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दिल्ली : सिख गुरुद्वारा प्रबन्धन कमेटी की हाल ही में आयोजित पत्रकार वार्ता में कालका एवं काहलों द्वारा लगाये गए आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए प्रबन्धन कमेटी के पूर्व प्रधान मंजीत सिंह जीके ने कहा कि पंथक को गुमराह करने की हो रही है साजिश । दस्तावेजों में कुछ एक जगह उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं । समय आने पर कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे । एस एस मोटा सिंह स्कूल में नर्सरी की छात्रा के साथ छेड़-छाड़ के मामले में उन्होंने कहा कि मामले को दबाए जाने की की हो रही है कोशिश । उन्होंने इस बाबत हाईकोर्ट द्वारा गठित इंडिपेंडेंट पैनल द्वारा जाँच करवाये जाने की माँग की है । उनका आरोप है कि अंदरूनी तौर पर स्कूल के प्रबंधन को हस्तांतरित करने की रची जा रही है साजिश । हाल ही में प्रबंधन में जोड़े गए चार सदस्य मनीष गुप्ता, स्वाति गर्ग, अमरजीत सिंह एवं विजेंद्र कुमार अग्रवाल के तालुकात सियासतदानों से बताए जा रहे हैं । किसी भी प्रकार के बदलाव के लिए प्रबंधन के 2/3 सदस्यों की सहमति जरूरी है ।
स्कूल की स्थापना 1916 में पाकिस्तान में हुई थी । जनकपुरी में इस स्कूल की स्थापना 1976 में हुई थी । आज दिल्ली में इनके पास 8 एकड़ ज़मीन है और इस स्कूल की 3 ब्रांच है ।