पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का फर्जी वीडियो बनाने की पूरी साज़िश का पर्दाफाश हो गया। जिस वीडियो लेकर विरोधी हल्ला मचा रहे थे, असल में वह फर्जी निकला। सीएम भगवंत मान के जैसा दिखने के लिए मास्क का इस्तेमाल किया गया। कनाडा में बैठे ब्लैकमेलर जगमन समरा ने भगवंत मान के मास्क के साथ वीडियो बनाया था। कार में मास्क की डिलीवरी होने के बाद हाथ में भगवंत मान के मास्क के साथ जगमन समरा वीडियो में दिख रहा है। फर्जी वीडियो में चेहरे पर मास्क साफ दिख रहा है और भगवंत मान के गले पर मौजूद ऑपरेशन का निशान भी गायब है।
फर्जी वीडियो की साजिश का पर्दाफाश खुद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली क्लब में प्रेसवार्ता करके की। इस खुलासे के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहीं विरोधी पार्टियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने एक्स पर कहा कि फ़र्ज़ी वीडियो का सारा सच बाहर आ गया है। भगवंत मान का फ़र्ज़ी वीडियो मास्क लगवाकर बनाया गया था। अब ये ईडी पार्टी, चिट्टा पार्टी और झगड़ा पार्टी पंजाब में किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं। पंजाब के लोग इस घटिया हरकत के लिए इन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे।
उधर, प्रेसवार्ता के दौरान सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कई दिनों से मेरी एक नकली और फर्जी वीडियो चला-चलाकर उससे सियासी लाभ लेने के लिए धार्मिक हुक्मनामे भी जारी करवाए गए हैं। जिन सियासी आकाओं ने धार्मिक पदों पर बैठे लोगों को अपनी सुविधानुसार घोषणाएं करने को कहा है, उनका मुख्य मकसद मुझे धार्मिक तौर पर बदनाम करना है क्योंकि राजनीतिक तौर पर वे मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। वे ग्राउंड पर बिल्कुल जीरो हो चुके हैं। वे अब इस स्तर तक गिर गए हैं कि हर रोज कोई न कोई ऐसा हुक्म या आदेश जारी करते हैं जिससे मुझे धार्मिक तौर पर बदनाम किया जा सके।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों के लिए सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक रूप से जितने काम हमारी सरकार ने किए हैं, उतने किसी और ने नहीं किए। चाहे वह बेअदबी के खिलाफ सख्त सजा का कानून बनाना हो, पालकी साहिब वाली गाड़ी का सारा टैक्स माफ करना हो, श्री आनंदपुर साहिब में विधानसभा सत्र बुलाना हो या गुरु साहिब के चरणों में 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर तीन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा देना हो, ये विरोधी इन कामों का मुकाबला नहीं कर सकते। अब सारी पार्टियां मिलकर मेरे पीछे पड़ गई हैं और उनका एक ही मकसद है कि बस भगवंत मान को टारगेट करो, झूठी- सच्ची वीडियो बनाकर लोगों के दिमाग में यह बात डाल दो ताकि लोग मुझसे नफरत करने लगें, लेकिन यह संभव नहीं होगा।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि एसजीपीसी वाले गुरुद्वारा साहिबों के आगे मेरे बायकॉट के बोर्ड लगा रहे हैं और आदेश दे रहे हैं कि अकाल तख्त साहिब का हुक्म है (जिसे मैं और सारी दुनिया सर्वोच्च मानती है) कि भगवंत मान का बायकॉट करो, उसे मुंह मत लगाओ। लेकिन यही बोर्ड सुखबीर बादल के लिए क्यों नहीं लगाए गए, जब उन्हें तनखैया करार दिया गया था? जिन लोगों ने सुखबीर बादल का 2 दिसंबर को हां-में-हां मिलाया था, उनके बायकॉट के बोर्ड क्यों नहीं लगे कि ये बेअदबी के दोषी हैं, गोलियां चलाने के लिए जिम्मेदार हैं या गुरु ग्रंथ साहिब जी की हजूरी में पानी की बौछारें कराने के जिम्मेदार हैं? जब एसजीपीसी का प्रधान खुद कहता है कि वह गुरु गोबिंद सिंह का नहीं, बल्कि सुखबीर बादल का सिपाही है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि उनके आका कौन हैं?
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां तक उस फर्जी वीडियो का सवाल है, जब मुझे अकाल तख्त साहिब पर बुलाया गया था। तब मैं एक विनम्र सिख के तौर पर गया था। आज भी यदि बुलाया जाएगा तो मैं हाजिर होऊंगा। मैं अकाल तख्त साहिब की सर्वाेच्चता को चुनौती देने की कोई औकात नहीं रखता। उन्होंने वीडियो भी जारी की है। मैंने तो उन्हें लाइव करने की विनती की थी, लेकिन उन्होंने कहा कि लाइव नहीं कर सकते, यह केवल पंज सिंह साहिबानों के लिए रिकॉर्डिंग रखी गई है। अब वे उस एडिटेड हिस्से को भी रिलीज करने लगे हैं। मेरी यही चुनौती है कि जहां मर्जी से इसकी जांच करा लीजिए, उस वीडियो में मैं नहीं हूं। उस वीडियो में व्यक्ति की शारीरिक संरचना मेरे साथ नहीं मिलती। उसका कद मुझसे दो इंच ऊंचा है, उसकी चाल-ढाल और खड़े होने का तरीका बिल्कुल अलग है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि अब ये विरोधी पार्टियां लैब वालों के पीछे पड़ गई हैं और उनसे कहलवाने लगी हैं कि रिपोर्ट फर्जी है। तीनों पार्टियां एक हो गई हैं। कांग्रेस कह रही है कि भगवंत मान का बायकॉट करो क्योंकि इसने अकाल तख्त की सर्वाेच्चता को ठेस पहुंचाई है। यह वही कांग्रेस है जिसने अकाल तख्त को ढहाया और 1984 में तोपें और गोले चलाए। दूसरी पार्टी अकाली दल है जिस पर बेअदबी के आरोप हैं ।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सिख कौम के महान सेनानायक बाबा बंदा सिंह बहादुर जी का शहीदी दिवस अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर मुख्य समागम गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी, महरौली में आयोजित किया गया, जहां हजारों की संख्या में संगत ने माथा टेका और महान योद्धा को श्रद्धांजलि अर्पित की। समागम को संबोधित करते हुए दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका तथा महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादुर ने सिख कौम को एक शक्तिशाली योद्धा समुदाय के रूप में संगठित किया और सरहिंद की ईंट से ईंट बजाकर दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबज़ादों की शहादत का बदला लिया।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने सिख कौम को निशान साहिब, नगाड़ा और जयकारे की बख्शिश दी, जिसके बल पर सिख समुदाय सदैव चढ़दी कला में रहा, बड़े से बड़े संकटों का सामना किया और विजय प्राप्त की। उन्होंने कहा कि आज भी जब भी अवसर मिलता है, सबसे पहले निशान साहिब लहराया जाता है, विजय के प्रतीक के रूप में नगाड़ा बजाया जाता है और बुलंद जयकारे लगाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि खालसा पंथ में कभी तानाशाही नहीं चली। जिनको गुरु साहिब ने राज बख्शा, वही राज करने के अधिकारी बने। श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के आदेशानुसार ही बाबा बंदा सिंह बहादुर ने मुगल सेना का सामना किया और स्वयं को पूरी तरह गुरु साहिब को समर्पित कर दिया।
दिल्ली: लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी की मुहिम छात्रों की गूंज की कड़ी के रूप में दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगई की अगुवाही में मीडिया से रूबरू होकर छात्रों ने रखा अपना पक्ष । इनका कहना है कि सरकार ने पारदर्शिता और सुधार के नाम पर नेशनल टेस्ट एजेंसी को उम्मीदवारों पर थोपा था आज यह करोड़ो उम्मीदवारों के लिए ट्रॉमा एजेंसी बनकर रह गई है । पिछले दस सालों में 89 से भी अधिक पेपर लीक, 48 पुनः और 22 पेपर कैंसिल हुए हैं । परीक्षा घोटाले तो सामने आए लेकिन आज तक किसी बड़े सरगना या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ । NEET UG 2026 का पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य चौपट हो गया, कितने ही परिवारों की जीवन भर की कमाई दाव पर लग गई एवं मानसिक तनाव के कारण 20 से भी अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली । दो उम्मीदवारों सोनाक्षी एवं श्वेता ने अपनी आप बीती सुनाई ।
यदि हाल ही छपी मीडिया रिपोर्ट को खंगाला जाए तो 2019 के बाद NEET 2024 की परीक्षा को छोड़कर कम से कम 64 बड़ी परीक्षओं का पेपर लीक हुआ । यह परीक्षा 19 राज्यों में हुई थी । जिनमें 45 सरकारी भर्तियों से संबंधित थी । 27 परीक्षाएं रद्द हुई । हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में शिक्षा मंत्री ने स्वयं स्वीकारा कि छात्रो की आत्महत्या के लिए मैं जिम्मेवार हूँ यह व्यवस्था हमने ही छात्रों को दी है लेकिन इस्तीफ़ा नहीं दिया । कोटा (राजस्थान) से शुरू हुई इस रैली में लोकसभा के नेता विपक्ष का कहना है कि भारत की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था एक वसूली तंत्र है जिससे निकलने वाले 1000 युवाओं में से सिर्फ़12 कों फॉर्मल रोजगार मिलता है । प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 दिन के इस अभियान के तहत देश के 28 शहरों के छात्रों, अभ्यार्थी, कोचिंग सेंटर, कालेज एवं पुस्तकालयों के माध्यम से युवाओं की आवाज बनेगा ।
छात्रों के माध्यम से कांग्रेसी की सरकार से तीन माँगे हैं । पहली शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा दें , पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, अधिकारियों एवं राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जाँच हो । दूसरी पूरी परीक्षा व्यवस्था का डिज़ेनिटाईजेशन हो । तीसरा परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए और उसका अनुपालन हो ।
दिल्ली: भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के निदेशक श्री मनोज कुमार जैन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मेनका गांधी को एक औपचारिक पत्र भेजकर दिगंबर जैन संतों द्वारा उपयोग की जाने वाली मयूर पिच्छी के संबंध में उनके हालिया कथनों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। फाउंडेशन द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उक्त बयान से देशभर के जैन समाज, विशेषकर दिगंबर जैन संत समुदाय तथा भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दिगंबर जैन संतों द्वारा उपयोग की जाने वाली मयूर पिच्छी केवल प्राकृतिक रूप से झड़े हुए मोरपंखों से बनाई जाती है। इसका उद्देश्य सूक्ष्म जीवों की रक्षा करना तथा जैन धर्म के मूल सिद्धांत ‘अहिंसा’ का पालन करना है। फाउंडेशन ने यह भी उल्लेख किया कि मोरपंख न केवल जैन परंपरा में, बल्कि सनातन संस्कृति में भी अत्यंत पवित्र और श्रद्धा का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट में सुशोभित मोरपंख भारतीय आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण अंग है। ऐसे में बिना पर्याप्त प्रमाण के लगाए गए आरोप समाज में भ्रम उत्पन्न करने के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं को आहत कर सकते हैं।
फाउंडेशन ने श्रीमती मेनका गांधी के पशु कल्याण एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए योगदान का सम्मान करते हुए उनसे आग्रह किया है कि वे अपने वक्तव्य की पुनः समीक्षा करें। यदि उनके कथन तथ्यात्मक रूप से असत्य या भ्रामक पाए जाते हैं, तो उन्हें सार्वजनिक रूप से वापस लेते हुए जैन संत समुदाय एवं श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए खेद व्यक्त करें। इसके अतिरिक्त, फाउंडेशन ने सुझाव दिया है कि भविष्य में किसी भी धार्मिक परंपरा या आस्था से जुड़े विषय पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से पूर्व संबंधित समुदाय के प्रतिनिधियों एवं विषय विशेषज्ञों से संवाद स्थापित किया जाए, जिससे समाज में सौहार्द, आपसी सम्मान और विश्वास की भावना को और अधिक मजबूती मिल सके।
फाउंडेशन ने आशा व्यक्त की है कि इस विषय की गंभीरता को समझते हुए सकारात्मक और संवेदनशील कदम उठाए जाएंगे, जिससे धार्मिक सद्भाव और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा।
दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान द्वारा पहले सिख मर्यादाओं की बेअदबी करने और फिर सिख संगत एवं देश को गुमराह करने के लिए पैसे देकर नकली रिपोर्ट बनाने की भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं विधायक अरविंदर सिंह लवली ने की कड़ी निंदा। साथ ही की पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की माँग । प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ माह पूर्व एक वीडियो सामने आया जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान सिख मर्यादाओं की बेअदबी करते नजर आये। इसकी शिकायत सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने दो सरकारी लैब से उक्त वीडियो की जांच करवाई और उसमें पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान को ही दोषी पाया गया।
कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिबानों द्वारा यह फरमान सुनाया गया है कि सरदार भगंवत मान से कोई सिख किसी तरह का सम्बंध नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब के आरोपों को नकारा और कहा की वीडियो नकली है और उसमे सरदार भगवंत मान नहीं हैं। पंजाब सरकार भी निजी लैब की जांच रिपोर्ट सामने रखती है और दर्शाती है कि सरदार भगवंत मान वीडियो में नहीं हैं। कल रात कुछ वीडियो सामने आई हैं जिनके बाद हरियाणा पुलिस ने एफ.आई.आर. दर्ज की और उसके बाद लैब मालिक ने खुद खुलासा किया है कि रिपोर्ट पंजाब पुलिस के दो अधिकारियों ने उन पर दबाव डाल कर एवं दस लाख रूपये का लालच देकर बनवाई।
उन्होंने सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि जब सरदार भगवंत मान की वीडियो की श्री अकाल तख्त साहिब ने सरकारी लैब से जांच करवाई तो फिर पंजाब सरकार ने निजी लैब से जांच क्यों करवाई। अब यह स्पष्ट है कि सरदार भगवंत मान ने सिख मर्यादाओं की बेअदबी की और देश का पंजाबी समाज सरदार भगवंत मान का पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा चाहता है।
सरदार अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि गुरुओं के अंदर विश्वास रखने वालों की भावनाओं पर आघात करने वाला है। अकाल तख्त के सामने बड़े बड़े मंत्री, मुख्यमंत्री, अधिकारी तक पेश हुए हैं। आज उसी को चैलेंज करने का प्रयास सरदार भगवंत मान एवं "आप" ने किया है।
उन्होंने कहा कि आज सीधे तौर पर भगवंत मान को इस्तीफा देना चाहिए और वे सभी लोग जो मुख्यमंत्री का साथ दे रहे थे उन्हें भी सिख कौम से माफी मांगनी चाहिए। विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल भी इस पूरे मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं तो उनकी मानसिकता भी बताती है कि आखिर उनका सोच सिखों के प्रति क्या है। उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के साथ गृहमंत्री भी है इसलिए भगवंत मान द्वारा पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल अपने कुकर्मों को छिपाने की कोशिश की है, वह निंदनीय है।
दिल्ली : एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के संरक्षण में महाकाल में हुआ है जमीन घोटाला । उन्होंने कहा कि मोहन यादव 17 एकड़, निलेश(भतीजा) एवं उनकी पत्नी 108 एकड़, गोविंद( भतीजा) एवं उनका परिवार 47 एकड़ , सीमा (पत्नी) 11 एकड़, वैभव (पुत्र) 17 एकड़ एल, नारायण (भाई) 19 एकड़, नंदीलाल (भाई) 17 एकड़, कलावती ( बहन) 17 एकड़, रेखा ( सिस्टर इन लॉ) 6 एकड़ एवं अभय(भतीजा )एवं उसके सहयोगी 16 एकड़ आवंटित हुई । उज्जैन से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक आदम्य के 30 मई से 5 जून 2026 के अंक में पहले पेज पर प्रकाशित समाचार 500 करोड़ की सम्पत्ति 1 रुपये में हड़पी में मध्य प्रदेश में हो रहे भूमि घोटाले का सविस्तार विवरण है ।
कांग्रेस के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का कहना है कि उनकी प्रदेश इकाई द्वारा इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस के 30 घंटे बाद भी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई । दोनों ही नेताओं का मानना है कि यादि अख़बार में प्रकाशित खबर बेबुनियाद और ग़लत है तो अबतक प्रकाशन हाउस के ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यूँ नहीं हुई । इनकी माँग है कि मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर किसी रिटायर्ड जज के नेतृत्व में स्वतंत्र जाँच करवाई जाए । इनका कहना है कि यह भू आवंटन हुआ या नहीं, कहीं इस आवंटित भूमि का बड़ा हिस्सा वो तो नहीं जहाँ विकास की योजनायें बाद में चिन्हित होनी हैं । 2023 के बाद आवंटित भूमि की जानकारी श्वेत पत्र के माध्यम से जारी की जानी चाहिए । इनका आरोप है कि मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बजाये सत्ता पक्ष ने इसे जातिगत रूप दे डाला ।
सत्ता पक्ष के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि वह मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर उचित कार्यवाही करें ।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंग सिंहों और स्थानीय लोगों के बीच हुए टकराव के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। बैठक के बाद जानकारी देते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री धामी के साथ सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि निहंग सिंहों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पिटाई करने तथा उन्हें नंगे सिर अदालत में पेश करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि वह इस मामले में तुरंत डीजीपी से बातचीत करेंगे और जांच पूरी होने तक संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच डीआईजी श्री यशवंत चौहान को सौंपी गई है, जो दो सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कालका और काहलों ने बताया कि इससे पहले डीजीपी ने इस मामले की जांच चमोली जिला पुलिस से लेकर एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंप दी है, जो मामले की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने संगत को संदेश देते हुए कहा कि उत्तराखंड स्थित सभी गुरुधामों—चाहे श्री हेमकुंट साहिब हो, रीठा साहिब हो अथवा अन्य कोई गुरुधाम—के दर्शन के लिए आने वाली संगत को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
दिल्ली: प्रभु श्रीराम के मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी होने के बाद भी अभी तक ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी हो गया। राम भक्तों में बहुत गुस्सा है और मन में कई सवाल हैं। मैं सरकार से पहला सवाल पूछ रहा हू कि पूरे राम मंदिर का कंट्रोल चंपत राय के हाथ में है। सबसे ज्यादा आरोप चंपत राय पर ही लग रहे हैं। उन्हें अब तक हटाया क्यों नहीं गया? क्या इस बात का डर है कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे?
उन्होंने एक्स पर कहा कि राम मंदिर में अरबों रुपए के चढ़ावे की चोरी हो गई है। बताया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपए का तो कैश ही चोरी हो गया है। श्रद्धालु मंदिर जाते हैं और भगवान के सामने पैसे व हीरे-जवाहरात चढ़ाते हैं। बताया जा रहा है कि लगभग 200 करोड़ रुपए का कैश और कई सारे हीरे-जवाहरात के बक्से चोरी हो गए हैं। जैसे-जैसे यह बात फैलती जा रही है, हर राम भक्त और हर सनातनी बहुत ज्यादा दुखी है। मैंने बहुत लोगों से बात की। लोगों के मन में बहुत सारे प्रश्न हैं कि आखिर यह क्या हो गया? मोटे तौर पर पांच प्रश्न निकलकर आ रहे हैं। आज मैं पहला प्रश्न जनता के सामने रख रहा हूं और अगले दो-तीन दिन में बाकी प्रश्न भी सबके सामने रखूंगा।
मंदिर को एक ट्रस्ट चलाता है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा बनाया गया था। इस ट्रस्ट में चंपत राय जनरल सेक्रेटरी हैं और वही सर्वेसर्वा हैं। पूरा मैनेजमेंट उन्हीं के हाथ में है और वही मंदिर चलाते हैं। सबसे ज्यादा आरोप उन्हीं के ऊपर लग रहे हैं। आखिर चंपत राय कौन हैं, कहां से आए हैं, वे न कोई संत हैं और न ही कोई महात्मा। बड़े-बड़े नाम लिए जा रहे हैं कि वे किसके आदमी हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी चोरी की घटना होने के बावजूद अभी तक मंदिर का प्रबंधन उन्हीं के हाथ में है और उन्हें पद से हटाया नहीं गया है। मंदिर अभी भी वही चला रहे हैं। क्या उन्हें सारे सबूत खत्म करने और गवाहों को पलटने के लिए समय दिया जा रहा है? आखिर उन्हें कौन बचा रहा है, जनता यह सवाल जानना चाहती है।
दिल्ली: जखीरा इंद्रलोक फ्लाइओवर पर हुई 1.5 करोड़ की लूट की वारदात में 11 दिन की कड़ी मुशक्कत के बाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता । 8 की गिरफ्तारी जिनमे दो सीसीएल शामिल हैं के बाद लूटी गई एक करोड़ डेढ़ लाख की नकदी एवं वारदात के लिए इस्तेमाल की गई एक पल्सर बाइक एवं स्कूटी बरामद । आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार करण जो कि उस कंपनी में मुलाजिम था जिसकी डेढ़ करोड़ की नकदी ट्रांसफर के लिए जा रही थी , ने जानकारी वीरेश एवं मनप्रीत उर्फ ट्विंकल के साथ साँझा की और योजनाबद्ध तरीके से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्तों में विक्की उर्फ गंजा तिलक नगर का रहने वाला है एवं उसके खिलाफ 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं ,चंद्र विहार निवासी धीर सिंह जो कि 43 साल का है एवं उसके खिलाफ 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं , वीरेश उर्फ वीरू तिलक नगर , कारण टैगोर नगर, मनप्रीत उर्फ ट्विंकल तिलक नगर, चरणजीत सिंह मनप्रीत का पिता है और दो सीसीएल जिन्होंने वारदात के लिए पल्सर बाइक एवं स्कूटी उपलब्ध करवाई थी । तकनीकी सर्विलेंस एवं गुप्त सूचना के आधार पर 4000 किलोमीटर की मैन्युअल ट्रेसिंग एवं दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा एवं जम्मू कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर दबिश कर अलग अलग स्थानों से इन अभियुक्तों की गिरफ्तारियाँ हुई ।
फिलहाल सभी अभियुक्त हिरासत में हैं एवं मामले पर तहकीक़ात जारी है । उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया एवं जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा के अनुसार केश हैंडलिंग जैसे मामले में किसी भी मुलाजिम को रखने से पहले उसकी जाँच एवं विश्वसनीयता की परख किया जाना जरूरी है । इस तरह की वारदात के पीछे मुलजिम की भागीदारी की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ओ जोन के नाम पर दिल्ली की जनता के साथ दोहरा खेल खेल रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश है कि यमुना के 22 किलोमीटर दायरे वाले मकानों को तोड़ा जाएगा, फिर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बिना कैबिनेट की बैठक करे और हाई कोर्ट में ओ जोन में तोड़फोड़ पर रोक लगाने की याचिका दायर के कैसे मुख्यमंत्री ने 8 तारीख को एनजीटी के आदेश पर संबधित विभागों, एजेंसियों और मंत्रियों के साथ बैठक करके बाहर आकर बड़े-बड़े दावे किए कि सब क्लियर हो गया है, अब दिल्ली में ओ जोन की कॉलोनियों में तोड़फोड़ नही होगी। क्यों मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यमुना बाजार-कश्मीरी गेट के यमुना किनारे बसे 310 मकानों के तोड़फोड़ रुक नही रही है?
यमुना बाजार में 12 मई को डीडीए के 310 मकानों को तोड़ने के सख्त आदेश हैं कि 32 घाटों किनारों बसे 10 हजार से अधिक लोगों को उजाड़ा जाएगा, जबकि यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां बुलडोजर की कार्यवाही बिना किसी औपचारिक सर्वे के हो रही है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अधिकारियों ने पिछले शुक्रवार रात क्षेत्र का दौरा किया और लोगों को जगह खाली करने के आदेश चिपका दिए हैं। 30-40 वर्षों से बसे लोगों को सरकार द्वारा किसी वैकल्पिक व्यवस्था नही की गई और मजबूर लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं क्योंकि उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है, वे पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और आस-पास के क्षेत्रों से अपनी आजीविका कमा रहे हैं और बच्चों की स्कूली शिक्षा बाधित होने भविष्य अधर में है।
जब कांग्रेस सरकार ने 1,739 कॉलोनियों को अस्थायी प्रमाण पत्र दिए और विकास का मार्ग प्रशस्त किया था उस समय दिल्ली के गरीबों ने सोचा कि उनके घर बच गए है और वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकेंगे। लेकिन भाजपा की दोहरी, बदले और विनाश की नीति की साजिश के शिकार गरीब दिल्लीवासियों को उजड़ने का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले जब से भाजपा दिल्ली में सत्ता में आई है, उस वक्त सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया था, क्या लाखों लोगों पर बुलडोजर की तलवार ही गरीबों का विकास है।
दिल्ली: गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब से लौट रहे निहंग सिंहों के साथ कर्णप्रयाग में हुई मारपीट और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ सिख पंथ में भारी रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने आज बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उत्तराखंड के रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कर्णप्रयाग घटना के दौरान निहंग सिंहों ने अपनी आत्मरक्षा के लिए शस्त्रों का उपयोग किया था, लेकिन पुलिस ने पहले मामला आपसी सहमति से सुलझाने का भरोसा देने के बावजूद उन पर गंभीर धाराएं लगाकर अत्याचार किया और उन्हें जेल भेज दिया।
सरना ने पत्र में कहा कि सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित पुलिस ज्यादतियों, सार्वजनिक अपमान और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले व्यवहार की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिनकी तत्काल और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि कृपाण सिख धर्म का पवित्र अंग है और उसे संविधान द्वारा संरक्षण प्राप्त है। अकाली दल (दिल्ली इकाई) ने उत्तराखंड सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें दोषी पुलिस कर्मियों की उच्च स्तरीय जांच, सिख श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव रोकना, धार्मिक प्रतीकों के संबंध में पुलिस को निर्देश जारी करना तथा हेमकुंट साहिब यात्रियों के लिए विशेष शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करना शामिल है।
मुलाकात के दौरान रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि यह मामला मुख्यमंत्री और डीजीपी के संज्ञान में लाया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर निहंग सिंहों को न्याय दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। इस अवसर पर सरदार मंजीत सिंह जीके, सरदार परमजीत सिंह राणा, सरदार करतार सिंह विक्की चावला, पार्टी प्रवक्ता सरदार परमजीत सिंह वीरजी, सरदार परमजीत सिंह खुराना, सरदार तजिंदर सिंह गोपा सहित बड़ी संख्या में पार्टी सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
दिल्ली: शाहदरा साउथ जोन के भवन निर्माण विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित नागपाल के साथ भाजपा पार्षद मीनाक्षी शर्मा द्वारा कथित अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने की घटना को एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को राजनीतिक दबाव, धमकियों और हस्तक्षेप का सामना करना पड़ेगा, तो दिल्ली में कानून का राज कैसे स्थापित होगा? भाजपा एक तरफ अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई कर रहे अधिकारियों को डराने और दबाव बनाने के आरोप लग रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अवैध निर्माणों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। ऐसे समय में आवश्यकता है कि अधिकारियों को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए, न कि उन्हें राजनीतिक दबाव में लाने का प्रयास किया जाए। भाजपा शासित एमसीडी में भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है और उसे ही प्रताड़ित किया जाता है, तो यह संदेश जाता है कि भाजपा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं बल्कि उन्हें संरक्षण देना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष ने निगम आयुक्त से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अधिकारी पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही एमसीडी प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि सभी अधिकारी बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कानून और नियमों के अनुसार अपना कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए संघर्ष जारी रखेगी तथा अवैध निर्माणों को संरक्षण देने वाली किसी भी राजनीति का विरोध करती रहेगी
हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र से उत्सुकता बढ़ाने के बाद, फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर’ के निर्माताओं ने अब इसका आधिकारिक पोस्टर जारी कर दिया है, जो दर्शकों को फिल्म की अनोखी और मज़ेदार दुनिया की एक झलक देता है। पोस्टर में अभिनेता अन्नू कपूर को फिल्म के केंद्र में दिखाया गया है। एक विशाल वास्तु-प्रेरित चक्र के ऊपर रखे टॉयलेट पर बैठे कपूर का किरदार किस्मत, दिशा और जीवन की अप्रत्याशित परिस्थितियों के बीच उलझा नजर आता है। यह दृश्य फिल्म के हल्के-फुल्के अंदाज़ में विश्वास, भाग्य और “सही दिशा” की तलाश को दर्शाता है। फिल्म में रुखसार रहमान, ब्रिजेंद्र काला, पवन मल्होत्रा, इश्तियाक खान, जीवेशु अहलूवालिया, राजेंद्र सेठी, सुमित गुलाटीऔर नितिन अरोड़ा जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
“कर्म बड़े या किस्मत?”टैगलाइन के साथ यह पोस्टर फिल्म के मुख्य सवाल की ओर इशारा करता है—क्या हमारी ज़िंदगी हमारे कर्मों से बनती है या किस्मत से? पोस्टर में कपूर के आसपास दिख रहे अन्य किरदार इस कहानी के रंगीन और दिलचस्प सफर की झलक देते हैं। इस फिल्म का निर्माण संदीप कपूर और प्रिया कपूर ने प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म का लेखन और निर्देशन रविंदर सिवाच ने किया है, जो संदीप कपूर की कहानी पर आधारित है।
पोस्टर के बारे में बात करते हुए संदीप कपूर ने कहा
“हम चाहते थे कि पोस्टर फिल्म की अलग पहचान को दर्शाए। यह मज़ेदार, अनोखा और थोड़ा अप्रत्याशित है—ठीक कहानी की तरह। फिल्म इस बात को दिखाती है कि लोग अक्सर समाधान अपने बाहर खोजते हैं, जबकि ज़िंदगी खुद उन्हें चौंकाती रहती है। हमें उम्मीद है कि यह पोस्टर लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाएगा और फिल्म के प्रति जिज्ञासा बढ़ाएगा।”
हाल ही में जारी टीज़र ने दर्शकों को ऐसी दुनिया से परिचित कराया था, जहां केवल सही दिशा ढूंढने से किस्मत बदलती हुई दिखाई देती है। यह पोस्टर उसी विचार को आगे बढ़ाते हुए फिल्म के कॉमेडी, पारिवारिक ड्रामा और व्यंग्य के मिश्रण की झलक देता है।
प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स इससे पहले जुगाड़, अनारकली ऑफ आरा और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म भोंसले "जैसी कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों के लिए जानी जाती है और अब "उत्तर दा पुत्तर’" के साथ एक और अलग कहानी लेकर आ रही है। उत्तर दा पुत्तर’ : 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी ।
दिल्ली: ओ.बी.सी. मोर्चा दिल्ली भाजपा ने संगठन की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर का राज्य सभा सांसद चुने जाने पर आज एन.डी.एम.सी. सभागार में आयोजित एक समारोह में अभिनंदन किया। अभिनंदन समारोह में केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री मनोज तिवारी भी विशेष अतिथि के रूप में सम्मलित हुए। ओ.बी.सी. मोर्चा अध्यक्ष सुनील यादव ने अध्यक्षता की। मौके पर विधायक पवन शर्मा, ओबीसी मोर्चा महामंत्री राम खिलाडी यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता जय प्रकाश (जेपी) और महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती ऋचा पांडे मिश्रा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
प्रदेश अध्यक्ष ने डॉ अलका गुर्जर को राज्यसभा सदस्य चुने जाने पर स्वागत किया और कहा कि डॉ. अलका गुर्जर का राज्यसभा में जाना उनके लंबे सामाजिक एवं राजनीतिक अनुभव, संगठन के प्रति समर्पण और जनसेवा की भावना का सम्मान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने देश की महिलाओं को केवल सम्मान ही नहीं दिया बल्कि उन्हें नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भागीदारी भी सुनिश्चित की है। डॉ. अलका गुर्जर का राज्यसभा पहुंचना इसी बदलती हुई राजनीतिक सोच का उदाहरण है, जहां योग्य और समर्पित महिला नेतृत्व को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
डॉक्टर अलका गुर्जर ने भाजपा कार्यकर्ताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि दिल्ली की जनता की एक बार फिर जीत हुई है क्योंकि मेरा राज्यसभा जाना आप सबके आशीर्वाद से संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आज आप सब की ताकत का नतीजा है कि हम एम.सी.डी. में भी है, सरकार में भी है और सातों सांसद भी भाजपा के हैं। दिल्ली की सह प्रभारी होने की ताकत है कि मुझे और श्री तरुण चुग जी को राज्यसभा सदस्य बनने का अवसर मिला है क्योंकि श्री तरुण चुग जी भी पहले दिल्ली के सह प्रभारी रहे हैं। आज आप सबने मेरा स्वागत किया है उसके लिए मैं आप सब की आभारी हूं।
सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने महिलाओं को केवल मतदाता के रूप में नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण की सक्रिय भागीदार के रूप में देखा है। आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और महिला नेतृत्व को नई पहचान मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. अलका गुर्जर राज्यसभा में जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगी और राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगी। अपने स्वागत भाषण में सुनील यादव ने कहा कि आज पूरे ओबीसी समाज को इस बात का फक्र है कि ओबीसी समाज से एक महिला को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने राज्यसभा में भेजने का काम किया है। राजस्थान से शायद पहली बार किसी महिला को राज्यसभा में भेजने का काम मोदी जी ने किया है जो इस बात का प्रमाण है कि मोदी सरकार ने ओबीसी समाज के लिए लगातार काम किया है।
नई दिल्ली, दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी (DSU) ने अपने नॉलेज पार्टनर SixS Sports के सहयोग से दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में प्रवेश के लिए आयोजित स्टेज-II स्पोर्ट्स टैलेंट आइडेंटिफिकेशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह मूल्यांकन शिविर 15 और 16 जून 2026 को दिल्ली के विभिन्न प्रतिष्ठित केंद्रों पर आयोजित किए गए। इस स्टेज-II असेसमेंट का उद्देश्य जमीनी स्तर पर उभरती खेल प्रतिभाओं की व्यवस्थित पहचान और मूल्यांकन करना था। इस प्रक्रिया के तहत कुल 210 छात्रों को शॉर्टलिस्ट किया गया था, जिनमें से लगभग 87 प्रतिशत छात्रों ने भाग लेकर अपनी खेल क्षमता का प्रदर्शन किया। पहले दिन 122 और दूसरे दिन 59 प्रतिभागियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जो खिलाड़ियों के उत्साह और समर्पण को दर्शाता है।
मूल्यांकन प्रक्रिया में आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस टेस्ट और खेल-विशेष ट्रायल्स शामिल थे, जिन्हें तीन प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया गया:दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल, लडलो कैसल: यहां बॉक्सिंग, शूटिंग, स्विमिंग, रेसलिंग, टेबल टेनिस, वेटलिफ्टिंग और आर्चरी (केवल स्पोर्ट्स साइंस टेस्ट) के परीक्षण आयोजित किए गए। सर्वोदया कन्या विद्यालय, अशोक विहार: यहां आर्चरी के विशेष ट्रायल्स आयोजित किए गए। त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स: यहां लॉन टेनिस, बैडमिंटन और एथलेटिक्स के स्पोर्ट्स साइंस टेस्ट और ट्रायल्स आयोजित किए गए।
पूरा कार्यक्रम DSU के अधिकारियों, अनुभवी कोचों और SixS Sports की तकनीकी टीम की निगरानी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं, भोजन और सुचारु प्रबंधन सुनिश्चित किया गया। DSU ने अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और प्रोत्साहन से बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों और अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि देश में मजबूत खेल संस्कृति विकसित करने के प्रति सभी की प्रतिबद्धता बढ़ रही है। स्टेज-II असेसमेंट के परिणाम जल्द ही घोषित किए जाएंगे। चयनित छात्रों को अंतिम प्रवेश प्रक्रिया के लिए सूचित किया जाएगा।
उत्तराखण्ड में हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित पुलिस की ज्यादतियों एवं उत्पीड़न के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे पत्र में कि कर्णप्रयाग क्षेत्र में हुई हालिया घटनाओं के बाद सिख श्रद्धालुओं के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से की जा रही ज्यादतियों, अपमानजनक व्यवहार तथा पक्षपातपूर्ण रवैये से संबंधित सामने आ रही रिपोर्टें एवं वीडियो का हवाला देते हुए कुछ सिख युवकों पर निष्पक्ष एवं न्यायोचित जांच के बिना गंभीर धाराएँ लगाये जाने और हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार की स्वतंत्र रूप से जाँच किये जाने की माँग की है ।
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सिख श्रद्धालु को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर उत्पीड़न, अपमान अथवा भेदभाव का सामना न करना पड़े। कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को सिख धर्म के पवित्र ककारों के धार्मिक महत्व के संबंध में उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए और श्री हेमकुंड साहिब के प्रबंधकों एवं सिख प्रतिनिधि संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि उत्तराखंड, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसी भूमि बना रहना चाहिए जहाँ प्रत्येक धर्म के श्रद्धालु स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें।
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में दुनिया के सबसे बड़े 5211 किलोग्राम वजनी पारद शिवलिंग की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा विधि श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, साधकों, संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। इस विशाल पारद शिवलिंग का निर्माण ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने लगभग दस वर्षों की साधना, अनुसंधान और पारद विज्ञान के गहन अध्ययन के आधार पर किया है। शिवलिंग के निर्माण में पारा, चांदी, स्वर्ण (गोल्ड) तथा 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क का उपयोग किया गया है। आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार यह अपने प्रकार का विश्व का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग है, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, पारद विज्ञान और ध्यान साधना का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह गुरु गोरक्षनाथ महाराज की परंपरा, गिरनार के पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा के संदेश को समाज तक पहुंचाना था। रघुनाथ गुरुजी ने बताया कि यह शिवलिंग केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि वर्षों की साधना और अनुसंधान के बाद तैयार यह शिवलिंग मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देता है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में उन्होंने लगभग 10,000 लोगों की सहभागिता के साथ एक विशाल अश्वमेध यज्ञ का आयोजन भी किया था। तीन दिनों तक चले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ, ध्यान साधना, आध्यात्मिक प्रवचन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सद्भाव का महापर्व बताया।
समारोह में अनेक प्रतिष्ठित संत, धर्माचार्य और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनमें परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी महाराज, परम पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज, परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी रविन्द्र पुरी जी महाराज, श्री दिनेश चंद्र जी, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी, साध्वी ऋतंभरा जी, आचार्य मनीष जी (HIIMS), सांसद राघव चड्ढा तथा राज्य मंत्री एवं गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल रहे। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में उद्योगपति एवं समाजसेवी राजीव बंसल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन की व्यवस्थाओं और समन्वय में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया। राजीव बंसल ने कहा, "मैं साईं बाबा का भक्त हूं। बाबा के आशीर्वाद से मुझे इस दिव्य कार्य का हिस्सा बनने का अवसर मिला। यह मेरे लिए सेवा और श्रद्धा का विषय है।"
समारोह के समापन अवसर पर रघुनाथ गुरुजी ने सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राजीव बंसल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति वाला यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सफलता में राजीव बंसल, आदरणीय दादाश्री, मनोज तोषनीवाल परिवार, मनोज गोहद, आईजी तकवाले, ममता जिवाल, तरुण भंडारी, अमित अग्रवाल, रमेश सांवरथिया, डॉलरभाई कोटेचा, सुधीर अग्रवाल, राजू ओसवाल, जितेन्द्र राठी सहित अनेक श्रद्धालुओं और सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ रघुनाथ गुरुजी दिव्यांग आत्मनिर्भरता, महिला किसान सशक्तिकरण, पर्यावरण जागरूकता और नवाचार आधारित सामाजिक अभियानों से भी जुड़े हुए हैं। दिव्यांग इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCAI) के माध्यम से देशभर में दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। इस अभियान में DICCAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित अग्रवाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
समारोह के अंत में "ध्यान से शांति, शांति से सद्भाव और सद्भाव से विश्व कल्याण" का संदेश दिया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे अध्यात्म, विज्ञान, सेवा और मानव कल्याण के संगम का एक ऐतिहासिक आयोजन बताया।
गोवा क्रांति दिवस पर आजाद मैदान में शहीदों को श्रद्वांजलि देने जा रहे कारापुर के लोगों को हिरासत में लेने पर भाजपा उर्फ कथित ईडी पार्टी पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार का इरादा कारापुर में बिल्डर्स को ज़मीन देकर गोवा को पूरी तरह बर्बाद करने का है। आज गोवा क्रांति दिवस मनाया जा रहा है। किसी ने सोचा भी नहीं था कि एक दिन गोवा में ऐसी सरकार आएगी, जो अंग्रेजों और पुर्तगालियों से भी ज्यादा तानाशाही करेगी। जैसे अंग्रेजों और पुर्तगालियों का अहंकार टूटा था, वैसे ही एक दिन भाजपा का अहंकार भी टूटेगा और जनता की जीत होगी। गोवा दौरे पर आए राष्ट्रीय संयोजक ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि इस सरकार का पूरा प्लान बिल्डरों और कॉलोनाइजर्स को जमीन देकर कारापुर को पूरी तरह से बर्बाद करने का है। इसमें करोड़ों-अरबों रुपए का लेनदेन हुआ है। कारापुर के निवासी बिल्कुल नहीं चाहते कि यह प्रोजेक्ट वहां लागू हो।
उन्होंने कहा कि आज गोवा क्रांति दिवस के मौके पर कारापुर के लोग शांतिपूर्ण तरीके से आजाद मैदान आकर अपने शहीदों को श्रद्धांजलि देना चाहते थे। यह हर भारतीय का अधिकार है कि वे ऐसे ऐतिहासिक दिन पर आकर अपने शहीदों को सम्मान दे सकें। लेकिन इन लोगों को थाने में रोक लिया गया है। बहुत से लोगों को हिरासत में ले लिया गया है और उन्हें आजाद मैदान नहीं आने दिया जा रहा है। यह अपने आप में एक बहुत बड़ी विडंबना है। आगे कहा कि आज हम गोवा क्रांति दिवस इसलिए मना रहे हैं क्योंकि इसी दिन हमारे लोगों ने पुर्तगालियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी। उन्होंने निषेधाज्ञा का उल्लंघन करके मडगांव में एक सभा की थी, जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जब 1961 में गोवा को आजादी मिली थी, तो लोगों ने सोचा था कि अब वे अपने स्वतंत्र देश का हिस्सा बन रहे हैं और उन्हें सच्ची आजादी मिलेगी। लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि सत्ता में एक ऐसी सरकार आएगी जो पुर्तगालियों और अंग्रेजों से भी ज्यादा बदतर, षड्यंत्रकारी और अत्याचारी होगी।
उनका कहना है कि जिस तरह अंग्रेजों और पुर्तगालियों का अहंकार नहीं चला, उसी तरह ईडी पार्टी का अहंकार भी नहीं चलेगा। एक दिन इनका अहंकार जरूर टूटेगा और अंततः जनता की ही जीत होगी। आम आदमी पार्टी पूरी तरह से कारापुर के निवासियों के साथ है और उन सभी लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है, जो अपने-अपने इलाकों में अन्याय के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
दिल्ली: एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा दी गई गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को मिली नवजातकों की तस्करी के मामले में बड़ी सफलता । सेंट्रल रेंज पुलिस अभियुक्तों की धरपकड़ करती हुई सुरागों के आधार पर जा पहुंची बेगमपुर रोहिणी के हीरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जहाँ पर तस्करी करके लाए गए बच्चों को फर्जी कागजात बनाकर मोटी रकम वसूलकर बेऔलाद दंपतियों को बेचा जाता था । इस मामले में अस्पताल की संचालिका एवं उसकी सहयोगी लैब टेक्निशियन को हिरासत में ले लिया गया है । संचालिका पीएचडी हैं लेकिन उनके पास मेडिकल की कोई वैधानिक योग्यता नहीं है । अस्पताल के फर्टिलिटी एंड आईवीआर विभाग द्वारा चल रहा था यह धंधा । डेढ़ से दो लाख में खरीदे गए नवजात को फर्जी दस्तावेज तैयार कर 6 से 8 लाख रुपये में बेचा जाता था ।
पुलिस पहाड़गंज में रहने वाले एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा दी गई सूचना के आधार पर हरकत में आई । नागरिक का कहना था कि उसने एक संदिग्ध महिला को देखा जिसकी गोद में नवजात था । कुछ दिन बाद वो महिला गायब हो जाती है फिर अचानक कुछ दिन बाद एक अलग नवजात को साथ लिए दिखाई देती है । पुलिस ने एक डिकॉय कस्टमर के माध्यम से आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के पास से उक्त महिला एवं उसकी अन्य महिला साथी एवं उनके पुरुष साथी कमल को धर दबोचा । कड़ियाँ जोड़ती जोड़ती पुलिस उदयपुर निवासी सायबाभाई घामर जो कि आजकल साँवर काँठा गुजरात में रह रहा था जिसे हम गिरोह का सरगना भी कह सकते हैं तक जा पहुँची । यह राजस्थान और गुजरात के विभिन्न इलाकों से नवजात शिशुओं के जरूरत मंद माता पिता से 10000 रुपये का टोकन अमाउंट देकर ख़रीद लेता था और नेटवर्क के माध्यम से आगे सप्लाई कर देता था । ज़्यादातर नवजात 4 दिन से लेकर 3 महीने के होते थे । आरंभिक जाँच से पता चला है उसने पिछले डेढ़ साल में 30 बच्चों की तस्करी की है । इस मामले में पुलिस ने 13 को गिरफ्तार किया हैं। तिलक नगर निवासी 34 वर्षीय ज्योति, टैगोर गार्डन निवासी 43 वर्षीय शीला, ललित लक्ष्मी नगर निवासी, प्रतिभा लैब टेक्निशियन, 45 वर्षीय ओमवती गुड़गांव में डोमेस्टिक हेल्प, 33 वर्षीय विपिन निवासी गोयला नगर पेशे से ड्राइवर जो कि इनके लिए ट्रांसपोर्टेशन का काम करता था, डॉ विवेकी उम्र 45 साल अस्पताल की संचालिका, मुकेश एवं रीना पाल, सन्नी अरोड़ा और अन्य महिला । और अंत में गिरोह का सरगना सायबाभाई । पुलिस ने अब तक तीन लाख की रिकवरी की है । फिलहाल अभियुक्त हिरासत में हैं एवं मामले पर तहकीक़ात जारी है ।
सेंट्रल जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के अनुसार पुलिस को यह सफलता 15 दिन की मशक्कत के बाद हासिल हुई । साबर काँठा, पाली एवं अन्य इलाक़ों में दबिश के लिए तीन टीमों का गठन किया गया । पुलिस ने अबतक 5 नवजातों को बरामद किया है । दो और नवजातों की बरामदगी संभावित है । उनका कहना है की पुलिस को इस मामले में 50 से 60 फीसदी सफलता मिली है कोशिश जारी है । हीरा सुपर स्पेशलिटी की नवजातों की तस्करी में भागीदारी ने देश में चल रहे फर्टिलिटी एवं आईवीएफ सेंटरों को संदेह पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है ।कहीं न कहीं अब जरूरी हो गया है इनपर नकेल कसना । एक नॉन मेडिकल क्वालिफाइड द्वारा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन अपने आप में एक बड़ा सवाल है ।
दिल्ली: प्रदेश भाजपा त्रि दिवसीय घर घर सम्पर्क अभियान की शुरुआत आज फर्श बाजार भोलानाथ नगर से हुई । पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जो कि केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं घर घर संपर्क कर स्थानीय नागरिकों से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों पर चर्चा की एवं आगे की रुपरेखा से आवगत कराया । भोलानाथ नगर के इस संपर्क अभियान में प्रदेश अध्यक्ष के साथ पूर्व मेयर निर्मल जैन सहित स्थानीय पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए ।
संपर्क अभियान के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने गोविंद जो कि एक चर्मकार है एवं जूता चप्पल रिपेयर करके अपनी रोजी रोटी चलाता है, से मुलाकात कर प्रधान मंत्री स्वनिधि योजना पर चर्चा की एवं और अधिक जानकारी के लिए अपने सहायक अमन पांडे को उन्हे इसे पूरा समझा कर वह चाहें तो इसका आगे लाभ दिलवाने की जिम्मेदारी सौंपी। दिल्ली बीजेपी का 256 मंडलों में जनसंपर्क अभियान के दौरान 18 से 20 जून तक घर-घर पहुंचेगे सांसद-विधायक एवं पार्टी के पदाधिकारी एवं स्थानीय कार्यकर्ता ।