को सैफ पैसेज मिलना  भारत एवं प्रधान मंत्री मोदी की विश्व कीर्ती का परिणाम बताते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा कहा कि ईरान द्वारा भारतीय ईंधन जहाजों को सुरक्षित पैसेज देना जहां प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विश्व स्टेटसमैन होने को प्रमाणित करता है वहीं देश के अंदर ओछी राजनीति करके देश विदेश में भारत की छवि धूमिल करने वाले राहुल गांधी एवं अरविंद केजरीवाल सरीखे नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है ।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है की आज ईरान एवं अमरीका के बीच चल रहे युद्ध के बीच भारत सरकार के फोन काल निवेदन पर ईरान द्वारा भारतीय ईंधन जहाजों को सुरक्षित पैसेज देना जहां प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विश्व स्टेटसमैन होने को प्रमाणित करता है वहीं देश के अंदर ओछी राजनीति करके देश विदेश में भारत की छवि धूमिल करने वाले राहुल गांधी एवं अरविंद केजरीवाल सरीखे नेताओं के मुंह पर करारा तमाचा है। आज विश्व ईंधन विशेषकर कुकिंग गैस संकट से गुजर रहा पर ईरान द्वारा भारत को सेफ पैसेज देना दर्शाता है की भारत कितने सबल नेतृत्व के सुरक्षित हाथों में है, बस हमारे देश के कुछ विपक्षी दलों के नेता ही देश की छवि से खेलना छोड़ दें तो बेहतर होगा।

रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी लाईने लगना इतिहास में पहली बार: देवेन्द्र यादव

 

दिल्ली: देश भर में रसोई गैस सिलेंडर की कमी, उनकी दरों में वृद्धि और उसके कारण कमरतोड़ महंगाई के खिलाफ दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव के आदेश पर आज दिल्ली भर की 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में गैस एजेंसियों के बाहर हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गैस सिलेंडरों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराकर बढ़ी दरों को तुरंत वापस लेने की मांग की। 
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि आर्थिक तंगी और कमरतोड़ महंगाई की मार झेल रही जनता पर घरेलू गैस प्रति सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की बढ़ोत्तरी और प्रति कमर्शियल गैस सिलेंडर पर 115 रुपये बढ़ाकर अतिरिक्त आर्थिक बौझ तले दबा दिया और रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के चलते लोगों को परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा की बढ़ोत्तरी के बाद राजधानी दिल्ली में प्रति घरेलू सिलेंडर अब 913 रुपये और कर्मिशयल सिलेंडर 1883 में मिलेगा।
रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी लाईने लगना इतिहास में पहली बार भाजपा के शासन में हुआ है और सिलेंडर की भारी किल्लत के चलते ब्लैक में 3000 रुपये तक वसूले जा रहे है। उन्होंने कहा कि शादी ब्याह का सीजन चल रहा है जिसके लिए लोगों को सिलेंडर नही मिल रहे है।  उन्होंने कहा कि घरों में सिलेंडर खत्म होने के बाद लोग तनाव की स्थिति में है। लोगों के घरों में सिलेंडर न होने की वजह से खाना बनाने के लिए ईंधन का संकट पैदा हो चुका है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी  अध्यक्ष  के दिशा निर्देश पर कम्युनिकेशन विभाग के चेयरमैन एवं पूर्व विधायक  अनिल भारद्वाज ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आराम बाग, रानी झांसी रोड़, गैस वितरण सेंटर के बाहर विरोध प्रदर्शन करके पैदल मार्च निकाला, जिसकी शुरुआत अम्बेडकर भवन से की। श्री अनिल भारद्वाज ने कहा के सरकार को घरेलू गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवा कर लंबी लंबी लाइनों को खत्म करके प्रति सिलेंडर के दाम तुरंत कम करने चाहिए ताकि दिल्ली के लोगों को राहत मिल सके ।
प्रदर्शनों में कार्यकर्ता हाथों में नारे तख्तियां लिए मंहगी गैस बंद करो, जनता को राहत दो, गैस के बढ़े दाम, वापस लो-वापस लो आदि नारे लगा रहे थे। सभी 14 जिला कांग्रेस कमेटियों के अंतर्गत 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में आयोजित विरोध प्रदर्शनों में कांग्रेस नेता, पूर्व विधायक, निगम पार्षद, पूर्व निगम पार्षद, जिला एवं ब्लाक अध्यक्ष, पदाधिकारी, मंडलम अध्यक्ष, सैक्टर इंचार्ज, लोकसभा, जिला और विधानसभा आर्ब्जवर सहित क्षेत्रीय कार्यकर्ता और क्षेत्रीय निवासियों ने भी हिस्सा लिया।

इंद्रपुरी ब्लॉक में मरम्मत कार्य निरीक्षण करने पहुंची आप निगम पार्षद एवं उनकी टीम के साथ हाथापाई

दिल्ली: आम आदमी पार्टी से निगम पार्षद ज्योति गौतम ने लगाया स्थानीय विधायक पर अभद्र व्यवहार एवं हाथापाई का आरोप । उनका कहना है कि कल रात एक बजे वह अपनी टीम के साथ इन्द्रपुरी ब्लॉक में मरम्मत के कार्य का मुआयना करने के लिए गई थीं । वहाँ पर स्थानीय विधायक जो पहले से ही मौजूद था के इशारे पर चंद गुंडों ने उनपर हमला बोल दिया एवं उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जिसमें उनके कपड़े फट गए एवं एक कार्यकर्ता घायल हुआ । आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवर्ता में  पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद संजय सिंह की मौजूदगी में निगम पार्षद एवं घायल कार्यकर्ता ने बताया कि जब वे पुलिस स्टेशन में मामले की एफ़आईआर दर्ज करवाने गए तो  एफ़आईआर दर्ज नहीं की गई ।

उनका आरोप है कि उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया गया । पार्टी के वरिष्ठ नेता ने मामले पर त्वरित कार्यवाही की माँग की है । एलपीजी/ पेट्रोल/ डीजल की किल्लत की पुष्टि करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेता ने  इसे मोदी मुसीबत का नाम देते हुए कहा कि देश को इस मुसीबत से कब मुक्ति मिलेगी ।

एलपीजी और पेट्रोल/डीजल की किल्लत को मुद्दा बनाकर विपक्ष के सांसदों ने बरपाया जमकर हंगामा

 दिल्ली: खाड़ी देशों युद्ध के चलते एलपीजी एवं पेट्रोल/डीजल के संभावित संकट के मद्देनजर विपक्ष के लोकसभा एवं राज्य सभा सांसदों ने संसद परिसर में जमकर बरपाया हंगामा । नेता विपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं के सी वेणेगुपाल सहित विपक्ष के विभिन्न घटकों के सांसद हाथ में पोस्टर और बैनर लिए मकर द्वार  पर नारे लगाते हुए दिखाई दिए । इन लोगों का कहना है कि जब देश भारी संकट से जूझ रहा होता है  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चुनावी  दौरों में मशगूल होते हैं ।

नतीजन  देशभर में LPG की भारी कमी है, और लोग कतारों में खड़े हैं। कितने सारे छोटे-बड़े उद्योग भाजपा की विफलता का ख़ामियाज़ा भुगतने पर मजबूर हैं। पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं। केवल झूठे दावे हैं। कूटनीति की विफलता गंभीर मुद्दा है और ऊर्जा प्रबंधन की नाकामी का नतीजा आज देश की 140 करोड़ जनता भुगत रही है। वहीं आधिकारिक सूत्र कमी  के इन दावों को सिरे से ख़ारिज करते हैं  । उनका कहना है कि फ़िलहाल  पर्याप्त स्टॉक है । भविष्य की संभावनाओं के मद्देनजर  कमर्शियल सप्लाई को नियंत्रित किया गया है । 

लोकसभा में नेता विपक्ष का कहना है कि दुनिया तेज़ी से बदल रही है। संकट हमारे दरवाज़े पर है। अगर सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो LPG, पेट्रोल और डीज़ल करोड़ों भारतीय परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन जाएंगे। सच्चाई साफ़ है - Compromised PM Modi ji ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता कर दिया है। अब समय है सच बताने का और देश को तैयार करने का। वरना इसकी कीमत भारत के आम लोग चुकाएँगे।

अनुराधा पौडवाल,रुपाली गांगुली एवं तनिषा मुखर्जी को अहिल्याबाई होल्कर महिला 2026 सम्मान

दिल्ली: कमला पावर वुमन के सहयोग से और निदर्शना गोवानी की पहल पर लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर महिला सम्मान 2026 के पाँचवें संस्करण का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह का उद्देश्य देशभर की उन महिलाओं को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने साहस, नवाचार और नेतृत्व के माध्यम से समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पाँच वर्ष पहले शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं को पहचान और सम्मान देना है जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने परिश्रम और दृढ़ संकल्प से अपनी अलग पहचान बनाई है। समय के साथ यह मंच एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान के रूप में स्थापित हो चुका है, जो न केवल महानगरों बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों की महिलाओं को भी सम्मानित करता है, जिनमें आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग पृष्ठभूमि से आने वाली महिलाएँ भी शामिल हैं।

इस अवसर पर कई विशिष्ट अतिथि, नीति-निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, सांसद श्री मनोज तिवारी, भारत में अर्जेंटीना के राजदूत एच.ई. श्री मारियानो काउसीनो, बेनीन गणराज्य के भारत में राजदूत एच.ई. श्री एरिक जीन-मैरी जिन्सू तथा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री श्री प्रवेश वर्मा की पत्नी श्रीमती स्वाति सिंह वर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में इस वर्ष देशभर की 65 प्रेरणादायी और सफल महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें पद्मश्री अनुराधा पौडवाल, रुपाली गांगुली, तनिषा मुखर्जी,डॉ. जय मदान, शालिनी पासी और रूपा अय्यर जैसी प्रसिद्ध हस्तियों के साथ-साथ मणिपुर की जैग्याश्री सोइबम, महाराष्ट्र की मौली अदकुर, जम्मू-कश्मीर की आरिफा जान, वृंदावन की रेनुका गोस्वामी और बिहार की डी. आलिया जैसी जमीनी स्तर पर काम करने वाली महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
यह सम्मान देश के विभिन्न राज्यों जैसे दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और मणिपुर की महिलाओं को दिया गया, जो मीडिया, पत्रकारिता, सार्वजनिक सेवा, कानून, शिक्षा, उद्यमिता, तकनीक, विज्ञान, खेल, सामाजिक सेवा, आध्यात्मिकता, कला और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
 
इस अवसर पर श्रीमती निदर्शना गोवानी ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेरित ‘नारी शक्ति’ की भावना से प्रेरणा लेते हुए कमला फाउंडेशन विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों और नेतृत्व का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकमाता अहिल्याबाई महिला सम्मान उन महिलाओं को समर्पित है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। पाँचवें संस्करण के सफल आयोजन के साथ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर महिला सम्मान 2026 ने एक बार फिर भारत की महिलाओं की शक्ति, साहस और उपलब्धियों का उत्सव मनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया।

बवाना के व्यापारी की हत्या के दो अभियुक्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

दिल्ली: गत 9 फरवरी को बवाना इलाके में हुई व्यापारी की हत्या के मामले में शामिल  दो अभियुक्त आउटर नार्थ दिल्ली की एंटी नार्कोटिक स्क्वाड की टीम ने मुठभेड़ के बाद धर दबोचा । दोनों अभियुक्तों के नाम हैं मोहम्मद इरफान एवं ऐश्वर्य पांडे । मोहम्मद इरफान चांद बाग का रहने वाला है और उसके ऊपर 40 मामले दर्ज हैं  एवं ऐश्वर्य पांडे गाजियाबाद का रहने वाला है एवं उसके खिलाफ 5 मामले दर्ज हैं । पुलिस टीम  द्वारा रोके जाने पर अपराधियों ने पुलिस टीम पर गोली चला दी, जवाबी कार्रवाई में अपराधियों के पैरों में गोली लगी । दिनों ही अभियुक्त अस्पताल में हैं । ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने अपराधियों को पकड़ने के लिए शाहबाद डेरी थानाक्षेत्र में जाल बिछाया।
दिन दहाड़े हुए व्यापारी के हत्याकांड में शामिल अबतक 5 अभियुक्तों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है । इनके कब्जे से 2 पिस्तौल, 4 ज़िन्दा कारतूस व 1 चोरी की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई । मामले पर तहकीकात जारी है । 

शराब घोटाले के आरोपी आप के नेताओं के भ्रष्टाचार को बचाने के लिए भाजपा आप में कुत्ते-बिल्ली का खेल

 

दिल्ली:उच्च न्यायालय ने शराब के घोटाले के दोषियों को नोटिस जारी करके आगामी चुनावी राज्यों में कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाने के लिए नेरेटिव स्थापित करने के लिए भाजपा और आम आदमी पार्टी की योजना को विफल कर दिया है जो जनता की अदालत में पहले ही बेनकाब हो गए हैं। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने साधा निशाना कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के भ्रष्टाचार को बचाने के लिए भाजपा और आप कुत्ते-बिल्ली का खेल खेल रही हैं, लेकिन उच्च न्यायालय के द्वारा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के वोट बैंक को नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने के उनके मंसूबों को धराशायी किया जाएगा।
आम आदमी पार्टी के शासन में हुए आबकारी नीति घोटाले के सभी 23 अभियुक्तों को निचली अदालत द्वारा आरोपमुक्त करने के संदर्भ में आज 9 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई और उसके जांच अधिकारी के खिलाफ निचली अदालत के आदेश को सुरक्षित रखते हुए न्यायाधीश स्वर्णकांत शर्मा ने सभी अभियुक्तों को अगली तारीख पर 16 मार्च पर अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी इस बात का प्रमाण है कि अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य 21 अभियुक्तों के खिलाफ शराब घोटाले के पुख्ता सबूत है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा अभियुक्तों को नोटिस जारी करना मामले में दिल्ली कांग्रेस के रुख को मान्यता देता है कि शराब नीति को लागू करने में भारी भ्रष्टाचार हुआ था, जिसे तत्कालीन उपराज्यपाल के बाद उसे अचानक समाप्त कर दिया था। उपराज्यपाल वी0के0 सक्सेना ने घोटाले की सीबीआई जांच के आदेश दिया।
 उन्होंने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी गुजरात और गोवा सहित अन्य राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर शराब घोटाले के मामले में एक नया नेरेटिव स्थापित करने के लिए कैट-एंड-डॉग गेम खेल रहे हैं और आम आदमी पार्टी भाजपा के इशारे पर कांग्रेस पार्टी के वोटों में कटौती करने के लिए लड़ेंगी, जबकि अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सत्ता में लौटने का एक मजबूती के साथ जनता के बीच काम कर रही है। निचली अदालत में अरविन्द केजरीवाल सहित अन्य को शराब घोटाले में बरी करना भाजपा और आम आदमी पार्टी की चुनावी रणनीति का अंजाम दिखाई पड़ता है, जबकि गृहमंत्रालय के आधीन उपराज्यपाल के आदेश पर सीबीआई जांच में जब केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित अन्य को जेल हो गई थी और ठीक चुनावों से पहले जमानत पर बाहर आए और अब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के शराब घोटाले के मामले में सभी अभियुक्तों को बरी करना भाजपा और आम आदमी पार्टी में मिलीभगत की साजिश दिखाई देती है। क्योंकि अभी 2026 और 2027 में कई राज्यों में चुनाव होने है।
 दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने केजरीवाल और अन्य लोगों को चेतावनी दी थी कि शराब घोटाले के आरोपियों को आरोपमुक्त करने के मुकदमे के फैसले का जश्न मनाने का अभी समय नहीं आया है, क्योंकि वे अभी तक खतरे से बाहर नहीं हुए हैं क्योंकि केजरीवाल और उनके सहयोगियों के खिलाफ मजबूत सबूत हैं। केजरीवाल सहित अन्य अभियुक्तों के झूठ का खुलासा उच्च न्यायालय में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की अपील पर सुनवाई के समय सबके सामने आ जाऐगा।
 दिल्ली के लोगों की नजर में, केजरीवाल, सिसोदिया और शराब घोटाले में शामिल अन्य लोग भ्रष्टाचार के दोषी हैं, लेकिन केजरीवाल और अन्य लोगों द्वारा मगरमच्छ के आंसू बहाकर मीडिया के सामने अपने को बेगुनाही साबित करने का प्रयास कर रहे है लेकिन उनके भ्रष्टाचार को जनता अच्छी तरह जानती जो उच्च न्यायालय में जल्द उजागर होगा। उन्होंने कहा कि जैसा कि दिल्ली कांग्रेस ने बताया कि राउज एवेन्यू कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सिसोदिया और केजरीवाल को जमानत देने से इनकार करने के बाद पहली बार सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें जमानत देने से इनकार करना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि अदालत के समक्ष यह मानने के लिए पर्याप्त सबूत हैं कि शराब घोटाले में आम आदमी पार्टी के नेताओं की गंभीर रुप से संलिप्तता थी।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित 21 अन्य लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें आरोपमुक्त करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई के लिए पेश होने को कहा है। उन्होंने कहा कि 3 जून, 2022 को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पंजाब अकाली दल के नेता दीप मल्होत्रा के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें शराब नीति के बारे में गंभीर सवाल उठाए गए थे।

 

सिख डेलीगेशन ने ईरान एम्बेसी जाकर खामनेई के निधन पर दुख जताया

 

 दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष  परमजीत सिंह सरना की अगुवाई में सिख डेलीगेशन नई दिल्ली स्थित ईरान एम्बेसी जाकर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर दुख जताया। भारत और ईरान के रिश्ते गहरी ऐतिहासिक बुनियाद पर बने हैं। उन्होंने ईरानी लोगों और लीडरशिप के साथ अपनी हमदर्दी जताई। उन्होंने कहा कि दोनों सभ्यताओं के बीच कल्चरल और इकोनॉमिक रिश्ते एक हज़ार साल से भी ज़्यादा पुराने हैं और इसने पूरे इलाके में ट्रेड, स्कॉलरशिप और स्पिरिचुअलिटी में लेन-देन को आकार दिया है।
 
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने इस मौके पर मौजूद ईरानी एम्बेसडर से इलाके में मौजूदा टेंशन के बीच संयम बरतने की भी अपील की। ​​अमेरिका और इज़राइल के बीच हाल ही में बढ़े टेंशन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे नाजुक समय में, ईरान के लिए यह ज़रूरी है कि वह इलाके के दूसरे मुस्लिम देशों के प्रति संयम दिखाए और हालात को और बिगड़ने से रोकने में मदद करे। सिख डेलीगेशन के सदस्यों ने एम्बेसी में मिलकर प्रार्थना की। इस मौके पर, डेलीगेशन ने एम्बेसी में एक शोक पुस्तिका पर साइन किए और इलाके में शांति और स्थिरता के लिए प्रार्थना की।
 
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर दुख जताते हुए, शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली यूनिट की पूरी सीनियर लीडरशिप आज नई दिल्ली में ईरानी एम्बेसी पहुंची और भारत में ईरानी एम्बेसडर के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना के साथ-साथ मनजीत सिंह जीके, गुरमिंदर सिंह मठारू, कुलदीप सिंह भोगल, रमनदीप सिंह सोनू, तजिंदर सिंह गोपा, परमजीत सिंह राणा, सतनाम सिंह खीवा, महिंदर सिंह, मनजीत सिंह सरना, सुखदेव सिंह रियात, अमरजीत सिंह बेदी, अरविंदर सिंह रानी बाग, मनिंदर सिंह सूदन, गुरमीत सिंह फिलीपींस, जसमीत सिंह पीतमपुरा, हरभजन सिंह भल्ला आदि उपस्थित थे।

अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान 2026 से देशभर की प्रेरणादायक महिलाओं को किया जाएगा सम्मानित

दिल्ली: समाज में अपनी अलग पहचान बनाने वाली और बाधाओं को तोड़कर बदलाव लाने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से निदर्शना गोवानी की पहल ‘लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान 2026’ का आयोजन 10 मार्च को नई दिल्ली में किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान कमला पावर वुमन द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। लगभग 5 वर्ष पूर्व शुरू किए गए इस सम्मान का उद्देश्य समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को पहचान देना है। इन पुरस्कारों के माध्यम से देश के अलग-अलग राज्यों, छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर और दिव्यांग महिलाओं की उपलब्धियों को भी सम्मानित किया जाता है।इस वर्ष लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान के पांचवें संस्करण में कई प्रतिष्ठित हस्तियां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इनमें केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, भारत के कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, लोकसभा सांसद मनोज तिवारी सहित कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।

इस पहल के बारे में बात करते हुए निदर्शना गोवानी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान, अहिल्याबाई होलकर जी की शिक्षाओं और मूल्यों से प्रेरित एक मंच है। हमारा प्रयास उनके पदचिन्हों पर चलते हुए समाज की उन महिलाओं को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पहचान बनाई है। ये महिलाएं अलग-अलग राज्यों और पृष्ठभूमि से आती हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपने लिए बल्कि कई अन्य परिवारों के लिए भी रोजगार और आर्थिक सहारा तैयार किया है। इनमें से कई महिलाएं बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आती हैं और ग्लैमर की दुनिया से दूर रहते हुए भी समाज और देश को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस वर्ष भी हमने ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाओं का चयन किया है, जो वास्तव में मंच और सम्मान की हकदार हैं। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस छोटे से प्रयास के माध्यम से देश की सेवा करने का अवसर मिला।

महिलाओं को पहचान और सम्मान दिलाने के उद्देश्य से शुरू किया गया लोकमाता अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान केवल महिला दिवस का एक साधारण पुरस्कार समारोह नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक उद्देश्य से जुड़ा हुआ अभियान है। अपने प्रभावशाली प्रयासों के कारण इस पहल को वैश्विक स्तर पर भी सराहना मिली है। इस वर्ष यह देखना दिलचस्प होगा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आई प्रेरणादायक महिलाओं की कौन-कौन सी नई कहानियां इस मंच के माध्यम से सामने आएंगी।

राष्ट्रपति की पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य सरकार का रवैया संवैधानिक प्रोटोकॉल के विपरीत

पश्चिम बंगाल में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के दौरे के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर मालदा उत्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद तथा पश्चिम बंगाल भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष  खगेन मुर्मु ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। प्रेस वार्ता की शुरुआत में वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रपति के हालिया पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य सरकार का व्यवहार न केवल संवैधानिक प्रोटोकॉल के विपरीत था, बल्कि यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तथा पूरे आदिवासी समाज के प्रति अनादर का परिचायक है।

भारत के राष्ट्रपति देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और संविधान के अनुसार देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होते हैं। उनके अनुसार जब ऐसी महान हस्ती पश्चिम बंगाल का दौरा करती हैं, तो उन्हें उचित प्रोटोकॉल और सम्मान के साथ स्वागत करना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी होती है। लेकिन वास्तविकता यह रही कि न केवल मुख्यमंत्री हवाई अड्डे पर उपस्थित नहीं थीं, बल्कि राज्य सरकार का कोई वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद नहीं था। उन्होंने इस घटना को पश्चिम बंगाल के लिए एक शर्मनाक अध्याय बताया।

राष्ट्रपति  द्रौपदी मुर्मु एक अंतरराष्ट्रीय आदिवासी सम्मेलन में भाग लेने के लिए सिलीगुड़ी आई थीं, जो किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं था। इसके बावजूद सम्मेलन के निर्धारित स्थान के लिए अनुमति नहीं दी गई और बार-बार स्थान परिवर्तन करने के लिए मजबूर किया गया। अंततः उन्हें बागडोगरा तक जाना पड़ा। खगेन मुर्मु के अनुसार इस प्रकार का व्यवहार न केवल राष्ट्रपति का बल्कि पूरे देश के आदिवासी समाज का अपमान है। जब द्रौपदी मुर्मु को देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति के रूप में चुना गया, तब पूरे देश का आदिवासी समाज गर्व और खुशी से भर गया था। लेकिन पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान जो परिस्थितियाँ बनीं, उससे उस सम्मान को ठेस पहुँची है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस की सरकार आदिवासी समाज को वास्तविक सम्मान देने के बजाय केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है।

राज्य में आदिवासियों के साथ अत्याचार और उपेक्षा की अनेक घटनाएँ सामने आई हैं—जैसे फांसीदेवा में एक गर्भवती महिला पर हमला, आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार तथा विभिन्न क्षेत्रों में वंचना की घटनाएँ। उनके अनुसार ये घटनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि राज्य में आदिवासी समाज की सुरक्षा और सम्मान आज भी गंभीर प्रश्नों के घेरे में है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार आदिवासी, राजबंशी, मतुआ और अन्य समुदायों को केवल चुनाव के समय महत्व देती है, लेकिन वास्तव में उनके विकास के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाती। उन्होंने यह भी कहा कि जल, जंगल और जमीन पर अधिकार आदिवासियों का मूल अधिकार है, लेकिन पश्चिम बंगाल में उन्हें इन अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

राष्ट्रपति के दौरे से संबंधित घटनाओं पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के संदर्भ में खगेन मुर्मु ने कहा कि इस मामले की उचित जांच होनी चाहिए और राज्य सरकार को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उनके अनुसार देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आगे मांग की कि इस घटना के लिए राज्य की मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उनके अनुसार इस घटना में केवल राष्ट्रपति का ही नहीं बल्कि देश की करोड़ों आदिवासी महिलाओं और पूरे आदिवासी समाज का अपमान हुआ है।

खगेन मुर्मु ने बताया कि इस घटना के विरोध में राज्य के विभिन्न जिलों में आदिवासी समाज पहले ही सड़कों पर उतर चुका है और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में आदिवासी समाज इस अपमान का जवाब देगा और तृणमूल कांग्रेस को राजनीतिक रूप से अस्वीकार करेगा।

भारत का देता दुनिया में सबसे कीमती राहुल ने लगाया इसे अमेरिका को सौंपे जाने का आरोप

दिल्ली: भारत का डेटा दुनिया में सबसे कीमती है, लेकिन मोदी सरकार व्यापार समझौते के जरिए इसे अमेरिका को सौंप रही है। लोक सभा में  नेता विपक्ष राहुल गाँधी ने कहा कि भारत को अपनी ताकत को समझते हुए ही वैश्विक स्तर पर बातचीत करनी चाहिए। केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित टेक्नोपार्क में आईटी पेशेवरों और उद्यमियों के साथ संवाद के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत के पास प्रतिभाशाली मानव संसाधन, विविधता और मजबूत इंजीनियरिंग तथा मेडिकल क्षमता है। इन ताकतों के आधार पर भारत लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए विश्वस्तरीय उत्पादन और औद्योगिक व्यवस्था खड़ी कर सकता है और सही नीतियों व दूरदृष्टि के साथ चीन से मुकाबला कर सकता है।

मौजूदा आर्थिक ढांचे की आलोचना करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था कुछ बड़े व्यवसायिक समूहों के नियंत्रण में सिमटती जा रही है। उनके अनुसार बड़े उद्योगपति मुख्यतः विदेशी उत्पाद बेच रहे हैं, जिससे घरेलू विनिर्माण और स्थानीय उत्पादकों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को “उत्पादन विरोधी” बताते हुए कहा कि इससे रोजगार सृजन की रीढ़ माने जाने वाले छोटे और मध्यम उद्योग प्रभावित हुए हैं। गांधी ने कहा कि मौजूदा कर व्यवस्था उत्पादन आधारित राज्यों को नुकसान पहुंचाती है, जबकि उपभोग आधारित राज्यों को अपेक्षाकृत लाभ मिलता है। नौकरियां दुनिया से खत्म नहीं होतीं, बल्कि एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होती हैं। उनके अनुसार देशों के बीच आज प्रतिस्पर्धा इस बात को लेकर है कि वे अपने नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर किस तरह आकर्षित करते हैं, जिसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी, अवसंरचना और मजबूत औद्योगिक नीति आवश्यक है।

 उन्होंने कहा कि टिकाऊ रोजगार मुख्यतः उत्पादन क्षेत्र से आता है, न कि केवल उपभोग से। आईटी क्षेत्र अवसर पैदा करता है, लेकिन भारत जैसे बड़े देश में व्यापक स्तर पर रोजगार देने की क्षमता विनिर्माण उद्योगों में है। गांधी ने कहा कि ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता है, हालांकि वर्तमान में इन क्षेत्रों में चीन का मजबूत औद्योगिक वर्चस्व है।उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में देशों को अपनी नीतियां नए औद्योगिक रुझानों के आधार पर बनानी होंगी। गांधी के अनुसार पहले ब्रिटेन ने स्टीम इंजन और कोयले के जरिए तथा बाद में अमेरिका ने पेट्रोलियम के नियंत्रण से औद्योगिक शक्ति हासिल की। अब वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा का केंद्र इलेक्ट्रिक मोटर, बैटरी और ऑप्टिक्स जैसे क्षेत्रों में है, जिनमें चीन अग्रणी है।
 
साथ ही  चेतावनी दी कि पर्याप्त रोजगार सृजन नहीं होने पर समाज में असंतोष और टकराव बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए रोजगार सृजन किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए । गरीबों को मिलने वाली सहायता को अक्सर “रेवड़ी” कहकर आलोचना की जाती है, जबकि बड़े उद्योगपतियों को सस्ती जमीन, कर रियायतें और ऋण माफी मिलने पर उसे विकास बताया जाता है। गांधी ने सवाल किया कि एक ही देश में दो अलग-अलग मानदंड क्यों अपनाए जाते हैं। संवाद के दौरान एक प्रश्न के उत्तर में गांधी ने कहा कि यदि वे राजनीति में नहीं होते, तो संभवतः एयरोस्पेस क्षेत्र में कोई उद्यम कर रहे होते। उन्होंने कहा कि वे अपने पिता और चाचा की तरह पायलट हैं और विमानन उनके परिवार की परंपरा का हिस्सा रहा है।

एक साल में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 110 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी

 

दिल्लीवासियों को सब्सिडाईज दरों पर 500 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा पूरा करने की बजाय सरकार ने एक वर्ष में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 110 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी कर डाली है। पिछली बार अप्रैल को 50 रुपये प्रति सिलेंडर की दरों में बढ़ोत्तरी की गई थी। इसी तरह भाजपा की मोदी सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरों में भी 2026 में जनवरी, 1 फरवरी, 1 मार्च और मार्च तक कुल 307 रुपये की बढ़ोत्तरी की। सरकार द्वारा की गई बढ़ोत्तरी के बाद राजधानी दिल्ली में प्रति घरेलू सिलेंडर अब 913 रुपये और कर्मिशयल सिलेंडर 1883 में मिलेगा।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने हालात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कि देश पर आर्थिक दबाव और रसोई गैस के दामों वृद्धि होना भाजपा की केंद्र शासित मोदी सरकार की विदेश नीति का प्रभाव है जिसके तहत हमारे कॉम्प्रोमाईजड पीएम ने ट्रेड डील को अंजाम देकर फाइनल किया है। देश की जनता पर आर्थिक बौझा सरकार की जनता विरोधी नीतियों के कारण पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभी रसोई गैस की दरें बढ़ी हैजो हालात भाजपा ने देश में पैदा कर दिए हैजल्द पेट्रोलडीजलअन्य पेट्रोलियम पदार्थों की दरों सहित खाद्य सामग्री और जरुरत की वस्तुओं के दाम भी आसमान छू जाऐंगेजबकि अत्यधिक महंगाई के कारण पहले ही देश की 95 प्रतिशत जनसंख्या त्राहि त्राहि कर रही है। 

उन्होंने  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से अपील की है कि केन्द्र सरकार द्वारा रसोई गैस सिलेंडरों पर खत्म की गई सब्सिडी को तुरंत लागू करेंक्योंकि कमरतोड़ महंगाई और एलपीजी सिलेंडर की दरों ने महिलाओं की रसोई के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

अंधविश्वास और कुरीतियों पर एक करारी चोट चरक

 

बॉक्स ऑफिस के ट्रेंड और मसाला फ़िल्मों से दूरी बनाकर फिल्म बनाना बेहद जोखिम का काम होता है , ऐसे में हमें तारीफ करनी होगी सुदीप्तो सेन की जिन्होंने हमेशा ही ऐसे विषयों पर दिल को झकझोर कर रख देने वाली फिल्मों बनाई है सुदीप्तो की पिछली फिल्म केरल स्टोरी ने टिकट खिड़की पर भी 300 करोड़ से ज्यादा की कमाई करने के साथ साथ क्रिटिक्स और दर्शको की भी भी खूब तारीफे बटोरी अब यह बात अलग है कि उन्हें अक्सर कट्टर पंथियों की खरी खोटी सुनने के साथ जान से मारने तक की धमकियां भी मिलती रही है ।
अब बात करते है  उनकी नई फिल्म चरक की एक ऐसे विषय पर बनी फिल्म जिसे सेंसर ने ही क्लियर कराना मेकर्स के लिए टेडी खीर साबित हुआ सेंसर कमेटी के सदस्यों को सुदीप्तो ने इस फिल्म की कहानी को लेकर अपनी रिसर्च से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराए तब जाकर फिल्म को कमेटी ने एडल्ट सर्टिफिकेट के साथ क्लियर किया । फिल्म की कहानी चरक उत्सव से जुड़ी है जो लगभग एक हजार साल से भी अधिक समय से पूर्वी भारत बंगाल, बिहार, असम, ओडिशा और झारखंड के साथ दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मनाया जाता रहा है। आज भी यह उत्सव हर साल करीब 15 मार्च से 15 मई) के आसपास बीच यह उत्सव बड़े पैमाने पर आयोजित होता है।
चरक उत्सव को मां काली और भगवान शिव की आराधना से जोड़ा जाता है। कहते  है इस दौरान देवी-देवता धरती पर आकर भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते है दूसरी और इस उत्सव का दूसरा पक्ष तांत्रिक साधनाएं और अघोरी प्रथाएं और अंध विश्वास से जुड़ी है । आज भी इस उत्सव के दौरान बलि देने की कुप्रथा है अपनी मनोकामना को पूर्ण करने की चाह में कुछ तो छोटे बच्चों की बलि देने के अंधविश्वास के जाल में है 
चारो और से ऊंचे पहाड़ों और घने जंगलों के बीच बसे एक छोटे से गांव में भी हर कोई इस उत्सव की तैयारियों मे लगा है, गांव के ज्यादातर लोग बेहद गरीब है बावजूद इसके शाम की दारू पीने और ताश के पत्ते खेलते और अपनी कमाई का एक हिस्सा इसी में उड़ा देते है यहां भी चरक उत्सव के लिए दूर दराज से कई अघोरियों ने डेरा डाला हुआ है, गांव के छोटे से स्कूल में पढ़ने वाले दो दोस्त भी इस स्टोरी के अहम किरदार है तो गांव की पुलिस चौकी का इंस्पेक्टर और उसकी राइटर पत्नी भी अब शहर से स्टडी टूर के बाद गांव में पति के पास वापस आ गई है , शादी के बारह साल बाद भी इनकी की औलाद नहीं है , कहीं ना कहीं इंस्पेक्टर पति के मन में भी इस चरक उत्सव के दौरान पिता बनने का ख्वाब पल रहा है ऐसे में गांव के दो बच्चों का किडनैप हो जाता है और फिर ऐसा कुछ होता है जो हर किसी को विचलित कर देता है।
अगर आप यह मानते है कि रूढ़िवादी और अंधविश्वासी सिर्फ अनपढ़ और दूर दराज के लोग ही होते है तो फिल्म का क्लाईमेक्स आपका यह भ्रम तोड़ता है फिल्म की लीड जोड़ी अंजली पाटिल (लेखिका )और साहिदुर रहमान (पुलिस इंस्पेक्टर) के रूप में जमे है अन्य कलाकारो में सुब्रत दत्ता, नवनीश ने अपने अपने किरदार को जीवंत कर दिया है, किसी स्टूडियो में लगाए गए सेट पर नहीं वेस्ट बंगाल के एक गांव में शूट यह फिल्म उन दर्शकों की कसौटी पर 100 फीसदी खरी उतरेगी जो सिनेमा मौज मस्ती नहीं समाज की रियल्टी देखने की आस में जाते है तो चरक आपके लिए है।

प्रधानमंत्री मोदी से तेहरान में सिखों की निकासी सुनिश्चित करने का आग्रह

दिल्ली: ईरान की राजधानी तेहरान में हवाई हमलों के बीच सिखों के घर एवं गुरुद्वारे पर मंडराते खतरे के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी से तेहरान से सिखों की निकासी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है । तेहरान में रहने वाला संख्या में सीमित सिख समुदाय ऐतिहासिक गुरुद्वारा भाई गंगा सिंह सभा के आसपास है और एक लंबे अरसे से बसा हुआ है । तेहरान में विस्फोटों और हमलों की लगातार खबरों से उनके भारतीय परिजन चिंतित हैं ।

अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि विदेश मे रह रहे प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार को स्थिति पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और समय पर माकूल कदम उठाने चाहिए । 

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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समाचार

1 - हैदराबाद में ऐतिहासिक गुरुद्वारे से जुड़े ढांचे को गिराये जाने एवं ज़मीन के विवाद पर चिंता

2 - दिल्ली में नशीले पदार्थों का हो रहा है पौषण

3 - धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस व मदिरा की दुकानों पर रोक लगाने की मांग

4 - सोनम वांगचुक को बिना सबूत जेल में रखा: केजरीवाल

5 - एलपीजी की किल्लत के विरोध में कांग्रेस का भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन

6 - महिला निगम पार्षद के साथ अभद्र व्यवहार का मुद्दा सदन में गरमाया

7 - होरमज़ से भारत के ईंधन जहाजों को सैफ पैसेज मिलना भारत एवं प्रधानमंत्री की विश्व कीर्ति का परिणाम

8 - रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के बाहर लंबी लाईने लगना इतिहास में पहली बार: देवेन्द्र यादव

9 - इंद्रपुरी ब्लॉक में मरम्मत कार्य निरीक्षण करने पहुंची आप निगम पार्षद एवं उनकी टीम के साथ हाथापाई

10 - एलपीजी और पेट्रोल/डीजल की किल्लत को मुद्दा बनाकर विपक्ष के सांसदों ने बरपाया जमकर हंगामा

11 - अनुराधा पौडवाल,रुपाली गांगुली एवं तनिषा मुखर्जी को अहिल्याबाई होल्कर महिला 2026 सम्मान

12 - बवाना के व्यापारी की हत्या के दो अभियुक्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

13 - शराब घोटाले के आरोपी आप के नेताओं के भ्रष्टाचार को बचाने के लिए भाजपा आप में कुत्ते-बिल्ली का खेल

14 - सिख डेलीगेशन ने ईरान एम्बेसी जाकर खामनेई के निधन पर दुख जताया

15 - अहिल्याबाई होलकर महिला सम्मान 2026 से देशभर की प्रेरणादायक महिलाओं को किया जाएगा सम्मानित

16 - राष्ट्रपति की पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान राज्य सरकार का रवैया संवैधानिक प्रोटोकॉल के विपरीत

17 - भारत का देता दुनिया में सबसे कीमती राहुल ने लगाया इसे अमेरिका को सौंपे जाने का आरोप

18 - एक साल में रसोई गैस सिलेंडर के दामों में 110 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोत्तरी

19 - अंधविश्वास और कुरीतियों पर एक करारी चोट चरक

20 - प्रधानमंत्री मोदी से तेहरान में सिखों की निकासी सुनिश्चित करने का आग्रह

21 - करमपुरा वार्ड 89 में ड्यूटी के दौरान जान गवाने वाले सफाई कर्मचारी को एक करोड़ के मुआवजे की माँग

22 - नारी सशक्तिकरण के संकल्प को नई गति और नई शक्ति

23 - मुफ्त गैस सिलेंडर,लखपित बिटिया और पिंककार्ड की घोषणा करोड़ों खर्च कर राजनैतिक चेहरा चमकाना

24 - अगर यह शराब नीति सही थी तो इसको वापस क्यों लिया गया

25 - होटल रेडिसन ब्लू में महाराष्ट्रा टूरिज्म रोड शो

26 - पुलिस एवं विश्व हिंदू परिषद संयुक्त रूप से जागरूकता एवं जनसहभागिता बढ़ाने हेतु करेंगे कार्य

27 - अकाली दल ने की अंतरधार्मिक विवाह रोकने के लिए कानून बनाने की माँग

28 - गिरफ्तार युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पैरवी के लिए कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल उपराज्यपाल से मिला

29 - बहुराज्य पृष्ठभूमि के कारण भारत मंडपम प्रकरण की जाँच क्राइम ब्रांच इंटरस्टेट सेल को सौंपी

30 - राष्ट्र विरोधी ताकतों के प्रवक्ता बन गए हैं राहुल गाँधी

31 - एआई युग में एमसीडी के खंडहर स्कूलों के बच्चे दुनिया का कैसे करेंगे मुकाबला

32 - IEEPA कानून के अंतर्गत टैरिफ लगाने के अमेरिका के राष्ट्रपति के अधिकार को स्पष्ट रूप से नकारा

33 - जामिया हमदर्द प्रोजेक्ट का लेआउट प्लान को दोबारा से लाया जाना सेटिंग का अंदेशा