नई दिल्ली 28, Jul 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

1 अगस्त से "दिल्ली लक्ष्मी योजना" का पोर्टल आवेदन शुरू

दिल्ली: दिल्ली की भाजपा सरकार द्वारा 1 अगस्त से "दिल्ली लक्ष्मी योजना"  का पोर्टल आवेदन खोलने के निर्णय का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं प्रदेश महामंत्री योगिता सिंह ने स्वागत करते हुए कहा कि इसी के साथ रेखा  गुप्ता सरकार ने मात्र 17 माह में भाजपा के 2025 चुनाव संकल्प पत्र का एक महत्वपूर्ण संकल्प पूरा किया है।  भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली एवं देश की जनता ने देखा है की विगत अरविंद केजरीवाल सरकार ने 10 वर्ष दिल्ली की बहनों को 1000 रूपये के भत्ते का सपना दिखाया पर एक रुपया नही दिया वहीं भाजपा सरकार ने मात्र 17 माह में ना सिर्फ अपना वादा पूरा किया है बल्कि 2500 रुपये देकर जरूरतमंद महिलाओं की आकांक्षा पूरी की है। 

प्रदेश महामंत्री ने कहा है की जहां  रेखा गुप्ता सरकार ने अपने सेवा काल के प्रारम्भ में ही "दिल्ली लक्ष्मी योजना" लागू कर महिलाओं को सम्मान दिया है वहीं अरविंद केजरीवाल की पंजाब सरकार ने चुनाव से 6 माह पहले महिला सम्मान राशि की एक किश्त जारी करके इसका चुनावी रेवड़ी की तरह प्रयोग किया है।

युवाओं पर लाठी, आंसू गैस और पैलेट गन चलाने का किसने दिया आदेश

दिल्ली: कुछ दिन पहले राम मनोहर लोहिया अस्पताल की आईसीयू में भर्ती छात्रा से मुलाकात करके आई कांग्रेस की शीर्षस्थ प्रियंका गांधी वाडरा जो कि वायनाड से सांसद भी हैं ने बताया कि आईसीयू में जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही छात्रा की माँ  गुस्से में थी । बेटी की हालत से पीड़ा से  भरी माँ का शरीर काँप रहा था । उसने अपनी दृढ़ता से भरी आवाज़ में कहा कि उसे किसी की मदद नहीं चाहिए वह अपनी लड़ाई लड़ लेगी । कांग्रेस की शीर्षस्थ नेत्री ने मौजूदा सरकार की भूमिका पर सवालिया निशान लगाते हुए प्रधान मंत्री एवं केंद्रीय गृह मंत्री से पूछा कि क्या ज़रूरत थी, एक मासूम बच्ची पर इस तरह दमन करने की? क्या ज़रूरत थी नौजवान छात्रों पर आसूँ गैस चलवाने की, लाठियाँ बरसाने की, उन पर वाटर-कैनन्स   चलवाने की?  क्या ज़रूरत थी उन जवान लड़कियों को ज़लील करते हुए, उनके कपड़े फाड़ने की, उन्हें गंदी तरह पिटवाने की? युवाओं पर पेलेट गन और एके-47 चलवाने की क्या आवश्यकता थी? क्या वे आतंकवादी हैं? टेररिस्ट हैं? कौन जवाब देगा? 

पटना में एके एम-47 की गोली से घायल छात्र आकाश ने भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी  ने फ़ोन पर बात की । पटना में पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल छात्र आकाश यादव से आज एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा नेता प्रतिपक्ष  राहुल गांधी  की उनसे बातचीत करवाई। लोकसभा में नेता विपक्ष ने आकाश यादव का हालचाल जाना और उन्हें भरोसा दिलाया कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की इस लड़ाई में वे सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े रहेंगे।सरकार लाठियों और AK-47 की गोलियों से छात्रों की आवाज़ को दबा नहीं सकती। न्याय, शिक्षा और छात्रों के अधिकारों की यह लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।

दिल्ली की सबसे बड़ी ठोक मार्किट सदर बाजार में जलभराव की स्थिति

दिल्ली: शहर की सबसे बड़ी ठोक मार्किट का हवाला देते हुए एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष  अंकुश नारंग ने कहा कि दिल्ली के सबसे बड़े थोक सदर बाज़ार में कमर तक बारिश का पानी भर गया, जहाँ इसी जलभराव के बीच स्कूली बच्चों और आम लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा एवं दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही को कटघरे में लेते हुए कहा कि जलभराव को लेकर किए गए दिल्ली सरकार के बड़े बड़े दावों की पोल आज खुल ही गई । 

उन्होंने दिल्ली की सरकार एवं नगर निगम पर निशाना साधते हुए लगाया सवालिया निशान क्या यही भाजपा का दिल्ली में विकास मॉडल है ? देश की राजधानी दिल्ली में भाजपा की चार इंजन सरकार जलभराव रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है ।  उनका कहना है कि दिल्ली की जनता को दावे नहीं जल भराव से स्थाई रूप से  राहत  चाहिए ।

जैन सम्राट खारवेल की 2200 वी जयंती पर दिल्ली सरकार करेगी भव्य कार्यक्रम

दिल्ली: श्री दिगम्बर जैन समाज एवं एकल महिला समाज कृष्णा नगर द्वारा देवस्य सिटी सेंटर कड़कड़डूमा में आयोजित मंगल कलश स्थापना समारोह और कलिंग चक्रवर्ती जैन सम्राट खारवेल की 2200 जन्म शताब्दी समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौजूद भक्तजनों के बीच एलान किया कि दिल्ली सरकार खारवेल जन्म जयंती के अवसर पर पूरे वर्ष चलने वाले जैन समाज द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रमों में पूर्ण योगदान करेगी , रेखा गुप्ता ने कहा आज मैं जिस मुकाम तक आई हूँ यह धार्मिक गुरुओं संत महात्माओं और जैन समाज के विद्वानों से मिले आशीर्वाद का ही परिणाम है। इस अवसर पर सम्राट खारवेल पर बनी फीचर फिल्म को भी प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर आचार्य प्रग सागर मुनि ने अपने प्रवचन में कहा आज आयोजित मंगल कलश स्थापना समारोह का विशेष महत्व है ,उन्होंने कहा आज ही सम्राट खारवेल महागौरव वर्षायोग समारोह का भी शुभारंभ भी हो रहा है खारवेल एक ऐतिहासिक महापुरुष है उनकी 2200 जन्म जयंती पर जैन समाज दिल्ली सहित सम्पूर्ण देश में कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे । इस अवसर पर प्रधान सतीश चंद्र जैन , महामंत्री प्रमोद जैन, प्रियांशु जैन और मीडिया संयोजक टीनू जैन ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का दिल्ली अल्प संख्यक आयोग के चेयरमैन पद पर जैन समाज के नेता निर्मल जैन को मनोनीत करने पर बधाई दी और एक स्मृति चिन्ह भेंट किया । इस समारोह में सांसद ललित गांधी , विधायक अनिल गोयल , संजय गोयल , अरविंद सिंह लवली के साथ आदि अनेक नेता एवं धार्मिक गुरु उपस्थित हुए।

राकेश थपलियाल एनयूजेआई के अध्यक्ष चुने गए तो राकेश शर्मा महासचिव

दिल्ली: इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स से संबंदध नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के चुनाव में वरिष्ठ पत्रकार राकेश थपलियाल (दिल्ली) को अध्यक्ष और राकेश शर्मा (जयपुर) को महासचिव चुना गया है। सभी पदाधिकारी और कार्यकारिणी के सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं। एनयूजेआई के चुनाव अधिकारी अशोक किंकर ने संगठन के मुख्यालय 7 जंतर मंतर रोड, नई दिल्ली पर चुनाव नतीजों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि चुनाव में नामांकन वापसी के बाद बताया कि उपाध्यक्ष पद पर सिलवेरी श्रीशैलम (तेलंगाना), प्रशांत चक्रवर्ती (त्रिपुरा), राजीव नयनम (झारखंड), डॉ. रणेश राणा (हिमाचल प्रदेश) और अरविंद सिंह (उत्तर प्रदेश) निर्विरोध चुने गए हैं। सचिव पद पर अयान मुखर्जी (पश्चिम बंगाल), मयूख गोस्वामी (असम) तथा अनिता चौधरी (दिल्ली) चुने गए हैं। कोषाध्यक्ष पद पर उत्तराखंड के आर. सी. कन्नौजिया निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए हैं। इस अवसर पर एनयूजेआई के चुनाव आयोग के अध्यक्ष दधिबल यादव उपस्थित थे। 

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के चुनाव उत्तर प्रदेश के वीरेन्द्र कुमार सक्सेना, प्रमोद गोस्वामी, कमलकांत उपमन्यु, दिल्ली के मनोज वर्मा, मनोहर सिंह, सीमा किरण, प्रतिभा शुक्ल, उषा पाहवा, सचिन बुधौलिया, सगीर अहमद, डॉ.अशोक बर्थवाल, तेलंगाना की इन्द्राणी सरकार, टी. वेंकट रमाना, केरल के प्रेम जॉन, ओडिशा के अक्षौय साहू, प्रमोद कुमार सामंतराय, कंबुपानी मिश्रा, हिमाचल प्रदेश के  गोपाल दत्त शर्मा,  असम के भूपेन गोस्वामी,  पश्चिम बंगाल के दीपक राय, सोमेश्वर बोराल चुने गए हैं। 
 
एनयूजेआई के अध्यक्ष रास बिहारी ने बताया कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य 19-20 सितंबर 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाले महाधिवेशन में कार्यभार संभालेंगे। महाधिवेशन में देशभर से दो हजार से ज्यादा सदस्य हिस्सा लेंगे। महाधिवेशन में मीडिया जगत से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी। 
नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेश थपलियाल ने कहा कि एनयूजेआई देश में लंबे समय से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने, मीडिया काउंसिल, मीडिया कमीशन के गठन की मांग कर रहा है। पत्रकारों पर देशभर में हमलों को रोकने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाना आवश्यक हो गया है।  

शादी की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती लड़की को तभी शादी करनी चाहिए जब उसे सही साथी मिले

क्या 30 की उम्र पार करते ही लड़की की शादी कर देना समाज की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए? इसी अहम सवाल को उठाती है निर्देशक आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’। यह फिल्म कॉमेडी, इमोशन और पारिवारिक रिश्तों के ताने-बाने के जरिए एक गंभीर सामाजिक मुद्दे को हल्के-फुल्के लेकिन प्रभावी अंदाज़ में सामने लाती है।करीब 2 घंटे 8 मिनट की इस फिल्म की कहानी 32 वर्षीय नव्या (खुशाली कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके पिता (महेश मांजरेकर) उसकी शादी को लेकर बेहद चिंतित हैं। जल्दबाजी में उसकी शादी एक ऐसे युवक से तय कर दी जाती है, जिसका अतीत संदिग्ध है। सच जानने के बावजूद नव्या अपने पिता का दिल नहीं तोड़ना चाहती और एक अनोखा फैसला लेती है—शादी तो उसी दिन होगी, लेकिन सही जीवनसाथी के साथ। इसके बाद शुरू होती है एक दिलचस्प और भावनात्मक यात्रा, जिसमें कई उतार-चढ़ाव और मनोरंजक घटनाएं देखने को मिलती हैं। ओंकार कपूर का किरदार कहानी में अहम मोड़ लाता है।

फिल्म का सबसे मजबूत पक्ष इसका क्लाइमैक्स है, जो एक साफ संदेश देता है—शादी की कोई “एक्सपायरी डेट” नहीं होती। लड़की को तभी शादी करनी चाहिए, जब उसे सही साथी मिले। हालांकि पहले हाफ में कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी है और कुछ घटनाएं अनुमानित लगती हैं, लेकिन दूसरा हाफ फिल्म को संभाल लेता है। अभिनय की बात करें तो खुशाली कुमार ने नव्या के किरदार में ईमानदारी और संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने एक ऐसी लड़की की दुविधा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है, जो परिवार और अपने फैसलों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। महेश मांजरेकर एक चिंतित पिता के रूप में प्रभावित करते हैं, खासकर उनके और खुशाली के बीच के भावनात्मक दृश्य फिल्म की ताकत बनते हैं। ओंकार कपूर सहज अभिनय से कहानी में हल्कापन लाते हैं, वहीं पीयूष मिश्रा अपनी सीमित उपस्थिति के बावजूद मजबूत छाप छोड़ते हैं। फिल्म का निर्माण विकास अग्रवाल,आकाशादित्य लामा ,सुमन मौर्य एवं अतुल गंगवार  ने किया है
 
निर्देशक आकाशादित्य लामा ने एक गंभीर विषय को बिना भारी बनाए, मनोरंजक ढंग से पेश किया है, जो फिल्म की सबसे बड़ी खूबी है। सिनेमैटोग्राफी कहानी के माहौल के अनुरूप है और विजुअल ट्रीटमेंट आकर्षक लगता है। एडिटिंग पहले हाफ में थोड़ी कसी जा सकती थी, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म रफ्तार पकड़ लेती है। संवाद कई जगह मुस्कुराने पर मजबूर करते हैं, जबकि क्लाइमैक्स भावनात्मक असर छोड़ता है।
संगीत भी फिल्म की एक मजबूत कड़ी है। ‘बिटिया पराई नहीं होती’ गाना दिल को छूता है और फिल्म के संदेश को मजबूती देता है, जबकि ‘जलवा दिखा जाए’ मनोरंजन का तड़का लगाता है।‘दुल्हनिया ले आएगी’ एक नई कहानी कहती हैं,और यह समाज में लड़कियों की शादी को लेकर बनी सोच पर जरूरी सवाल  उठाती है। कॉमेडी, इमोशन और सामाजिक संदेश का संतुलन इसे परिवार के साथ देखने लायक फिल्म बनाता है।

दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण गुप्ता पार्टी एवं समाजिक कार्यों के लिए याद रखे जायेंगे

दिल्ली: पूर्व दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी की 16वीं पुण्यतिथि पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के  अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।  स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी का निधन 26 जुलाई 2010 को हुआ था। पुष्पाजंलि देने वालों में  प्रदेश  के संगठन महासचिव पूर्व विधायक  अनिल भारद्वाज, किरण वालिया पूर्व मंत्री ,  इशराक खान पूर्व विधायक, महासचिव डॉ पी के मिश्रा,  भूपेश यादव,  शांति स्वरूप, पुष्पा सिंह दिल्ली महिला कांग्रेस अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष मंगेश त्यागी, मोहम्मद उस्मान,  महिंदर भास्कर, महिंदर मंगला,  वरुण ढाका,  दिनेश कुमार एडवोकेट,  जे.पी.पवार , कमल अरोड़ा,  नरेश शर्मा, सतबीर शर्मा सहित उनके परिवार से पोते/पोती विकास गुप्ता , अनन्या , पंकज गुप्ता , हृदय , गुंजन गुप्ता तथा बढ़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता भी मौजूद थे ।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  ने स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी के राजनीतिक सफ़र को याद करते हुए जानकारी दी की वे तीसरी लोकसभा (1962–1967) में दिल्ली सदर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर सांसद रहे , दिल्ली विधानसभा सदस्य के साथ दिल्ली सरकार में उपमंत्री रहे तथा दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष 1958–1962 भी रहे । उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी ने अपने राजनीतिक जीवन में कांग्रेस पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा को मजबूत करने के लिए समर्पण भाव से कार्य किया। उन्होंने जनहित के मुद्दों को सदैव प्राथमिकता दी और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया।
 
स्वर्गीय शिव चरण गुप्ता जी का सरल व्यक्तित्व, संगठन के प्रति उनकी निष्ठा और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण हमेशा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देता रहेगा। उनके द्वारा पार्टी और समाज के लिए किए गए कार्यों को सदैव याद किया जाएगा तथा उनके आदर्शों और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

हंसी के साथ गूंजता कर्म बनाम किस्मत का सवाल


हिंदी सिनेमा में इन दिनों मध्यवर्गीय परिवारों की कहानियों को बड़े ही रोचक और संवेदनशील अंदाज़ में पेश किया जा रहा है। इसी कड़ी में आई फिल्म ‘उत्तर दा पुत्तर’ एक हल्की-फुल्की लेकिन विचारोत्तेजक फैमिली कॉमेडी है, जो हंसाने के साथ-साथ एक अहम संदेश भी देती है। निर्देशक रविंदर सिवाच की यह फिल्म कर्म और किस्मत के बीच चलने वाली बहस को बेहद मनोरंजक तरीके से सामने लाती है। इस फिल्म का निर्माण संदीप कपूर और प्रिया कपूर ने प्रोमोडोम मोशन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म का लेखन और निर्देशन रविंदर सिवाच ने किया है, जो संदीप कपूर की कहानी पर आधारित है।

कहानी के केंद्र में हैं प्रोफेसर साई राम टुटेजा (अन्नू कपूर), जो पेशे से फिजिक्स के शिक्षक हैं, लेकिन निजी जीवन में वास्तु और अंधविश्वास पर गहरा भरोसा रखते हैं। यही विरोधाभास फिल्म की कहानी को रोचक बनाता है। फिल्म का प्लॉट तब दिलचस्प मोड़ लेता है जब प्रोफेसर अपने परिवार के लिए एक ‘परफेक्ट वास्तु’ वाला घर ढूंढ लेते हैं, लेकिन एक अप्रत्याशित घटना उनके विश्वास को झकझोर देती है। इसके बाद शुरू होती है उनकी एक नई यात्रा—अपनी जिंदगी और रिश्तों को संभालने की।

फिल्म में अन्नू कपूर, पवन मल्होत्रा, रुखसार रहमान, बृजेंद्र काला, जीवेशु अहलूवालिया, राजेंद्र सेठी, समिट गुलाटी और नितिन अरोड़ा जैसे दमदार कलाकार हैं, जिन्होंने अपने-अपने किरदारों में जान डाल दी है और फिल्म को मजबूत बनाया है। अभिनय की बात करें तो अन्नू कपूर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कॉमेडी और भावनात्मक दृश्यों में उनकी पकड़ बेमिसाल है। उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को हंसने पर मजबूर करती है, वहीं गंभीर पलों में भी वे गहरी छाप छोड़ते हैं। पवन मल्होत्रा, बृजेंद्र काला और रुखसार रहमान ने भी अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाया है। निर्देशन सधा हुआ है और फिल्म कहीं भी भटकती नजर नहीं आती। दिल्ली के मध्यवर्गीय परिवेश को बड़े ही वास्तविक अंदाज़ में दिखाया गया है, जो दर्शकों को कहानी से जोड़ता है। संवाद चुटीले हैं और बैकग्राउंड स्कोर कॉमेडी को और प्रभावी बनाता है।

हालांकि, फिल्म का दूसरा हिस्सा थोड़ी धीमी गति का शिकार होता है और कुछ किरदारों को और विस्तार दिया जा सकता था। इसके बावजूद फिल्म अपनी पकड़ बनाए रखती है और अंत तक दर्शकों का मनोरंजन करती है। वर्डिक्ट: ‘उत्तर दा पुत्तर’ एक साफ-सुथरी फैमिली एंटरटेनर है, जो हंसी के साथ एक सकारात्मक संदेश भी देती है। अगर आप ऐसी फिल्म देखना चाहते हैं जो आपको गुदगुदाए और सोचने पर मजबूर करे, तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है।

258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों ने जान गंवाने वाले छात्रों की याद मे कैंडल मार्च निकाला

दिल्ली: पेपर लीक भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरु किए गए देशव्यापी छात्रोंकी गूंज आंदोलन के तहत पेपर लीक की जवाबदेही तय करने, भ्रष्ट केन्द्रीय शिक्षा मंत्रीधर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा छात्रों की बेखौफ मारपीट पर माफी मांगने के लिए आज दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में सभी 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में पेपर लीकहोने पर जान गंवाने वाले छात्रों की याद में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं नेदिल्ली भर में कैंडल मार्च निकाल कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। प्रदेश कांग्रेसअध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र के ग्रीन पार्क ब्लॉककांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित युसूफ सराय मार्केट से शुरू हुए कैंडल में शामिलहुए। 258 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों में आयोजित कैंडल मार्च में मुख्य  एमरुप से दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री प्रो0 किरण वालिया, डा0 योगानन्द शास्त्री, निगम में सदन के पूर्व नेता  जितेन्द्र कुमार कोचर, जिलाअध्यक्ष महेन्द्र मंगला, सुमित शर्मा, नीतू वर्मा सोईन,जिला आब्र्जवर अकांशा ओला, महिला जिला अध्यक्ष नीतू सेहरावत, विधानसभाआब्र्जवर चन्द्रकांत गिरी, ब्लॉकअध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा और सुखबीर पंवार मौजूद थे। 

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए निडर रुप से सक्रिय  नेता राहुल  गांधी लगातार लड़ाई जारी रखते हुए कल महात्मा गांधी जी की स्मृति पहुचकर नमनकिया क्योंकि महात्मा गांधी यहां शहीद हुए थे जो सत्य, अंहिसा और निडरता का सबसे शक्तिशाली प्रतीकहै। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में बैखोफ होकर भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था केखिलाफ और पेपर लीक के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने केलिए हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता उन युवाओं को साहस और संवेदना देने के लिए सड़कोंपर हैं जिन्होंने सत्य और अंहिसा के रास्ते पर चलते हुए सरकार के आदेश पर पुलिस कीबर्बरता को सह रहे हैं,  हमहर कदम में उनके साथ है।
 
उन्होंने कहा कि पेपर लीक भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेन्द प्रधान काइस्तीफा लेने की बजाय एनडीए बेशर्मी से संसद में जवाबी प्रदर्शन कर अपनी नाकामियोंऔर पेपर लीक भ्रष्टाचार को दबाने की कोशिश कर रहे है। उन्होंने कहा कि पेपर लीकभ्रष्टाचार को फास्ट ट्रेक कोर्ट द्वारा निपटाने की बात करके केन्द्रीय गृहमंत्रीअमित शाह देश को गुमराह कर रहे है। छात्रों की क्रांति की लो जलती रहेगी औरछात्रों के हितों में जन नायक राहुल गांधी क संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतरभविष्य का रास्ता बनाऐगा। भाजपा की सरकार देश भर में लाखों छात्रों पर लाठियांचलाकर विपक्ष की आवाज को दबा नही सकती। सत्याग्रह को अपना संकल्प बनाकर सरकार केहर वार के खिलाफ और छात्रों के साथ हम डट कर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि असत्य औरहिंसा से मोदी सरकार देश के छात्रों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करके जो किया है,उसे कभी भुलाया नहीजा सकता। 
 
पिछले 10 वर्षोंमें 152 पेपर लीक होने से 7.5करोड़ छात्र प्रभावितहुए और धरने पर बैठे हजारों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए संसद से सड़क तकसंघर्ष कर रहे श्री राहुल गांधी की इस लड़ाई में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता उनकेसाथ खड़े है। उन्होंने बताया कि धमेन्द्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग को लेकरसभी 258 ब्लॉकों में हजारोंकांग्रेस कार्यकर्ता भाजपा सरकार की तानाशाही अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंनेकहा कि जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट करने और उनका अपमान करने वालों केखिलाफ संख्त कार्रवाही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रोंके साथ हुए दुर्व्यवहार और मारपीट के लिए के लिए माफी मांगे।

प्रधानमंत्री आवास पर राहुल एवं अन्य सांसदों के प्रदर्शन को लेकर वकीलों का सीजेआई को ज्ञापन

  

दिल्ली: देश के अलग-अलग राज्यों के वकीलों ने भारत के सर्वोच्च न्यायाधीश को गत 21 जुलाई की घटनाओं के बारे ज्ञापन सौंपा । उनका कहना  है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी,कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन  खडगे, प्रियंका गांधी वाडरा, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव सहित इंडिया गठबंधन के विभिन्न दलों के सांसद बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रधान मंत्री के आवास के जमा हुए एवं प्रदर्शन किया  । यह प्रदर्शन एक हाई सिक्योरिटी एवं संवेदनशील इलाके में हुआ जो कि सुरक्षा, सार्वजनिक एवं कानून व्यवस्था के लिए विचारणीय है, कोर्ट को मामले पर सज्ञान लेते हुए यह सुनिश्चित करे कि हाई सिक्योरिटी वाले संरक्षित्त क्षेत्रों किसी प्रकार के ग़ैर क़ानूनी जमवाड़े या अनाधिकृत प्रदर्शन को रोकने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी हो ।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन या विरोध संवैधानिक अधिकार है । इसका इस्तेमाल संविधान और क़ानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए विशेषकर उन जगहों पर जहाँ पर राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संविधानिक पद पर आसीन की सुरक्षा का सवाल हो ।

दिल की बात कीजिए अपनो से छुपाए नहीं

दिल्ली: इस दौर में सब जब बड़े बजट की एक्शन रोमांटिक और थ्रिलर फिल्में टिकट खिड़की पर मोटी कमाई करती है और फिल्म मेकर भी , दर्शकों के मिजाज और बॉक्स ऑफ़िस के मिजाज को देखकर ऐसी फिल्में बनाने में लगे है वहीं इस बीच अगर कोई यंग फिल्म मेकर इस भीड़ से दूर हट कर हमारे और आपके रिश्तों की गर्माहट और बड़े शहरों में परिवारो के बीच बढ़ती लगातार दूरियो पर बॉक्स ऑफिस का मोह छोड़ कर अच्छे खासे बजट के साथ फिल्म बनाए तो इसकी प्रशंसा होनी चाहिए।
मैक्स मिन और म्याऊज़ाकी  के प्रेस प्रिव्यू शो की समाप्ति पर हर यहां मौजूद मेहमान क्रिटिक फिल्म की तारीफें करते नजर आए । रमेश एक सफल बिजनेसमैन है लेकिन उसकी लाइफ में सुकून खुशी तो दूर की बात सिर्फ तनाव है अपने इसी तनाव को दूर करने और जिंदगी को एक बार फिर ट्रैक पर लाने के मकसद से रमेश एक मनोचिकित्सक के साथ सेशंस अटेंड करके उससे अपने दिल की बात करता है , रमेश की पत्नी वसुधा कुछ साल पहले कैंसर की बीमारी से चल बसी, उसका इकलौता बेटा मैक्स उर्फ महेश भी अब उसके साथ नहीं रहता मैक्स अपनी एक मुस्लिम गर्ल फ्रेंड के साथ खुश है और पापा से दूरियां बना ली है , रमेश चाहता है कि उसका इकलौता बेटा उसके बिजनेस को संभाले लेकिन मैक्स को जिंगल और वेस्टर्न म्यूजिक का जुनून है और इसी में अपना करियर बनाना चाहता है, रमेश को मंजूर नहीं की एक मुस्लिम लड़की उसके परिवार की बहू बने। रमेश के पिता एक मशहूर क्लासिकल सिंगर है लेकिन उम्र के इस आखिरी पड़ाव में वह अपने बेटे रमेश के साथ नहीं एक ओल्ड होम में रहते है। इन्हीं के साथ मैक्स के साथ एक बिल्ली म्याऊंजी भी है जो स्टोरी का खास हिस्सा है।

मेरी नजर में यह फिल्म एक भावनात्मक संदेश देती है फिल्म सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि इंसानों और उनके रिश्तों के अपनापन को फिर से महसूस कराने की अच्छी कोशिश है। फिल्म उसी पुराने अपनापन और भावनात्मक जुड़ाव को वापस लाने की कोशिश करेगी। फिल्म में दर्शकों को एक ऐसी दुनिया की झलक मिलेगी, जहां आधुनिक रिश्तों की जटिलताएं, परिवार के बदलते समीकरण और एक खास बिल्ली म्याऊज़ाकी कहानी का अहम हिस्सा बनकर सामने आती है।इस फिल्म की कहानी ऐसे रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती है जहां समय के साथ प्यार के मायने बदलते हैं, परिवार में दूरियां आती हैं और फिर कुछ खास रिश्ते लोगों को दोबारा जोड़ देते हैं।
अब तक इस फिल्म ने देश विदेश के अनेक फिल्म फेस्टिवल में ना सिर्फ दर्शकों, ज्यूरी और क्रिटिक्स का ध्यान खींचा बल्कि अवॉर्ड भी अपने नाम किये।
मुंबई की पृष्ठभूमि और मानसून के खूबसूरत माहौल में बनी यह फिल्म जिंदगी की छोटी बातों को आपके साथ जोड़ने में सफल है, फिल्म में म्याऊज़ाकी नाम की बिल्ली भी आपका ध्यान खींचती है ,फिल्म में बिल्ली की भूमिका इंसानों के बीच प्यार, और जुड़ाव का है।फिल्म में नई पीढ़ी के स्टार्स के साथ अनुभवी स्टार्स ने खुद को फिल्म की स्टोरी के किरदार में खुद को ढाल अभिनय किया यही वजह है सभी दर्शकों की वाह वाही लूटने में कामयाब रहे। इन कलाकारो का अभिनय फिल्म को और मजबूती प्रदान करता हैं।
फिल्म के लेखक निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति की तारीफ करनी होगी कि उन्होंने अपनी लिखी स्क्रिप्ट को स्टार्ट टू एंड कही भी ट्रैक से भटकने नहीं दिया फिल्म का हर किरदार स्टोरी का अहम हिस्सा है उन्होंने फिल्म नगरी के दिग्गज और न्यू कमर्स कलाकारों को एक साथ पेश किया और सभी कलाकारों से उनकी क्षमता के मुताबिक बेहतरीन काम किया, अगर पद्म फिल्म को दस से पंद्रह मिनट तक कम रखते तो स्टार्ट टू एंड फिल्म हर क्लास के दर्शक को बांध कर रखती। शायद पहली बार उन्होंने एक बिल्ली को कहानी का अहम हिस्सा बना कर पेश किया , फिल्मों में डॉग तो अक्सर नजर आते है लेकिन पद्म कुमार ने बिल्ली को पेश करके एक नई शुरुआत की। अगर आप एक बेहतरीन स्टोरी पर दिग्गज स्टार्स साथ बनी एक सार्थक फिल्म देखना चाहते है तो यह फिल्म आपके लिए है।
कलाकार :   नफीसा अली, मेधा शंकर, मंदिरा बेदी और आदिल हुसैन‌, स्टोरी, निर्देशन: पद्म कुमार राव, निर्माता: शैल ओसवाल, समीक्षा ओसवाल, सेंसर: यू ए, अवधि: 143 मिनट.

फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं,धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांगा लीपापोती कर बचाने का प्रयास

 

दिल्ली:  पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा को  आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश के बच्चों को बेवकूफ बनाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश करार दिया है। उन्होंने पीएम से पूछा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ? बच्चों ने तो फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग ही नहीं की थी, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था। उन्होंने कहा कि देश में बहुत से फास्ट ट्रैक कोर्ट बने हैं, लेकिन कई में सुनवाई ही नहीं होती, तो कई में सामान्य कोर्ट से भी ज्यादा समय लगते हैं। ऐसा कोई एलान नहीं हुआ जिससे बच्चों में पेपर लीक नहीं होने का भरोसा बढ़े, क्या पीएम का अपना कोई विजन नहीं है? प्रधानमंत्री का ये स्टेटमेंट एक हारे हुए दिशाहीन लेकिन अहंकारी व्यक्ति का लगता है।

गुरुवार को एक्स पर “आप” के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट करके कहा है कि पेपर लीक मामलों में सजा दिलवाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। पर प्रधानमंत्री जी, यह तो बच्चों ने मांगा ही नहीं था और न ही यह उनकी मांग थी। यह तो ऐसा लग रहा है जैसे आप बच्चों को बेवकूफ बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट तो इस देश में बहुत बने हुए हैं। रेप मामलों के लिए बने हुए हैं, पॉक्सो के लिए बने हुए हैं और कई अन्य तरह के मुद्दों पर भी फास्ट ट्रैक कोर्ट बने हुए हैं। लेकिन उनमें तो सुनवाई होती ही नहीं है। कई फास्ट ट्रैक कोर्ट में तो नॉर्मल कोर्ट से भी ज्यादा समय लगता है। इसलिए ऐसा लग रहा है कि अभी भी आप मामले में लीपापोती करने की कोशिश कर रहे हैं और अभी भी आप धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। बच्चों ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा था, लेकिन उसकी मोदी जी ने कोई बात ही नहीं की।
 
उन्होंने कहा कि बच्चों के सिर फट गए, उनकी टांगें टूट गईं, उनके ऊपर लाठीचार्ज हुआ, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और उन पर बर्बरता से हमला किया गया, जिसके कारण बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं। मैं जंतर-मंतर जाकर यह सब देखकर आया था और कई बच्चों से मिलकर आया था। मोदी जी ने उनके प्रति सहानुभूति के लिए एक शब्द भी नहीं बोला। पूरी दुनिया में कुछ भी हो जाए तो आप ट्वीट करते हैं, क्या ये बच्चे आपके बच्चे नहीं हैं? क्या आपको इन बच्चों के लिए थोड़ी सी भी दया आती है, जिन पर आपने इतनी बर्बरता से हमला करवाया था?
 
बच्चे कह रहे हैं कि हर साल पेपर लीक होते हैं। मोदी जी ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया कि व्यवस्था में क्या बदलाव किए जाएंगे जिससे बच्चों को यह भरोसा हो सके कि अगले साल नीट का पेपर या कोई और पेपर लीक नहीं होगा। इसका मतलब है कि सरकार का कोई विजन ही नहीं है, आपका कोई विजन ही नहीं है। अगले साल भी इसी तरह से पेपर लीक होंगे, क्योंकि आप कोई बदलाव तो कर ही नहीं रहे हैं। अगले साल भी नीट का पेपर लीक होगा और अगले साल फिर बच्चे आत्महत्या करेंगे। आज मोदी जी का यह ट्वीट एक हारे हुए, दिशाहीन और अहंकारी इंसान का ट्वीट दिखाई दे रहा है।

चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों द्वारा ख़ुद का राजनीतिक भविष्य बचाने के लिए छात्र आंदोलन हाईजैक

दिल्ली: जो कुछ देश एवं दिल्ली में हो रहा है वह छात्र राजनीति के आलावा सब कुछ कहा जा सकता है। भाजपा के प्रदेश मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने  प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि  विभिन्न राज्यों में चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों का अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने का प्रयास है और इस चक्कर में छात्र आंदोलन को हाईजैक करके वह पर्दे के पीछे से हिंसा फैला कर राजनीतिक मर्यादाओं को तोड़कर छात्र आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं।  राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल एवं अन्य विपक्षी दल जवाब दें कि प्रधान मंत्री आवास एवं भारतीय संसद की सुरक्षा ब्रीच करके क्या मिला या फिर अब संसद में "नीट" परिक्षा पर चर्चा से क्यों भाग रहे हैं ?

उन्होने कहा की "नीट" पेपर लीक के नाम पर शुरू आंदोलन का आज का सच यह है की "पुनः नीट" परिक्षा हो चुकी, उसका संतोषजनक रिजल्ट आ चुका और अब उस पर कोई चर्चा नही हो रही है। भाजपा के  राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन, निवर्तमान अध्यक्ष  जगत प्रकाश नडडा से लेकर दिल्ली की मुख्य मंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और दिल्ली के  शिक्षा मंत्री  आशीष सूद हों सभी ने छात्र राजनीति से अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया। उन्होने कहा की भाजपा नेतृत्व में सदा छात्र राजनीति से जुड़े नेताओं को महत्व दिया गया है और आज डूसू के दो पूर्व अध्यक्ष रेखा गुप्ता दिल्ली की मुख्य मंत्री हैं तो  आशीष सूद शिक्षा मंत्री हैं और पार्टी की प्रदेश टीम पर भी पूर्व छात्र नेताओं की छाप है जो सभी छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं।
 
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा की आज देश में विपक्ष के पास कोई राजनीतिक सोच है नही केवल व्यक्तिवादी पार्टियां जिन्हे जनता 12 साल से नकार रही है और आज यही हारे हताश राहुल गांधी, केजरीवाल, यादव, ठाकरे इनमे से एक का भी कभी छात्र राजनीति से रिश्ता नही रहा पर इन्हे आज छात्र राजनीति में राजनीतिक रोटियां दिखाई दे रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  एवं दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने आज 2004 से 2014 की कांग्रेस की सरदार मनमोहन सिंह सरकार के दौरान हुए छात्र प्रतियोगी परिक्षा पत्र लीक की सूची जारी की और गत दिनों पंजाब की "आप" सरकार में हुए फारमेसिसट परिक्षा पर्चा लीक का जिक्र किया । 
 
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी दी कि प्रधान मंत्री  नरेन्द्र मोदी की सरकार शिक्षा व्यवस्था के सुधार एवं विस्तार पर कितनी गम्भीर है उसका प्रमाण है 2014-15 से 2023-24 के बीच देश में 25% हाइर एजूकेशन इंस्टीट्यूट एवं 69.7% विश्वविद्यालय बढ़े हैं और उच्च शिक्षा पाने वाले अकेले दलित छात्रों की संख्या में मोदी काल भें 51.4% की वृद्धि हुई है तो ओ.बी.सी छात्रों की संख्या में 60.2 फीसदी वृद्धि हुई है । स्वयं  प्रधानमंत्री ने भी स्पष्ट किया है कि देश के युवाओं के हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने किया भाजपा मुख्यालय का घेराव


दिल्ली: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष  देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता पेपर लीक के लिए जिम्मेदार केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धमेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज भाजपा मुख्यालय का घेराव करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में एकत्रित हुए। नारे लगाते हुए धीरे धीरे आगे बढ़ते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जत्थे को पुलिस ने आगे नही जाने दिया और तानाशाह मोदी के इशारे पर उन्हें हिरासत में लेकर उन्हें आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन ले जाया गया, बाद में छोड़ दिया गया।  पेपर चोर गद्दी छोड़, नरेन्द्र मोदी हाय-हाय, जब-जब मोदी डरता है पुलिस को आगे करता है आदि नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारी मांग कर रहे थे कि कल 21 जुलाई को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण अपना विरोध दर्ज कर रहे छात्रों पर बर्बरता पूर्ण पुलिस द्वारा लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पर प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों में  अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के दिल्ली प्रभारी  काजी निजामुद्दीन, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री डा0 नरेन्द्र नाथ और प्रो0 किरण वालिया, पूर्व विधायक  सुरेन्द्र कुमार, भीष्म शर्मा, और  अबदुल रहमान, निगम में विपक्ष के पूर्व नेता जितेन्द्र कुमार कोचर, प्रदेश प्रशासनिक प्रभारी  जतिन शर्मा, उपाध्यक्ष  जगजीवन शर्मा,  तसवीर सोलंकी,  लक्षमण रावत, अब्दुल हन्नान, मुदित अग्रवाल, महासचिव डा0 पी के मिश्रा,  जय प्रकाश राणा,  धर्मपाल चंदेला, बाल किशन बाली,  प्रमोद जयंत, सतेन्द्र शर्मा, सेवादल के मुख्य संगठक सुनील कुमार, प्रदेश महिला अध्यक्ष पुष्पा सिंह, मुमताज पटेल, वरियाम कौर सहित  हजारों  कार्यकर्ता मौजूद थे।प्रदेश कांग्रेस कमेटी कि अध्यक्ष ने कहा कि देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने के पेपर लीक के भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों की जवाबदेही तय करने और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कर रहे छात्रों के साथ जिस तरह से पुलिस ने मारपीट कर सैंकड़ों छात्रों को गंभीर रुप से घायल किया है, ऐसा पहले कभी देखा नही गया। पुलिस की कार्यवाही और सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले हमारे नेता श्री राहुल गांधी जब प्रधानमंत्री निवास पर छात्रों को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे तो उन्हें जिस तरह से पुलिस द्वारा घसीटकर हिरासत में लिया, ऐसा इतिहास में पहले कभी हुआ है। उन्हांेने कहा कि राहुल गांधी जी और समूचे विपक्ष की आवाज संसद से सड़क तक बुलंद होने पर मोदी सरकार घबरा चुकी है, जिसके कारण सरकार के इशारे पर पुलिस सड़कों पर छात्रों की लड़ाई लड़ने वालों पर भारी अत्याचार कर रही है।

 पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक होने से 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए और धरने पर बैठे हजारों छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए संसद से सड़क तक संघर्ष कर रहे श्री राहुल गांधी की इस लड़ाई में कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता उनके साथ खड़े है। उन्होंने कहा कि धमेन्द्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दे और जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट करने और उनका अपमान करने वालों के खिलाफ संख्त कार्रवाही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्रों के साथ हुए दुव्र्यवहार और मारपीट के लिए के लिए माफी मांगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में हमारा एजुकेशन सिस्टम गरीबों और मिडिल क्लास के लोगों की पहुँच के बाहर है, जबकि देश की सरकार जितना पैसा शिक्षा बजट को देती है उतना पैसा नीट परीक्षा के लिए छात्र और उनके परिवार सरकार को देते है। ये देश के हर छात्र और परिवार का अपमान है। पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया है, जिसके खिलाफ देश भर में लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे है।
 

बीजेपी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया

दिल्ली: इंदिरा भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह और उनकी पार्टी एवं पूरा विपक्ष छात्रों एवं उनकी मांगों के साथ मजबूती से खड़े हैं । उन्होंने देश  प्रधान मंत्री से ताकीद की है कि वह अहंकार को छोड़कर छात्रों की गूँज सुने एवं उनकी तीन मांगों को पूरा करें । यह तीन माँगे हैं नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का तत्काल इस्तीफ़ा, छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए गुनहगारों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए  और अंत में छात्रों के साथ हुए अन्याय के लिए उनसे माफी ।

उनका कहना है कि बीजेपी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया गया है। 152 पेपर लीक हुए, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए लेकिन  किसी एक को भी सजा नहीं मिली यही कारण है कि देश के लाखों छात्र विरोध प्रदर्शन और आंदोलन कर रहे हैं। देश का कमिटमेंट होना चाहिए कि वह एजुकेशन के बाद युवाओं को नौकरी देगा, रोजगार देगा और अच्छा भविष्य देगा।  लेकिन आज सारे दरवाजे बंद कर सिर्फ सरकारी नौकरी का दरवाजा खोल दिया जाता है।सरकारी नौकरी के सिस्टम में लाखों रूपए मांगे जाते हैं। जो यहां पैसे देगा, जिसकी पहचान होगी, वही इस दरवाजे से अन्दर जाएगा।

उन्हें लगा कि अगर देश के छात्र सड़क पर हैं तो विपक्ष को भी सड़क पर होना चाहिए। लेकिन प्रधान मंत्री आवास जाने से पहले वह विपक्ष स्पीकर के पास गये । उन्होंने उनसे सदन में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा करवाने की मांग की। स्पीकर ने कहा कि वे सरकार से बात करेंगे, लेकिन उसके बाद भी कुछ नहीं हुआ और मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया गया। इसीलिए, वो चाहते हैं- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उनका अपमान किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, नरेंद्र मोदी छात्रों के साथ हुए व्यवहार के लिए माफी मांगें।

उनका कहना है कि उनका काम भारत की लोगों की इच्छा को जाहिर करना है । चाहें वो छात्र हों , युवा हों या फिर किसान लोकसभा में नेता विपक्ष के तौर पर उन्हें यही काम करना है । उन्हें भारत के लोगों की आवाज बनना है । जहाँ  भी लोगों को तकलीफ़ हो रही है उन्हें उसपर ध्यान दिलाना है । अपने लोगों की इच्छाओं के साथ खड़ा होना उनके लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है । 

कांग्रेस, आप, कम्युनिस्ट, सपा के बीच चल रही युवा आंदोलन भड़काने की चेष्टा

दिल्ली: कांग्रेस  पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर किये गये प्रदर्शन को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने अत्यंत निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का अपमान एवं उल्लंघन बताया । उन्होंने कहा कि पिछले 3 दिन से जो आराजकता देखी जा रही है वह छात्र आंदोलन नही है, असल में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट, समाजवादी पार्टी के बीच युवा आंदोलन भड़काने की चल रही चेष्टा का कुपरिणाम है। प्रधानमंत्री का पद 140 करोड़ देशवासियों का सम्मान है। उस पद और उस आवास को घेरकर कांग्रेस ने सिर्फ PM का नहीं, बल्कि देश की जनता का अपमान किया है।  

उन्होंने कहा है कि सत्ता से बेदखल होने की हताशा में कांग्रेस अब सड़क पर उतरकर अराजकता फैलाना चाहती है। भ्रष्टाचार, घोटालों और तुष्टीकरण की राजनीति करने वाली कांग्रेस को जनता ने 3 बार नकार दिया तो अब वो संसद और सड़क दोनों में हंगामा करके देश का माहौल खराब कर रही है। दिल्ली भाजपा विपक्षी कांग्रेस के इस कृत्य की कड़ी निंदा करती है और मांग करती है कि कांग्रेस पार्टी देश और प्रधानमंत्री जी से सार्वजनिक माफी मांगे। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील करते हैं कि वे शांति और अनुशासन के साथ कांग्रेस, "आप", कम्युनिस्ट एवं अन्य विपक्षी दलों  की इस ओछी राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें। उनका मानना है कि देश प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षित हाथों में है और 2047 तक विकसित भारत बनकर रहेगा।

सरना ने दिया जेन जी को समर्थन की खराब शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग

दिल्ली: शिक्षा व्यवस्था में सुधारों की माँग कर रहे जेन जी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह बल प्रयोग की जगह छात्रों की चिंताओं पर ध्यान दे । उन्होंने इस आंदोलन को पुरानी पीढ़ियों के लिए वेकअप काल बताया । युवा प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके एक दूसरे से सीधे बातचीत की एवं पारंपरिक मीडिया एवं स्थापित ऑनलाइन इंफ्लुएंसर्स को दरकिनार करते हुए लोगों को एकजुट करने का  एक बिल्कुल नया तरीका दिखाया है ।

उनका मानना है कि यह विरोध प्रदर्शन उस सड़े हुए एजुकेशन सिस्टम के प्रति गहरी निराशा दिखाते हैं जिसमें बड़े पैमाने पर सुधार की जरूरत है ।अब हमारी शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव लाने का समय आ गया है । सरकार को इन युवाओं  की आवाज को सहानुभूति के साथ सुनना चाहिए एवं बातचीत के जरिये उनकी जायज मांगों को पूरा करना चाहिए ।

MCD के टोल टेंडर में ₹500 करोड़ का घोटाला

दिल्ली: टोल टेंडर की प्रतिस्पर्धा को सीमित करने के लिए शर्तें ऐसी रखी ताकि फ़ायदा चुनिंदा कंपनियों को  पहुंचाया जा सके । उनका कहना है कि सात में से दो कंपनियों को फिक्स किया गया । एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसका सीधा नुकसान MCD के राजस्व और दिल्ली की जनता को होगा। 500 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो और पूरे टेंडर की पारदर्शी समीक्षा की जाए। इसके ख़िलाफ़ एक कंपनी स्कायलार्क लिमिटेड ने कोर्ट में मुक़दमा दर्ज किया है एवं इस बाबत मुख्य मंत्री को ख़त भी लिखा है ।

उन्होंने एमसीडी के पदाधिकारियों को घेरे में लेते हुए कहा कि दिल्ली की जनता के पैसे पर भ्रष्टाचार नहीं चलेगा। निगम आयुक्त को जवाब देना होगा कि  किस नेता के इशारे पर यह बड़ा खेल खेला गया।

भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम घोषित

 

 दिल्ली: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन  की अनुमति एवं राष्ट्रीय नेतृत्व सलाह मशविरे के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष  हर्ष मल्होत्रा ने आज प्रदेश संगठन पदाधिकारियों  की नई टीम 2026 की घोषणा की। नई टीम की घोषणा करने के पश्चात उन्होंने  कहा कि संगठनात्मक कार्य अनुभव को वरियता देने के साथ ही क्षेत्रीय एवं जातिय समीकरणों और नये पुराने कार्यकर्ताओं का मेल है भाजपा की टीम 2026 । एक महीना 20 दिन के अपने कार्यकाल में श्री हर्ष मल्होत्रा ने लगभग समयबद्ध तरीके से काम करते हुए प्रदेश पदाधिकारी टीम एवं 14 जिला टीमों के गठन के साथ ही दिल्ली नगर निगम के 12 में से 10 जोन चेयरमैन जिताये। 
आज घोषित 38 पदाधिकारियों में से 19 पदाधिकारी निवर्तमान टीम में भी दायित्व निर्वहण कर चुके हैं। कुछ अन्य पूर्व में प्रदेश टीम में रह चुके हैं। पिछली टीम के 3 मोर्चा अध्यक्षों को इस बार मुख्य टीम में दायित्व दिया गया है। आज घोषित नई टीम में 3 महामंत्री   विष्णु मित्तल (वैश्य),  योगिता सिंह (क्षत्रिय) एवं  मोहनलाल गिराहा (अनुसूचित समाज) से सम्मिलित किए गये हैं।  सतीश गर्ग (वैश्य) कोषाध्यक्ष पुनः कोषाध्यक्ष रहेंगे।
10 उपाध्यक्ष हैं -  राजेश भाटिया (पंजाबी),  सुनील यादव (ओ.बी.सी. यादव),  ऋचा पांडेय मिश्रा (पूर्वांचल ब्रहमण), कौशल मिश्रा (पूर्वांचल ब्रहमण), सारिका जैन (जैन समाज),  विनोद बछेती (ब्रह्मण उत्तराखंड),  विक्रम बिधूड़ी (ओ.बी.सी. गुर्जर), रंजीत कश्यप (अनुसूचित समाज), सोना कुमारी (अनुसूचित समाज) एवं  विजय सोलंकी (ओ.बी.सी. जाट)।
9 मंत्री हैं -  गौरव खारी (ओ.बी.सी. गुर्जर), नरेश वशिष्ठ (ब्रहमण),  रोहित चहल (ओ.बी.सी. गुर्जर),  मनोज कुमार जाटव (अनुसूचित समाज),  अभिषेक टंडन (पंजाबी), कृष्ण देव सिंह (पूर्वांचल राजपूत), राज गौतम (अनुसूचित समाज),  प्रवीणा शर्मा (ब्रहमण) एवं  गुरमीत सिंह सूरा (सिख)।
मीडिया प्रमुख -  प्रवीण शंकर कपूर (खत्री) मुख्य प्रवक्ता - डा. अनिल गुप्ता (वैश्य)मीडिया रिलेशन प्रमुख - शुभेन्दू शेखर अवस्थी (ब्रहमण) सोशल मीडिया प्रमुख -  रोहित उपाध्याय (पूर्वांचल ब्रह्मण)आई.टी. प्रमुख -  पुनीत अग्रवाल (वैश्य) कार्यालय मंत्री - कैलाश जैन (जैन समाज) सह कार्यालय मंत्री -  अमित गुप्ता (वैश्य)युवा मोर्चा अध्यक्ष -  रजत चौधरी (ओ.बी.सी. गुर्जर)महिला मोर्चा -  अर्चना गुप्ता (वैश्य)ओ.बी.सी. मोर्चा -  संतोष पाल (पाल)अनुसूचित जाति मोर्चा -  लाजपत राय (रैगड़) अनुसूचित जन जाति - सी.एल. मीणा (मीणा)पूर्वांचल मोर्चा -  संतोष ओझा (ब्रहमण)किसान मोर्चा -  देवेन्द्र सोलंकी (ओ.बी.सी. जाट) अल्पसंख्यक मोर्चा -  अनीस अब्बासी

एनटीए की कार्यप्रणाली पर स्वतंत्र रूप से जाँच की माँग


दिल्ली: पेपर लीक के कारण 21 छात्रों ने खुदकुशी लेकिन अब तक सरकार की तरफ से कोई संवाद नहीं । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव एवं चेयरमैन मीडिया विभाग अनिल भारद्वाज ने केंद्र सरकार को घेरे में लेते हुए कहा कि पेपर लीक के विरोध में  सड़क पर उतरे छात्रों पर लाठी चार्ज हुआ आँसू गैस के गोले भी छोड़े गये लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने  अब तक इस्तीफ़ा नहीं दिया । आख़िर सरकार की ऐसी कौन सी  परिस्थितियाँ  एवं मजबूरियाँ हैं ?

शिक्षा नीति पर सवालिया निशान लगाते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष के बाद भी परक्षार्थी के पल्ले कुछ नहीं पड़ता । स्कूल के दिनों में उसे ट्यूशन पढ़ने के लिए मजबूर कर दिया जाता है । कालेज में आते ही कोचिंग शुरू । प्रतिकूल परिस्थितियों को पार करके जब वह प्रतियोगी परीक्षा में बैठता है तो उसे पता चलता है कि पेपर लीक हो गया । पिछले दस सालों में 152 बार पेपर लीक हुआ जिसके कारण 7.5 करोड़ परीक्षार्थी प्रभावित हुए । अपनी देहरादून यात्रा के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रिया नाम की छात्रा के परिजनों  से मुलाकात की । रिया खुदकुशी करने वाले छात्रों में से एक है । 

मौजूदा शिक्षा नीति देश के नौजवानों के भविष्य पर सवालिया निशान बन गई है । दोनों ही नेताओं ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर स्वतंत्र रूप से जाँच की माँग की है । पेपर लीकेज से संबंधित मामलों पर त्वरित न्यायिक प्रक्रिया का अनुपालन होना  चाहिये । परिस्थितियों के मद्देनजर शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए । गूँज की कड़ी में दिल्ली में आगामी 22 जुलाई को तीन जगहों पर गौरव गोगई, इमरान मसूद  एवं परनीति शिंदे  छात्रों को संबोधित करेंगे  एवं 9 अगस्त को बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जाएगा । 

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

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समाचार

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7 - दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शिवचरण गुप्ता पार्टी एवं समाजिक कार्यों के लिए याद रखे जायेंगे

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10 - प्रधानमंत्री आवास पर राहुल एवं अन्य सांसदों के प्रदर्शन को लेकर वकीलों का सीजेआई को ज्ञापन

11 - दिल की बात कीजिए अपनो से छुपाए नहीं

12 - फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं,धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांगा लीपापोती कर बचाने का प्रयास

13 - चुनाव दर चुनाव हारे विपक्षी दलों द्वारा ख़ुद का राजनीतिक भविष्य बचाने के लिए छात्र आंदोलन हाईजैक

14 - पेपर लीक के लिए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने किया भाजपा मुख्यालय का घेराव

15 - बीजेपी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को तबाह कर दिया

16 - कांग्रेस, आप, कम्युनिस्ट, सपा के बीच चल रही युवा आंदोलन भड़काने की चेष्टा

17 - सरना ने दिया जेन जी को समर्थन की खराब शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग

18 - MCD के टोल टेंडर में ₹500 करोड़ का घोटाला

19 - भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की नई टीम घोषित

20 - एनटीए की कार्यप्रणाली पर स्वतंत्र रूप से जाँच की माँग

21 - जंतरमंतर आंदोलन में 500से700 जेएनयू हॉस्टल में रहने वाले अधेड़ नीट प्रतियोगिता से कुछ लेनादेना नहीं

22 - अनशन का मकसद छात्र समस्या उठाना नही संसद के मानसून सत्र के दौरान सड़क से संसद तक हंगामा

23 - 1967-1969 के दौरान दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष रहे राजेश शर्मा के जन्मदिन पर श्रद्धांजलि अर्पित

24 - संत वाल्मीकि पर अभद्र टिप्पणी के विरुद्ध धरने में शामिल हुए हर्ष मल्होत्रा

25 - रामलीला आयोजकों को निगम सभी सुविधाएं उपलब्ध करायेगी

26 - एसआईआर मुद्दे को पूर्वांचल के नाम उठाने का असली मकसद अपने बांग्लादेशी रोहिंगया वोटरों को बचाना

27 - इतनी जल्दी 100 फ़ीसदी एसआईआर फॉर्म वितरित नहीं हो सकते

28 - मानसून सत्र में संभावित परिसीमन समेत विभिन्न विधेयकों का कड़ा विरोध करेगी कांग्रेस

29 - अरुणा आसफ अली एवं चौ दिलीप सिंह को जन्मदिन पर की तस्वीर को जन्मदिन पर दी पुष्पांजलि

30 - राजनाथ सिंह एवं बांसुरी स्वराज श्री जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल

31 - भाई परमजीत सिंह भिऔरा की रिहाई याचिका पर बुरैला जेल के जेलर ने 5वीं बार रिमाइंडर भेजा

32 - इश्कनामा इतिहास बनायेगी जय रंधावा

33 - 12 में से 10 निगम क्षेत्रों में भाजपा के चेयरमैन