
दिल्ली: भगवान महावीर देशना फाउंडेशन के निदेशक श्री मनोज कुमार जैन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती मेनका गांधी को एक औपचारिक पत्र भेजकर दिगंबर जैन संतों द्वारा उपयोग की जाने वाली मयूर पिच्छी के संबंध में उनके हालिया कथनों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। फाउंडेशन द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उक्त बयान से देशभर के जैन समाज, विशेषकर दिगंबर जैन संत समुदाय तथा भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
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दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान द्वारा पहले सिख मर्यादाओं की बेअदबी करने और फिर सिख संगत एवं देश को गुमराह करने के लिए पैसे देकर नकली रिपोर्ट बनाने की भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं विधायक अरविंदर सिंह लवली ने की कड़ी निंदा। साथ ही की पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की माँग । प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कुछ माह पूर्व एक वीडियो सामने आया जिसमें पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान सिख मर्यादाओं की बेअदबी करते नजर आये। इसकी शिकायत सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने दो सरकारी लैब से उक्त वीडियो की जांच करवाई और उसमें पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत मान को ही दोषी पाया गया।
कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिबानों द्वारा यह फरमान सुनाया गया है कि सरदार भगंवत मान से कोई सिख किसी तरह का सम्बंध नहीं रखेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब के आरोपों को नकारा और कहा की वीडियो नकली है और उसमे सरदार भगवंत मान नहीं हैं। पंजाब सरकार भी निजी लैब की जांच रिपोर्ट सामने रखती है और दर्शाती है कि सरदार भगवंत मान वीडियो में नहीं हैं। कल रात कुछ वीडियो सामने आई हैं जिनके बाद हरियाणा पुलिस ने एफ.आई.आर. दर्ज की और उसके बाद लैब मालिक ने खुद खुलासा किया है कि रिपोर्ट पंजाब पुलिस के दो अधिकारियों ने उन पर दबाव डाल कर एवं दस लाख रूपये का लालच देकर बनवाई।
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दिल्ली : एक मीडिया हाउस की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के संरक्षण में महाकाल में हुआ है जमीन घोटाला । उन्होंने कहा कि मोहन यादव 17 एकड़, निलेश(भतीजा) एवं उनकी पत्नी 108 एकड़, गोविंद( भतीजा) एवं उनका परिवार 47 एकड़ , सीमा (पत्नी) 11 एकड़, वैभव (पुत्र) 17 एकड़ एल, नारायण (भाई) 19 एकड़, नंदीलाल (भाई) 17 एकड़, कलावती ( बहन) 17 एकड़, रेखा ( सिस्टर इन लॉ) 6 एकड़ एवं अभय(भतीजा )एवं उसके सहयोगी 16 एकड़ आवंटित हुई । उज्जैन से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक आदम्य के 30 मई से 5 जून 2026 के अंक में पहले पेज पर प्रकाशित समाचार 500 करोड़ की सम्पत्ति 1 रुपये में हड़पी में मध्य प्रदेश में हो रहे भूमि घोटाले का सविस्तार विवरण है ।
कांग्रेस के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष का कहना है कि उनकी प्रदेश इकाई द्वारा इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस के 30 घंटे बाद भी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई । दोनों ही नेताओं का मानना है कि यादि अख़बार में प्रकाशित खबर बेबुनियाद और ग़लत है तो अबतक प्रकाशन हाउस के ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यूँ नहीं हुई । इनकी माँग है कि मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर किसी रिटायर्ड जज के नेतृत्व में स्वतंत्र जाँच करवाई जाए । इनका कहना है कि यह भू आवंटन हुआ या नहीं, कहीं इस आवंटित भूमि का बड़ा हिस्सा वो तो नहीं जहाँ विकास की योजनायें बाद में चिन्हित होनी हैं । 2023 के बाद आवंटित भूमि की जानकारी श्वेत पत्र के माध्यम से जारी की जानी चाहिए । इनका आरोप है कि मामले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने के बजाये सत्ता पक्ष ने इसे जातिगत रूप दे डाला ।
सत्ता पक्ष के लिए अब यह जरूरी हो गया है कि वह मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर उचित कार्यवाही करें ।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंग सिंहों और स्थानीय लोगों के बीच हुए टकराव के मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। बैठक के बाद जानकारी देते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री धामी के साथ सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि निहंग सिंहों की गिरफ्तारी के बाद उनकी पिटाई करने तथा उन्हें नंगे सिर अदालत में पेश करने वाले पुलिसकर्मियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
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दिल्ली: प्रभु श्रीराम के मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी होने के बाद भी अभी तक ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कहा कि राम मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी हो गया। राम भक्तों में बहुत गुस्सा है और मन में कई सवाल हैं। मैं सरकार से पहला सवाल पूछ रहा हू कि पूरे राम मंदिर का कंट्रोल चंपत राय के हाथ में है। सबसे ज्यादा आरोप चंपत राय पर ही लग रहे हैं। उन्हें अब तक हटाया क्यों नहीं गया? क्या इस बात का डर है कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे?

दिल्ली: जखीरा इंद्रलोक फ्लाइओवर पर हुई 1.5 करोड़ की लूट की वारदात में 11 दिन की कड़ी मुशक्कत के बाद पुलिस को मिली बड़ी सफलता । 8 की गिरफ्तारी जिनमे दो सीसीएल शामिल हैं के बाद लूटी गई एक करोड़ डेढ़ लाख की नकदी एवं वारदात के लिए इस्तेमाल की गई एक पल्सर बाइक एवं स्कूटी बरामद । आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार करण जो कि उस कंपनी में मुलाजिम था जिसकी डेढ़ करोड़ की नकदी ट्रांसफर के लिए जा रही थी , ने जानकारी वीरेश एवं मनप्रीत उर्फ ट्विंकल के साथ साँझा की और योजनाबद्ध तरीके से लूट की वारदात को अंजाम दिया गया ।
गिरफ्तार अभियुक्तों में विक्की उर्फ गंजा तिलक नगर का रहने वाला है एवं उसके खिलाफ 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं ,चंद्र विहार निवासी धीर सिंह जो कि 43 साल का है एवं उसके खिलाफ 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं , वीरेश उर्फ वीरू तिलक नगर , कारण टैगोर नगर, मनप्रीत उर्फ ट्विंकल तिलक नगर, चरणजीत सिंह मनप्रीत का पिता है और दो सीसीएल जिन्होंने वारदात के लिए पल्सर बाइक एवं स्कूटी उपलब्ध करवाई थी । तकनीकी सर्विलेंस एवं गुप्त सूचना के आधार पर 4000 किलोमीटर की मैन्युअल ट्रेसिंग एवं दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा एवं जम्मू कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर दबिश कर अलग अलग स्थानों से इन अभियुक्तों की गिरफ्तारियाँ हुई ।
फिलहाल सभी अभियुक्त हिरासत में हैं एवं मामले पर तहकीक़ात जारी है । उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया एवं जॉइंट कमिश्नर मधुर वर्मा के अनुसार केश हैंडलिंग जैसे मामले में किसी भी मुलाजिम को रखने से पहले उसकी जाँच एवं विश्वसनीयता की परख किया जाना जरूरी है । इस तरह की वारदात के पीछे मुलजिम की भागीदारी की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ओ जोन के नाम पर दिल्ली की जनता के साथ दोहरा खेल खेल रही है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने निशाना साधते हुए कहा कि जब दिल्ली हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश है कि यमुना के 22 किलोमीटर दायरे वाले मकानों को तोड़ा जाएगा, फिर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बिना कैबिनेट की बैठक करे और हाई कोर्ट में ओ जोन में तोड़फोड़ पर रोक लगाने की याचिका दायर के कैसे मुख्यमंत्री ने 8 तारीख को एनजीटी के आदेश पर संबधित विभागों, एजेंसियों और मंत्रियों के साथ बैठक करके बाहर आकर बड़े-बड़े दावे किए कि सब क्लियर हो गया है, अब दिल्ली में ओ जोन की कॉलोनियों में तोड़फोड़ नही होगी। क्यों मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यमुना बाजार-कश्मीरी गेट के यमुना किनारे बसे 310 मकानों के तोड़फोड़ रुक नही रही है?
यमुना बाजार में 12 मई को डीडीए के 310 मकानों को तोड़ने के सख्त आदेश हैं कि 32 घाटों किनारों बसे 10 हजार से अधिक लोगों को उजाड़ा जाएगा, जबकि यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां बुलडोजर की कार्यवाही बिना किसी औपचारिक सर्वे के हो रही है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अधिकारियों ने पिछले शुक्रवार रात क्षेत्र का दौरा किया और लोगों को जगह खाली करने के आदेश चिपका दिए हैं। 30-40 वर्षों से बसे लोगों को सरकार द्वारा किसी वैकल्पिक व्यवस्था नही की गई और मजबूर लोग सड़कों पर रहने को मजबूर हैं क्योंकि उनके पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है, वे पीढ़ियों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और आस-पास के क्षेत्रों से अपनी आजीविका कमा रहे हैं और बच्चों की स्कूली शिक्षा बाधित होने भविष्य अधर में है।
जब कांग्रेस सरकार ने 1,739 कॉलोनियों को अस्थायी प्रमाण पत्र दिए और विकास का मार्ग प्रशस्त किया था उस समय दिल्ली के गरीबों ने सोचा कि उनके घर बच गए है और वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकेंगे। लेकिन भाजपा की दोहरी, बदले और विनाश की नीति की साजिश के शिकार गरीब दिल्लीवासियों को उजड़ने का डर सता रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले जब से भाजपा दिल्ली में सत्ता में आई है, उस वक्त सबका साथ, सबका विकास का नारा दिया था, क्या लाखों लोगों पर बुलडोजर की तलवार ही गरीबों का विकास है।
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दिल्ली: गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब से लौट रहे निहंग सिंहों के साथ कर्णप्रयाग में हुई मारपीट और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ सिख पंथ में भारी रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने आज बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उत्तराखंड के रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कर्णप्रयाग घटना के दौरान निहंग सिंहों ने अपनी आत्मरक्षा के लिए शस्त्रों का उपयोग किया था, लेकिन पुलिस ने पहले मामला आपसी सहमति से सुलझाने का भरोसा देने के बावजूद उन पर गंभीर धाराएं लगाकर अत्याचार किया और उन्हें जेल भेज दिया।

दिल्ली: शाहदरा साउथ जोन के भवन निर्माण विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) रोहित नागपाल के साथ भाजपा पार्षद मीनाक्षी शर्मा द्वारा कथित अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने की घटना को एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने बेहद गंभीर बताया है। उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को राजनीतिक दबाव, धमकियों और हस्तक्षेप का सामना करना पड़ेगा, तो दिल्ली में कानून का राज कैसे स्थापित होगा? भाजपा एक तरफ अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ उसके जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई कर रहे अधिकारियों को डराने और दबाव बनाने के आरोप लग रहे हैं। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में अवैध निर्माणों के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक परिवार प्रभावित हुए हैं। ऐसे समय में आवश्यकता है कि अधिकारियों को निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए, न कि उन्हें राजनीतिक दबाव में लाने का प्रयास किया जाए। भाजपा शासित एमसीडी में भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यदि कोई अधिकारी नियमों के अनुसार कार्रवाई करता है और उसे ही प्रताड़ित किया जाता है, तो यह संदेश जाता है कि भाजपा अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं बल्कि उन्हें संरक्षण देना चाहती है।
नेता प्रतिपक्ष ने निगम आयुक्त से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर अधिकारी पर दबाव बनाने का प्रयास किया गया है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही एमसीडी प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि सभी अधिकारी बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कानून और नियमों के अनुसार अपना कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन के लिए संघर्ष जारी रखेगी तथा अवैध निर्माणों को संरक्षण देने वाली किसी भी राजनीति का विरोध करती रहेगी


दिल्ली: ओ.बी.सी. मोर्चा दिल्ली भाजपा ने संगठन की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर का राज्य सभा सांसद चुने जाने पर आज एन.डी.एम.सी. सभागार में आयोजित एक समारोह में अभिनंदन किया। अभिनंदन समारोह में केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री मनोज तिवारी भी विशेष अतिथि के रूप में सम्मलित हुए। ओ.बी.सी. मोर्चा अध्यक्ष सुनील यादव ने अध्यक्षता की। मौके पर विधायक पवन शर्मा, ओबीसी मोर्चा महामंत्री राम खिलाडी यादव, भाजपा के वरिष्ठ नेता जय प्रकाश (जेपी) और महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती ऋचा पांडे मिश्रा सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


उत्तराखण्ड में हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित पुलिस की ज्यादतियों एवं उत्पीड़न के मद्देनजर शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे पत्र में कि कर्णप्रयाग क्षेत्र में हुई हालिया घटनाओं के बाद सिख श्रद्धालुओं के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से की जा रही ज्यादतियों, अपमानजनक व्यवहार तथा पक्षपातपूर्ण रवैये से संबंधित सामने आ रही रिपोर्टें एवं वीडियो का हवाला देते हुए कुछ सिख युवकों पर निष्पक्ष एवं न्यायोचित जांच के बिना गंभीर धाराएँ लगाये जाने और हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार की स्वतंत्र रूप से जाँच किये जाने की माँग की है ।
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सिख श्रद्धालु को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर उत्पीड़न, अपमान अथवा भेदभाव का सामना न करना पड़े। कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को सिख धर्म के पवित्र ककारों के धार्मिक महत्व के संबंध में उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। साथ ही हेमकुंड साहिब यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए और श्री हेमकुंड साहिब के प्रबंधकों एवं सिख प्रतिनिधि संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का मानना है कि उत्तराखंड, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसी भूमि बना रहना चाहिए जहाँ प्रत्येक धर्म के श्रद्धालु स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें।

हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में दुनिया के सबसे बड़े 5211 किलोग्राम वजनी पारद शिवलिंग की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा विधि श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, साधकों, संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। इस विशाल पारद शिवलिंग का निर्माण ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने लगभग दस वर्षों की साधना, अनुसंधान और पारद विज्ञान के गहन अध्ययन के आधार पर किया है। शिवलिंग के निर्माण में पारा, चांदी, स्वर्ण (गोल्ड) तथा 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क का उपयोग किया गया है। आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अनुसार यह अपने प्रकार का विश्व का सबसे बड़ा पारद शिवलिंग है, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, पारद विज्ञान और ध्यान साधना का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह गुरु गोरक्षनाथ महाराज की परंपरा, गिरनार के पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा के संदेश को समाज तक पहुंचाना था। रघुनाथ गुरुजी ने बताया कि यह शिवलिंग केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि वर्षों की साधना और अनुसंधान के बाद तैयार यह शिवलिंग मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देता है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में उन्होंने लगभग 10,000 लोगों की सहभागिता के साथ एक विशाल अश्वमेध यज्ञ का आयोजन भी किया था। तीन दिनों तक चले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ, ध्यान साधना, आध्यात्मिक प्रवचन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सद्भाव का महापर्व बताया।

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दिल्ली: एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा दी गई गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को मिली नवजातकों की तस्करी के मामले में बड़ी सफलता । सेंट्रल रेंज पुलिस अभियुक्तों की धरपकड़ करती हुई सुरागों के आधार पर जा पहुंची बेगमपुर रोहिणी के हीरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जहाँ पर तस्करी करके लाए गए बच्चों को फर्जी कागजात बनाकर मोटी रकम वसूलकर बेऔलाद दंपतियों को बेचा जाता था । इस मामले में अस्पताल की संचालिका एवं उसकी सहयोगी लैब टेक्निशियन को हिरासत में ले लिया गया है । संचालिका पीएचडी हैं लेकिन उनके पास मेडिकल की कोई वैधानिक योग्यता नहीं है । अस्पताल के फर्टिलिटी एंड आईवीआर विभाग द्वारा चल रहा था यह धंधा । डेढ़ से दो लाख में खरीदे गए नवजात को फर्जी दस्तावेज तैयार कर 6 से 8 लाख रुपये में बेचा जाता था ।
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पुलिस पहाड़गंज में रहने वाले एक जिम्मेदार नागरिक द्वारा दी गई सूचना के आधार पर हरकत में आई । नागरिक का कहना था कि उसने एक संदिग्ध महिला को देखा जिसकी गोद में नवजात था । कुछ दिन बाद वो महिला गायब हो जाती है फिर अचानक कुछ दिन बाद एक अलग नवजात को साथ लिए दिखाई देती है । पुलिस ने एक डिकॉय कस्टमर के माध्यम से आरके आश्रम मार्ग मेट्रो स्टेशन के पास से उक्त महिला एवं उसकी अन्य महिला साथी एवं उनके पुरुष साथी कमल को धर दबोचा । कड़ियाँ जोड़ती जोड़ती पुलिस उदयपुर निवासी सायबाभाई घामर जो कि आजकल साँवर काँठा गुजरात में रह रहा था जिसे हम गिरोह का सरगना भी कह सकते हैं तक जा पहुँची । यह राजस्थान और गुजरात के विभिन्न इलाकों से नवजात शिशुओं के जरूरत मंद माता पिता से 10000 रुपये का टोकन अमाउंट देकर ख़रीद लेता था और नेटवर्क के माध्यम से आगे सप्लाई कर देता था । ज़्यादातर नवजात 4 दिन से लेकर 3 महीने के होते थे । आरंभिक जाँच से पता चला है उसने पिछले डेढ़ साल में 30 बच्चों की तस्करी की है । इस मामले में पुलिस ने 13 को गिरफ्तार किया हैं। तिलक नगर निवासी 34 वर्षीय ज्योति, टैगोर गार्डन निवासी 43 वर्षीय शीला, ललित लक्ष्मी नगर निवासी, प्रतिभा लैब टेक्निशियन, 45 वर्षीय ओमवती गुड़गांव में डोमेस्टिक हेल्प, 33 वर्षीय विपिन निवासी गोयला नगर पेशे से ड्राइवर जो कि इनके लिए ट्रांसपोर्टेशन का काम करता था, डॉ विवेकी उम्र 45 साल अस्पताल की संचालिका, मुकेश एवं रीना पाल, सन्नी अरोड़ा और अन्य महिला । और अंत में गिरोह का सरगना सायबाभाई । पुलिस ने अब तक तीन लाख की रिकवरी की है । फिलहाल अभियुक्त हिरासत में हैं एवं मामले पर तहकीक़ात जारी है ।
सेंट्रल जिले के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह के अनुसार पुलिस को यह सफलता 15 दिन की मशक्कत के बाद हासिल हुई । साबर काँठा, पाली एवं अन्य इलाक़ों में दबिश के लिए तीन टीमों का गठन किया गया । पुलिस ने अबतक 5 नवजातों को बरामद किया है । दो और नवजातों की बरामदगी संभावित है । उनका कहना है की पुलिस को इस मामले में 50 से 60 फीसदी सफलता मिली है कोशिश जारी है । हीरा सुपर स्पेशलिटी की नवजातों की तस्करी में भागीदारी ने देश में चल रहे फर्टिलिटी एवं आईवीएफ सेंटरों को संदेह पर प्रश्न चिह्न लगा दिया है ।कहीं न कहीं अब जरूरी हो गया है इनपर नकेल कसना । एक नॉन मेडिकल क्वालिफाइड द्वारा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन अपने आप में एक बड़ा सवाल है ।
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मुंबई: राज्यभर में चर्चा में रही फिल्म द महाराष्ट्र फाईल अब नए विवाद के घेरे में घिर गई है । फिल्म में मराठा समाज का कथित रूप से छोटा मराठा शब्द के रूप में उल्लेख किए जाने पर मराठा क्रांति मोर्चे ने कड़ी आपत्ति जताई है । इस बाबत सेंसर बोर्ड एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस के पास शिकायत कर आपत्तिजनक हिस्से को हटाने की माँग की गई है । मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों का मानना है कि मराठा समाज महाराष्ट्र के सामाजिक, एतिहासिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है ।ऐसे समाज का हीनता दर्शाने वाले शब्दों में उल्लेख समाज की भावनाओं एवं प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाता है । उनके अनुसार छोटे मराठा शब्द समाज में छोटे बड़े के भेद का निर्माण करता है ।
निर्माता निर्देशक संजीव राठौड़ की यह फिल्म रिलीज होने से पहले ही चर्चा में थी । यह फिल्म प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक प्रश्नों एवं संवेदनशील मसलों पर आधारित मानी जा रही थी ।आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा प्रदर्शन की अनुमति मिली और यह फिल्म सिनेमा हॉलों में रिलीज हुई । कुछ ने विषय प्रस्तुति की सराहना की तो कुछ सामाजिक संगठनों ने कुछ संदर्भों में आपत्ति जताई । मराठा क्रांति मोर्चा द्वारा उठाये गये मुद्दे से विवाद और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है । मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारी अभय पाटिल ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड एवं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को खत लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है । मोर्चा ने सवाल उठाया है कि यदि फिल्म में समाज की भावना आहत करने वाले शब्द एवं संदर्भ हैं तो किस आधार पर सेंसर बोर्ड ने प्रदर्शन की अनुमति दी ।
मराठा क्रांति मोर्चा के पदाधिकारियों का कहना है कि यदि मामले पर संज्ञान नहीं लिया गया तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा ।

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दिल्ली: आईटी मिनिस्ट्री द्वारा टेलीग्राम पर एक सप्ताह के लिए रोक लगाये जाने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि टेलीग्राम पर रोक मोदी सरकार का पेपर लीक को रोकने का नया नुस्खा है । यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो। उनका कहना है कि लाखों छात्र सालों से टेलीग्राम पर पढ़ते हैं । नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ? और यह फूलप्रूफ भी नहीं है यह देश का हर छात्र जानता है पेपर लीक माफ़िया भी। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि फिर अगला बेन किसपर लगाएंगे क्या व्हॉट्स ऐप पर ? टेलीग्राम पर लगी रोक से 150 मिलियन से भी अधिक यूजर्स प्रभावित होंगे ।
परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएँगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएँगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी।पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं क्योंकि पेपर लीक माफ़िया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है। उन्होंने सरकार को आगाह किया है कि दिखावा छोड़िए और माफ़िया पर वार कीजिए । छात्र पर नहीं। दबी जुबान आगाह भी कर दिया ‘छात्रों की गूंज’ सुन लीजिए वरना देश का युवा अपना हक़ लेना जानता है।
छात्रों की गूँज देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस द्वारा प्रायोजित महा रैली है जिसकी शुरुआत कोटा से होकर देश के विभिन्न कोनों से गुजरकर संसद तक जायेगी । इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कोटा के विभिन्न सस्थानों में पढ़ रहे छात्रों से मुलाकात कर मौजूदा शिक्षण व्यवस्था के बारे में रायशुमारी करेंगे और इसे किस तरह व्यवस्थित किया जाए नैरेटिव सेट करने की कोशिश की जाएगी ।