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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सिख संस्थानों और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व के ख़िलाफ़ राजनीतिक मकसद से अभियान चलाने का आरोप लगाते हुए शिरोमणि अकाली दल के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने इसे अर्बन नक्सल मानसिकता बताते हुए इसे आम आदमी पार्टी एवं उसके सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की वैचारिक मानसिकता बताया । गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के मुद्दे का इस्तेमाल एक विशेष रूप से गठित एसआईटी के माध्यम से अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है । 328 स्वरूपों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया जा रहा है ।
अकाली नेता ने आगे आम आदमी पार्टी पर बेअदबी की कई घटनाओं से जुड़े होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी 2014 में पंजाब में आई, जिसके बाद 2015 में बेअदबी की लहर शुरू हुई। उन्होंने कहा कि 2016 में मालेरकोटला में पवित्र कुरान का अपमान किया गया था, और AAP के दिल्ली विधायक नरेश यादव को उस मामले में गिरफ्तार किया गया था। सरना ने कहा, "2024 में, एक सेशन कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया। यह केस AAP नेताओं ने लड़ा था और AAP सरकार ने तो केस वापस लेने की भी कोशिश की, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और अपने विधायक को सज़ा सुनाई।"उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पिछले चार सालों में बेअदबी की 100 से ज़्यादा घटनाएं हुई हैं, जिसमें सुल्तानपुर लोधी के एक गुरुद्वारे के अंदर पुलिस द्वारा फायरिंग और श्री अखंड पाठ साहिब में रुकावट शामिल है, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा कि "मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी को समझना चाहिए कि सरदार बादल एक नाकाम सरकार की गीदड़ जैसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं," उन्होंने कहा कि ये कार्रवाई शिरोमणि अकाली दल के फिर से मज़बूत होने से घबराई हुई सरकार की घबराहट को दिखाती है। उन्होंने कहा, "पंजाब के लोगों के समर्थन और आशीर्वाद से, हम इस सरकार का सामना करेंगे और इसका असली चेहरा बेनकाब करेंगे।"