.jpeg)
उन्होंने कहा कि आज आईएमएफ ने भारत की ग्रोथ रिपोर्ट पर प्रभावी टिप्पणी की है। आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में भारत की 7.8 प्रतिशत की विकास दर को सही पाया है। वैश्विक झटकों, ऊर्जा संकट और युद्ध के बावजूद, जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित है, आईएमएफ ने भारत की अर्थव्यवस्था के रेसिलियंस की तारीफ की है। सेवा क्षेत्र, विनिर्माण क्षेत्र और व्यापार में भारत जिस तरह आगे बढ़ रहा है, उसकी भी तारीफ की है। भारत में ब्रिक्स का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन हो रहा है। रूस के राष्ट्रपति यहां आए हैं, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति पहुंच गए हैं और मिस्र के राष्ट्रपति भी पहुंच गए हैं और कल चीन के राष्ट्रपति आने वाले हैं, ईरान के राष्ट्रपति रास्ते में हैं। यानी दुनिया के कई बड़े देशों के नेता आज दिल्ली आए हैं।
कांग्रेस के नेता यह सवाल उठा रहे हैं कि ब्रिक्स से क्या मिलेगा। हम किसी का नाम नहीं लेंगे, लेकिन आज भी और कल भी कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं ने यही बात कही है। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने भारत का क्या हाल किया था और ब्रिक्स में भारत की क्या जगह थी। 2011, 2012 और 2013 में भारत की अर्थव्यवस्था को ‘फ्रैजाइल फाइव’ कहा गया था। गोल्डमैन सैक्स जैसी प्रसिद्ध संस्था ने भी उस समय भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि भारत में निवेश कम हो रहा था। उस समय स्थिति यह थी कि कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने कहा था कि ब्रिक्स के ‘आई’ यानी ‘इंडिया’ को अब ‘इंडोनेशिया’ से रिप्लेस कर देना चाहिए। दुनिया की एक बड़ी एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स रेटिंग ने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से एक जंक अर्थव्यवस्था बनती जा रही है।
उनका कहना है कि कांग्रेस के नेताओं को यह बताना जरूरी है कि जब वे सरकार में थे, तब ब्रिक्स के मामले में उन्होंने भारत की क्या स्थिति बना दी थी। उस समय दुनिया का विश्वास कम हो रहा था, मुद्रास्फीति बढ़ रही थी, पॉलिसी पैरालिसिस था, नीतियों का अभाव था और ‘फ्रैजाइल’ तथा करप्शन की स्थिति थी। उस समय इतनी लूट हो रही थी, जिसके बारे में सभी जानते हैं और कई घोटाले हुए थे। वहां से इस कश्ती को यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भाजपा-एनडीए की सरकार यहां ले आई है कि ‘फ्रैजाइल फाइव’ से आज भारत दुनिया की टॉप फाइव इकॉनमी बन गई है। 140 करोड़ लोगों के आशीर्वाद के साथ आज भारत दुनिया में ब्रिक्स का एक ब्राइट स्पॉट बना है। आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के शानदार नेतृत्व में और आर्थिक मोर्चे पर अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर आज भारत ब्रिक्स का एक चमकता हुआ सितारा बन गया है।
ब्रिक्स में राष्ट्राध्यक्ष मिलते हैं, वहां चर्चा होती है, ट्रेड की बात होती है और इन्वेस्टमेंट की भी बात होती है। तो यह जो कांग्रेसी नेता विलाप कर रहे हैं कि ‘क्या मिला? तो सच यह है कि आपने डुबाया, हमने बनाया! मनमोहन सिंह के समय ब्रिक्स में यह स्थिति थी कि लोग कहते थे कि ‘इंडिया’ को निकालो और ‘आई’ पर ‘इंडोनेशिया’ को रिप्लेस करो। यह आपने डुबाया था और आज हमने बनाया, हमने चमकाया कि दुनिया का एक ब्राइट स्पॉट है। ब्रिक्स कैटेगराइजेशन का भी ब्राइट स्पॉट है और दुनिया भारत की ओर उत्साह और आत्मविश्वास से देखती है। आज भारत एक बड़ी ग्लोबल इकॉनमी है, जो दुनिया की इकॉनमी को स्थिरता प्रदान करती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह इसलिए हो पाया है कि तमाम झंझावातों के बावजूद, चाहे वह एनर्जी क्राइसिस हो, ग्लोबल सप्लाई चेन की समस्या हो या गल्फ में चल रहा वॉर हो, फिर भी भारत का ग्रोथ रेट 7.8% है, जिसको आईएमएफ ने सही माना और कहा कि ‘यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत है। मगर कांग्रेसी लोग कितना झूठ बोलेंगे? हम यह बात इसलिए कह रहे हैं कि जब विदेश नीति के संबंध में कोई चर्चा होती है, तो वहां पर कांग्रेस नेताओं द्वारा अनावश्यक देश के अंदर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जाता है।