नई दिल्ली 23, May 2026

लेख

1 - रक्त रंजित राजनीति से मिली मुक्ति बंगाल में पहली बार निखरा कमल

2 - कैसे होंगे केरल के सियासी समीकरण

3 - कौन सा खेला खेलेंगी ममता बैनर्जी पश्चिम बंगाल में

4 - धर्मेंद्र हुए पंचतत्व में विलीन

5 - बिहार की जानता ने फिर एक बार साबित कर दिया कि हथेली में सरसों नहीं उगाया जा सकता

6 - जेट सिक्योरिटी के साथ विसर्जन के लिए निकला लाल बाग का राजा

7 - खून और पानी एक साथ नहीं बहेंगे

8 - एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिये योग

9 - ऑपरेशन सिंदूर न्याय की अखंड प्रतिज्ञा

10 - देश के लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बाबा साहिब का अमूल्य योगदान

11 - दिल्ली सरकार के 100,000करोड़ से क्षेत्र में उन्नति की संभावनाओं को मिलेगी मजबूती

12 - दशक के बाद बिखरा झाड़ू 27 साल बाद खिला कमल फिर एक बार

13 - स्वर्णिम भारत,विरासत और इतिहास पर आधारित इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह

14 - महाराष्ट्र में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

15 - तमाम कवायदों के बावजूद बीजेपी तीसरी बार हरियाणा में सरकार बनाने को अग्रसर

16 - श्रॉफ बिल्डिंग के सामने कुछ इस अंदाज से हुआ लाल बाग के राजा का स्वागत

17 - प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही शुरू हुआ बीजेपी का सदस्यता अभियान

18 - देश के सीमांत इलाकों में तैनात सैनिकों में भी दिखा 78 वें स्वतंत्रता दिवस का जज्बा

19 - २०२४-२५ के बजट को लेकर सियासत विपक्ष आमने सामने

20 - एक बार फिर तीसरी पारी खेलेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी

21 - केजरिवाल के जमानत पर रिहा होने पर शुरु हुई नई कवायदें

22 - मतदान की दर धीमी आखिर माजरा क्या

23 - क्यूं चलाना चाहते हैं केजरीवाल जेल से सरकार

24 - 2004-14 के मुकाबले 2014-23 में वामपंथी उग्रवाद-संबंधित हिंसा में 52 प्रतिशत और मृतकों की संख्या में 69 % कमी

25 - कर्तव्य पथ दिखी शौर्य की झलक

26 - फ़ाइनली राम लल्ला अपने आशियाने में हो गये हैं विराजमान

27 - राजस्थान का ऊँट किस छोर करवट लेगा

28 - एक बार फिर गणपति मय हुई माया नगरी मुंबई

29 - पत्रकारिता की आड़ में फर्जीवाड़े के खिलाफ एनयूजे(आई) छेड़ेगी राष्ट्रव्यापी मुहीम

30 - भ्रष्टाचार, तुस्टिकरण एवं परिवारवाद विकास के दुश्मन

31 - एक बार फिर शुरू हुई पश्चिम बंगाल में रक्त रंजित राजनीति

32 - नहीं होगा बीजेपी के लिऐ आसान कर्नाटक में कांग्रेस के चक्रव्यूह को भेद पाना

33 - रद्द करने के बाद भी नहीं खामोश कर पायेंगे मेरी जुबान

34 - उत्तर-पूर्वी राज्यों के अल्पसंख्यकों ने एक बार फिर बीजेपी पर जताया भरोसा

35 - 7 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री

36 - गुजरात में फिर एक बार लहराया बीजेपी का परचम

37 - बीजेपी आप में काँटे की टक्कर

38 - सीमित व्यवस्था के बावजूद धूम-धाम से हो रही है छट माइय्या की पूजा

39 - जहाँ आज भी पुजा जाता है रावण

40 - एक बार फिर माया नगरी हुई गणपतिमय

41 - एक बार फिर लहराया तिरंगा लाल किले की प्राचीर पर

42 - बलवाइयों एवं जिहादियों के प्रति पनपता सहनभूतिक रुख

43 - आजादी के अमृत महोत्सव की कड़ी के रूप में मनाया जा रहा है 8 वाँ विश्व योग दिवस

44 - अपने दिग्गज नेताओं को नहीं संभाल पाई कांग्रेस पार्टी

45 - ज्ञान व्यापी मस्जिद के वजु घर में शिवलिंग मिलने से विवाद गहराया

46 - आखिर क्यूँ मंजूर है इन्हे फिर से वही बंदिशें.....

47 - पाँच में से चार राज्यों में लहराया कमल का परचम

48 - पेट्रोलियम, फर्टिलाइजर एवं खाद्य सामाग्री पर मिलने वाली राहत में लगभग 27 फीसदी की कटौती

49 - जे&के पुलिस के सहायक उप निरीक्षक बाबूराम शर्मा मरणोपरांत अशोक चक्र से संमानित

50 - आखिर कौन होंगे सत्ता के इस महाभोज के सिकंदर

भूत वाधित क्षेत्र भानगढ़ का किला

राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व की सीमा से लगा भानगढ़ का किला भारत में ही नहीं विश्व में चर्चित प्रेतवाधित क्षेत्र है । 17 वीं शताब्दी में निर्मित इस किले मे सूर्य अस्त के बाद प्रवेश वर्जित है ।मानना यह है कि जो भी इस किले मे रात को गया वापिस लौटकर नहीं आया । परा शक्तियों के कारण किले के आस-पास का लगभग दो किलो-मीटर का क्षेत्र आबादी रहित है । 

राजा मानसिंह ने अपने छोटे भाई माधो सिंह के इस किले को बनाया और अपने दादा भान सिंह के नाम पर किले का नाम भान गढ रखा । पाँच द्वार वाले इस किले में मंदिर वा हर कोने में छोटी -छोटी बावड़ियाँ और हवेलियों और मीलों तक फैले छोटे-बडे़ घर और बजार के अवशेष  को देखकर लगता है कि किला कभी आबाद था । फिलहाल किले के अंदरुनी हिस्सों में अजीब से गंध के चलते साँस लेना मुश्किल है । एक अजीब सी घुटन ।
किले में मौजूद परा शक्तियों को जानने के लिये अतीत की गहराई में जाना जरुरी है । किले से दो पौरानिक कथायें जुड़ी हैं । पहली  राजा माधो सिंह ने किले का निर्माण तपस्वी बालानाथ जो कि यहाँ का बाशिंदा था की इजाजत से किया था । शर्त यह थी कि किले की छाया तपस्वी के घर पर नहीं पडे़गी । लेकिन किले की बनावट के कारण छाया तपस्वी के पर पड़ने से तप्स्वी ने रुष्ट होकर शाप दे दिया और किले में मयावी शक्तियों का वास हो गया ।
धीरे-धीरे किला बंजर हो गया । दूसरी  भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती बहुत खूबसूरत थी । भानगढ मे रहने वाले जादूगर को राजकुमारी से प्यार हो गया । जादूगर काले जादू के फन में माहिर था । उसने राजकुमारी के सौंदर्य प्रसाधन में कुछ तिलसमी चाज मिलाई मकसद राजकुमारी को वश में करना था ।राजकुमारी को प्रसाधन काले जादू का पता चल गया ।
 
तंत्रिक को पथर से कुचल दिया गया । प्राण त्यागने से पहले तांत्रिक ने पत्थर के नीचे की धूल किले पर फैके जाने से किले में पराशकितयों का वास हुआ  और  आबाद किला आबादी रहित हो गया और धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो गया ।शुरु हुआ वारदातों का सिल-सिला ।रात को प्रवेश वर्जित है । ऐतिहात के लिये किला पुरातत्व विभाग के आधीन है ।
अपने पिता के साथ किला देखने गये दिल्ली के 24 साल के सुमित केू अनुभव कुछ एैसे  हैं । किले के आंतरिक कोनों मे उन्हें अजीब सी गंध का आभास हुआ थोड़ी देर और रुक जाते तो मितली आ जाती । किले से बाहर पार्किग में आये तो गाड़ी का टायर पंचर मिला । स्टेपनी का टायर  लगाकर 1.5 किलोमीटर दूर पंचर की दुकान में पहुँचे तो फ्रंट बंपर का पेच गायब ।
 खैर जैसे तैसे रस्सी से बंपर बाँध कर आगे बढे तो अलवर भिवाड़ी हाईवे पर तेज अवाज के साथ गाड़ी डगमगाई ।उतर कर देखा तो स्टेयरिंग साइड का टायर फटा हुआ था और चिथड़े 500 मीटर तक थे । फेडर आउट हो गया । साइड इंडिकेटर और फेडर लाइनिंग का तो पता ही नहीं चला और यह सब आबादी से दूर सुनसान जगह में हुआ । हालत तो देखते ही बनती थी । उनके अनुसार कुल मिलाकर सफर रोमांचक रहा ।
किले को देखने आने वाले पर्यटकों को होने वाला आभास  वा किले की सीमाओं पर बने हनुमान जी के मंदिर सोचने को मजबूर कर देते  हैं क्या भानगढ़ का किला वास्तव में परा शक्तियों के आधीन है.... 
 

 

07:37 pm 27/06/2017

संपादक

डा. अशोक बड़थ्वाल

Mobile : 91-9811440461

editor@dhanustankar.com

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समाचार

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2 - हीट वेव एक्शन प्लान जमीनी स्तर पर पूरी तरह नदारद

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4 - नगर निगम के 48 स्कूल आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तब्दील

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6 - आज दोपहर बिजली की मांग लगभग 8039 मेगावाट पर जा पहुंची पावर डिस्कॉम द्वारा सफलता से पूर्ती

7 - अर्थव्यवस्था में झटके झेलने की क्षमता खत्म, वैश्विक कारण केवल आंशिक

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12 - मेट्रो मंडे एक दिखावटी हथकंडा

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