नई दिल्ली 18, May 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

मेट्रो मंडे एक दिखावटी हथकंडा

 

दिल्ली सरकार का मेट्रो मंडे का पैंतरा, शासन, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण के क्षेत्र में सरकार की पूर्ण विफलता से ध्यान भटकाने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि यह कैबिनेट सहयोगियों के लिए महज एक पब्लिसिटी स्टंट और फोटो खिंचवाने का मौका मात्र  है । सरकार ने दो दिनों में दो बार पेट्रोल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी करने के साथ ही डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर आम लोगों पर असहनीय बोझ डाल दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी ने उन लोगों पर असहनीय बोझ डाल दिया है, जो पहले से ही सब्जियों और जरूरी चीजों सहित हर तरफ बढ़ती महंगाई से परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि जब से रेखा गुप्ता सरकार सत्ता में आई है, लोगों ने केवल पब्लिसिटी के हथकंडे देखे हैं, कोई ऐसा रचनात्मक काम नहीं देखा जिससे आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि क्यों जनता को बेवकूफ बनाने के लिए मंत्रीगण दिन में एक ही बार मेट्रो सफर के दौरान फोटो खिचवा कर गायब हो जाते है। क्या मुख्यमंत्री यह उजागर करेंगी कि मंत्रीमंडल और शीर्ष अधिकारी कितने दिन मेट्रो में सफर करेंगे?  यह सादगी दिखाना लोगों को गुमराह करने के लिए महज एक पब्लिसिटी स्टंट है, और शासन में सादगी बरतने का उनका कोई सच्चा इरादा नहीं है क्योंकि जब मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों को कार्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं और दिल्ली के लिए परियोजनाओं पर फैसले लेने है, तब वे मेट्रो में अपनी फोटो खिचवाने व्यस्त दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार का ष्मेट्रो मंडेष् का पैंतरा, शासन, बुनियादी ढांचे और जन कल्याण के क्षेत्र में सरकार की पूर्ण विफलता से ध्यान भटकाने की एक कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है। 

दिल्ली में प्रतिदिन 65-71 लाख तक यात्री यात्रा करते है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में डीटीसी बसों की भारी कमी के कारण बसों में लोग बुरी  तरह भरे होते है और बसों अपने गणतव्य तक पहुँचने के लिए लोगों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मेट्रो के फेरे बढ़ाने के साथ-साथ दिल्ली परिवहन निगम के अंतर्गत डीटीसी बसों की संख्या की बढ़ोतरी को कार्यान्वित करने पर काम करें।    

 

दीपक सिंगला का सैकड़ों करोड़ का बैंक लोन फिर उस पैसे का गैर कानूनी दुरुपयोग

दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला की एक बड़े बैंक घोटाले को लेकर ई.डी. की जांच के बाद गिरफ्तारी पर  बोले भाजपा के दिल्ली प्रदेश वीरेन्द्र सचदेवा कहा कि  इस  गिरफ्तारी ने "आप" का एक नया काला चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि कहा है की यूं तो अरविंद केजरीवाल सहित "आप" नेताओं की रिश्वतखोरी की लूट अलग ही चर्चा में रही हैं पर  परिवर्तन की राजनीति की ताल ठोक राजनीति में आई "आप" के नेताओं की रिश्वतखोरी के साथ ही अब उनके काला धन से जायदादें खरीदने, टैक्स चोरी के साथ ही बैंक लोन धोखाधड़ी  करने का घिनौना काला चेहरा भी सामने आया है।

दीपक सिंगला के सैकड़ों करोड़ के बैंक लोन और फिर उस पैसे के गैर कानूनी के दुरुपयोग के मामले से यूं तो दिल्ली वाले स्तब्ध हैं पर किसी "आप" नेता के आर्थिक अपराध का यह पहला मामला नही - सत्येंद्र जैन से लेकर संजीव अरोड़ा तक ना जानें कितने नाम हैं जिनके काले कारनामे दुनिया के सामने आये हैं। पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा फर्जी कम्पनियां बना कर रिश्वत के पैसे का खेल 2018-19 में सामने आया था जिसे केजरीवाल ने राजनीतिक साजिश बताया था । इसके बाद "आप" नेता एक के बाद एक रिश्वत घोटालों में गिरफ्तार होते रहे और पार्टी सबके पीछे राजनीतिक उद्देश्य समझाती रही पर इसी माह सामने आये पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा एवं दिल्ली के "आप" नेता दीपक सिंगला के टैक्स चोरी एवं बैंक घोटालों ने दिल्ली एवं देश  के सामने भ्रष्टाचार का नया चेहरा रखा है।
 
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कल्पना करके भी आश्चर्य होता है की एक राज्य का मंत्री खुद जी.एस.टी. घोटाला करते गिरफ्तार हो रहा है तो तीन तीन चुनाव लड़े नेता बैंक से लोन लेकर घोटाले कर रहे हैं। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर  ने कहा कि "आप" आज आर्थिक अपराध करने वालों की शरणस्थली बन गई है। देश आशा करता है की अरविंद केजरीवाल ने आर्थिक घोटालेबाज सत्येंद्र जैन को तो खूब संरक्षण दिया पर अब कम से कम संजीव अरोड़ा एवं दीपक सिंगला को तो पार्टी से बाहर का रास्ता दिखायेंगे।

दो महीने में खुले नाले में गिरने से हुई 4 मौतें

दिल्ली: नगर निगम के जगह-जगह खुले नालों में गिरने से लोगों की हो रही दु:खद मौतों पर भाजपा शासित एमसीडी को नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने आड़े हाथ लिया ।  कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन सरकार की लापरवाही लगातार लोगों की जान ले रही है। एमसीडी में मेयर बदल गए, लेकिन उसका गैर-जिम्मेदार रवैया नहीं बदला। पिछले ढाई महीनों में दिल्ली में कई लोगों की मौत खुले नालों में गिरने से हो चुकी है, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी हर बार जिम्मेदारी से भागती नजर आई। एमसीडी का खुले नालों में गिरने से हुई कई लोगों की मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि रोहिणी में 30 वर्षीय युवक की मौत, बुराड़ी में 2 साल की मासूम आयशा की मौत,  दिलशाद गार्डन में राहुल सिंह और रोहिणी सेक्टर-32 में बिरजू सिंह की मौत हो गई। हर घटना में भाजपा ने मामले को दबाने और पल्ला झाड़ने का काम किया। आखिर कब तक दिल्लीवासी भाजपा की लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे।

अब मानसून सिर पर है लेकिन नालों की सफाई और डिसिल्टिंग का काम ठप पड़ा है। दिल्ली को फिर जलभराव और हादसों की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने भाजपा की चार इंजन सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी पीड़ित परिवारों को एक 1-1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। साथ ही जल्द से जल्द दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। भाजपा सत्ता के नशे में दिल्ली की जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी जनता की आवाज बनकर हर लापरवाही को लगातार उजागर करती रहेगी। उधर, “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर प्रवीण कुमार ने कहा कि दिल्ली में भाजपा की चार इंजन वाली सरकार की लापरवाही के कारण खुले नाले में गिरने से लगातार मौतें हो रही हैं। एमसीडी में भाजपा के मेयर तो बदल गए हैं, लेकिन एमसीडी का रवैया नहीं बदला है। पिछले लगभग दो-ढाई महीने में एमसीडी के खुले नाले में गिरने से पांच-छह लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन  हर बार भाजपा की एमसीडी जिम्मेदारी लेने से अपना पल्ला झाड़ लेती है।
 
प्रवीण कुमार ने एमसीडी के खुले नाले में गिरने से ही मौत की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि 16 फरवरी को रोहिणी में 30 साल के एक नौजवान की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई, लेकिन भाजपा शासित एमसीडी ने अभी तक उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। 3 मई को बुराड़ी में दो साल की बच्ची आयशा की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई लेकिन एमसीडी का रवैया वही है। 31 मार्च को दिलशाद गार्डन में 33 साल के राहुल सिंह की खुले नाले में गिरने से मौत हो गई और भाजपा इस मामले को भी रफा-दफा करने की कोशिश की। 10 फरवरी को दो लोग खुले नाले में गिर गए। इसमें में रोहिणी सेक्टर-32 में दिलजू सिंह की मौत हो गई। वहां भी भाजपा ने केस को दबा दिया और एमसीडी ने पूरी तरह से अपना पल्ला झाड़ लिया। इन सारे केस में संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और भाजपा की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। दिल्ली के लोगों की खुले नाले में गिरने से कब तक मौत होती रहेगी? भाजपा सरकार को इन सभी पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और फाइनेंशियल असिस्टेंट देना चाहिए, क्योंकि अब इनका परिवार कैसे चलेगा? भाजपा पूरी तरह सत्ता के नशे में धुत और चूर है, इसलिए उन्हें दिल्ली की जनता की कोई परवाह नहीं है।
 
अभी बरसात का मौसम आ रहा है। “आप” के पूर्व पार्षद अजय शर्मा ने एक वीडियो साझा की है, जिसमें देखा जा सकता है कि नाले में इतनी ज्यादा गाद भरी पड़ी है कि बच्चे नाले के ऊपर पैदल चल रहे हैं। बरसात का मौसम आने वाला है, लेकिन भाजपा सरकार की तरफ से कोई डिसिल्टिंग नहीं की जा रही है। बरसात में दिल्ली की स्थिति दोबारा वैसी ही हो जाएगी। सड़कों पर लबालब पानी भर जाएगा, नालों से निकासी नहीं होगी और दिल्ली की जनता फिर से उसी तरह परेशान होगी।
 
प्रवीण कुमार ने कहा कि भाजपा की इस तरह की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिस तरह से हम समय-समय पर भाजपा को एक्सपोज करते आए हैं, आगे भी एक्सपोज करते रहेंगे। भाजपा की लापरवाही से जिन भी लोगो की मौत हुई है, सरकार उन सभी के परिवारों को मुआवजा दे, संबंधित अधिकारियों पर पूर्ण रूप से कार्रवाई करे और अपनी जिम्मेदारी ले।

कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम्

दिल्ली में हिंदी फिल्म कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम् स्पेशल स्क्रीनिंग में  राजनीति, प्रशासन, कला और समाज जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने फिल्म का आनंद लिया। पूरा माहौल श्री कृष्ण भक्ति और भारतीय संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। प्रवेश करते ही “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्णा” के मधुर भजन वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहे थे। पूरे ऑडिटोरियम को कनेर के सुंदर फूलों से सजाया गया था, जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो दर्शक किसी दिव्य उत्सव का हिस्सा बन गए हों। फिल्म के कई भावुक और भक्ति से भरे दृश्यों पर दर्शकों ने तालियों और जयघोष के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।फिल्म में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभा रहे देहरादून के रहने वाले सिद्धार्थ गुप्ता ने अपने प्रभावशाली अभिनय से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं सत्यभामा के किरदार में संस्कृती जयना बेहद आकर्षक और प्रभावशाली नजर आईं। फिल्म के निर्माता सज्जन राज कुरुप ने सभी मेहमानों और मीडिया से मुलाकात कर फिल्म के निर्माण के पीछे की भावना साझा की। उन्होंने ने कहा कि कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम् को देशभर से भरपूर प्यार मिल रहा है और फिल्म अब सफलतापूर्वक दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फिल्म को देखने के बाद इसकी सराहना की और इसे उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री घोषित किया, जो पूरी टीम के लिए गर्व और आशीर्वाद जैसा है।देश के कई बड़े संतों और महामंडलेश्वरों ने फिल्म के ट्रेलर को देखकर अपना आशीर्वाद दिया है, जिनमें श्री प्रेमानंद महाराज, श्री कैलाशानंद गिरि महाराज, श्री बालकानंद गिरि महाराज और श्री श्री रवि शंकर

 जैसे प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु शामिल हैं। सज्जन राज कुरुप ने यह भी बताया कि श्री प्रेमानंद महाराज ने फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद 1100 रुपये देकर पूरी टीम को अपना विशेष आशीर्वाद प्रदान किया, जिसे फिल्म की सफलता का शुभ संकेत माना जा रहा है। “भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं अपरंपार हैं। यह फिल्म केवल एक सिनेमा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, श्रद्धा और भावनाओं का उत्सव है। दर्शकों और संत समाज से मिल रहा प्यार हमारे लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है।” फिल्म के दूसरे भाग की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और जल्द ही कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम् की शूटिंग प्रारंभ की जाएगी। इस घोषणा के बाद दर्शकों और कृष्ण भक्तों के बीच फिल्म को लेकर उत्साह और बढ़ गया है।दिल्ली में आयोजित यह विशेष संध्या भक्ति, संस्कृति और सिनेमा का ऐसा संगम बनी जिसने हर उपस्थित व्यक्ति को भावुक और आनंदित कर दिया। कृष्णावतरम भाग 1 - हृदय हृदयम्लगातार दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बना रही है और हर वर्ग के लोग इस फिल्म को अपने परिवार के साथ देखने पहुंच रहे हैं।

ट्रम्प भारत को रूस से सस्ता तेल नहीं दे रहा है लेने

दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि के लिए मोदी सरकार का ट्रम्प के सामने घुटने टेकने का परिणाम बताते हुए आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज एवं पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय है ने कहा कि मोदी जी ने भारत को अमेरिका का उपनिवेश बना दिया है। इसलिए ट्रम्प भारत को रूस से सस्ता तेल नहीं लेने दे रहा है। उधर पीएम मोदी के दोस्त अडानी पर अमेरिका में केस चल रहा है। वह अपना केस खत्म कराने की एवज में अमेरिका में 95 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें 3 रुपए बढ़ी हैं, जल्द ही कुछ और वृद्धि होगी और अब यह सिलसिला चलता रहेगा। देश के आर्थिक हालात बिल्कुल अच्छे नहीं हैं। ऐस में मोदी सरकार को सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी पर सौरभ भारद्वाज ने देश के सबसे बड़े उद्योगपति गौतम अडानी का जिक्र करते हुए कहा कि उनके ऊपर अमेरिका में भ्रष्टाचार का एक मुकदमा हुआ है कि उन्होंने भारत में करीब दो हजार करोड़ रुपए की रिश्वत दी। रिश्वत भारत में दी गई, लेकिन मुकदमा अमेरिका ने दर्ज किया और इससे भारत सरकार परेशान हो गई। भारत सरकार ने यह नहीं कहा कि देश में रिश्वत चली है तो यहां मुकदमा चलेगा। अब अडानी अमेरिका की सरकार से कह रहे हैं कि वे वहां 10 बिलियन डॉलर यानी 95 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे, जिससे अमेरिका में 15 हजार नौकरियां लगेंगी और इसके बदले में उनके ऊपर से मुकदमा खत्म कर दिया जाए।
सौरभ भारद्वाज ने आगे कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब आदमी से कह रहे हैं कि विदेश यात्रा मत करो और सोना मत खरीदो, ताकि भारत का पैसा और फॉरेन एक्सचेंज बाहर न जाए। वहीं, दूसरी तरफ उनके परम मित्र अडानी अपने भ्रष्टाचार के केस में अपनी जान बचाने के लिए देश का 95 हजार करोड़ रुपए डॉलर में अमेरिका भेज रहे हैं। इस पर सरकार चुप है।  आज भारत लगभग अमेरिका की कॉलोनी यानी उपनिवेश बन गया है। भारत सरकार अमेरिका से पूछ रही है कि क्या वह रूस से सस्ता तेल खरीद ले, लेकिन अमेरिका ने मना कर दिया है। सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं और सस्ता तेल न मिलने के कारण देश में तेल के दाम बढ़ा दिए गए हैं। अभी दाम तीन रुपए बढ़े हैं, कुछ दिनों बाद पांच रुपए बढ़ेंगे और यह सिलसिला काफी दिनों तक चलता रहेगा, क्योंकि देश के आर्थिक हालात बहुत खराब हैं।
सरकार देश के सामने आर्थिक हालात की सच्चाई नहीं बताना चाहती। हाल ही का डेटा बता रहा है कि इंजीनियरिंग करने वाले 85 फीसदी बच्चों की नौकरी नहीं लगी है और एमबीए स्टूडेंट्स का भी लगभग यही हाल है। जिनके पास नौकरियां थीं, उन्हें सॉफ्टवेयर कंपनियां निकाल रही हैं। चीजें महंगी हो रही हैं, ट्रेड डेफिसिट बढ़ रहा है, इंपोर्ट बढ़ रहा है, एक्सपोर्ट घट रहा है और प्रोडक्शन हो नहीं रहा है। देश के आर्थिक हालात बिल्कुल भी अच्छे नहीं हैं और सरकार को यह सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
उधर, दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी के कहने के बाद लोगों ने भी अपने घरों से गाड़ियां निकालना बंद कर दिया होगा या कम से कम यह सोच तो रहे होंगे कि आज अपनी गाड़ी लेकर बाहर निकलें या न निकलें। देश में पेट्रोल और डीजल का भारी संकट आ गया है। गैस का संकट तो पहले से ही था। लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल रहे थे और होटलों में तो इसे बंद ही कर दिया गया था। यह जो पूरा संकट भारत के सामने आया है, इसके बारे में कहा जा रहा है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कम हो रहा है, क्योंकि जब हम गैस, तेल, डीजल और पेट्रोल की खरीदारी करते हैं तो विदेशी मुद्रा भंडार कम होता है। प्रधानमंत्री ने देश हित में अपील की है और निश्चित रूप से इससे बड़ी देशभक्ति और क्या हो सकती है? लेकिन क्या किसी ने कभी यह सोचने की कोशिश की है कि हमारे देश में जो पेट्रोल, डीजल और गैस का संकट पैदा हुआ है, उसका असल जिम्मेदार कौन है? लोगों के मन में आ रहा होगा कि अमेरिका, इजराइल या ईरान इसके जिम्मेदार हैं, क्योंकि अगर इजराइल, ईरान और अमेरिका का युद्ध नहीं छिड़ता तो यह पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा नहीं होता।

न्यूयार्क में 105 रू तो रूस की राजधानी मास्को में 92.50 रू और भारत में 97.77 रू/लीटर बिक रहा है पेट्रोल

दिल्ली: पेट्रोल की बढ़ी कीमत पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश के मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि काश टिप्पणी देने से पहले "आप" नेता थोड़ी रिसर्च कर लेते तो उन्हे मालूम पड़ जाता की भारतीय मूल्य अनुसार अमरीका के न्यूयार्क में पैट्रोल 105 रूपए लीटर तो रूस की राजधानी मास्को में 92.50 रूपए लीटर बिक रहा है । देश में पैट्रोल के दामों में हुई आंशिक वृद्धि को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं के ब्यान उन्हे हास्य का पात्र बना रहे हैं। 

पैट्रोल डीजल के दामों में एक रूपये की भी वृद्धि का सामान्य नागरिकों को चुभना सवाभिक है पर वहीं दूसरी ओर देश का हर नागरिक जानता है की यह वृद्धि तेल के दामों में हो रही अंतराष्ट्रीय वृद्धि का परिणाम है जिसे भारत सरकार ने कम से कम पर रोका है। प्रदेश मीडिया प्रभारी ने किया सवाल । सौरभ भारद्वाज बतायें की भारत तेल अरब देशों से खरीदे, अमरीका से खरीदे या फिर रूस से वो सस्ता कैसे हो जायेगा। दिल्ली में आज के पेट्रोल के भाव 97.77 रुपये/ लीटर है ।

गोल्ड ज्वेलरी की डिमांड सप्रेशन की बजाय मौजूद गोल्ड मोबिलाइजेशन बुलियन बैंकिंग फ्रेमवर्क

दिल्ली: यदि एक साल तक सोना नहीं खरीदा गया तो आभूषण उद्योग से जुड़े हुए 3.5 करोड़ कामगारों एवं व्यवसाइयों जिनमें स्वर्णकार, व्यापारी एवं  उनसे जुड़े हुए कामगार शामिल हैं, की रोजी रोटी पर मंडरा रहा है खतरा । कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सूरजेवाला ने स्वर्णकार उद्योग के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जानकारी दी कि 90 फीसदी आभूषण उद्योग एमएसएमई के अंतर्गत आता है सत्ता के शीर्ष से वर्मा स्वर्णकार संघ एवं उनसे जुड़े लोगों की रोजी रोटी पर खतरे का फरमान है ।

सोने के आभूषण व जेवर भारत की सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं, सामाजिक रीति-रिवाजों का अभिन्न हिस्सा हैं तथा धार्मिक परंपराओं के निर्वहन में सौभाग्य, समृद्धि और शुभता का प्रतीक हैं। भारतीय समाज में स्वर्ण आभूषण न केवल करोड़ों माताओं व बहन-बेटियों के लिए मुश्किल की घड़ी में आर्थिक सुरक्षा कवच हैं, बल्कि उल्लास, पवित्रता, उत्सव के माहौल व वैभव की पहचान भी हैं। यही नहीं, गाँव से शहर तक स्वर्ण आभूषण यानी ज्वेलरी व सुनार के व्यापार में लगे छोटे-छोटे दुकानदारों, व्यापारियों, कारीगरों, कामगारों, दस्तकारों की रोजी-रोटी का एकमात्र धंधा भी है। देश का 90% से अधिक ज्वेलरी तथा आभूषण का काम दुकानदारों-सुनारों-MSME सेक्टर में है, जिसमें देशभर में 3.5 करोड़ (3,50,00,000) लोग जुड़े हैं। 

13 मई, 2026 को एक और ‘‘ज्वेलरी उद्योग विरोधी वज्रपात’’ गिराते हुए सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी सीधे 6% से बढ़ाकर 15% कर डाली। मतलब, एक तरफ तो सोना व सोने के आभूषण न खरीदने का फरमान देकर 3.5 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर लात मारी, तो दूसरी ओर सोने की तस्करी करने वाले तस्कर माफियाओं की काली कमाई का इंतजाम भी कर दिया। भारत के कुल ‘‘सकल घरेलू उत्पाद’’ यानी जीडीपी में ज्वेलरी सेक्टर का योगदान 7% से अधिक है! वहीं देश के कुल व्यापारिक निर्यात में इस क्षेत्र के हिस्सेदारी 12% तक है और सबसे बड़ी बात कि इसमें 85% से अधिक निर्यातक (एक्सपोर्टर) MSME कैटेगरी में आते हैं!सोने के आभूषण कारोबार में  गांवों से लेकर शहरों और महानगरों तक छोटे ज्वेलर्स, व्यापारी, सुनार और गलाई-पकाई-छिलाई-गढ़ाई से लेकर पॉलिश करने वाले लाखों कारीगर लगे हैं और करोड़ों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है!

Gems and jewellery सेक्टर भारत की सबसे बड़ी रोजगार देने वाली इंडस्ट्रीज में से एक है, 50 लाख से अधिक लोगों को ये सेक्टर रोजगार देता है, जबकि देश में करीब 3.5 करोड़ लोगों की नौकरी व रोजगार ज्वेलरी सेक्टर के इकोसिस्टम पर ही निर्भर है! एक साल की रोजगार बंदी में ये पूरा ज्वेलरी सेक्टर ही खत्म हो जाएगा।सरकारी आंकड़ों की ही बात करें तो जुलाई 2020 में ‘उद्यम पोर्टल’ के लॉन्च होने के बाद से 15 अगस्त 2025 तक देश भर में 75,082 रजिस्टर्ड MSMEबंद (De-registered/Shut down) हो चुके हैं! जबकि एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 से 2022-23 के दौरान असंगठित विनिर्माण क्षेत्र (अनोर्गनाइज्ड सेक्टर) के लगभग 18 लाख उद्यम बंद हुए हैं, जिससे करीब 54 लाख लोगों का रोटी-रोजगार छिन गया!

केवल 2024-25 में ही (फरवरी 2025 तक) 35,567 से अधिक MSME बंद हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में MSME की तालाबंदी में हुई बहुत अधिक वृद्धि है और इन बंद हुई यूनिट्स के कारण 3 लाख से अधिक लोगों का काम धंधा खत्म हो गया!  ऐसे में सोने के आभूषण निर्माण कारोबार को ठप्प करके करोड़ों लोगों की ‘‘आजीविका का गला घोंटना’’ न केवल आर्थिक संकट और बेरोजगारी की तबाही बढ़ाना है, बल्कि भाजपा का किया क्रूर ‘‘अमानवीय अत्याचार’’ भी है!  सोने की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से जुड़े स्मगलिंग बढ़ने के सीधे खतरे को ऐसे समझिए कि- वित्त वर्ष 2024-25 में सरकारी एजेंसियों ने ही करीब 3005 मामलों में लगभग 2.6 मीट्रिक टन (2,600 Kg.) से अधिक सोना जब्त किया है  मगर ये सरकारी आंकड़ा तो स्मगलिंग सोने का छोटा सा हिस्सा है, ज्वेलरी सेक्टर के विशेषज्ञों की मानें तो सालाना करीब 10 से 15 मीट्रिक टन से अधिक सोने की स्मगलिंग रही है, जो अब और अधिक बढ़ने का रास्ता सत्ता में बैठी भाजपा ने खोल दिया है ! सरकार द्वारा थोपी नोटबंदी, एक्साइज ड्यूटी के काले फरमान, गलत जीएसटी और हड़बड़ी में लागू किए अनिवार्य हालमार्किंग से पहले ही ज्वेलरी सेक्टर की कमर टूट चुकी है और अब एक साल की ये ‘अघोषित तालाबंदी’ और सोने की स्मग्लिंग को बढ़ावा इस सेक्टर के लिए ‘‘डेथ वारंट’’ जैसा है ।

अगर गोल्ड इंपोर्ट कम करना ही मकसद है, तो सरकार ने देश में गोल्ड ज्वेलरी की ‘‘डिमांड सप्रेशन’’ की बजाय देश में पहले से ही मौजूद सोने को मोबिलाइज करने और ‘‘बुलियन बैंकिंग फ्रेमवर्क’’ बनाने की नीति पर काम क्यों नहीं किया? एक तरफ प्रधानमंत्री जनता को स्वर्ण आभूषण न खरीदने की सलाह दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ मोदी सरकार स्वयं सोना खरीद रही है? क्या यह सही नहीं कि मोदी सरकार व आरबीआई की सोवरेन गोल्ड होल्डिंग, जो सितंबर 2025 में 794.64 मीट्रिक टन थी, वह मार्च, 2026 में बढ़कर 880.52 मीट्रिक टन हो गई हैं? क्या यह सही नहीं कि 7 महीने में मोदी सरकार ने स्वयं 85.88 मीट्रिक टन सोना खरीदा है? तो फिर आम जनमानस पर पाबंदी क्यों?क्या अब 90% MSME व छोटे दुकानदारों में जुड़ा ज्वेलरी उद्योग भी अगले 1 साल में तालाबंदी का शिकार नहीं हो जाएगा? क्या ज्वेलरी सेक्टर का पूरा मैदान साफ कर अब इसे भी बड़े-बड़े कॉर्पोरेट मित्रों को देने की मंशा है?   

काहलों-सिरसा द्वारा लगाये गए आरोपों का कोर्ट में जवाब देंगे मंजीत सिंह जीके

दिल्ली : सिख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी की हाल ही में आयोजित पत्रकार वार्ता में कालका एवं काहलों द्वारा लगाये गए आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए प्रबन्धन कमेटी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके ने कहा कि पंथक को गुमराह करने की हो रही है साजिश । दस्तावेजों में कुछ एक जगह उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं । समय आने पर कोर्ट में अपना  पक्ष रखेंगे । एस एस मोटा सिंह स्कूल में नर्सरी की छात्रा के साथ छेड़-छाड़ के मामले में उन्होंने कहा कि मामले को दबाए जाने की की हो रही है कोशिश । उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट द्वारा गठित  इंडिपेंडेंट पैनल द्वारा जाँच करवाये जाने की माँग की है । उनका आरोप है कि अंदरूनी तौर पर स्कूल के प्रबंधन को हस्तांतरित करने की रची जा रही है साजिश । हाल ही में प्रबंधन में जोड़े गए चार सदस्य  मनीष गुप्ता, स्वाति गर्ग, अमरजीत सिंह एवं विजेंद्र कुमार अग्रवाल के तालुकात सियासतदानों से बताए जा रहे हैं । किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए प्रबंधन के 2/3 सदस्यों की सहमति जरूरी है । 

 स्कूल की स्थापना 1916 में  पाकिस्तान में हुई थी । जनकपुरी में  इस स्कूल की स्थापना 1976 में हुई थी । आज दिल्ली में इनके पास 8 एकड़ ज़मीन है और इस स्कूल की 3 ब्रांच है । 

गोलक के पैसे के गबन मामले में मनजीत सिंह जी.के. के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज: कालका - काहलों

  

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरमीत सिंह कालका और जनरल सचिव जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि कमेटी के पूर्व प्रधान मनजीत सिंह जी.के. द्वारा प्रधान रहते हुए गोलक के पैसे के दुरुपयोग के मामले में अदालत ने संज्ञान लेते हुए दो एफआईआर दर्ज की हैं। एक मामले में पहले ही संज्ञान लेते हुए जी.के. को नोटिस जारी किया गया था, जिसमें वह जमानत पर बाहर हैं, जबकि ताजा मामले में अब समन जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आखिरकार जी.के. को अपने किए कर्मों का फल भुगतना ही पड़ेगा।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हरमीत सिंह कालका और जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि पहला केस उनके वर्तमान करीबी सहयोगी गुरमीत सिंह शंटी द्वारा दायर किया गया था। इसमें एफआईआर नंबर 3/2019 नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में दर्ज है। आरोप है कि कनाडा से एक परिवार ने एक लाख कनाडाई डॉलर का चेक दिया था, लेकिन इस मामले में जी.के. और उनके साथियों ने एक्सिस बैंक के फर्जी वाउचर बनाकर यह दिखाया कि यह राशि नकद रूप में बैंक में जमा करवाई गई। उन्होंने बताया कि एक लाख कनाडाई डॉलर की राशि भारतीय मुद्रा में लगभग 51 लाख 5 हजार 773 रुपये बनती है, जिसका गबन किया गया।
उन्होंने कहा कि इसी तरह मनजीत सिंह जी.के. ने ‘साड़ी विरासत’ नाम की एक पुस्तक प्रकाशित दिखाकर घोटाला किया, जबकि ऐसी कोई पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई। इसके अलावा, रैनबी क्लोथिंग प्राइवेट लिमिटेड, जो जी.के. के घर के पते पर रजिस्टर्ड है और उनकी बेटी की कंपनी बताई जाती है, उससे कमेटी को विभिन्न सामान की सप्लाई दिखाकर भुगतान किए गए और हेराफेरी की गई। उन्होंने बताया कि इस केस में जी.के. को आईपीसी की धाराएं 409, 511, 406, 471, 477A और 120B के तहत समन जारी हुए हैं।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार जगदीप सिंह काहलों की शिकायत पर एफआईआर नंबर 192/2020 दर्ज हुई, जिसमें गबन के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि 30 लाख और 50 लाख रुपये की राशि को एक लाख कनाडाई डॉलर के बदले समायोजित करने की कोशिश की गई। इस केस में भी आईपीसी की धाराएं 406, 409, 420 और 120B लगाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद अगर मनजीत सिंह जी.के. झूठ बोलना चाहते हैं तो यह उनकी मर्जी है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह गुरु घर के पैसे का दुरुपयोग किया गया, वह बेहद चिंताजनक है।

 

"नीट" पेपर लीक को पकड़ा राजस्थान के स्थानिय पुलिस प्रशासन ने तो फिर सरकार कैसे दोषी

दिल्ली: जेन Z से बात करने के नाम पर आम आदमी पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के ब्यान को उनकी राजनीतिक हताशा एवं आराजक कार्य शैली का मिला जुला प्रमाण बताते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि  देश का युवा अरविंद केजरीवाल की घटिया राजनीति को भलीभांति समझता है, अरविंद केजरीवाल ने स्वंय 2010 -11 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक युवा आंदोलन दिल्ली में खड़ा किया पर मात्र 2 साल बाद उसी कांग्रेस के साथ मिलकर 2013 में दिल्ली में सरकार बना ली। 2015 में पुनः युवाओं एवं सामान्य गरीबों को बड़े बड़े सपने दिखा कर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की सत्ता हासिल की और फिर अगले 10 साल दिल्ली में अकूट भ्रष्टाचार फैला कर युवाओं के साथ हर वर्ग के लोगों को निराश किया। यही सब अरविंद केजरीवाल की पार्टी की पंजाब सरकार ने भी करके पंजाब के युवाओं एवं महिलाओं को निराश किया है। 

केजरीवाल युवाओं को गुमराह करने के लिए कह रहे हैं की राजस्थान में "नीट" का पेपर लीक हुआ तो वहां की भाजपा सरकार जिम्मेदार है, मैं केजरीवाल से पूछता हूं की पेपर लीक को पकड़ा राजस्थान के स्थानिय पुलिस प्रशासन ने तो फिर सरकार कैसे दोषी हुई ? यह राजस्थान सरकार की उपलब्धि है की उसने नकल माफिया का भांडा फोड़ा है। उन्होंने कहा कि बेहतर होगा की अरविंद केजरीवाल यह एहसास करें की उनकी 10 साल से अधिक के दिल्ली सरकार एवं 4 साल से अधिक के पंजाब सरकार के भ्रष्टाचार को देख चुका देश का युवा यानि जेन Z अब उनके किसी छलावे में नही आयेगा। अंतर्राष्ट्रीय मसलों में ब्यान देकर अरविंद केजरीवाल पहले भी देश को शर्मसार कर चुकें हैं, खुद को हास्य का पात्र बना चुके हैं, उनके लिए उचित होगा की वह खुद को अंतर्राष्ट्रीय मसलों से अलग रखें और रूस एवं अमरीका को लेकर ब्यानबाज़ी ना करें।

कार्यकर्ताओं का समर्पण ही अन्य दलों से अलग एवं श्रेष्ठ बनाता है

दिल्ली:  बाहरी दिल्ली जिले के पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान में  भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र  सचदेवा ने कार्यकर्ता संभाल एवं दायित्वबोध विषय सत्र को सम्बोधित किया और कहा की कार्यकर्ता संगठन की अमूल्य पूंजी है। भाजपा संगठन एवं नेतृत्व हमेशा अपनी कार्यकर्ता रूपी अमूल्य पूंजी को धरोहर की तरह मानते हैं क्योंकि हमारे कार्यकर्ताओं का समर्पण ही हमे सभी अन्य दलों से अलग एवं श्रेष्ठ बनाता है।

उत्तराखंड के जिम कार्बेट पार्क क्षेत्र में आयोजित बाहरी दिल्ली, महरौली एवं दक्षिण दिल्ली के प्रवास शिविरों के विभिन्न विषय सत्रों को राष्ट्रीय महामंत्री  अरूण सिंह, मंत्री  ओमप्रकाश धनखड़, संगठन महामंत्री  पवन राणा, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत एवं  योगेन्द्र चांदोलिया, विधायक  अजय महावर, वरिष्ठ नेता  सुभाष सचदेवा और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर आदि ने सम्बोधित किया।कल प्रातः के सत्र के साथ तीनों जिलों के प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हो जायेंगे।

संगीन अपराधों के मामलों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर

 नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा राजधानी दिल्ली में अपराधों पर 2024 की जारी रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया करते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि यह रिपोर्ट पर तो एक वर्ष पहले तक की हैजबकि आज राजधानी में अपराध के हालात कहीं गंभीर हो चुके हैरक्षक पुलिस भक्षक बनकर खुलेआम गोली मारकर हत्या कर रही है। बढ़ते अपराधों पर केन्द्रीय गृहमंत्री की निष्क्रियता और प्रभावहीन कार्यशैली के कारण संगीन अपराधों में देश के 19 महानगरों में राजधानी दिल्ली सबसे उपर है और वर्ष 2024 में यहां 2.70 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गएजबकि दिल्ली में अपराधिक आरोप पत्र दर्ज दाखिल करने की दर सबसे कम है। रिपोर्ट में राजधानी के महिलाओं के प्रति अपराधिक आंकडे़ दिल दहलाने वाले है जिनमें दहेज के लिए 109 मौतेबलात्कार के 1058 मामलेघरेलू क्रूरता के 4646 मामले अपहरण के 3974 मामले और यौन उत्पीड़न के 316 मामले दर्ज हुए। प्रति लाख की जनसंख्या पर महिलाओं के खिलाफ अपराध की संख्या 176.8 रही। उन्होंने कहा कि दहेज के लिए हत्याओं को आंकड़ा 2023 में 114 और 2022 में 129 महिलाओं को मौत के घाट उतार दिया गया। 

पुलिस की गिरती साख का भी खुलासा किया हैकि दिल्ली पुलिस न्याय दिलाने में में कितनी निष्क्रिय हैजिस पर उच्च पुलिस अधिकारियों को संज्ञान लेने की आवश्यकता है। दिल्ली में प्रति लाख जनसंख्या पर संगीन अपराधों की दर 1688 हैजो देश के सभी महानगरों में सबसे अधिक है। राजधानी में 2024 में 2,75,402 संगीन अपराधिक मामले दर्ज किए गएलेकिन इतनी बड़ी संख्या में मामलों पर दिल्ली पुलिस सिर्फ 31.9 प्रतिशत के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किएजो सभी महानगरों में सबसे कम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस अपराधियों के खिलाफ आरोप पत्र दर्ज ही नही करेगीतो दिल्ली के लोगों को कैसे न्याय दिलाएगी। पुलिस की निरसता और लचीले या पक्षपात की नीति के कारण ही शायद दिल्ली में अपराधियों के हौसले बुलंद है और राजधानी अपराध में भी नम्बर वन बन चुकी है।

राजधानी में जहां हत्यारेपदहेज हत्यामहिलाओं के खिलाफ अपराधलूटआर्थिक अपराधसाईबर क्राईमनशे का कारोबार जैसे अनेक अपराध वर्ष दर वर्ष बढ़ रहे हैवहीं आईपीसी और बीएनएस के तहत न्याय के लिए 2024 में 4,34,981 मामले लंबित थे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष में अदालतों में केवल 50,305 मामलों का ट्रायल पूरा होने के बाद 88.3 प्रतिशत मामले अब भी अटके हुए है। ट्रायल पूरा हुए मामलों में अभियोजन की सफलता में सजा मिलने की दर 74.1 प्रतिशत दर्ज की गई जिसमें हत्या के मामलों में सजा 62.5 प्रतिशत। रेप के मामलों में सजा की दर 24.1 प्रतिशत और यौन उत्पीड़न के मामलों में चैकाने वाला है कि सजा किसी को नही दी गईयह चिंताजनक है। आर्थिक् अपराधों के 25532 लंबित मामलों में सिर्फ 4524 मामलों की सुनवाई हुई जिनमें सजा दर 27.3 प्रतिशत दर्ज हुई और साईबर मामलों 1,152 मामलों में से सिर्फ 52 मामलों का ट्रायल हुआ।

कुर्बानी मिडिल क्लास ही क्यों सरकार,पीएम,मंत्री,उद्योगपति और अफसर खर्चों में कटौती क्यों नहीं

दिल्ली:आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश की आर्थिक स्थिति का सच देशवासियों के सामने रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों से विदेश न जाओ, विदेशी उत्पाद न खरीदो, सोना न खरीदो, पेट्रोल-डीलज की गाड़ी इस्तेमाल न करो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करो और वर्क फ्रॉम होम करो, जैसे 7 कठोर कदम उठाने की अपील की है। इससे साफ है कि देश की अर्थ व्यवस्था का बहुत बुरा हाल है और आने वाले दिनों में और भी बुरा हाल होने वाला है। उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों से सिर्फ मिडिल क्लास ही प्रभावित हो रहा है। आखिर सारी कुर्बानी मिडिल क्लास ही क्यों दे। उन्होंने पूछा कि सरकार, पीएम, मंत्री, उद्योगपति और अफसर अपने खर्चों में कटौती क्यों नहीं कर सकते? हम देश के खातिर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन चुन कर सिर्फ मिडिल क्लास को टारगेट नहीं किया जाए और देश के साथ सारी जानकारी साझा की जाए। पार्टी मुख्यालय पर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ प्रेसवार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश बहुत आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस वजह से उन्होंने देश के लोगों से सात कठोर कदम उठाने की अपील की है। पहला, वर्क फ्रॉम होम। दूसरा सोना खरीदना बंद करो, कम से कम सोना खरीदो। तीसरा, पेट्रोल डीजल की बचत करो, ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करो। चौथा, उर्वरक का कम से कम इस्तेमाल करो, प्राकृतिक कृषि करो। पांचवां विदेश उत्पाद कम से कम उत्पाद करो और विदेशी मुद्रा बचाओ। छठां, खाने के तेल का भी कम से कम इस्तेमाल करो। सातवां, विदेश यात्रा बंद करो। 

 उन्होंने कहा कि 1950 से अभी तक ऐसे कई समय आए, जब हमारा देश अलग-अलग संकटों से गुजरा। चीन, पाकिस्तान से युद्ध हुआ। हमारा देश आर्थिक मंदी से भी गुजरा। लेकिन इतने कठोर कदम आज तक कभी किसी प्रधानमंत्री ने देशवासियों को उठाने के लिए नहीं कहे। लाल बहादुर शास्त्री जी ने भी देश के लोगों से अपील की थी और एक समय इंदिरा गांधी जी ने भी लोगों से सोना न खरीदने की अपील की थी। लेकिन आज तक कभी किसी प्रधानमंत्री ने सात बड़े कदम नहीं उठाए। इस वक्त पूरा देश सदमे में हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से तीन गुजारिश करते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री ने इतने कठोर कदम उठाने के लिए कहा है तो इसका मतलब देश की अर्थ व्यवस्था का काफी बुरा हाल है। साथ ही आने वाले समय में अर्थ व्यवस्था का और भी बुरा हाल होने का अंदेशा है। लिहाजा, प्रधानमंत्री से देश यह जानना चाहता है कि अर्थ व्यवस्था के मामले में हम कहां खड़े हैं? सभी देशवासी देश भक्त हैं। कठोर से कठोर कदम भी उठाएंगे, अगर हमें देश के लिए कठिनाईयां बर्दाश्त करनी पड़ी, कुर्बानियां देनी पड़ी तो वह भी करेंगे, लेकिन देश को यह बात का पता तो चले कि यह कदम क्यों उठाए जा रहे हैं? देश को पता तो चले कि देश की अर्थ व्यवस्था आज कहां खड़ी है? केवल आदेश दे देने भर से तो काम नहीं चलेगा। यह देश हम सब 140 करोड़ लोगों का है। साथ ही प्रधानमंत्री से निवेदन करते हुए कहा कि देश की अर्थ व्यवस्था की वर्तमान स्थिति और आने वाले कुछ महीनों या एक साल में अर्थ व्यवस्था की क्या स्थिति होने का अंदेशा है, इसकी सारी जानकारी देश के लोगों के साथ साझा करें। अन्यथा देश के लोगों में शंका पैदा होती है। देश में अलग-अलग किस्म की अफवाहें फैल रही हैं। आज अफवाहों का बाजार गर्म है। यह अर्थ व्यवस्था के विश्वास के लिए अच्छा नहीं है। 
 
 दूसरी अपील करते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच हो रहे युद्ध की वजह से यह हो रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की वजह से तो पूरी दुनिया प्रभावित है। लेकिन किसी भी देश की सरकार ने अपने नागरिकों से इस तरह से सात कठोर कदम उठाने की अपील नहीं की है। इससे देश के लोगों के मन में शंका पैदा होती है कि कहीं अमेरिका-ईरान युद्ध के अलावा अर्थ व्यवस्था की स्थिति कहीं और भी ज्यादा खराब तो नहीं है। हमारा देश किन परिस्थितियों से गुजर रहा है? इसलिए प्रधानमंत्री मोदी देश को बताएं कि जो कदम किसी भी देश ने नहीं उठाए, जबकि सभी देश प्रभावित हैं। ऐसे में इस तरह के कठोर कदम सिर्फ भारत को उठाने की क्या जरूरत पड़ गई? आखिर इतनी ज्यादा क्या खराब स्थिति हो गई है?  तीसरी अपील करते हुए कहा कि इसका सारा बोझ मिडिल क्लास पर क्यों डाला जा रहा है। विदेश न जाओ, विदेशी उत्पाद न खरीदो, सोना न खरीदो, पेट्रोल-डीलज की गाड़ी इस्तेमाल न करो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करो और वर्क फ्रॉम होम करो, इन सारे कदमों से सिर्फ मिडिल क्लास प्रभावित हो रहा है। मिडिल क्लास बहुत देशभक्त है। जरूरत पड़ने पर मिडिल क्लास किसी भी हद तक जाकर देश के लिए कुछ भी करेगा, लेकिन केवल मिडिल क्लास ही क्यों? सबसे पहले अगर किसी को कुर्बानी देनी चाहिए थी तो वह सरकार को देनी चाहिए थी। देश की सरकार को अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए। लेकिन देश की सरकार ने अपने खर्चों में कोई कटौती नहीं की।
 
सरकार को अपने खर्चे में कटौती करने के बाद प्रधानमंत्री और सारे मंत्रियों को अपने-अपने खर्चों और खपत पर कटौती करनी चाहिए। उन्होंने भी अपने खर्चे में कोई कटौती नहीं की। सभी खुले घूम रहे हैं, विदेशों में भी जा रहे हैं, गाड़ियां भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं, सोना भी खूब खरीद रहे होंगे। सब कुछ हो रहा है। इसके बाद अफसरों से उम्मीद की जाती है कि अफसरशाही कुछ कुर्बानी करे। इसके बाद देश के अति अमीर लोगों से उम्मीद थी। इनमें मोदी जी के कुछ दोस्त भी शामिल हैं। मोदी जी को इनसे भी एक अपील करनी चाहिए थी कि अडानी जी भी अपने खर्चें में कुछ कटौती करें और देश अन्य खरबपति लोगों भी कटौती करें, लेकिन इनसे कोई अपील नहीं की गई। यह अपील सिर्फ देश के मिडिल क्लास से अपील की गई है। इस बात का दुख होता है। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास कह रहा है कि वह देश के लिए कुर्बानी करेगा, लेकिन केवल हम ही क्यों? मोदी जी, अडानी, मंत्री और अफसर कुर्बानी क्यों नहीं देंगे? देश तो सबका है। हम देश के लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं, लेकिन चुन कर सिर्फ मिडिल क्लास को टारगेट नहीं किया जाए और देश के साथ सारी जानकारी साझा की जाए।

सविन्दर सिंह कोहली बने शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के उपाध्यक्ष


नई दिल्ली, 11 मई: दिल्ली की पंथक राजनीति में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट को उस समय बड़ा बल मिला जब सरदार सविन्दर सिंह कोहली और सरदार हरजिन्दर सिंह सन्नी की प्रेरणा से वार्ड नंबर 8 रानी बाग से सैकड़ों की संख्या में युवा दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हो गए।
इन युवाओं का पार्टी में स्वागत करते हुए सरदार कालका और सरदार काहलों ने कहा कि आज दिल्ली की संगतों में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट से जुड़ने को लेकर भारी उत्साह है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं और विशेष रूप से युवा वर्ग पार्टी के साथ जुड़कर गर्व महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज सरदार कोहली की प्रेरणा से बड़ी संख्या में युवा पार्टी में शामिल हुए हैं, उससे स्पष्ट है कि दिल्ली की संगत हमारी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों से बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि हमारी टीम केवल गुरुद्वारा प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल एवं स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रही है और युवाओं को गुरसिखी जीवन शैली से जोड़ने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संगतों के सहयोग से ही हम प्रतिदिन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र का विस्तार कर रहे हैं, जिसका बड़ी संख्या में लोगों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार 1984 सिख कत्लेआम पीड़ित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरियां दिलाने के लिए टीम ने सरकारों के साथ मिलकर कानून में संशोधन करवाया। पहली बार ऐसा हुआ कि शिक्षा की शर्त समाप्त करवाकर भी नौकरियां दिलाई गईं, जिसकी सेवा संगतों ने स्वयं देखी है।
इस अवसर पर सरदार कोहली और हरजिन्दर सिंह सन्नी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में संगतें उनके साथ जुड़ी हुई हैं, जिससे पार्टी को बड़ा लाभ मिलेगा। इस मौके पर उन्होंने सरदार कोहली को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त करने का भी ऐलान किया।
इस अवसर पर पार्टी के संरक्षक शमशेर सिंह सन्धु, दिल्ली इकाई के अध्यक्ष एम.पी.एस. चड्ढा, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरविंदर सिंह के.पी., सदस्य भूपिंदर सिंह भुल्लर, कुलतारण सिंह, सुखविन्दर सिंह बब्बर, युवा जसप्रीत सिंह विक्की मान, बलजिन्दर सिंह, मीडीया प्रभारी सुदीप सिंह, अमृतपाल सिंह विक्की पालको, पूर्व सदस्य समरदीप सिंह सन्नी मौजूद रहे। 

पेट्रोल, डीजल, गैस, तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान

दिल्ली: देशभक्ति के नाम पर लोगों को पेट्रोल, डीजल, खाने का तेल, गैस काम इस्तेमाल कम करने की सलाह देने पर पीएम नरेंद्र मोदी को आम आदमी पार्टी से सांसद संजय सिंह ने आड़े हाथ लिया है। उन्होंने देशवासियों से कहा कि चुनाव तक मोदी जी ने आपका बोझ उठाया। चुनाव ख़त्म, आपका इस्तेमाल ख़त्म। अब देशभक्ति के नाम पर लाइन में लग जाओ। गैस महंगी हो गई है और अब पेट्रोल-डीज़ल भी महंगा होगा। चुनाव तक किसी चीज की कमी नहीं होने का दावा कर रहे पीएम मोदी अब देशभक्ति के नाम पर लोगों से पेट्रोल, डीज़ल गैस, खाने के तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान दे रहे हैं। लेकिन मोदी जी अपनी रैलियों और विदेश यात्राएं करेंगे और खूब तेल फूकेंगे। उनके लोग सोना तो क्या पूरे देश की सम्पतियां ख़रीद लेंगे, लेकिन जनता फटीचर बने रहिए। रविवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दो महीने से भारत की सरकार (यानी स्वयं मोदी जी) जनता का बोझ उठा रहे थे, लेकिन अब चुनाव खत्म हो गया है तो अब वे बोझ नहीं उठाएंगे। पांच राज्यों का चुनाव जब तक हो रहा था, तब तक उन्होंने जनता का बोझ उठा लिया। अब वे कह रहे हैं कि पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल कम कीजिए। एक साल तक कोई भी शादी या फंक्शन हो तो सोना न खरीदिए और खाने के तेल का भी इस्तेमाल कम कीजिए।

यह सारा ज्ञान चुनाव भर मोदी जी को याद नहीं आया। तब वे कह रहे थे कि कोई कमी नहीं है, पूरा भंडार भरा हुआ है और कोई समस्या नहीं है। लेकिन जैसे ही पांच राज्यों के चुनाव खत्म हुए, नरेंद्र मोदी के कंधे झुक गए। जो कंधे जनता का बोझ उठा रहे थे, वे मोदी सरकार के कंधे अब झुक गए हैं और अब वे कह रहे हैं कि वे जनता का बोझ नहीं उठाएंगे।चुनाव खत्म होने के बाद मोदी जी ने कमर्शियल सिलेंडर का दाम 993 रुपए बढ़ा दिया, जिसे रेहड़ी वाले, चाय वाले और छोटी-छोटी दुकान वाले इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का दाम भी 261 रुपए बढ़ा दिया गया, जिसे छात्र, मजदूर और झुग्गियों में रहने वाले गरीब लोग इस्तेमाल करते हैं। मोदी जी लगातार जनता पर इस तरह से महंगाई का बोझ डालते जा रहे हैं। देश को सोचना होगा कि उसे कब होश आएगा और वह कब इन सवालों पर सरकार से जवाब मांगेगा? चुनाव भर जनता का इस्तेमाल किया जाता है। कभी उनके खाते में 10 हजार रुपए डाल दिए जाते हैं और उसके बाद पटना की सड़कों पर नौजवानों को डंडों से पीटा जाता है। चुनावों में जनता से कहा जाता है कि न तेल की कमी है और न गैस की, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गैस के दाम बढ़ा दिए जाते हैं।

जनता को सलाह दी जा रही है कि तेल का इस्तेमाल कम करें और इस सबको देशभक्ति से जोड़ दिया जाता है। जनता महंगाई में रहे, सोना न खरीदे, विदेशों की यात्रा न करे। इन सबको देशभक्ति बताया जा रहा है। लेकिन मोदी जी खुद बड़ी-बड़ी रैलियां और सभाएं करेंगे। लाखों लोगों को बसों में भर-भर कर लाया जाएगा, वहां तेल का भरपूर इस्तेमाल होगा और उसमें कहीं कोई दिक्कत नहीं होगी। प्रधानमंत्री विदेशों की यात्रा करेंगे, रोड शो करेंगे और उसमें तेल की कोई बचत नहीं करनी होगी। भाजपा और प्रधानमंत्री इस प्रकार के दोहरे चरित्र से देश को कब तक धोखा देते रहेंगे? देशवासियों के ऊपर हर प्रकार का कष्ट, तकलीफ, महंगाई और बेरोजगारी थोपते हुए उसे देशभक्ति से जोड़ा जा रहा है। देश की जनता कब तक खामोशी से यह सब कुछ बर्दाश्त करती रहेगी? यह सोचने का विषय है।

 उन्होंने कहा कि मोदी जी का यह कितना दोहरा चरित्र है कि उनके खुद के ऐशो-आराम में कोई कमी नहीं है। अब वे यूएई सहित विदेशों की यात्रा भी करने जा रहे हैं, उनके लोग सोने का भी इस्तेमाल करेंगे और पूरी तरह से आडंबर का जीवन बिताएंगे। उनकी रैलियों में लाखों लोगों को बसों में इकट्ठा किया जाएगा और उसमें तेल की बचत की जरूरत नहीं है। लेकिन जनता से कहा जा रहा है कि देशभक्ति के नाम पर मिट जाओ और चुनाव में लाइन में लगकर वोट देते रहो। इस देश की जनता नरेंद्र मोदी के लिए सिर्फ और सिर्फ वोट की मशीन रह गई है। इसके अलावा देशवासियों का कोई इस्तेमाल नहीं है और केवल चुनावी उपयोग के बाद उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है।

पंजाब में मंत्री संजीव अरोड़ा बिल्डरों से साजिश करके मनी लांड्रिंग रेड के बाद हुये गिरफ्तार

 

दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पंजाब के "आप" अध्यक्ष एवं राज्य मंत्री संजीव अरोड़ा पर ई.डी. के रेड को राजनीतिक साजिश बताने की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा है कि आज अरविंद केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका चेहरे की हवाईयां उड़ रहीं थी और साफ था की वह जान रहे हैं की यह ई.डी. जांच संजीव अरोड़ा से होते हुए उन तक भी पहुंचेगी क्योंकि इस सारे उगाही षड्यंत्र के मास्टर माइंड तो खुद अरविंद केजरीवाल ही प्रतीत होते हैं।
ल आज जिस तरह पंजाब में मंत्री संजीव अरोड़ा बिल्डरों से साजिश करके मनी लांड्रिंग रेड के बाद गिरफ्तार हुए हैं यह बिल्कुल वैसे है जिस तरह दिल्ली ने दस साल भ्रष्टाचार की सरकार झेली जिसमें मुख्य मंत्री, उप मुख्य मंत्री, सांसद शराब घोटाले में जेल गये।
विगत चार साल से पंजाब टीम अरविंद केजरीवाल की लूट का केन्द्र बना हुआ है और जिस तरह दिल्ली में "आप" सरकार ने शराब ठेकेदारों से मिल कर हजारों करोड़ का घोटाला किया था ठीक उसी तरह पंजाब में बड़े बिल्डरों को भूमी उपयोग बदलने की छूट से लेकर अत्याधिक एफ.ए.आर. एवं प्लाट काटने की छूट देकर हजारों करोड़ की लूट का खेल चल रहा है। पंजाब में अभी दो दिन पहले ही मुख्य मंत्री के एक नजदीकी के यहां ई.डी. रेड के वक्त हवा में लाखों रुपये उड़ते देखे गये थे। भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार होने वाले संजीव अरोड़ा पंजाब के पहले मंत्री नही इससे पूर्व "आप" मंत्री डा. संजीव सिंगला, फौजा सिंह सिरारी एवं "आप" विधायक रमन अरोड़ा भी भ्रष्टाचार में गिरफ्तार हो चुके हैं।

अत्याचारों के आगे पंजाब नहीं झुकेगा: केजरीवाल

दिल्ली: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ईडी की रेड पड़ने पर भाजपा और पीएम नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी के सहारे भाजपा और मोदी जी ने पंजाब को ललकारा है। पंजाब न पहले झुका था और न अब झुकेगा। पंजाब ही भाजपा और ईडी के बीच अनैतिक गठजोड़ को खत्म करेगा। पंजाब गुरुओं की धरती है। पंजाब ने औरंगजेब को भी जवाब दिया था और अब 2027 के चुनाव में मोदी जी को भी जवाब देगा। उन्होंने कहा कि अशोक मित्तल और संजीव अरोड़ा के घर एक साथ ईडी की रेड हुई थी। अशोक मित्तल भाजपा में शामिल हो गए तो रेड बंद हो गई, लेकिन संजीव अरोडा ने इन्कार कर दिया तो फिर से रेड हो गई। शनिवार को “आप” मुख्यालय पर प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड चल रही है। ईडी का काम है कि देश के अंदर अगर कहीं मनी लॉन्ड्रिंग हो रही है, तो उसको रोकना और उसकी जांच करना। अगर इस मकसद से ईडी अपनी कार्रवाई करे, तो हमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन जब से इस देश के अंदर मोदी जी राज आया है, सीबीआई भ्रष्टाचार को रोकने के लिए काम नहीं करती और न ईडी मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए काम करती है। वे सिर्फ और सिर्फ दूसरी पार्टियों को तोड़ने, उनके नेताओं को डराने-धमकाने और उन्हें भाजपा में शामिल कराने का काम करती हैं। 

उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह से संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी की रेड चल रही है, यह भी उसी दिशा में एक कार्रवाई है। संजीव अरोड़ा के घर पर ईडी कोई मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करने नहीं आई है। संजीव अरोड़ा के यहां पिछले एक महीने के अंदर ईडी की यह दूसरी रेड है। इससे पहले 17 अप्रैल को ईडी आई थी और संजीव अरोड़ा के गुड़गांव, लुधियाना व दिल्ली के सभी ठिकानों पर रेड की। ये रेड तीन दिन चली। उन तीन दिनों की रेड में ईडी को क्या नहीं मिला, जो आज ढूंढने आए हैं। उसी वक्त अशोक मित्तल के यहां रेड हुई थी। उनके यहां भी तीन दिन रेड चली और उस रेड के बाद अशोक मित्तल ने भाजपा ज्वाइन कर ली। इसके बाद उनके यहां रेड खत्म हो गई और उनका सारा मामला रफा-दफा हो गया।संजीव अरोड़ा ने भाजपा ज्वाइन नहीं की। उस दिन संजीव अरोड़ा पर काफी दबाव डाला गया कि भाजपा ज्वाइन कर लो। अगर वे उस दिन भाजपा ज्वाइन कर लेते, तो शायद आज ईडी की रेड नहीं होती। आज ईडी की रेड उनको सबक सिखाने के लिए हुई है कि उन्होंने भाजपा ज्वाइन क्यों नहीं की। या तो भाजपा ज्वाइन कर लो, नहीं तो गिरफ्तार कर लिए जाओगे। इसलिए आज ईडी की रेड हुई है। यह बहुत ही दुख की बात है कि मोदी राज के अंदर एजेंसियों का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है।मोदी जी खासतौर पर पंजाब को टारगेट कर रहे हैं। पंजाब के लोगों के साथ धक्का, नाइंसाफी और अन्याय किया जा रहा है। पंजाब के लोगों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। पिछले 4 साल में मोदी जी ने पंजाब में पहले तीन काले कानून लाने की कोशिश की, लेकिन पंजाब के किसानों के विरोध के सामने मोदी जी को झुकना पड़ा। पिछले चार साल से ग्रामीण विकास का हजारों करोड़ रुपया, जिससे मंडियों और गांव-गांव की सड़कें बननी होती हैं, वह प्रधानमंत्री जी ने रोक दिया। पंजाब की पंजाब यूनिवर्सिटी को टेकओवर करने की कोशिश की गई। चंडीगढ़ को हरियाणा को ट्रांसफर करने और पंजाब से छीनने की कोशिश की जा रही है। पंजाब के पानी के ऊपर डाका डालने और बीबीएमबी को हथियाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे ना जाने कितने मामले हैं, जहां केंद्र सरकार और मोदी जी पंजाब के लोगों के साथ धक्का कर रहे हैं। अब पिछले कुछ दिनों से रोज बस एक ही खबर है कि आज ईडी ने यहां रेड कर दी, आज वहां रेड कर दी। जैसे ही बंगाल के चुनाव खत्म हुए, दिल्ली से ईडी की पूरी की पूरी टीम पंजाब के अंदर आ गई है। इनका मकसद कोई काला पैसा या मनी लॉन्ड्रिंग ढूंढना नहीं है।

आज से 10 साल पहले प्रधानमंत्री जी ने खुद अपने भाषण में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे। किसी देश का प्रधानमंत्री किसी के खिलाफ संगीन आरोप लगाए, तो यह छोटी बात नहीं है। किसी ऐरे-गैरे, भाजपा के किसी प्रवक्ता या छोटे नेता ने आरोप नहीं लगाए थे, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री ने शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए थे। आज प्रधानमंत्री जी खुद उन्हें अपने हाथ से मुख्यमंत्री की शपथ दिला कर आए हैं। अमित शाह ने हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे, उनको भी इन्होंने असम का मुख्यमंत्री बना दिया। अजित पवार के खिलाफ प्रधानमंत्री ने खुद भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और उसके छह दिन के अंदर उनको महाराष्ट्र का उपमुख्यमंत्री बना दिए। शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ ईडी नहीं जाएगी, ईडी संजीव अरोड़ा के खिलाफ जाएगी। हिमंता बिस्वा सरमा को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, गिरफ्तार केजरीवाल को किया जाएगा। अजित पवार को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, गिरफ्तार मनीष सिसोदिया को किया जाएगा, क्योंकि उन सब ने भाजपा ज्वाइन कर ली। इनका मकसद देश से भ्रष्टाचार दूर करना या मनी लॉन्ड्रिंग रोकना नहीं है। इनका मकसद केवल दूसरी पार्टियों के नेताओं को तोड़कर भाजपा में शामिल करवाना है। आज पंजाब के अंदर इनके पास चुनाव में खड़े करने के लिए नेता नहीं हैं। इसीलिए यह दूसरी पार्टियों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं।

एनसीआरबी आंकड़ों ने खोली महिला सुरक्षा की पोल

दिल्ली: महिला कांग्रेस ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासन में देश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति भयावह हो चुकी है और अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने बताया कि 2014 से 2024 के बीच मोदी सरकार के कार्यकाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 42,85,888 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि 42 लाख से अधिक वो महिलाएं और बच्चियां हैं जो एक दशक में दरिंदगी का शिकार हुई हैं और न्याय के लिए अदालतों के चक्कर काट रही हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में जहां सालाना अपराध का आंकड़ा 3 लाख 40 हजार था, वहीं 2024 में यह बढ़कर लगभग 4 लाख 42 हजार हो गया है। देश में रोजाना 10 दलित महिलाओं के साथ दुष्कर्म हो रहा है। हर 70 मिनट में एक बच्ची या महिला दुष्कर्म का शिकार हो रही है। 
 
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली का उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भाजपा का ‘बेटी बचाओ’ का नारा पूरी तरह खोखला साबित हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का 'नारी वंदन' तो बहाना है, उसे नारी सुरक्षा के नाम पर मात्र घड़ियाली आंसू बहाना है, अपने खास नेताओं को सजा से बचाना है और साथ ही एपस्‍टीन फाइल्स से भी ध्यान भटकाना है।  महिला अपराधों की सूची में शीर्ष पर रहने वाले राज्यों का विवरण देते हुए उन्होंने भाजपा की डबल इंजन सरकार के मॉडल को विफल बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश महिला अपराध के 66,000 मामलों के साथ देश में नंबर एक पर है। इसके बाद महाराष्ट्र लगभग 48,000 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। राजस्थान करीब 36,000 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है। मध्य प्रदेश व बिहार में महिला अपराध के क्रमशः लगभग 32,000 और 27,000 मामले दर्ज किए गए हैं।देश की राजधानी दिल्ली भी सुरक्षित नहीं है और अपराध के मामले में शीर्ष राज्यों की श्रेणी में शामिल है। उन्होंने बताया कि देश में सबसे अधिक अपराध दलित और आदिवासी महिलाओं के खिलाफ हो रहे हैं। 
 
अलका लांबा ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में नाबालिग बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म की घटना का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक भाजपा नेता समेत तीन पर मामला दर्ज है, लेकिन पुलिस दबाव बना रही है और परिवार को समझौते के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने पीड़िता के पिता को हिरासत में ले लिया और बच्ची को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा, जबकि आरोपी खुले घूम रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी धन-बल से सरकार की छवि बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं; अंकिता भंडारी हो या चंपावत की बच्ची, उन्हें उत्तराखंड की भाजपा सरकार में न्याय नहीं मिल सकता, इसीलिए उन्हें न्याय दिलाने के लिए राज्य से बाहर मामले की निष्पक्ष जांच करवानी होगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के भाजपा विधायक हंसराज पर दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले का भी जिक्र किया और कहा कि भाजपा उसे बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। उन्होंने बिहार के पटना में हाल ही में नाबालिग लड़की के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना का जिक्र किया। उन्होंने बिहार की एक अन्य दिल दहला देने वाली घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें एक लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसे मुख्यमंत्री आवास से कुछ दूरी पर कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था।
 
 2002 के बिलकिस बानो मामले में दोषियों की सजा माफ करने वाला गुजरात मॉडल अब पूरे देश में लागू हो गया है, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में फांसी की बजाय उम्रकैद होती है और बाद में रिहाई हो जाती है। महिला कांग्रेस  की राष्ट्रीय अध्यक्षा ने मांग की कि जुलाई में होने वाले संसद के आगामी मॉनसून सत्र में एनसीआरबी के आंकड़ों पर चर्चा हो और सरकार केवल अपराध के आंकड़े न दे, बल्कि यह भी बताए कि अब तक कितनी पीड़िताओं को न्याय मिला है और विशेषकर पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामलों में कितने अपराधियों को फांसी की सजा दी गई है।छ

पांडव कुमार की अस्थियों का विसर्जन तब तक नहीं जब तक उसे न्याय नहीं मिलता

दिल्ली: 13 दिन पहले जाफरपुर कलाँ में रिश्तेदार का जन्मदिन मनाने आये पांडव कुमार की पुलिसकर्मी द्वारा गोली मारकर निर्मम हत्या पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने व्यक्त की तीखी प्रतिक्रिया कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता तब तक उनकी अस्थियों का विसर्जन नहीं किया जाएगा । इंसाफ की गुहार के लिए उनकी अस्थियों को दिल्ली के विभिन्न कोनों में ले जाया जाएगा । प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने इस बाबत एससी /एसटी एक्ट की तरह छेत्रवाद को लेकर आक्रमक रवैये के लिए कानूनी प्रावधान की माँग भी की है । 

पुनिया बिहार से सांसद पप्पू यादव ने घटनाक्रम पर रोष जताते हुए कहा कि जब भी  संकट या प्रतिरोध की स्थिति में पूर्वांचली ही क्यूँ कोपभाजन के शिकार होते हैं जबकि देश राज्य के निर्माण मे पूर्वांचलियों की भूमिका अहम है सब्जी बेचने  वालों  से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक पूर्वांचली हैं । यूँ कहिये किसी शहर को गति देने वाले पूर्वांचली हैं । आख़िर पूर्वांचलियों से इतनी नफरत क्यूँ ? पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार को 50000 रुपये की सहायता राशि दी है । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्वांचल प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रो सुधांशु कुमार का कहना है कि बिहार सरकार ने मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की राहत राशि दी है लेकिन सहायता तो दूर दिल्ली स्थित सियासतदानों ने घटनाक्रम से दूरी बनाइय हुई है ।

कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी मृतक के परिवार के साथ है । सड़क से लेकर न्यायालय तक इंसाफ़ के लिए लड़ाई लड़ने को तैयार है । 

आस्था और भावनाओं से भरपूर कृष्णा और चिट्ठी

दिल्ली: बहुप्रतीक्षित हिंदी फिल्म "कृष्णा और चिट्ठी" का टीज़र रिलीज़ होते ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। आस्था, भावनाओं और भगवान श्रीकृष्ण की महिमा से जुड़ी इस फिल्म ने अपने पहले ही झलक में लोगों के दिलों को गहराई से छू लिया है। ऐसे दौर में जब सिनेमा नई और सार्थक कहानियों की तलाश में है, "कृष्णा और चिट्ठी"एक ऐसी कहानी लेकर सामने आई है, जो परिवार, विश्वास और इंसानियत के मूल्यों को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है। फिल्म को रविना ठक्कर और विनय भारद्वाज ने 'शाइनिंग सन स्टूडियोज़' के बैनर तले प्रोड्यूस किया है, जबकि निर्देशन भी विनय भारद्वाज ने ही किया है। यह फिल्म 29 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।टीज़र की खास बात यह है कि इसमें तीन अलग-अलग पीढ़ियों के प्रेरणादायक चेहरों को एक साथ लाया गया है। क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंडुलकर,, राम के किरदार के लिए प्रसिद्ध अरुण गोविल और युवा अभिनेता दर्शील सफारी इन तीनों की मौजूदगी फिल्म को खास बनाती है।

टीज़र में इस्कॉन के पूजनीय अमोघ लीला प्रभु जी की आवाज़ ने आध्यात्मिक गहराई जोड़ दी है। “यदा यदा हि धर्मस्य…” मंत्र के साथ टीज़र दर्शकों को एक दिव्य अनुभव कराता है, जो धर्म, विश्वास और श्रीकृष्ण की उपस्थिति काकर संदेश देता है। टीज़र का अंतिम दृश्य विशेष रूप से भावुक  देता है, जिसमें अभिनेता दर्शील सफारी—के माध्यम से सचिन तेंडुलकर,,के प्रसिद्ध “मैं खेलेगा” क्षण को खूबसूरती से दर्शाया गया है। यह दृश्य प्रेरणा और जुनून का प्रतीक बनकर उभरता है। फिल्म के टीज़र को सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है।

दर्शक इसे “हर भारतीय परिवार के लिए ज़रूरी फिल्म” और “एक दिव्य सिनेमाई अनुभव” बता रहे हैं। कुल मिलाकर, कृष्णा और चिट्ठी" सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि आस्था, भावनाओं और श्रीकृष्ण की कृपा को समर्पित एक आध्यात्मिक यात्रा के रूप में देखी जा रही है, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतज़ार है। youtube link of video :https://youtu.be/Cm4KrWoFCgg?si=RhcoMUw45Av9MB80 टीजर का लिंक है आप भी देखिए और कृष्ण के भक्ति भावनाओं में सरोवर हो जाऐ।

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

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10 - "नीट" पेपर लीक को पकड़ा राजस्थान के स्थानिय पुलिस प्रशासन ने तो फिर सरकार कैसे दोषी

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14 - सविन्दर सिंह कोहली बने शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट के उपाध्यक्ष

15 - पेट्रोल, डीजल, गैस, तेल का इस्तेमाल कम करने और सोना नहीं खरीदने का ज्ञान

16 - पंजाब में मंत्री संजीव अरोड़ा बिल्डरों से साजिश करके मनी लांड्रिंग रेड के बाद हुये गिरफ्तार

17 - अत्याचारों के आगे पंजाब नहीं झुकेगा: केजरीवाल

18 - एनसीआरबी आंकड़ों ने खोली महिला सुरक्षा की पोल

19 - पांडव कुमार की अस्थियों का विसर्जन तब तक नहीं जब तक उसे न्याय नहीं मिलता

20 - आस्था और भावनाओं से भरपूर कृष्णा और चिट्ठी

21 - पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के अंतर्गत दिल्ली भाजपा का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सत्र

22 - पहलगाम, पुलवामा, पठानकोट और अब अमृतसर-जालंधर हमला कैसे हुआ

23 - सुप्रीम कोर्ट के सर्वेक्षण की आड़ में रिहायशी इलोकों में बिज़नेस सीज करने के नोटिस

24 - टेम्पो ड्राइवर और सब्जी विक्रेता बनकर अंडरकवर ऑपरेशन

25 - एमसीडी अफसरों के उत्पीड़न के कारण एएसआई द्वारा आत्महत्या के मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं

26 - पंजाब के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर मौजूदा राजनीतिक हालातों पर की चर्चा

27 - बंगाल और असम के साथ संपूर्ण देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री संकल्पित

28 - मुख्यमंत्री पद के लिए केरल में रहेगी कांग्रेस की निर्णायक भूमिका

29 - भारत के स्वास्थ्य अवसंरचना और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ बनाने पर मंथन

30 - मेवात बर्गलरी गैंग का किंगपिन 3 साल बाद गिरफ्तार

31 - रिवाज से तीसरी आँख : के सी बोकरिया का सफर

32 - केन्द्रीय कैबिनेट में 72 सदस्यों में सिर्फ 7 महिलाएं हैं: देवेन्द्र यादव

33 - विपक्ष में रहते हुए भी सदन से लेकर सड़क तक जनता की आवाज उठाती है उठाती रहेगी आम आदमी पार्टी