
दिल्ली: लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी की मुहिम छात्रों की गूंज की कड़ी के रूप में दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गौरव गोगई की अगुवाही में मीडिया से रूबरू होकर छात्रों ने रखा अपना पक्ष । इनका कहना है कि सरकार ने पारदर्शिता और सुधार के नाम पर नेशनल टेस्ट एजेंसी को उम्मीदवारों पर थोपा था आज यह करोड़ो उम्मीदवारों के लिए ट्रॉमा एजेंसी बनकर रह गई है । पिछले दस सालों में 89 से भी अधिक पेपर लीक, 48 पुनः और 22 पेपर कैंसिल हुए हैं । परीक्षा घोटाले तो सामने आए लेकिन आज तक किसी बड़े सरगना या पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश नहीं हुआ । NEET UG 2026 का पेपर लीक होने से लाखों छात्रों का भविष्य चौपट हो गया, कितने ही परिवारों की जीवन भर की कमाई दाव पर लग गई एवं मानसिक तनाव के कारण 20 से भी अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली । दो उम्मीदवारों सोनाक्षी एवं श्वेता ने अपनी आप बीती सुनाई ।
यदि हाल ही छपी मीडिया रिपोर्ट को खंगाला जाए तो 2019 के बाद NEET 2024 की परीक्षा को छोड़कर कम से कम 64 बड़ी परीक्षओं का पेपर लीक हुआ । यह परीक्षा 19 राज्यों में हुई थी । जिनमें 45 सरकारी भर्तियों से संबंधित थी । 27 परीक्षाएं रद्द हुई । हाल ही में एक मीडिया इंटरव्यू में शिक्षा मंत्री ने स्वयं स्वीकारा कि छात्रो की आत्महत्या के लिए मैं जिम्मेवार हूँ यह व्यवस्था हमने ही छात्रों को दी है लेकिन इस्तीफ़ा नहीं दिया । कोटा (राजस्थान) से शुरू हुई इस रैली में लोकसभा के नेता विपक्ष का कहना है कि भारत की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था एक वसूली तंत्र है जिससे निकलने वाले 1000 युवाओं में से सिर्फ़12 कों फॉर्मल रोजगार मिलता है । प्राप्त जानकारी के अनुसार 40 दिन के इस अभियान के तहत देश के 28 शहरों के छात्रों, अभ्यार्थी, कोचिंग सेंटर, कालेज एवं पुस्तकालयों के माध्यम से युवाओं की आवाज बनेगा ।
छात्रों के माध्यम से कांग्रेसी की सरकार से तीन माँगे हैं । पहली शिक्षा मंत्री इस्तीफ़ा दें , पेपर लीक माफिया, वेंडर एजेंसियों, अधिकारियों एवं राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जाँच हो । दूसरी पूरी परीक्षा व्यवस्था का डिज़ेनिटाईजेशन हो । तीसरा परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए और उसका अनुपालन हो ।