
दिल्ली: एमसीडी के नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने लगाया एमसीडी की स्थाई समिति पर भ्रष्टाचार का आरोप । सिविक सेंटर स्थित एमसीडी मुख्यालय में मीडिया से रूबरू होकर उन्होंने किया खुलासा कहा कि मद संख्या 71 (Jamia Hamdard संशोधित ले-आउट प्लान) को 24.12.2025 को विधिवत पारित किया जा चुका था। उस समय AAP के सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध भी दर्ज कराया था। फिर भी भाजपा मेयर और स्थायी समिति अध्यक्ष की मिलीभगत से 23.02.2026 की बैठक की कार्यसूची में इसे दोबारा क्यों शामिल किया गया।
उन्होंने निगम आयुक्त, स्थायी समिति अध्यक्ष और निगम सचिव को इस बाबत पत्र लिखकर मद संख्या 71 (जामिया हमदर्द - संशोधित लेआउट प्लान) को स्थायी समिति के एजेंडे में दोबारा शामिल किए जाने पर स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में लिखा गया है कि हमदर्द नगर स्थित जामिया हमदर्द के संशोधित लेआउट प्लान से जुड़ी मद संख्या 71 को 24 दिसंबर 2025 की स्थायी समिति की बैठक के एजेंडे में शामिल कर विधिवत पारित किया जा चुका है। उस समय आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने इसका स्पष्ट विरोध दर्ज कराया था, जिससे इस विषय की संवेदनशीलता और विवादित प्रकृति पहले से ही साफ थी।
नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए 21 जनवरी 2026 को हुई स्थायी समिति की बैठक के एजेंडे में इस मद को शामिल नहीं किया गया था, क्योंकि यह विषय पहले ही स्वीकृत हो चुका था। लेकिन यह अत्यंत आश्चर्य और गंभीर चिंता का विषय है कि 23 फरवरी 2026 को प्रस्तावित स्थायी समिति की बैठक के लिए निगम सचिव कार्यालय द्वारा बांटे गए एजेंडे के भाग 'ग' के पृष्ठ संख्या 8 पर पुनः मद संख्या 71 को शामिल किया गया है ।