
दिल्ली: पेपर लीक के कारण 21 छात्रों ने खुदकुशी लेकिन अब तक सरकार की तरफ से कोई संवाद नहीं । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव एवं चेयरमैन मीडिया विभाग अनिल भारद्वाज ने केंद्र सरकार को घेरे में लेते हुए कहा कि पेपर लीक के विरोध में सड़क पर उतरे छात्रों पर लाठी चार्ज हुआ आँसू गैस के गोले भी छोड़े गये लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब तक इस्तीफ़ा नहीं दिया । आख़िर सरकार की ऐसी कौन सी परिस्थितियाँ एवं मजबूरियाँ हैं ?
शिक्षा नीति पर सवालिया निशान लगाते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष के बाद भी परक्षार्थी के पल्ले कुछ नहीं पड़ता । स्कूल के दिनों में उसे ट्यूशन पढ़ने के लिए मजबूर कर दिया जाता है । कालेज में आते ही कोचिंग शुरू । प्रतिकूल परिस्थितियों को पार करके जब वह प्रतियोगी परीक्षा में बैठता है तो उसे पता चलता है कि पेपर लीक हो गया । पिछले दस सालों में 152 बार पेपर लीक हुआ जिसके कारण 7.5 करोड़ परीक्षार्थी प्रभावित हुए । अपनी देहरादून यात्रा के दौरान लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने रिया नाम की छात्रा के परिजनों से मुलाकात की । रिया खुदकुशी करने वाले छात्रों में से एक है ।
मौजूदा शिक्षा नीति देश के नौजवानों के भविष्य पर सवालिया निशान बन गई है । दोनों ही नेताओं ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर स्वतंत्र रूप से जाँच की माँग की है । पेपर लीकेज से संबंधित मामलों पर त्वरित न्यायिक प्रक्रिया का अनुपालन होना चाहिये । परिस्थितियों के मद्देनजर शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए । गूँज की कड़ी में दिल्ली में आगामी 22 जुलाई को तीन जगहों पर गौरव गोगई, इमरान मसूद एवं परनीति शिंदे छात्रों को संबोधित करेंगे एवं 9 अगस्त को बड़ा जन आंदोलन छेड़ा जाएगा ।