
न्याय की मांग को लेकर घटना स्थल पर धरने पर बैठे प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाही नही होती और घायल और मृतक छात्रों को न्याय नही मिलता सरकार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। उन्होंने मांग की है कि सत्या निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढहने की जिम्मेदारी लेते हुए निगम आयुक्त इस्तीफा दें। धरने पर प्रदेश अध्यक्ष के साथ एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश उपाध्यक्ष तस्वीर सौलंकी, निगम में सदन के पूर्व नेता श्री जितेन्द्र कुमार कोचर, जिला अध्यक्ष महिन्द्र मंगला, महासचिव शांति स्वरुप, पूर्व पार्षद हिरन टोकस, अनिल मलिक, गरवित सिंघवी, जसवंत सिंह, भोपाल टोकस, राजेन्द्र सिंह और गजेन्द्र सिंह सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय निवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रही है, जो कोई नई बात नही है। हर घटना के बाद भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी और कर्तव्य निभाने की जगह आरोप लगा रही है जबकि भ्रष्टाचार मिटाने और सुव्यवस्थित प्रशासन देने का दावा भाजपा ने किया था। उन्होंने कहा कि सत्या निकेतन क्षेत्र में पार्षद, विधायक, सांसद, मेयर, स्थायी समिति के अध्यक्ष और जोन अध्यक्ष सब भाजपा के ही है और इनके निर्देश और आदेश पर अधिकारी काम करते है। क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भाजपा के सत्तासीन लोगों पर भी कार्रवाई करेंगी। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में सारे इंजन भाजपा के है, हर दिन हो रहे हादसों के लिए जिम्मेदार भी भाजपा ही है।
यह अत्यंत चिंताजनक है कि भाजपा के डेढ वर्ष के शासन के दौरान दिल्ली में इमरातें ढहने के 6 बड़े हादसे हो चुके है, जिनमें 35 लोगों की जान जा चुकी है। अप्रैल, 2025 में मुस्तफाबाद में 4 मंजिला इमारत ढही, 11 की मौत हुई। मई, 2025 में पहाड़गंज निर्माणाधीन इमारत का बेसमेंट ढही, 3 की मौत। जुलाई 2025 में वेलकम क्षेत्र में 4 मंजिला इमारत गिरी। मई 2026 में सैदुलाजाब साकेत में 5 मंजिला इमारत ढहने से 6 लोगों की मौत हुई। जुलाई, 2026 में रोहिणी में बिल्डिंग ढहने से 3 मजदूरों की मौत हुई और कल सत्या निकेतन हादसे में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। यही नही जून 2025 में मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में इमारत में आग लगी, नवम्बर 2025 में संगम विहार में बहुमंजिला इमारत में आग लगने से 3 लोगों की मौत और जून 2026 में मालवीय नगर होटल में आग लगने में 22 लोगों मौत होने के बावजूद भाजपा की दिल्ली सरकार का हर हादसे को नजरअंदाज करके आगे बढ़ना रेखा गुप्ता की असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मानना है कि रेस्क्यू का काम इतना धीमे चल रहा है। 24 घंटों में दबे हुए सभी छात्रों को ढूंढ लेना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मौके पर लोगों ने बताया कि बिल्डिंग गिरने के घंटों तक एम्बुलेंस और रेस्क्यू टीम नही पहुंची, यह सरकार की ढुलमुल कार्यशैली को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यदि एमसीडी अधिकारी ऐसी कार्यवाही के लिए सुरक्षा इंतजाम के बिना इस पर रोक लगाते तो यह हादसा रोका जा सकता था, परंतु भ्रष्टाचार में लिप्त निगम के अधिकारी और भाजपा नेताओं की लापरवाही के कारण फिर दिल्ली में बड़ी त्रासदी हुई और बेकसूर लोगों की जान गई।