नई दिल्ली 25, Aug 2019

लेख

1 - गो गो गो गोविंदा

2 - जम्मू-कश्मीर की पंचायतों में भी लहराया तिरंगा

3 - जम्मू-कश्मीर में बदलते परिवेश

4 - राम मंदिर एक परिकल्पना

5 - तीन बार रहीं दिल्ली की मुख्य-मंत्री हुई अलविदा

6 - राहुल गाँधी के इस्तीफे ने लिया नाटकीय मोड़

7 - रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप करो से योगा

8 - दीदी पर है हावी जय श्री राम फोबिया

9 - फिर इस बार मोदी सरकार

10 - स्याही और थप्पड़ बने चुनावी ढ़ाल

11 - कहीं इस बार फिर

12 - क्या फिर से खेलेंगे नरेंद्र मोदी एक नई पारी

13 - राजनीति का सितारा हुआ पंचतत्वों में विलीन

14 - सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूँगा

15 - आतंकवादी वारदातों में क्यों होती है सांप्रदाय विशेष की भागीदारी

16 - मुख्यमंत्री ने की पुलिस आयुक्त की मुखालफत

17 - विपक्ष का नजरिया अंतरिम बजट एक चुनावी जुमला

18 - 70 वें गणतंत्र दिवस का आकर्षण आजाद हिंद फौज

19 - 2019 में सत्ता का महाभोज

20 - फिल्मी दुनिया के बेताज बादशाह को देश का आखरी सलाम

21 - जददो-जहद के बाद राजस्थान की बागडोर गेहलोत के हाथ

22 - आंकड़ों के खेल ने सियासत की बाजी पलटी

23 - बहुत कठिन है डगर राजस्थान की

24 - आंतरिक आतंकवादी गतिविधियाँ बनी चुनौती

25 - दशहरे के दिन आज भी होती है रावण की पूजा

26 - विवेक तिवारी हत्याकांड हकीकत या हादसा

27 - गणपतिमय हो गई माया नगरी

28 - धर्म की आड़ में पनपती विकृत मानसिक्ता

29 - गो...गो...गोविंदा

30 - केरल पर मंडराया प्रकृति का प्रकोप

31 - "आयुष्मान " देेश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना

32 - 2019 लोक सभा चुनाव एक परिकल्पना

33 - संदेह के घेरे में सी.वी.रमन विश्वविद्यालय

34 - अरबाज पर लगा सटटेबाजी का आरोप

35 - एक रहस्यमय मौत

36 - कर्नाटक में खिला कमल

37 - यौन उत्पीड़न बनाम प्रभावशाली वयक्तित्व

38 - हुई सक्रिय दलित राजनीति

39 - लिंगायत की बिसात पर टिकी राजनीति की गोट

40 - होनर किलिंग बनाम लव जिहाद

41 - बैंक घोटालों की फेहरिस्ट हुई लंबी

42 - शिक्षा स्थलों में पनपती अपराधिक मानसिकता

43 - केंद्रिय बजट 2018-19 एक समिक्षा

44 - 69 वें गंतंत्र दिवस परेड का आकर्षण नारी शक्ति

45 - समझौंतों की बिसात पे पूर्वोत्तर की राजनीत

46 - 2017 में पुलिस की उपलब्धि काम्युनिटी पुलिसिंग

47 - सरहद पार की गतिविधियाँ बनी एक चुनौती

48 - सुबह के साथ फिर खिला कमल

49 - जनेउ और चाय एक चुनावी जुमला

50 - जहरीले धुंवे के बीच घुटन में जीती जिंदगी

51 - जी.एस.टी. बनाम गब्बर सिंह टेक्स

52 - दिल्ली में छठ पूजा एक झलक

53 - चुुनाव के दौरान बदलते राजनीतिक परिवेश

54 - महिलाओं वा बच्चों की तरफ बढ़ते अपराधिक कदम

55 - रावण दहन के दिन आज भी होती है रावण की पूजा

56 - पेट्रोल-डीजल की कीमतें बनाम कमर तोड़ मंहगाई

57 - हादसों का मंजर रेलवे ट्रेक

58 - गणपतिमय हो गई माया नगरी

59 - राम रहीम समर्थकों ने लिया बलवाई रूख

60 - उर्जा संबंधित आयात की आड़ में होती धांधली

61 - आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग हेतु आवासीय योजना

62 - जरूरी है लालू के लिये आत्म-मंथन

63 - राष्ट्रपति कोविद के रोल माडल हैं मोदी

64 - पूर्वोत्तर राज्यों पर छाया बाढ़ का प्रकोप

65 - युद्व से जुड़ा जैसलमेर का इतिहास

66 - भूत वाधित क्षेत्र भानगढ़ का किला

67 - बीफ के बाद किसान बना राजनीति का मुददा

68 - यका-यक यू.पी.में संगठित अपराधों में इजाफा

69 - के.पी.एस.गिल एक सुपर हीरो

70 - ट्रंप की अमेरिकन फस्ट पोलिसी

71 - नेताओं की खुलती कर्म कुंडली

72 - 56 इंच का सीना बनाम जंगल राज

73 - जे.एन.यू. में पनपती अलगाववादी मानसिक्ता

74 - कार्पोरेशन के चुनाव में भी बी.जे.पी. की लहर

75 - आत्म-मंथन के साथ जरुरी है आत्म-प्रक्षालन

76 - केजरी की सुई ई.वी.एम. पे अटकी

77 - अलगाव की आग में झुलसता कश्मीर

78 - सुर्खियों मे रहने से जरुरी रचनात्मक कार्य

79 - योगी को अदा करनी पड़ सकती है सिंघम की भूमिका

80 - आखिर क्यों चाहिये पाटिदारों को आरक्षण

81 - होली मुबारक

82 - बेस्वाद खाने से अब मिलेगी ट्रेन में मुक्ति

83 - भजियावाले से सलाखों के पीछे का सफर

84 - कोलकता में अब भी है रिक्की बाबा का शोषण

85 - बहुत कठिन है डगर पनघट की तमिलनाडू

86 - इस बार बजट का फोकस ग्रामीण एवं महिला विकास

87 - 68 वें गंतंत्र दिवस का आकर्षण यू.ए.ई. सैन्य दल

88 - पंजाब में तिकोना संघर्ष

89 - सिपाही का टिफन बना अफसाना

90 - साइकिल की दावेदारी बनाम बंदर-बाँट

91 - नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

92 - मजहब की बिसात पे टिका राजनीति का तंदूर

93 - पर्याप्त करेंसी प्रचलन मे होते तंगी का दौर

94 - हर दिल अजीज थी जयाललिथा

95 - छबिया उर्फ सोनम गुप्ता की बेवफाई से खलबली

96 - मोदी का 500 1000 का झटका

97 - मुख्य-मंत्रियों में वायरल धरना-प्रदर्शन

98 - यू.पी. में चाचा-भतीजे का विवाद गहराया

99 - साधारण नौकरी में ओवरक्वालीफाइड मेनपावर

100 - बिसरक जहां आज भी है रावण पूजनीय

101 - आतंक की फेक्ट्री बंद नहीं तो...

102 - वह री राजनीति तेरा भी जवाब नहीं

103 - गणपतिमय हो गई मायानगरी मुंबई

104 - घर-घर मोदी हर घर कांग्रेस

105 - उत्तर और मध्य भारत पर है बाढ़ का प्रकोप

106 - गो..गो..गोविंदा

107 - आजादी की 70 वीं वर्ष-गांठ

108 - यू.पी. में सक्रिय हैं अपराधिक गतिविधियां

109 - स्कैनर पर आम आदमी पार्टी की सरकार

110 - मजहब की आड़़ में हो रही फिरकापरस्ती

111 - इंतजार कुर्बानी के सिलसिले थमने का

112 - ला ईलाज मर्ज से छुटकारा है योग

113 - मोदी की लहर का अमेरिका में भी तहलका

114 - मोदी सरकार के दो साल एक समीक्षा

115 - एन.आई.ए बनाम मोदी इंनवेस्टीगेशन एजेंसी

116 - सुरक्षा इंतजामात के साथ हो खुलासों का दौर

117 - मोदी की डिग्री पे हैं अब केजरी की निगाहें

118 - ईवन-ओड ट्रांसपोर्ट प्रणाली फेज-2 एक समीक्षा

119 - महाराष्ट्र में गहराया पानी का संकट

120 - यार ने ही लूट लिया घर यार का

121 - नाबालिगों की अपराध में बढ़ती भागीदारी

122 - विपक्षनामा

123 - विवाद के घेरे में स्प्रिचुवल गुरु

124 - केजरी को भी चाहिये आजादी

125 - वाह रे दलित कार्ड तेरे खेल हैं अजब

126 - चुनौती बनी वेक्सीनाइज्ड मानसिक्ता

127 - जे.एन.यू बना राष्ट्रविरोधी नीतियों का अडडा

128 - धर्म और जात के नाम पर बटवारा समाज का

129 - इस बार का आकर्षण फ्रांस की सैन्य टुकड़ी

130 - मोदी को है क्यों विदेश यात्रा का चस्का

131 - इवन और ओड ट्रासपोर्ट प्रणाली एक समिक्षा

132 - दिल्ली होगी अपराध और भयमुक्त

133 - मोदी ने छेडे़ तार

134 - आपोजीशन की गनपोइंट पे मोदी सरकार

135 - दिल्ली होगी प्रदूषण मुक्त

136 - सियासत के चंगुल में वैचारिक स्वतंत्रता

137 - ब्लेक मेलिंग की राजनीति

138 - धड़ल्ले से हो रही है हेकिंग व क्लोनिंग

139 - लालू-नितिश का जबड़ा पड़ा भारी

140 - लाठी की बिसात पे टिकी यू.पी. की सियासत

141 - केजरी की बड़ी बातें हुआ आमआदमी घनचक्कर

142 - केजरीवाल का मीडिया के साथ छत्तिस का आंकड़ा

143 - नेपाल में तबाही का मंजर

144 - केजरीवाल देंगे दिल्ली को नया स्वरूप

145 - मोदी सरकार की उपलब्धियों की समिक्षा

146 - चक्रव्यूह में फसी केजरी सरकार

147 - कल थे मसीहा आज हैं बागी.....

148 - धूम-धाम से मनाई गई देश भर में होली

149 - राहत बनाम कमर तोड़ बजट

150 - दिल्ली के आने वाले पल...

151 - केन्द्र में मोदी तो दिल्ली में केजरी

152 - भारी पड़ सकता है केजरीवाल का पासा

153 - 66 वें गंतंत्र दिवस का आकर्षन नारी शक्ति

154 - अन्ना की दोनों बाजुओं में है सीधी भिडंत.....

155 - कहीं मोदी तो कहीं अमित शाह

156 - देर ही सही महामना मालवीय की याद तो आई

157 - जे&के व झारख में जारी है पुरजोर कोशिश

158 - ग्रीन ट्रिब्युनल का फैसला सबका सपना मनी...

159 - किश्तवार हो या डालटोन गंज हर तरफ मोदी

160 - कांग्रेस के बेजान खेमे में भी है हलचल....

161 - सियासत व अलगाव की बिसात पे है जे&के की राजनीत

162 - कलयुग के बली हैं नरेन्द्र मोदी......

163 - आंध्रा और उड़ीसा मे भी है तबाही का मंजर

164 - शिव सेना से खींचा-तानी भारी पड़ सकती है...

165 - चौटाला और हुड्डा में है कांटे की टक्कर

166 - क्या एल.ओ.सी. के मामले में भारत चीन होंगे एक

167 - जम्मू- कशमीर भी है तबाही के चपेटे में

168 - गणपतिमय हो गई माया नगरी मुंबई

169 - क्यों तुले हैं शंकराचार्य की प्रतिष्ठा.....

170 - कब तक चलेगी लालू नितिश की जुगलबंदी

171 - क्यों तबाही के चपेटे में आता है उत्तराखंड

172 - बड़ सकता है देश 125 करोड़ कदम आगे...

173 - सब्जियों के दाम में होती बेकाबू बढ़त....

174 - जल्दी ही दौड़ेंगी सड़कों पर इ कार

175 - केजरीवाल का नया रोड शो

176 - मोदी सरकार का बजट इंद्रजाल या मायाजाल

177 - नियमों को ताक पर रख कर चल रहे हैं ई रिक्शा

178 - केजरीवाल को है राजनीति की खुजली

179 - महाराष्ट्रा में कांग्रेस को लग सकता है झटक

180 - मुंडे को रास नहीं आई दिल्ली की कुर्सी

181 - गुजरात की चाय से महक उठा सारा देश

182 - मोदी सरकार में भी है पासवान की कुर्सी पक्की

183 - कैसी होगी मोदी सरकार

184 - अटकलों के चलते मोदी ही प्रधान मंत्री

185 - मोदी मीनिया या मोदी रुमर....

186 - सत्ता के महाभोज के दावेदारों में लगभग 17% ..... 

187 - जारी है आरोपों और प्रत्यारोपों का सिलसिला

188 - कुप्रशासन की शिकार आइ.आर.सी.टी.सी.

189 - 30 साल बाद1984 के दंगों का मसला फिर गरमाया

190 - उत्तराखंड में भी है कांटे की टक्कर

191 - तमाम सोशल मीडिया के चलते मतदान की दर औसतन 60...

192 - मोदी ने दी गुजरात को नई दिशा

193 - महाराष्ट्रा में भी है चुनाव तैयारी का जोर

194 - चोसर की बिसात पर टिकी है दिल्ली की राजनीति

195 - देश में सक्रिय हैं राजनैतिक सरर्गमियाँ

196 - जंतर-मंतर बन गया है रैलियों का अखाड़़ा

197 - कहीं दुकान है तो कहीं आशियाना, फुटपाथ का यही

गो गो गो गोविंदा

 कृष्ण जन्माष्टमी हो और माया नगरी मुंबई में छाये खामोशी हो ही नहीं सकता । हर बार की तरह इस बार भी यहाँ का जन्माष्टमी मनाने का अंदाज ही कुछ हटकर है । दही हाँडी उत्सव । युवाओं और बच्चों की टोली निकल पड़ती है गली मौहल्ले में उँचाई पर टंगी दही हाँडी टोड़ने ढोल नगाड़ों के साथ ।

हाँडी फोड़ने वाली टोली को इनाम मिलता है । कहीं कहीं नकद राशी का भी प्रावधान है । मुंबई तो मुंबई अब राजधानी दिल्ली भी नहीं रही है अब दही-हाँडी उत्सव से अछूती । बड़- चड़कर भाग लेते हैं दही-हाँडी उत्सव में यहाँ के युवा । यह बात और है हाँडी की उँचाई थोड़ी कम होती है ।
 
 
कृष्ण जन्म भूमी मथुरा वा संपूर्ण उत्तर भारत में जन्माष्टमी मनाने का तरीका जरा थोड़ा हटके है । मंदिरों में लाइटिंग वा प्राँगण में रास लीला और गली-मौहल्लों में बच्चों द्वारा सजाई गई झाँकियाँ । 
 
 
दही-हाँडी भगवान कृष्ण की बाल-लीलाओं का ही मँचन है । आइये खो जायें भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं में । गो गो गो गोविंदा......
 

जम्मू-कश्मीर की पंचायतों में भी लहराया तिरंगा

73 वें स्वतंत्रता दिवस की खासियत,आजादी के 72 साल बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर की ग्राम पंचायतों में भी फहराया गया तिरंगा । देश में जम्मू-कश्मीर ही अकेला राज्य था जिसका अलग झंडा, अलग संविधान और विशेष अधिकार ।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी का संकल्प एक राष्ट्र एक संविधान और समान अधिकार पूरा हुआ । दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण के बाद  प्रधानमंत्री के संबोधन के इस बार के केंद्र बिंदू थे प्लास्टिक मुक्त भारत वा जल ही जीवन है ।

मात्र तीन महीनों में अपनी सरकार की उपलब्धियां ट्रिपल तलाक पर रोक,कश्मीर से धारा 370 का खात्मा और चांद्रायण का जिकर करते हुए आतंकवाद से निपटने एवं जनसंख्या पर नियंत्रण पर बल दिया ।

देश भर से 15 अगस्त मनाये जाने के समाचार मिले हैं । राजनीतिक दलों के मुख्यालयोंस्थाननीय निकायों वा सामाजिक संस्थानों ने भी  ध्वजारोहण वा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया । आम नागरिकों ने पतंगबाजी कर आजादी का जश्न मनाया ।

आइये शामिल हो जायें आजादी के जशन में और गाऐं “मेरी शान तिरंगा है मेरी जान तिरंगा है”

 

 

जम्मू-कश्मीर में बदलते परिवेश

 हटी धारा 370 मिला जम्मू-कश्मीर को मिला को केंद्र शासित राज्य का दर्जा । कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लागू हुआ एक ही संविधान । सही मायने अब बना कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा ।

 कसी जा सकेगी आतंकवाद वा अलगाववादी ताकतों पर लगाम । महबूबा,अब्दुल्ला वा गिलानी हुए बेहाल । फिलाल तीनो ही हैं नजरबंद । राजनीतिक हल्कों में है उथल-पुथल और जारी है प्रतिक्रियाओं का दौर ।

 
 

आजादी के बाद ततकालीन सियासतदानों से हुई एक चूक याने कि धारा 370 के कारण  जम्मू-कश्मीर को अन्य राज्यों से हटकर मिला हुआ था विशेष राज्य का दर्जा । अलग झंडा, अलग संविधान और विशेष अधिकार ।
 
 
 
राज्य में थी दोहरी नागरिकता । गैर कश्मीरी नागरिक चाहें वह कश्मीरी मूल का हो नहीं खरीद सकता है यहाँ पर प्रोपर्टी । यदि कोई कश्मीरी मूल की महिला किसी गैर कश्मीरी से शादी कर लेती है तो उसकी नागरिक्ता रद्ध ।
 
 
स्थाननीेय हुक्मरानो वा  सियासतदानों की फिरकापरस्ती के चलते हालात इुए बेहाल , विकास हुआ ठप्प और राज्य बन गया आतंकवादी वा अलगाववादी ताकतों का गढ़ । यहाँ तक कि आपदा की स्थिति में राहत वा सुरक्षा के लिये तैनात जवानों पर पत्थरबाजी ।
 
 
जहाँ केंद्र वा जागरूक वर्ग का मानना है कि धारा के हटाये जाने से ही संभव होगा राज्य का समाकेतिक विकास और संभव होगा विषम परिस्थितियों  पर नियंत्रण वहीं चंद फिरकापरस्त और असहिष्णुता के पुजारी इसे व्यकितगत स्वतंत्रता का हनन मानते हैं ।
 
 
मौजूदा परिस्थितियों एवं मीडिया की सुर्खियों  में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के मध्य-नजर प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी वा गृह मंत्री अमित भाई शाह के साँझा प्रयासों के अंजामों का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा । फिलहाल है पड़ोसी मुल्क की हालात नासाज.....
 

राम मंदिर एक परिकल्पना

अयोध्या में है पुरजोरों से राम मंदिर बनाने की तैयारी । इंतजार है तो बस कोर्ट के फैसले का । राम जन्म भूमी से महज 2 किलो मीटर की दूरी पर स्थित कार्य-शाला में पत्थरों को तराशने का कार्य जारी है ।
 
 
राम जन्म-भूमी न्यास द्वारा संचालित इस कार्यशाला में मंदिर में लगने वाले पत्थरों को तराशने वा नक्काशी का काम लगभग 75 फी सदी पूरा हो चुका है । मंदिर के निर्माण में लगभग 175000 घन फुट पत्थरों की खपत अनुमानित है ।
 
 
राम मंदिर के निर्माण के लिये राजस्थान के बंसीपुर से पत्थरों की सप्लाई हो रही है और पत्थरों की औसतन आयु 1000 साल आंकी गई है । याने कि 1000 साल तक पत्थरों की  गुणवत्ता पर कोई फरक नहीं पडे़गा ।
 
 
कार्यशाला में रखे गये लकड़ी के ढ़ाँचे के अनुसार मंदिर की रूपरेखा कुछ एैसी होगी -
 
 
राम मंदिर का निर्माण का कार्य वो भी हनुमानजी की वानर सेना के बिना हो ही नहीं सकता । फिलहाल अयोघ्या के जीर्णोद्धार और कायाकल्प की प्रक्रिया जारी है । सरयु के किनारे स्थित घाटों  को नया रूप दिया जा रहा है ।
 
 
उलझे हुए पेचों के मध्य जेहन में है बस एक ही सवाल  क्या मिल पायेगा राम मंदिर को वास्तविक रूप......

 

तीन बार रहीं दिल्ली की मुख्य-मंत्री हुई अलविदा

जी हाँ हम बात कर रहे हैं दिल्ली की भूतपूर्व मुख्य-मंत्री वा दिल्ली प्रदेश कोग्रेस कमेटी वर्तमान अध्यक्षा शीला दिक्षित की । कल दोपहर तीन बजे एस्कोर्ट फोर्टी अस्पताल  में उन्होंने अंतिम साँस ली । उन्हें दिल का दौरा पड़ा था ।

हर दिल अजीज कांग्रेसी नेता शीला दिक्षित तीन बार दिल्ली की मुख्य-मंत्री रहीं । दिल्ली की काया पलटने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है । यह उन्हीं का प्रयास है कि दिल्ली की गिनती आज विश्व के चुने हुए शहरों में होती है ।
 
 
इसमें दो राय नहीें कि दिल्ली की कायापलट शीला दिक्षित का योगदान है । चैड़ी सड़कें, फ्री फलो ट्रेफिक के लिए जगह जगह फलाई ओवर,कोमन वेल्थ गेम्स के लिये आधुनिक स्टेडियम और तो और दिल्ली की अब लाइफ बन गई मेट्रो उसी शासनकाल की ही देन है ।
 
 
पंजाब के कपूरथला में जन्मी 81 वर्षिय शीला दिक्षित नेहरू वा इंदिरा शासनकाल में केंद्रिय मंत्री पंडित उमाशंकर दिक्षित की पुत्रवधु थी । उनकी गिनती कांग्रेस के जाने माने नेता के रूप मे होती है ।
हरदिल अजीज शीला दिक्षित को दी देश ने अंतिम विदाई....
 
 
 

राहुल गाँधी के इस्तीफे ने लिया नाटकीय मोड़

राहुल के इस्तीफे के साथ शुरू हुआ अटकलों का दौर । नाटकीय अंदाज में कांग्रेस के गलियारे उछला एक नाम कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता मोतीलाल वोहरा । 17 वें लोकसभा की हार को अपने राहुल गाँधी ने ज्यादा ही दिल पे ले लिया । खुद को हार का दोशी करार करते हुए कर डाली पेशकश राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफे की ।

पार्टी की आलाकमान अध्यक्ष सोनिया गाँधी जो राहुल गाँधी की मम्मी भी हैं , किया इस्तीफा नामंजूर और मामला पहुँचा पार्टी की कार्य समिति में । शुरू हुई राहुल को मनाने की कवायद । आंतरिक समिक्षा के दौरान पार्टी के गलियारों से दबी जबान एक आवाज उठी । कहीं हार का कारण पार्टी में पनपता परिवारवाद तो नहीं ।
 
 
राहुल गाँधी को मनाने की कोशिशें अब भी जारी हैं । सुना है वर्तमान कांग्रेसी मुख्य मंत्रियों की मीटिंग बुलाई जा रही है । जहाँ गाँधी परिवार के करीबी नेताओं ने पार्टी को संभालने के लिये गाँधी परिवार का मार्गदर्शन जरूरी माना वहीं पार्टी के एक तबके की बाँछें खिल गई । चलो बहाने से ही सही बिल्ली के भाग में छीका फूटा ।
 
 
तमाम अटकलों और कवायदों के बीच जेहन में है बस एक ही सवाल कि क्या वास्तव में  राहुल गाँधी  का इस्तीफा कार्य समिति द्वारा होगा मंजूर ? पंजाब के मुख्य-मंत्री केप्टन अमरेंद्र सिंह ने राहुल गाँधी के इस्तीफे पर निराशा जाहिर की । उनका मानना है कि पार्टी फिलहाल कठिन दौर से गुजर रही है । राहुल जी के मार्ग-दर्शन में ही पार्टी हाोगी मजबूत । 
 
 
वैसे यदि राहुल गाँघी अपना इस्तीफा वापिस नहीं लेते हैं,तो कौन होगा अगली कार्यकारिणी कमेटी की बैटक तक पार्टी का नया कार्यकारी अध्यक्ष ? मोतीलाल वोहरा होंगे  काँग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष या फिर नाटकीय अंदाज में हो रही है किसी तीसरे को लाने की तैयारी । 
 
 
चलो बहाने से ही सही अपने राहुल गाँधी को मिलेगा सकून से अपनी नानी के घर बिताने समय....
 

रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप करो से योगा

भारत सहित संपूर्ण विश्व में मनाया गया पाँचवा योग दिवस बड़ी धूम-धाम से । प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी शामिल झारखंड में आयोजित योग शिविर में । देश के विभिन्न स्थानों से योग दिवस मनाने के समाचार मिले हैं ।
केंद्रिय गृह मंत्री अमित भाई शाह ने रोहतक में विश्व योग दिवस समारोह में शिरकत की । दिल्ली पुलिस ने भी दिल्ली पुलिस ने भी मनाया पाँचवा योग दिवस रामलीला समारोह थ्यागराज स्टेडियम में । मौके पर पुलिस आयुक्त अमुल्य पटनायक सहित विभाग के आला अफसरान ने भाग लिया । 
लददाख में माइनस डिग्री तापमान में सीमा की रक्षा करने वाले जवानों ने भी किया योग शिविर का आयोजन । शिविर में आईटीबीपी के जवानों ने विभिन्न आसन किये । 
योग से भारतीय ही नहीं योरोपियन भी प्रभावित हैं और हों भी क्यूँ ना फिटनेस के लिये योग रामबाण हैं । अनेक एैसी संगीन बिमारियाँ हैं जिनका इलाज नियमित योग से बिना दवाई के संभव है । 
किसी ने ठीक ही कहा है मेरे भाई  रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप से योगा करो  मेरे भाई ...
 

दीदी पर है हावी जय श्री राम फोबिया

जी हाँ हम बात कर रहे हैं वेस्ट बंगाल की मुख्य-मंत्री ममता बेनर्जी उर्फ दीदी की । उनका जय श्री राम से गुरेज मीडिया वा सोशल मीडिया की सुर्खियों में है । दीदी और उनकी पार्टी ने जय श्री राम बोलने वालों के खिलाफ तानी मोर्चा बंदी ।

 

बंगाल की दीदी पर जय श्री राम फोबिया इतना हावी है कि रास्ते से गुजर रही ममता बेनर्जी को यदि जय श्री राम सुनाई दे जाये तो वह पिनक जाती हैं । ड्राइवर को गाड़ी रोकने का आदेश और गाड़ी से उतरकर नारे वालों से अभद्र भाषा का प्रयोग और अंदर डालने की धमकी ।

 

मुख्य-मंत्री का रूख देख त्रृणमूल कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं के रवैये का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है । नफरत की आग में वेस्ट बंगाल सड़कों पर इस कदर हावी हो  गई है कि दाह संस्कार के वक्त  राम नाम सत्य है बोलने वालों के साथ हाथा-पाई की संभावना से भी  इंकार नहीं किया जा सकता ।

 

कुलटी में  राम नाम सत्य है बोलते हुए दाह संस्कार के लिये जा रहे लोगों की लाठी डंडे से पिटाई की गई । हिंसक वारदात में 12 लोग घायल हुए । स्थाननीय मीडिया के माध्यम से मामले के तूल पकडे़ जाने से स्थाननीय प्रशासन ने न्यायिक जाँच का आदेश दिया है ।

 

जय श्री राम के विरोध में उनकी पार्टी ने दो विशाल रेलियों का आयोजन किया । चूर हो जाने की धमकी के साथ उनका नारा था जय हिंद । खैर बीजेपी ने ममता बेनर्जी को  जय श्री राम लिखे हुए 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का फैसला किया है जिसमें नीचे लिखा होगा गेट वेल सून ।

 

दीदी के रवैये को देखकर जेहन में बस एक ही सवाल कि नफरत और बौखलाहट का कारण, कहीं हाल ही में हुए वेस्ट बंगाल में लोकसभा चुनाव परिणाम तो नहीं.......

 

फिर इस बार मोदी सरकार

 फिर से कमल खिला । महागठबंधन का हुआ सूपड़ा साफ । तमाम जददो जहद और कवायदों के बावजूद भारतीय जनता पार्टी को मिला पूर्ण बहुमत नरेंद्र भाई मोदी बनेंगे दूसरी बार बनेंगे देश के प्रधान-मंत्री ।

17 वें लोकसभा चुनावों के परिणाम कुछ इस तरह हैं । भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों याने कि एनडीए  को मिली 543 में से 348  कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों याने कि यूपीए को 81 महागठबंधन को 16 और अन्य को मिली 97 सीटें ।
 
 
दिल्ली में आम आदमी पार्टी का हुआ सूपड़ा साफ । थप्पड़ और स्याही का हुआ एपीसोड खत्म चरमरा गई वेस्ट बंगाल में दीदी उर्फ ममता बेनर्जी की सत्ता ।यूपी में टीपू भईया हुए चित्त बुआ की कुर्सी डगमगाई । 
 
 
जहाँ जीत की खुशी में दिल्ली स्थित बीजेपी में है जश्न का माहोल वहीं कांग्रेस मुख्यालय में छाई अजीब सी खामोशी । चैकीदार चोर है का जुमलेबाज राहुल गाँधी हुए बेहाल । पार्टी के प्रवक्ता दिन भर रहे नदारद ।
 
 
भारतीय जनता पार्टी ने इस जीत को लोकतंत्र की जीत माना है.....
 

स्याही और थप्पड़ बने चुनावी ढ़ाल

मोती नगर में दिल्ली के मुख्य-मंत्री अरविंद केजरीवाल को पड़ा एक थप्पड़ । रोड शो के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के बीच वो भी ऐन चुनाव से चंद पहले । हादसा या फिर मतदाताओं से सहानभूति वोट पाने की एक सोची समझी साजिश । मामला जो भी हो फिलहाल केजरीवाल मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं ।
 
 
जेहन में बस एक ही सवाल एक अंतराल बाद सार्वजनिक सभाओं या फिर रोड शो के दौरान क्यूँ मार जाता है केजरीवाल को थप्पड़ या फिर फेंक देता है स्याही कोई गैर नहीं उनकी ही पार्टी कार्यकर्ता ?
थप्पड़ केजरीवाल को पड़ता है और टविटर के माध्यम से होती है उनके सहयोगी उप मुख्य-मंत्री मनीष सिसोदिया वा पार्टी द्वारा सार्वजनिक तौर पर बयान-बाजी 
 
 
क्या वास्तव में मौजूदा सरकार केजरीवाल को झुकाना चाहती है या फिर यह थप्पड़ और स्याही मात्र पब्लिसिटी स्टंट है मतदाताओं की सहानभूति पाकर वोट बटोरने के । थप्पड़, स्याही और घरना प्रदर्शन केजरीवाल के सियासती दौर का पेशन हैं । 
 
 
थप्पड़ और स्याही के इस राजनीतिक खेल का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा । जरूरी है तो बस मतदान के समय एक सही वा सुलझी सोच । पोलिटकल शोमेन के स्टंट आजमी हैं ........

 

कहीं इस बार फिर

प्रथम चरण की चुनावी प्रकिया खत्म 20 राज्यों में 91 सीटों पे मतदान हुआ । सबसे ज्याादा मतदान पांडेचेरी में पड़ा । यहाँ मतदान की दर 75 फीसदी रही । उम्मीदवारों का भविघ्य हुआ ईवीएम में कैद । करना पड़ेगा 23 मई तक इंतजार ।

अब बारी है राजधानी दिल्ली की । यहाँ मतदान की तारीख आगामी 12 मई मुकरर हुई है । यहाँ 7 सीटों पर मतदान गिरेगा । यहाँ के चुनावी समीकरण  कुछ उलझे हुए हैं । फिलहाल माहोैल शांत हैं । कुछ राजनीतिक दलों की उम्मीदवारों की सूची जारी किया जाना अभी बाकी है ।
 
 
यहाँ उम्मीदवारों का भविष्य 1.36 करोड़ मतदाताओं के हाथ है । यहाँ का चुनावी संघर्ष तिकोना है । भारतीय जनता पार्टी,कांग्रेस वा आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है । आम आदमी पार्टी का कांग्रेस से गठजोड का मामला फिलहाल ठंडा है ।
 
 
हाथ-पाँव मारने के बाद आम आदमी पार्टी ने इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ने का फैसला लिया है । पार्टी के सुप्रिमो अरविंद केजरीवाल द्वारा रण-नीति का खुलासा होना अभी बाकी है । कहीं ना कहीं आम आदमी पार्टी की मौजूदगी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है दोनो ही पार्टियों को ।
 
 
समझौते की स्थिति में भले ही सत्ता ना मिले कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता । विचारणीय है तो बस ऐन चुनाव से पहले खामोशी । कहीं ना कहीं राजनैतिक दलों ने कबूला है चुनावी रूझान । कहीं इस बार फिर ....
 

क्या फिर से खेलेंगे नरेंद्र मोदी एक नई पारी

चुनाव की तारीख मुकरर होने के साथ ही शुरू हुई सत्ता के महाभोज की तैयारी । 543 सीटों वाली इस 17 वीं लोकसभा की दावेदारी तय करेंगे देश के 90 करोड़ मतदाता । आगामी 11 अप्रेल से 19 मई के बीच 7 चरण में क्रमवार मतदान वा गणना 23 मई को मुकरर है ।
सत्ता के इस महाभोज में होगा बीजेपी के नेतृत्व में गठित एनडीए अलायंस का सामना होगा कांग्रेस के नेतृत्व में 17 राजनीतिक दलों के महागठबंधन से जिनका वन टाइम प्रोग्राम है भाजपा मुक्त भारत और नारा है मोदी लाओ देश बचाओ ।
 
आपसी मतभेद के चलते महागठबंधन के दावेदारी का खुलासा तो आने वाले समय के साथ हो ही जायेगा । फिलहाल दौर है मतदाताओं के आगे खुद को साबित करने का । टीवी चेनल्स वा सोशल मीडिया के माघ्यम से खुद को सही साबित करने के लिये आरोपों और प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है ।
जहाँँ मौजूदा सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और अभिनंदन की वापसी को उपलब्धि माना है वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे मात्र चुनावी जुमला माना है । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रश्न चिंह तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सबूत तलब किये हैं ।
 
सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों के मध्य-नजर अन्य बुनियादी मुददों के साथ इस बार का चुनावी मुददा राम मंदिर की बजाय सेना और रफेल रहेगा । इसमें दो राय नहीं कि प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व में भारत का दर्जा बढ़ा है और व्यवस्था को नया मुकाम मिला है । सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब अंतरिक्ष स्ट्राइक ।
तमाम कवायदों और अटकलों के बीच कैसी होगी महागठबंधन की रणनीति क्या कर पायेंगे राहुल गाँधी मोदी मुक्त भारत की व्युहरचना ।
विपक्ष द्वारा मौजूदा सरकार की खामियाँ गिनाते हुए हो रही नादानियों के मध्य-नजर कया  फिर सेे नरेंद्र मोदी  खेलेंगे एक नई पारी...

राजनीति का सितारा हुआ पंचतत्वों में विलीन

देश ने किया राजकीय संमान के साथ राजनीति के सितारे को अलविदा । जी हाँ बात कर रहे हैं गोवा के मुख्य-मंत्री मनोहर पार्रीकर की । गत रात अग्नाशय में केसर के चलते उनका निधन हुआ । वो एक साल से इस बिमारी से झूझ रहे थे । 
 भूतपूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रीकर चार बार गोवा के मुख्य-मंत्री रहे हैं । उनकी छवि एक सुलझे हुए राजनायक की रही है जो विपक्ष के लिये भी प्रिय थे । प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी का नाम प्रघान-मंत्री पद के लिये सर्व-प्रथम अनुमोदन उन्हीं ने ही किया था ।
 13 दिसंबर 1955 मापुशा गोवा मे जन्मे पार्रीकर आईआईटी मुंबई से स्नातक थे । उन्के व्यवसायिक जीवन की शुरूवात पुश्तेनी कारोबार से हुई । मात्र 26 वर्ष में वो संघ के संघचालक बने । राम जन्म भूमि आंदोलन में पार्रीकर की भूमिका सक्रिय रही । 
सदा जीवन और उच्च विचार उन्के जीवन का मूल-मंत्र था । एक बार वो पूणे की एक केंटीन में आम नागरिक की तरह भोजन कर रहे थे । आस-पास बैठे हुए लोगों को महसूस भी नहीं हुआ कि उन्के साथ खा रहा व्यक्ति रक्षा-मंत्री मनोहर पार्रीकर हैं । 
 खुलास किसी द्वारा वायरल किये गये फोटो से हुआ । ओकसीजन सिलेंडर की पाइप नाक में लगी हुई थी और वो काम कर रहे थे । एैसे थे हरदिल अजीज मनोहर पार्रीकर । घनुष टंकार परिवार की दिवंगत नेता मनोहर पार्रीकर को भाव-भीनी श्रधांजली.....
 

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूँगा

पुलवामा  आतंकी हमले के मात्र 12 दिन के अंदर भारत ने की सर्जिकल स्ट्राइक । तड़के तीन बजे भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 फाइटर जेट विमानों ने किये पाकिस्तान में तीन आंतंकी खेमे नस्तेनाबूत । जिन्में बालकोट स्थित जेश द्वारा चलाया जा रहा सबसे बड़ा आतंकवादी प्रशि़क्षण शिविर भी है ।
 
 
 यह खेमा मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी जो कि जैश ए मोहमद के सरगना मसूद अजहर के करीबी रिरूतेदार भी हैं द्वारा चलाया जा रहा था । अधिकारिक सूत्रों के अनुसार  12 भारतीय  मिराज  2000 फाइटर विमानों ने एलओसी पार जाकर चल रहे आतंकी खेमों पर अलगभग 1000 किलो कगोलाबारी की । 300 आतंकवादियों हुए ढ़ेर ।
 
 
पुलवामा हमले के बाद देश में सनसनी फैल गई । राजनीतिक दल विशेषकर विपक्ष  ने  निषक्रियता को लेकर मौजूदा सरकार का  किया  घेराव । आम आदमी की खमोशी में भी कहीं ना कहीं रोष झलकता था । 
 
 
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ के जवानों की शाहदत पर प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने सौगंध खाई थी सौगंध मुझे इस मिट्टी की यह देश नहीं झुकने दूँगा....
 

आतंकवादी वारदातों में क्यों होती है सांप्रदाय विशेष की भागीदारी

वो असले से भरी गाड़ी सीआरपीएफ के जवानों से भरी बस से भिड़ा देते हैं और विस्फोट में हमारे 40 जवान मारे जाते हैं । बुद्धिजीवी,सियासतदान और देश के राजनीतिज्ञ इसे शाहदत का जामा पहना देते हैं और देश में शुरू होता है श्रद्धांजली सभाओं वा केंडल मार्च का दौर । 
 
 
कुछ दिन मामला टीवी चेनल्स और मीडिया में परिचर्चाओं और कवि सम्मेलन के रूप में गर्म रहता है और उसके सब-कुछ सामान्य । रह जाती हैं तो बस इंसाफ की तलाश में भटकती मारे गये जवानों के परिवार की अश्रु पूरित आँखें । मदद के साथ कहीं ज्यादा जरूरी है मृतको को इंसाफ ।
 
 
क्या कसूर है उस छह माह के बच्चे का या फिर दरवाजे पर पिता के लौटने का इंतजार करती 10-12 साल की बच्ची का या फिर राजस्थान की मरूभूमी में अपने पति का इंतजार करती दो आँखें घर कब आओगे ।
 
 
सरहद पार से की गई साजिश को हमारे देश में अंजाम दिया जाता है और अंजाम देने वाले कोई गैर नहीं हमारे बीच हमारे ही देश के बंदे होते हैं । वो वारदात को अंजाम देते हैं और हम हाथ मलते हैं । वो हमारी गेरत को ललकारते हैं और हम दुहाई देते हैं ।
 
 
जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में आतंकवादी हमले  आम हैं । घर और धार्मिक स्थल आतंवादियों के पनाहगार होने से लोकल बाशिंदों की भागीदारी से इंकार भी नहीं किया जा सकता ।
 
 
आतंकवाद देश का आंतरिक मामला है और बिना अपने ही लोगों की भागीदारी के आतंकवादी वारदातों को अंजाम नहीं दिया जा सकता । जाहिर है इनसे निपटने की जिम्मेदारी  भी मौजूदा सियासतदानों की है । 
 
 
क्या फरक पड़ता है कि आतंकी वारदातों के लिये जेश-ए-मुहम्मद जिम्मेदार है या लश्करे तोयबा या फिर अलकायदा ।  जरूरी है तो बस अपने ही घर में इंसान की खाल में छिपे भेड़ियों से निपटना ।
 
 
विचारणीय है तो बस आतंकी हमलों में एक सांप्रदाय विशेष से जुड़े आदमी की भागीदार अब वो अब वो अमेरिका के वल्ड ट्रेड सेटर हुआ आतंकी हमला हो या फिर संसद पर अटेक और या फिर जम्मू कश्मीर के पुलवामा में । क्या मिल पायेगा के.पी.एस. गिल जैसा सुपर कोप हीरो.......  
 

मुख्यमंत्री ने की पुलिस आयुक्त की मुखालफत

 इतिहास का पहला वाक्या एक मुख्यमंत्री ने की पुलिस आयुक्त की मुखालफत । सी.बी.आई के सवाल जवाबों से बचने के लिये दोनो ही जा बैठे धरने पर । जाँच करने वाली अधिकारियों के साथ हुई धक्का- मुक्की । किया राज्य पुलिस ने अधिकारियों को गिरफतार । 

जी हाँ हम बात कर रहे हैं कलकत्ता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार की । शारदा चिट-फंड मामले मे आयुक्त के पूछताछ के लिये गई सी.बी.आई. के वरिघ्ठ अधिकारियों की एक टीम से मिलने के बजाय आयुक्त महोदय ने राज्य के मुख्य-मंत्री ममता बेनर्जी को बुला लिया । 
 
 
मुख्य-मंत्री के आते ही दोनो ही धरने पर मेट्रो स्टेशन के सामने बैठ गये धरने पर । सी.बी.आई. अधिकारियों को कलकत्ता पुलिस  जबरदस्ती थेलकर पुलिस की गाड़ी में बैठाकर ले गई हवालात । तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कलकत्ता स्थित अधिकारियों केआवास का घेराव । अधिकारियों को मध्य-रात्री लेनी पड़ी सुप्रिम कोर्ट की शरण ।
 
 
शारदा चिटफंड के मामले के तार हाई प्रोफाइल लोगों से जुड़े होने के कारण आयुक्त महोदय एक अरसे से जाँच से बचते फिर रहे हैं । दिल्ली के मुख्य-मंत्री केजरीवाल के बाद ममता बेनर्जी दूसरी मुख्य-मंत्री हैं जो पीठासीन होते हुए आयुक्त के बचाव में धरने पर बैठ गई ।
 
 
 
मुख्य-मंत्री पहले यूनियन लीडर रह चुकी हैं धरना प्रदर्शन उनके शुमार में शामिल है । एक पुलिस आयुक्त जिसके कंधों पर शहर की कानून व्यवस्था है, पद की मर्यादा को ताक पर रखकर जाँच से बचने के लिये धरने पर बैठने से झोल की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता ।
 
 
धरने को मोदी मुक्त भारत के लिये गठित राजनीतिक दलों के महागठबंधन के नेताओं का समर्थन मिला । समर्थकों में शायद ही कोई एैसा है जिसकी रग कहीं न कहीं दबी ना हो । लालू यादव के सपुत्र तेजस्वी यादव को अपने पिता की बेगंनाही की दुहाई दने का मौका मिला । 
 
 
फिलहाल लालू घोटाला में फसे है और उनकी स्थिति विवादस्पद है । आयुक्त महोदय  से सवाल जवाब की जगह शिलांग मुकरर हुई है । शिलांग में आयुक्त महोदय  से सवाल जवाब का सिलसिला जारी है । 
 
 
मौजूदा घटनाक्रम के मध्यनजर  दिल यह सोचने को मजबूर हो जाता है , यदि देश की बागडोर नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लोह पुरूष सरदार बल्ल्भ भाई के हाथ आती तो हालात कुछ और ही होते । जेहन में बस एक ही सवाल आखिर चूक कहाँ हुई.....
  
 

विपक्ष का नजरिया अंतरिम बजट एक चुनावी जुमला

आंतरिक बजट बी.जे.पी. सरकार का आम आदमी के दिल तक पहुचने का प्रयास । ऐन चुनाव से पहले मतदाताओं को रिझाने के लिये लुभावनी पेशकश । विपक्ष का मानना है कि यह मोदी सरकार का चुनावी जुमला  है । आखिर ऐसी कौन सी पेशकश है  प्रस्ताव है जिनके चलते विपक्ष में है बौखलाहट ।

फिलहाल राजनीति का बाजार गर्म है और प्रतिक्रियाओं का दौर है । कांग्रेस के कांग्रेस मुख्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री पी.चिदंबरम ने इस बजट को वोट एन एकाउंट की जगह एकाउंट फार वोट बताया है ।
 
 
उनका कहना है कि सरकार द्वारा पेश किये गये संशोघित अनुमान के अनुसार  राजकोषिय घाटे की दर में 3.3 % से 3.4 % की बढत 2019-20 के लिये विचारणीय है ।  उनका मानना है कि सरकार द्वार अनुमानित 3.4 % की दर का निर्धारण राजकोषिय उत्तरदायित्व वा बजट प्रबंधन अधिनियम को ताक पर रख के किया गया है ।
 
 
इस बजट के अनुसार मध्यम आय वर्ग के करदाता को मिलेगी आयकर से राहत । अब 5.00 लाख तक की आमदनी होगी आयकर दायरे से बाहर । बजट में असंगठित क्षेत्र के मुलाजिमों को 60 साल की उमर में रिटायरमेंट के बाद 3000 रूप्ये की पेशन का प्रावधान है । 
 
गौ कल्याण के लिये 750 करोड़ बजट वा निम्न वा मध्यम वर्ग के किसानों को मिलेगा प्रतिवर्ष 6000 रूप्ये का अनुदान । विपक्ष का मानना है कि बजट में किये गये वायदे मात्र चुनावी जुमले हैं । 
विपक्ष का मानना है कि पेंशन का वायदा असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले दस करोड़ मजदूरों को है । इसके लिये 500 करोड़ रूप्ये का प्रावधान है । उसी प्रकार किसानों को दिया जाने वाले अनुदान की राशी वितरित ऋण 75000 करोड़ के अतिरिक्त होगी । जो कि मात्र कोरा अश्वासन है । 
 
 
दूसरी तरफ बी.जे.पी. के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित भाई शाह अनुसार बजट को लेकर विपक्ष हुआ है बैचेन ।बजट में दिये गये प्रवधानों के मध्यनजर कहीं ना कहीं जरूरी है पुनः अवलोकन और विपक्ष के नजरिये में बदलाव.......

70 वें गणतंत्र दिवस का आकर्षण आजाद हिंद फौज

मनाया गया देश भर में 70 वाँ गणतंत्र दिवस माकूल सुरक्षा इंतेजामात के साथ । पहली बार मिला आजाद हिंद फौज को देश का संमान । शामिल किया गया गंणतंत्र दिवस परेड में । किसी ने राज पथ से तो किसी ने टी.वी. पर और किसी ने छत पर खड़े होकर आसमान में तिरंगाा बनाते विमानों को देखकर अपनी हसरत पूरी की । 
 
 
 
हर बार की तरह इस बार भी परेड का आकर्षण रहा नारी शक्ति और केंद्र बिंदू थे बापू । परेड की कमांड थी ले.जनरल असित मिस्त्री के पास । लांसनायक नजीर अहमद वाणी को मरनोपरांत अशोक चक्र से संमानित किया गया । यह अवार्ड जम्मू-काशमीर में आतंकी हमले के दौरान अदम्य साहस दिखाने और 6 आतंकवादियों को मार गिराने के लिये प्रदान किया गया ।
 
 
 
राष्ट्रपति दवारा संमानित पदमश्री,पदम विभुषन और गेलेंट्री अवार्डीज की फेहरिस्त बहुत लंबी है । छत्तिसगढ़ की लोक नृतकी  तीजन बाई से लेकर पत्रकार कुलदीप नय्यर तक और अभिनेता मनोज बाजपई से उत्तराखंड के लोक गायक प्रीतम भरतान तक ।
 
 
 
हर बार की तरह इस बार भी दिल्ली पुलिस के जांबांजों को भी गैलेंट्री पुलिस मेडल  से संमानित किया गया और अवार्ड पाने वालों की लिस्ट में शामिल हैं  निरिक्षक राहुल कुमार,निरिक्षक रविंद्र कुमार त्यागी, सहायक उप-निरिक्षक गुरमीत सिंह वा सहायक उप-निरिक्षक राजेंद्र कुमार । 
 
  
गंतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि हैं साउथ अफ्रिका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा । धनुष टंकार परिवार की सभी देशवासियों को गंतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें । पेश है  एक झलक...

 

2019 में सत्ता का महाभोज

आगामी लोक-सभा चुनाव आने वाले समय में किसी चुनौती से कम नहीं । मौजूदा राजनीतिक समीकरण के चलते नहीं होगा आसान भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में गठित एनडीए अलायंस के लिये सियासत में अपना वजूद बरकरार रखना । कांग्रेस वा उसके सहयोगियों द्वारा छेड़ी गई एंटी भा.ज.पा. मुहिम और महागथबंधन का असर आगामी चुनावों में पडने से भी इंकार नहीं किया जा सकता ।
 
 
इसमें दो राय नहीं कि प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व में गठित केंद्र सरकार की नीतियों से भारत का दर्जा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठा  है । लेकिन कहीं ना कहीं जीएसटी और नोट-बंदी को लेकर देश के बयवसायिक तबके में अंदरूनी तौर पर नाराजगी  है । इसमें दो राय शुरूवाती दौर में मंदी आई थी लोगों को करेंसी के लिये घंटों लंबी कतार में लगने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ा था लेकिन समय के साथ परिस्थितियाँ दुरस्त हो गई । 
 
 
सुप्रिम कोर्ट का रफेल पर लिये गये फैसले  साफ हुई छवि ने लिया राम-मंदिर का रूप । देश में सेक्युलर वा एंटी सेक्युलर के दौर को देखकर कहीं ना कहीं महसूस होता है कि विपक्ष की पकड़  कमजोर हुई है धीली नहीं ।  1982 में दंगों में दोषी पाये जाने पर कांग्रेस के कभी लोकप्रिय रहे नेता सज्जन कुमार को अदालत द्वारा दिये गये  आजीवन कारावास  के फैसले ने विपक्ष मे  हड़कंप मचा दिया ।
 
 
मामलों का खुलासा परत दर परत जारी है । सी.बी.आई. के डायरेक्टर अलोक वर्मा बनाम आस्थाना का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ था कि विपक्ष द्वारा जारी की गई भ.ज.पा. राष्ट्रीय अध्यक्ष आमित भाई शाह वा वित्त मंत्री अरूण जेटली की बिमारी पर विवादस्पद बयानबाजी फिलाहल मीडिया की सुर्खियों में बनी हुई है । फिलहाल वार और पलटवार का सिलसिला जारी है ।
 
 
त्रिपल तलाक विधेयक के संसद के पटल में लाये जाने से फिरकापरस्ती के लिये इस्लाम की मुखालफत करने वाले उलेमाओं की हई फजीहत और कहीं ना कहीं मुस्लिम महिलाओं के बीच कहीं ना कहीं बनी मौजूदा सरकार की पेथ । रही बात किसानों के कर्जे माफी की तो सरकार जिसकी बने वायदा खोखला ही साबित होंगा । 
 
 
राजनीतिक हलचल के मध्य-नजर कहीं ना कहीं भारी पड़ सकती है मिशन मोदी से हटकर जिम्मेदार हुकमरानों की सार्वजनिक तौर पर दी जा रही बयान-बाजी । कहीं पर राम के नाम पर तो कहीं हनुमान जी की वंशावली का पिटारा । प्रेस-वार्ता में महिलाओं से संबंधित अपराधों की व्याख्या करते हुए पीठासीन मुख्यमंत्री की विवादस्पद बयानबाजी ।
 
 
सत्ता के इस महायुद्ध में कहीं ना कहीं जरूरी है राजनीति के चाणक्य के लिये अभेदय व्युहरचना । युद्ध के बाद सत्ता के महाभोज मजा ही कुछ और होता है । फिर वह भोज ही क्या जो यूँ ही निपट जाये .....
 

फिल्मी दुनिया के बेताज बादशाह को देश का आखरी सलाम

फिल्म जगत के सितारे ने किया दुनिया को अलविदा । जी हाँ हम बात कर रहे हैं हिंदी सिनेमा के बेताज बादशाह कादर खान की जिन्होंने एक अरसे तक लोगों के दिलों पर राज किया । फिल्म जगत के हरफनमौला थे कादर खान ।  चाहें संवाद लेखन हो या अदाकारी या फिर निर्देशन की कादर खान का अपना दौर था । 

 

मुंबई के साबू  सिद्दकी इंजिनीरिंग कॉलेज के एक प्रोफेसर के  सिने जगत की और बढ़े तो थमे नहीं ।  कमेडी की दुनिया के  बेताज बादशाह के रूप में लोगों के दिल में बरसों तक राज किया। कभी उन्हें कॉमेडी की दुनिया का बेताज बादशाह कहा जाता था ।

 

 100 से भी अधिक फिल्मों के लिये संवाद लेखन और 400 फिल्मों में अपने अभिनय के बूते पर सिने प्रेमियों के दिल पर छा जाने  वाले कादर खान की कुछ बेहतरीन फिल्में जवानी दीवानी, अमर अकबर एंथोनी, मुकद्दर का सिकन्दर,जैसी करनी वैसी भरनी,लोक परलोक ,बाप नंबरी बेटा दस नंबरी फेरिस्त लंबी है ।

 

फिल्मी दुनिया के इस बेताज बादशाह को देश का आखरी सलाम । यादों के मंजूषा से पेश है एक झलक..…..

 

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

Slideshow

समाचार

1 - केब-टेक्सी ड्राइवरो के लिए हिम्मत एप्लीकेशन के तहत क्यूआर कोड

2 - पाँच पेशेवर अपराधी अवैध हथियारों सहित गिरफतार

3 - कांग्रेस ने मनाई भूतपूर्व प्रधान मंत्री की 75 वीं जयंति

4 - त्रिपल तलाक पर हो रही है तुष्टिकरण की राजनीति

5 - मेट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम हो रही थी ठगी

6 - वेस्ट बंगााल में चरमराई दीदी की कुर्सी

7 - सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विघायक बीजेपी में शामिल

8 - अखिल भारतीय व्यवसायी कांग्रेस के कार्यकलापो हुई समिक्षा

9 - दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर तैनात हुए 10 मोटर साइकिल पेटरोल

10 - 106 गुमशुदा बच्चों को मिला उनका परिवार

11 - क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से होती थी ठगी

12 - टिक-टोक सेलिब्रिटी फायरिंग के अभियोग में गिरफतार

13 - वेबसाइट के माध्यम से लेपटोप वा सोलर वितरण के नाम पर फर्जीवाड़ा

14 - अवैध शराब के 69 कार्टन बरामद

15 - क्लोन कार्डों के माध्यम से होती थी ठगी

16 - अवैध शराब का जखीरा बरामद

17 - लूटपाट वा झपटमारी के आठ मामलों की गुत्थी सुलझी

18 - कुख्यात जालसाज संजय यादव गिरफतार

19 - गुडडू गेंग का गुर्गा गिरफतार

20 - यू.पी. के बहुबली नेता ने बासपा छोड़ मिलाया बीजीपे से हाथ

21 - दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सक्रिय टोपी गेंग

22 - सरकारी पर्यटन एजेंसी के नाम पर चलता था फर्जीवाड़ा

23 - पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड का दांया हाथ गिरफतार

24 - सहुलियत नाम पर होती थी नेट के माघ्यम से ठगी

25 - आनलाइन लाटरी के माध्यम से होती थी ठगी

26 - मेट्रोमोनियल साइट पर फेक प्रोफाइल के माघ्यम से होती थी ठगी

27 - एलआईसी लायलटी बोनस का झासा देकर होती थी ठगी

28 - स्किमिंग डिवाइस के माध्यम से एटीएम से ग्राहकों का डाटा होता था कापी

29 - नांगलोई से संदिग्ध अवस्था शार्प शूटर में गिरफतार

30 - तिकोना प्यार बना भतीजे की हत्या का कारण

31 - 2.70 करोड़ रूप्ये की विदेशी चरस-गाँजा बरामद

32 - फ्रेंडशिप का झाँसा देकर होती थी लूट-पाट

33 - आईजीआई एयरपोर्ट में दिल्ली पुलिस का इ कियोस्क

34 - दक्षिण पश्चिम जिले के प्रहरी संमानित

35 - सुप्रिम कोर्ट का फैसला सीमा पर तैनात जवानों के भरोसे की जीत

36 - स्वस्थ्य भारत के तीन आयाम जनऔषधि-पोषण-आयुष्मान

37 - नंदू गेंग के सदस्य शिकंजे में

38 - अवैध असला बनाने की फेक्ट्री नस्तेनाबूत

39 - मुठठेबाज ठग शिकंजे में

40 - पश्चिम दिल्ली में ई मालखाना

41 - वांछित झपट मार वाहन चोर गिरफत में

42 - कांग्रेस वा आप ने किया केंद्र का घेराव

43 - दिल्ली पुलिस ने मनाई पटेल जयंती

44 - उदयपुर मे एटीएम से हुई लूट की गुत्थी सुलझी

45 - न्यु पुलिस लाइन मे शहीदों को पुष्पांजली

46 - पुलिस की विदेशी छात्रों संग रायशुमारी

47 - हयुमन ट्रेफिकिंग बचाव कार्य समीक्षा

48 - नंदू गेंग का सक्रिय सदस्य गिरफतार

49 - दो लापता बहनों की हत्या की गुत्थी सुलझी

50 - नागपाड़ा पुलिस द्वारा गणपति का विसर्जन