आराजक युवाओं के कानून तोड़ने को तिरंगे की लड़ाई बताना शर्मनाक

दिल्ली: सी.जे.पी. के नेता सौरभ दास एवं आशुतोष रांका गुमराह युवा हैं और देश में युवाओं को विदेशी पैसे के सहारे गुमराह करने में लगे हैं। भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा जो कि केंद्रीय राज्य मंत्री भी हैं, ने कहा कि दास एवं रांका ने अभिजीत दिपके के साथ अभी चार दिन पहले मजिस्ट्रेट न्यायालय में बाँड भरा था की हम एक साल तक कोई गैर कानूनी कृत्य नही करेंगे पर कल जैसे ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल सूची से हटाया तो सौरभ दास एवं आशुतोष रांका एक अन्य साथी अजिंके शिंदे को भी साथ लेकर जंतर-मंतर पहुंच गये।
दिल्ली पुलिस ने कल उन तीनों को मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया जहां से मजिस्ट्रेट महोदय ने पिछले बाँड की शर्त तोड़ने के लिए दास एवं रांका को जेल भेज दिया और शिंदे को बाँड भरने पर रिहा कर दिया। इस सब पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीति से प्रेरित घटिया राजनीति बेहद शर्मनाक है। राहुल गांधी का आराजक युवाओं के कानून तोड़ने को तिरंगे की लड़ाई बताना शर्मनाक हरकत है और यह देश उन्हे कभी माफ नही करेगा।सी.जे.पी. नेताओं की ही तरह राहुल गांधी को भी देश को एवं युवाओं को गुमराह करते हुए शर्म आनी चाहिए।
आज पूरा देश राहुल गांधी, सी.जे.पी. एवं आम आदमी पार्टी नेताओं के अलोकतांत्रिक आराजक व्यवहार देश के हर न्याय प्रिय नागरिक को शर्मसार कर रहा है।
04:55 pm 14/10/2026