
दिल्ली: सदन में आज राहुल गांधी ने अपने झूठ से देश को भ्रमित करने की कोशिश की, सदन में हंगामा करने का प्रयास किया और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद डॉ संभित पात्रा ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की दलीलों की परत खोली । उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष देश में भ्रम फैलाने के उद्देश्य से आज संसद में झूठ बोला कहा कि छात्रों के संसद मार्च पर गोली चलाई गई। यह झूठ है, भाजपा इसका खंडन करती है। नेता विपक्ष ने गोली चलाने का फरमान देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह ने दिया। यह भी झूठ है, क्योंकि जब गोली चली ही नहीं तो फरमान कहां से आएगा?
उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष ने देश के छात्रों को तीन कैटेगरी में बांटा है और यह छात्रों का अपमान है। देश के सारे छात्र देशभक्त हैं, इस देश का कोई भी छात्र इडियट या अंधभक्त नहीं है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कह कि नेता विपक्ष की जानकारी के लिए जहां भी कहीं प्रोटेस्ट होता है, वहां एक मजिस्ट्रेट मौजूद होता है, जो तत्काल निर्णय लेता है कि वहां बल का प्रयोग होना चाहिए या नहीं। ये निर्णय देश के गृहमंत्री करते हैं। विगत कुछ दिनों में हमने देखा कि हमारे देश के होनहार छात्र सामने आए और उन्होंने आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान हमारी पार्टी के बड़े नेताओं ने छात्रों से बातचीत की, समाधान निकला और आंदोलन समाप्त हुआ।और जो मूल विषय कई वर्षों से, भारत की स्वतंत्रता से 2014 तक लंबित था, अर्थात पेपर लीक से कैसे बचा जाए और परीक्षा को और सुदृढ़ कैसे किया जाए? जो माफिया हैं, पेपर लीक से पहले उन्हें कैसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए?
2024 में जो कानून बना था, उस कानून में संशोधन करके उसको और कठोर बनाने की प्रक्रिया सदन में आरंभ हुई। सदन के 45 सदस्यों ने इस चर्चा में भाग लिया। डॉ. जितेन्द्र सिंह जी ने लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को पेश किया। अंततोगत्वा, वोटिंग के माध्यम से आज वो विधेयक लोक सभा में पास हुआ है। अंत में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सदन के अंदर जिस तरह अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया और देश में भ्रम फैलाने की कोशिश की वह शर्मनाक है। नेता विपक्ष को अपने इस कृत्य के लिए माँफी माँगनी चाहिए।