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दिल्ली: पंजाब की भगवंत मान सरकार पर नशे के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोलते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिस सरकार ने पंजाब को नशामुक्त करने के बड़े-बड़े वादे करके सत्ता हासिल की थी, उसके शासन में घर-घर नशे की होम डिलीवरी होने के आरोप लग रहे हैं। दूसरी ओर, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाई परविंदर सिंह झोटा जैसे गुरसिख नौजवानों को दिन-दहाड़े गोलियां मारकर शहीद किया जा रहा है। सरना ने कहा कि ऐसे हालात में भगवंत मान और उनकी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है और मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देकर पद से हट जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि भाई झोटा को शहीद करने वालों और उनकी सरपरस्ती करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसके साथ ही दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मौजूदा हुक्मरानों पर हमला बोलते हुए सरना ने आरोप लगाया कि इन प्रबंधकों ने पंथक कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय हमेशा उनमें अड़चनें डालने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए बनाई गई कमेटी से हरमीत सिंह कालका को पहले बाहर रखा गया था, लेकिन केंद्र सरकार के साथ अपनी नजदीकी का ढिंढोरा पीटते हुए और बंदी सिंहों की जल्द रिहाई के दावे करते हुए उन्होंने हर संभव प्रयास कर अपना नाम कमेटी में दर्ज करवा लिया।