नई दिल्ली 18, Oct 2019

लेख

1 - विदेश नीति बनाम अर्थ नीति

2 - विजय दशमी के दिन होती है रावण की पूजा

3 - महाराष्ट्र और हरियाणा में सक्रिय राजनीतिक सरगर्मियाँ

4 - कुछ इस अंदाज में दिखे ट्रंप और मोदी

5 - गणपति बप्पा मोरया पुध्चे बरस तू लोकरया

6 - 9 राज्यों में गहराया प्राकृति का प्रकोप

7 - गो गो गो गोविंदा

8 - जम्मू-कश्मीर की पंचायतों में भी लहराया तिरंगा

9 - जम्मू-कश्मीर में बदलते परिवेश

10 - राम मंदिर एक परिकल्पना

11 - तीन बार रहीं दिल्ली की मुख्य-मंत्री हुई अलविदा

12 - राहुल गाँधी के इस्तीफे ने लिया नाटकीय मोड़

13 - रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप करो से योगा

14 - दीदी पर है हावी जय श्री राम फोबिया

15 - फिर इस बार मोदी सरकार

16 - स्याही और थप्पड़ बने चुनावी ढ़ाल

17 - कहीं इस बार फिर

18 - क्या फिर से खेलेंगे नरेंद्र मोदी एक नई पारी

19 - राजनीति का सितारा हुआ पंचतत्वों में विलीन

20 - सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूँगा

21 - आतंकवादी वारदातों में क्यों होती है सांप्रदाय विशेष की भागीदारी

22 - मुख्यमंत्री ने की पुलिस आयुक्त की मुखालफत

23 - विपक्ष का नजरिया अंतरिम बजट एक चुनावी जुमला

24 - 70 वें गणतंत्र दिवस का आकर्षण आजाद हिंद फौज

25 - 2019 में सत्ता का महाभोज

26 - फिल्मी दुनिया के बेताज बादशाह को देश का आखरी सलाम

27 - जददो-जहद के बाद राजस्थान की बागडोर गेहलोत के हाथ

28 - आंकड़ों के खेल ने सियासत की बाजी पलटी

29 - बहुत कठिन है डगर राजस्थान की

30 - आंतरिक आतंकवादी गतिविधियाँ बनी चुनौती

31 - दशहरे के दिन आज भी होती है रावण की पूजा

32 - विवेक तिवारी हत्याकांड हकीकत या हादसा

33 - गणपतिमय हो गई माया नगरी

34 - धर्म की आड़ में पनपती विकृत मानसिक्ता

35 - गो...गो...गोविंदा

36 - केरल पर मंडराया प्रकृति का प्रकोप

37 - "आयुष्मान " देेश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना

38 - 2019 लोक सभा चुनाव एक परिकल्पना

39 - संदेह के घेरे में सी.वी.रमन विश्वविद्यालय

40 - अरबाज पर लगा सटटेबाजी का आरोप

41 - एक रहस्यमय मौत

42 - कर्नाटक में खिला कमल

43 - यौन उत्पीड़न बनाम प्रभावशाली वयक्तित्व

44 - हुई सक्रिय दलित राजनीति

45 - लिंगायत की बिसात पर टिकी राजनीति की गोट

46 - होनर किलिंग बनाम लव जिहाद

47 - बैंक घोटालों की फेहरिस्ट हुई लंबी

48 - शिक्षा स्थलों में पनपती अपराधिक मानसिकता

49 - केंद्रिय बजट 2018-19 एक समिक्षा

50 - 69 वें गंतंत्र दिवस परेड का आकर्षण नारी शक्ति

51 - समझौंतों की बिसात पे पूर्वोत्तर की राजनीत

52 - 2017 में पुलिस की उपलब्धि काम्युनिटी पुलिसिंग

53 - सरहद पार की गतिविधियाँ बनी एक चुनौती

54 - सुबह के साथ फिर खिला कमल

55 - जनेउ और चाय एक चुनावी जुमला

56 - जहरीले धुंवे के बीच घुटन में जीती जिंदगी

57 - जी.एस.टी. बनाम गब्बर सिंह टेक्स

58 - दिल्ली में छठ पूजा एक झलक

59 - चुुनाव के दौरान बदलते राजनीतिक परिवेश

60 - महिलाओं वा बच्चों की तरफ बढ़ते अपराधिक कदम

61 - रावण दहन के दिन आज भी होती है रावण की पूजा

62 - पेट्रोल-डीजल की कीमतें बनाम कमर तोड़ मंहगाई

63 - हादसों का मंजर रेलवे ट्रेक

64 - गणपतिमय हो गई माया नगरी

65 - राम रहीम समर्थकों ने लिया बलवाई रूख

66 - उर्जा संबंधित आयात की आड़ में होती धांधली

67 - आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग हेतु आवासीय योजना

68 - जरूरी है लालू के लिये आत्म-मंथन

69 - राष्ट्रपति कोविद के रोल माडल हैं मोदी

70 - पूर्वोत्तर राज्यों पर छाया बाढ़ का प्रकोप

71 - युद्व से जुड़ा जैसलमेर का इतिहास

72 - भूत वाधित क्षेत्र भानगढ़ का किला

73 - बीफ के बाद किसान बना राजनीति का मुददा

74 - यका-यक यू.पी.में संगठित अपराधों में इजाफा

75 - के.पी.एस.गिल एक सुपर हीरो

76 - ट्रंप की अमेरिकन फस्ट पोलिसी

77 - नेताओं की खुलती कर्म कुंडली

78 - 56 इंच का सीना बनाम जंगल राज

79 - जे.एन.यू. में पनपती अलगाववादी मानसिक्ता

80 - कार्पोरेशन के चुनाव में भी बी.जे.पी. की लहर

81 - आत्म-मंथन के साथ जरुरी है आत्म-प्रक्षालन

82 - केजरी की सुई ई.वी.एम. पे अटकी

83 - अलगाव की आग में झुलसता कश्मीर

84 - सुर्खियों मे रहने से जरुरी रचनात्मक कार्य

85 - योगी को अदा करनी पड़ सकती है सिंघम की भूमिका

86 - आखिर क्यों चाहिये पाटिदारों को आरक्षण

87 - होली मुबारक

88 - बेस्वाद खाने से अब मिलेगी ट्रेन में मुक्ति

89 - भजियावाले से सलाखों के पीछे का सफर

90 - कोलकता में अब भी है रिक्की बाबा का शोषण

91 - बहुत कठिन है डगर पनघट की तमिलनाडू

92 - इस बार बजट का फोकस ग्रामीण एवं महिला विकास

93 - 68 वें गंतंत्र दिवस का आकर्षण यू.ए.ई. सैन्य दल

94 - पंजाब में तिकोना संघर्ष

95 - सिपाही का टिफन बना अफसाना

96 - साइकिल की दावेदारी बनाम बंदर-बाँट

97 - नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें

98 - मजहब की बिसात पे टिका राजनीति का तंदूर

99 - पर्याप्त करेंसी प्रचलन मे होते तंगी का दौर

100 - हर दिल अजीज थी जयाललिथा

101 - छबिया उर्फ सोनम गुप्ता की बेवफाई से खलबली

102 - मोदी का 500 1000 का झटका

103 - मुख्य-मंत्रियों में वायरल धरना-प्रदर्शन

104 - यू.पी. में चाचा-भतीजे का विवाद गहराया

105 - साधारण नौकरी में ओवरक्वालीफाइड मेनपावर

106 - बिसरक जहां आज भी है रावण पूजनीय

107 - आतंक की फेक्ट्री बंद नहीं तो...

108 - वह री राजनीति तेरा भी जवाब नहीं

109 - गणपतिमय हो गई मायानगरी मुंबई

110 - घर-घर मोदी हर घर कांग्रेस

111 - उत्तर और मध्य भारत पर है बाढ़ का प्रकोप

112 - गो..गो..गोविंदा

113 - आजादी की 70 वीं वर्ष-गांठ

114 - यू.पी. में सक्रिय हैं अपराधिक गतिविधियां

115 - स्कैनर पर आम आदमी पार्टी की सरकार

116 - मजहब की आड़़ में हो रही फिरकापरस्ती

117 - इंतजार कुर्बानी के सिलसिले थमने का

118 - ला ईलाज मर्ज से छुटकारा है योग

119 - मोदी की लहर का अमेरिका में भी तहलका

120 - मोदी सरकार के दो साल एक समीक्षा

121 - एन.आई.ए बनाम मोदी इंनवेस्टीगेशन एजेंसी

122 - सुरक्षा इंतजामात के साथ हो खुलासों का दौर

123 - मोदी की डिग्री पे हैं अब केजरी की निगाहें

124 - ईवन-ओड ट्रांसपोर्ट प्रणाली फेज-2 एक समीक्षा

125 - महाराष्ट्र में गहराया पानी का संकट

126 - यार ने ही लूट लिया घर यार का

127 - नाबालिगों की अपराध में बढ़ती भागीदारी

128 - विपक्षनामा

129 - विवाद के घेरे में स्प्रिचुवल गुरु

130 - केजरी को भी चाहिये आजादी

131 - वाह रे दलित कार्ड तेरे खेल हैं अजब

132 - चुनौती बनी वेक्सीनाइज्ड मानसिक्ता

133 - जे.एन.यू बना राष्ट्रविरोधी नीतियों का अडडा

134 - धर्म और जात के नाम पर बटवारा समाज का

135 - इस बार का आकर्षण फ्रांस की सैन्य टुकड़ी

136 - मोदी को है क्यों विदेश यात्रा का चस्का

137 - इवन और ओड ट्रासपोर्ट प्रणाली एक समिक्षा

138 - दिल्ली होगी अपराध और भयमुक्त

139 - मोदी ने छेडे़ तार

140 - आपोजीशन की गनपोइंट पे मोदी सरकार

141 - दिल्ली होगी प्रदूषण मुक्त

142 - सियासत के चंगुल में वैचारिक स्वतंत्रता

143 - ब्लेक मेलिंग की राजनीति

144 - धड़ल्ले से हो रही है हेकिंग व क्लोनिंग

145 - लालू-नितिश का जबड़ा पड़ा भारी

146 - लाठी की बिसात पे टिकी यू.पी. की सियासत

147 - केजरी की बड़ी बातें हुआ आमआदमी घनचक्कर

148 - केजरीवाल का मीडिया के साथ छत्तिस का आंकड़ा

149 - नेपाल में तबाही का मंजर

150 - केजरीवाल देंगे दिल्ली को नया स्वरूप

151 - मोदी सरकार की उपलब्धियों की समिक्षा

152 - चक्रव्यूह में फसी केजरी सरकार

153 - कल थे मसीहा आज हैं बागी.....

154 - धूम-धाम से मनाई गई देश भर में होली

155 - राहत बनाम कमर तोड़ बजट

156 - दिल्ली के आने वाले पल...

157 - केन्द्र में मोदी तो दिल्ली में केजरी

158 - भारी पड़ सकता है केजरीवाल का पासा

159 - 66 वें गंतंत्र दिवस का आकर्षन नारी शक्ति

160 - अन्ना की दोनों बाजुओं में है सीधी भिडंत.....

161 - कहीं मोदी तो कहीं अमित शाह

162 - देर ही सही महामना मालवीय की याद तो आई

163 - जे&के व झारख में जारी है पुरजोर कोशिश

164 - ग्रीन ट्रिब्युनल का फैसला सबका सपना मनी...

165 - किश्तवार हो या डालटोन गंज हर तरफ मोदी

166 - कांग्रेस के बेजान खेमे में भी है हलचल....

167 - सियासत व अलगाव की बिसात पे है जे&के की राजनीत

168 - कलयुग के बली हैं नरेन्द्र मोदी......

169 - आंध्रा और उड़ीसा मे भी है तबाही का मंजर

170 - शिव सेना से खींचा-तानी भारी पड़ सकती है...

171 - चौटाला और हुड्डा में है कांटे की टक्कर

172 - क्या एल.ओ.सी. के मामले में भारत चीन होंगे एक

173 - जम्मू- कशमीर भी है तबाही के चपेटे में

174 - गणपतिमय हो गई माया नगरी मुंबई

175 - क्यों तुले हैं शंकराचार्य की प्रतिष्ठा.....

176 - कब तक चलेगी लालू नितिश की जुगलबंदी

177 - क्यों तबाही के चपेटे में आता है उत्तराखंड

178 - बड़ सकता है देश 125 करोड़ कदम आगे...

179 - सब्जियों के दाम में होती बेकाबू बढ़त....

180 - जल्दी ही दौड़ेंगी सड़कों पर इ कार

181 - केजरीवाल का नया रोड शो

182 - मोदी सरकार का बजट इंद्रजाल या मायाजाल

183 - नियमों को ताक पर रख कर चल रहे हैं ई रिक्शा

184 - केजरीवाल को है राजनीति की खुजली

185 - महाराष्ट्रा में कांग्रेस को लग सकता है झटक

186 - मुंडे को रास नहीं आई दिल्ली की कुर्सी

187 - गुजरात की चाय से महक उठा सारा देश

188 - मोदी सरकार में भी है पासवान की कुर्सी पक्की

189 - कैसी होगी मोदी सरकार

190 - अटकलों के चलते मोदी ही प्रधान मंत्री

191 - मोदी मीनिया या मोदी रुमर....

192 - सत्ता के महाभोज के दावेदारों में लगभग 17% ..... 

193 - जारी है आरोपों और प्रत्यारोपों का सिलसिला

194 - कुप्रशासन की शिकार आइ.आर.सी.टी.सी.

195 - 30 साल बाद1984 के दंगों का मसला फिर गरमाया

196 - उत्तराखंड में भी है कांटे की टक्कर

197 - तमाम सोशल मीडिया के चलते मतदान की दर औसतन 60...

198 - मोदी ने दी गुजरात को नई दिशा

199 - महाराष्ट्रा में भी है चुनाव तैयारी का जोर

200 - चोसर की बिसात पर टिकी है दिल्ली की राजनीति

201 - देश में सक्रिय हैं राजनैतिक सरर्गमियाँ

202 - जंतर-मंतर बन गया है रैलियों का अखाड़़ा

203 - कहीं दुकान है तो कहीं आशियाना, फुटपाथ का यही

विदेश नीति बनाम अर्थ नीति

चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग का महाबलीपुरम में प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने किया स्वागत बड़ी गर्म-जोशी से । जाहिर है दोनो ही देशों के महानायकों के बीच विभिन्न मसलों पर हुई बातचीत का फायदा आगे चलकर दोनों ही महाशक्तियों को मिलने वाला है ।


दो दिन के दौरे के दौरान हुई बैठकों में कश्मीर पर चर्चा ना होने से एक बार फिर हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हाथ लगी मायूसी । प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी के साड़े पाँच साल के शासन काल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि तो उभरी है  लेकिन कहीं ना कहीं देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है ।


विपक्ष का मानना है कि आर्थिक मंदी मौजूदा सरकार की नीतियों का परिणाम है । उन्होने मंदी के इस दौर का ठीकरा नोट-बंदी एवं जीएसटी पर फोड़ा । कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष राहुल गाँधी ने तो जीएसटी को गब्बर सिंह टेक्स का दर्जा दे डाला ।


कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में हुई प्रेस वार्ताओं में पार्टी के प्रवक्ताओं एवं प्रोफेसर गोरव वल्लभ द्वारा किये गये समय समय पर खुलासों के अनुसार देश का सकल घरेलू उत्पाद गिरकर 5.8 हो गया है । मार्किट में अनियमितता और सरकार की नीतियों के कारण ट्रस्ट डेफिस्येट इन इंडियन बेंकिंग सिस्टम बढ़ रहा है और औद्योगिक वयवस्था चरमरा गई है ।


हाल ही में हारवर्ड एवं आईएमएस की एक संयुक्त स्टडी का हवाला देते हुए प्रोफेसर वल्लभ ने बताया कि नोटबंदी के बाद  देश की जीडीपी में,देश की इकोनोमिक इक्विटी में 3 प्रतीशत की गिरावट आई है । अनओरगनाईज्ड सेक्टर लगभग खत्म हो गया है और बेकारी का आंकड़ा हर महीने दुगना होता जा रहा है ।


2013-14 से 2018-19 में पबिलक सेक्टर के एनपीए लोन के राइट आफ पाँच गुना ज्यादा है । कहीं ना कहीं इसका असर आर्थिक व्यवस्था पर पड़ता है । पार्टी के प्रवक्ताओं ने पंजाब महाराष्ट्र कोपरेटिव बैंक में चल रही अनियमितताओं का हवाला देते हुए बताया कि इस बैंक ने अपने सालाना लोन वितरण का 73 प्रतिशत हिस्सा एचडीआईएल को दिया है और सरकार आँख मूँदे है ।आटोमोबाइल छेत्र की बड़ी कंपनियों में महीने में दस दिन शट डाउन है । वल्र्ड इकोनोमिक रिफार्म के अनुसार भारत का दर्जा 58  से गिरकर 68 हो गया है ।


यदि आंकड़ो के खेल को देखा जाये तो फिलहाल आर्थिक मंदी का दौर है । रस्सा-कस्सी के इस दौर में कहीं ना कहीं जरूरी है विदेश नीति के साथ  सुलझी हुई अर्थनीति और अनुपालन....

 

विजय दशमी के दिन होती है रावण की पूजा

 विजय दशमी के दिन जहाँ रावण दहन की परंपरा है और सदियों से रावण के पुतले को फूका जाता है वहीं देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहाँ आज के दिन रावण का दहन नहीं उसे पूजा जाता है । दिल्ली से चंद किलोमीटर दूर ग्रेटर नोएडा में बसे एक गाँव  बिसरख में आज के दिन रावण की पूजा होती है । यहाँ नवरात्रों में देवी की पूजा के बाद आज भंडारा होता है लेकिन रावण दहन नहीं होता ।

यहां के लोगों का मानना है कि रावण इसी गांव का रहने वाला था और रावण का प्राचीन मंदिर है जिसमें उसने अपने हाथों से शिव लिंग की स्थापना की थी । मंदिर के मुख्य-द्वार पर देवी-देवताओं के साथ रावण और उसके माता-पिता की प्रतिमायें भी बनी है ।
 
मंदिर के प्रांगण में रावण तपस्या में लीन रावण के पिता पुलतस्य ऋषी की मूर्ती है ।मंदिर में एक गुफा भी है जहाँ बैठकर रावण तपस्या में लीन होता था । मंदिर के महंत का कहना है कि परिसर में यात्रियों के रुकने के लिए धर्मशाला का निर्माण हो रहा है । आज देश के दस जगह ऐसी हैं जहाँ रावण को जलाया नहीं पूजा जाता है । मंदिर का जिर्नोधार चल रहा है ।
 
 
मंदिर के महंत का कहना है कि परिसर में यात्रियों के रुकने के लिए धर्मशाला का निर्माण हो रहा है । आज देश के दस जगह ऐसी हैं जहाँ रावण को जलाया नहीं पूजा जाता है ।
विजय दशमी याने कि दशहरे के दिन जहाँ पूरे देश में रावण दहन होता है वहीं रावण का पूजा जाना यह सोंचने को मजबूर कर देता है कि क्या रावण वास्तव में गलत था......
 

महाराष्ट्र और हरियाणा में सक्रिय राजनीतिक सरगर्मियाँ

आंतरिक मतभेद के बावजूद आगामी विधान-सभा चुनावों के लिये महाराष्ट्र में एक बार फिर से मैदान में एकसाथ उतरी शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी । मिलकर करेंगी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मुकाबला ।

 

 

हरियाणा से भी गोल्ड मेडलिस्ट अंतरराष्ट्रीय कुश्ती पहलवान यागेश्वर दत्त एवं अर्जुन अवार्ड विजेता संदीप सिंह के भरतीय जनता पार्टी में शामिल होने के समाचार मिले हैं । कुल मिलाकर दोनो ही राज्यों मे चुनावी माहौल है   आगामी 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में 288 एवं हरियाणा में 90 विधान  सभा सीटों पर चुनाव संभावित हैं । दावेदारी के फैसला 24 अक्टूबर 2109 को मुकरर है । दोनों ही राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं ।
 
 
 
फिलहाल राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों की सूची जारी करने का दौर है । नामंकन दाखिल करने की अंतिम तारिख 4 अक्टूबर है । चुनाव प्रचार में बीजेपी अपनी उपलब्धियाँ धारा 370 का खात्मा एवं त्रिपल तलाक पर प्रतिबंध को भुनाने की कोशिश करेगी 
 
 
 पलट में  कांग्रेस मौजूदा सरकार के खिलाफ आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और कमरतोड़ मंहगाई को अपना हथियार बनायेगी । मौजूदा राजनैतिक सरगर्मियों और उलझे हुए पेचों के बावजूद भाजपा के राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान की  उपलब्धियों का खुलासा तो समय आने पर हो ही जायेगा.....

 
 

कुछ इस अंदाज में दिखे ट्रंप और मोदी

प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित हाउडी मोदी रैली में कुछ इस अंदाज में दिखे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी । द्युस्टन, टेक्सास में आयेजित इस रैली में लगभग अमेरिका में बसे 50000 प्रवासी भारतीयों ने भाग लिया ।

एनआरजी स्टेडियम के सार्वजनिक मंच से प्रधान-मंत्री मोदी ने आतंकवाद का हवाला देते हुए साधा निशाना आतंकवाद की फेक्टरी पर । राष्ट्रपति ट्रंप  ने दिया आश्वासन दोनो महा शक्तियाँ एक साथ मिलकर करेंगी आतंकवाद की फेक्टरी का मुकाबला ।

प्रधान-मंत्री अमेरिका में 7 दिन के राजकीय दौरे पर हैं । वह इस दौरान विभिन्न श्रेणी की अधिकारिक मीटिंग में शिरकत करेंगे । कुछ अलग ही शाहाना अंदाज से हुआ उनका स्वागत । सांस्कृतिक एवं रंगारग कार्यक्रमों में गरवा भी शामिल है ।

प्रधान-मंत्री की यात्रा को लेकर देश के राजनैतिक हल्कों में मिली-जुली प्रतिक्रियायें हैं । पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने तो प्रधान-मंत्री की अमेरिका यात्रा का विरोध किया है । तमाम राजनीतिक कवायदों और विरोधाभास के बावजूद कहीं ना कहीं मजबूती मिलेगी भारत और अमेरिका के संबंधों को ।

ट्रंप और मोदी की इस जुगलबंदी के परिणामों का खुलासा तो वक्त के साथ हो ही जायेगा । कहीं ना कहीं जरूरी है......

गणपति बप्पा मोरया पुध्चे बरस तू लोकरया

हर बार की तरह इस बार भी फिर से वापिस लौटकर आने का वायदा करके । पीछे छोड़ गया ना भुलाये जाने वाले पल । गणेश चतुर्थी के दिन बप्पा की प्रतिमा का प्रतिस्थापन और ठीक ग्यारवें दिन याने कि अन्नंत चतुर्दशी को ढोल नगाड़े के साथ हर्ष उल्लास से विसर्जन ।


सपूर्ण माया नगरी तो मानो गणपतिमय हो गई हो । गली मोहल्लों एवं सार्वजनिक स्थलों में छोटे बड़े पंडालो में गणपति की भव्य प्रतिमा के सामने रंगारंग एवं सांस्कृतिक कर्यक्रम । माया नगरी मुंबई राजधानी दिल्ली भी नहीं रही है अब अछूती । यहाँ भी गली कूचों में गणपति की छोटी बड़ी प्रतिमा के सामने डीजे पर धमाल मचाते बच्चे ।


माकूल सुरक्षा इंतेजामात के साथ संपन्न हुआ गणपति विसर्जन समारोह । हर बार की तरह इस बार का आकर्शन था दक्षिण मुंबई कि  लाल बाग का  राजा । जेट सिक्यूरिटी के साथ और एक झलक के लिये उमड़ती दर्शनार्थियों की भीड़ ।

गणपति बप्पा मोरया पुध्चे बरस तू लोकरया......

 

9 राज्यों में गहराया प्राकृति का प्रकोप

 निरंतर बारिश के चलते नदियों का पानी है उफान पर । जल-भराव एवं लेंड स्लाइडिंग के कारण मार्ग हुए अवरूद्ध । चरमारा गई है प्रशासनिक व्यवस्था । बुनियादी सेवायें हुई  ठप्प ।जनजीवन है अस्त-व्यस्त । लाखों हुए बेघर । 

एनडीआरएफ एवं सेना स्थाननीय प्रशासन की मदद से राहत कार्य में जुटा है । केरल में 738 रिलीफ केंप लगाये गये हैं और लगभग 64000 लोग पलायन किये हैं । कर्नाटक में 650 गाँव में 11000 घर ढ़ह गये हैं । 207212 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है ।
 
पश्चिम महाराष्ट्र के 5 जिले बाढ़ की चपेट में हैं । 134 119 लोगों को सांगली,11365 को कोल्हापुर के राहत शिविरों में पहुँचाया गया है । तमिलनाडू में बाढ़ और लेड स्लाइडिंग से प्रभावित 1704 लागों को राहत शिविर में पहुँचाया गया है । उड़िसा में 9 जिले 1012 गाँव बाढ़ की चपेट में हैं और लगभग 130072 लोग बाढ से प्रभावित हैं । 14322 लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुँचाया गया है । आसाम बिहार और नार्थ -इस्ट इलाके भी बाढ़ की चपेट में हैं ।उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में भी भयंकर बारिश के कारण  लेंड स्लाइडिंग का प्रकोप है ।
निरंतर बारिश वा बवंडर के चलते जल.भराव वा लेंड.स्लाइडिंग तो स्वाभाविक है विचारणीय है तो इन प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जान.माल की क्षति । जरूरत है तो बस इनसे निपटने के लिये सुलझी हई नीति के   तहत तैयार रूपरेखा....
 

गो गो गो गोविंदा

 कृष्ण जन्माष्टमी हो और माया नगरी मुंबई में छाये खामोशी हो ही नहीं सकता । हर बार की तरह इस बार भी यहाँ का जन्माष्टमी मनाने का अंदाज ही कुछ हटकर है । दही हाँडी उत्सव । युवाओं और बच्चों की टोली निकल पड़ती है गली मौहल्ले में उँचाई पर टंगी दही हाँडी टोड़ने ढोल नगाड़ों के साथ ।

हाँडी फोड़ने वाली टोली को इनाम मिलता है । कहीं कहीं नकद राशी का भी प्रावधान है । मुंबई तो मुंबई अब राजधानी दिल्ली भी नहीं रही है अब दही-हाँडी उत्सव से अछूती । बड़- चड़कर भाग लेते हैं दही-हाँडी उत्सव में यहाँ के युवा । यह बात और है हाँडी की उँचाई थोड़ी कम होती है ।
 
 
कृष्ण जन्म भूमी मथुरा वा संपूर्ण उत्तर भारत में जन्माष्टमी मनाने का तरीका जरा थोड़ा हटके है । मंदिरों में लाइटिंग वा प्राँगण में रास लीला और गली-मौहल्लों में बच्चों द्वारा सजाई गई झाँकियाँ । 
 
 
दही-हाँडी भगवान कृष्ण की बाल-लीलाओं का ही मँचन है । आइये खो जायें भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं में । गो गो गो गोविंदा......
 

जम्मू-कश्मीर की पंचायतों में भी लहराया तिरंगा

73 वें स्वतंत्रता दिवस की खासियत,आजादी के 72 साल बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर की ग्राम पंचायतों में भी फहराया गया तिरंगा । देश में जम्मू-कश्मीर ही अकेला राज्य था जिसका अलग झंडा, अलग संविधान और विशेष अधिकार ।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी का संकल्प एक राष्ट्र एक संविधान और समान अधिकार पूरा हुआ । दिल्ली के लाल किले पर ध्वजारोहण के बाद  प्रधानमंत्री के संबोधन के इस बार के केंद्र बिंदू थे प्लास्टिक मुक्त भारत वा जल ही जीवन है ।

मात्र तीन महीनों में अपनी सरकार की उपलब्धियां ट्रिपल तलाक पर रोक,कश्मीर से धारा 370 का खात्मा और चांद्रायण का जिकर करते हुए आतंकवाद से निपटने एवं जनसंख्या पर नियंत्रण पर बल दिया ।

देश भर से 15 अगस्त मनाये जाने के समाचार मिले हैं । राजनीतिक दलों के मुख्यालयोंस्थाननीय निकायों वा सामाजिक संस्थानों ने भी  ध्वजारोहण वा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया । आम नागरिकों ने पतंगबाजी कर आजादी का जश्न मनाया ।

आइये शामिल हो जायें आजादी के जशन में और गाऐं “मेरी शान तिरंगा है मेरी जान तिरंगा है”

 

 

जम्मू-कश्मीर में बदलते परिवेश

 हटी धारा 370 मिला जम्मू-कश्मीर को मिला को केंद्र शासित राज्य का दर्जा । कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लागू हुआ एक ही संविधान । सही मायने अब बना कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा ।

 कसी जा सकेगी आतंकवाद वा अलगाववादी ताकतों पर लगाम । महबूबा,अब्दुल्ला वा गिलानी हुए बेहाल । फिलाल तीनो ही हैं नजरबंद । राजनीतिक हल्कों में है उथल-पुथल और जारी है प्रतिक्रियाओं का दौर ।

 
 

आजादी के बाद ततकालीन सियासतदानों से हुई एक चूक याने कि धारा 370 के कारण  जम्मू-कश्मीर को अन्य राज्यों से हटकर मिला हुआ था विशेष राज्य का दर्जा । अलग झंडा, अलग संविधान और विशेष अधिकार ।
 
 
 
राज्य में थी दोहरी नागरिकता । गैर कश्मीरी नागरिक चाहें वह कश्मीरी मूल का हो नहीं खरीद सकता है यहाँ पर प्रोपर्टी । यदि कोई कश्मीरी मूल की महिला किसी गैर कश्मीरी से शादी कर लेती है तो उसकी नागरिक्ता रद्ध ।
 
 
स्थाननीेय हुक्मरानो वा  सियासतदानों की फिरकापरस्ती के चलते हालात इुए बेहाल , विकास हुआ ठप्प और राज्य बन गया आतंकवादी वा अलगाववादी ताकतों का गढ़ । यहाँ तक कि आपदा की स्थिति में राहत वा सुरक्षा के लिये तैनात जवानों पर पत्थरबाजी ।
 
 
जहाँ केंद्र वा जागरूक वर्ग का मानना है कि धारा के हटाये जाने से ही संभव होगा राज्य का समाकेतिक विकास और संभव होगा विषम परिस्थितियों  पर नियंत्रण वहीं चंद फिरकापरस्त और असहिष्णुता के पुजारी इसे व्यकितगत स्वतंत्रता का हनन मानते हैं ।
 
 
मौजूदा परिस्थितियों एवं मीडिया की सुर्खियों  में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के मध्य-नजर प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी वा गृह मंत्री अमित भाई शाह के साँझा प्रयासों के अंजामों का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा । फिलहाल है पड़ोसी मुल्क की हालात नासाज.....
 

राम मंदिर एक परिकल्पना

अयोध्या में है पुरजोरों से राम मंदिर बनाने की तैयारी । इंतजार है तो बस कोर्ट के फैसले का । राम जन्म भूमी से महज 2 किलो मीटर की दूरी पर स्थित कार्य-शाला में पत्थरों को तराशने का कार्य जारी है ।
 
 
राम जन्म-भूमी न्यास द्वारा संचालित इस कार्यशाला में मंदिर में लगने वाले पत्थरों को तराशने वा नक्काशी का काम लगभग 75 फी सदी पूरा हो चुका है । मंदिर के निर्माण में लगभग 175000 घन फुट पत्थरों की खपत अनुमानित है ।
 
 
राम मंदिर के निर्माण के लिये राजस्थान के बंसीपुर से पत्थरों की सप्लाई हो रही है और पत्थरों की औसतन आयु 1000 साल आंकी गई है । याने कि 1000 साल तक पत्थरों की  गुणवत्ता पर कोई फरक नहीं पडे़गा ।
 
 
कार्यशाला में रखे गये लकड़ी के ढ़ाँचे के अनुसार मंदिर की रूपरेखा कुछ एैसी होगी -
 
 
राम मंदिर का निर्माण का कार्य वो भी हनुमानजी की वानर सेना के बिना हो ही नहीं सकता । फिलहाल अयोघ्या के जीर्णोद्धार और कायाकल्प की प्रक्रिया जारी है । सरयु के किनारे स्थित घाटों  को नया रूप दिया जा रहा है ।
 
 
उलझे हुए पेचों के मध्य जेहन में है बस एक ही सवाल  क्या मिल पायेगा राम मंदिर को वास्तविक रूप......

 

तीन बार रहीं दिल्ली की मुख्य-मंत्री हुई अलविदा

जी हाँ हम बात कर रहे हैं दिल्ली की भूतपूर्व मुख्य-मंत्री वा दिल्ली प्रदेश कोग्रेस कमेटी वर्तमान अध्यक्षा शीला दिक्षित की । कल दोपहर तीन बजे एस्कोर्ट फोर्टी अस्पताल  में उन्होंने अंतिम साँस ली । उन्हें दिल का दौरा पड़ा था ।

हर दिल अजीज कांग्रेसी नेता शीला दिक्षित तीन बार दिल्ली की मुख्य-मंत्री रहीं । दिल्ली की काया पलटने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है । यह उन्हीं का प्रयास है कि दिल्ली की गिनती आज विश्व के चुने हुए शहरों में होती है ।
 
 
इसमें दो राय नहीें कि दिल्ली की कायापलट शीला दिक्षित का योगदान है । चैड़ी सड़कें, फ्री फलो ट्रेफिक के लिए जगह जगह फलाई ओवर,कोमन वेल्थ गेम्स के लिये आधुनिक स्टेडियम और तो और दिल्ली की अब लाइफ बन गई मेट्रो उसी शासनकाल की ही देन है ।
 
 
पंजाब के कपूरथला में जन्मी 81 वर्षिय शीला दिक्षित नेहरू वा इंदिरा शासनकाल में केंद्रिय मंत्री पंडित उमाशंकर दिक्षित की पुत्रवधु थी । उनकी गिनती कांग्रेस के जाने माने नेता के रूप मे होती है ।
हरदिल अजीज शीला दिक्षित को दी देश ने अंतिम विदाई....
 
 
 

राहुल गाँधी के इस्तीफे ने लिया नाटकीय मोड़

राहुल के इस्तीफे के साथ शुरू हुआ अटकलों का दौर । नाटकीय अंदाज में कांग्रेस के गलियारे उछला एक नाम कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता मोतीलाल वोहरा । 17 वें लोकसभा की हार को अपने राहुल गाँधी ने ज्यादा ही दिल पे ले लिया । खुद को हार का दोशी करार करते हुए कर डाली पेशकश राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफे की ।

पार्टी की आलाकमान अध्यक्ष सोनिया गाँधी जो राहुल गाँधी की मम्मी भी हैं , किया इस्तीफा नामंजूर और मामला पहुँचा पार्टी की कार्य समिति में । शुरू हुई राहुल को मनाने की कवायद । आंतरिक समिक्षा के दौरान पार्टी के गलियारों से दबी जबान एक आवाज उठी । कहीं हार का कारण पार्टी में पनपता परिवारवाद तो नहीं ।
 
 
राहुल गाँधी को मनाने की कोशिशें अब भी जारी हैं । सुना है वर्तमान कांग्रेसी मुख्य मंत्रियों की मीटिंग बुलाई जा रही है । जहाँ गाँधी परिवार के करीबी नेताओं ने पार्टी को संभालने के लिये गाँधी परिवार का मार्गदर्शन जरूरी माना वहीं पार्टी के एक तबके की बाँछें खिल गई । चलो बहाने से ही सही बिल्ली के भाग में छीका फूटा ।
 
 
तमाम अटकलों और कवायदों के बीच जेहन में है बस एक ही सवाल कि क्या वास्तव में  राहुल गाँधी  का इस्तीफा कार्य समिति द्वारा होगा मंजूर ? पंजाब के मुख्य-मंत्री केप्टन अमरेंद्र सिंह ने राहुल गाँधी के इस्तीफे पर निराशा जाहिर की । उनका मानना है कि पार्टी फिलहाल कठिन दौर से गुजर रही है । राहुल जी के मार्ग-दर्शन में ही पार्टी हाोगी मजबूत । 
 
 
वैसे यदि राहुल गाँघी अपना इस्तीफा वापिस नहीं लेते हैं,तो कौन होगा अगली कार्यकारिणी कमेटी की बैटक तक पार्टी का नया कार्यकारी अध्यक्ष ? मोतीलाल वोहरा होंगे  काँग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष या फिर नाटकीय अंदाज में हो रही है किसी तीसरे को लाने की तैयारी । 
 
 
चलो बहाने से ही सही अपने राहुल गाँधी को मिलेगा सकून से अपनी नानी के घर बिताने समय....
 

रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप करो से योगा

भारत सहित संपूर्ण विश्व में मनाया गया पाँचवा योग दिवस बड़ी धूम-धाम से । प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई मोदी शामिल झारखंड में आयोजित योग शिविर में । देश के विभिन्न स्थानों से योग दिवस मनाने के समाचार मिले हैं ।
केंद्रिय गृह मंत्री अमित भाई शाह ने रोहतक में विश्व योग दिवस समारोह में शिरकत की । दिल्ली पुलिस ने भी दिल्ली पुलिस ने भी मनाया पाँचवा योग दिवस रामलीला समारोह थ्यागराज स्टेडियम में । मौके पर पुलिस आयुक्त अमुल्य पटनायक सहित विभाग के आला अफसरान ने भाग लिया । 
लददाख में माइनस डिग्री तापमान में सीमा की रक्षा करने वाले जवानों ने भी किया योग शिविर का आयोजन । शिविर में आईटीबीपी के जवानों ने विभिन्न आसन किये । 
योग से भारतीय ही नहीं योरोपियन भी प्रभावित हैं और हों भी क्यूँ ना फिटनेस के लिये योग रामबाण हैं । अनेक एैसी संगीन बिमारियाँ हैं जिनका इलाज नियमित योग से बिना दवाई के संभव है । 
किसी ने ठीक ही कहा है मेरे भाई  रहना है स्लिम-ट्रिम तो नियमित रूप से योगा करो  मेरे भाई ...
 

दीदी पर है हावी जय श्री राम फोबिया

जी हाँ हम बात कर रहे हैं वेस्ट बंगाल की मुख्य-मंत्री ममता बेनर्जी उर्फ दीदी की । उनका जय श्री राम से गुरेज मीडिया वा सोशल मीडिया की सुर्खियों में है । दीदी और उनकी पार्टी ने जय श्री राम बोलने वालों के खिलाफ तानी मोर्चा बंदी ।

 

बंगाल की दीदी पर जय श्री राम फोबिया इतना हावी है कि रास्ते से गुजर रही ममता बेनर्जी को यदि जय श्री राम सुनाई दे जाये तो वह पिनक जाती हैं । ड्राइवर को गाड़ी रोकने का आदेश और गाड़ी से उतरकर नारे वालों से अभद्र भाषा का प्रयोग और अंदर डालने की धमकी ।

 

मुख्य-मंत्री का रूख देख त्रृणमूल कांग्रेस के आम कार्यकर्ताओं के रवैये का अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है । नफरत की आग में वेस्ट बंगाल सड़कों पर इस कदर हावी हो  गई है कि दाह संस्कार के वक्त  राम नाम सत्य है बोलने वालों के साथ हाथा-पाई की संभावना से भी  इंकार नहीं किया जा सकता ।

 

कुलटी में  राम नाम सत्य है बोलते हुए दाह संस्कार के लिये जा रहे लोगों की लाठी डंडे से पिटाई की गई । हिंसक वारदात में 12 लोग घायल हुए । स्थाननीय मीडिया के माध्यम से मामले के तूल पकडे़ जाने से स्थाननीय प्रशासन ने न्यायिक जाँच का आदेश दिया है ।

 

जय श्री राम के विरोध में उनकी पार्टी ने दो विशाल रेलियों का आयोजन किया । चूर हो जाने की धमकी के साथ उनका नारा था जय हिंद । खैर बीजेपी ने ममता बेनर्जी को  जय श्री राम लिखे हुए 10 लाख पोस्टकार्ड भेजने का फैसला किया है जिसमें नीचे लिखा होगा गेट वेल सून ।

 

दीदी के रवैये को देखकर जेहन में बस एक ही सवाल कि नफरत और बौखलाहट का कारण, कहीं हाल ही में हुए वेस्ट बंगाल में लोकसभा चुनाव परिणाम तो नहीं.......

 

फिर इस बार मोदी सरकार

 फिर से कमल खिला । महागठबंधन का हुआ सूपड़ा साफ । तमाम जददो जहद और कवायदों के बावजूद भारतीय जनता पार्टी को मिला पूर्ण बहुमत नरेंद्र भाई मोदी बनेंगे दूसरी बार बनेंगे देश के प्रधान-मंत्री ।

17 वें लोकसभा चुनावों के परिणाम कुछ इस तरह हैं । भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों याने कि एनडीए  को मिली 543 में से 348  कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों याने कि यूपीए को 81 महागठबंधन को 16 और अन्य को मिली 97 सीटें ।
 
 
दिल्ली में आम आदमी पार्टी का हुआ सूपड़ा साफ । थप्पड़ और स्याही का हुआ एपीसोड खत्म चरमरा गई वेस्ट बंगाल में दीदी उर्फ ममता बेनर्जी की सत्ता ।यूपी में टीपू भईया हुए चित्त बुआ की कुर्सी डगमगाई । 
 
 
जहाँ जीत की खुशी में दिल्ली स्थित बीजेपी में है जश्न का माहोल वहीं कांग्रेस मुख्यालय में छाई अजीब सी खामोशी । चैकीदार चोर है का जुमलेबाज राहुल गाँधी हुए बेहाल । पार्टी के प्रवक्ता दिन भर रहे नदारद ।
 
 
भारतीय जनता पार्टी ने इस जीत को लोकतंत्र की जीत माना है.....
 

स्याही और थप्पड़ बने चुनावी ढ़ाल

मोती नगर में दिल्ली के मुख्य-मंत्री अरविंद केजरीवाल को पड़ा एक थप्पड़ । रोड शो के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के बीच वो भी ऐन चुनाव से चंद पहले । हादसा या फिर मतदाताओं से सहानभूति वोट पाने की एक सोची समझी साजिश । मामला जो भी हो फिलहाल केजरीवाल मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं ।
 
 
जेहन में बस एक ही सवाल एक अंतराल बाद सार्वजनिक सभाओं या फिर रोड शो के दौरान क्यूँ मार जाता है केजरीवाल को थप्पड़ या फिर फेंक देता है स्याही कोई गैर नहीं उनकी ही पार्टी कार्यकर्ता ?
थप्पड़ केजरीवाल को पड़ता है और टविटर के माध्यम से होती है उनके सहयोगी उप मुख्य-मंत्री मनीष सिसोदिया वा पार्टी द्वारा सार्वजनिक तौर पर बयान-बाजी 
 
 
क्या वास्तव में मौजूदा सरकार केजरीवाल को झुकाना चाहती है या फिर यह थप्पड़ और स्याही मात्र पब्लिसिटी स्टंट है मतदाताओं की सहानभूति पाकर वोट बटोरने के । थप्पड़, स्याही और घरना प्रदर्शन केजरीवाल के सियासती दौर का पेशन हैं । 
 
 
थप्पड़ और स्याही के इस राजनीतिक खेल का खुलासा तो समय के साथ हो ही जायेगा । जरूरी है तो बस मतदान के समय एक सही वा सुलझी सोच । पोलिटकल शोमेन के स्टंट आजमी हैं ........

 

कहीं इस बार फिर

प्रथम चरण की चुनावी प्रकिया खत्म 20 राज्यों में 91 सीटों पे मतदान हुआ । सबसे ज्याादा मतदान पांडेचेरी में पड़ा । यहाँ मतदान की दर 75 फीसदी रही । उम्मीदवारों का भविघ्य हुआ ईवीएम में कैद । करना पड़ेगा 23 मई तक इंतजार ।

अब बारी है राजधानी दिल्ली की । यहाँ मतदान की तारीख आगामी 12 मई मुकरर हुई है । यहाँ 7 सीटों पर मतदान गिरेगा । यहाँ के चुनावी समीकरण  कुछ उलझे हुए हैं । फिलहाल माहोैल शांत हैं । कुछ राजनीतिक दलों की उम्मीदवारों की सूची जारी किया जाना अभी बाकी है ।
 
 
यहाँ उम्मीदवारों का भविष्य 1.36 करोड़ मतदाताओं के हाथ है । यहाँ का चुनावी संघर्ष तिकोना है । भारतीय जनता पार्टी,कांग्रेस वा आम आदमी पार्टी के बीच कांटे की टक्कर है । आम आदमी पार्टी का कांग्रेस से गठजोड का मामला फिलहाल ठंडा है ।
 
 
हाथ-पाँव मारने के बाद आम आदमी पार्टी ने इंडिपेंडेंट चुनाव लड़ने का फैसला लिया है । पार्टी के सुप्रिमो अरविंद केजरीवाल द्वारा रण-नीति का खुलासा होना अभी बाकी है । कहीं ना कहीं आम आदमी पार्टी की मौजूदगी का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है दोनो ही पार्टियों को ।
 
 
समझौते की स्थिति में भले ही सत्ता ना मिले कांग्रेस की स्थिति मजबूत होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता । विचारणीय है तो बस ऐन चुनाव से पहले खामोशी । कहीं ना कहीं राजनैतिक दलों ने कबूला है चुनावी रूझान । कहीं इस बार फिर ....
 

क्या फिर से खेलेंगे नरेंद्र मोदी एक नई पारी

चुनाव की तारीख मुकरर होने के साथ ही शुरू हुई सत्ता के महाभोज की तैयारी । 543 सीटों वाली इस 17 वीं लोकसभा की दावेदारी तय करेंगे देश के 90 करोड़ मतदाता । आगामी 11 अप्रेल से 19 मई के बीच 7 चरण में क्रमवार मतदान वा गणना 23 मई को मुकरर है ।
सत्ता के इस महाभोज में होगा बीजेपी के नेतृत्व में गठित एनडीए अलायंस का सामना होगा कांग्रेस के नेतृत्व में 17 राजनीतिक दलों के महागठबंधन से जिनका वन टाइम प्रोग्राम है भाजपा मुक्त भारत और नारा है मोदी लाओ देश बचाओ ।
 
आपसी मतभेद के चलते महागठबंधन के दावेदारी का खुलासा तो आने वाले समय के साथ हो ही जायेगा । फिलहाल दौर है मतदाताओं के आगे खुद को साबित करने का । टीवी चेनल्स वा सोशल मीडिया के माघ्यम से खुद को सही साबित करने के लिये आरोपों और प्रत्यारोपों का सिलसिला जारी है ।
जहाँँ मौजूदा सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक और अभिनंदन की वापसी को उपलब्धि माना है वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इसे मात्र चुनावी जुमला माना है । कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने सर्जिकल स्ट्राइक पर प्रश्न चिंह तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सबूत तलब किये हैं ।
 
सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों के मध्य-नजर अन्य बुनियादी मुददों के साथ इस बार का चुनावी मुददा राम मंदिर की बजाय सेना और रफेल रहेगा । इसमें दो राय नहीं कि प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी के नेतृत्व में भारत का दर्जा बढ़ा है और व्यवस्था को नया मुकाम मिला है । सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब अंतरिक्ष स्ट्राइक ।
तमाम कवायदों और अटकलों के बीच कैसी होगी महागठबंधन की रणनीति क्या कर पायेंगे राहुल गाँधी मोदी मुक्त भारत की व्युहरचना ।
विपक्ष द्वारा मौजूदा सरकार की खामियाँ गिनाते हुए हो रही नादानियों के मध्य-नजर कया  फिर सेे नरेंद्र मोदी  खेलेंगे एक नई पारी...

राजनीति का सितारा हुआ पंचतत्वों में विलीन

देश ने किया राजकीय संमान के साथ राजनीति के सितारे को अलविदा । जी हाँ बात कर रहे हैं गोवा के मुख्य-मंत्री मनोहर पार्रीकर की । गत रात अग्नाशय में केसर के चलते उनका निधन हुआ । वो एक साल से इस बिमारी से झूझ रहे थे । 
 भूतपूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पार्रीकर चार बार गोवा के मुख्य-मंत्री रहे हैं । उनकी छवि एक सुलझे हुए राजनायक की रही है जो विपक्ष के लिये भी प्रिय थे । प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी का नाम प्रघान-मंत्री पद के लिये सर्व-प्रथम अनुमोदन उन्हीं ने ही किया था ।
 13 दिसंबर 1955 मापुशा गोवा मे जन्मे पार्रीकर आईआईटी मुंबई से स्नातक थे । उन्के व्यवसायिक जीवन की शुरूवात पुश्तेनी कारोबार से हुई । मात्र 26 वर्ष में वो संघ के संघचालक बने । राम जन्म भूमि आंदोलन में पार्रीकर की भूमिका सक्रिय रही । 
सदा जीवन और उच्च विचार उन्के जीवन का मूल-मंत्र था । एक बार वो पूणे की एक केंटीन में आम नागरिक की तरह भोजन कर रहे थे । आस-पास बैठे हुए लोगों को महसूस भी नहीं हुआ कि उन्के साथ खा रहा व्यक्ति रक्षा-मंत्री मनोहर पार्रीकर हैं । 
 खुलास किसी द्वारा वायरल किये गये फोटो से हुआ । ओकसीजन सिलेंडर की पाइप नाक में लगी हुई थी और वो काम कर रहे थे । एैसे थे हरदिल अजीज मनोहर पार्रीकर । घनुष टंकार परिवार की दिवंगत नेता मनोहर पार्रीकर को भाव-भीनी श्रधांजली.....
 

सौगंध मुझे इस मिट्टी की मैं देश नहीं झुकने दूँगा

पुलवामा  आतंकी हमले के मात्र 12 दिन के अंदर भारत ने की सर्जिकल स्ट्राइक । तड़के तीन बजे भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 फाइटर जेट विमानों ने किये पाकिस्तान में तीन आंतंकी खेमे नस्तेनाबूत । जिन्में बालकोट स्थित जेश द्वारा चलाया जा रहा सबसे बड़ा आतंकवादी प्रशि़क्षण शिविर भी है ।
 
 
 यह खेमा मौलाना यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी जो कि जैश ए मोहमद के सरगना मसूद अजहर के करीबी रिरूतेदार भी हैं द्वारा चलाया जा रहा था । अधिकारिक सूत्रों के अनुसार  12 भारतीय  मिराज  2000 फाइटर विमानों ने एलओसी पार जाकर चल रहे आतंकी खेमों पर अलगभग 1000 किलो कगोलाबारी की । 300 आतंकवादियों हुए ढ़ेर ।
 
 
पुलवामा हमले के बाद देश में सनसनी फैल गई । राजनीतिक दल विशेषकर विपक्ष  ने  निषक्रियता को लेकर मौजूदा सरकार का  किया  घेराव । आम आदमी की खमोशी में भी कहीं ना कहीं रोष झलकता था । 
 
 
पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ के जवानों की शाहदत पर प्रधान-मंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने सौगंध खाई थी सौगंध मुझे इस मिट्टी की यह देश नहीं झुकने दूँगा....
 

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

1 - पुल प्रहलादपुर से हुई पाँच लाख की दिन दहाड़े चोरी की गुत्थी सुलझी

2 - शराब पीकर पत्नी के साथ हुई मार-पीट के दौरान हुई बच्चे की हत्या

3 - एनआरसी के विरोध में सीपीआईएमए का धरना प्रदर्शन

4 - यात्रियों की सुरक्षा की ओर एक पहल “हमसफर”

5 - मुख्य-मंत्री को दो धमकी भरी मेल भेजने वाला गिरफ्तार

6 - माडल टाउन में चल रहा था अवैध सट्टे का अड्डा

7 - विवादस्पद बयान के लिये बिहारवासियों ने किया केजरीवाल का घेराव

8 - फिट इंडिया स्वछ इंडिया अभियान

9 - धारा 370 उनमूलन को मिला राष्ट्रव्यापी जनसमर्थन

10 - कुश्ती पहलवान योगेश्वर दत्त एवं पूर्व हॉकी कप्तान शामिल हुए बीजेपी में

11 - आम आदमी का पुलिस से संपर्क हुआ आसान

12 - प्लेसमेंट के झांसा देकर होती थी ठगी

13 - चिन्मयानंद जवाब-तलब के लिये हुए गिरफ्तार

14 - रक्षा-मंत्री राजनाथ सिंह ने भरी तेजस में उड़ान

15 - स्मार्ट पुलिसिंग के लिये एक कदम “तत्पर”

16 - कुछ इस तरह मना प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी का जन्म दिन

17 - मेवात राजस्थान से होती थी अवैध हथियारों की सप्लाई

18 - ड्यूटी के बाद धमाल के साथ गणपति विसर्जन

19 - पीड़िता ने लगाया जाँच अधिकारियों सांथ-गांठ का आरोप

20 - मोदी सरकार के 100 दिन के कार्यकाल की समी़क्षा

21 - एक शाम खाकी के नाम

22 - नॉर्थ ईस्ट जिले में तैनात 48 महिला पुलिस पट्रोल

23 - लोधी कालोनी पुलिस थाने में 22 वां स्किल डेवलोपमेन्ट सेंटर

24 - राजधानी में ट्रैफिक उलंघन के 3900 मामले दर्ज

25 - भारतीय जेलों में सुधारवादी दृष्टिकोण

26 - समयपुर बादली थाना परिसर में नया डी सी पी कार्यालय

27 - पैसे डबल करने का लालच देकर होती थी ठगी

28 - जम्मू-कश्मीर के हालात पर राहुल की विवादस्पद बयानबाजी

29 - भारतीय जनता पार्टी छेडे़गी राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान

30 - संयुक्त आयुक्त श्री सुवाशीष चैधरी को मिला प्रधान-मंत्री रजत कप

31 - टीम मोदी का एक और सितारा हुआ अलविदा

32 - केब-टेक्सी ड्राइवरो के लिए हिम्मत एप्लीकेशन के तहत क्यूआर कोड

33 - पाँच पेशेवर अपराधी अवैध हथियारों सहित गिरफतार

34 - कांग्रेस ने मनाई भूतपूर्व प्रधान मंत्री की 75 वीं जयंति

35 - त्रिपल तलाक पर हो रही है तुष्टिकरण की राजनीति

36 - मेट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम हो रही थी ठगी

37 - वेस्ट बंगााल में चरमराई दीदी की कुर्सी

38 - सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के 10 विघायक बीजेपी में शामिल

39 - अखिल भारतीय व्यवसायी कांग्रेस के कार्यकलापो हुई समिक्षा

40 - दिल्ली के रेलवे स्टेशनों पर तैनात हुए 10 मोटर साइकिल पेटरोल

41 - 106 गुमशुदा बच्चों को मिला उनका परिवार

42 - क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से होती थी ठगी

43 - टिक-टोक सेलिब्रिटी फायरिंग के अभियोग में गिरफतार

44 - वेबसाइट के माध्यम से लेपटोप वा सोलर वितरण के नाम पर फर्जीवाड़ा

45 - अवैध शराब के 69 कार्टन बरामद

46 - क्लोन कार्डों के माध्यम से होती थी ठगी

47 - अवैध शराब का जखीरा बरामद

48 - लूटपाट वा झपटमारी के आठ मामलों की गुत्थी सुलझी

49 - कुख्यात जालसाज संजय यादव गिरफतार

50 - गुडडू गेंग का गुर्गा गिरफतार